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Friday, 29 June 2018

अरे ओ सांभा , ये छुछुंदर बाबा , २५ रूपये के दिहाड़ी से बाबर्ची फिल्म के रोल में बार-बार जेल से छु.. हो रहा है, अरे ओ “छुछुंदर बाबा” ये रोल मुझे भी देश के “कानूनी माफिया” से मिलता तो शोले फिल्म में मुझे ठाकुर के दोनों हाथ नहीं काटने पड़ते..!!!! ये है मुन्नाभाई M.B.B.S. (महान भारत भ्रष्टतम सेवा ) के पैरोल के बायोपिक रोल की रील ये अश्लील नहीं देश की असली रील है..,)



संजू फिल्म से अब आने वाले दिनों में  सन्नी लियोनी की भी बायोपिक से (ये अश्लील नहीं देश की असली रील है..,) नयी पीढ़ी  को नशा , सेक्स की दुहाई देकर अब और एक नयी  फिल्म को आयाम देकर .., पाश्चात्य संस्कृति के घाल मेल में..,  देश के पाश्चात्य संस्कृति द्वारा थोपा गया ,अंग्रेजों की गुलामों के संविधान से देश के युवाओं  के दिमागों को आज भी गुलामी के दंभ को महान बनाने की दौड़ में ऐसी  फ़िल्में १००.., २००.., ४०० से हजार करोड़ के धंधे से.., देश की अस्मिता के खिलवाड़ से  देश के राष्ट्रवाद को मारने का यह नंगा खेल है...


February 19, 2014 ·के फेस बुक व वेब स्थल की पुरानी पोस्ट  

जरूर पूरा पढ़े., यह पैरोल नहीं, अमीरों का पे- रोल है , मनी मून से कैसे हनी मून बनाया जाता है कैसे क़ानून को थप्पड़ मारा जाता, इसका ज्वलंत उदाहरण है , २५ रूपये का "बावर्ची" अब बना यरवदा जेल का "वर - देवा" खिलाड़ी..., बावर्ची, अब बन गया है जेल अधिकारियों का जेब खर्ची..., जेल में शराब से पैरोल को पेकर क़ानून को भी बनाया बावर्ची.. मनी मून से हनी मून के पेड रोल से क़ानून का बनाया भुरता

संजय दत्त को क़ानून के रक्षकों की संजीवनी ..
याद रहे..., दिल्ली में शीला दीक्षत की विशेष दीक्षा से जेसिका लाल हत्याकांड के अपराधी, मनु शर्मा को पैरोल पर छोड़ा गया था, और वह पब (शराबी जोड़ों का मयखाना) में नशे में धुत्त मिला ....
आज देश में छोटे अपराधी व पाकेटमार , जेल में अपने अपराध से कई गुना ज्यादा की सजा से सड़ रहें है..??, क्योंकि उनके पास जमानत के लिए पैसे नहीं है..

वहीं माफिया संविधानमें माफ़ +किया शब्द से गर्वित है, मेरे वेबस्थल का श्लोगन है.. मेरा संविधान महान..., यहाँ हर माफिया पहलवान “... क़ानून इनकी तेल मालिश कर इन्हें इतना मुस्टंडा बनता है कि ६०० जमानत के बाद भी इनके चेहरों की लाली पर , न्यायाधीश के मुस्कुराते चहरे दिखते है.., बिकते क़ानून दिखाते हैं..

Monday, 28 May 2018

दुनिया ने वीर सावरकरजी को सत्कारा.. १५. हमारे इतिहासकारों ने, उन्हें दुत्कारा... १६. पत्रकार, पुकारकार से पुत्रकार बनने के पहिले, देश के पतनकार बन गए, १७. छोटी –छोटी सुविधा के लिए , अपने ईमान व देश के इतिहास बेचते गए


१.   जरूर पढ़े, सावरकर के जन्म दिवस २८ मई को .., आओं नूतन वर्ष की बेला पर विश्व के क्रांतिकारियों के जागरण दिवस व हिन्दुस्तान ही नहीं समग्र विश्ववासियों एक मंत्र देने वाले, “गुलामी देश का कलंक है.., इसे विश्व से हटाकर ही रहना होगा ..”  वीर सावरकर को याद करें..., जय जय वीर ही नहीं, परमवीर सावरकर, देश का जुगनू , जिसने विश्व के क्रांतीकारीओं को जगा दिया ..


