Saturday, 11 January 2020

चाय पर चर्चा के दौरान अपने घर में लालबहादुर शास्त्री ने मनोज कुमार से कहा ,

  " न तो मैं जवान दीखता हूँ , न ही किसान ..," 
 अब हमने अपने शत्रु पकिस्तान को अपने जवानों व किसानों के जज्बें से हराया..., 

                                मनोज जी आप ऐसे फिल्म बनाओ कि राष्ट्रवाद का उफान जनता में बढ़ता रहे ताकि हमारी ताकत से कोई बुरी नजर न रखे .




इसके पश्चात...,  दिल्ली से मुंबई की २४ घंटे की पश्चिम एक्सप्रेस ट्रेन यात्रा के दौरान मनोज कुमार ने इस फिल्म “उपकार” के पुरे संवाद लिख लिए .


और  इस फिल्म को रिलीज़ के पहिले, व  लाल बहादुर शास्त्री की देशी – विदेशी माफियाओं द्वारा ह्त्या के बाद अश्रु पूर्ण श्रधान्जली देते हुए कहा “जिस प्रधानमन्त्री के लिए मैंने यह फिल्म बनायी वह बन्दा इसे देख नहीं पाया व मेरा यह सपना अधूरा रह गया”

ललिता शास्त्री भी लालबहादुर शास्त्री के मृत नीले शरीर को देखकर, जहर की आशंका के पुख्ता सबूत के लिए  शव विच्छेदन की मांग करती रही जिसे राजनेताओं ने ख़ारिज कर दिया
साभार :
www.meradeshdoooba.com (a mirror of india) स्थापना २६ दिसम्बर २०११ इस लिंक पर click कर   
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इस वेबस्थल  का मुख्य लक्ष्य है 
(Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold.)

देश के ह्त्या दिवस (११ जनवरी ) पर लाल बहादुर शास्त्री को भावभीनी श्रधान्जली

किसी ने अय्याशी की किसी ने तानाशाही की किसी ने वतन लूटा किसी ने कफ़न लूटा किसी ने देशवासियों को घोटाले की फ़ौज से मौज कर.., घोंट दिया, देशी विदेशी शक्तियों ने जय जवान जय किसान के रखवाले की ह्त्या कर , देश की हरियाली ख़त्म कर दी..




वीर सावरकर की दो अचूक.., सार्थक भविश्यवाणीयाँ ...


   १. श्यामा प्रसादजी आपकी देश को बहुत जरूरत है. आप कश्मीर मत जाओं .., आप जिन्दा नहीं लौटेंगें.

२.  ताशकंद जाने से पहले वीर सावरकर ने लालबहादुर शास्त्री को चेताया और कहा “शास्त्रीजी हम जीते हुए राष्ट्र है , रूस के प्रधान्मत्री को हमारे देश मे बुलाओयदि आप ताशकंद जाओगे तो वापस नही आओगे.. और हमारे द्वारा जीता भाग भी लुटा आओगे.

 ३ . ९  जनवरी १९६६ की रात लालबहादुर शास्त्री ने ताशकंद से अपनी पत्नी ललिता शास्त्री को फोन कर कहा “मैं हिन्दुस्तान आना चाहता हूँयहांमुझ पर हस्ताक्षर करने के लिए दवाब डाल रहें है...मुझे यहां घुटन हो रही है...
देश के सत्ता की राजनयिक फौजे बार-बारशास्त्रीजी से कह रही थी...भले हम युद्ध जीत गये हैंयदि आप हस्ताक्षर नहीं करोगे तो आगे अन्तराष्ट्रीय बिरादरी एकजुट होकर देश की आर्थिक स्तिथी बिगाड़ देगी...

