Monday, 1 July 2019

दोस्तों.., (प्रदेश, देश के भेद की बात जनता के साथ , मुंबई महाराष्ट्र व दिल्ली की डबल इंजन की सरकार से स्वच्छ मुंबई की योजना पर पानी फिरा व प्रदेश भ्रष्टाचार से फिर गिरा/ डूबा, भ्रष्टाचार के जाल में जनता फंसी व मकड़ी नेताओं द्वारा शोषण से मौत तक का खेल बदस्तूर जारी है नगरपालिका अस्पताल गन्दगी से व स्कूल बदहाल है )प्रदेश के साथ, यह देश को डूबोनें की बड़ी मार्मिक तस्वीर.., देश का २५% टैक्स बम्बई/मुंबई से केंद्र सरकार को जाता है व मुंबई नगरपालिका का सालाना बजट ३२ हजार करोड़ का है , जो की विश्व में छोटे देशों की आय के बराबर है



दोस्तों.., (प्रदेश, देश के भेद की बात जनता के साथ , मुंबई महाराष्ट्र व दिल्ली की डबल इंजन की सरकार से स्वच्छ मुंबई की योजना पर पानी फिरा व प्रदेश भ्रष्टाचार से फिर गिरा/ डूबा, भ्रष्टाचार के जाल में जनता फंसी व मकड़ी नेताओं द्वारा शोषण से मौत तक का खेल बदस्तूर जारी है नगरपालिका अस्पताल गन्दगी से व स्कूल बदहाल है )



१. प्रदेश के साथ, यह देश को डूबोनें की बड़ी मार्मिक तस्वीर.., देश का २५% टैक्स बम्बई/म
ुंबई से केंद्र सरकार को जाता है व मुंबई नगरपालिका का सालाना बजट ३२ हजार करोड़ का है , जो की विश्व में छोटे देशों की आय के बराबर है

२. देश के नगरपालिका के पार्षद यदि पारदर्शीता से काम करें तो जनता के टैक्स का के पैसे से देश स्वर्णीम बन सकता हैं, लेकिन बिंडवना यह है की गली के गुंडे यही से पैदा हो कर अगली सीढ़ी में विधानसभा से लोकसभा तक में इनके भ्रष्टाचार से, रक्तरंजीत चरित्र से, राष्ट्र लहूलुहान है..., इतने घोटालों, अपराधिक छवि के खूंखार गुंडों से लोकसभा में पहुँचने के बाद जजों के हाथ कांपने लगते है व वे निर्णय देने में उनकी ऊंगली को लकवा पड़ जाता है क्योंकि वे अपनी जिन्दगी में इन गुंडों का खौफ से अपने सरकारी नौकरी में उन्नत्ती में अड़चन से बचे रहें व सेवा निर्वृति में उपहार में मिले धन व मकानों से अपने जीवन में बहार लायें

३. कई दशकों से मुंबई में कीर्तिमान रहा है की मानसून के पहिले नालों की सफाई के नाम से घोटालेबाज, दलालों व महानगर पालिका के अधिकारिओ ने अपने हाथ की सफाई कर ९५% काम पूरा करने का कागजी दावा किया है और छाती ठोक कर डिजास्टर /आपदा विभाग व पानी निकासी के पम्पों से मुंबई में जलभराव से निपटने की तैय्यारी का स्वांग रचते आ रहें हैं .., अब भी जनता अचेत है...!!!!, दोस्तों यह तैय्यारी नहीं घोटालेबाज, दलालों व महानगर पालिका के अधिकारिओं की यारी है

....
४ . महाराष्ट्र ही नहीं देश के घोटालेबाजों नेता माफियाओं के नंगेपने के चित्र दिखने पर वे जनता को खुलेआम कहतें हैं कि यह उनपर बदले की कार्यवाही है..,और छाती ठोककर कहतें हैं कि अपने को निर्दोष साबित करेंगें..., हर पार्टी, दूसरी दूसरी पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर, कानून से देश के समय की बर्बादी कर जनता के टैक्स का पैसा बर्बाद कर रही है.., और कानून के रक्षकों की लुंज पुंज व मिली भगत नीती से, वे १०-१५ सालों में निर्दोर्ष साबित हो जातें हैं...

५ . २६ जुलाई २००५, इसी तरह के बाढ़ के विकराल रूप से, मुम्बई में १ हजार से ज्यादा मौतों व सरकार की कुम्भकरणी नीद से मुम्बई को १० हजार करोड़ का नुकसान होने के बावजूद आज तक/अभी भी प्रशासन भ्रष्टाचार में लिप्त है...

६.. सत्ताखोरों के लिए देश में,बाढ़ और सूखा.., भ्रष्टाचार की योजनाओं की सौगात ले आता है.

७ . आज सरकार के चपरासी से सुप्रीमों व धनाड्य वर्गों को भी अति- आत्मविश्वास हो चुका हैं कि अग्रेजों के गुलाम काल का संविधान सत्ता के चटखोरों की रक्षा के लिए ही लिए ही बना है..,

८ . देश का चपरासी जो अधिकारी का द्वारपाल होता है..., वह भी चप-चप कर करोड़ों की राशी जमा कर रहा है.., तो अधिकारी तो मन- मौजी जीवन से अकूत दौलत की मिल्कीयत बना लेता है..

९ . मुम्बई व देश में २० रूपये पानी की बोतल, लेकिन, गरीबी से जीवन यापन करने वालों को दस रूपये की हाथ भट्टी की शराब , जिसमे ५ रूपये से अधिक की सत्ताशाही की दलाली से फ़िलहाल ५५ लोगों ने जान गंवाई है..., यह आकड़ा अब 100 से कही ज्यादा हो गया है ..,

१० . कहते हैं एक की मौत पर समाज से करोड़ों लोग आंसूं बहाते हैं .., लेकिन, एक गरीब,जो अपने आय के सीमित होने से यह सस्ती शराब पीकर,व अन्य कारणों से मरने वालों के मौत पर कोई आसूं बहाने वाला नहीं होता,उसका जीते जी जीवन कीड़े मकोड़े की तरह होता.., पेट भरने के लिए, वह अपराध में धकेल देने पर, कोड़े के दंड के साथ,कोई सुनवाई न होने से वर्षों तक वह जेल में सड़ते रहता है.

११ . बता दें.., इस शराब की हाथ भट्टी के बारे में, स्थानीय निवासियों ने , पुलिस प्रशासन से, शिकायत करने के बावजूद.., माफियाओं की मिलीभगत से,पुलिस एक मोटी कमाई का जरिया बनाकर रिश्वत से मौज मना रही थी.

१२. इन पुलिसकर्मीयो पर ह्त्या का मुकदमा दर्ज करने के बजाय, सरकारी विभाग के अधिकारी SUSPEND होकर, कुछ महीने बाद ये पुन: सरकारी पैंट पहनकर अपने पद पर आसीन होकर देश के आस्तीन का सांप बन रहें है..,

१३ . भ्रष्टाचार से तबादला होने की सरकार की तबेले की चाल से,दूसरे तबेले के अधिकारी आकर वही खेल खेलकर तीसरे तबेले में जाकर .., भ्रष्टाचार के तबले बजाकर..,जनता में हाहाकार मचा रहें हैं.

१४ . दोस्तों.., १९४७ से आज तक के भ्रष्टाचारियों द्वारा जो रकम वसूली गयी वह उनके खाने के अनुपात से उनके दांतों में फंसे भोजन के बराबर भी नहीं है...

