Wednesday, 8 July 2026

राम नाम के चढ़ावे की लूट है , लूट सके तो लूट ..,

 







राम नाम के चढ़ावे की लूट है , लूट सके तो लूट ..,

अंत काल पछताएगा जब नौकरी जाएगी छूट .

 

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देश के भीतर ही हिंदू के भेष में बाबरनाम के विचारों की तूती बोलती है

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देश १९४७ से खंडित भारत से लुटेरों के गिरफ्त में आ गया है ,

 

अंग्रेज़ों की ग़ुलामी के संविधान की प्रतिलिपि को , मेरा संविधान महान , मेरा देश महान के नशीले नारों से , यहाँ हर माफिया महान.., से अपराध की मीठी चासनी के कड़ाई में मदहोस से देश को लूट रहा है

 

जमानत इन माफियाओं के लिए अमानत बनकर , क़ानून भी इन्हें अपराध की पाठशालास्वरूप से शातिर अपराध के पदकसे परिपक्व बना देता है

 

जिस तरह सेना में अनुशासन से जवानों को पदक मिलता है

 

वही हमारे संविधान में जमानतभी राष्ट्र को लुटने का विशिष्ट अधिकार देता है

 

यही कारण है कि देश में ५ करोड़ मुकदमे लंबित होने से , आम आदमी क़ानून के दमेंसे ग्रसित होकर करोड़ो देश के ग़रीब काल के गाल में चले जातें हैं

 

आज सरकारी अधिकारी , नौकरशाही,जाजशाही के घरों में करोड़ों की अकूत दौलत बरामद होने के बावजूद क़ानून भी बाल बांका करने की अवकाद नही रखता है

 

मुझे आश्चर्य है मोदीजी दंभ भरकर जनता को अच्छे दिनों की चासनी खिला रहें है व जनता को चार ट्रिलियन की अर्थव्यस्था देश को चौथे क्रम की अव्वलता का झाँसा दिया जा रहा है

 

यदि सफेद, खाकी व काले माफियाओं का DNA टेस्ट करेंगे तो हमारी अर्थव्यस्था ५० ट्रिलियन से अधिक निकलेगी

 

 

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There is a free-for-all to plunder the offerings made in the name of Ram—grab what you can while you may..,

 

But in your final hour, you will rue the day when your job slips away.


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