Thursday, 10 June 2021

किरण बेदी ..., रणभेरी... आज भी Iron Lady… इंदिरा गांधी नही किरण बेदी है... पोंडुचेरी में राज्यपाल का पद सफलता पूर्वक निभाने के बाद किरण बेदी का अन्य राज्यपालों की तरह जीवन अंधकारमय मत बनाओं ... चेतो मोदी सरकार ...., संविधान करे ललकार.., देश को चाहिए एक महिला जो हो तेज तर्रार ..., लोकसभा में किरण बेदी की सुबह की रोशनी से देश के क़ानून से कोई नहीं करे खिलवाड़ व अनुशासन से लोकसभा की गरिमा भी रहेगी प्रज्ज्वलित....

 



किरण बेदी ..., रणभेरी... आज भी  Iron Lady… इंदिरा गांधी नही किरण बेदी है... पोंडुचेरी में राज्यपाल का पद सफलता पूर्वक निभाने के बाद किरण बेदी का अन्य राज्यपालों की तरह जीवन अंधकारमय मत बनाओं ...  

 


चेतो मोदी सरकार ...., संविधान करे ललकार.., देश को चाहिए एक महिला जो हो तेज तर्रार ..., लोकसभा में किरण बेदी की सुबह की रोशनी से देश के क़ानून से कोई नहीं करे खिलवाड़ व अनुशासन से लोकसभा की गरिमा भी रहेगी प्रज्ज्वलित

लोकसभा की लाजवाब अध्यक्षा सुमित्रा महाजन की भाजपा ने ७५ वर्ष की आयु शर्तो से बलि लेकर लोकसभा का टिकट काट दिया..




क्या...!!!। ७२ वर्ष की किरण बेदी को दिल्ली के मुख्यमंत्री चुनाव में इमानदारी पूर्वक व झूठे वायदे न करने की एवज में हार मिलने पर , नरेन्द्र मोदीजी ने उन्हें पोंडिचेरी का राज्यपाल बनाके एक निर्वासित जिन्दगी का पद दे दिया था ..

चेतों मोदी सरकार, अब की बार रिक्त  टिकट देकर बनाओं लोकसभा में किरण बेदी के अनुभव की दहाड़..,

देश की एक iron lady , लौह महिला जो संविधान की लौबनकर देश ही नहीं विश्व को बता दिया की आम संविधान के क़ानून को खास लोगों द्वारा तोड़ने पर सजा मिल के ही रहेगी .

किरण बेदी अपने IPS के कार्यकाल में दिल्ली में दर्शाया की VIP’S को IPS की अधिकारी कैसे रोड में अनाप सनाप ढंग से गाड़ियाँ खड़ी कर , आम क़ानून तोड़ने वालों को आयना दिखाकर बता दिया की अब अपने अव्काद में रहों अब में क्रेन बनकर..., सरकारी मुस्टंडों की खैर नहीं रहेगी

दोस्तों याद रहें..,नई दिल्ली में तिहाड़ जेल की महानिरीक्षक के रूप में इन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई सुधार किए जैसे कि शराब आदि की लत के इलाज के लिए कार्यक्रम, योगा, ध्यान और कैदियों की शिकायतों का निवारण। इन्होंने 1988 में नवज्योति इंडिया फाउंडेशन और 1994 में इंडिया विजन फाउंडेशन की स्थापना की, जिससे नशीली दवाओं के आदी, कैदियों के बच्चों और समाज के गरीब वर्गों में सुधार हुआ.

लेकिन दुःख के साथ लिखना पड़ रहा दिल्ली के गत विधानसभा चुनाव में किरण बेदी को भाजपा के दिल्ली अध्यक्ष सतीश उपाध्याय व उनकी सेना ने भीतराघात से किरण बेदी को हार का सामना करना पड़ा व इसका लाभ केजरीवाल लेकर ५७/६१ से भारी भकम जीत का परिणाम से आज अपने प्रतिद्वंदियों को उखाड़ फेक कर निरंकुश शासन चला रहें हैं...,

अब दिल्ली में लोकसभा चुनाव में अपने अस्तित्व को बचाने के लिय लिए केजरीवाल, कांग्रेस से सीटों में तालमेल की याचना कर रहें है जबकि कांग्रेस ने उन्हें घास डालने से भी इनकार कर दिया.



Wednesday, 9 June 2021

दोस्तों.., प्रदेश के साथ, यह देश को डूबोनें की बड़ी मार्मिक तस्वीर.., पालघर में साधु संतों के हत्याओं के बाद…., महाराष्ट्र सरकार का प्रतिमाह १०० करोड़ के सिर्फ मुंबई शहर के भ्रष्टाचार का खेला के बावजूद भी सिंहासन नही डोला…!!!