२. एक जुगनू , जिसकी चमक कोहिनूर हीरे के कहीं हजार गुना ज्यादा, जिसके सामने अंग्रेजों का न डूबने वाला सुरजी साम्राज्य का सूरज भी धुंधलाता था .


३. सावरकर शब्द से ही ब्रिटिश सरकारको थर्रा देता था, १८५७ का क्रांतीकारियों का इतिहास जिसे ग़दर/विद्रोहकी अंग्रेजों की संज्ञा को क्रांतीकारियों की आजादी के संघर्ष का इतिहास सिद्ध करने की पुस्तक लिखने पर , ब्रिटिश सरकार ने बिना पढ़े इस पर पावंदी लगा दी थी 


४. सरदार भगतसिंग इस पुस्तक को पढ़कर, उनमें देश भक्ती की ज्वाला प्रदान की व उन्होंने इस पुस्तक का गुप्त रूप से प्रकाशित कर क्रांतीकारियों की धमनी में एक नये जोश का खून प्रदान किया 


५. शत्रु के देश इंग्लैंड में ब्रिटिश सरकार को चुनौती देने वाले एक मात्र सावरकरजी ही

६. इंग्लैंड में दशहरा, व १८५७ की ५० वी जयन्ती का आयोजन करने वाले , एक मात्र वीर सावरकरजी 

७. इंग्लैंड में सिक्खों का इतिहास लिखने वाले एक मात्र वीर सावरकरजी 

८. भारत आने पर इंग्लैंड की महारानी की मृत्यु पर , कांग्रेस के मातम समारोह पर , कांग्रेस को लताड़कर कहने वाले, वे हमारी शोषित रानी थी..., उसमें मातम मना कर तुम अंग्रेजों के पिछलग्गू बन रहे हो.., आजादी ब्रिटिशों के तलुवे चाटने से नहीं मिलेगी 

९. वीर सावरकर के ४० से ज्यादा भविष्य वाणीया आज सार्थक हुई है...






१०. नेहरू को चेतावनी देने वाले वीर सावरकर ने १९५२ में ही कह दिया था , चीन हम पर आक्रमण करेगा, और आसाम में पूर्वी पाकिस्तान (बांग्ला देश) नागरिकों की घुसपैठ से देश में शत्रुओं का निर्माण होगा... 

११. गांधी व हिन्दुस्तानियों को चेतावनी दी, जाती प्रथा समाप्त नहीं की तो धर्म परिवर्तन के साथ आगे देश को बड़ा धोखा मिलेगा 

१२. एक महान क्रांतीकारी के विचारधारा को हमारे इतिहासकारों ने देश को खंडित कर सत्ता परिवर्तन को आजादी कहने वाले के तलुवे चाटकर इतनी गहराई में दफ़न कर दिया कि यह सच्चाई ,जनता तक न पहुंचे...




१३. अब तो, मोदी सरकार तो उन्हें भारतरत्न के सम्मान को भूल चुकी है..., क्या...!!!, २६ फरवरी २०१५ को, उनकी ५०वी पुण्य तिथी को राष्ट्रीय प्रेरणा दिवस के रूप में मनायेगी....

१४. दुनिया ने वीर सावरकरजी को सत्कारा..

१५. हमारे इतिहासकारों ने, उन्हें दुत्कारा...

१६. पत्रकार, पुकारकार से पुत्रकार बनने के पहिले, देश के पतनकार बन गए,

१७. छोटी छोटी सुविधा के लिए , अपने ईमान व देश के इतिहास बेचते गए 

२.   इस वेबस्थल का मुख्य उद्धेश्य है...,
Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold.....
www.meradeshdoooba.com (a mirror of india) स्थापना २६ दिसम्बर २०११ कृपया वेबसाइट की ६९२  प्रवाष्ठियों की यात्रा करें व E MAIL द्वारा नई पोस्ट के लिए SUBSCRIBE करें - भ्रष्टाचारीयों के महाकुंभ की महान-डायरी

www.meradeshdoooba.com: १२ वीं बार पेट्रोल - डीजल में बिना रुके बारम्बार ब...

www.meradeshdoooba.com: १२ वीं बार पेट्रोल - डीजल में बिना रुके बारम्बार ब...:  .... चेतो मोदी सरकार.. ,  बजट... तो दूर की कौड़ी..,   अभी तेल कंपनियो की राजनेताओं के चुनावी खेल की तिकड़मबाजी के बाद   !!! , गरीबो...

