Sunday, 17 March 2019

देश का “चौकीदार चोर है” के विरोधी पक्ष की हुंकार से घबराकर सत्ता पक्ष ने अपने सभी मंत्रियों को “मैं भी देश का चौकीदार” के नारों से प्रधानमंत्री से छुटभैय्ये नेताओं ने अपने Twitter खातों का नाम बदल कर अब जनता में भ्रम फ़ैलाने से पहिले तोड़ने में लगें हैं.., यूं कहें “चौकीदार” का मतलब “चाव की दरकार” देश के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर देश के ऐसे चौकीदार थे , जिन्होनें देश के दुश्मनों द्वारा उरी में सेना पर हमला करने वाले ,पाकिस्तान को आगाह किया कि देश दब्बू नेताओं का गुलाम नहीं है.., व surgical strike कर, विरोधी दलों के सबूत की हुंकार को खारिज कर दुश्मनों में खौफ पैदाकर, बता दिया कि हमारी सेना का “हर जवान सीमा से देश का चौकीदार है ..,” देश की सेना के रंग संग.., शत्रुओ में बने दबंग.., काश यदि आज तक रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर स्वस्थ रूप से जीवित रहकर अपने पद में रहते तो डोभाल के संग आज अजहर मसूद से विश्व के अन्य आतंकवादियों का सूपड़ा साफ़ हो गया होता..., व विश्व भी हतप्रभ होता... देश के सच्चे चौकीदार की सादगी के जीवन से राष्ट्र भक्त व देश ही सर्वोपरी के भावना से देश को उन्नत बनाने के मंत्र का सलाम व मनोहर पर्रिकर को श्रधांजलि...



बेबाक पोस्ट .., देश का चौकीदार चोर हैके विरोधी पक्ष की हुंकार से घबराकर सत्ता पक्ष ने अपने सभी मंत्रियों को मैं भी देश का चौकीदारके नारों से प्रधानमंत्री से छुटभैय्ये नेताओं ने अपने Twitter खातों का नाम बदल कर अब जनता में भ्रम फ़ैलाने से पहिले तोड़ने में लगें हैं.., यूं कहें चौकीदारका मतलब चाव की दरकार

देश के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर देश के ऐसे चौकीदार थे , जिन्होनें
देश के दुश्मनों द्वारा उरी में सेना पर हमला करने वाले ,पाकिस्तान को आगाह किया कि देश दब्बू नेताओं का गुलाम नहीं है.., surgical strike कर, विरोधी दलों के सबूत की हुंकार को खारिज कर दुश्मनों में खौफ पैदाकर, बता दिया कि हमारी सेना का हर जवान सीमा से देश का चौकीदार है ..,”
देश की सेना के रंग संग.., शत्रुओ में बने दबंग.., काश यदि आज तक रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर स्वस्थ रूप से जीवित रहकर अपने पद में रहते तो डोभाल के संग आज अजहर मसूद से विश्व के अन्य आतंकवादियों का सूपड़ा साफ़ हो गया होता..., व विश्व भी हतप्रभ होता...

देश के सच्चे चौकीदार की सादगी के जीवन से राष्ट्र भक्त व देश ही सर्वोपरी के भावना से देश को उन्नत बनाने के मंत्र का सलाम व मनोहर पर्रिकर को श्रधांजलि...


फेस बुक व वेब स्थल June 13, 2015 की पुरानी पोस्ट:

१. हमें विश्व गुरू बनना है, तो, वीर सावरकर की विचारधारा को मानना ही पडेगा ..., आज मणिपुर के आतंकवाद का जवाब.., वीर सावरकर की विचारधारा से जाबांजी का ही परिचय है ..

२. आज की ५६ इंच की सरकार”, इस श्रेय से, “११२ इंच का सीना फुलाकर, फूला समाकर. सेना का गौरव व मनोबल बढ़ा रही है..

३. आज, देश के रक्षा मंत्री भी वीर सावरकर की भावनाएं व्यक्त कर , पड़ोसी व दुश्मन देशों में खौफ पसरा है क्योकि 70 सालों से यह देश विदेशी आक्रमणकारियों के लिए पंजरी खाने वाला देश था.