१५ . प्रधानमंत्री आज योग के मंत्र से देश व विश्व को गर्वीत कर रहें हैं लेकिन उनके व अन्य पार्टी के चटखोरे तो रोज भ्रष्टाचार के योग (+) से देश का धन डकारकर, क़ानून को ढेंगा दिखाकर अबाध गति से उन्नत जीवन जीकर, देश को खोखला कर..., यूं कहें देशवासी की ऊर्जा को पस्त कर , देश को कर्ज से इतने गहरे डुबोते जा रहें हैं ताकि देश की जनता अवसाद से अपना देश प्रेम खो दे...,

१६ . आज किसी भी पार्टी से आस न करे.., जब तक देशवासियों में राष्ट्रवाद का बल नहीं जागेगा.., तब तक देश में सत्ताखोरों-माफिया-नौकरशाही के गठ जोड़ से देशवासी जकड़ते ही रहेगा और देश में भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हो जायेंगी की इसे उखाड़ना भी मुश्किल हो जायेगा ... आओं संकल्प लें...,
महाकुंभ की महान-डायरी. 
About
Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold. ============================ 
मुम्बई की देश को डूबोनीं वाली, दो मार्मिक खबरें... 
शराब ने समुन्द्र से ज्यादा लोगों को डूबोया है.., महाराष्ट्र के सत्ताखोरों ने शराब को सड़ाकर सत्ता के खवाब से किसानों के साथ गरीबों को योजनाएं, भोजनाएं बनाकर देश को डूबाने के उत्प्रेक का काम किया है.


Sunday, 23 June 2019

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथी पर स्नेह व अश्रूपूर्वक श्रद्धांजली.., अब सवाल है कि लालबहादुर शास्त्री की ह्त्या का खुलासा करेगें तो हमारे संबध दूसरे देशों से खराब हो जायेगें ? लेकिन डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ह्त्या की जांच से.., क्या देश के नेताओं के आपसी आंच में सम्बन्ध खराब होने से, जाँच को, चूल्हे की आंच में डाल दिया वीर सावरकर की दो अचूक.., सार्थक भविश्यवाणीयाँ ... १. श्यामा प्रसादजी आपकी देश को बहुत जरूरत है. आप कश्मीर मत जाओं .., आप जिन्दा नहीं लौटेंगें. २. ताशकंद जाने से पहले वीर सावरकर ने लालबहादुर शास्त्री को चेताया और कहा “शास्त्रीजी हम जीते हुए राष्ट्र है , रूस के प्रधान्मत्री को हमारे देश मे बुलाओ, यदि आप ताशकंद जाओगे तो वापस नही आओगे.. और हमारे द्वारा जीता भाग भी लुटाआओगे..



डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथी पर स्नेह व अश्रूपूर्वक श्रद्धांजली.., अब सवाल है कि लालबहादुर शास्त्री की ह्त्या का खुलासा करेगें तो हमारे संबध दूसरे देशों से खराब हो जायेगें ? लेकिन डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ह्त्या की जांच से.., क्या देश के नेताओं के आपसी आंच में सम्बन्ध खराब होने से, जाँच को, चूल्हे की आंच में डाल दिया

वीर सावरकर की दो अचूक.., सार्थक भविश्यवाणीयाँ ...
१. श्यामा प्रसादजी आपकी देश को बहुत जरूरत है. आप कश्मीर मत जाओं .., आप जिन्दा नहीं लौटेंगें.



२. ताशकंद जाने से पहले वीर सावरकर ने लालबहादुर शास्त्री को चेताया और कहा शास्त्रीजी हम जीते हुए राष्ट्र है , रूस के प्रधान्मत्री को हमारे देश मे बुलाओ, यदि आप ताशकंद जाओगे तो वापस नही आओगे.. और हमारे द्वारा जीता भाग भी लुटाआओगे..
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१. सन १९५३ में, हिन्दु महासभा, राम राज्य परिषद् व जनसंघ ने कश्मीर का हिन्दुस्थान में सम्पूर्ण विलय के लिए के लिये संयुक्त सत्याग्रह किया. कश्मीर के मुख्यमंती शेख अब्दुल्ला ने सरकारी अनुमति के बिना ,बाहर के लोगों को प्रदेश में प्रवेश बंदीलगी थी.., तब डॉ श्यामा प्रसाद मुखजी मुख़र्जी ने घोषणा कर की मैं इस प्रवेश बंदी के विरोध के बावजूद कशमीर जाऊंगा तब वीर सावरकर ने उनसे कहा ..., “श्यामा प्रसादजी आपकी देश को बहुत जरूरत है. आप कश्मीर मत जाओं .., आप जिन्दा नहीं लौटेंगें..
२. कश्मीर में प्रवेश करते ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल, ह्त्या कर आकस्मिक मौत कह दिया

३. डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की माता ने , प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को पत्र लिखकर इसकी जांच की मांग व मिलाने का अनुरोध को ठुकरा दिया, और कहा वे बीमारी से मरे थे.., आज तक पूर्व से वर्तमान सत्ताधारियों ने इस पर जांच करने की भी सोच नहीं की

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१. ताशकंद जाने से पहले वीर सावरकर ने लालबहादुर शास्त्री को चेताया और कहा शास्त्रीजी हम जीते हुए राष्ट्र है , रूस के प्रधान्मत्री को हमारे देश मे बुलाओ,यदि आप ताशकंद जाओगे तो वापस नही आओगे.. और हमारे द्वारा जीता भाग भी लुटा आओगे..,.
२. ९ जनवरी १९६६ की रात लालबहादुर शास्त्री ने ताशकंद से अपनी पत्नी ललिता शास्त्री को फोन कर कहा मैं हिन्दुस्तान आना चाहता हूँ, यहां, मुझ पर हस्ताक्षर करने के लिए दवाब डाल रहें है..., मुझे यहां घुटन हो रही है...
देश के सत्ता की राजनयिक फौजे बार-बार, शास्त्रीजी से कह रही थी..., भले हम युद्ध जीत गये हैं, यदि आप हस्ताक्षर नहीं करोगे तो आगे अन्तराष्ट्रीय बिरादरी एकजुट होकर देश की आर्थिक स्तिथी बिगाड़ देगी...

३. इसके बाद उनके कड़े मंसूबे, हमारे देश के सत्ता की राजनयिक फौजे तोड़ने में कामयाब हो गयी.., १० जनवरी १९६६ के शाम ४.३० बजे , शास्त्रीजी ने जीती हुई जमीन वापस लौटाने व शांती समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद, उनके पुत्र अनिल शास्त्री को कहा गया ..., वे देश के प्रधानमंत्री हैं, उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें विशेष आवास में अकेले में सुरक्षित रखना होगा.
३. प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के ताशकंद समझौते के बाद ८ घंटे के बाद , ११ जनवरी तड़के १ बजे,पाकिस्तानी रसोईये द्वारा रात को दूध पीने के बाद उनकी मौत हो गई, मौत के समय उनके कमरे मे टेलिफोन नही था, जबकि, उनके बगल के कमरे के राजनयिकों के कमरों मे टेलिफोन था, उनकी मौत की पुष्टी होने पर राजनयिकों की फौज दिल्ली मे फोन लगा कर चर्चा कर रहे थे कि अगला प्रधानमंत्री कौन होगा ?

