Monday, 14 July 2025

“ निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल। बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।।





 




कृपया इस पोस्ट को ध्यान से पढ़े, मंथन ,चिंतन कर राष्ट्र भाषा व मातृभाषा के पतवार के उपयोग से डूबते देश के नाव को बचायें…

हिंदी दिवस …!!!, विदेशी भाषा द्वारा इसे चिंदी दिवस के नाम से हर साल मखौल उड़ाया जाता है 
…
देश पर अंग्रेज़ी हावी…, अंग्रेज़ी रोटी देने वाले व संभ्रांत लोगों की भाषा.. की भ्रांति से देश के प्रति मुर्दानगी से नर व नारी में मर्द व मर्दानी की भावना नदारद ..  व विदेशी हाथ साथ विचार संस्कार से देश की संरचना के बदलाव की भावना से विदेशी इशारे से NGO को धन से लबालब कर देश में “भारत तेरे टुकड़े होंगे … इंशाअल्लाह .. “ JNU में तो अपने को नेहरू के DNA से जन्में हिंदू छात्र छात्रा भी इस नारे का उद्घोष से क्रांतिकारी घोषित करने का दम्भ भर रही थी… 
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यह चित्र मोदीजी, भारतमाता व राष्ट्र को समर्पित 

अब अंग्रेजी नही बनेगी राष्ट्र के युवाओं को रोटी देने वाली भ्रम की भाषा..., देश को जकड़ने वाली अंग्रेजी भाषा की  देशी व क्षेत्रीय भाषाओं के प्रभुत्व से अब देश की बेड़ियाँ टूटेगी....

अब देश में उच्च शिक्षा 11 देशी भाषाओं में पढ़ाई जाएँगी

याद रहे .....
भारतेंदु हरिश्चंद्र मात्र 34 साल जीवन जीने वाले जो साहित्यकार, पत्रकार, कवि और नाटककार थे  

1850 के आसपास के भारत में भ्रष्टाचार, प्रांतवाद, अलगाववाद, जातिवाद और छुआछूत जैसी समस्याएं अपने चरम पर थीं. तब उन्होने देश भर  में अपने नाट्य मंचों को हिन्दी व क्षेत्रीय भाषाओं से समाज की आँखें खोलने मेँ एक अहम भूमिका निभाई
 
जिन्होने विश्व को यही सार्थक उक्ति कही थी   संदेश दिया था कि मातृभाषा से ही देश की उन्नती है  

“ निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।
बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।।
विविध कला शिक्षा अमित, ज्ञान अनेक प्रकार।
सब देसन से लै करहू, भाषा माहि प्रचार।। ”

निज यानी अपनी भाषा से ही उन्नति संभव है, क्योंकि यही सारी उन्नतियों का मूलाधार है।

मातृभाषा के ज्ञान के बिना हृदय की पीड़ा का निवारण संभव नहीं है।

विभिन्न प्रकार की कलाएँ, असीमित शिक्षा तथा अनेक प्रकार का ज्ञान,
सभी देशों से जरूर लेने चाहिये, परन्तु उनका प्रचार मातृभाषा के द्वारा ही करना चाहिये।

संक्षेप्त में अंग्रेजी भाषा जो देश को गुलाम रखने वाले अंग्रेजों के अंग्रेजों के पिल्लूओ ने  हिन्दी के साथ क्षेत्रीय भाषा जो देश की व क्रांतिकारियों की भाषा थी जिसे आज भी एक सुनोजियत षडयंत्र के तहत समाप्त किया जा रहा था उसकी समाप्ती का दौर आ गया है  
      
विदेशी भाषा को चंद लोग जानने वाले देश पर आज भी विदेशी राष्ट्रो के इशारों  से देश की राष्ट्रवाद व राष्ट्रनीती (धर्म परिवर्तन, घुसपैठियों  का संगठन से वोट बैंक बनाकर व देश का कायरता का  झूठा इतिहास पढ़ाकर देश को खंडित भारत की उपमा से देश के टुकड़े करने की नीती की योजना बना रहे थे ) बदलकर राजनीति की चासनी से देश पर राज कर देश को डूबाने का ही काम कर  रहें हैं  
सुदूर क्षेत्रीय भाषा के  गरीब तबकों  के अभिभावक भी भारी स्कूल फीस भरकर अपने बालकों को अंग्रेजी भाषा  में शिक्षण  देकर देश की मुख्य  धारा से अलग कर, वह छात्र मूक विदेशी भाषा का अनुसरण तो करता है पर वह उसके पल्ले नही पड़ता है
 
8वीं  कक्षा के बाद उसे अंग्रेजी भाषा के पल्ले पड़ने  का  एहसास होता है व मैट्रिक में पहुँचने तक वह भाषा का ज्ञान लेते रहता है 
तब तक वह विदेशी भाषा के बोझ तले दबता हुआ शिक्षा का अधूरा ज्ञान ग्रहण करता है 
विश्व के जिन देशों ने स्वदेशी भाषा में शिक्षा  का प्रसार किया है आज अंग्रेजी भाषा के देश उनसे पिछड़ते जा रहें है 

जापान मेँ 10 वी का छात्र अपनी भाषा से आगे अनुसंधान के लिए पढ़ाई करता है जबकि हमारे देश का  छात्र रोजगार वाले क्षेत्र के लिए पढ़ाई में अपने को बंधुवा अफसर बनाने के लिए आतुर व गर्व में रहता है   