४. श्रेष्ठ कौन..!!!, कलम या तलवार..., स्कूलों में भाषण प्रतियोगितायें होती है .., और मैकाले की शिक्षा प्रणाली में कलम की जीत पर वाक् युद्ध करने वाले को पुरूस्कार दिया जाता है.

५. वीर वीर ही नहीं.., परमवीर सावकर, दुनिया के एक मात्र क्रांतीकारी थे, जिन्होनें समयानुसार, कलम व तलवार..., कलम व पिस्तौल को अपने जीवन में श्रेष्ठ बनाया. इसकी ही छाप से, शत्रु की राजधानी इंग्लैंड में अपना कौशल दिखाया..

६. वीर सावरकर ने, कलम से, भारतीय १८५७ एक पवित्र स्वातंत्र्य समर इतिहास लिखकर” , अंग्रेजों के पसीने छुड़ा दिए..,, वे इतने भयभीत हो गए कि इस इतिहास को बिना पढ़े, बिना प्रकाशन के ही इसे प्रतिबंधित कर दिया, जबकि इसके प्रकाशन की लाखों प्रतिया विश्व में छा गई.., और हिन्दुस्तान की गुलामी व लूट के इतिहास से विश्व परिचित हुआ.

७. याद रहे, इस पुस्तक को पढ़कर, शहीद भगत सिंग में कांती का स्वर बुलंद हो गया.., उन्होंने इस पुस्तक का चोरी छिपे प्रकाशन कर क्रांतीकारियों में बांटी ..., और या पुस्तक क्रांतीकारियों की गीताबन गई.

८. उनका कहना था, अंग्रेजों की बन्दूक से दमनकारी नीती का जवाब काठी नहीं..., राष्ट्रवाद की गोली से देना चाहिए, और जवाब भी दिया.

.,
९. इतनी यातनाए सहने के बाद,कई बार काल के गाल के निकट पहुँचाने के बावजूद , वीर सावरकर के गाल, यूं कहें चेहरे पर शिकन तक नहीं थी.

१०. इस महान क्रांतीकारी को देश के इतिहास कारों , पत्रकारों आज के मीडिया ने गांधी /कांग्रेस के पिछलग्गू बनकर, पेट भरू , बनकर देश के गरीबों के पेट में लात मारकर, आज के देश की मार्मिक तस्वीर दिखाने के बजाय, अय्याशी का मीडिया (साधन) बनाकर, अपनी कलम से अपने पत्रिकाओं के कॉलम (COLUMN) में देश के गौरवशाली इतिहास को भी कभी सामने आने नहीं दिया ..

११. अभी दिल्ली से, भाजपा नेता, सुब्रमनियम स्वामी की एक हल्की सी हुंकार सुनाई दी कि वीर सावरकार को भारत रत्नदेने की .., क्या ये गूँज भी नेपथ्य में खो जायेगी ..

१२. गुणों की खान वीर सावरकर का कितना भी बखान किया जाय कम है

१३. वीर सावरकर ::: एक महान विद्वान ,राजनयिक, , स्टेट्समैन राजनेता, तत्वचिंतक , क्रांतीकारक लेखक, नाटककार, महाकवि, सर्वोत्तम वक्ता, पत्रकार, धर्मशील, नीतीमान, पंडित, मुनि, इतिहास संशोधक, इतिहास निर्माता, राष्ट्रीत्व के दर्शनकार, प्रवचनकार, अस्पर्शयता निवारक, शुद्धी कार्य के प्रणेता, समाज सुधारक, विज्ञान निष्ठा सिखाने वाले , भाषा शुद्धी करने वाले, लिपि सुधारक, संस्कृत भाषा पर प्रभुत्व, बहुभाषिक हिंदुत्व संगठक, राष्ट्रीय कालदर्शन के प्रणेता, कथाकार, आचार्य, तत्व ज्ञानी, महाजन, स्तिथप्रज्ञ, इतिहास समीक्षक, धर्म सुधारक विवेकशील नेता व हुतात्मा थे