 



दोस्तों.., प्रदेश के साथ, यह देश को डूबोनें की बड़ी मार्मिक तस्वीर..,

 

पालघर में साधु संतों के हत्याओं के बाद…., महाराष्ट्र सरकार का प्रतिमाह १०० करोड़ के सिर्फ मुंबई शहर के भ्रष्टाचार का खेला के बावजूद भी सिंहासन नही डोला…!!!




१. महाराष्ट्र ही नहीं देश के घोटालेबाजों के नंगेपने के चित्र दिखने पर वे जनता को खुलेआम कहतें हैं कि यह बदले की कार्यवाही है..,और छाती ठोककर कहतें हैं कि अपने को निर्दोष साबित करेंगें..., हर पार्टी, दूसरी दूसरी पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर, देश के समय की बर्बादी कर जनता के टैक्स का पैसा बर्बाद कर रही है.., और कानून के रक्षकों की लुंज पुंज व मिली भगत नीती से, वे १०-१५ सालों में निर्दोर्ष साबित हो जातें हैं...


२. २६ जुलाई २००५, इसी तरह के बाढ़ के विकराल रूप से, मुम्बई में १ हजार से ज्यादा मौतों व सरकार की कुम्भकरणी नीद से मुम्बई को १० हजार करोड़ का नुकसान होने के बावजूद अभी भी प्रशासन भ्रष्टाचार में लिप्त है...


३. सत्ताखोरों के लिए देश में,बाढ़ और सूखा.., भ्रष्टाचार की योजनाओं की सौगात ले आता है.


४. आज सरकार के चपरासी से सुप्रीमों व धनाड्य वर्गों को भी अति- आत्मविश्वास हो चुका हैं कि अग्रेजों के गुलाम काल का संविधान सत्ता के चटखोरों की रक्षा के लिए ही लिए ही बना है..,


५. देश का चपरासी जो अधिकारी का द्वारपाल होता है..., वह भी चप-चप कर करोड़ों की राशी जमा कर रहा है.., तो अधिकारी तो मन- मौजी जीवन से अकूत दौलत की मिल्कीयत बना लेता है..


६. मुम्बई व देश में २० रूपये पानी की बोतल, लेकिन, गरीबी से जीवन यापन करने वालों को दस रूपये की हाथ भट्टी की शराब , जिसमे ५ रूपये से अधिक की सत्ताशाही की दलाली से फ़िलहाल वर्ष  जून २०१५ में  ५५ लोगों ने जान गंवाई है..., जबकि यह आकडा २00 मौतों से कही ज्यादा था ..,


७. कहते हैं एक की मौत पर समाज से करोड़ों लोग आंसूं बहाते हैं .., लेकिन, एक गरीब,जो अपने आय के सीमित होने से यह सस्ती शराब पीकर,व अन्य कारणों से मरने वालों के मौत पर कोई आसूं बहाने वाला नहीं होता,उसका जीते जी जीवन कीड़े मकोड़े की तरह होता.., पेट भरने के लिए, वह अपराध में धकेल देने पर, कोड़े के दंड के साथ,कोई सुनवाई न होने से वर्षों तक वह जेल में सड़ते रहता है.


८. बता दें.., इस शराब की हाथ भट्टी के बारे में, स्थानीय निवासियों ने , पुलिस प्रशासन से, शिकायत करने के बावजूद.., माफियाओं की मिलीभगत से,पुलिस एक मोटी कमाई का जरिया बनाकर रिश्वत से मौज मना रही थी.


९. इन पुलिसकर्मीयो पर ह्त्या का मुकदमा दर्ज करने के बजाय, सरकारी विभाग के अधिकारी SUSPEND होकर, कुछ महीने बाद ये पुन: नई सरकारी पैंट पहनकर अपने पद पर आसीन होकर देश के आस्तीन का सांप बन रहें है..,


१०. भ्रष्टाचार से तबादला होने की सरकार की तबेले की चाल से,दूसरे तबेले के अधिकारी आकर वही खेल खेलकर तीसरे तबेले में जाकर .., भ्रष्टाचार के तबले बजाकर..,जनता में हाहाकार मचा रहें हैं.


११. दोस्तों.., १९४७ से आज तक के भ्रष्टाचारियों द्वारा जो रकम वसूली गयी वह उनके खाने के अनुपात से उनके दांतों में फंसे भोजन के बराबर भी नहीं है...


