Monday, 5 August 2019




मोदी सरकार ने धारा 370 और 35(A) को निरस्त से  लाल बहादुर शास्त्री / श्यामाप्रसाद मुख़र्जी  के स्वप्न को साकार / पूरा कर दिया है ..., जय जवान जय किसान के साथ देश का स्वाभिमान से देशवासी जागृत हो गया है. 



याद रहे..,  प्रधानमंत्री बनने के बाद, लाल बहादुर शास्त्री का प्रबल मत था..,  कि देश से  नेहरू की गन्दगी दूर किए बिना.., देश में राष्ट्रवादी धारा का प्रवाह नहीं होगा यह उनका शेख अब्दुल्ला द्वारा द्विराष्ट्रवाद के नेहरू खेलका  लाल बहादुर शास्त्री को  अच्छी तरह आभान था.., इसलिए,शेख अब्दुल्ला की शेखी उनको गद्दी से उतारकर.., कांग्रेसी SNAKE को SHAKE कर  भी अपनी हड्डियों की श्रंखला के टूटने का भीषण आभाष हो गया था .., आज जो धारा ३७० की आड़ में जो खून का तांडव खेला जा रहा है.., उसके निदान के प्रयास के पहिले ही ताशकंद में लाल बहादुर शास्त्री  ह्त्या कर, देशी ताकतों ने विदेशी हाथों से मेरे देश का स्वर्णीम युग का स्वप्न छीन लिया. 




                         १९४७  में सत्ता परिवर्तन को आजादी का झांसा देकर, गांधी की गंदी राजनीती व जवाहर के जहर से यूं कहें  देश में एक दीमक के रूप में चौपट राजा जवाहर लाल नेहरू के हाथ लग गयी, स्वंयभू देश का गुरू मानने वाले इस मोहनदास करमचंद गांधी ने अहिंसा के छद्म संत  ने २१ लाख हिन्दुस्तानियों की बलि लेकर, व  पाकिस्तान को ५५ करोड़ रूपये देकर देश को चपत लगाने के इस प्रतिशोध से नाथूराम गोडसे ने गांधी की ह्त्या की , जो जवाहरलाल नेहरू के लिए JACKPOT लग गया था और उन्होंने अपनी की कमजोरी छुपाने के लिए व सत्ता में अच्छी तरह काबिज होने के लिए नाथूराम द्वारा गांधी  हत्याकांड का ऐसा प्रचार किया कि गांधी के बिना देश अनाथ हो गया है..!!! और देशवासियों को ऐसा भरमाया कि  गांधी के  सिद्धांतों की भरपाई अब केवल और केवल नेहरू ही कर सकता है जिसने बोतल के जिन से कश्मीर समस्या को जन्म दिया

 अब वह ७० साल से बड़ा होकर, पकिस्तान को अपना मित्र कहकर हिन्दुस्तान को धारा 370 व 35 (A) के नाम से  धौस दे रहा है जिसका मोदी सरकार ने निदान कर इस मुद्दे को हमेशा के लिए हटा लिया है

Wednesday, 31 July 2019



तीन तलाक के बाद हलाला से मुस्लिम महिलाओं की जिन्दगी जीते जी हो गयी थी हलाक . अब क़ानून से नहीं होगा मजाक से  छेड़ छाडी करने से पड़ेगी क़ानून की छड़ी
अब लोकतंत्र होगा सार्थक से विश्वगुरू , 



यदि एक देश, एक खून, एक जूनून, एक क़ानून...
जय जवान , जय किसान, जय विज्ञान..पैदा होंगे हर घर में कलाम.., देश को वोट बैंक की राजनीती नहीं राष्ट्रवाद की रणनीती चाहिए....  


क्या मोदी करेंगे देश के, वोट बैंक के लुटेरों का संहार..,जो बने गरीबों के माल से मालामाल.., इतना धन की ७३  सालों से इसे महामंत्र बनाकर, देश के गरीबों को  लहूलूहान कर देश के लहू को देश ही नहीं विदेशों में गुप्त रूप से रखकर, देश की सीमाओं को खोलकर विदेशी घुसपैठ से गरीबी को वोट बैंक की तिजोरी बनाकर.., इस मंगलराज देश को जंगलराज बनाकर अब भी राज कर रहें हैं..


अब नई पीढी तो मीडिया-माफिया- सत्तातंत्र के तांत्रिको से भारत तेरी बर्बादी से टुकड़े होंगें से  लूटतंत्र को लोकतंत्र का नारा कह.., दुनिया में ढिंढोरा कर विदेशी मीडिया से अपनी बानगी से बागी बनकर ..,

अब तो हमारे दुश्मनों की विश्व में तारीफ करते नहीं थकते..


देश की सीमा पर कांग्रेस के १० साल के शासन काल में जवानों के हाथ पाँव बांधकर.., हथियारों के घोटालों का निर्माण कर भारत निर्माणसे हम भीरू कायरों देश की जमात में शामिल थे..