१४. दोस्तों इनकी कीर्ती के सामने भारत रत्नतो छोड़ों देश के नोबल पुरूस्कार विजेता व भारत रत्न से सम्मान्नीत महान वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट रमण ने सही कहा था वीर सावरकर की चमक के समक्ष कोहिनूर हिरा भी फीका है..
१५. 70 वर्षों के इतिहास में जिन्होंने देश को १९४७ के पहिले की जनता के सुखमय जीवन को आज गरीबी से ग्रसित किया है (सिर्फ लाल बहादुर शास्त्री क छोड़कर) वे भारत रत्न की शान से आज भी मुहल्ले, गली, शहर में पुतले के साथ अपना नाम कराकर..,जनता को दंश देकर अपनी शान को द्योतक/प्रतीक कह रहें हैं

Friday, 8 March 2019

नारी दिवस .!!!!!, नारी.., इंसानों में सर्वोत्तम तुम ही और केवल तुम ही हो... वेश्या पतिता नहीं होती, पतन को रोकती है / पतित जन की गन्दगी , अपने ह्रदय में सोखती है/ जो विषैलापन लिए हैं घूमते नरपशु जगत में , उसे वातावरण में वह फैलने से रोकती है / यही तो गंगा रही कर , पापियों के पाप धोती , वह सहस्रों वर्ष से , बस बह रही है कलुष ढोती, शास्त्र कहते हैं कि गंगा मोक्षप्रद है, पावनी है , किसलिए फिर और कैसे वेश्या ही पतित होती ? मानता हूँ , वेश्या निज तन गमन का मूल्य लेती , किन्तु सोचो कौन सा व्यापार उनका ,कौन खेती ? और यह भी , कौन सी उनकी भला मजबूरियां हैं , विवश यदि होती न, तो तन बेचती क्यों दंश लेती ? मानता यह भी कि वेश्यावृत्ति , पापाचार है यह , किन्तु रोटी है ये उनकी , पेट हित व्यापार है यह , देह सुख लेते जो उनसे, वही उनको कोसते भी, और फिर दुत्कार सामाजिक भी , अत्याचार है यह गौर से देखो , बनाते कौन उनको वेश्याएं , और वे हैं कौन, जो इस वृत्ति को खुद पोषते हैं ? पतित तो वे हैं , जो रातों के अंधेरों में वहां जा - देह सुख भी भोगते हैं , और फिर खुद कोसते हैं



नारी दिवस .!!!!!, मर्दानी ..., अब भरवाओं.., मर्दों से पानी...
राजनीती से समाज ने तुम्हारी पवित्रता को पतितता से, बेड रूम (BED ROOM-शयनयान) की वस्तु बनाकर, भष्टाचार की ऊंची उड़ान भरी है और देश का बेड-रूप बना दिया है....
नारी तुम सब पर भारी..., अब अपने मर्दों (सरपंच से नेता) से कहों..., अब बेड रूम में तुम्हारे प्रपंच का खेल नहीं चलेगा..., भ्रष्टाचार के प्रपंच की पतितता से अब देश में नारी की कुरूपता का व्यव साय नहीं चलेगा .

आओं.., अपने मर्दों से कहों.., राजनीती की बातें BED-ROOM में नहीं, घर के DRAWING –रूम (बैठक कमरे) में हो..., ताकि, मैं देश की एक नई तस्वीर बना सकूं...

अब तक तो.., देश के मर्द सत्ता के मद में देश का मधु पी रहें थे .....
आओं..., मर्दों से कहो..., देश की महिलाओं को जगाकर कहो.., अब, हम तुम्हारी बैसाखी नहीं..., बच्चा पैदा करने की मशीन नहीं..., अब हमारे संस्कारों की सम्मानता से.., हम देश के हर नागरिकों को समान प्यार से, उनके जीवन की प्रेरणा को और उज्जवलित करेंगें... 

नारी..., तेरा प्यार दिल के आँसुओ से भरा रहता है, तुम्हारा दिल तो वात्सलय से 24 घंटे धडकता.. है... हर दु:ख पहुचाने वाले पति से बच्चे हर सख्श तक को आप माफ कर देती हो.. तकि आप की आँसू से वे अपने गलती का अहसास समझ कर प्रायश्चित (सुधर सके) कर सके
आप तो माँ की रूप में , सौ बार अपने आँसुओ से मौका देती है....माँ.., तेरे आँसु सागर से भी गहरे है. लेकिन तेरे सागर के आँसु तो लोगो को जीवन मे कैसे तैरना है,वह सिखाती है...आज तक तेरे आँसु के सागर कोई भी डूबा नही है...क्यो कि इसमे वात्सलय का नमक है...