१२. प्रधानमंत्री आज योग के मंत्र से देश व विश्व को गर्वीत कर रहें हैं लेकिन उनके व अन्य पार्टी के चटखोरे तो रोज भ्रष्टाचार के योग (+) से देश का धन डकारकर, क़ानून को ढेंगा दिखाकर अबाध गति से उन्नत जीवन जीकर, देश को खोखला कर..., यूं कहें देशवासी की ऊर्जा को पस्त कर , देश को कर्ज से इतने गहरे डुबोते जा रहें हैं कि देश की जनता अवसाद से अपना देश प्रेम खो दे...,


१३. आज किसी भी पार्टी से आस न करे.., जब तक देशवासियों में राष्ट्रवाद का बल नहीं जागेगा.., तब तक देश में सत्ताखोरों-माफिया-नौकरशाही के गठ जोड़ से देशवासी जकड़ते ही रहेगा और देश में भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हो जायेंगी की इसे उखाड़ना भी मुश्किल हो जायेगा ... आओं संकल्प लें...,


१४. Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold.....

Sunday, 6 June 2021

दोस्तों बड़े दुःख के साथ लिखना पद पड़ रहा है की इंदिरा गांधी के चाटुकार राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने “आपातकाल” देश पर थोपकर राष्ट्रपति पद को कलंकित किया वहीं राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने इंदिरा गांधी की राष्ट्र विरोधी नीती को उकसाकर , एक ऐसी नीति का निर्माण बन गया जो की आतंकवाद देश को निगलने की स्तिथि बन गई कि स्वर्ण मंदिर पर गोलाबारी कर देश का इतिहास कलंकित हो गया

 


OPERATION  BLUE STAR -

 तिथि  3– 6 जून 1984 (जो हुआ वो हुवा)

 स्थान -अमृतसर  स्थित हरिमंदिर साहिब परिसर


इंदिरा गांधी के मंत्रीमंडल में बैल से भी निम्न स्तर के गृहमंत्री ज्ञानी जैल सिंह ने इंदिरा गांधी की डगमगाती कुर्सी से इंदिरा  को सुर्ख़ियों  में बने रखने के लिए, व एक ऐसा मुध्हा बने जो पकिस्तान पर  विजय से बंगलादेश बनाना से अपने को दुर्गा समझने वाली ने ज्ञानी जैल सिंह की निम्न बुध्ही का इस्तेमाल कर भिंडरावाले से  पंजाब को  अलग देश बनाकर खालिस्तान राष्ट्र बनाने के लिए जल्द से जल्द खालिस्तानी सेना बनाने के लिए उकसाया...


 (ज्ञानी जैल सिंह व अन्य  नेताओं के टेलीफोन टेप हमारी खुफिया विभाग RAW के पास आज भी मौजूद है जिसे राष्ट्र की जनता को  सार्वजनिक करवाना चाहिए ताकि ऐसा खेल कोई पार्टी या नया नेता खेल न सके )



दोस्तों बड़े दुःख के साथ लिखना पद पड़ रहा है की इंदिरा गांधी के चाटुकार राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद  ने आपातकालदेश पर थोपकर राष्ट्रपति पद को कलंकित किया वहीं  राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने इंदिरा गांधी की राष्ट्र विरोधी नीती को उकसाकर , एक ऐसी नीति का निर्माण बन गया जो की आतंकवाद देश को निगलने की स्तिथि बन  गई कि स्वर्ण मंदिर पर गोलाबारी कर देश का इतिहास कलंकित हो गया


याद रहे पंजाब में खालिस्तान से आतंकवाद की बुनियाद कांग्रेस के इशारे से ही हुई , जब भिंडरावाले को खालिस्तान कमांडो फ़ोर्स की सेना बनाने के लिए इंदिरा गांधी के इशारे से गृह मंत्री ज्ञानी जैल सिंग ने प्रेरित किया जो बाद में स्वर्ण मंदिर में भिंडरावाले की मुठभेड़ में मौत से.., ऐसा माहौल बना की इंदिरा गाँधी के सिख सुरक्षा रक्षको द्वारा उनके आवास में ह्त्या कर दी , तब पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने बेबाकी से उनके शोक संदेश में कहा “इंदिरा गांधी अपने कर्मों से मरी है


 

OPERATION  BLUE STAR के बाद जून 1984  में इंग्लैंड  से खलिस्तान कमांडो फोर्स के जगजीत सिंह चौहान से खुले आम  इन्दिरा गांधी को चुनौती देते  हुये ताल ठोक कर घोषणा कर दी कि इन्दिरा गांधी सन 1985 नही देख पाएँगी