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ६३  महीनों  में देश के सुरक्षा के शस्त्रों से लैस कर कूटनीती से सीमा ही नहीं दुनिया अचंभित है.., जवानों को खुले प्रहार का आदेश देकर एक बार फिर से लाल बहादुर शास्त्री के जय जवान का खून प्रवाहित हो गया है..,


अब विपक्षी दल इसे भी सरकार पर  वोट बैंक से जवानों की खून की दलाली का आरोप लगाकर.., अपनी गुर्दुल्ली नीती से देश को नीचा दिखाने की होड़ से पकिस्तान मीडिया में हमारे देश में एक नया  वोट बैंक बनाने के लिए TRP में नंबर १ के कुर्ता फाड़कर दौड़ लगा रहें हैं 


Monday, 29 July 2019




१९४७ से पहिले देश मैं बाघों की संख्या ५० हजार से अधिक थी.., अन्तर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में देश में २००६  में बाघों की संख्या १४११ से बढ़कर २०१९ में देश में २९५० से अधिक बाघ होने का हम दंभ भर रहें हैं

अशोक स्तंभ बना... 90% देशवासियों के लिए शोक स्तंभक्योंकि ९०% बाघों की ह्त्या सुनोजियत तरीकों से राजनैतिक शिकारियों की शह पर हुई है , जो 9% भार- रत तलुवे चाटुओंअंग्रेजी संस्कृति को माननेवालों के लिए बना शिकार का शौक स्तंभ, , 1% लोगजो अपने को अंग्रेजों की औलादें समझने वालों के लिये बना यह देश  लूट भ्रष्टाचार के माफियाओं के शौक के साथ मौज मस्ती का आलम का स्तंभ...जो आज की मीडिया कोअपनी जुठी रोटी देकरपेट भरी मीडिया बनाकरअपना प्रचार करअपने को देश का कर्णधार कहलवा रही हैं , और देश की खानखदानइमानसत्ताधारियों की आड मे बेचकर , खरबपति से कही ज्यादा अमीर बनकर अपने को अर्थव्यवस्था का स्तंभ कहकर.... देश मे दंभ भर रहे है…..????? 

न जात पर न पात पर , मुहर लगाओ राष्ट्रवाद पर..,” नहीं तो..यहहमारे गणतंत्र दिवस/स्वतंत्रता दिवस व संविधान के प्रति बेईमानी है..... दोस्तों....बड़े दुःख के साथ लिखना पड़ रहा है. संविधान में जितने क़ानून हैउससे ज्यादा छोटे मोटे घोटालों की गिनती करें तो वे कहीं ज्यादा है...हमारे घोटाले तो संविधान से भी महान है ... 

देश की संस्कृति के साथभाषा का लोप , इन भ्रष्टाचारी माफियाओं के लिए लूट का आगे का सरल लोभ हैताकि देशवासियों अग्रेजी भाषा से अपनी गुलामी को सलाम करें ... 
आज १३० करोड जनता भी, ७३सालों से सत्ताधारियो के आस मे बैठी है कि उनके विकास द्वारा हीदेश का कल्याण होगादेशवासियों अब यहा भ्रम छोडो ... राष्ट्रवाद की धारा मे आकर ही. हम 5 सालों मे 50 साल आगे बढेंगे... .

विदेशी कर्ज से
देश के मर्ज को दूर करने का झॉसा देकरइन सत्ताधारियो नेदेश मे महंगाई से गरीबी का कैंसर फैला दिया है

हेनरी क्लिग्टन ने अपने विदेश मंत्री के कार्यकाल मे कहा था……, हम इलेक्ट्रोनिक व अन्य वस्तुये , चीनताईवानकोरिया से खरीदते हैलेकिन हम दिमाग ”हिंदुस्थानियों’ का खरीदतें है... , हमारा ज्ञानविज्ञानविश्व के अमीर देशों मे पलायन करविदेशियों को उन्न्त बना रहा है क्योकिदेश मे हमारी प्रतिभाओं को सम्मान नही मिलता है..?? , 

नोबल पुरूस्कार विजेता चंद्रशेखर वेंकट रमन ने कहा थाकि “विदेशी वस्तुओं का आयात मतलबहम अपनी मुर्खता खरीदतें है” , इसी का चीन ने अनुसरण कर विदेशी आयातित सामानों को और उन्न्त बनाकरविदेशों मे बेचकर वह भारी सख्या मे विदेशी मुद्रा भंडार से लबालब है, ( ध्यान रहे... चीन हमारे से भारी मात्रा मे कच्चा लोहा आयात करता है ,व हमारे देश मे कुशल करीगरों द्वारा बनायी जाने वालीवस्तुओं काआधी किमत मे निर्यात करबेरोजगारी फैला रहा है) 

