Friday, 10 July 2026

हमें धोखे से मारने की सजा ईरानी जनता “ राष्ट्रवाद “ की आंधी से शत्रु को सबक देगी


 


अली खोमोनी को धोखे से मारने के बाद अब सुपुर्द खाक हो गए लेकिन ईरान में १९७९ के बाद से देश में अक्षुण राष्ट्रवाद की लहर से ईरान की जनता  में राष्ट्र प्रथम की महत्ता से रगों के खून को दौड़ा दिया

 

इसराइल ने अमेरिका के द्वारा ईरान की जनता को पश्चिम सभ्यता का प्रलोभन देकर, धन से बग़ावत के लिए उकसाने से ४० हज़ार हत्याओं का दोष ईरान सरकार में मढ़ने व सत्ता/ तख्ता पलट के खेल का पटाक्षेप हो गया

 

जनता आँसू बहाकर क़सम खा  कर फतवे से राष्ट्रपति ट्रम्प को मारने का संकल्प ले रही है

 

अब दूसरे खेल में नाटो के सदस्य तुर्किये जो इजराइल का घोर विरोधी को F-35 लड़ाकू जहाज़ देने व अरब देशों का खलीफा के प्रलोभन का खेल से अपनी शक्ति बढ़ाने का खेल ट्रम्प खेल रहें हैं

 

 

 

इसराइल के साथ मिलकर कुर्द विद्रोहियों को एक लाख से अधिक बंदूकों से सुसज्जित कर धन के प्रलोभन देकर भी कुर्द विद्रोहियों को अमेरिका के खेल आभाष होने से इस युद्ध में इंकार कर, अमेरिकी हथियार ईरान को दे दिए

 

अब समय ही बताएगा यह खाड़ी का युद्ध विध्वंसक होकर  तीसरे विश्वयुद्ध बनकर त्राहिमान बनाएगा

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 The Iranian people will teach the enemy a lesson for killing us through treachery—sweeping them away with a storm of "nationalism."


Netanyahu, Khomeini—the world brands us "evildoers" for such killings.

 हमें धोखे से मारने की सजा ईरानी जनता “ राष्ट्रवाद “ की आंधी से शत्रु को सबक देगी 


नेतन्याहू , खोमैनी की हत्या को दुनिया हमें “कुकर्मी “ कहती है

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Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold..... 

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Wednesday, 8 July 2026

राम नाम के चढ़ावे की लूट है , लूट सके तो लूट ..,

 







राम नाम के चढ़ावे की लूट है , लूट सके तो लूट ..,

अंत काल पछताएगा जब नौकरी जाएगी छूट .

 

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देश के भीतर ही हिंदू के भेष में बाबरनाम के विचारों की तूती बोलती है

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देश १९४७ से खंडित भारत से लुटेरों के गिरफ्त में आ गया है ,

 

अंग्रेज़ों की ग़ुलामी के संविधान की प्रतिलिपि को , मेरा संविधान महान , मेरा देश महान के नशीले नारों से , यहाँ हर माफिया महान.., से अपराध की मीठी चासनी के कड़ाई में मदहोस से देश को लूट रहा है

 

जमानत इन माफियाओं के लिए अमानत बनकर , क़ानून भी इन्हें अपराध की पाठशालास्वरूप से शातिर अपराध के पदकसे परिपक्व बना देता है

 

जिस तरह सेना में अनुशासन से जवानों को पदक मिलता है

 

वही हमारे संविधान में जमानतभी राष्ट्र को लुटने का विशिष्ट अधिकार देता है

 

यही कारण है कि देश में ५ करोड़ मुकदमे लंबित होने से , आम आदमी क़ानून के दमेंसे ग्रसित होकर करोड़ो देश के ग़रीब काल के गाल में चले जातें हैं

 

आज सरकारी अधिकारी , नौकरशाही,जाजशाही के घरों में करोड़ों की अकूत दौलत बरामद होने के बावजूद क़ानून भी बाल बांका करने की अवकाद नही रखता है

 

मुझे आश्चर्य है मोदीजी दंभ भरकर जनता को अच्छे दिनों की चासनी खिला रहें है व जनता को चार ट्रिलियन की अर्थव्यस्था देश को चौथे क्रम की अव्वलता का झाँसा दिया जा रहा है

 

यदि सफेद, खाकी व काले माफियाओं का DNA टेस्ट करेंगे तो हमारी अर्थव्यस्था ५० ट्रिलियन से अधिक निकलेगी

 

 

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There is a free-for-all to plunder the offerings made in the name of Ram—grab what you can while you may..,

 

But in your final hour, you will rue the day when your job slips away.