३.  इसके बाद उनके कड़े मंसूबेहमारे देश के सत्ता की राजनयिक फौजे तोड़ने में कामयाब हो गयी..१० जनवरी १९६६ के शाम ४.३० बजे , शास्त्रीजी ने जीती हुई जमीन वापस लौटाने व शांती समझौते पर हस्ताक्षर करने के बादउनके पुत्र अनिल शास्त्री को कहा गया ...वे देश के प्रधानमंत्री हैंउनकी सुरक्षा के लिए उन्हें विशेष आवास में अकेले में सुरक्षित रखना होगा
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    ४ .    प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के ताशकंद समझौते के बाद ८ घंटे के बाद , ११ जनवरी तड़के १ बजे,पाकिस्तानी रसोईये द्वारा रात को दूध पीने के बाद उनकी मौत हो गईमौत के समय उनके कमरे मे टेलिफोन नही थाजबकिउनके बगल के कमरे के राजनयिकों के कमरों मे टेलिफोन थाउनकी मौत की पुष्टी होने पर राजनयिकों की फौज दिल्ली मे फोन लगा कर चर्चा कर रहे थे कि अगला प्रधानमंत्री कौन होगा ?

४. अंत तक ललिता शास्त्री गुहार लगाती रहीमेरे पति की मौत की जाँच होआज तक सभी सरकारों द्वाराकोइ कारवाई नही हुई?,
 

५. इस रहस्य को जानने के लियेआर.टी.आई. कार्यकर्ता अनुज धर ने एडी चोटी का जोर लगाने के बादसरकार की तरफ से जवाब मिला कि यदि हम इस बात का खुलासा करेगें तो हमारे संबध दूसरे देशों से खराब हो जायेगें ?
४.  दोस्तों अब सवाल है कि लालबहादुर शास्त्री की ह्त्या का  खुलासा करेगें तो हमारे संबध दूसरे देशों से खराब हो जायेगें ?लेकिन  डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के  ह्त्या की जांच से  क्या देश के नेताओं के आपसी  आंच  में सम्बन्ध खराब होने से, जाँच को चूल्हे की आंच में डाल दिया  

५.  मानवता के उपासक प्रखर राष्ट्रवादी 
महान शिक्षाविद व भारतीय जनसंघ के संस्थापक
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हे व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को 
 
भावभीनी श्रद्धांजलि

Wednesday, 1 January 2020



Politicians can be controlled by the common man

About
Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold.

आओं, पार्टी नहीं देश का पार्ट बने, “मैं देश के लिए बना हूँ””, देश की माटी बिकने नहीं दूंगा , “राष्ट्रवाद की खादसे भारतमाता के वैभव से, हम देश को गौरव से भव्यशाली बनाएं

Mission
जागो और जीतों इंडिया


नए साल की  शुभ कामनायें.., वर्ष  २०२० में देश की प्रगति क़र्ज़मुक्त हिंदुस्तान से हर बन्दे यदि ले सबक़ लें १००० सालों की ग़ुलामी से..., भारतमाता की जन्म भूमि में ख़त्म हो भ्रष्टाचार का भरतनाट्यम् तो ही सार्थक होगा   
Happy new year 2020 💔💔💋💋 

आओ प्रश्न नहीं प्रण ले, देश में भुखमरी, ग़रीबी व उचित इलाज के अभाव से देश के अनुचित नेताओं को अर्श से बर्फ़ के फ़र्श में सुलाकर पूँछे क्या अब जनता की  मौत के सज़ा से अब भी तुम्हारे शरीर की गर्मी की शक्ती , इस ठंडक को चुनौती दे रही / सकती है

Wednesday, 18 December 2019




१.    जरूर पढ़े..,चेतो मोदी सरकार..., माफिया करे हुंकार.., हमारे और भी अच्छे दिनदिन आकर.. अब तो.., सीना तान कर कह रहें हैं हमें मिल रहा है.., मोदी सरकार से पुरूस्कार .

