Tuesday, 19 July 2016

“इंग्लैंड के सभी शत्रुओं में जो सर्वश्रेष्ठ है वे एक मात्र वीर सावरकर हैं .., इंग्लैंड एक भाग्यवान राष्ट्र है जिसे सावरकर जैसे चारित्र संपन्न , प्रखर राष्ट्रभक्त और कमाल का बुध्हिमान शत्रु मिला” – LORD BROCWAY – Member of Parliament England (1985 )


 विश्व के क्रांतीकारी गुरू (देश के पितामह) वीर सावरकर को देश के गुरू डॉक्टर एपीजे अब्दुल  की प्रेरणा का संबोधन..,

वीर सावरकरसे अभिभूत भारत रत्न सम्मान से मंडित देश के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एपीजे कलामने अपने उद्‌बोधन में बडे ही मुक्त ह्रदय से यह रहस्योद्‌घाटन किया था कि आपने अपनी रचना 'इंडिया 2020 ए विजन फॉर द न्यू मिलिनियम" ग्रंथ में 'स्ट्रैंग्थ रिस्पेक्ट्‌स स्ट्रैंग्थ" (शक्ति ही शक्ति का सम्मान करती है) यह जो दार्शनिक वाक्य प्रस्तुत किया था, वह मूलतः वीर सावरकर का दिया हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी तरुणाई के दिनों में वीर सावरकरके त्याग एवं विचारों को पढ़कर वे अभिभूत थे और उन्होंने सावरकर साहित्य को पढ़ा है

याद रहे.., पुणे के 'ऋण विमोचन ट्रस्ट" द्वारा युद्धनीति तथा रक्षा तैयारियों से संबद्ध अनुसंधान के क्षेत्र में मौलिक अनुदान देनेवाली राष्ट्रीय व्यक्ति या संस्था को दिए जानेवाले 'वीर सावरकर पुरस्कार" से वर्ष 1998 में डॉ एपीजे कलाम को सम्मानित किया गया था.

आजादी के मसीहा कहकर, छद्म पुतलों व सडकों के नाम देखकर.., देश को चौपटनगरीकर, अंधे राजाओं को देखकर , आज भी भारतमाता आहभर.., कराह कर, कह रही है.., ७० सालों बाद भी..!!!, मेरे १२५ करोड़ बेटों को किस तरह, विदेशी हाथ- विदेशी साथ विदेशी विचार- विदेशी संस्कार , जाति, भाषा व धर्मपरिवर्तन से आपस में, लड़ाकर..., कैसे मेरे कटे अंगो के घाव सहित , पुन: मुझे विदेशी जंजीरों से बांधने का प्रयास किया जा रहा है..

क्या..? मोदी सरकार इस विश्व गुरू के, कब्र में गढ़े इतिहास को जिन्दा कर.., देशवासियों में जिंदगानी लाकर.., इस विश्व गुरूकी प्रेरणा देंगे.., क्या...??, ऐसे भी  २६ फरवरी २०१६ को परमवीर सावरकरकी ५० वी पूण्य तिथी”, धूम-धाम से मनाकर राष्ट्रवादकी अलख जगाने के महत्व को भी नकार दिया  .........!!!!!!!!!!!!!!!!

जबकि वोट बैंक के नगाड़े से डॉक्टर बाबा साहब के इंग्लॅण्ड के घर को ७२ लाख रूपये में खरीद कर, दौरा कर .., इंग्लॅण्ड में बखान कर , १२५ वीं जन्मतिथी को देश में एक पखवाड़ा तक मनाया .., वहीं वीर सावरकर के घर व “इंडिया हाउस” जिसे आज भी विश्व में  क्रांतीकारियों का मक्का कहा जाता है , जिस भवन से आजादी की नीव बनी थी , आज भी इंडिया हाउस की ईंटें भी ब्रितानी सरकार को “वीर सावरकर” के शौर्य का परिचय देती हैं