४. अंत तक ललिता शास्त्री गुहार लगाती रही, मेरे पति की मौत की जाँच हो, आज तक सभी सरकारों द्वारा,कोइ कारवाई नही हुई?,

५. इस रहस्य को जानने के लिये, आर.टी.आई. कार्यकर्ता अनुज धर ने एडी चोटी का जोर लगाने के बाद, सरकार की तरफ से जवाब मिला कि यदि हम इस बात का खुलासा करेगें तो हमारे संबध दूसरे देशों से खराब हो जायेगें ?
४. दोस्तों अब सवाल है कि लालबहादुर शास्त्री की ह्त्या का खुलासा करेगें तो हमारे संबध दूसरे देशों से खराब हो जायेगें ?लेकिन डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ह्त्या की जांच से क्या देश के नेताओं के आपसी आंच में सम्बन्ध खराब होने से, जाँच को चूल्हे की आंच में डाल दिया

५. मानवता के उपासक प्रखर राष्ट्रवादी
महान शिक्षाविद व भारतीय जनसंघ के संस्थापक
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हे व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को
भावभीनी श्रद्धांजलि

विशुद्ध रूप से वीर सावरकर की प्रवाष्ठियों का फेस बुक पेज
https://www.facebook.com/Veer-Paramveer-Savarkar-Shining-Star-of-Nationalism-wwwmeradeshdooobacom-941778989210314/


Thursday, 6 June 2019

इंदिरा गांधी के मंत्रीमंडल में बैल से भी निम्न स्तर के गृहमंत्री ज्ञानी जैल सिंह ने इंदिरा गांधी की डगमगाती कुर्सी से इंदिरा को सुर्ख़ियों में बने रखने के लिए, व एक ऐसा मुध्हा बने जो पकिस्तान पर विजय से बंगलादेश बनाना से अपने को दुर्गा समझने वाली ने ज्ञानी जैल सिंह की निम्न बुध्ही का इस्तेमाल कर भिंडरावाले से पंजाब को अलग देश बनाकर खालिस्तान राष्ट्र बनाने के लिए जल्द से जल्द खालिस्तानी सेना बनाने के लिए उकसाया... (ज्ञानी जैल सिंह व अन्य नेताओं के टेलीफोन टेप हमारी खुफिया विभाग RAW के पास आज भी मौजूद है जिसे राष्ट्र की जनता को सार्वजनिक करवाना चाहिए ताकि ऐसा खेल कोई पार्टी या नया नेता खेल न सके ) दोस्तों बड़े दुःख के साथ लिखना पद पड़ रहा है की इंदिरा गांधी के चाटुकार राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने “आपातकाल” देश पर थोपकर राष्ट्रपति पद को कलंकित किया वहीं राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने इंदिरा गांधी की राष्ट्र विरोधी नीती को उकसाकर , एक ऐसी नीति का निर्माण बन गया जो की आतंकवाद देश को निगलने की स्तिथि बन गई कि स्वर्ण मंदिर पर गोलाबारी कर देश का इतिहास कलंकित हो गया


इंदिरा गांधी के मंत्रीमंडल में बैल से भी निम्न स्तर के गृहमंत्री ज्ञानी जैल सिंह ने इंदिरा गांधी की डगमगाती कुर्सी से इंदिरा  को सुर्ख़ियों  में बने रखने के लिए, व एक ऐसा मुध्हा बने जो पकिस्तान पर  विजय से बंगलादेश बनाना से अपने को दुर्गा समझने वाली ने ज्ञानी जैल सिंह की निम्न बुध्ही का इस्तेमाल कर भिंडरावाले से  पंजाब को  अलग देश बनाकर खालिस्तान राष्ट्र बनाने के लिए जल्द से जल्द खालिस्तानी सेना बनाने के लिए उकसाया...



(ज्ञानी जैल सिंह व अन्य  नेताओं के टेलीफोन टेप हमारी खुफिया विभाग RAW के पास आज भी मौजूद है जिसे राष्ट्र की जनता को  सार्वजनिक करवाना चाहिए ताकि ऐसा खेल कोई पार्टी या नया नेता खेल न सके )



दोस्तों बड़े दुःख के साथ लिखना पद पड़ रहा है की इंदिरा गांधी के चाटुकार राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद  ने “आपातकाल” देश पर थोपकर राष्ट्रपति पद को कलंकित किया वहीं  राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने इंदिरा गांधी की राष्ट्र विरोधी नीती को उकसाकर , एक ऐसी नीति का निर्माण बन गया जो की आतंकवाद देश को निगलने की स्तिथि बन  गई कि स्वर्ण मंदिर पर गोलाबारी कर देश का इतिहास कलंकित हो गया 


याद रहे पंजाब में खालिस्तान से आतंकवाद की बुनियाद कांग्रेस के इशारे से ही हुई , जब भिंडरावाले को खालिस्तान कमांडो फ़ोर्स की सेना बनाने के लिए इंदिरा गांधी के इशारे से गृह मंत्री ज्ञानी जैल सिंग ने प्रेरित किया जो बाद में स्वर्ण मंदिर में भिंडरावाले की मुठभेड़ में मौत से.., ऐसा माहौल बना की इंदिरा गाँधी के सिख सुरक्षा रक्षको द्वारा उनके आवास में ह्त्या कर दी , तब पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने बेबाकी से उनके शोक संदेश में कहा इंदिरा गांधी अपने कर्मों से मरी है "


१९८४ में इंदिरा गांधी की ह्त्या से, सहानुभूति की सुनामी लहर से, देश भर में १० हजार से अधिक सिखों के नरसंहार ने राजीव गांधी के कलंकको भी धो दिया उन्होंने ताल ठोक कर कहा , “जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है, तब धरती हिलती है और लोकसभा में ४१४ सीटें जीतकर , अपनी नाना प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का कीर्तीमान तोड़ दिया.


राजीव गाँधी को सत्ता खुले हाथ मिली थी.., तथा चंडाल चौकडियों की फ़ौज में हरकिशन भगत, सज्जन कुमार, जगदीश टाइटलर व अन्य लोगों की सूची से सत्ता में लूट की खुली छूट से बोफोर्स घोटालों के शुभारम्भ से A-Z घोटालों के MULTIFORCE घोटालों से, इसमें हिन्दू आतंकवादका घोल डालकर अंततः सत्ता से हाथ धोना पडा.



अब २०१९ में कांग्रेस के ५ साल के सत्ता निर्वासन के बाद राहुल बाबा के गुरू सैम (असली नाम सत्यनारायण गंगाराम) पित्रोदा ने सिख नर संहार का समर्थन करते हुए कहा जो हुआ वो हुआके बयान ने कांग्रेस के पंजाब के वोट बैंक में आग में घी का काम किया है .

