Sunday 19 May 2024

हिंदुत्व के बंधुत्व को तुष्टिकरण से नष्ट करने का ख़्वाब देखने वालों का अब हिसाब होगा व नक़ाब उतरेगा



 बाला साहेब ठाकरे ने नरेंद्र मोदी के हिंदुत्व की धार को सबसे पहिले पहचाना व गोधरा में मासूम रेल यात्रियों को मिट्टी का तेल डालकर व जलाकर मारने की प्रतिक्रिया की पुनरावृत्ति न हो इसके कड़े कदम व प्रतिक्रिया से मोदीजी की खूब प्रशंसा की व प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयी के संदेश को हिंदुत्व के कर्म पथ  को भटकाने वाला वक्तव्य बताया 


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मोदी को हिंदुत्व के मील का पत्थर बताते हुए इसे कर्तव्य पथ मानकर बीजेपी के साथ बिना सत्ता के लाभ पर भी साथ -साथ रहने की हिंदुत्व के अटूट गठबंधन की क़सम खायी थी


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ये क्या…!!!, बाल ठाकरे के मृत्यु के बाद उनकी वंशावली की प्रहर पीढ़ी सत्ता की सीढ़ी अपने कर्म पथ को भूलकर येन केन प्रकेरेन सत्ता हथियाने के लिए विरोधी पक्ष के साथ चाटुकारिता व तुष्टिकरण से अपने ही पार्टी के कार्यकर्ता की अवहेलना से महीने के १०० करोड़ से अधिक की धन उगाही व अपने पुत्र को फ़िल्मी नायिकाओं के जिस्म के खेल का पर्दाफ़ाश के डर से सुशांत राजपूत की हत्या से कंगना राणावत द्वारा प्रतिकार से उसका घर तोड़कर समाचार मीडिया के अर्नब गोस्वामी को जान से मारने के धमकी से , व तुष्टिकरण को ढाल बनाने के खेल से उद्धव सेना ऐसे ध्वस्त हुई की स्वन्य पार्टी के वफ़ादार भी इस दामन को दाग़दार होने से पहिले वंशवादियों  को गहरा दंश देकर सत्ता व चुनाव चिन्ह से बेदख़ल कर , बता दिया कि पार्टी पर वंश का अधिकार ख़त्म किया जा सकता है



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दिल्ली के दिल में ख़ंजर भोकनेवाले  खंजरीवाल का अनुसरण करने वाले उधव ठाकरे का घमंड कंगना रानावत ने तोड़ दिया है वही हाल अब केजरीवाल का होगा 


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कुर्सी के दत्तक पुत्र से सिर्फ एक शहर से 100 करोड़ के मासिक कमाई की मानसिकता से माफियाओं के राजनैतिक संगठन के जोड़ से मेरा घर तोड़ने वालों.अब तुम्हारा घमंड टूटने के बाद भी,दिसा के बलात्कार से हत्या की फ़ाइल गायब कर तुम फूले नही समा रहे हो.,तुम्हें धिक्कार 



सुशांत  के मौतका खेला के चार साल का खेला पूरा.न्याय के लिए भटकती आत्माओं का मेला. जजशाही संविधान से बना रही है माफियाओं को पहलवान 


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दोस्तों, प्रदेश के साथ, यह देश को डूबोनें की बड़ी मार्मिक तस्वीर

पालघर में साधु संतों के हत्याओं के बाद, महाराष्ट्र सरकार का प्रतिमाह १०० करोड़ के सिर्फ मुंबई शहर के भ्रष्टाचार का खेला के बावजूद भी सिंहासन नही डोला…!!!


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शिवसेना के मेमने को सन्देश...,  


तूने कंगना का घर तोड़ा लेकिन अपना अक्कल का  दाढ भी  “उखाड़ दिया” अब इस सांडपना (BULL) के  Bulldozer का खेल छोड़ दे, सावधान...,  अब कंगना का डोसियर (Dossier) आने से, जनता अपने  डोस से, तुझे सत्ता से “उखाड़  देगी”  



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अब, सब कुछ लुटा के होश

में आये तो क्या किया…


दिन में अगर भ्रष्टाचार व तुष्टिकरण का चराग़

जलाये तो क्या किया


प्रयत्न व साभार 

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- संविधान के रक्षक २०१४ से अब तक -


 

मोदी नाम के इस एकमेव योद्धा शेर ने..., जातिवाद भाषावाद, धर्मवादियों की वादियों को ख़त्म कर दिया है.., व बंगाल सीमा पर घुसपैठीयों के बम बनाने के ठिकानों को ध्वस्त कर.., ममता बेनर्जी को पस्त कर दिया है...,

सीमा पार दुश्मनों के दुश्मनों में खलबली है..., देश में WWF का खली पहलवान के शासन से, देश बली है..., दुश्मन करें चीत्कार..., कैसे मोदी बन गए है. सत्ता के चमत्कार..., 


सिकंदर ने कहा था भेड़ों का राजा यदि शेर हो, तो उसे मैं, पराजित नहीं कर सकता हूँ .., यदि शेरों का राजा यदि भेड़ है तो तो उसका भेद लेकर, उस सेना को परास्त करना मेरे लिए बहुत आसान है..

