Saturday, 14 February 2026

VALENTINE DAY बनाम WELL-IN-TIME , आज देश, पाश्चात्य संस्कृति के कुआँ में गिरने / गिराने का खेल


 



Who is in the Epstein files? Gandhi -Nehru and others ….!!!!

Who is in the Epstein files? Gandhi and others…!!!

VALENTINE DAY बनाम WELL-IN-TIME , आज देश, पाश्चात्य संस्कृति के कुआँ में गिरने / गिराने व आज का युवा वर्ग तो प्रभात के ब्रम्ह मुहर्त में उठकर, फेसबुक, ध्वनी यन्त्र में प्रेम मंत्र से अपना व सह्पाठीनीयों के साथ पाठन करता है...

१५ अगस्त के प्रभात फेरिया का, इन प्रेमी फोबियाओं की वजह से आज, आलस दिवस के साथ विश्राम दिवस से देश के विश्वास का श्वास खोता जा रहा है....
१९६२ में भारतमाता के टुकडे करने वाले जवाहर लाल नेहरू ने तो लता मंगेशकर से “ऐ मेरे वतन के लोंगों , ज़रा आँख में भर लो पानी “ के गीत से अपनी कमजोरी छुपा ली थी ...

आज इन तीन शहीदों के फांसी के फरमान के बावजूद , आँखों से पानी नहीं निकले थे..., उनहोंने तो भारतमाता की गोद में सोने में अपना सौभाग्य समझा......

आज का युवा वर्ग पाश्चात्य संस्कृति में मदहोश होकर, मानवाधिकार संगठन भी ढाल बनकर, इनकी हिमायत कर देश को गर्त में डाल रहा है...,
यह मोतीलाल नेहरू का योग या संयोग, कहा जाए, जो १४ फरवरी के ठीक ९ महीने बाद, १४ नवम्बर को जवाहरलाल नेहरू को जन्म दिया...!!!!,

याद रहे..., मोतीलाल नेहरू राजा-महाराजाओं के विवादों के वकालत से अपने बेशुमार आय से, अधिक व्यय-भिचार से हिंदु संस्कृति को भ्रष्ट करने की वजह से काश्मीरी हिन्दुओं ने उन्हें अपने समाज से निकाल फेंका था...
और इसी क्रिया को उनके पुत्र जवाहरलाल नेहरू ने बरकरार रखते हुए..,सत्तालोलुप बनकर, सत्ता परिवर्तन (१९४७) के बाद कहा था


नेहरु का हिन्दू-विरोधी वक्तव्य था... जवाहर लाल नेहरु, बहुत बार कहा करते थे कि ..., “मैं जन्म के संयोग से हिन्दू हूँ, संस्कृति से मुसलमान और शिक्षा से अंग्रेज हूँ.” उन्हें हिन्दुओ की भावना की रत्ती भर भी परवाह नहीं होती थी,जिनके वोटो के बल पर उन्होंने सत्ता प्राप्त की थी.

वही हाल, एक तरफ तो पंडित नेहरु के नाती, राजीव गाँधी का हिन्दू-विरोधी वक्तव्य दिया.., राजीव गांधी ने हिन्दुस्थान का प्रधानमंत्री होते हुए भी सन्डे टाइम लन्दन को एक साक्षात्कार में नि:संकोच कहा की ‘मेरे नाना जवाहरलाल नेहरु एक नास्तिक (एग्नास्टिक) थे. मेरे पिता पारसी (गैर हिंदू) थे, मेरी पत्नी इसाई है, और मैं किसी धर्म में विश्वास नहीं करता.’


क्या..??, एक अय्याश व्यक्ती के नाम “बाल-दिवस” मनाना उचित है..,
देश का बाल दिवस तो हिन्दू संस्कृति के अनुसार “गुड़ी पाडवा” के दिन , नूतन दिवस में, नई किरणों से “बाल निर्माण” के साथ “राष्ट्र निर्माण” की अलख से, हो, तो..., देश एक नए उजाले की ओर अग्रसर होगा.., और देश के २०० सालों की गुलामी से उपजी.., ७९ सालों की अंग्रेजीयत की बीमारी दूर होगी...


देश के धनाड्य वर्गों के, अंग्रेजी संस्कृति का बखान करने वालों को, यह देश का १३१ वां WELL-IN-TIME और CHILDREN DAY- CHILD-MOTHER, RUN DAY के अनुयायिओं को समर्पित...
प्रयत्न व साभार 

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दू:ख के साथ लिखना पड़ रहा है कि,यह बंदा जिसके लिए हर दिन १४ फ़रवरी का वासना दिवस था

Who is in the Epstein
files? Gandhi -Nehru and others ….!!!!
दू:ख के साथ लिखना पड़ रहा है कि,यह बंदा जिसके लिए हर दिन १४ फ़रवरी का वासना दिवस था