आपके खून में ही तो देश का वात्सल्य , अभिमान व देश की हरियाली छीपी है..., तुम आरक्षण की वस्तु नहीं देश के संरक्षण की धारा हो...
हमारे समाज के पिस्सुओं ने देश की बच्चियों से नारी को पतितता से वेश्यावृती के धन से अब बलात्कार की हुंकार भर कह रहें हैं..., युवाओं का यह है अधिकार.., है... 

नारी.., समाज के पिस्सुओं ने देहव्यापार में धकेले ढकेले कर..., तुम्हारी पतितता में भी पवित्रता है..




नारी.., इंसानों में सर्वोत्तम तुम ही और केवल तुम ही हो... 
वेश्या पतिता नहीं होती, पतन को रोकती है /
पतित जन की गन्दगी , अपने ह्रदय में सोखती है/
जो विषैलापन लिए हैं घूमते नरपशु जगत में ,
उसे वातावरण में वह फैलने से रोकती है /

यही तो गंगा रही कर , पापियों के पाप धोती ,
वह सहस्रों वर्ष से , बस बह रही है कलुष ढोती,
शास्त्र कहते हैं कि गंगा मोक्षप्रद है, पावनी है ,
किसलिए फिर और कैसे वेश्या ही पतित होती ?

मानता हूँ , वेश्या निज तन गमन का मूल्य लेती ,
किन्तु सोचो कौन सा व्यापार उनका ,कौन खेती ?
और यह भी , कौन सी उनकी भला मजबूरियां हैं ,
विवश यदि होती न, तो तन बेचती क्यों दंश लेती ?

मानता यह भी कि वेश्यावृत्ति , पापाचार है यह ,
किन्तु रोटी है ये उनकी , पेट हित व्यापार है यह ,
देह सुख लेते जो उनसे, वही उनको कोसते भी,
और फिर दुत्कार सामाजिक भी , अत्याचार है यह 
गौर से देखो , बनाते कौन उनको वेश्याएं ,
और वे हैं कौन, जो इस वृत्ति को खुद पोषते हैं ?
पतित तो वे हैं , जो रातों के अंधेरों में वहां जा -
देह सुख भी भोगते हैं , और फिर खुद कोसते हैं  

Sunday, 3 March 2019

चेतो मोदी सरकार ..., देश युद्ध के मुहाने पर है.., मत करो चुनावी पूर्व पैसों की बौछार.., देश को धन की शक्त जरूरत है ताकि देश सशक्त हो सके... लुंज पुंज सरकारी कार्यालय में नहीं है कर्मचारियों में कोई काम/कर्म का लय, देश की महंगाई दर SINGLE DIGIT (एकल अंक ) में ४% के आस पास जबकि सरकारी कर्मचारियों को (DOUBLE DIGIT) दोहरे अंक के पार १२% का महंगाई मुआवजा...


चेतो मोदी सरकार ..., देश युद्ध के मुहाने पर है.., 
मत करो चुनावी पूर्व पैसों की बौछार.., 
देश को धन की शक्त जरूरत है ताकि देश सशक्त हो सके...

लुंज पुंज सरकारी कार्यालय में नहीं है कर्मचारियों में कोई
 काम/कर्म का लय, देश की महंगाई दर SINGLE DIGIT 
(एकल अंक ) में ४% के आस पास जबकि सरकारी 
कर्मचारियों को (DOUBLE DIGIT) दोहरे अंक के पार 
१२% का महंगाई मुआवजा... 
 
देश का जवान तिरंगे की सेवा में लालायित.., 
अपने प्राण को न्योछावर से अपने देह में तिरंगा लपेटकर
 घर आने को तैयार व स्वीकारे दुश्मन की हर ललकार..
 
