Sunday, 11 July 2021

उफ्फ.. 'कंडोम' का पैसा भी खा गयी यूपीए की मनमोहन सरकार, एडस (aids-सहायता) भी भ्रष्टाचारियों के लिए एक सहायकता का सार्थक बन कर घोटालों की बलि चढ़ गया औरदोस्तों .., हर घोटाले से लेकर आतंकवादी, भुखमरी व किसान आत्महत्या से जवान हत्या तक सिर्फ निंदा (condemn) का मलहम लगाकर देश का ईलाज किया जा रहा है...????, प्रधान मंत्री ने भी इस कंडोम घोटाले की निंदा (condemn) करते हुए अपना पल्ला झाड लिया.




१ जुलाई - World Population Day 2021

मनमोहन सिंग सरकार के काल कीं पोस्ट आज भी सार्थक पोस्ट है और जनसंख्या विस्फोट में भुखमरी के कगार से युवकों में धर्मवाद / धर्म परिवर्तन / लव जिहाद आतंकवाद अलगाववाद  का खून डालकर देश को टुकड़े टुकड़े गैंग की एक नई  समानांतर आर्मी बनाने का इस खेला से देश को घुन लगाकर ख़त्म करने की  गहरी साजिस चल रही है

 

बाल-दिवस... या भूखमरी से बलि दिवस... देश में सालाना ३ करोड़ बालकों की.., कुपोषण से मृत्यु ...

 

उफ्फ.. 'कंडोम' का पैसा भी खा गयी यूपीए की मनमोहन सरकार, एडस (aids-सहायता) भी भ्रष्टाचारियों के लिए एक सहायकता का सार्थक बन कर घोटालों की बलि चढ़ गया और प्रधान मंत्री ने भी इस कंडोम घोटाले की निंदा (condemn) करते हुए अपना पल्ला झाड लिया.

 

दोस्तों .., हर घोटाले से लेकर आतंकवादी, भुखमरी व किसान आत्महत्या से जवान हत्या तक सिर्फ निंदा (condemn) का मलहम लगाकर देश का ईलाज किया जा रहा है...????,

 

बाल दिवस से ..,अभी ३ दिन पहिले..., छत्तीसगढ़ की ताजा घटना में.., कंडोम के बढ़ते भाव  व बदतर गुणवत्ता.., से बचने के लिए गरीब महिलाओं ने नसबंदी का रूख अपनाया, छत्तीसगढ़ सरकार ने उनकी बलि लेकर ... भष्टाचार के ६ X ६= ३६, ६ छक्के लगाकर..., भष्टाचार के नकली इंजेक्शन के एक्शन से ३६ X २ =७२ महिलाओं की अर्ध-बलि लेकर..., देश के माफिया सत्ताखोरों के गठजोड़ से, भ्रष्टाचार के favorate से flowrate के प्रवाह से favicol का मजबूत गठजोड़ से UNO (सयुक्त राष्ट्र महासंघ) भी भौचक्का रह गया है कि भारत में यह चक्का कितनी तेजी से दौड़ रहा है...

 

UNO ने तो भारत सरकार से इस बारे में..., रिपोर्ट भी माँगी है...

 

आज, प्रधान पति, सत्ता पति, उद्योग पति, पति उद्योग, घुसपैठीये ये पंचशील (गुण) इस देश को डूबाने के हत्यार हैं..

 

सरकार ने एड्स जैसे भयानक संक्रमित रोग की रोकथाम के लिए देश भर में 22 हजार कॉन्डम वेंडिंग मशीनों लगाने के लिए 21 करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन इनमें से 10 हजार मशीनें गायब हैं और करीब 1,100 मशीनें काम नहीं कर रही हैं।

 

यह घोटाला भले ही २१ करोड़ का जरूर है... लेकिन इस घोटाले की आड़ में जो जनसख्या बेतहासा बढ़ी है, उसकी भयावहता देखें तो राष्ट्र की जिम्मेदारी की खर्च की राशी, अगले २० साल में १०० गुना बढ़कर २१ लाख करोड़ तक हो जाएगा...