Thursday, 30 May 2019

नरेन्द्र मोदीजी को प्रधानमंत्री पद, भाग -२ के शपथ विधी में यह चित्र समर्पीत.......... १. मोदीजी विरोधियों पर धारा ३०२ लग गई है , भाजपा ३०३ सीटें व गठबंधन को ३५३ सीटों पर जीत से अमेरिका व पश्चिम मीडिया की TIME पत्रिका ने २० मई २०१९ के अपने मुख्य पत्र में आपके (मोदीजी) चित्र के साथ “DIVIDER IN CHIEF” हिन्दुस्तान देश के तुकडे करने वाला के शीर्षक के बाद , चुनावी नतीजे आने पर टाइम पत्रिका पर कालिख लग गई व उसकी हिन्दुस्तान के PAID MEDIA के साथ ७२ साल से अधिक का गठबंधन की कलई खुलने पर अपने अगले अंक में लिखना पडा “इस जीत से मोदी ने भारत को एकजुट किया है” (Modi has united India) २. मोदीजी.., प्रधानमंत्री के भाग -२ की यह शपथ..., आपके लिए आपके भाग -१ की नोट बंदी व अन्य अधूरे कार्य के अनबुझी भ्रष्टाचार के अग्नि को ललकार की चुनौती है.., ३. इस शपथ से आपके पूर्ण समर्पण से देश के युवक के आपके सहयोग में सौ पथ और आगे बढ़ेंगे ..., •४. और अंततः वह क्षण आ ही गया जब भारत ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर , एक सच्चा लोकतंत्र बन कर अधिसंख्य जनता में सुशासन की आशा जीवंत कर दी है,




नरेन्द्र मोदीजी को प्रधानमंत्री पद, भाग -२ के शपथ विधी में यह चित्र समर्पीत..........

१. मोदीजी विरोधियों पर धारा ३०२ लग गई है , भाजपा ३०३ सीटें व गठबंधन को ३५३ सीटों पर जीत से अमेरिका व पश्चिम मीडिया की TIME पत्रिका ने २० मई २०१९ के अपने मुख्य पत्र में आपके (मोदीजी) चित्र के साथ “DIVIDER IN CHIEF” हिन्दुस्तान देश के तुकडे करने वाला के शीर्षक के बाद , चुनावी नतीजे आने पर टाइम पत्रिका पर कालिख लग गई व उसकी हिन्दुस्तान के PAID MEDIA के साथ ७२ साल से अधिक का गठबंधन की कलई खुलने पर अपने अगले अंक में लिखना पडा इस जीत से मोदी ने भारत को एकजुट किया है” (Modi has united India).

२. मोदीजी.., प्रधानमंत्री के भाग -२ की यह शपथ..., आपके लिए आपके भाग -१ की नोट बंदी व अन्य अधूरे कार्य के अनबुझी भ्रष्टाचार के अग्नि को ललकार की चुनौती है..,

३. इस शपथ से आपके पूर्ण समर्पण से देश के युवक के आपके सहयोग में सौ पथ और आगे बढ़ेंगे ...,

४. और अंततः वह क्षण आ ही गया जब भारत ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर , एक सच्चा लोकतंत्र बन कर अधिसंख्य जनता में सुशासन की आशा जीवंत कर दी है,

५. मैं सब भारतीयों के सम्मान तथा भेदभाव रहित सुखद जीवन की आशा रखते हुए , ईश्वर का धन्यवाद करता हूँ. हां अच्छे परिणामों के लिए हम सभी को सुधरना होगा तथा धैर्य से प्रतीक्षा करनी होगी, अल्पसंख्यक भाइयों से भी अनुरोध है कि देश की मुख्यधारा से जुटें और धार्मिक कट्टरता का त्याग कर आपसी मेलजोल को बढ़ावा दें, जय प्रशस्त स्वस्थ सुन्दर शिक्षित स्वाभिमानी एवं समृद्ध भारत ॐ

६. अब नई व भावी पीढी की ऊर्जा / अग्नि को राष्ट्रवाद के मशालों में भर कर ..., देश के युवाओं को जागृत कर ..., देश, सुलाम सुफलाम से भव्य बने....

७. राष्ट्रवाद जयते ...
आओं, पार्टी नहीं देश का पार्ट बने, “मैं देश के लिए बना हूँ””, देश की माटी बिकने नहीं दूंगा , “राष्ट्रवाद की खादसे भारतमाता के वैभव से, हम देश को गौरव से भव्यशाली बनाएं
राष्ट्रवादी धारा, से किसी को हमारे वतन की माटी बेचने नहीं देंगे ...,

८. दोस्तों...., सीमा पार दुश्मन भी चाह रहे है हम आपसी लड़ाई से कमजोर हो जाये ताकि हमे सफलता आसानी से प्राप्त हो...

चले एक नए उमंग के साथ,उन्नत भारत से उत्थान.., देश बने महान से विश्व गुरू की कीर्ती से उन्नत हो यह धरती.

Tuesday, 28 May 2019

जानें सच्चाई .., वीर सावरकर के माफीनामा के दुष्प्रचार से ढोल पीटने वाले कांग्रेसिओं के पेट में आज तक दर्द हो रहा है.., आज तक उन्हें देशद्रोहियों की प्रथम कतार में रखकर देश में कलंकित इतिहास पढ़ाकर वंशवाद की बेल को महामंडित कर लूट में खुली छूट से देश को डूबोने का खेल खेला गया है . १. वीर सावरकर को ५० साल की दो जन्मों की कैद.., और जेल में भयंकर कष्ट व प्रताड़ना.., इससे मुक्ती पाने के लिए उनके पास शिवाजी की तरह सेना नहीं थी ..., ११ वर्षों के काला पानी जेल के कारावास में.., फ़्रांस के समुन्दर ने तो उन्हें सलाम किया.., वही अंडमान जेल ने भी उनके फौलादी जिगर का लोहा माना.




जानें सच्चाई .., वीर सावरकर के माफीनामा के दुष्प्रचार से ढोल पीटने वाले कांग्रेसिओं के पेट में आज तक दर्द हो रहा है.., आज तक उन्हें देशद्रोहियों की प्रथम कतार में रखकर देश में कलंकित इतिहास पढ़ाकर वंशवाद की बेल को महामंडित कर लूट में खुली छूट से देश को डूबोने का खेल खेला गया है .

१. वीर सावरकर को ५० साल की दो जन्मों की कैद.., और जेल में भयंकर कष्ट व प्रताड़ना.., इससे मुक्ती पाने के लिए उनके पास शिवाजी की तरह सेना नहीं थी ..., ११ वर्षों के काला पानी जेल के कारावास में.., फ़्रांस के समुन्दर ने तो उन्हें सलाम किया.., वही अंडमान जेल ने भी उनके फौलादी जिगर का लोहा माना.

२. अपने सिध्हान्तों से न डगने वाले वीर सावरकर ने जेल में क्रांती कर जेलर से लेकर वार्डनों के अत्याचार से अंडमान में हिन्दू कैदियों को मुस्लिम धर्म में परिवर्तन से सजा में ढील देने का खुलासा कर व अंडमान में कैदियों की बीमारी से मृत्यू व जेल के मापदंड से अधिक दंड की गूँज इंग्लॅण्ड की संसद से विश्व में तहलका मचने के खौफ से विश्व में क्रांतीकारियों में एक लहर न बन जायें इस भय के साथ वीर सावरकर के साथ मुफ्तनामा के आड़ में अंडमान जेल से देश के यरवदा येरवडा, रत्नागिरी व नाशिक जेलों में स्थान्तरित करना पड़ा. यदि यह माफीनामा होता तो वीर सावरकर इन जेलों में कैद नहीं होते.., यदि यह शर्त नामा होता तो घर में नजरबन्द होते..

३. इस मुफ्तनामा की खबर ने कांग्रेसियों में खौफ पैदा कर दिया था जो अंग्रेजों के सेफ्टी वाल्वथे उन्होंने इंग्लॅण्ड से गुहार लगाई कि यह कैदी खूंखार है , और हिन्दुस्तान में तुम्हारी सलतनत के साथ कांग्रेस का भी सूपड़ा साफ़ करेगा.