देश का किसान मौसम की मार से ज्यादा अपने फसल 
को बेचने से (ज्यादा) बिचौलियों का शिकार , 
नहीं मिल रहा है फसलों का उचित दाम.., 
क्योंकि मंडियों में है बिचौलियों का दंभ .., 
और इस रंग में  बिकाऊ है  देश का  चौथा स्तम्भ
 (मीडिया – माफिया – नौकरशाहों का रंग हैं दबंग )  
 
 

Thursday, 28 February 2019

९४७ में देश आजाद होने पर वीर सावरकर ने आवाहन किया की देश को सुपर पॉवर बनाने के लिए भारत को हाइड्रोजन बम के साथ ध्वनि बम भी बनाना चाहिए . १९४५ में विश्वपटल पर कोरिया को खंडित कर दक्षिण कोरिया पर अमेरिका व उत्तर कोरिया पर रूस का अधिकार हुआ, दोनों कोरिया अपने अपने शुभचिंतकों पर आश्रित व केवल शतरंजी मोहरे बनाकर आपस में लड़ाने का खेल खेल रहे थे . दक्षिण कोरिया तो संपन्न था , उत्तर कोरिया की अर्थव्यस्था कमजोर होने के बावजूद उसने अपनी सीमा व देश की सुरक्षा व बदला लेने की भावनाओं से परमाणु तकनीकी चोरी छुपे खरीद कर किम जोंग के कार्यकाल में हाइड्रोजन बम का परिक्षण कर दुनिया को अचंभित कर सुपर पावर देशों में दहशत पैदा कर दी की कैसे एक छोटा देश दुनिया को बर्बाद कर सकता है...




सावरकर की उक्ती “शक्ती ही शक्ती का सम्मान करती है” , विश्व में दुर्बल बनकर देश का इतिहास नहीं संवारा जा सकता है.
  
जी हाँ .., वीर सावरकर की ४० से अधिक भविष्यवाणियां सार्थक हुई है ..,१९४७ में देश आजाद होने पर वीर सावरकर ने आवाहन किया की देश को सुपर पॉवर बनाने के लिए भारत को हाइड्रोजन बम के साथ ध्वनि  बम भी बनाना चाहिए .

१९४५ में विश्वपटल पर कोरिया को खंडित कर दक्षिण कोरिया पर अमेरिका व उत्तर कोरिया पर रूस का अधिकार हुआ, दोनों कोरिया अपने अपने शुभचिंतकों पर आश्रित व केवल  शतरंजी मोहरे बनाकर आपस में लड़ाने का खेल खेल रहे थे .
दक्षिण कोरिया तो संपन्न था , उत्तर कोरिया की अर्थव्यस्था कमजोर होने के बावजूद उसने  अपनी सीमा व देश की सुरक्षा व बदला लेने की भावनाओं से परमाणु तकनीकी चोरी छुपे खरीद कर किम जोंग के कार्यकाल में हाइड्रोजन बम का परिक्षण कर दुनिया को अचंभित कर सुपर पावर देशों में दहशत पैदा कर दी की कैसे एक छोटा देश दुनिया को बर्बाद कर सकता है...

खासकर इसके निशाने पर अमेरिका है , इसे जानकार अमेरिका के होश फाक्ता  / उड़ गए ..
और जानकार कि इसके  परदे के पीछे चीन की  महत्वपूर्ण भूमिका है.

दक्षिण कोरिया का हाथ थामने के लिए ट्रम्प ने सिंगापूर में एक निस्पक्ष्य जगह सिंगापूर में किम जोंग से मुलाक़ात की ताकि वह अपने परमाणु हथियार  की बलि दे..  लेकिन किम जोंग ने अमेरिका को  टरका दिया लेकिन कोई नए परमाणु हथियार का परिक्षण नहीं किया और अमेरिका सरकार को (अंध) विश्वास में लेकर गुमराह किया

अब अमेरिका सरकार को अपने  तले जमीन सरकते देख , वियतनाम में ट्रम्प सरकार ने किम जोंग को उकसाया की यदि आप परमाणु हथियार को छोड़ दे तो आप को विश्व में एक नंबर की शक्ती बनाने का विश्वास अमेरिका देगा ..अब देखना है की अमेरीकी सरकार इस जाल में किम जोंग को  फंसाकर अपना हित साधने में सफल होती है क्या !!!!!