1947 मे “सता परिवर्तन” को “आजादी का झॉसा देकर”, सभीनये सत्ताधारियों नेआज तक हमेंअलगाववादजातिवादभाषावाद की जंजीरों से बांधकर....अफीमी नारों के चादर सेहमें सुला रखा है... आओ कसम खाये...हम देश की माटी (खान खदानइमान) बिकने नही देंगे..
..
नेताओं की आस सेआज देशवासी हताश है , आओं... देश के कैसर शब्द को सेंसर कर (प्रतिबंधित कर) 100 करोड से ज्यादा लोगों के मुठठी बल से, 24 घंटे योगदान कर... हम सब सनातनी खून से (जोहर धर्म का जो खून है)देश के दहाड्ते शेर बनकरएक सुनहरा हिंदुस्थान बनायेवंदेमातरम (मातृभूमि की सेवा) व राष्ट्रवाद (पितृसेवा - मेहनत) सेएक वैभवशाली , गौरवतमभव्य महानतम देश बनाये.







दोस्तों.., हमारे देश की भव्यता को देखे ... दक्षिण एशिया में सबसे ज्यादा उपजाऊ जमीन, नदियों का जाल, दुनिया का सबसे तेज दिमाग , लोहे व अन्य खदानों का भण्डार ...लेकिन हमारे सत्त्ताखोरों ने राष्ट्रवाद को दरकिनार कर हमें धर्मनिरपेक्ष के झांसे से साम्प्रयवाद के छुपे रंग से वोट बैंक की आड़ में घुसपैठीयों के वोट बैंक से देश के तिरंगे को बदरंग कर दिया है 

आओ.,पार्टी नहीं देश का पार्ट बने, “मैं देश के लिए बना हूँ, देश की माटी बिकने नहीं दूंगा, “राष्ट्रवाद की खादसे भारतमाता के वैभव से देश को भव्यशाली बनाएं
याद रहे , अमेरिका की विदेश मंत्री हेनरी क्लिंगटन ने अपने कार्यकाल में कहा था हम टी,वी. व इलक्ट्रोनिक व अन्य वस्तुयें चीन, ताईवान,कोरिया, वियतनाम से खरीदते है, लेकिन हम तेजस्वी दिमाग हिन्दुस्तान से खरीदते हैं

आज हमारे देश के वैज्ञानिकों को सम्मान न मिलने से , वे विश्व में अपना लोहा मनवाकर, संपन्न देशों को गौरान्वित कर रहें हैं 

हर साख पर लुटेरा है, पेड़ में पत्ते से ज्यादा भ्रष्टाचार के दीमक ...जातिवाद, भाषावाद, अलगाववाद के दिमाग से पेड़ (देश) को खोखला बना रहें है,
आओ..., राष्ट्रवाद को जीवन की धारा बनाये..... , और हम सब ...नदियों के रूप मे मिलकर, देश को, सुख - संपन्न्ता व वैभव का एक महासागर बनायें .... 

सत्य मेव जयते…., अब बना , सत्ता मेवा जयते ....????, सत्ता एक मेवा है, इसकी जय है (जो, मेरे वेबस्थल का स्लोगन है...), और , इसी की आड मे सत्यम शिवम सुंदरम.... सत्ता एक मेवा है (सत्यम), जो भ्रष्टाचार के त्रिशूल से (शिवम है), और भारत निर्माणके मेक अप से देश की सुंदरता के बखान से (सुंदरम है ),


एक ओटो रिक्शा के पीछे लिखा था सत्य परेशान होता है... लेकिन पराजित नही होता..??. आज के माहौल मे सत्य इतना परेशान होता है कि असत्य के हमले से आत्महत्या कर लेता है., (किसान आत्महत्या/ भूखमरी योजनाओं को, सत्ताखोरों के डकारने से, गरीबी से मौत )....

(आज के कानून की परिभाषा = कान+ऊन = कान मे ऊन = गरीबों के न्याय मे, कानून बहरा है, और भ्रष्ट अमीरों व माफियाओं के लिए कानून ... सेहरा बनकर, उनके गलत कृत्यों को सरताज कहकर, उन्हे, एक एक , नये - नये ताज पहना रहा है….????) यही, आज का कानून, जो... गरीबों की गुहार सुनने के बजाय, कान मे ऊन डाल कर, तारीख पर तारीख देकर उसे प्रताडित करते रह्ता है. भ्रष्ट सत्ताखोरो, नौकरशाहों व माफियाओ के डर से जजशाही भी, कही अपना निवाला ना छिन जाये, इसलिए इनके चरण दास बन कर..... सत्य की परेशानी को और बढावा दे रही है.

इस  वेब स्थल का दूसरा स्लोगन है मेरा संविधान महान.... यहा हर माफिया पहलवान.... क्योंकि.... कानून से ज्यादा, आज पैसा है, बलवान... तो, क्यों ना डूबे हिंदुस्थान... भ्रष्टाचारी बने राजा... तो, क्यों ना बजे देश का बैंड बाजा....? और हर योजनायें, भोजनाये बन के खाजा , तो भी नही होगा बाल बॉका ... 

