Wednesday, 25 March 2026

सावरकर की उक्ती “शक्ती ही शक्ती का सम्मान करती है


 सावरकर की उक्ती “शक्ती ही शक्ती का सम्मान करती है” , विश्व में दुर्बल बनकर देश का इतिहास नहीं संवारा जा सकता है.

  

जी हाँ .., वीर सावरकर की ४० से अधिक भविष्यवाणियां सार्थक हुई है ..,१९४७ में देश आजाद होने पर वीर सावरकर ने आवाहन किया की देश को सुपर पॉवर बनाने के लिए भारत को हाइड्रोजन बम के साथ ध्वनि  बम भी बनाना चाहिए .


१९४५ में विश्वपटल पर कोरिया को खंडित कर दक्षिण कोरिया पर अमेरिका व उत्तर कोरिया पर रूस का अधिकार हुआ, दोनों कोरिया अपने अपने शुभचिंतकों पर आश्रित व केवल  शतरंजी मोहरे बनाकर आपस में लड़ाने का खेल खेल रहे थे .

दक्षिण कोरिया तो संपन्न था , उत्तर कोरिया की अर्थव्यस्था कमजोर होने के बावजूद उसने  अपनी सीमा व देश की सुरक्षा व बदला लेने की भावनाओं से परमाणु तकनीकी चोरी छुपे खरीद कर किम जोंग के कार्यकाल में हाइड्रोजन बम का परिक्षण कर दुनिया को अचंभित …

[12:03, 25/3/2026] Kailash Tiwari: याद रहे 

12 जून 2018 को सिंगापुर के सेंटोसा द्वीप पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के बीच ऐतिहासिक शिखर वार्ता हुई। यह किसी भी सिटिंग अमेरिकी राष्ट्रपति और उत्तर कोरियाई नेता की पहली मुलाकात थी, जिसका उद्देश्य कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु-मुक्त बनाना और वर्षों के तनाव को कम करना था। 


ट्रम्प-किम सिंगापुर वार्ता की मुख्य बातें:

ऐतिहासिक समझौता: वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने एक संयुक्त दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। किम ने कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्ण परमाणु निशस्त्रीकरण (denuclearization) की दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्धता जताई।

सैन्य अभ्यास में बदलाव: ट्रम्प ने दक्षिण कोरिया के साथ "उकसावे वाले" संयुक्त सैन्य अभ्यासों को बंद करने की घोषणा की, हालांकि उन्होंने उत्तर कोरिया पर लगे प्रतिबंधों को जारी रखा।

बदलता रुख: महीनों …

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