इस लेख का निचोड़ यही है  की दुनिया को झुकाने के लिए राष्ट्रवाद ही देश की आत्मा है जिसे गीता में कहा गया कि इसको दुनिया की कोई ताकत  भेद नहीं सकती है

Tuesday, 26 February 2019

२६ फरवरी..., वीर परमवीर सावरकर की पुण्य तिथी पर सत्कार, साकार हुई वीर परमवीर सावरकर की उक्ती “शक्ती ही शक्ती का सम्मान करती है” , विश्व में दुर्बल बनकर देश का इतिहास नहीं संवारा जा सकता है अब पकिस्तान प्रहार पर प्रहार.., बनी मोदी की दुधारी तलवार देश में विरोधियों का चीत्कार, कोलाहल.., कहें मोदी नहीं है चित्रकार .., अब मोदी कहें.., इस कोलाहल से बनाऊँ इन्हें कोल्हू का बैल से राजनीती में ध्वस्त करूं इनके विचारों के चित्र का अस्तित्व



२६ फरवरी..., वीर परमवीर सावरकर की पुण्य तिथी पर सत्कार, 

साकार हुई वीर परमवीर  सावरकर की उक्ती “शक्ती ही शक्ती का सम्मान करती है” , विश्व में दुर्बल बनकर देश का इतिहास नहीं संवारा जा सकता है  
अब पकिस्तान प्रहार पर प्रहार..,
बनी मोदी की दुधारी तलवार

देश में विरोधियों का चीत्कार, कोलाहल.., कहें मोदी नहीं है चित्रकार ..

अब मोदी कहें.., इस कोलाहल से बनाऊँ इन्हें कोल्हू का बैल से राजनीती में ध्वस्त करूं इनके विचारों के चित्र का अस्तित्व 

राफेल की धार पहुंची सीमा पार ,
अब नहीं होने दूंगा देश का बंटाधार 
..Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold.


Description
आओं, पार्टी नहीं देश का पार्ट बने, “मैं देश के लिए बना हूँ””, देश की माटी बिकने नहीं दूंगा , “राष्ट्रवाद की खादसे भारतमाता के वैभव से, हम देश को गौरव से भव्यशाली बनाएं

Sunday, 17 February 2019

वीर सावरकर आज भी किसी छद्म भारत रत्न के मुंहताज नहीं हैं , वे आज भी राष्ट्रवाद के सरताज हैं जिसने वीर सावरकर को नहीं पहचाना...., वह ही आज देश को गर्त में डालने वाला वही जवाबदार है....,, गांधी की गंदी राजनीती व जवाहर के अय्याशी व विदेशी हाथ साथ विचार संस्कार का करो त्याग... दोस्तों..., जिस देश में राष्ट्रवाद है वहां जातिवाद, अलगाववाद व घुसपैठियो की पैठ नहीं बल्कि खात्मा है . इसका उन्नत उदाहरण है इजराइल , जिसका छेत्रफल मिजोरम के बराबर व जनसंख्या मात्र ८४ लाख जो उत्तर प्रदेश की आबादी का ३० वां भाग है. जिस देश में एक भाषा है ,एक कानून, मुफ्त शिक्षा से स्वास्थ्य सुविधा व सरकार की घोषणा है कि विश्व में कही भी जन्मा यहूदी , इजराइल का नागरिक है , इजराइल आने पर उसे अपने देश के नागरिक की तरह ऋण व व्यापार व जमीन की सुविधा है.




चेतो मोदी सरकार.., कश्मीर समस्या का समाधान...!!!!, हमारे पास वीर सावरकर हैं लेकिन कांग्रेस ने उनके विचाए गहन कब्र में दफ़न कर  दिए हैं , जबकि इजराइल ने उनकी विचार धारा को अपना कर मोशाद को राष्ट्रवाद की विचारधारा से अपने सीमा पर पसरे अनेक देशों मैं खौफ पैदा कर दिया है की वे उनकी सीमा में घुसने का दुस्शाहश भी नहीं कर सकते हैं.
   
अब भी समय है स्वीकार करो सावरकर के विचार, “नागरिकों का सैन्यीकरण व सीमा की चौकशी के बाद ही देश का शुरू हो विकास मंत्रके इस महान योद्धा के वीर शिवाजी व महाराणा प्रताप के गुण सूत्र के इस सूत्र से इजराइल (इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ६ दिन के दौरे पर विशेष ) राष्ट्रवाद के गुण से, विश्व की मुट्ठी भर आबादी के बावजूद उन्नत व स्वाभिमानी देशों की कतार में शीर्ष में है.