दोस्तो... जिस देश मे राष्ट्रवाद नही है, वहां, कर्ज की महामारी है, सत्ता खोरो मे लूट की खुमारी है, जनता के शोषण से राष्ट्र को बीमारी है... यही डूबते देश की कहानी है, राष्ट्रवाद की पुकार से ही.. हो , राष्ट्र की ललकार...???? हर दहाड़ , दुश्मनों के लिए बने पहाड़.

Monday, 22 July 2019

पकिस्तान दुनिया में अपना ईमान खो चुका है , अब इमरान खान, जो पकिस्तान, अमेरिका के ३३ बिलियन डॉलर डकार कर अपने देश के आतंकवादी संगठनों को मालामाल करने का खेल खेल रहा है. हिन्दुस्तान चाँद पर पहुँच रहा है जबकि पाकिस्तान, अमेरिकन राष्ट्रपति से पुन: आतंकवादी संगठनों के लिए चंदे का जुगाड़ करने के लिए कटोरे का छद्म खेल खेल रहा है. इसका सत्यापन करने के लिए हाफिज सईद को पकड़ने का नाटक खेला गया है ताकि अपने कटोरे में कुछ तो डॉलर मिले.., अब वैश्विक संस्था FATF द्वारा भी पकिस्तान को आतंकवादीयों का आशियाना देने से इस पर काले धन की विश्व के देशों से अप्रत्यासित/अपरोक्ष धन की सहायता बंद करने की चेतावानी की गंभीर धमकी से कार्यवाही करने की तैयारी हो रही है . पाकिस्तानी रुपया गर्त में चला गया है अमेरिकन डॉलर के मुकाबले १६४ रूपये से अधिक होकर अपनी अंतिम सांसे गिन रहा है




पकिस्तान दुनिया में अपना ईमान खो चुका है , अब इमरान खान, जो पकिस्तान, अमेरिका के ३३ बिलियन डॉलर डकार कर अपने देश के आतंकवादी संगठनों को मालामाल करने का खेल खेल रहा है.

हिन्दुस्तान चाँद पर पहुँच रहा है जबकि पाकिस्तान, अमेरिकन राष्ट्रपति से पुन: आतंकवादी संगठनों के लिए चंदे का जुगाड़ करने के लिए कटोरे का छद्म खेल खेल रहा है. इसका सत्यापन करने के लिए हाफिज सईद को पकड़ने का नाटक खेला गया है ताकि अपने कटोरे में कुछ तो डॉलर मिले..,

अब वैश्विक संस्था FATF द्वारा भी पकिस्तान को आतंकवादीयों का आशियाना देने से इस पर काले धन की विश्व के देशों से अप्रत्यासित/अपरोक्ष धन की सहायता बंद करने की चेतावानी की गंभीर धमकी से कार्यवाही करने की तैयारी हो रही है .

पाकिस्तानी रुपया गर्त में चला गया है अमेरिकन डॉलर के मुकाबले १६४ रूपये से अधिक होकर अपनी अंतिम सांसे गिन रहा है

Monday, 1 July 2019

दोस्तों.., (प्रदेश, देश के भेद की बात जनता के साथ , मुंबई महाराष्ट्र व दिल्ली की डबल इंजन की सरकार से स्वच्छ मुंबई की योजना पर पानी फिरा व प्रदेश भ्रष्टाचार से फिर गिरा/ डूबा, भ्रष्टाचार के जाल में जनता फंसी व मकड़ी नेताओं द्वारा शोषण से मौत तक का खेल बदस्तूर जारी है नगरपालिका अस्पताल गन्दगी से व स्कूल बदहाल है )प्रदेश के साथ, यह देश को डूबोनें की बड़ी मार्मिक तस्वीर.., देश का २५% टैक्स बम्बई/मुंबई से केंद्र सरकार को जाता है व मुंबई नगरपालिका का सालाना बजट ३२ हजार करोड़ का है , जो की विश्व में छोटे देशों की आय के बराबर है



दोस्तों.., (प्रदेश, देश के भेद की बात जनता के साथ , मुंबई महाराष्ट्र व दिल्ली की डबल इंजन की सरकार से स्वच्छ मुंबई की योजना पर पानी फिरा व प्रदेश भ्रष्टाचार से फिर गिरा/ डूबा, भ्रष्टाचार के जाल में जनता फंसी व मकड़ी नेताओं द्वारा शोषण से मौत तक का खेल बदस्तूर जारी है नगरपालिका अस्पताल गन्दगी से व स्कूल बदहाल है )



१. प्रदेश के साथ, यह देश को डूबोनें की बड़ी मार्मिक तस्वीर.., देश का २५% टैक्स बम्बई/म
ुंबई से केंद्र सरकार को जाता है व मुंबई नगरपालिका का सालाना बजट ३२ हजार करोड़ का है , जो की विश्व में छोटे देशों की आय के बराबर है