१२ वीं बार पेट्रोल - डीजल में बिना रुके बारम्बार बढ़ोतरी से राज्य सरकारों में धन का अम्बार .., जनता करे गुहार.., मत बनाओं हमें महंगाई का अचार.., से जीवन में अत्याचार .., विदेशी पूँजी लेकर भाग रहे है... विदेशी मुद्रा का भंडार, इन नारो के खर्च से, देश कर्ज के गर्त मे जा रहा है... हम 1991 से मुन्ना मन मोहन की सरकार से भी बदहाल स्थिति मे आ रहे है...???? पेट्रोल के PETROL (PET + ROLE) भाव बढ़ाना, इनका प्रिय खेल .... व डीजल (DISEL- DIL + JAL) के भाव, जनता के, दिल जले से , महंगाई की आग भड़काई जा रही है, जागों देशवासीयो डूबते देश को बचाओ ....

 ....



चेतो मोदी सरकार..बजट... तो दूर की कौड़ी..,  अभी तेल कंपनियो की राजनेताओं के चुनावी खेल की तिकड़मबाजी के बाद  !!!, गरीबों के लिए बाजू हट…, अभी तक..., सभी सत्ताधारियों का एक और एक ही ध्येय, यों कहें..., PET –ROLE प्रिय खेल, और DIESEL के भाव बढ़ा कर जनता का दिल जला रहा रहें है...,

भ्रष्टाचार के exercise से एक्साइज ड्यूटी न हटाने की जिद्द से जनता को कंगाल बनाने की राज्य सरकार मालामाल होकर .., एक सोची समझी  नियति से जनता के पैसे डकारने का खेल खेला जा रहा ... विकास के नाम से धन का निकास का यह छुपा खेल है ..

यदि मनोहर पर्रीकर  की गोवा सरकार पिचले ३ सालों से १५ रूपये लीटर कम कीमत  तेल से विकास कर सकते हैं तो देश के शेष राज्य क्यों नहीं...!!!,


१२ वीं बार पेट्रोल - डीजल में बिना रुके बारम्बार बढ़ोतरी से राज्य सरकारों में धन का अम्बार .., जनता करे गुहार.., मत बनाओं हमें महंगाई का अचार.., से जीवन में अत्याचार ..,


पेट्रोल डीजल अब तक के उच्च स्तर से ऊंचाई से ७२ सालों के रिकार्ड स्तर से दिन में बना स्टार.., डॉलर देश के रूपये का महंगाई से खिचे कॉलर..  


किसान आत्महत्या कर रहा है... सीमाओं  पर जवानों को मोहरा बनाकर, उनकी हत्या की जा रही है....????,


नोट बंदी से माफिया विदेशों में भागकर, देश की प्रगती के दरवाजे बंद कर, अब ..., विदेशी लूटेरों का देश मे स्वागत है, विदेशीयो के धन से, अतिथी विकास भव: के नारो से, “हो रहा है... भारत निर्माण/ अच्छे दिनों के राग आलापी नारो मे परिवर्तित कर, सत्ताधारी मदमस्त हो कर , देशवासियों को भरमा रहे है...


विदेशी पूँजी लेकर भाग रहे है... विदेशी मुद्रा का भंडार, इन नारो के खर्च से, देश कर्ज के गर्त मे जा रहा है... हम 1991 से मुन्ना मन मोहन की सरकार से भी बदहाल स्थिति मे आ रहे है...???? पेट्रोल के PETROL (PET + ROLE) भाव बढ़ाना, इनका प्रिय खेल .... व डीजल (DISEL- DIL + JAL) के भाव, जनता के, दिल जले से , महंगाई की आग भड़काई जा रही है, जागों देशवासीयो डूबते देश को बचाओ ....

Sunday, 13 May 2018

मित्रों..., वंदेमातरम तो अंतराष्ट्रीय गीत है, इसमे भूमि की प्रशंसा की गई है, और माँ की उपाधि दी गई है, भूमि की जितनी मेहनत करो तो उतनी ही ज्यादा उपजाऊ होकर , देश की पैदावार बढा कर , सुजलाम , सुफलाम बनाया जा सकता है, यह प्रकृति की अनुशंसा है, न कि विशेष धर्म का प्रतिक है, 1857 की क्रांति के समय यही एक मंत्र था, जिसने देशभक्ति के जस्बे से हर धर्म के लोगों मे एक नई उर्जा का संचार किया था. आनंद मठ फिल्म मे वंदेमातरम के गाने से अंग्रेजो के होश उडा दिये थे...