देश का व्यभिचारी जो मासूम लड़कियों व औरतों के यौन शोषण के बावजूद आज भी आजादी के झाँसे से प्रदूषित इतिहास से “बापू”- “महात्मा” “राष्ट्रपिता” व १९४७ के बंटवारे से ३० लाख हिंदुओं के बर्बर कत्ल के बावजूद “अहिंसा के पुजारी “ के नाम से आज भी विभूषित हैं
जब तक देशवासियों को इस देश का सही इतिहास पढ़ाकर देश की चेतना जागृत होने से ही देश का शुद्धिकरण से वैभवशाली भारत का गौरव प्राप्त होगा व देश विश्व गुरु बनेगा
गांधी के पोते “राजनारायण गांधी” इस हरकत से परेशान होकर कई बार हमारे प्रधानमंत्री से विनंती कर चुके की नोटों से महात्मा गांधी के चित्र हटाओं लेकिन मोदीजी के कान से जूँ भी नहीं रेंग रही रही है
क्या मोदीजी व्यभाचारी गांधी को गुजरात की धरोहर समझकर नोटों पर विराजमान रख अब भी गर्वित है
गुजरात की धरोहर श्यामजी वर्मा वी दयानंद स्वामी की भूमि को अपेक्षित कर गांधी को अब भी महामंडित करने का बदस्तूर जारी कर छद्म राष्ट्रवाद का डंका बजाया जा रहा है
प्रयत्न व साभार




 























Wednesday, 28 January 2026

Saturday, 24 January 2026

अमेरिका ने ईरान को चारों तरफ़ से घेरा..!!, फिर भी ख़ौमोनी का नही मुरझा चेहरा.


 



अमेरिका ने ईरान को चारों तरफ़ से घेरा..!!, फिर भी ख़ौमोनी का नही मुरझा चेहरा.. 


लेकिन इसराइल का बेंजामिन नेतन्याहू घबराया व ट्रम्प से कहा मैं सुरक्षित नही, मुझे सुरक्षित करने के बाद ही ईरान पर आक्रमण करना 


अब युद्ध के इंतज़ार के पल का दुनिया इंतज़ार कर रही है कि इस युद्ध की चिंगारी “विश्व युद्ध” की ओर अग्रसर होकर बर्बादी की दास्तान लिखी जायेगी 

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ट्रंप.., ईरान पर आक्रमण से पहिले इसराइल की सुरक्षा  पुख्ता करें


Trump, secure Israel's safety before attacking Iran.

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प्रयत्न व साभार 


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“उद्धव राज”के गद्धारों तुम्हारे हिंदुत्व का छद्म भगवा रंग समुंद्र में डूबकर निकल कर अब जनता ने दुत्कार दिया है


 

“उद्धव राज”के गद्धारों तुम्हारे हिंदुत्व का छद्म भगवा रंग समुंद्र में डूबकर निकल कर अब जनता ने दुत्कार दिया है 


मैं हरे रंग में रंगकर, भगवा झंडे से भागने में ही भलाई है


Traitors of the "Uddhav regime," your deceptive saffron color of Hindutva has been exposed after being submerged in the sea, and now the public has rejected you.


It's best for me to be dyed in green and flee from the saffron flag.

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प्रयत्न व साभार 


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भ्रष्टाचार से भाषावाद की खाल से ढाल बनाकर मराठी मानुस को मरी काठी बनाने के ३० सालों के खेल


 

भ्रष्टाचार से भाषावाद की खाल से ढाल बनाकर मराठी मानुस को मरी काठी बनाने के ३० सालों के खेल को ठाकरे बधु को जनता ने ठोकर मारकर अर्श से फर्श पर पटक दिया है


The people have kicked the Thackeray brothers out of power, bringing them crashing down from the heights of power to the depths of defeat, ending their 30-year-long game of using corruption and linguistic chauvinism as a shield to exploit the Marathi people.

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Wednesday, 14 January 2026

सब कुछ लूटाकर अब भी बेहोशी से भाषावाद के नगाड़े से सत्तावाद का स्वप्न देखने का मंसूबा देखने वाले “उद्धवराज” का समय तो चुनाव चिह्न समाप्त








सब कुछ लूटाकर अब भी बेहोशी से भाषावाद के नगाड़े से सत्तावाद का स्वप्न देखने का मंसूबा देखने वाले “उद्धवराज” का समय तो चुनाव चिह्न समाप्त होकर बुझी मशाल को धुएँ से “तेल के इंजन  का धुँआ” दिखाकर अब जनता को रिझाने का यह छद्म खेल है 

डूबते को तिनके का सहारा.., अब चुनाव में कोई नही होगा व्यारा - न्यारा ,
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“सब कुछ लुटाकर “ अब भी बेहोशी में भाषावाद के नगाड़े से सत्तावाद का स्वप्न देखने का मंसूबा देखने वाले “उद्धवराज” का समय तो चुनाव चिह्न समाप्त होकर बुझी मशाल को धुएँ से “तेल के इंजन  का धुँआ” दिखाकर अब जनता को रिझाने का दोनों  भाइयों यह छद्म खेल है 

डूबते को तिनके का सहारा.., अब चुनाव में कोई नही होगा व्यारा - न्यारा 
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The last resort for a drowning man is to cling to the straw of linguistic chauvinism...!!

प्रयत्न व साभार 


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