१९८५ में वीर स्वर सावरकर के तैल चित्र का इंग्लॅण्ड में इंडिया हाउस में लेबर पार्टी के सांसद लार्ड ब्रोकवे द्वारा अनावरण करने पर संसद में कंजर्वेटी पार्टी द्वारा विरोध करने पर लार्ड ब्रोकवे ने लताड़ कर वीर सावरकर की वीरता से  कहा 

इंग्लैंड के सभी शत्रुओं में जो सर्वश्रेष्ठ है वे एक मात्र वीर सावरकर हैं .., इंग्लैंड एक भाग्यवान राष्ट्र है जिसे सावरकर जैसे चारित्र संपन्न , प्रखर राष्ट्रभक्त और कमाल का बुध्हिमान शत्रु मिला” – LORD BROCWAY – Member of Parliament England (1985 )  

और वहीं हमारे प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में “इंडिया हाउस” व वीर सावरकर  का नाम न लेकर देशवासियों को गुमराह किया..,
याद रहे..,लोकसभा के तूफानी चुनावी दौरों में नरेन्द्र मोदी ने  इंडिया हाउस के श्यामजी वर्मा के जिनेवा से अस्थि कलश लाने का बखान करने पर बार –बार “श्यामाप्रसाद मुखर्जी” शब्द बोलने पर जनता की खिल्ली के  शिकार का पात्र भी बनें थे.

विश्व गुरू:

१. जिन्होंने विश्व के क्रांतीकारियों में एक मंत्र भरा जीवन में गुलामीएक बडा कलंकहै 

२. सुभाष चन्द्र बोस, सरदार भगत सिंग, चंद्रशेखर आजाद व लाखों क्रांतीकरियों को, “१८५७ एक स्वातंत्र्य युद्ध”” जो हिन्दू-मुस्लिम एकता से लड़ा गया, एक राष्ट्रवादी जीत थी .., हम ५ महीने स्वतंत्र थे , बाद में अंग्रेजों ने दुबारा कूटनीती से पटियाला व ग्वालियर के राजाओं ने नेपाल की सेना की मदद से इस स्वातंत्र्य युद्धको कुचल डाला.

३. भारत का संघर्ष पूर्वक जीत का गौरव शाली इतिहासप्रमाण सहित लिख कर सिद्ध किया कि हम बुजदिल कौम नहीं हमारा,ज्ञान विज्ञान, मस्तिष्क बल बाहुबली से गौरवशालीथा

४. हिन्दुत्वपुस्तक में राष्ट्र की महत्ता को संबोधित कर कहा हिंदुत्वकी जीवन शैली से ही विश्व का कल्याण होगा .

५. सावरकर का जीवन परिचय:

१. बाल्यकाल के सातवें वर्ष से ही.., ब्रिटिश सत्ता को उखाड़ फेकने का जूनून.. 

२. १६ साल की आयु में, भवानी माता के मंदिर में, छत्रपति शिवाजी महाराज की तरह प्रतिज्ञा लेकर, मौत से न डरने वाले वीर सावरकर.., अन्तत: अपने कार्यों में सफल रहे.

३. वीर सावरकर का सम्पूर्ण जीवन,व्यभिचार मुक्त 100% शुद्ध रहा .., गुलाम भारत के समय, इंग्लैंड में उन्होंने अपनी विदेशी मित्र महिला साथियों द्वारा प्यार का इजहार करने पर कहा था.., मैं सिर्फ भारतमाता से प्यार करता हूं.., विवाह के बाद, मैं अपनी पत्नी से प्यार करूंगा.. अपनी जवानी के १३ मार्च १९१० से लेकर १० मई १९३७ तक २७ वर्षो की अमानवीय पीडा भोग कर उच्च मनोबल, ज्ञान और शक्ति साथ.., जब वह जेल से बाहर निकले जैसे अंधेरा चीर कर सूर्य निकलता है.

४ . . दुनिया में एकमात्र वीर सावरकर. जिन्होंने अपने परिवार को देश के बलिदान में झोंक दिया, अपना सम्पूर्ण जीवन, सम्पती.., 100% ज्ञान राष्ट्र के लिए समर्पीत करने के बावजूद, कभी सत्तालोलुप नहीं रहें..