याद रहे पंजाब में खालिस्तान से आतंकवाद की बुनियाद कांग्रेस के इशारे से ही हुई , जब भिंडरावाले को खालिस्तान कमांडो फ़ोर्स की सेना बनाने के लिए इंदिरा गांधी के इशारे से गृह मंत्री ज्ञानी जैल सिंग ने प्रेरित किया जो बाद में स्वर्ण मंदिर में भिंडरावाले की मुठभेड़ में मौत से.., ऐसा माहौल बना की इंदिरा गाँधी के सिख सुरक्षा रक्षको द्वारा उनके आवास में ह्त्या कर दी , तब पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने बेबाकी से उनके शोक संदेश में कहा इंदिरा गांधी अपने कर्मों से मरी है


१९८४ में इंदिरा गांधी की ह्त्या से, सहानुभूति की सुनामी लहर से, देश भर में १० हजार से अधिक सिखों के नरसंहार ने राजीव गांधी के “कलंक” को भी धो दिया उन्होंने ताल ठोक कर कहा , “जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है, तब धरती हिलती है “ और लोकसभा में ४१४ सीटें जीतकर , अपनी नाना प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का कीर्तीमान तोड़ दिया.





१९८४ में इंदिरा गांधी की ह्त्या से, सहानुभूति की सुनामी लहर से, देश भर में १० हजार से अधिक सिखों के नरसंहार ने राजीव गांधी के कलंकको भी धो दिया उन्होंने ताल ठोक कर कहा , “जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है, तब धरती हिलती है और लोकसभा में ४१४ सीटें जीतकर , अपनी नाना प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का कीर्तीमान तोड़ दिया.



अब २०१९ में कांग्रेस के ५ साल के सत्ता निर्वासन के बाद राहुल बाबा के गुरू सैम (असली नाम सत्यनारायण गंगाराम) पित्रोदा ने सिख नर संहार का समर्थन करते हुए कहा जो हुआ वो हुआके बयान ने कांग्रेस के पंजाब के वोट बैंक में आग में घी का काम किया है .

याद रहे , जवाहर लाल नेहरू ने भारत की खोज की किताब लिखाकरअय्याशी में शांती का मक्खन लगाकर , देश के टुकडे कर नोबल पुरूस्कार के आकांक्षा से सेना को नो बल कर , जवानों के हौसले पस्त कर दिए ...

 

गरीबी हटाओ के नारे से देश में आतंक बढाओ और सत्ता सुरक्षित रखो के सिद्धांत से , इंदिरा गांधी की मौत पर पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने बेबाक कहा “इंदिरा गांधी अपने कर्मों से मारी गई है

 

वहीं...राजीव गांधी ने “मेरा भारत महान” के नारे से देश को २१ वी शताब्दी में ले जाने के झांसे सेदेश का खजाना लुटा कर , तमिल आतंकवादियों के पंगे से अपने नाना की तरह शांति का दूत से नोबल पुरुस्कार के झांसे से,  मौत काअपनी माँइंदिरा गांधी का इतिहास दुहराया....,

वहीं...राजीव गांधी ने “मेरा भारत महान” के नारे से देश को २१ वी शताब्दी में ले जाने के झांसे सेदेश का खजाना लुटा कर , तमिल आतंकवादियों के पंगे से मौत काअपनी माँइंदिरा गांधी का ऐसा इतिहास दुहराया कि गले में माला डालने के लिए सिर नही मिला ....,

 

1971 की दुर्गा देवी की OPERATION  BLUE STAR के प्रतिशोध में आतंकियो द्वारा बेदर्दी से गोलियों से भून कर दुर्गति से मौत हुई 




Saturday, 5 June 2021

भय है तो क्षय है...!!!, आज की शिक्षा प्रणाली ने कम उम्र के बच्चों का बचपन छीन कर जीवन छिन्न भिन्न कर 5 से 10 किलो के किताबी झोले के बोझ से शिक्षा प्रणाली कोल्हू के बैल की तरह एक धुरी पर चक्कर पर चक्कर लगा रही है। उन्हें क्या पढ़ाया जा रहा है…!!! व क्या समझ में आ रहा है शिक्षक को उससे लेना देना नही है

 


भय है तो क्षय है...!!!, आज की शिक्षा प्रणाली ने कम उम्र के बच्चों का बचपन छीन कर जीवन छिन्न भिन्न कर 5 से 10 किलो के किताबी झोले के बोझ से शिक्षा प्रणाली कोल्हू के बैल की तरह एक धुरी पर चक्कर पर चक्कर लगा रही है।

उन्हें क्या पढ़ाया जा रहा है…!!! व क्या समझ में आ रहा है शिक्षक को उससे लेना देना नही है

 