२. देश के नगरपालिका के पार्षद यदि पारदर्शीता से काम करें तो जनता के टैक्स का के पैसे से देश स्वर्णीम बन सकता हैं, लेकिन बिंडवना यह है की गली के गुंडे यही से पैदा हो कर अगली सीढ़ी में विधानसभा से लोकसभा तक में इनके भ्रष्टाचार से, रक्तरंजीत चरित्र से, राष्ट्र लहूलुहान है..., इतने घोटालों, अपराधिक छवि के खूंखार गुंडों से लोकसभा में पहुँचने के बाद जजों के हाथ कांपने लगते है व वे निर्णय देने में उनकी ऊंगली को लकवा पड़ जाता है क्योंकि वे अपनी जिन्दगी में इन गुंडों का खौफ से अपने सरकारी नौकरी में उन्नत्ती में अड़चन से बचे रहें व सेवा निर्वृति में उपहार में मिले धन व मकानों से अपने जीवन में बहार लायें

३. कई दशकों से मुंबई में कीर्तिमान रहा है की मानसून के पहिले नालों की सफाई के नाम से घोटालेबाज, दलालों व महानगर पालिका के अधिकारिओ ने अपने हाथ की सफाई कर ९५% काम पूरा करने का कागजी दावा किया है और छाती ठोक कर डिजास्टर /आपदा विभाग व पानी निकासी के पम्पों से मुंबई में जलभराव से निपटने की तैय्यारी का स्वांग रचते आ रहें हैं .., अब भी जनता अचेत है...!!!!, दोस्तों यह तैय्यारी नहीं घोटालेबाज, दलालों व महानगर पालिका के अधिकारिओं की यारी है

....
४ . महाराष्ट्र ही नहीं देश के घोटालेबाजों नेता माफियाओं के नंगेपने के चित्र दिखने पर वे जनता को खुलेआम कहतें हैं कि यह उनपर बदले की कार्यवाही है..,और छाती ठोककर कहतें हैं कि अपने को निर्दोष साबित करेंगें..., हर पार्टी, दूसरी दूसरी पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर, कानून से देश के समय की बर्बादी कर जनता के टैक्स का पैसा बर्बाद कर रही है.., और कानून के रक्षकों की लुंज पुंज व मिली भगत नीती से, वे १०-१५ सालों में निर्दोर्ष साबित हो जातें हैं...

५ . २६ जुलाई २००५, इसी तरह के बाढ़ के विकराल रूप से, मुम्बई में १ हजार से ज्यादा मौतों व सरकार की कुम्भकरणी नीद से मुम्बई को १० हजार करोड़ का नुकसान होने के बावजूद आज तक/अभी भी प्रशासन भ्रष्टाचार में लिप्त है...

६.. सत्ताखोरों के लिए देश में,बाढ़ और सूखा.., भ्रष्टाचार की योजनाओं की सौगात ले आता है.

७ . आज सरकार के चपरासी से सुप्रीमों व धनाड्य वर्गों को भी अति- आत्मविश्वास हो चुका हैं कि अग्रेजों के गुलाम काल का संविधान सत्ता के चटखोरों की रक्षा के लिए ही लिए ही बना है..,

८ . देश का चपरासी जो अधिकारी का द्वारपाल होता है..., वह भी चप-चप कर करोड़ों की राशी जमा कर रहा है.., तो अधिकारी तो मन- मौजी जीवन से अकूत दौलत की मिल्कीयत बना लेता है..

९ . मुम्बई व देश में २० रूपये पानी की बोतल, लेकिन, गरीबी से जीवन यापन करने वालों को दस रूपये की हाथ भट्टी की शराब , जिसमे ५ रूपये से अधिक की सत्ताशाही की दलाली से फ़िलहाल ५५ लोगों ने जान गंवाई है..., यह आकड़ा अब 100 से कही ज्यादा हो गया है ..,

१० . कहते हैं एक की मौत पर समाज से करोड़ों लोग आंसूं बहाते हैं .., लेकिन, एक गरीब,जो अपने आय के सीमित होने से यह सस्ती शराब पीकर,व अन्य कारणों से मरने वालों के मौत पर कोई आसूं बहाने वाला नहीं होता,उसका जीते जी जीवन कीड़े मकोड़े की तरह होता.., पेट भरने के लिए, वह अपराध में धकेल देने पर, कोड़े के दंड के साथ,कोई सुनवाई न होने से वर्षों तक वह जेल में सड़ते रहता है.

११ . बता दें.., इस शराब की हाथ भट्टी के बारे में, स्थानीय निवासियों ने , पुलिस प्रशासन से, शिकायत करने के बावजूद.., माफियाओं की मिलीभगत से,पुलिस एक मोटी कमाई का जरिया बनाकर रिश्वत से मौज मना रही थी.