मातृ दिवस - Mother/s  (M-Other/s), Mom is different than other/s on Universe. Our day is blessed because of her/s  Mercy (दया, करूणा) and Love (वात्सल्य).. हमारा हर दिन..,  मां के आशीर्वाद रूपी सागरमयी तरंगों से जीवन में एक नया रंग है.. 



देश्वासिओ..,  जागो भारतमाता.... तुम्हे पुकार रही है..........?????
माँ, तेरा प्यार दिल के आँसुओ से भरा रहता है, तुम्हारा दिल तो वात्सलय से 24 घंटे धडकता.. है... हर दु:ख पहुचाने वाले पति से बच्चे हर सख्श तक को आप माफ कर देती हो.. तकि आप की आँसू से वे अपने गलती का अहसास समझ कर प्रायश्चित (सुधर सके) कर सके, माँ , आप तो, सौ बार अपने आँसुओ से मौका देती है....माँ तेरे आँसु सागर से भी गहरे है. लेकिन तेरे सागर के आँसु तो लोगो को जीवन मे कैसे तैरना है, वह सिखाती है...आज तक तेरे आँसु के सागर कोई भी डूबा नही है...क्यो कि इसमे वात्सलय का नमक है...



हे माँ , तेरा वैभव अमर रहे.......
हर नेता को यह संदेश दे, ताकि देश का नागरिक सुजलाम सुफलाम से अपना जीवन सँवारे, शीतलाम से जीवन जी सके.... देशवाशीयों का हर दिन तेरी प्रेरणा का रहे...माँ, तेरी वात्सलय ,ममता, स्नेह , करूणा के सागर के भंडार के सामने हर चीज फीकी है.....तेरा कर्ज तो हम तुम्हारे फर्ज का पालन कर ही चुका सकते है..??? माँ तुझे शत.. शत.. प्रणाम

हे माँ, इन आदमखोर नेताओ ने अलगाववाद , भाषावाद, धर्मवाद से लोगो को मच्छर बनाकर , तुम्हे डस रहे है, और विदेशी घुसपैठीओ के विषैले मच्छर के लिए वोट बैक की पृष्ट्भूमि मे देश की भूमि के टुकडे करने के ताक मै है.... और विदेशी विकास के जहर से तुम्हे दंश कर जनता को भरमा रहे है.... माँ इन देश्वासियो को समझाओ ... वंदेमातरम का अर्थे क्या है.... 

मित्रों..., वंदेमातरम तो अंतराष्ट्रीय गीत है, इसमे भूमि की प्रशंसा की गई है, और माँ की उपाधि दी गई है, भूमि की जितनी मेहनत करो तो उतनी ही ज्यादा उपजाऊ होकर , देश की पैदावार बढा कर , सुजलाम , सुफलाम बनाया जा सकता है, यह प्रकृति की अनुशंसा है, न कि विशेष धर्म का प्रतिक है, 1857 की क्रांति के समय यही एक मंत्र था, जिसने देशभक्ति के जस्बे से हर धर्म के लोगों मे एक नई उर्जा का संचार किया था.

आनंद मठ फिल्म मे वंदेमातरम के गाने से अंग्रेजो के होश उडा दिये थे...

गाँधी द्वारा कट्टर पंथी मुस्लिम लीग के इस विरोध के सामने घुटने टेकने पर इसकी परिभाषा बदल कर , मुस्लिम लोगों को दिग्भ्रमित किया, और वोट बैंक के चक्कर मे हर सरकार ने इसे , प्रोसाहित कर देशप्रेम की भावना खत्म कर, देश को खंडित करने का षडयंत्र रचा जा रहा है...???, 

जन - गण - मन तो हमारी गुलामी के समय के राजा जाँर्ज पंचम के आगमन की स्तुति मे अनुशंसा (चमचगिरी) करने के लिए , रविद्रनाथ टैगोर ने लिखा , जिन्हे अंग्रेजों के शासनकाल मे साहित्य का नोबल पुरस्कार भी मिला
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Friday, 11 May 2018