५ . १९६० में देश की लुंज-पुंज स्तिथी देखकर.., चीन की पंचशील नीती के  हिंदी चीनी भाई-भाई के प्रपंच से देश पर PUNCH से हमला होने के आभाष से वीर सावरकर ने, प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को चुनौती देते हुए कहा था.., “मैं सत्तालोलुप नहीं हूं..., यदि आप मुझे २ साल के लिए सत्ता दें. तो मैं देशवासियों के राष्ट्रबल से देश को बलशाली बनाऊंगा, ताकि कोई दुश्मन हमारी तरफ आँख उठाकर न देखें... 

६  . दोस्तों, वीर सावरकर का कितना भी बखान किया जाय कम हैं , वे तो, गुणों के खान थे..., देश के प्रति राष्ट्रभक्तिसे आज भी राष्ट्र उनका ऋणी है..,

विश्व के इस क्रांती कारी वीर,वीर,वीर ..., ही नहीं परमवीर सावरकरको गुरु पूर्णिमाके दिन .., अनंत,अनंत .. नमन...

आप हो गुणों के खान.., आपका बखान ही.., भारतमाता की शान 

Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold.
के संकल्प से गरीबी हटकर, भारत निर्माण से, इंडिया शायनिंग से, हमारे LONG – INNING से, “FEEL GOOD FACTOR” से देश के अच्छे दिन आयेंगें..,

विशुद्ध रूप से वीर सावरकर की प्रवाष्ठियों का फेस बुक पेज
https://www.facebook.com/Veer-Paramveer-Savarkar-Shining-S…/


 (a mirror of india) भ्रष्टाचारीयों के महाकुंभ की महान-डायरी

Sunday, 17 July 2016

अब धारा ३७० हटाने का समय आ गया है.., पकिस्तान की प्रायोजित पत्थरबाजी, अब बडबोले बाजी की नीती ख़त्म करनी होगी.




१.    हमें विश्व गुरू बनना हैतोवीर सावरकर की विचारधारा को मानना ही पडेगा ...आज मणिपुर के आतंकवाद का जवाब..वीर सावरकर की विचारधारा से जाबांजी का ही परिचय है ..

२.    अब धारा ३७० हटाने का समय आ गया है.., पकिस्तान की प्रायोजित पत्थरबाजी, अब बडबोले बाजी की नीती ख़त्म करनी होगी.

३.    कश्मीर नीती में JNU के आतंकवादीयों ने कूटनीती से कश्मीर के टुकड़े , व भारत की बर्बादी के नारों के समर्थन में  बुद्धीजीवियों  के मैडल वापसी से इसे नई जीवनी देकर , देश की सुप्रीम कोर्ट ने भी गुमराह होकर इन देशद्रोहियों को जमानत देकर.., देशी विदेशी आतंकवादियों का सीना फुलाकर .., अब बुरहान वाणी की ह्त्या से इसे  अंतरराष्ट्रीय मंच में लाने में भले ही असफलता मिली हो .., लेकिन अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों को  एक मंच में लाने का प्रयास किया जा रहा है..., देश को भीतरी दुश्मनों के सहयोग से एक भीतरी घात से एक गृहयुद्ध में झोंककर.., काश्मीर को अलग करने की कुटील चल चल रहा है. 

४.    आज की ५६ इंच की सरकार”, इस श्रेय से, “११२ इंच का सीना फुलाकर, फूला समाकर. सेना का गौरव व मनोबल बढ़ा रही है.., लेकिन यह एक संवेदनशील मसला है.., सरकार की रणनीती को घेरने की एक गहरी साजिस का हिस्सा है.., कि हिन्दुस्तान को युद्द  में झोंकनें व ISI व ISIS को भागीदार से युद्ध लड़ने का प्रायोजित खेल की साजिस की तैयारी है.

