Sunday, 5 May 2019

चुनावी महाभारत में नरेन्द्र मोदी, बनें अर्जुन व कृष्ण का अवतार, करे अचूक वार, व कृष्ण नीती से कौरवों की सेना में हडकंप..., ...अब नरेन्द्र (नर+इन्द्र ) अपनी सिंह की गर्जना से नरसिंह बनकर देश के आतं कवादियों, अलगाववादियों के वादियों का खात्मा के डर से विरोधी खेमों की आत्मा में हडकंप. वाराणसी बनी मोदी के लिए वार के रण के अस्सी विरोधियों की रस्सी , अब विरोधियों को देश के दूध (संसाधनों ) को मथ कर (बेचकर) नहीं पीने को मिलेगी लस्सी..., . देश के दूध से माखन व अन्य उत्पाद , विदेशी माफियाओं के मंथन से सत्ता को चमकाने के साथ सत्ताखोरों की संपती हजारों गुना बढ़ गयी है . देश के मुठ्ठी भर लोग अपने को विश्व के अमीरों में शुमार होकर , भारत एक विश्व शक्ती का दंभ भरकर .. जनता को भरमा रहें हैं.



चुनावी महाभारत में नरेन्द्र मोदी, बनें अर्जुन व कृष्ण का अवतार, करे अचूक वार, व कृष्ण नीती से कौरवों की सेना में हडकंप..., ...अब नरेन्द्र (नर+इन्द्र ) अपनी सिंह की गर्जना से नरसिंह बनकर देश के आतं कवादियों, अलगाववादियों के वादियों का खात्मा के डर से विरोधी खेमों की आत्मा में हडकंप.
 
वाराणसी बनी मोदी के लिए वार के रण के अस्सी विरोधियों की रस्सी , अब विरोधियों को देश के दूध (संसाधनों ) को मथ कर (बेचकर) नहीं पीने को मिलेगी लस्सी..., .

देश के दूध से माखन व अन्य उत्पाद , विदेशी माफियाओं के मंथन से सत्ता को चमकाने के साथ सत्ताखोरों की संपती हजारों गुना बढ़ गयी है .

देश के मुठ्ठी भर लोग अपने को विश्व के अमीरों में शुमार होकर , भारत एक विश्व शक्ती का दंभ भरकर .. जनता को भरमा रहें हैं.

मेरा भारत महानसे भारत निर्माणके नारों से भ्रष्टाचारी ..., एक-एक वस्त्रों (घोटालों) को पहनकर ,देश की खान, खदान, ईमान बेचकर अपनी सुन्दरता का बखान कर रहें है..

दोस्तों ...आज हमने देश की ७२ वर्षों की जवानी , भाषावाद,अलगाववाद, जातिवाद,धर्मवाद से.., सत्ता परिवर्तन को आजादी की भर मानी से.., सत्ताखोरों ने, अपनी अय्याशी व मौजमानी से.., विशेष मेहमान मानी से.., देशवासियों को एक भ्रम से भेड़ नीती से जनता को भेद कर बर्बाद कर दिया है...

ऊपर से धर्मनिरपेक्षता के हमारे संविधान से..., यदि गौर करें तो इस संविधान की आड़ में विशुद्ध रूप से साम्प्रयवाद को सु-प्रियवाद बनाकर बढ़ावा देकर देश पर राज किया है..

बड़े दुःख के साथ लिखना पढ़ रहा है..., आज देश के ८०% से अधिक हिन्दुस्तानी २० रूपये से कम कमाकर .., आज मेरे देश की तस्वीर, भूखा,नंगा हिन्दुस्थान की बनी है....

जागो देशवासियों राष्ट्रवाद की धारा मे आओ और डूबते देश को बचाओं॥ सीमा पार दुश्मन भी चाह रहे है हम आपसी लड़ाई से कमजोर हो जाये ताकि हमे सफलता आसानी से प्राप्त हो...

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