यह व्यंग है, देश का गहरा रंग है, नेताओ के रहने का ढंग है, भेड़िये की खाल अब तो जीवन की ढाल है...???? कर्नाटक यह शब्द , भ्रष्टाचार का कर-नाटक सिद्ध हुआ है.........???सिद्धारमैया ने लिंगायत को अलग धर्म का दर्जा से अल्पसंख्यक बनाकर व कर्नाटक का अलग झंडा बनाने की जिद्द से लोकतंत्र को देश का टूट तंत्र का तोड़ न होने से अब बी.जे.पी ने येदुरप्पा को भ्रष्टाचार की खाल को भुलाकर अपनी कर्नाटक में एक जीवन नैय्या पार कराने की यह विधानसभा चुनाव अब लोक सभा चुनाव की पृष्ठभूमि की आखरी कोशिश जारी है



२०१३ के येदुरप्पा ने बी.जे.पी के घर का भेदिया के भ्रष्टाचार से भेड़िया के खाल से बी.जे.पी. के मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार का ही शिकार कर .., अब २०१८ में बी.जे.पी ने येदुरप्पा को घर का मुखिया बनाकर लिगायत वोटों का अपनी धारदार दांतों से शिकार कर कर्नाटक का लूट तंत्र को लोकतंत्र का मंत्र दिया है..


सिद्धारमैया ने लिंगायत को अलग धर्म का दर्जा से अल्पसंख्यक बनाकर व कर्नाटक का अलग झंडा बनाने की जिद्द से लोकतंत्र को देश का टूट तंत्र का तोड़ न होने से अब बी.जे.पी ने येदुरप्पा को भ्रष्टाचार की खाल को भुलाकर अपनी कर्नाटक में एक जीवन नैय्या पार कराने की यह विधानसभा चुनाव अब लोक सभा चुनाव की पृष्ठभूमि की आखरी कोशिश जारी है 


May 29, 2013
की फेसबुक व वेबस्थल की पुरानी पोस्ट

यह व्यंग है, देश का गहरा रंग है, नेताओ के रहने का ढंग है, भेड़िये की खाल अब तो जीवन की ढाल है...????

कर्नाटक यह शब्द , भ्रष्टाचार का कर-नाटक सिद्ध हुआ है.........???

यह नाटक, 1947 से शुरु हुआ, जो सत्ता परिवर्तन के रूप मे हुई थी... और जनता को देश की झूठी आजादी के नाम पर ,, हर राज्य के मंत्री वोट अलगाववाद, जातिवाद, धर्मेवादव घुसपैठ से वोट बैक बनाकर, सिर्फे जनता को बताते रहे कि मै सत्तारूढ पार्टी मे, बेहद इमानदार हूँ, और इमानदारी की आड मे भेड का चोला पहनकर (सिर्फ प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्त्री को छोड कर) भ्रष्टाचार के दाँतो से आदमखोर बन गये.

भारतीय जनता पार्टी के शासन काल मे प्रधानमंत्री की आड मे प्रमोद महाजन ने दूर संचार घोटाले मे भेड़िये का चोला पहनकर 1 हजार करोड से ज्यादा का घोटाला कर दिया ... जिसे काँग्रेस पार्टी मे उत्प्रेरक का काम किया, छोटे शिकारी के भ्रष्टाचार की विद्या जान जाने से २ लाख करोड का 2G घोटाला कर दिया.. और इसके आविष्कारी स्वर्गीय प्रमोद महाजन के चित्र मे बासी माला डालते हुए कहा , ये हमारे गुरू है, पहले उनके भ्रष्टाचार के चाल चरित्र की छान बीन करो , बाद मे हमारी, हमने तो संवेधानिक पद्दति से ही निविदाये मंगवाई है...,

याद रहे इस शिकार मे भ्रष्टाचार की पुरियाँ तलने मे मुख्य भूमिका नीरा राडिया को बुलाया गया था... वही हाल भारतीय जनता पार्टी के कर्नाटक मे येदिरूप्पा ने भ्रष्टाचार का हाहाकार मचाया था... भारतीय जनता पार्टी भी दाँवा कर रही थी, केन्द्र सरकार के पैने दाँत से की तुलना मे येदिरूप्पा के तो अभी दुध के दाँत निकले है.. बोल कर अपनी सत्ता खोने के डर से प्रोत्साहित करते रही.