१२. इन पुलिसकर्मीयो पर ह्त्या का मुकदमा दर्ज करने के बजाय, सरकारी विभाग के अधिकारी SUSPEND होकर, कुछ महीने बाद ये पुन: सरकारी पैंट पहनकर अपने पद पर आसीन होकर देश के आस्तीन का सांप बन रहें है..,

१३ . भ्रष्टाचार से तबादला होने की सरकार की तबेले की चाल से,दूसरे तबेले के अधिकारी आकर वही खेल खेलकर तीसरे तबेले में जाकर .., भ्रष्टाचार के तबले बजाकर..,जनता में हाहाकार मचा रहें हैं.

१४ . दोस्तों.., १९४७ से आज तक के भ्रष्टाचारियों द्वारा जो रकम वसूली गयी वह उनके खाने के अनुपात से उनके दांतों में फंसे भोजन के बराबर भी नहीं है...

१५ . प्रधानमंत्री आज योग के मंत्र से देश व विश्व को गर्वीत कर रहें हैं लेकिन उनके व अन्य पार्टी के चटखोरे तो रोज भ्रष्टाचार के योग (+) से देश का धन डकारकर, क़ानून को ढेंगा दिखाकर अबाध गति से उन्नत जीवन जीकर, देश को खोखला कर..., यूं कहें देशवासी की ऊर्जा को पस्त कर , देश को कर्ज से इतने गहरे डुबोते जा रहें हैं ताकि देश की जनता अवसाद से अपना देश प्रेम खो दे...,

१६ . आज किसी भी पार्टी से आस न करे.., जब तक देशवासियों में राष्ट्रवाद का बल नहीं जागेगा.., तब तक देश में सत्ताखोरों-माफिया-नौकरशाही के गठ जोड़ से देशवासी जकड़ते ही रहेगा और देश में भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हो जायेंगी की इसे उखाड़ना भी मुश्किल हो जायेगा ... आओं संकल्प लें...,
महाकुंभ की महान-डायरी. 
About
Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold. ============================ 
मुम्बई की देश को डूबोनीं वाली, दो मार्मिक खबरें... 
शराब ने समुन्द्र से ज्यादा लोगों को डूबोया है.., महाराष्ट्र के सत्ताखोरों ने शराब को सड़ाकर सत्ता के खवाब से किसानों के साथ गरीबों को योजनाएं, भोजनाएं बनाकर देश को डूबाने के उत्प्रेक का काम किया है.


Sunday, 23 June 2019

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथी पर स्नेह व अश्रूपूर्वक श्रद्धांजली.., अब सवाल है कि लालबहादुर शास्त्री की ह्त्या का खुलासा करेगें तो हमारे संबध दूसरे देशों से खराब हो जायेगें ? लेकिन डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ह्त्या की जांच से.., क्या देश के नेताओं के आपसी आंच में सम्बन्ध खराब होने से, जाँच को, चूल्हे की आंच में डाल दिया वीर सावरकर की दो अचूक.., सार्थक भविश्यवाणीयाँ ... १. श्यामा प्रसादजी आपकी देश को बहुत जरूरत है. आप कश्मीर मत जाओं .., आप जिन्दा नहीं लौटेंगें. २. ताशकंद जाने से पहले वीर सावरकर ने लालबहादुर शास्त्री को चेताया और कहा “शास्त्रीजी हम जीते हुए राष्ट्र है , रूस के प्रधान्मत्री को हमारे देश मे बुलाओ, यदि आप ताशकंद जाओगे तो वापस नही आओगे.. और हमारे द्वारा जीता भाग भी लुटाआओगे..



डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथी पर स्नेह व अश्रूपूर्वक श्रद्धांजली.., अब सवाल है कि लालबहादुर शास्त्री की ह्त्या का खुलासा करेगें तो हमारे संबध दूसरे देशों से खराब हो जायेगें ? लेकिन डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ह्त्या की जांच से.., क्या देश के नेताओं के आपसी आंच में सम्बन्ध खराब होने से, जाँच को, चूल्हे की आंच में डाल दिया

वीर सावरकर की दो अचूक.., सार्थक भविश्यवाणीयाँ ...
१. श्यामा प्रसादजी आपकी देश को बहुत जरूरत है. आप कश्मीर मत जाओं .., आप जिन्दा नहीं लौटेंगें.