अभी हाल ही में.., हमारे प्रधानमंत्री ने भी कहा था.., हमारे देश के शेर, भेड़ों के शासन में रहकर .., उनका D.N.A. बदल रहा था..., अभी मैं . उन्हें शेर के रूप में उनका पुराना स्वरूप जगाऊंगा .


दोस्तों ..., सत्ता परिवर्तन को..., आजादी का झांसा देकर.., हम देशवासियों को बरगलाया गया ...

१९४७ में गांधी , देश को ऐसे मुहाने में छोड़ दिया था..., जो ,अंग्रेजों की मिलीभगत से देश में खूनी होली से ५ लाख हिन्दुस्थानियों की बलि से.., देश के टुकड़े से सीमाओं के निशान, लाल रंग से नदियों के रूप में प्रवाहित हो रहे थे.., अहिंसा का सिद्धांत का नायक.., यम दूत बनकर.., मौत का नंगा नाच खिलवा रहा था


इसके बावजूद, कांग्रेसी अखबार नेशनल हेराल्ड ने.., गांधी को महात्मा व बापू की उपाधि से HERO-HOLD हीरो बताया .., व नेहरू को दंडित करने के बजाय “पंडित” के नाम से नवाजा गया ..., उनके अय्याशी के कारनामों को नजर अंदाज किया ..., इसके साथ-साथ छोटे अखबार भी पेट भरने के लिए पिछलग्गू बनकर..., देश की गरीबी , भूखमरी की मार्मिक तस्वीर को छुपाकर ...,


गांधी की गंदी राजनीती व जवाहर के जहर को अमृत दर्शाकर ..., अनपढ़ गरीब जनता को तो, देश के सरकारी अंग्रेजी बाबूओं के तलवे चाटुकारों की स्तुती से.., देश को कर्ज के गर्त में डाल दिया ..


हमारी देश की हरियाली, जो १९४७ तक, किसानों के जीवन में दिवाली होती थी .., उसे कर्ज के मर्ज से सत्ताखोरों ने मतवाली बनाकर देश को.., आज, १००० साल पीछे छोड़ दिया है...


याद रहे ११ शताब्दी के विदेशी आक्रमणकारियों के “गुलामी के इतिहास” से आज तक देश में लोगों का जो गरीबी ग्राफ है.., वह कभी इतना ऊंचा नहीं रहा.., जिससे किसान आत्महत्या कर रहें है..., व उल्टे देश के सत्ताखोरों जिराफ ने ऊंची गर्दन कर देश को “आराम हराम है...”, “गरीबी हटाओं” , “मेरा भारत महान”, “इंडिया शाईनिंग” व “भारत निर्माण” की हुंकार से देश को डूबोया है...


संविधान के रक्षक-

आज ७७ सालों से इस संविधान को राष्ट्रनीती की बलि देकर,==(सिर्फ लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल को छोड़कर)== देश को, सत्ता के अफीमी नारों से लोमड़ीवाद के खेल से अशोक स्तंभ के शेरों को घायल कर अफीमी नारों से देश को चलाया है.....,देश विदेशी आकांओं के मकडजाल में फंस कर..., कर्ज के गर्त में जाकर भीषण गुलामी की ओर धकेला जा रहा है....

ऊपर से देश के ३३ हजार कानूनों को इस लोमड़ी वाद ने जनता को इस जाल में फंसाकर ..., न्याय प्रकिया में घर-बार बिकाकर ..., लड़ने की प्रतिरोध की शक्ति खत्म कर दी है....,



इस लोमड़ी वाद ने अपने लूट पर लूट के कारनामों में खुली छूट लेकर, क़ानून की हथकड़ी को जोड़कर , झूला बनाकर, नौकरशाही से झूला झूलाकर , संविधान का मसीहा कह कर ....काले धन की रकम डकारकर ...अकूत सम्पत्ती के साम्राज्य से कोई दंड से धन नहीं लौटाया है....,



जनता को क़ानून के जाल में फांसकर तारीख पर तारीख देकर, घर बार बिकाकर , लड़ने की शक्ति से हताश कर बेबस कर दिया है...,


इस लूट के बावजूद अब भी अपने को संविधान का मसीहा कहकर फूले नहीं समा रहें है....