४. याद रहें .., इंग्लॅण्ड में रहते हुए.., हिन्दुस्तान के १८५७ के गौरवशाली क्रांतीकारी इतिहासका अध्ययन करते हुए वीर सावरकर ने सप्रमाण सहित कहा था हूयमद्वारा गठित हिन्दुस्तान में कांग्रेसदेश के काले अंगरेजी बाबुओं की टोलियों के संगठन से देश को गुलामी से जकड़ने वाली संस्था है.

५. याद रहे., रत्नागिरी जेल में रहते हुए जब गांधी भी एक आन्दोलन में रत्नागिरी जेल में रहे तो वीर सावरकर ने कांग्रेसियों द्वारा गांधी से मुलाक़ात की मांग ठुकरा कर कहा कि मेरी शर्त है, यदि जातिवाद व मुस्लिम तुष्टीकरण का धर्म गांधी छोड़ दे तो ही मैं गांधी से मिलूंगा .
६. वीर सावरकर वीर, परमवीर ही थे.., उन्हें छात्रवृति देने वाले श्यामजी वर्मा व इंडिया हाउस के संस्थापक ने वीर सावरकर को चेताया था तुम दुबारा इंग्लॅण्ड मत जाओ .., गिरफ्तार कर लिए जाओगे..इसके प्रत्यूत्तर में वीर सावरकर ने कहा मेरा ब्रिटिश साम्राज्य से लड़ने का धेय्य अन्वरित जारी रहेगा, इंडिया हाउस के मेरे मित्रों व विश्व के क्रांतीकारियों को यह न लगे की मैं भीरू व कायरों की श्रेणी में हूँ.., छुपकर क्रांती का खेल मेरे खून में नहीं है .
७.वीर सावरकर ने अपने विश्व के क्रांतीकारी साथियों को सन्देश दिया कि सिद्धांतों से गुलामी की बेड़ियाँ तोड़ीं जा सकती है निर्भयता से कायरता की गुलामी को मात दी जा सकती है..,

Monday, 27 May 2019

1. जरूर पढ़े, २८ मई ., वीर सावरकर की १३३ वें जन्म दिवस से देश की जय करने वाले.. आओं नूतन वर्ष की बेला पर वीर सावरकर को याद करें..., जय जय वीर ही नहीं, परमवीर सावरकर, देश का जुगनू , जिसने विश्व के क्रांतीकारीओं को जगा दिया .. २. भले ही ५० सालों की दो जन्मों की आजीवन कारावास के सजा घोषित होने.., २६ फरवरी २०१६ को वीर सावरकर की ५० वीं पुण्यतिथी पूर्व से वर्तमान सरकारों ने वीर सावरकर के सपनों को साकार कर एक “राष्ट्रवाद की लौ” से देश के अन्धकार को दूर करने के बजाय इस मसीहा के मशाल को बुझाने का कार्य कर.., इन्हें गुमनामी में खो दिया ३. एक जुगनू , जिसकी चमक कोहिनूर हीरे के कहीं हजार गुना ज्यादा, जिसके सामने अंग्रेजों का न डूबने वाला सुरजी साम्राज्य का सूरज भी धुंधलाता था ४. सावरकर शब्द से ही “ब्रिटिश सरकार” को थर्रा देता था, १८५७ का क्रांतीकारियों का इतिहास जिसे “ग़दर/विद्रोह” की अंग्रेजों की संज्ञा को क्रांतीकारियों की आजादी के संघर्ष का इतिहास सिद्ध करने की पुस्तक लिखने पर , ब्रिटिश सरकार ने बिना पढ़े इस पर पावंदी लगा दी थी ५. सरदार भगतसिंग इस पुस्तक को पढ़कर, उनमें देश भक्ती की ज्वाला प्रदान की व उन्होंने इस पुस्तक का गुप्त रूप से प्रकाशित कर क्रांतीकारियों की धमनी में एक नये जोश का खून प्रदान किया ६. शत्रु के देश इंग्लैंड में ब्रिटिश सरकार को चुनौती देने वाले एक मात्र सावरकरजी ही ७. इंग्लैंड में दशहरा, व १८५७ की ५० वी जयन्ती का आयोजन करने वाले , एक मात्र वीर सावरकरजी ८. इंग्लैंड में सिक्खों का इतिहास लिखने वाले एक मात्र वीर सावरकरजी



.1. जरूर पढ़े, २८ मई ., वीर सावरकर की १३३ वें जन्म दिवस  से देश की जय करने वाले.. आओं नूतन वर्ष की बेला पर वीर सावरकर को याद करें..., जय जय वीर ही नहीं, परमवीर सावरकर, देश का जुगनू , जिसने विश्व के क्रांतीकारीओं को जगा दिया ..

२. भले ही ५० सालों की दो जन्मों की आजीवन कारावास के सजा घोषित होने.., २६ फरवरी २०१६ को वीर सावरकर की ५० वीं पुण्यतिथी पूर्व से वर्तमान सरकारों ने वीर सावरकर के सपनों को साकार कर एक राष्ट्रवाद की लौसे देश के अन्धकार को दूर करने के बजाय इस मसीहा के मशाल को बुझाने का कार्य कर.., इन्हें गुमनामी में खो दिया 

३. एक जुगनू , जिसकी चमक कोहिनूर हीरे के कहीं हजार गुना ज्यादा, जिसके सामने अंग्रेजों का न डूबने वाला सुरजी साम्राज्य का सूरज भी धुंधलाता था 

४. सावरकर शब्द से ही ब्रिटिश सरकारको थर्रा देता था, १८५७ का क्रांतीकारियों का इतिहास जिसे ग़दर/विद्रोहकी अंग्रेजों की संज्ञा को क्रांतीकारियों की आजादी के संघर्ष का इतिहास सिद्ध करने की पुस्तक लिखने पर , ब्रिटिश सरकार ने बिना पढ़े इस पर पावंदी लगा दी थी 

५. सरदार भगतसिंग इस पुस्तक को पढ़कर, उनमें देश भक्ती की ज्वाला प्रदान की व उन्होंने इस पुस्तक का गुप्त रूप से प्रकाशित कर क्रांतीकारियों की धमनी में एक नये जोश का खून प्रदान किया 
६. शत्रु के देश इंग्लैंड में ब्रिटिश सरकार को चुनौती देने वाले एक मात्र सावरकरजी ही

७. इंग्लैंड में दशहरा, व १८५७ की ५० वी जयन्ती का आयोजन करने वाले , एक मात्र वीर सावरकरजी
८. इंग्लैंड में सिक्खों का इतिहास लिखने वाले एक मात्र वीर सावरकरजी 

९. भारत आने पर इंग्लैंड की महारानी की मृत्यु पर , कांग्रेस के मातम समारोह पर , कांग्रेस को लताड़कर कहने वाले, वे हमारी शोषित रानी थी..., उसमें मातम मना कर तुम अंग्रेजों के पिछलग्गू बन रहे हो.., आजादी ब्रिटिशों के तलुवे चाटने से नहीं मिलेगी
१०. वीर सावरकर के ४० से ज्यादा भविष्य वाणीया आज सार्थक हुई है..., १९४२ में उन्होंने कहा था यह भारत छोड़ो आन्दोलन, भारत तोड़ों आन्दोलन बनेगा
११. नेहरू को चेतावनी देने वाले वीर सावरकर ने १९५२ में ही कह दिया था , चीन हम पर आक्रमण करेगा, और आसाम में पूर्वी पाकिस्तान (बांग्ला देश) नागरिकों की घुसपैठ से देश में शत्रुओं का निर्माण होगा...