रिटायर्ड न्याय मूर्ति हेगडे की जाँच के बाद भी, भारतीय जनता पार्टी , येदिरूप्पा के दाँत पैने करने में लगी थी, जब पानी नाक के नीचे बहने लगा तो आनन फानन मे जगदीश शेट्टार को यह खाल सौंप दी गयी , तब तक पानी सर के ऊपर बहकर , भारतीय जनता पार्टी की सत्ता भी बह गई.

वही हाल 2G के बदनाम मंत्री ए.राजा, डी.एम.के. भेडिये की वजह सरकार को अपनी सत्ता बचाने के लिए, ममता बनर्जी को रेल मंत्री की खाल पहनानी पडी, असल मे ममता बनर्जी की नजर, पशिच्म बंगाल के मुख्यमंत्री पद की थी, बंगाल की मोटी खाल मिलने से , उसने वह खाल, दिनेश त्रिवेदी को पहना दी, अपनी दो खालो की वजह से वह चिट फंड घोटालो का शिकार करने के बाद , पशिच्म बंगाल के घाटे मे होने के दाँवे से केन्द्र सरकार से विशाल वित्त सहायता माँगने लगी, वित्त सहायता न मिलने से दिनेश त्रिवेदी को रेल किराय बढाने के बहाने खाल निकाल दी, और पवन बंसल ने वह खाल पहंकर एक विशाल घोटाले मे बदल दिया..

ममता बनर्जी ने साल मे 12 रसोईगैस के सिलेडरों की धमकी की वजह से समर्थन वापस ले लिया, मुलायम सिग़ ने भी सी.बी.आई , के काटने के डर से अपनी खाल देकर, यु.पी की मजबूत खाल से पुत्र व पिता आनंदित है...

Tuesday, 1 May 2018

गांधी की गंदी राजनीती , जवाहर के जहर व जिन्ना के जिन से खंडित व खूनी ह्त्या इस तिकड़ी जोड़ी से जनता के घावों से हमें घायल देश मिला...

PL.Must Read; AMU के छात्र संघ भवन में जिन्ना का चित्र


जवाहर के जहर, जीना जिन्हा जिन्ना के जिन व गांधी की गंदी राजनीती व तुष्टी की नीती से ही देश के तुकडे हुए ..
१. सूअर का गोश्त व सुरा का सेवन करने वाला जिन्ना को , इस्लाम का पाक मसीहा मानकर, इस बंटवारे को पाक कहकर पाकिस्तान राष्ट्र का कायदे आजम बना ...
२. गाय के गोश्त का भक्षण करने वाले व सुर सुरा-सुन्दरी
के कायल नेहरू को पंडितकह, हिन्दुस्तान की कमान से, खंडित भारत के हार से, अंग भंग से आज भी इंडियन इतिहास में भारत रत्न के सम्मान व गली मुहल्लों के नाम व पुतलों से मान दिया है .
३. ब्रह्मचर्य के प्रयोग से राष्ट्र को शर्मिन्दगी व
अहिसां व तुष्टीकरण की आड़ में एक खूनी कटारसे देश को खंडित कर, सत्ता परिवर्तन से आजादी का ढोल पीट कर इसे बिना खडग - बिना ढालकहकर , संविधान की धज्जियां उड़ाते हुए राष्ट्रपिता उर्फ़ बापूकी उपाधी दे दी.
४. अखंड भारत के प्रधानमंत्री के प्रबल दांवेदार सरदार पटेल को रेस से बाहर कर जिन्ना व नेहरू इस दौड़ में थे , व गांधी अंग्रेजों के मकड़जाल की एक मकड़ी बन अधिकृत एक रेफरी / निर्देशी पंच बने थे.
५. जिन्ना की धरती पकड़ जिद्द से अखंड भारत की अकड़
से प्रधानमंत्री बनने की महत्वकांक्षा को मनाने के लिए गांधी ने मुंबई के मालाबार हिल के बंगले जिन्ना हाउसके १९ फेरे लगाए थे , हर बार गांधी को जलील होना पड़ा था

६. गांधी की गंदी राजनीती , जवाहर के जहर व जिन्ना के जिन से खंडित व खूनी ह्त्या इस तिकड़ी जोड़ी से जनता के घावों से हमें घायल देश मिला...