 

देश के डूबने का कारण पति उद्योग” , “उद्योग पति” , वोट बैंक की आड़ में घुसपैठीयों का योग” ...

आज सीमा पार से ६०० रूपये प्रति व्यक्ति की औसत दर से घुसपैठीयोंका आयात हो रहा है , जबकि देश में प्रति व्यक्ती पर ६० हजार का कर्ज है,,, यदि यह खेल बेरोकटोक चलता रहे तो...., अब आने वाले पांच सालों में यह कर्ज राशी प्रति व्यक्ती पर १ लाख से भी ज्यादा हो जायेगी.

 

कहते हैं , ब्याज, मूल धन को खा जाता है..., हमारी सरकार विश्व बैंक व विदेशों से कर्ज लेकर , योजनाओं को भोजनाए बनाकर एक सुनियोजित ढंग से माफियाओं के डकार कर उनकी बड़ी बढ़ी तोंद को भारत निर्माण के नारों से जनता को भरमा रही है..., और देश कर्ज के गर्त में डूब रहा है ..


Thursday, 8 July 2021

रविशंकर प्रसाद ट्विटर पर लगाम कस पाने में कमजोर साबित हुए ट्विटर अब रविशंकर प्रसाद को बदनाम कर देश की लोकतान्त्रिक प्रणाली व संविधान का उपहास से देश का ह्रास कर खुली चुनौती का खेला खेल रहा है हमारे IT मंत्री को के TI-ME व फुर्सत न होने से रविशंकर प्रसाद बिना प्रसाद के रविवार से कहीं पहिले नप गए व प्रधानमंत्री पर अपनी नाकामी का दोष मढ़कर पार्टी में दाग छोड़ गए

 


रविशंकर प्रसाद ट्विटर पर लगाम कस पाने में कमजोर साबित हुए  ट्विटर अब रविशंकर प्रसाद को बदनाम कर देश की लोकतान्त्रिक प्रणाली व संविधान का उपहास से देश का ह्रास कर खुली चुनौती का खेला खेल रहा है हमारे IT मंत्री को के TI-ME    फुर्सत न होने से रविशंकर प्रसाद बिना प्रसाद के रविवार से कहीं पहिले नप गए व प्रधानमंत्री पर अपनी नाकामी का दोष मढ़कर पार्टी में दाग छोड़ गए 



Sunday, 4 July 2021

दानिश कनेरिया एक मिशाल व सनातानी धर्म का लाल, पाकिस्तान में धर्म परिवर्तन के खेला में इमरान व बाजवा को कर दिया क्लीन बोल्ड... आज तक का सनातनी इतिहास रहा है कि सनातनी हिन्दू दुनिया में कहीं भी रहा उसे अपनी मातृभूमि समझ कर उसकी माटी के प्रति समर्पित होकर, प्रकृति का सम्मान कर अपना जीवन यापन किया है, वह कभी भी देश का गद्दार नही निकला किसी के धर्म का अपमान व बलात (गले में तलवार रखकर) धर्म परिवर्तन के उड्ढेस्य में शामिल नही हुआ है

 

दानिश कनेरिया एक मिशाल व सनातानी धर्म का लाल, पाकिस्तान में धर्म परिवर्तन के खेला में इमरान व बाजवा को कर दिया क्लीन बोल्ड...