वीर सावरकर आज भी किसी छद्म भारत रत्न के मुंहताज नहीं हैं , वे  आज भी राष्ट्रवाद के सरताज हैं जिसने वीर सावरकर को नहीं पहचाना...., वह ही आज देश को गर्त में डालने वाला वही जवाबदार है....,,

गांधी की गंदी राजनीती व जवाहर के अय्याशी व विदेशी हाथ साथ विचार संस्कार का करो त्याग...

दोस्तों..., जिस देश में राष्ट्रवाद है वहां जातिवाद, अलगाववाद व घुसपैठियो की पैठ नहीं बल्कि खात्मा है .

इसका उन्नत उदाहरण है इजराइल , जिसका छेत्रफल मिजोरम के बराबर व जनसंख्या मात्र ८४ लाख जो उत्तर प्रदेश की आबादी का ३० वां भाग है.
जिस देश में एक भाषा है ,एक कानून, मुफ्त शिक्षा से स्वास्थ्य सुविधा व सरकार की घोषणा है कि विश्व में कही भी जन्मा यहूदी , इजराइल का नागरिक है , इजराइल आने पर उसे अपने देश के नागरिक की तरह ऋण व व्यापार व जमीन की सुविधा है.

मोदीजी आप कह रहें है की हमें गर्व है की हमारी ६५% आबादी ३५ साल की से उपर है , अर्थात ७५ करोड़ है ..,

यदि हम आपसी मतभेद भुलाकर, देशवासियों की १५० करोड़ भुजाएं के संगठन से हमारा देश इजराइल से १०० गुना मजबूत होकर चंद दिनों में ही विश्व गुरू बन जाएगा .

हमारे से लगभग एक साल बाद स्वतंत्र इजराइल के उदय के बाद वीर सावरकर ने इजराइल को मान्यता देने की वकालत की थी .., वहीं स्वतंत्र इजराइल ने अपनी राष्ट्र की सुरक्षा में ऐसे उपकरण विकसित कर लिए जिसका लगभग ५०% भारत इजराइल से आयात करता है..., और तो और जर्मनी व अमेरिका भी इसके आयात के ग्राहक है.., यहीं नहीं कृषि विज्ञान में इजराइल का सानी नही.., कृषि प्रधान देश हिन्दुस्तान भी आज इजराइल की तकनीकी से विकास की राह देख रहा है

मोदी जी वीर ही नहीं परमवीर सावरकर की विचारधारा नागरिकों का सैन्यीकरण व सीमा की चौकशी के बाद ही देश का विकास मंत्रके इस महान योद्धा के वीर शिवाजी व महाराणा प्रताप के गुण सूत्र के इस सूत्र से इजराइल राष्ट्रवाद के गुण से, विश्व की मुट्ठी भर आबादी के बावजूद उन्नत व स्वाभिमानी देशों की कतार में शीर्ष में है.

Friday, 15 February 2019

मेरे वेबस्थल के अंश पुन: लिखा रहा हूँ… जागे हुए लोगों से कहता हूँ जमहाई लेते हैं । सोते हुए लोगों से कहता,हूँ….अंगड़ाई लेतेहैं। कब्र के मुर्दे से कहा, मै कुछ….कह पाता,मुझे…भ्रष्टाचार॰का इंजेक्शन लग चुका था…. उसने….मुझसे कहा…,आप देश द्रोही बनकर, देश के लिये पागल होकर,,कुछ तो कहो ताकी मेरी मजार पर आदर्श,नेताओ,माफियाओं की मंजिल न बन सके। यदि जनता जमहाई लेते रहेगी तो ….????, हर दिन देश के हजारो ,नये लूटेरे, जमाई बनकर देश को लूटते रहेंगे….पिछला उदाहरण 2जी से , जनता के कॉमन वेल्थ से, कोयले से मुँह काला कर , खान , खदान, ईमान बेचकर भी, इनके चेहरे की, चमक बढ़ते ही जा रही है है…???, उपर से, ये,और विपक्षी दल भी इसमे सम्मलित होकर अपने को आर टी आई के दायरे मे न लाने का कानून बना रहे है … जनता को एक खुली चेतावनी देकर कह रहे है, रोक सके तो रोकों …..??????? जागो…..?? जागो…..??? जागो…..???? ….. देशवासियो अब जमहाई लेने का समय नही है….??????????????????