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प्याज मंत्री राम विलास भी राजनैतिक विलासिता का पासा फेंक कर बलवान से (उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री) देश के किसानों व जनता का मर्ज नहीं समझ पाए...!!!, खरबूजे को देखकर खरबूजा रंग बदलता इसी आड़ में सभी सब्जिया महंगाई की दौड़ लगाकर जनता के लिए एक पहेली बन गई है की क्या खाया जाय !!!. अब महंगाई की धार से जनता के खान पान का निर्धारण से जीवन के नैय्या पार हो रही है

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का अटपटा बयान, मैं चटपटा प्याज नहीं खाती हूँ .., अब इस महंगाई से देश की अर्थव्यस्था पटरी से बाहर जा रही है

२. क्योंकि नोट बंदी के बावजूद आज तक नए नोटों से काले धन व जमाखोरों की सम्पती को राष्ट्रीय धननहीं है, घोषित..,, जनता है, शोषित .., इसलिए बढ़ रहा है माफियाओं का जूनून

प्याज मिल्खा सिंग से तेज १५० रूपये के पार व दालें मिसाइलें दौड़ लगा रही कर अपनी पुरानी कीर्तिमान को तोड़ने में होड़ लगा रही है..

३. इसरो के मिसाईल मिशन में कुछ मिसाईले प्रक्षेपण के बाद धराशाही होने के बाद सफलताएं मिली है (चंद्रयान २ ).., लेकिन १९४७ से आज तक माफियाओं द्र्वारा महंगाई के मिसाईल के मिशन में आसमान अनूकूल व खुला होने से अबाध गति से नित्य नए-नए प्रयोगों से सफल हो रहें है..

४. मिसाईल मैंन अब्दुल कलाम की आत्मा भी इस दिन को देखकर तड़फ कर आंसू बहा रही है.., मौत से पूर्व लोकसभा की हुड्दंग व आतंकवादियों की धटना से वे हो गए थे दंग कि पिछली सरकार के संविधान के दाग अब भी धुलने वाले नहीं हैं .., वे देश की ज्वलंत समस्याओं से आहत होकर इस देश को छोड़ कर चले गए

५. चेतो मोदी सरकार.., जो माफिया अब भी आपको चहेते समझते है.., उनका भ्रम तोड़कर.., अब तो कुछ कार्यवाही करें ताकि महान राष्ट्रवादी भारत रत्न महामहिम राष्ट्रपति DR. APJ ABDUL KALAM व स्वेत / श्वेत व हरित क्रांति के नायक लालबहादुर शास्त्री की आत्मा को शांती मिले

६. देश का अन्नदाता किसान १९४७ से MAKE IN INDIA से भारत की तस्वीर से MADE IN INDIA बनाने के बावजूद माफियाओं द्वारा मूल्य के शोषण से ४० लाख से अधिक किसान आत्महत्या कर चुके हैं

७. दोस्तों .., याद रहे.., “आराम हराम हैके नारे से विदेशी हाथों से, अमेरिका के सड़े गेहूं के निवाले से.., देश की जनता को बुजदिल बनाकर , हमारे सेना के हौसले तोड़कर चीन से मिली हार .., और नेहरू की मौत के बाद भारी कर्ज का शौच.मात्र १८ महीनों में प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री ने साफ़ कर दिया था
.., जबकि मोदी सरकार के कार्यकाल -२ में ८ महीने बाद जनता के महंगाई से कच्छे पहिनने के दिन आ गए है.

८. याद रहे..., प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री ने इस सड़े गेहूं को बंद कराकर .., अमेरिका से कहा हम ऐसा गेहूं खाने के बजाय मरना पसंद करेंगे ..,” देश के भू धन व पशु धन से.., देश के जवानों व किसानों के बुद्धी बल कर्म बल को पहचान कर, “जय जवान जय किसानके ज्वलंत नारे से .., हमारे अंग्रेजों के जमानों के हथियारों से.., अमेरिका के कभी न नष्ट होने वाले पेटंट टैंक का दावा करने का भ्रम तोड़ कर .., सेना के जज्बे से विश्व आश्चर्य चकित हो गया.

९. देशवासियों के अच्छे ही नहीं उन्नत दिन आकर ,देश विश्व गुरु बनने की दहलीज पर खड़ा था तब विदेशी ताकतों ने देशी माफियों के साथ मिलकर इस लाल का खून जहर से नीला कर , देश को पुन: विदेशी हाथों में जकड़ दिया और आज तक देश विश्व की आर्थिक गुलामी का शिकार होकर प्रत्येक व्यक्ती पर ७५ हजार रूपये से अधिक विश्व बैंक का कर्जा है.