आज तक का सनातनी इतिहास रहा है कि सनातनी हिन्दू दुनिया  में  कहीं  भी रहा उसे अपनी मातृभूमि समझ कर उसकी माटी के प्रति समर्पित होकर, प्रकृति का सम्मान कर अपना जीवन यापन किया है, वह कभी भी देश का गद्दार नही निकला

किसी के धर्म का अपमान व बलात (गले में तलवार रखकर) धर्म परिवर्तन के उड्ढेस्य में शामिल नही हुआ है

इसका सर्वश्रेष्ठ व जिंदा मिसाल है, दानेश कनेरिया जिसे हिन्दू अल्पसंखयक व प्रताड़ित वर्ग से दुग्गला निम्न स्तर का व्यवहार किया जाता था इसके बावजूद  भी उन्होने पाकिस्तान को अपनी मातृभूमि समझ कर निश्छल भाव से क्रिकेट मे अपना 100 % प्रतिभा झोक कर कई देशों में क्रिकेट मैच जिताकर पाकिस्तान को कई बार सम्मानित किया

इसके बावजूद दानिश कनेरिया को धर्म परिवर्तन के दबाव में मुस्लिम बनाए का बोझ से दुगगला व्यवहार से निम्नता का वर्ताव किया गया

युसुफ योहाना जिसका धर्म ईसाई था जिसे धर्म परिवर्तन के दबाव में मुस्लिम बनाकर मुहमद  युसुफ नाम से  क्रिकेट खेला लेकिन उनके परिवार ने इसका जोरदार विरोध किया  

दोस्तों एक  सनातनी की मंजिल.....

इस्लाम कबूलने से दानिश कनेरिया का साफ इंकार कहा ... हिन्दू होने पर गर्व है ...!!!

याद रहे जब पहली बार पाकिस्तान की टीम कोलकोता पहुंची तब होटल पहुँचने के तुरंत बाद दानिश कनेरिया ने  काली माता मंदिर के दर्शन करने के बाद कहा की “मुझे काली माता के दर्शन का योग मिलना मेरे जीवन का सर्वश्रेष्ठ   उपहार है”

हिन्दू त्योहारों में आज भी दानिश कनेरिया twitter पर विश्व के करोड़ों हिन्दू लोगो को अपनी आस्था का इजहार करतें हैं

जबकि हमारे क्रिकेटरों  को देश के सनातनी धर्म से कोई  लेना देना नाही ..., सोचों... सोचों...  ऐसा क्यों …..!!!!!!!

अंत में यही कहना है देश की धन शक्ति, संस्कृति पर हावी है जो घातक है यह विचारणीय ..., इस पर मंथन नही किया तो यह देश को घुन की तरह खा जाएगी ...!!!



Saturday, 3 July 2021

देशमुख बनाम भ्रष्टाचार का दस मुख से अकूत संपत्ति से नागपुर अपने असंख्य नाग के फनों से धन की फुहारो से सिर्फ एक महिने से मुंबई में 100 करोड़ रूपये की वसूली से महाराष्ट्र प्रदेश में नौकरशाही को जकड़ कर अकड़ कर सबसे बना कालिया नाग बन गया है

 


देशमुख बनाम भ्रष्टाचार का दस मुख से अकूत संपत्ति से नागपुर अपने असंख्य नाग के फनों से धन की फुहारो से सिर्फ एक महिने से मुंबई में 100 करोड़ रूपये की वसूली से महाराष्ट्र प्रदेश में नौकरशाही को जकड़ कर अकड़ कर सबसे बना कालिया नाग बन गया  है

अब प्रवर्तन निदेशालाय (ED)  द्वारा समन देने पर अपने 72 साल की आयु में अपमान कहकर बीमारी के बहाने चलने फिरने में असमर्थता कह ED को गुमराह कर रहें हैं

अब इस दस मुख वाले भ्रष्टाचारी नाग को छूपने के सभी बिल बंद हो गयें है 

क्या ED इस दस मुखा नाग के रूतबे का घमंड चूर - चूर  करेंगी  या एक छोटी -छोटी पूछताछ से गला पकड़ने की जगह पूछ पकड़ कर छोड़ देंगी

चीन DRAGON –इंडिया के लिये DARE-GUN और हम अपनी सीमाओं पर FEAR-GUN (डर क्यों ?) और दुनिया के लिये DRAG-ON, दुनिया को खीचकर अपने कदमों मे झुकाओ...? चीनी देश का कहना है दुनिया... झुकती है ?....... झुकाने वाला चाहिये ................?? चीन हमसे दो साल बाद आजाद होने के बाद ,हमसे दस गुना से ज्यादा आगे क्यो ??