५.     आज, देश के रक्षा मंत्री भी वीर सावरकर की भावनाएं व्यक्त कर , पड़ोसी व दुश्मन देशों में खौफ पसरा है क्योकि 70 सालों से यह देश विदेशी आक्रमणकारियों के लिए पंजरी खाने वाला देश था 
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१ . श्रेष्ठ कौन..!!!, कलम या तलवार..., स्कूलों में भाषण प्रतियोगितायें होती है .., और मैकाले की शिक्षा प्रणाली में कलम की जीत पर वाक् युद्ध करने वाले को पुरूस्कार दिया जाता है.

२ . वीर वीर ही नहीं.., परमवीर सावकर, दुनिया के एक मात्र क्रांतीकारी थे, जिन्होनें समयानुसार, कलम व तलवार..., कलम व पिस्तौल को अपने जीवन में श्रेष्ठ बनाया. इसकी ही छाप से, शत्रु की राजधानी इंग्लैंड में अपना कौशल दिखाया..

३ . वीर सावरकर ने, कलम से, भारतीय १८५७ एक पवित्र स्वातंत्र्य समर इतिहास लिखकर” , अंग्रेजों के पसीने छुड़ा दिए..,, वे इतने भयभीत हो गए कि इस इतिहास को बिना पढ़े, बिना प्रकाशन के ही इसे प्रतिबंधित कर दिया, जबकि इसके प्रकाशन की लाखों प्रतिया विश्व में छा गई.., और हिन्दुस्तान की गुलामी व लूट के इतिहास से विश्व परिचित हुआ.

४ . याद रहे, इस पुस्तक को पढ़कर, शहीद भगत सिंग में कांती का स्वर बुलंद हो गया.., उन्होंने इस पुस्तक का चोरी छिपे प्रकाशन कर क्रांतीकारियों में बांटी ..., और या पुस्तक क्रांतीकारियों की गीताबन गई.

५ . उनका कहना था, अंग्रेजों की बन्दूक से दमनकारी नीती का जवाब काठी नहीं..., राष्ट्रवाद की गोली से देना चाहिए, और जवाब भी दिया.., 

६ . इतनी यातनाए सहने के बाद,कई बार काल के गाल के निकट पहुँचाने के बावजूद , वीर सावरकर के गाल, यूं कहें चेहरे पर शिकन तक नहीं थी.

७ . इस महान क्रांतीकारी को देश के इतिहास कारों , पत्रकारों आज के मीडिया ने गांधी /कांग्रेस के पिछलग्गू बनकर, पेट भरू , बनकर देश के गरीबों के पेट में लात मारकर, आज के देश की मार्मिक तस्वीर दिखाने के बजाय, अय्याशी का मीडिया (साधन) बनाकर, अपनी कलम से अपने पत्रिकाओं के कॉलम (COLUMN) में देश के गौरवशाली इतिहास को भी कभी सामने आने नहीं दिया ..

८ . अभी दिल्ली से, भाजपा नेता, सुब्रमनियम स्वामी की एक हल्की सी हुंकार सुनाई दी कि वीर सावरकार को भारत रत्नदेने की .., क्या ये गूँज भी नेपथ्य में खो जायेगी ..
 
१२. गुणों की खान वीर सावरकर का कितना भी बखान किया जाय कम है 

९ . वीर सावरकर ::: एक महान विद्वान ,राजनयिक, , स्टेट्समैन राजनेता, तत्वचिंतक , क्रांतीकारक लेखक, नाटककार, महाकवि, सर्वोत्तम वक्ता, पत्रकार, धर्मशील, नीतीमान, पंडित, मुनि, इतिहास संशोधक, इतिहास निर्माता, राष्ट्रीत्व के दर्शनकार, प्रवचनकार, अस्पर्शयता निवारक, शुद्धी कार्य के प्रणेता, समाज सुधारक, विज्ञान निष्ठा सिखाने वाले , भाषा शुद्धी करने वाले, लिपि सुधारक, संस्कृत भाषा पर प्रभुत्व, बहुभाषिक हिंदुत्व संगठक, राष्ट्रीय कालदर्शन के प्रणेता, कथाकार, आचार्य, तत्व ज्ञानी, महाजन, स्तिथप्रज्ञ, इतिहास समीक्षक, धर्म सुधारक विवेकशील नेता व हुतात्मा थे