१०. चेतो मोदी सरकार देश..,देशी- विदेशी माफियाओं से नहीं.., आप तो १२५ करोड़ की आबादी में ६५% युवा होने का तो दंभ भरते हो.
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११. गावों में लाखों अब्दुल कलामहैं., व सावरकर की विचारधारा से सिर्फ उनका जज्बा जगाने की जरूरत है.., लेकिन आपके शासन के इन युवाओं के ६८ महीने की आयु इस विदेशी कटोरे से धन बटोर कर योजनाएं बनाने में बर्बाद हो गए हैं ..,अब विदेशी धन से ये योजनाएं.., पिछली कांग्रेस सरकारों की तरह ही विदेशी हाथो संग मिलकर भोजनाएं बनेंगी..,

१२. सच्चाई है कि.., भ्रष्ट सरकारी कर्मचारियों के काले धन को खंगालने से तो देश का कर्ज चुक जाएगा व अधिकांश भ्रष्ट मीडिया-माफियाओं-राजनेताओं-नौकरशाहों-जजशाहों का अकूत धन निकाले तो देश का एक रूपया = १ डॉलर हो जाएगा. डूबते देश की पतवार देशवासियों के हाथ आकर, देश ६ महीने से भी अल्प समय में मेक इन इंडिया से विश्व गुरू से MADE (बन) जाएगा

जागो देशवासियों , डूबते देश को बचाओ... वह दिन दूर नहीं... कहीं हम दूसरी बेड़ी में न जकड़ जाएँ....?????, दोस्तों क्या ये भ्रष्टाचार के विकास के नाम पर भारत निर्माणके नारे से आम आदमी का विनाश…??? यामेरा देश डूबा..???

Friday, 15 November 2019

मोदीजी तुस्सी ग्रेट हो.., पकिस्तान के पुलवामा हमले के बाद प्रतिशोध कैसे लिया जाता है यह बालाकोट में सर्जिकल हमला कर आतंकी कैम्पों को धराशाही कर, दुश्मन ने इस हमले को विश्व मंच में  शिकायत करना खुद को शर्मिन्दा समझकर चुपचाप रहना ही बेहतर समझना पड़ा ..







ब्रिकस 
२०१९ से G20 देशों से विश्व के विभिन्न मंचों से मोदीजी  आपकी आतंकियों के प्रति हुंकार से अमेरिका ने भी बगदादी को मारने का बीड़ा उठाकर एक सफल अभियान किया · 

मोदीजी तुस्सी ग्रेट हो.., BRICS नही विश्व के आतकवादियों की BRICKS को तोड़ना जरूरी है.., २०१४ से आपकी नीती काम आई, समय के साथ राजनीती से कूटनीती से विश्व को कैसे पांवों तले रौदा जा सकता है .., सुपरपावर को समय से पावर से पावडर बनाकर.., उन्हें ही उनके पावडर लगाकर एक कृत्रिम चहरे को चमकार , उनके सत्कार से देश की रक्षा का चमत्कार हो सकता है .., भले भी चीन आज आपकी आतंकवाद विरोधी नीती से गर्दन झुकाकर सहमती न देकर अपना दाँव खेल रहा है.., लेकिन इस  दिन के अब दूरी ख़त्म होकर...,  आपके ५ साल के शासनकाल के बाद भी दुश्मन  घुटने टेकते हुए मिला ...



July 19, 2014 की पुरानी सार्थक पोस्ट


जरूर पढ़े..,मोदीजी तुस्सी ग्रेट हो.., भले ही फ़ुटबाल में हमारा नम्बर १५० देशों के बाद है.., पिछले १० सालों में हम आतंकवाद को रोकने में फिसड्डी देशों में शामिल हों.., आतंकवादी हमारे यहाँ कबड्डी के कबाड़े का खेल खेलकर, वापस चलें जाते है..


लेकिन नयें नवेले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ब्राजील के ब्रिक देशों के समूह में गोल मारकर, अपने स्वाभिमानी गर्जना से सात समुंदरी देशों के सुप्रीमों से विश्व के देशों में हमारी ताकत की झलक दिखा कर, दुनिया में हलचल मचाकर, महाबली देशों के, लूट के खेल बंद होने की आहट से आहत होने से खलबली मची है...