 


चीन DRAGON –इंडिया के लिये DARE-GUN और हम अपनी सीमाओं पर FEAR-GUN (डर क्यों ?) और दुनिया के लिये DRAG-ON, दुनिया को खीचकर अपने कदमों मे झुकाओ...?


चीनी देश का कहना है
दुनिया... झुकती है ?....... झुकाने वाला चाहिये ................??


चीन हमसे दो साल बाद आजाद होने के बाद ,हमसे दस  गुना से ज्यादा आगे क्यो ?? 


1.
देशी भाषा, देशी विचार, देशी संस्कार, देशी हत्यार, देशी हाथ, देशी बात.

क्या मजाल 18 से अधिक देशों से अपनी सीमा लगाने के बावजूद एक भी घुसपैठिया देश में घुसे...,

जबकि हमारा देश घुसपैठिओ को अतिथि वोट भव: का प्र्शय लेकर देश को टुकड़े करने की साजिस हो रही है 

Wednesday, 16 December 2009 की खबर


विदेश मंत्नी एस एम कृष्णा ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर में 78 हजार वर्ग किमी. तथा चीन ने 38 हजार वर्ग किमी. भूभाग पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है.


पाकिस्तान ने चीन को बतौर उपहार 5180 वर्ग किमी. भूभाग सौंपा है, जो: मूलत भारतीय है.
याद हमारी चीन के हाथों, हमारी हार के बाद , तबके संसद सदस्यो ने कसम ली थी, हम भविष्य मे, चीन द्वारा हमारी हडपी हुई जमीन का एक-एक इंच हिस्सा लडकर लेगे.


1962
के बाद,आज भी कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए चीन से हमें अनुमति लेनी पडती है?,


याद रहे इस हार के बाद तब जवाहरलाल नेहरू ने संसद मे बयान दिया कि, कोई बात नही, कोई हर्ज नही, वह बर्फीली जमीन थी, वहाँ कुछ भी उगता नही था, तब विपक्ष के एक संसद सदस्य महावीर त्यागी ने नेहरू को लताडते हुए कहा , ऐसे, तुम्हारा सर भी गंजा है, वहा भी, कुछ भी, उगता नही है, तो तुम भी अपना सर कटा कर चीन को क्यो नही देते दो?


राष्ट्रपति ओबामा के कार्यकाल में अमेरिका द्वारा चीन के सामने घुटने टेकते हुए कहा तिब्बत चीन का अभिंन्न अंग है , इस जोश के बाद चीन की गिद्ध दृष्टि अब दुगनी हो गई है अब उसकी नजर लद्दाख, सिक्किम, कश्मीर,उत्तराखड, हिमाचल प्रदेश के साथ नेपाल, भूटान जैसे देशों पर है।


चीन के राजनीतिक दर्शनशास्त्र में सहअस्तित्व, भाईचारा, नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय नियमावली के लिए कोई जगह नहीं है।

इंडिया..........हमारा देश, डरता है ,,,,,,, डराने वाला चाहिये? .........


आज हमारे सत्ताधारी घोटाले,

काँग्रेस की सरकार विदेशी इशारे से आतंकवाद,जातिवाद,अलगाववाद, धर्मवाद के वोट बैक के झाँसे मे 2014 के चुनाव से राजनीती करके, भ्रष्टाचार को और अधिक सुन्दर रूप देने की बाट जोह रहे है, और हमारे सीमा पर जवानो को सीमाओं को पार करने की अनुमति नही है? क्योकि हम आधुनिक हत्यारो की कमी से जूझ रहे है व वर्तमान हत्यारो से लडने पर, जवानो को वीरता का सम्मान नही मिल रहा है? यो कहें मेरे नजरों मे अब हमारी सीमायें दुश्मनों के लिये खुली है?