१० . दोस्तों इनकी कीर्ती के सामने भारत रत्नतो छोड़ों देश के नोबल पुरूस्कार विजेता व भारत रत्न से सम्मान्नीत महान वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट रमण ने सही कहा था वीर सावरकर की चमक के समक्ष कोहिनूर हिरा भी फीका है..
११ . 70 वर्षों के इतिहास में जिन्होंने देश को १९४७ के पहिले की जनता के सुखमय जीवन को आज गरीबी से ग्रसित किया है (सिर्फ लाल बहादुर शास्त्री क छोड़कर) वे भारत रत्न की शान से आज भी मुहल्ले, गली, शहर में पुतले के साथ अपना नाम कराकर..,जनता को दंश देकर अपनी शान को द्योतक/प्रतीक कह रहें हैं 

Saturday, 9 July 2016

PLEASE.., MUST WATCH FULL VIDEO .., 70 YEARS TRUTH OF JANTA'S TEETH PICKERS देश के लिए सर कटाने वाले.., परम शुरों के सुरों को नेपथ्य में गुमनान कर.., आज, वे देशद्रोहियों के सूची में शीर्ष स्थान में हैं ..,


PLEASE.., MUST WATCH FULL VIDEO .., 70  YEARS TRUTH OF JANTA'S TEETH PICKERS
 देश के लिए सर कटाने वाले.., परम शुरों के सुरों को  नेपथ्य में गुमनान कर..,   आज, वे देशद्रोहियों के सूची में शीर्ष स्थान में हैं ..,

अंग्रेजों के सर पर राजतिलक लगाने वाले .., अहिंसा के मंत्र से देश के टुकड़े कर, १० लाख से अधिक हिन्दुस्थानियों के रक्त से सने कपड़ों को खादी के रंग से सत्ता परिवर्तन को “आजादी” के नाम से भरमाकर..., आज हमारे देश में इनकी तूती  बोलती है,. भारत रत्न के मसीहा बनाकर, देश के लाखों रोड, गलियारों, भवनों, योजनाओं व संस्थान का अलंकरण अपने नाम कर देशवासियों को भरमाया गया कि आजादी का रणसिर्फ इन्ही आत्माओं ने जीता है.

देश के “आराम हराम है” से “अय्याशी” के खद्दर में १९४८ में हमने कश्मीर का टुकड़ा करवाया.., और भारत रत्न से नवाजा गया, संविधान को नकारते हुए “महात्मा” की उपाधी देकर बिना खडग बिना ढाल .., विश्व में आज भी डंका बजाकर देश में घोटालों की बहार है..,

स्वदेशी के संत के नाम से विदेशी हाथ, विदेशी साथ, विदेशी विचार, विदेशी संस्कार .. से किसानों की आत्मह्त्या से..,  देश विदेशी कर्ज के मर्ज से डॉलर रुपये पर ६८ हथौड़े मारकर, डोलकर डॉलर रूपये की कॉलर खीचकर.., २०० रूपये किलों दाल से  माफिया, भ्रष्टाचार के  हर डाल पर  मौज कर रहा है...,
सरकार भी देशी काले  धन पर माफियाओं को तारीख पर तारीख देकर काले धन को लाने का अपनी तारीफ़ से तारीफों के पुल बाँध रही है ..

 दोस्तों.., नेताओ की टोपी को उल्टाकर देखो , इसमे आपको भ्रष्ट नेताओ के दिमाग की गहराई दिखायी देगी, जो पाताल तोड कुँए से भी हजारो गुना गहरी है..???

साभार
www.meradeshdoooba.com (a mirror of india) स्थापना २६ दिसम्बर २०११ - भ्रष्टाचारीयों के महाकुंभ की महान-डायरी