२. ताशकंद जाने से पहले वीर सावरकर ने लालबहादुर शास्त्री को चेताया और कहा शास्त्रीजी हम जीते हुए राष्ट्र है , रूस के प्रधान्मत्री को हमारे देश मे बुलाओ, यदि आप ताशकंद जाओगे तो वापस नही आओगे.. और हमारे द्वारा जीता भाग भी लुटाआओगे..
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१. सन १९५३ में, हिन्दु महासभा, राम राज्य परिषद् व जनसंघ ने कश्मीर का हिन्दुस्थान में सम्पूर्ण विलय के लिए के लिये संयुक्त सत्याग्रह किया. कश्मीर के मुख्यमंती शेख अब्दुल्ला ने सरकारी अनुमति के बिना ,बाहर के लोगों को प्रदेश में प्रवेश बंदीलगी थी.., तब डॉ श्यामा प्रसाद मुखजी मुख़र्जी ने घोषणा कर की मैं इस प्रवेश बंदी के विरोध के बावजूद कशमीर जाऊंगा तब वीर सावरकर ने उनसे कहा ..., “श्यामा प्रसादजी आपकी देश को बहुत जरूरत है. आप कश्मीर मत जाओं .., आप जिन्दा नहीं लौटेंगें..
२. कश्मीर में प्रवेश करते ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल, ह्त्या कर आकस्मिक मौत कह दिया

३. डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की माता ने , प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को पत्र लिखकर इसकी जांच की मांग व मिलाने का अनुरोध को ठुकरा दिया, और कहा वे बीमारी से मरे थे.., आज तक पूर्व से वर्तमान सत्ताधारियों ने इस पर जांच करने की भी सोच नहीं की

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१. ताशकंद जाने से पहले वीर सावरकर ने लालबहादुर शास्त्री को चेताया और कहा शास्त्रीजी हम जीते हुए राष्ट्र है , रूस के प्रधान्मत्री को हमारे देश मे बुलाओ,यदि आप ताशकंद जाओगे तो वापस नही आओगे.. और हमारे द्वारा जीता भाग भी लुटा आओगे..,.
२. ९ जनवरी १९६६ की रात लालबहादुर शास्त्री ने ताशकंद से अपनी पत्नी ललिता शास्त्री को फोन कर कहा मैं हिन्दुस्तान आना चाहता हूँ, यहां, मुझ पर हस्ताक्षर करने के लिए दवाब डाल रहें है..., मुझे यहां घुटन हो रही है...
देश के सत्ता की राजनयिक फौजे बार-बार, शास्त्रीजी से कह रही थी..., भले हम युद्ध जीत गये हैं, यदि आप हस्ताक्षर नहीं करोगे तो आगे अन्तराष्ट्रीय बिरादरी एकजुट होकर देश की आर्थिक स्तिथी बिगाड़ देगी...

३. इसके बाद उनके कड़े मंसूबे, हमारे देश के सत्ता की राजनयिक फौजे तोड़ने में कामयाब हो गयी.., १० जनवरी १९६६ के शाम ४.३० बजे , शास्त्रीजी ने जीती हुई जमीन वापस लौटाने व शांती समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद, उनके पुत्र अनिल शास्त्री को कहा गया ..., वे देश के प्रधानमंत्री हैं, उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें विशेष आवास में अकेले में सुरक्षित रखना होगा.
३. प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के ताशकंद समझौते के बाद ८ घंटे के बाद , ११ जनवरी तड़के १ बजे,पाकिस्तानी रसोईये द्वारा रात को दूध पीने के बाद उनकी मौत हो गई, मौत के समय उनके कमरे मे टेलिफोन नही था, जबकि, उनके बगल के कमरे के राजनयिकों के कमरों मे टेलिफोन था, उनकी मौत की पुष्टी होने पर राजनयिकों की फौज दिल्ली मे फोन लगा कर चर्चा कर रहे थे कि अगला प्रधानमंत्री कौन होगा ?

४. अंत तक ललिता शास्त्री गुहार लगाती रही, मेरे पति की मौत की जाँच हो, आज तक सभी सरकारों द्वारा,कोइ कारवाई नही हुई?,

५. इस रहस्य को जानने के लिये, आर.टी.आई. कार्यकर्ता अनुज धर ने एडी चोटी का जोर लगाने के बाद, सरकार की तरफ से जवाब मिला कि यदि हम इस बात का खुलासा करेगें तो हमारे संबध दूसरे देशों से खराब हो जायेगें ?
४. दोस्तों अब सवाल है कि लालबहादुर शास्त्री की ह्त्या का खुलासा करेगें तो हमारे संबध दूसरे देशों से खराब हो जायेगें ?लेकिन डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ह्त्या की जांच से क्या देश के नेताओं के आपसी आंच में सम्बन्ध खराब होने से, जाँच को चूल्हे की आंच में डाल दिया

५. मानवता के उपासक प्रखर राष्ट्रवादी
महान शिक्षाविद व भारतीय जनसंघ के संस्थापक
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हे व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को
भावभीनी श्रद्धांजलि