भले ही मानसूनी बादलों की देश भर में गर्जना नहीं हुई है...,लेकिन मोदीजी की गर्जना से विदेशी ताकतों की पेंट पैंट गीली हो गयी है..,अभी दो दिन पहले लद्दाख में हमने चीनी सेना की घुसपैठ को नाकाम कर दिया है...

पिछले १० सालों में हमारे प्रधानमंत्री से राजनयिकों ने, जो वार्ता के बहाने पिकनिक- पर्यटन (PICNIC) मनाने गए थे..., और देशवासियों में (PANIC) दहशत से आतंकवादियों को सत्कार से चिकन बिरयानी खिलाकर मीडिया व विदेशी ताकतों से वाहवाही पाते रहे...


देशवासियों के अच्छे दिन तो आने वाले हैं लेकिन विदेशी ताकतों के बुरे दिन आ गए हैं...




Deshdoooba Community
21 March 2014 की पोस्ट के अंश यह है कांग्रेस के घोटाले का महापुरूष , चाटुकार, सोनिया गांधी को भारतमाता कहने वाले खुर्शीद सलमान के कांग्रेस के मीठे प्रवचन ... जो सोनिया को भ्रष्टाचार से अपनी सता को सलामत मान (सलमान) कर खुशी की ईद (खुर्शीद) मना रहा है... अभी मनाओं जश्न... ६० दिन से भी कम का समय है.... कौन भ्रष्टाचार से नपुंसक बनता है ... जनता अपनी वोट की जादुई छड़ी से जबाब देगी , जो तुम बार बार कह कर ..कहे..कहे.. लगाकर जनता का उपहास करते थे ... तुम्हारे पुतले प्रधानमंत्री ने तो १५ अगस्त को लाल किले से जनता का उपहास उड़ाते हुए , कहा था हमारे पास जादुई छडी नहीं है .. कि महंगाई दूर हो जायेगी , असल में आपने यह जादुई छड़ी देश व विदेश के माफियाओं कों .., जनता को मारने के लिए दे दी है... अब जनता इसका हिसाब मांगेगी

वाह रे विकलांग , मना खुशी का आलम ,
क्या अब चीन जाकर क्या देश को और भी विकलांग बनायेगा..??? देश के विकलांगो की लूट मे छूट की वीरता से धन कमाकर ... तू विदेश मंत्री बना... अब चीनी दुश्मनों को...???, अब तो लूट मे छूट की वार्ता मे चीन जा रहा है...??? यह पब्लिक है सब जानती है, अंदर कितना खाया है..?? बाहर कितना विकास का दिखावा है... और देश का कितना भट्टा बिठाया है... दोस्तों क्या ये भ्रष्टाचार के विकास के नाम पर आम आदमी का नाश...??? या मेरा देश डूबा..???

Deshdoooba Community
February 5, 2014 की पोस्ट के अंश
देश के, चीन से हाल ही के गुप्त समझौते से...????, चीन से लौटे विदेश मंत्री विकलांग खुर्शीद सलमानजो देश के विकलांगो की लूट मे छूट की वीरता से विदेश मंत्री बनाने देश की अस्मिता को ताक में रखकर चीन की भव्यता को देखकर , चीनी सरकार को अपना बाप मानकर बयान दिया …., “...यदि मुझे चीन की नागरिकता मिले तो, मैं चीन में ही रहना पसंद करूंगा मैं चीन के विकास से बहुत ही प्रभावित हुआ हूँ ....

अब सोनिया गांधी को भारतमाता कहकर …, अब , “खुशी का आलमबनकर, जवानों को घटिया खाने के घोटाले बनें..., भ्रष्टाचारियों के मयखाने से...., विदेशीयों के लिए तोहफे खानों का उपहार से अब, ये कर रहा है दुश्मनों का उपकार ..!!!