मयह सुंनकर हास्यास्पद लगता है , अमेरिका हमे सुपर पावर कहता है, और हम विदेशी सेनाओ के घुसपैठ के आगे नतमस्त हो जाते है,

 

चीन हमारे सीमाओ मे घुसकर , देश का पेट्रोल चुराकर , हमारे सैनिको को धमकाकर, पत्थरों मे चीनी भाषा मे लिखकर चले जाते है, एक साल मे 300 बार घुसपैठ हो चुकी थी, सरकार इसका खंडन करती है,


अरूणाचल के काग्रेस् के मुख्यमंत्री दोरजी खांडू ने स्वय इस बात की पुष्टी की थी एक साल मे 300 से ज्यादा बार घुसपैठ हो चुकी है , बाद मे उंनकी हेलिकेप्टर दुर्घटना मे मौत हो जाती है, और वही, हिमांचल प्रदेश व उत्तराखंड के मुख्यमंत्रीयों ने भी अपने प्रदेशो मे सकडों बार चीनी घुसपैठ की पुष्टी की है.


मीडिया द्वारा घुसपैठ का मुद्धा उठाने पर उन्हे धमकाकर, मीडिया की जुबान बन्द कर दी.

देश में बंगला देशी व रोहिग्या मुस्लिमों को एक संगठित तौर से  सीमा में घुसाकर वोट बैंक की फसल लह लहराकर सत्ता की हरियाली से मलाई खाने का खेल अबाध रूप से चल रहा है

अब इसका खामियाजा वर्तमान में मोदी सरकार को भुगतना पड़ रहा है

Thursday, 1 July 2021

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को आज हुए 100 साल पूरे , वैश्विक राजनीति व बल से विश्व के देशों में बढ़ी चुनौतियां और अब मंथन हो रहा है कि चीन की शक्ति को कैसे रोके ...!!! याद रहे सत्ता परिवर्तन (1947) के पहिले गांधी को चार बार नोबल पुरुस्कार के लिए 1937, 1938, 1939, 1947 और अंत में जनवरी 1948 में हत्या किए जाने के ठीक पहले नामांकन के बावजूद नोबेल नहीं मिला.क्योकि नोबेल कमिटी को पता था कि बापू शांति के मसीहा नही बल्कि ब्रिटीशरों के सुरक्षा छिद्र (safety valve) हैं 1948 में नाथुराम ने गांधीं की हत्या के बाद , नेहरू को जैकपोट लग गया गांधी की सारी सहानुभूति को नेहरू ने हड़पकर उनके अहिंसा व बिस्तरवाद के आदर्शों पर चलने का स्वांग से नोबल बनने का प्रयास किया

 


चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को  आज  हुए 100 साल पूरे , वैश्विक राजनीति व बल से विश्व के देशों  में बढ़ी चुनौतियां और अब मंथन हो रहा है कि  चीन की शक्ति को कैसे रोके ...!!!

 

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना 1921 में हुई थी और इस दिन  पार्टी के शीर्ष नेता अभियानों के जरिए अपनी उपलब्धियों को गिनाकर. दुनिया को दिखा दिया है की हम इतने मजबूत हो गयेँ कि पूरा विश्व एकत्र होकर भी हमसे लड़े तो भी आर्थिक तौर पर भी हमें खरोच नही आएगी और इस भविष्य की लड़ाई की भरपाई हमने कोरोना वाइरस के उत्पत्ति से कर ली है ?