१२. गांधी व हिन्दुस्तानियों को चेतावनी दी, जाती प्रथा समाप्त नहीं की तो धर्म परिवर्तन के साथ आगे देश को बड़ा धोखा मिलेगा 
१३. एक महान क्रांतीकारी के विचारधारा को हमारे इतिहासकारों ने देश को खंडित कर सत्ता परिवर्तन को आजादी कहने वाले के तलुवे चाटकर इतनी गहराई में दफ़न कर दिया कि यह सच्चाई ,जनता तक न पहुंचे...

१४. अब तो, मोदी सरकार तो उन्हें भारतरत्न के सम्मान को भूल चुकी है..., क्या...!!!, २८ मई २०१९  को, उनकी जन्म तिथी को राष्ट्रीय प्रेरणा दिवस के रूप में मनायेगी....

१५. दुनिया ने वीर सावरकरजी को सत्कारा..

१६. हमारे इतिहासकारों ने, उन्हें दुत्कारा...
पत्रकार, पुकारकार से पुत्रकार बनने के पहिले, देश के पतनकार बन गए,

१७. छोटी छोटी सुविधा के लिए , अपने ईमान व देश के इतिहास बेचते गए 



नरेन्द्र मोदीजी और वीर सावरकरजी में समानतायें- वीर सावरकर को जिसने नही जाना..?, उसने हिन्दुस्थान को नही पहचाना? (२८ मई , वीर सावरकर की जन्म तिथि पर विशेष) विशुद्ध रूप से वीर ही नहीं परमवीर.., अतुल्य सावरकर नरेन्द्र मोदीजी के प्रधानमंत्री कार्यकाल के ५ साल पूरे .., अब भी वीर सावरकर के विचार से अधूरे .., क्या मोदीजी.., वीर सावरकर के दफन इतिहास को जनता को दर्शन समारोह बनाकर “गौरव सप्ताह – गौरव पखवाड़ा मनाएंगे..., या पिछवाडे से.., गए वर्षों की तरह एक छोटे से १० मिनट के भाषण से समाप्त करेंगे...!!!




नरेन्द्र मोदीजी और वीर सावरकरजी में समानतायें- 

वीर सावरकर को जिसने नही जाना..?, उसने हिन्दुस्थान को नही पहचाना?

(२८ मई , वीर सावरकर की जन्म तिथि पर विशेष)

विशुद्ध रूप से वीर ही नहीं परमवीर.., अतुल्य सावरकर नरेन्द्र मोदीजी के प्रधानमंत्री कार्यकाल के ५ साल पूरे .., अब भी वीर सावरकर के विचार से अधूरे ..,

क्या मोदीजी.., वीर सावरकर के दफन इतिहास को जनता को दर्शन समारोह बनाकर गौरव सप्ताह गौरव पखवाड़ा मनाएंगे..., या पिछवाडे  से.., गए वर्षों की तरह एक छोटे से १० मिनट के भाषण से समाप्त करेंगे...!!! ========================

१.   दोनों के पिता का नाम दामोदर, एक २०वी सदी के व दूसरे २१वी सदी के दमदार व्यकित्व... नाम विनायक .., वीर सावरकर तो बिना सेना के बावजूद लड़कर, देश के नायकबने . नाम नरेन्द्र .., अपने बल पर प्रधानमंत्री बन कर नर व इन्द्र का संगम. सावरकर..., भारतमाता को संवारने में अपना सम्पूर्ण जीवन अर्पीत कर दिया मोदी..., अब, भ्रष्टाचार से सत्ता के मोदकों को खत्म करने का जज्बा

२. वीर सावरकरजी व नरेन्द्र मोदीजी ने एक कच्ची उम्र में ही, लगभग १५-१७ साल की उम्र को .., देश सेवा के लिए, अपने को समर्पित कर दिया.

३. अखंड भारत के शिल्पकार सावरकरजी के मंसूबे को देशद्रोहियों ने देश को तोड़कर, खंडित भारत से, देश के ५ लाख बेगुनाह हिन्दुस्तानियों की ह्त्या कर, महात्मा, बापू, चाचा .. से, यमदूत बनकर शांती के मसीहा से, जनता को मशगूल बनाकर.., सत्ता मेवा है , इसकी जय है, (जो मेरे वेबस्थल का स्लोगन है), से ६० वर्षों तक राज किया (लालबहादुर शास्त्री के कार्यकाल को छोड़कर) वही लोकसभा चुनाव में अपने दम पर नरेन्द्र मोदीजी ने सावरकरजी के राष्ट्रवाद की एक लौ जगाकर ..., भारतमाता की कसम खाई है... मैं देश नहीं झुकने दूंगा , मैं देश नहीं मिटने दूंगा.., हे भारत माँ तेरा वैभव अमर रखूंगा ..., इसी राष्ट्रवाद की शक्ती से भारतमाता की भक्ती से वे प्रधानमंत्री बने .. यही शपथ, वीर सावरकर ने भवानी माता से अपने १६ वें साल में ली थी .., और इसे सार्थक किया था
.
४.वीर सावरकर ने कहा था, पहले हमारी सीमाओं की सुरक्षा के लिए, हमारी सेनायें उन्नत्त व मजबूत होनी चाहिए, ताकि कोई हमारे से आँख उठाकर बात न करे..., १९४७ में सावरकर ने कहा था, हिन्दुस्तान को अणु बम बनाना ही चाहिए, इतना ही नहीं हाइड्रोजन व ऑक्सीजन का ध्वम बम भी बनाना चाहिए... राष्ट्र का सैन्यीकरण व सेना का हिन्दुकरण , आज इसी विचारधारा से इसराईल ने अपने को सुरक्षित रखा है.. इसी का संज्ञान लेते हुये , हमारी सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए, आज इसी नीती से सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों से प्रधानमंत्री बैठक कर, देश की सुरक्षा के लिए उपकरणों की आवश्यकता से निदान ..., व मोदीजी ने इसरो को नाभकीय क्रांती में खुली छूट दे कर कहा है.. आप आगे बढ़ो.. मैं आपको इस प्रकल्प में धन की कमी नहीं होने दूंगा. वही लूली लंगडी चल रही हत्यार निर्माण के डी.आर.डी .ओ. को अब चलना सिखा दिया है.., जल सेना को नए जलपोतों के निर्माण का जज्बा फूँका है,,

५.                        सावरकर, मुस्लिम लीग की कट्टरता से देश को चेताते रहते थे, बलपूर्वक धर्म परिवर्तन अर्थात राष्ट्र परिवर्तन..जो, आज ईराक सीरिया में इसकी भयावहता दिखाई दे रही है.. वही , 2003 में गुजरात में सत्ता में आते ही नरेन्द्र मोदी सरकार ने गुजरात विधानसभा में "गुजरात धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2003" पारित कर मतांतरण करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाया था।

६.                        वीर सावरकरजी के नाम से अंग्रेजों का न डूबने वाला सूर्य का साम्राज्य थर्राता था... वहीं मोदीजी के प्रधानमंत्री पद की घोषणा से थर्राते हुए, दुश्मन व लूटेरे देशों ने मीडिया व अन्य संशाधनों से एड़ी चोटी का जोर लगाने के बाद भी सफलता नहीं पायी.., और हाथ मलते हुए मायूस हो गयें है...