जागो देशवासियों , डूबते देश को बचाओ... वह दिन दूर नहीं... कहीं हम दूसरी बेड़ी में न जकड़ जाएँ....?????, दोस्तों क्या ये भ्रष्टाचार के विकास के नाम पर भारत निर्माणके नारे से आम आदमी का विनाश…??? यामेरा देश डूबा..???


Thursday, 14 November 2019

सुप्रीम कोर्ट की अब पक्की मुहर , रफाल पर अब कोई नहीं बबाल, विपक्षी पार्टियों के अब पंख क़तर गए हैं ..., अब हुई वीर परमवीर सावरकर की उक्ती साकार “शक्ती ही शक्ती का सम्मान करती है” , विश्व में दुर्बल बनकर देश का इतिहास नहीं संवारा जा सकता है..




सुप्रीम कोर्ट की अब पक्की मुहर , रफाल पर अब कोई नहीं बबाल, विपक्षी पार्टियों के अब पंख क़तर गए हैं ..., अब हुई वीर परमवीर सावरकर की उक्ती साकार शक्ती ही शक्ती का सम्मान करती है” , विश्व में दुर्बल बनकर देश का इतिहास नहीं संवारा जा सकता है..



अब पकिस्तान पर  प्रहार पर प्रहार..,बनी मोदी की दुधारी तलवार
देश में विरोधियों का चीत्कार, कोलाहल.., कहें मोदी नहीं हैं  देश के चित्रकार ..,

अब मोदी कहें.., इस कोलाहल से बनाऊँ इन्हें कोल्हू का बैल से राजनीती में ध्वस्त करूं इनके विचारों के चित्र का अस्तित्व
राफेल / मिराज २००० की धार पहुंची सीमा पार ,
अब नहीं होने दूंगा देश का बंटाधार




यह मोतीलाल नेहरू का योग या संयोग, कहा जाए, जो १४ फरवरी VALENTINE DAY के ठीक ९ महीने बाद, १४ नवम्बर को जवाहरलाल नेहरू को जन्म दिया...!!!!, देश की अय्याशी को बाल दिवस से संजोया गया




यह मोतीलाल नेहरू का योग या संयोग, कहा जाए, जो १४ फरवरी VALENTINE DAY के ठीक ९ महीने बाद, १४ नवम्बर को जवाहरलाल नेहरू को जन्म दिया...!!!!,  देश की अय्याशी को बाल दिवस से संजोया गया 

याद रहे..., मोतीलाल नेहरू राजा-महाराजाओं के विवादों के वकालत से अपने बेशुमार आय से, अधिक व्यय-भिचार से हिंदु संस्कृति को भ्रष्ट करने की वजह से काश्मीरी हिन्दुओं ने उन्हें अपने समाज से निकाल फेंका था...

और इसी क्रिया को उनके पुत्र जवाहरलाल नेहरू ने बरकरार रखते हुए..,सत्तालोलुप बनकर, सत्ता परिवर्तन (१९४७) के बाद कहा था

नेहरु का हिन्दू-विरोधी वक्तव्य था... जवाहर लाल नेहरु, बहुत बार कहा करते थे कि ..., “मैं जन्म के संयोग से हिन्दू हूँ, संस्कृति से मुसलमान और शिक्षा से अंग्रेज हूँ.उन्हें हिन्दुओ की भावना की रत्ती भर भी परवाह नहीं होती थी,जिनके वोटो के बल पर उन्होंने सत्ता प्राप्त की थी.

वही हाल, एक तरफ तो पंडित नेहरु के नाती, राजीव गाँधी का हिन्दू-विरोधी वक्तव्य दिया.., राजीव गांधी ने हिन्दुस्थान का प्रधानमंत्री होते हुए भी सन्डे टाइम लन्दन को एक साक्षात्कार में नि:संकोच कहा की मेरे नाना जवाहरलाल नेहरु एक नास्तिक (एग्नास्टिक) थे. मेरे पिता पारसी (गैर हिंदू) थे, मेरी पत्नी इसाई है, और मैं किसी धर्म में विश्वास नहीं करता.