 

भाग -1

 

हमारे से  दो साल बाद आजाद होकर चीन में माओत्से तुंग के नेतृत्व मे शुरू मे भले कमजोर नेतृत्व रहा लेकिन एक स्लोगन को चीन की जनता के मन में आज भी अटल छाप छोड़ी है सत्ता / विस्तारवाद  सिर्फ बंदूक की गोली से मिलती है

जबकि अखंड भारत को खंडित कर नेहरू व जिन्ना को एडविना के हमसफर से  सत्ता बिस्तरवाद से ही मिली, इस बिस्तरवाद में double-bed बनाकर गांधी मे अपने  इस रंग में व्यवधान न पड़े इसलिए सरदार पटेल को गांधी ने शपथ दिलाई की वह प्रधानमंत्री पद की रेस में नही दौड़ेगा

(मनु बेन व आभा लिंक जरूर  देखेँ...!!  महात्मा गांघी का मनुबेन(पौत्री) के साथ निर्वस्त्र सोने व गांधी के ब्रह्मचर्य पर आज तक कि रिपोर्ट https://www.youtube.com/watch?v=vblWI_kJ4YI )

 

याद रहे सत्ता परिवर्तन (1947) के पहिले गांधी को चार  बार नोबल पुरुस्कार के लिए 1937, 1938, 1939, 1947 और अंत में जनवरी 1948 में हत्या किए जाने के ठीक पहले नामांकन के बावजूद नोबेल नहीं मिला.क्योकि  नोबेल कमिटी को पता था कि बापू शांति के मसीहा नही बल्कि ब्रिटीशरों के सुरक्षा छिद्र (safety valve) हैं

1948 में नाथुराम ने गांधीं की हत्या के बाद , नेहरू को जैकपोट लग गया गांधी की सारी सहानुभूति को नेहरू ने हड़पकर उनके अहिंसा व बिस्तरवाद के आदर्शों पर चलने  का स्वांग से नोबल बनने का प्रयास किया

चीन को 1 October 1949 में आजादी मिलने के बाद नेहरू ने नोबेल पुरुस्कार  को जीतने के लिए देश से खिलवाड़ कर, चीन से सहयोग कर एशिया में छद्म बादशाहत से दुनिया मे अपना नाम गांधी से भी अव्वल बनाने की फिराक  में समाजवाद के झांसे से माओत्से तुंग के चरणों मे गिरकर तलुवे चाटकर अपना भरोसा जताने के लिए संयुक्त सुरक्षा परिषद (UNO) में हिंदुस्तान के लिए नामांकित सीट चीन को दिलाकर अपने को गांधी की तरह परस्त्रीगमन से एक शांती का मसीहा दिखलाने व देश में साइकल व जीप घोटालों से समाजवाद के आड़ में घोटालो को भ्रष्टाचारवाद को बिना वाद विवाद के जनता को धोखे में रख मसीहा बनने के स्वप्न देखने लगा

चीन द्वारा पूरे तिब्बत को हड़पने के बावजूद नेहरू का शांतिवाद का नशा नही उतरा व चीन को उसका अभिन्न अंग कहकर स्वागत किया  तब माओत्से तुंग ने मैकमोहन की सीमा को अपना बताकर हिंदुस्तान का 50 हजार वर्ग किलोमीटर भाग आसानी से जीत कर नेहरू का नशा ही नही शांती का भूत उतारने के बावजूद, नेहरू के प्रधानमंत्री का वजूद / ताकत का ह्रास होने से भी  कुर्सी छोड़ने  को तैयार नही थे...!!!,  फिर कोई गुप्त रहस्य की बीमारी से देश को इस धोखेबाज़ नेहरू से निजात मिला



नेहरू की मौत के बाद यह देश का सौभाग्य था कि हमें एक कर्मठ मजदूर व मजबूत प्रधानमंत्री, जय जवान जय किसान को प्रणेता  के रूप में लालबहादुर शास्त्री जैसा नेता मिला लेकिन देशी व विदेशी ताकतों द्वारा उनकी हत्या कर देश के राष्ट्रवाद की हरियाली छीन ली नही तो देश आज चीन से 10 गुना आगे होता  व देश विश्वगुरु से सिरमौर होता