चेतो मोदी सरकार , देश में काले धन की बौछार , आतंकवादियों की बहार...,से देश में मचा रहे हैं काले धन वाले महंगाई से जनता में हाहाकार..
(आतंकवादियों करे पुलवामा हमले को साक्षार , हमारी खुफिया विभाग भी खूब – पीया के खेल से.., सदाबहार...,  माफियाओं को माफ़ किया के क़ानून से देश लाचार ) 

देश के भ्रष्टाचारी भेडियों के काला धन की कला को पकड़ने से, बेखबर.., हमारा क़ानून...

बच्चा पड़ोस में ढिंढोरा शहर में की कहावत भी, गलत हो गयी है..., भ्रष्टाचार का माफिया अपने घर के बिस्तर में नोटों के तख़्त पर सोया है..., और ढिंढोरा दुनिया में पीटने का खेल ..., किसी को नहीं जेल  
नोट बंदी के बावजूद १५००० से अधिक अरबपति , नए नोटों से देश से फरार .., सरकार अब लाचार , उन्हें लाने का नहीं हो रहा विचार.

रिज़र्वे बैंक (RBI ) करें सरकार से गुहार , शेयर बाजार , रियल एस्टेट के दलालों का फर्जी लेंन देंन से चौपट हो रही है देश की अर्थव्यस्था से गवर्नर पर अत्यधिक दबाव से इस्तीफा .., क्योंकि देश के माफियाओं को मिल रहा है काले धन का वजीफा

यदि हम देश का काला धन नहीं पकड़ सकते हैं...???, देशी माफियाओं से रकम भी नहीं वसूल सकते हैं,,,
तो विदेशी धन तो, दूर की कौड़ी है...


सरकार द्वारा स्विस बैंक के खातेदारों के नाम बताने कार्यवाही करने में असहायअसमर्थता दिखने पर शेयर बाजार बी.एस .ई में उछालकाले धन की बौछार बाजार ३५०००  के साथ ५१९ अंकों की बढ़त ..,माफिया कहें इसे अमरीकी अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेत..,और देश के काले धन के सफेदी की ताजपोशी से वे सदाबहार.

 दोस्तों..., आओ एक संकल्प ले , अब हम इन घटनाओ के देखकर, जमहाई व अंगड़ाई नही लेंगे , और देश के माफियाओ व सत्ताखोरों को देश का जमाई बनने नही देंगे …..

मेरे वेबस्थल के अंश पुन: लिखा रहा हूँजागे हुए लोगों से कहता हूँ जमहाई लेते हैं । सोते हुए लोगों से कहता,हूँ….अंगड़ाई लेतेहैं। कब्र के मुर्दे से कहा, मै कुछ….कह पाता,मुझेभ्रष्टाचार॰का इंजेक्शन लग चुका था…. उसने….मुझसे कहा…,आप देश द्रोही बनकर, देश के लिये पागल होकर,,कुछ तो कहो ताकी मेरी मजार पर आदर्श,नेताओ,माफियाओं की मंजिल न बन सके।

यदि जनता जमहाई लेते रहेगी तो ….????, हर दिन देश के हजारो ,नये लूटेरे, जमाई बनकर देश को लूटते रहेंगे….पिछला उदाहरण 2जी से , जनता के कॉमन वेल्थ से, कोयले से मुँह काला कर , खान , खदान, ईमान बेचकर भी, इनके चेहरे की, चमक बढ़ते ही जा रही है है…???, उपर से, ये,और विपक्षी दल भी इसमे सम्मलित होकर अपने को आर टी आई के दायरे मे न लाने का कानून बना रहे है जनता को एक खुली चेतावनी देकर कह रहे है, रोक सके तो रोकों …..???????

जागो…..?? जागो…..??? जागो…..???? ….. देशवासियो अब जमहाई लेने का समय नही है….??????????????????

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Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold.
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आओं, पार्टी नहीं देश का पार्ट बने, “मैं देश के लिए बना हूँ””, देश की माटी बिकने नहीं दूंगा , “राष्ट्रवाद की खादसे भारतमाता के वैभव से, हम देश को गौरव से भव्यशाली बनाएं