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जानें........, -हिंदुस्थान का अशोक स्तंभ – के चिन्ह का अर्थ ....,

हमारा राष्ट्रीय चिह्न, अशोक स्तंकभ (अशोक चिह्न में इसे इस प्रकार से दर्शाया गया है कि इसमें प्रदर्शित चार शेर और सामने से दृष्टिगत शेरों के चार पैर परम् मौलिक ऊर्जा के चार अंशों का प्रतिनिधित्व करते हैं। किसी भी दिशा से सामने देखने पर शेरों के तीन मुँह और चार पैर ही दृष्टिगोचर होते हैं। जिससे यह तात्पर्य निकलता है कि इस मौलिक ऊर्जा के चार अंशों में से तीन अंश ऊपर उठकर आकाश में अवस्थित हैं, शेर के माध्यम से इस मौलिक ऊर्जा की अभिव्यक्ति इसे सर्वशक्तिमान प्रतिपादित करती है। अशोक चिह्न में शेरों के आधार पर स्थित पशु और चक्र, इस परम मौलिक ऊर्जा के एक अंश का प्रतीक होकर दृश्य जगत का भाग है। इसमें चिह्नित अश्व एवं गाय चैतन्य जगत का प्रतिनिधित्व करने के साथ, परम मौलिक ऊर्जा तथा प्रकृति को अभिव्यक्त करते हैं। अशोक चिह्न में चैतन्य जगत को अश्व एवं गाय के द्वारा अभिव्यक्त किया गया है।




Wednesday 15 May 2024

वतन के रखवाले : २६ मईं सन् २०१४ से आज तक


 मेरे शहर के घर के पास बंबई में घाटकोपर के नुक्कड़ से रोड शो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी आये हैं 



उनके स्वागत में संविधान के रक्षक के दहाड़ का Animation / चलचित्र उन्हें समर्पित है 

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Wednesday 8 May 2024

“आम व मिठाई” की मिठास से तुम्हारे शरीर में In-sulin लगाकर हमारी In-sult मत करो , हम तुम्हारे शरीर की शक्कर जड़ से निकाल कर शहद बनाकर तुम्हें “आम” से “ख़ास आदमी ” बनायेंगे

 

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“आम व मिठाई” की मिठास से तुम्हारे शरीर में In-sulin लगाकर हमारी In-sult मत करो , हम तुम्हारे शरीर की शक्कर जड़ से निकाल कर शहद बनाकर तुम्हें “आम” से “ख़ास आदमी ” बनायेंगे

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Don't insult us by injecting insulin into your body with the sweetness of "mango and sweets", we will extract the sugar from your body and turn it into honey and make you a "special person" from "mango".

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क्या अब सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय जज जो इस ज़िद पर अड़े हैं की भारतीय संविधान के ७३ साल बाद एक विशेष प्रावधान के तहत केजरीवाल को अंतरिम जमानत दिया जाय व केजरीवाल को कृष्ण की उपमा से नवाज़ा जाएँ 




जो देश के भविष्य के लिए गुण्डाजीयम में मील का पथर बनकर देश को दुर्दशा की ओर ही ले जाएगा 


यह आज का सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश का निर्णय देश का भविष्य का निर्णय होगा ..!!!



Monday 6 May 2024

-चुनाव २०२४ - “झुकती है दुनिया, झुकानें वाला चाहिए “ २०१४ से २०२४



चुनाव २०२४ -  


“झुकती है दुनिया, झुकानें वाला चाहिए “ 

२०१४ से २०२४ 


“आतंकवाद की बपौती के ख़ात्मे से दूर कर दी देश की पनौती..” 


“मोदी लाओ - देश बचाओ”  


प्रयत्न व साभार  


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Friday 26 April 2024

-चुनाव २०२४ - “मोदी लाओ देश बचाओ” आतंकवाद बनी चुनौती अब भगायें मोदी इस देश की पनौती









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-चुनाव २०२४ - 

“मोदी लाओ देश बचाओ”


आतंकवाद बनी चुनौती अब भगायें मोदी इस देश की पनौती..,


देशी विदेशी ताक़तों व जातिवाद की ज़हरीली बेल व देश को डुबोने वालों की साज़िशों का अब ख़त्म होगा खेल 


“वेतन लेकर वतन बेंचकर काले धन जमा करने वालों का हिसाब होगा “ क़ानून में गिद्धों का नक़ाब उतरेगा 




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Wednesday 24 April 2024

आ रहा है प्रथम चरण का चुनाव का त्योहार.., हो रही है वादों की बौछार .. , नशे के सौदागरों की हो रही बहार ..


आ रहा है प्रथम चरण का चुनाव का त्योहार..,  

हो रही है वादों की बौछार .. , नशे के सौदागरों की हो रही बहार ..

इस चुनावी बाढ़ में बहे जनता के अरमान व ७७ सालों के लोकतंत्र के आड़ में लूटतंत्र का यह अबाध खेल चल रहा है ,

चुनाव के चर्चे में मीडिया भी अपनी जेब भर रही है 

परीक्षा के पर्चे लीक से देश की प्रतिभा का भक्षण कर माफिया माला माल हो रहा है 

इस जातिवाद भाषावाद , घुसपैठ की चासनी में जनता को जलेबी बनाकर सत्ता के माफिया लूटतंत्र के मिठास का आनंद ले रेहें है 

प्रयत्न व साभार 

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(Under Construction)