क्या..??, एक अय्याश व्यक्ती के नाम बाल-दिवसमनाना उचित है..,

देश का बाल दिवस तो हिन्दू संस्कृति के अनुसार गुड़ी पाडवाके दिन , नूतन दिवस में, नई किरणों से बाल निर्माणके साथ राष्ट्र निर्माणकी अलख से, हो, तो..., देश एक नए उजाले की ओर अग्रसर होगा.., और देश के २०० सालों की गुलामी से उपजी.., ६८ सालों की अंग्रेजीयत की बीमारी दूर होगी...

देश के धनाड्य वर्गों के, अंग्रेजी संस्कृति का बखान करने वालों को, यह देश का १३०वां WELL-IN-TIME और CHILDREN DAY- CHILD-MOTHER, RUN DAY के अनुयायिओं को समर्पित...

बाल दिवस या भूखमरी से बालकों का, बलि दिवस... देश में सालाना ३ करोड़ बालकों की.., कुपोषण ईलाज के अभाव से सरकारी योजनाओं को भोजनायें बनाकर, मृत्यु ...

यूरोपीय देशों में अवैध रूप से रोपे गए बच्चे.., उनकी सरकार गोद ले लेती हैं..., व उनके लालन-पानन की व्यवस्था की जिम्मेदारी सुचारू रूप से चलाती है...
लेकिन मेरे देश में गरीबी रेखा व उसके नीचे वैध बच्चे,जो बुढ़ापे में सहारा होते हैं.. , माफियाओं द्वारा चुराकर, भीख मांगने व वेश्या वृति व्यवसाय में धकेल दिए जातें हैं...,
देश में पुलिस के नाक के तले , निठारी काण्ड से बच्चे, , मानव भक्षियों के शिकार होकर, पुलीस थाने के सामने नालों में फेंक दियें जाते है...

सत्ताखोर व पुलिस भी इसे माफियाओं का आम खेल मानकर.., रिश्वत की रूई से अपने, आँख- कान बंद कर लेते है..., गरीबी लोग रोते बिलखते इन अपने मासूम बच्चों की तड़फ से अपनी नारकीय जिन्दगी गुजार देतें है...,

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को लताड़ लगाते हुए, पूछा..., देश के करोड़ों.., लापता मासूम बच्चों के बारे में क्या कारवाई की है...

याद रहे.., अन्ना आन्दोलन के चरम सीमा में पहुँचने के पहिले, जब उन्होंने रामलीला मैदान में रैली के लिए अनुमति मानी, तो मनमोहन सरकार ने उन्हें इस रैली की जगह, जयप्रकाश नारायण पार्क में रैली की अनुमती दी.., वह भी शर्तों से.. कि रैली में ५००० से ज्यादा की भीड़ नहीं होगी, व ५० से ज्यादा कारों व स्कूटर की पार्किंग नहीं दी जायेगी.., जैसे यह अन्ना का यह शादी समारोह हो..

उसी समय यूरोपीय देशों में नारी का पुरूषों से, समाधिकार की आवाज में , महिलाओं ने तर्क के साथ कहा कि यदि पुरूष बिना ऊपरी वस्त्र के सडकों पर चल सकते हैं तो महिलाएं क्यों नहीं ...,

इसी विरोध में, उन्होंने ऊपरी वस्त्र खोलकर सडकों में SLEDGE –SHOW का प्रदशन प्रदर्शन किया ..., तब हमारे देश की INDIAN व अंग्रेजी से पेट भरने वाली धनाढ्य महिलाओं ने इस आन्दोलन के समर्थन में गुहार लगाई तो, देश का महिला अधिकार आयोग भी इस की मुखालत करते आगे आया तो.., उनके मनानुसार उन्हें , जंतर मंतर से संसद भवन तक SLEDGE –SHOW की अनुमती मिली ...,

अभी तो, खुले रास्ते में चुम्बन दिनमना कर इंडियन वर्ग अपने को अभिमानीत कह, गर्व मना रहा है...,

विदेशी धन , विदेशी संस्कृति के निवाले..., को देश की जनता पर थोपने का अधिकार...

क्या यह अंग्रेजी आवरण के छुपे खेल में भारतीय संस्कृति पर पर प्रहार नहीं है...!!!!