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Thursday, 6 June 2019

इंदिरा गांधी के मंत्रीमंडल में बैल से भी निम्न स्तर के गृहमंत्री ज्ञानी जैल सिंह ने इंदिरा गांधी की डगमगाती कुर्सी से इंदिरा को सुर्ख़ियों में बने रखने के लिए, व एक ऐसा मुध्हा बने जो पकिस्तान पर विजय से बंगलादेश बनाना से अपने को दुर्गा समझने वाली ने ज्ञानी जैल सिंह की निम्न बुध्ही का इस्तेमाल कर भिंडरावाले से पंजाब को अलग देश बनाकर खालिस्तान राष्ट्र बनाने के लिए जल्द से जल्द खालिस्तानी सेना बनाने के लिए उकसाया... (ज्ञानी जैल सिंह व अन्य नेताओं के टेलीफोन टेप हमारी खुफिया विभाग RAW के पास आज भी मौजूद है जिसे राष्ट्र की जनता को सार्वजनिक करवाना चाहिए ताकि ऐसा खेल कोई पार्टी या नया नेता खेल न सके ) दोस्तों बड़े दुःख के साथ लिखना पद पड़ रहा है की इंदिरा गांधी के चाटुकार राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने “आपातकाल” देश पर थोपकर राष्ट्रपति पद को कलंकित किया वहीं राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने इंदिरा गांधी की राष्ट्र विरोधी नीती को उकसाकर , एक ऐसी नीति का निर्माण बन गया जो की आतंकवाद देश को निगलने की स्तिथि बन गई कि स्वर्ण मंदिर पर गोलाबारी कर देश का इतिहास कलंकित हो गया


इंदिरा गांधी के मंत्रीमंडल में बैल से भी निम्न स्तर के गृहमंत्री ज्ञानी जैल सिंह ने इंदिरा गांधी की डगमगाती कुर्सी से इंदिरा  को सुर्ख़ियों  में बने रखने के लिए, व एक ऐसा मुध्हा बने जो पकिस्तान पर  विजय से बंगलादेश बनाना से अपने को दुर्गा समझने वाली ने ज्ञानी जैल सिंह की निम्न बुध्ही का इस्तेमाल कर भिंडरावाले से  पंजाब को  अलग देश बनाकर खालिस्तान राष्ट्र बनाने के लिए जल्द से जल्द खालिस्तानी सेना बनाने के लिए उकसाया...



(ज्ञानी जैल सिंह व अन्य  नेताओं के टेलीफोन टेप हमारी खुफिया विभाग RAW के पास आज भी मौजूद है जिसे राष्ट्र की जनता को  सार्वजनिक करवाना चाहिए ताकि ऐसा खेल कोई पार्टी या नया नेता खेल न सके )



दोस्तों बड़े दुःख के साथ लिखना पद पड़ रहा है की इंदिरा गांधी के चाटुकार राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद  ने “आपातकाल” देश पर थोपकर राष्ट्रपति पद को कलंकित किया वहीं  राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने इंदिरा गांधी की राष्ट्र विरोधी नीती को उकसाकर , एक ऐसी नीति का निर्माण बन गया जो की आतंकवाद देश को निगलने की स्तिथि बन  गई कि स्वर्ण मंदिर पर गोलाबारी कर देश का इतिहास कलंकित हो गया 


याद रहे पंजाब में खालिस्तान से आतंकवाद की बुनियाद कांग्रेस के इशारे से ही हुई , जब भिंडरावाले को खालिस्तान कमांडो फ़ोर्स की सेना बनाने के लिए इंदिरा गांधी के इशारे से गृह मंत्री ज्ञानी जैल सिंग ने प्रेरित किया जो बाद में स्वर्ण मंदिर में भिंडरावाले की मुठभेड़ में मौत से.., ऐसा माहौल बना की इंदिरा गाँधी के सिख सुरक्षा रक्षको द्वारा उनके आवास में ह्त्या कर दी , तब पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने बेबाकी से उनके शोक संदेश में कहा इंदिरा गांधी अपने कर्मों से मरी है "


१९८४ में इंदिरा गांधी की ह्त्या से, सहानुभूति की सुनामी लहर से, देश भर में १० हजार से अधिक सिखों के नरसंहार ने राजीव गांधी के कलंकको भी धो दिया उन्होंने ताल ठोक कर कहा , “जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है, तब धरती हिलती है और लोकसभा में ४१४ सीटें जीतकर , अपनी नाना प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का कीर्तीमान तोड़ दिया.


राजीव गाँधी को सत्ता खुले हाथ मिली थी.., तथा चंडाल चौकडियों की फ़ौज में हरकिशन भगत, सज्जन कुमार, जगदीश टाइटलर व अन्य लोगों की सूची से सत्ता में लूट की खुली छूट से बोफोर्स घोटालों के शुभारम्भ से A-Z घोटालों के MULTIFORCE घोटालों से, इसमें हिन्दू आतंकवादका घोल डालकर अंततः सत्ता से हाथ धोना पडा.



अब २०१९ में कांग्रेस के ५ साल के सत्ता निर्वासन के बाद राहुल बाबा के गुरू सैम (असली नाम सत्यनारायण गंगाराम) पित्रोदा ने सिख नर संहार का समर्थन करते हुए कहा जो हुआ वो हुआके बयान ने कांग्रेस के पंजाब के वोट बैंक में आग में घी का काम किया है .