स्कूल से घर पहुँचने पर माता  पिता द्व्रारा शिक्षित होने के बावजूद उन्हे Tuition पर भेज कर  बच्चों

को पढ़ाई के अति भार से उनके खेलने कूदने पर

पावंदी से उन्हे विक्षिप्त जीवन जीने को मजबूर किया जा रहा है।



कोरोना काल, भले ही लोगों को काल के गाल 
निगल रहा है लेकिन बालकों को स्वछंद जीवन 
जीने का आभास हो रहा है की शिक्षा में Tuition
 ( अध्यापन )की बेड़िया से मुक्त होकर On-Line 
परीक्षा को देखकर अभिभावकों को भी अहसास
हो रहा है कि उनके बच्चे रटंत विद्या से जकड़े 
हुये हैं मूल ज्ञान से अनभिज्ञ हैं और शिक्षा पुराने ढर्रे
 पर चल रही है  व कई घरों में अभिभावक अपने 
बच्चों का प्रश्नपत्र हल कर मौजूदा शिक्षा प्रणाली 
का मखौल उड़ा रहें हैं...

क्या भविष्य में आने वाली नई शिक्षा प्रणाली अपनी

मातृभाषा में पढ़ाकर इसका निदान निकाल पाएगी

क्या अब राष्ट्रीयता की भावना से भारतेंदु  हरिश्चन्द्र ने देश-प्रेम की रचनाओं के माध्यम से जन-मानस

मे राष्ट्रीय भावना का बीजारोपण होगा जिन्होने कहा था

 

निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल

बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल

अर्थात...!!  बिन मातृभाषा से राष्ट्र जड़ है, राष्ट्र के

वैभव उन्नति व बल का उत्प्रेरक मातृभाषा ही है ..

भारतेंदु हरीश चंद्र

Wednesday, 2 June 2021

सावरकर दिन क़े जुगनू जिनके प्रकाश से अंग्रेज़ों के साम्राज्य का न डूबने वाला सूरज भी थर्राता था व अंग्रेजों को हिंदुस्तान में अपना भविष्य अंधकारमय लगता था


 

श्रेष्ठ कौन..!!!, कलम या तलवार..., स्कूलों में भाषण प्रतियोगितायें होती है .., और मैकाले की शिक्षा प्रणाली में कलम की जीत पर वाक् युद्ध करने वाले को पुरूस्कार दिया जाता है.

 

२ . वीर वीर ही नहीं.., परमवीर सावकर, दुनिया के एक मात्र क्रांतीकारी थे, जिन्होनें समयानुसार, कलम व तलवार..., कलम व पिस्तौल को अपने जीवन में श्रेष्ठ बनाया. इसकी ही छाप से, शत्रु की राजधानी इंग्लैंड में अपना कौशल दिखाया..

 

३ . वीर सावरकर ने, कलम से, भारतीय १८५७ एक पवित्र स्वातंत्र्य समर इतिहास लिखकर” , अंग्रेजों के पसीने छुड़ा दिए..,, वे इतने भयभीत हो गए कि इस इतिहास को बिना पढ़े, बिना प्रकाशन के ही इसे प्रतिबंधित कर दिया, जबकि इसके प्रकाशन की लाखों प्रतिया विश्व में छा गई.., और हिन्दुस्तान की गुलामी व लूट के इतिहास से विश्व परिचित हुआ.

 

४ . याद रहे, इस पुस्तक को पढ़कर, शहीद भगत सिंग में कांती का स्वर बुलंद हो गया.., उन्होंने इस पुस्तक का चोरी छिपे प्रकाशन कर क्रांतीकारियों में बांटी ..., और या पुस्तक क्रांतीकारियों की गीताबन गई.

 

५ . उनका कहना था, अंग्रेजों की बन्दूक से दमनकारी नीती का जवाब काठी नहीं..., राष्ट्रवाद की गोली से देना चाहिए, और जवाब भी दिया..,

 

६ . इतनी यातनाए सहने के बाद,कई बार काल के गाल के निकट पहुँचाने के बावजूद , वीर सावरकर के गाल, यूं कहें चेहरे पर शिकन तक नहीं थी.

 

७ . इस महान क्रांतीकारी को देश के इतिहास कारों , पत्रकारों आज के मीडिया ने गांधी /कांग्रेस के पिछलग्गू बनकर, पेट भरू , बनकर देश के गरीबों के पेट में लात मारकर, आज के देश की मार्मिक तस्वीर दिखाने के बजाय, अय्याशी का मीडिया (साधन) बनाकर, अपनी कलम से अपने पत्रिकाओं के कॉलम (COLUMN) में देश के गौरवशाली इतिहास को भी कभी सामने आने नहीं दिया ..