७. ब्रिटिश अखबार इंग्लॅण्ड में क्रांतीकारियों की आवाज व हिन्दुस्तानी समाचार जानने के लिए वीर सावरकर से संपर्क करती थी जबकि उस समय नरम दल पैसे देकर अपनी खबर छापते थे,, वही देश की विदेशी टुकड़ों में पालनेवाली मीडिया भी पेड़ मीडिया बनकर , नरेन्द्र मोदी को नर भक्षी के रूप में प्रसारित कर.., अब उनकों भी अक्कल आने लगी है १० सालों से नरेन्द्र मोदीजी को देश का कसाई व विदेशी इशारों से, देश के समाचार चैनलों के विदेश में बैठे देशी व विदेशी मालिक, बदनाम करने के लिए पेट भरी मीडिया .., मालामाल होकर भी नरेन्द्र मोदीजी से परास्त हो गयी.., वही मोदी पेट भरी मीडिया को अपने समाचार के बारे में फटकने नहीं देते थे... और पेट भरी मीडिया को बार-बार चेतावनी देते थे..., निष्पक्ष बनों.. देश को गुमराह मत करो...देश की छवि मत बिगाडों

८.वीर सावरकरजी की तरह ही नरेन्द्र मोदीजी अपने भाषणों में शमा बाँध देते है.., कब घंटे निकल जाते है...,श्रोताओं को पता भी नहीं चलता 

९. याद रहे.., अपने तरूण ब्रह्मचर्य जीवन में विदेशों में वीर सावरकर, दमदार व्यक्तित्व , निर्भीक जीवन..,एक तेजस्वी वक्ता के राष्ट्रवादी भाषणों से दुनिया कायल थी, देशी व विदेशी गोरी चमड़ी वाली लड़किया तो दीवानी होकर वीर सावरकरजी से “I LOVE YOU” कहती थी.., तब वीर सावरकरजी कहते थे मैं तो सिर्फ भारतमाता से प्रेम करता हूँ..., और शादी के बाद अपनी बीबी से प्रेम करूंगा वही लोकसभा चुनावों में पेट भरी मीडिया ने मोदीजी के तूफानी भाषणों से कही उनके कैमरे उड़ न जाए, इसी झांसे से मोदीजी के शादी व ब्रह्मचर्य जीवन से देश वासियों को भटकाने की कोशिश से, कशिश निकालने का खेल खेला..हाथ कुछ न आया बाबाजी का ठुल्लू

९.नरेन्द्र मोदीजी ने अपने दुश्मन व मनमुटावी देशों को अपनी कूटनीती से साथ लेकर दुनिया को अचम्भे में डाल दिया है...

१०. वही वीर सावरकरजी.., स्वतंत्रता के लिए लड़ों के उद्घोष से, विश्व के गुलाम देशों , तुर्की,रूस,इटली,आयरलैंड,इजिप्त फ़्रांस के क्रांतीकारियों में एक आजादी का जज्बा भर दुनिया को अचंभित कर दिया !!!!!!!!! . वही मोदीजी भी स्वतंत्र देशों को कहते हैं..., “सबका साथ, सबका विकास ...

११.सावरकर स्वर से देश के लिए अदम्य थे.., उनकी तुलना , चाणक्य से ही की जा सकती है..., जिसने भारतमाता की बेदिया बेड़ियां तोड़ने के लिए ही जन्म लिया था उनके स्वरों में एक मुख्य स्वर थे.., जब तक देश जातिवाद, भाषावाद, अस्पर्श्यिता की बेड़ियों में जकड़ा है.., तब तक देश एक गुलामी से दूसरी गुलामी में बंधा रहेगा..., और हिंदुत्व का पतन के साथ देश विखंडन के कगार पर जाएगा ... सावरकर के अनुसार हिन्दू समाज सात बेड़ियों में जकड़ा हुआ था।। १. स्पर्शबंदी: निम्न जातियों का स्पर्श तक निषेध, अस्पृश्यता २. रोटीबंदी: निम्न जातियों के साथ खानपान निषेध ३. बेटीबंदी: खास जातियों के संग विवाह संबंध निषेध ४. व्यवसायबंदी: कुछ निश्चित व्यवसाय निषेध ५. सिंधुबंदी: सागरपार यात्रा, व्यवसाय निषेध ६. वेदोक्तबंदी: वेद के कर्मकाण्डों का एक वर्ग को निषेध ७. शुद्धिबंदी: किसी को वापस हिन्दूकरण पर निषेध

१२. ऐसी उनकी ४० से ज्यादा भविष्यवाणीयां, जिनकी हमने अवहेलना की है..., वीर सावरकर का इस देश पर महान ऋण है। वे अधिकांश क्रान्तिकारियों के लिये प्रेरणा के स्रोत थे। आज भी वह हर सच्चे भारतीय के लिये प्रेरणा के स्रोत हैं !!!!!

A. क्या.., अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी .., श्री..श्री.. वीर..., वीर.., परमवीर सावरकर के इतिश्री किये इतिहास को.. भारत के गौरवशाली इतिहास के अनुसरण से भारतमाता के गौरव से देश को भव्यशाली बनायेंगें (२८ मई को वीर सावरकर २०१९ के जन्म दिवस पर ...

B. क्या मोदीजी.., वीर सावरकर के दफन इतिहास को जनता को दर्शन समारोह बनाकर गौरव सप्ताह गौरव पखवाड़ा मनाएंगे..., या पिछ्वाड़े से गए वर्ष की तरह एक छोटे से १० मिनट के भाषण से समाप्त करेंगे...!!!

C. मोदीजी ने तो... प्रधानमंत्री के रूप में सरकारी खर्च से मोदीजी ने अपने बुलेटी जिगर से, अपने प्रधानमंत्री के प्रथम कार्यकाल में AROUND THE WORLD IN 360 DAYS WITH 360 DEGREES से दुनिया में धाक मचा दी है..., , लेकिन सावरकर के अतुल्य राष्ट्रवादी बल से “ONE MAN ARMY” से, वे तो विश्व के मानचित्र में छा गए थे ..

D. नरेन्द्र मोदी भी अपने आत्मबल से प्रधानमंत्री बनकर, विपक्षीयों को, जो, भ्रष्टाचार के पंछी बनें थे.., उन्हें पेड़ से उड़ाकर, एक नया इतिहास से देश के प्रधानमंत्री बने.. वही गुण सावरकर में थे.., लेकिन वीर सावरकर की ख्याती को, कांग्रेस दुर्भावना से जनता को गुमराह करती रहे.., इसके बावजूद उन्होंने अपना आत्मबल न खोते हुए .., अबाध गति से भारतमाता के गौरव बढाने में को अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया था



Sunday, 26 May 2019



दोस्तों जातिवाद, भाषावाद अलगाववाद से घातक देश में वंशवाद की बेल हैं जो १९४७ से ही देश का दंश है जिससे आम आदमी भी घायल है.., प्रशासन से लड़ने में अपाहिज है. नेता दबंग बनकर प्रांतवाद से देश के विभिन्न हिस्सों में टुकड़े गैंग को पालन पोषण का देश में एक सुगम मंच बन गया है..., 

अब तो देश में अवार्ड वापसी गैंग भी अपनी छतरी खोल कर उन्हें छाँव प्रदान कर रहें हैं   

२०१९ के लोकसभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी एक पिछड़े वर्ग के जनसंघ, रा स्वं संघ से भाजपा के एक सामान्य कार्यकर्ता से, अपने दूर दृष्टी से आत्मविश्वाश के बल से अपने ऊपर लगाईं  गयी विपत्तियों का चुटकी से चहरे में बिना शिकन आये हल करते गए हैं .