७. दोस्तों...!!!, सत्ता परिवर्तन के बाद विदेशी हाथ, विदेशी साथ, विदेशी विचार विदेशी संस्कार से जातिवाद भाषावाद,अलगाव वाद के मलहम से व आरक्षण के धागों से वोट बैंक पट्टी से यह घाव ७० सालों बाद भी भरा नहीं है ...,
विश्वगुरू व वेदों के सानी , ज्ञानी और देश की वैभवता के लोप से आज भी देशवासी एक अंधेरी सुरंग में हिचकोले खाते चल रहा है.

काश हमने वीर परमवीर सावरकर की ४० से अधिक सार्थक भविष्यवानियों की ओर ध्यान दिया होता ..., अब भी समय है यदि हम जागें व जंग जीतें ..,
एक कविता बलवीर सिंह रंग की है जो इसराइल की विचारधारा है
ओ विप्लव के थके साथियों विजय मिली विश्राम न समझो..,
उदित प्रभात हुआ फिर भी छाई चारों ओर उदासी
ऊपर मेघ भरे बैठे हैं किंतु धरा प्यासी की प्यासी
जब तक सुख के स्वप्न अधूरे
पूरा अपना काम न समझो
विजय मिली विश्राम न समझो
पद-लोलुपता और त्याग का एकाकार नहीं होने का
दो नावों पर पग धरने से सागर पार नहीं होने का
युगारंभ के प्रथम चरण की
गतिविधि को परिणाम न समझो
विजय मिली विश्राम न समझो
तुमने वज्र प्रहार किया था पराधीनता की छाती पर
देखो आँच न आने पाए जन जन की सौंपी थाती पर
समर शेष है सजग देश है
सचमुच युद्ध विराम न समझो
विजय मिली विश्राम न समझो

इस्लाम को सलाम , हिन्दुओं को गुलाम के तत्व से गौ ह्त्या का विरोध व अपने को हिन्दू धर्म में पैदा होने व खानपान में मुस्लिम व संस्कृति से इसाई के स्वांग से अपने को शान्ति दूत कह...!!!,

१९४७ में सत्ता परिवर्तन में एडविना बेंटन के साथ जिन्ना व नेहरू के समान शारीरिक संबध से.., प्यार के नशे के फोटो को एडविना बेंटन ने जनता में सार्वजनिक करने के धौस से .., नेहरू व जिन्ना के राजनैतिक जीवन की ह्त्या होने के भय से .., देश के बंटवारे के धार से देश के बंटवारे की तलवार से केक (cake) की तरह काट कर सत्ता परिवर्तन को आजादी शब्द से भरमाकर, हिन्दू बहुल क्षेत्र पाकिस्तान को सौंप कर..., नेहरू ने १४ नवम्बर, एडविना बेंटन ने २८ नवम्बर व जिन्ना के जन्म दिन २५ दिसम्बर के क्रिसमस को अपना नया राजनैतिक जन्म दिन १५ अगस्त को ही मना लिया था ...,
गांधी के सत्य व ब्रह्मचर्य के खेल के राज से सेक्स के खेल की चाबी भी एडविना बेंटन के पास थी.., यूं कहें आजादी का झांसा एक BLACK-MAIL EXPRESS से ७० सालों से आज तक एक काला दिवस ही साबित हो रहा है..., देश कर्ज के गर्त में आज भी डूब रहा है
१९४७ में भारतमाता के अंग भंग से लहू लूहान से घायल हिन्दुस्तान के पांवों में अंगरेजी संस्कृति की पायल डाल कर विदेशी हाथ , साथ , विचार , संस्कार से अपने को स्वंय भू , देश का चाचा घोषित कर बाल दिवसव भारत रत्न से नवाजा...,
इस खेल का पर्दाफ़ाश.., जब चीन ने नेहरू को यों कहे देशवासियों को थप्पड़ मारकर देश के टुकड़े कर , हड़प कर, नेहरू की छद्म भूमिका /स्वांग की पोल खोल कर रख दी ..
दोस्तों बड़े दुःख के साथ लिखना पड़ रहा है की एक अय्याश ..., व्यभिचारी के जन्म को बाल दिवस के रूप में आज भी मनाया जाता है..., इतिहास को घोर अँधेरे में रख कर
...

यदि हिन्दू कैलेंडर के नव वर्ष के प्रथम दिवस को बाल दिवस के रूप मनाया जाय तो देश की तस्वीर, प्रगति शील पथ से एक नए सूरज की किरण से अलग ही होगी
..
इस वेबस्थल का मुख्य उद्धेश्य है...,
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