इस लोकसभा चुनाव में जातिवाद, भाषावाद अलगाववाद का सूपड़ा काफी हद तक साफ़ हो गया है.., पिछड़े वर्ग व आरक्षण की आड़ में सब्सिडी / वित्तीय सहायता का राजनीतिकरण कर देश को लूटने का एक सुरक्षित हथियार बना लिया था . जो मोदी राज १  के कार्यकाल में जन धन योजना से इस घपलेबाजी का काफी निदान हो गया है.

देश की राजनीती में वंशवाद पर यदि क़ानून नहीं बनता है तो संविधान की दीवारों में जो  धूल भर रही है इस पर काले धन की बरसात गिरकर.. कीचड़ बनकर देश की अस्मिता पर प्रहार हो सकता है
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Sunday, 19 May 2019

नथूराम गोडसे देश भक्त और गांधी ने देश को खंडित कर १० लाख से अधिक हिन्दुस्तानियों का हत्यारा बना .., याद यहे १९१४ के विश्व युद्ध में कांग्रेसियों ने एक समझौते के आधार पर हिंदुस्तानिओं की ब्रिटिश फ़ौज को झोकने विश्व के अन्य भागों में भेजा था ताकि प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति पर हिन्दुस्तान को आजादी मिल सकें .., हमारे एक लाख सैनिकों की बलि लेने के बावजूद, ब्रिटिश सरकार ने इसे अमान्य कर दिया. कांग्रेसी तो अग्रेजों के सुरक्षा छिद्र बनकर,जनता को बेवकूफ बनाकर अपनी एक समानांतर सत्ता से जनता को भरमाते थे की केवल वे ही देश को गुलामी से मुक्त कर सकते हैं १३ अप्रैल १९१९ रोलेट एक्ट के विरोध में बैसाखी के दिन पंजाब के जलियावाला बाग़ में विरोध सभा में जनरल डायर ने अन्धाधुन्द गोली चलाकर ४००० से अधिक लोगों की मौत के बावजूद गाँधी ने अफ़सोस करने के बजाय जनरल डायर को माफी दे दी . देश ने एक सुनहरा मौक़ा खो दिया, यदि वीर सावरकर नजरबन्द नहीं होते तो इसे १८५७ की क्रांती के रूप में परिवर्तित कर अंग्रेजों का बोरिया बिस्तर लपेट देते.




नथूराम गोडसे देश भक्त और गांधी ने देश को खंडित कर  १० लाख से अधिक हिन्दुस्तानियों का हत्यारा बना ..,

याद यहे १९१४ के विश्व युद्ध में कांग्रेसियों ने एक समझौते के आधार पर हिंदुस्तानिओं की ब्रिटिश फ़ौज को झोकने विश्व के अन्य भागों में भेजा था ताकि प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति पर हिन्दुस्तान को आजादी मिल सकें .., हमारे एक लाख सैनिकों की बलि लेने के बावजूद, ब्रिटिश सरकार ने इसे अमान्य कर दिया.

कांग्रेसी तो अग्रेजों के सुरक्षा छिद्र बनकर,जनता को बेवकूफ बनाकर अपनी एक समानांतर सत्ता से जनता को भरमाते थे की केवल वे ही देश को गुलामी से मुक्त कर सकते हैं

१३  अप्रैल १९१९ रोलेट एक्ट के विरोध में बैसाखी के दिन पंजाब के जलियावाला बाग़ में विरोध सभा में जनरल डायर ने अन्धाधुन्द गोली चलाकर ४००० से अधिक लोगों की मौत के बावजूद गाँधी ने अफ़सोस करने के बजाय जनरल डायर को माफी दे दी .

देश ने एक सुनहरा मौक़ा खो दिया, यदि वीर सावरकर नजरबन्द नहीं होते तो इसे १८५७ की क्रांती के रूप में परिवर्तित कर अंग्रेजों का बोरिया बिस्तर लपेट  देते.

खिलाफत  आन्दोलन से गांधी की किरकिरी होकर.., मुस्लिम लीग को खाद पानी डालकर पोषने के बाद, कांग्रेस के अध्यक्ष पद मोहम्मद अली गौहर नियुक्त कर द्वि राष्ट्र विभाजन के बीज गांधी द्वारा पड़ चुके थे .

१९१४ के विश्व युद्ध की तरह द्वितीय विश्व युद्ध में 1 September 1939 में कांग्रेसियों का अंग्रेजों के साथ  यही दुगुला समझौता हुआ था लेकिन अंग्रेजों ने १९४६ में मोहम्मद अली  जिन्ना को मुस्लिम लीग का नेता बनाकर, पाकिस्तान का निर्माण कर,  देश को सत्ता परिवर्तन का अधिकार देने की संधि से मनाकर,  जिन्ना व नेहरू की प्रधानमंत्री बनने की आकांक्षा ने अचानक देश के तुकडे कर दोनों देशों की आबादी अपनी इच्छानुसार बदलवाने  की योजना को ख़ारिज करते हुए देश में हिन्दू मुस्लिम दंगों का निर्माण कर १० लाख से अधिक मासूम आबादी का क़त्ल होकर .., बापू ही इस ह्त्याकाण्ड का उत्प्रेरक् बनने के बाद अब  अपनी जिद से अनशन की धमकी देकर पाकिस्तान को ५५ हजार करोड़ रूपये दिलावाएं जबकि कश्मीर को  हड्फने  पाकिस्तान की सेना ने सीमा पर आक्रमण कर दिया था. इसके बावजूद गांधी पाकिस्तान को भविष्य में और भी सुविधाएं देने को आमाद थे.

यों कहा जाए तो प्रथम व द्वितीय विश्व युद्ध में ३ लाख से अधिक हिन्दुस्तानी सेनाओं के बलिदान व जलियांवाला बाग़ हत्याकांड की गणना से कही अधिक, केवल देश के विभाजन में १० लाख हिन्दुस्तानियों की ह्त्या का दोषी केवल और केवल गांधी ने ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.


याद रहे  जलियांवाला बाग़ हत्याकांड का बदला लेने उधमसिंह ने इंग्लॅण्ड में २१ साल बाद १३ मार्च १९४० को उधम सिंग ने इंग्लॅण्ड में पंजाब में गवर्नर रहे  मायकल ओ डायर की  ह्त्या की व ४ जून १९४० को उधम  सिंग को ह्त्या का दोषी ठहराते हुए ३१ जुलाई १९४० को उन्हें पेटनविले जेल में फांसी दे दी गई .

१३ अप्रैल २०१९..!!!, जलियांवाला बाग़ की खूनी होली की १०० वीं वर्ष गाँठ.., एक गुमशुदी मुध्हा बनकर आज भी देश, ब्रिटेन से माफी मंगवानी की याचना कर रहा है.., ताकि देश का कलंक, देश में इतिहास के पन्ने में इसका काला इतिहास से देश बलिदान के शौर्य से उबर सके...., लेकिन इंग्लैंड की सरकार ने इसे ख़ारिज कर दिया है. सिर्फ इसे शर्मनाक कहकर पल्ला झाड लिया है