अपनी भाषा में अनुसरण कर अति उन्नत देशों में इस्राइल रूस फ्रांस जापान स्पेन पोलैंड जर्मनी स्विट्ज़रलैंड चीन डच इटली जैसे अनेक देश हैं 
और हम हैं सत्ता परिवर्तन के 7८ सालों बाद भी उक्त देशों से तकनीकी व हथियार खरीद कर देश के राजस्व का बड़ा भाग बर्बाद कर रहें  हैं व विदेशी निवेश से देश  को पंगु बना रहें  हैं

Thursday, 10 July 2025

GURU PURNIMA - DEDICATED TO SAVARKAR



सावरकर , आपकी आत्मा को आशीर्वाद , आप के अदम्य साहस से विश्व के क्रांतिकारियों के प्रेरक  बनकर  “विश्व गुरु “ से इस युग के आदर्श  की महक

Savarkar, blessings to your soul, by your indomitable courage, by becoming the inspiration for the revolutionaries of the world, you spread the fragrance of the ideals of this era from the "Vishwa Guru"




 

Friday, 4 July 2025

ट्रंप के दौर में फिलहाल मस्क ८०% वोटो से , भारी अंतरों से आगे है


 

जिस एलन मस्क ने अपने पूरी शक्ति से  तन, मन व धन  लगाकर डेमोक्रेटिक पार्टी का सूपड़ा साफ़ कर रिपब्लिक पार्टी के डोनाल्ड ट्रम्प को भारी मतों से जीताकर अमेरिका के इतिहास में कीर्तिमान हासिल कर मस्क के सहयोग के लिए अपना सच्चा मित्र कहकर अपने मंत्री मंडल में शामिल किया , व मस्क द्वारा मंत्रिमंडल के सदस्यों से असंतुष्ट होने पर विरोध से / खफा होने से ट्रम्प ने मस्क को खतरा बताते हुए इस्तीफे मांग की 


इस पर मस्क ने ट्रम्प को चुनौती देकर अमेरिका के इतिहास में एक नई पारी से स्वंय तीसरी बनाकर ट्रम्प की सत्ता डांवाडोल करने की चुनौती दी है 


ट्रंप के दौर में फिलहाल मस्क ८०% वोटो से , भारी अंतरों से आगे है 

हाल ही में Big Beautiful Bill में ५१/५० से एक वोट से ट्रम्प की जीत से अब नया फरमान जारी मस्क को अमेरिका से अपना बोरिया बिस्तर दक्षिण अफ्रीका जाने का फरमान सुना देने से चीन गदगद हो गया है की मस्क का सम्पूर्ण कारोबार चीन में आ कर चीन मालामाल हो जाएगा 

अब समय ही बताएगा की यह trade war कौन सी करवट लेगा 


प्रयत्न व साभार 


www.meradeshdo

Thursday, 26 June 2025

ईरान बनाम इजराइल युद्ध मैंने दोस्ती कराकर , सुलह करा दी , फिर भी दोनों एक दूसरे पर आग उगल रहें हैं





 



ईरान द्वारा कतर में अमेरिका हवाई बेस में नए हमले से ट्रंप के गाल में तमाचा , अब शांति का नोबल पुरस्कार मिलने की आस धूमिल ..!!


ईरान - इसराइल में घमसान युद्ध , अशांति से एक दूसरे में प्रहार से शक्ति प्रदर्शन 

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ईरान बनाम इजराइल युद्ध

मैंने दोस्ती कराकर , सुलह करा दी ,  फिर भी दोनों एक दूसरे पर आग उगल रहें हैं


I made them friends and reconciled, but still both of them are spewing venom at each other


Monday, 23 June 2025

जरुर पढ़े ...., 23 अक्टूबर बलिदान दिवस -डॉक्टर श्यामा प्रसाद का


 

दो अचूक ...,सार्थक ब्भाविश्यवानियाँ भविष्यवानियां !!!,

श्यामारास्द श्यामा प्रसादजी ,आपकी देश की   बहुत जरुरत है.., आप कश्मीर मत जाओं ..., आप जिन्दा नहीं  लौटेंगे ..,


गांधी की “गंदी राजनीती” व जवाहर के “जहर” से हमें खंडित भारत के साथ छितरा– व भीतरा, राजे –रजवाड़ों का देश मिला .,  देश “वीर सावरकर की विचारधारा” से ही विश्वगुरू बनेगा.



काश इन दो नेताओं ने “वीर सावरकर” की बात मानी होती तो..!!!,  ये दो “युग पुरूष” देश की सूरत – सीरत बदल कर, आज विश्व, “हिन्दुस्तान” की तरफ ताकता ..., देश में वोट बैंक, जातिवाद , भाषावाद , अलगाव वाद , घुसपैठीयों के रंग से, आज भारतमाता बदरंग नहीं होत्ती.., देश, भीतरी सत्ताखोरों – माफियाओं  गठबंधन व  विदेशी लुटेरों के हाथ,साथ,विचार, संस्कार की वैसाखी से आज पंगु न होता..

आज भी हमारे प्रधानमंत्री.., “काले धन का क़ानून बनाने” के बहाने.., “अच्छे दिनों” के १३३  महिने बर्बाद कर, काले माफियों को अपरोक्ष रूप ढाल/प्रोत्साहन के ताल से, भ्रष्टाचारी मछलियों के तालाब को तलब करने के बजाय उसे लाबा-लब कर रहें है. भ्रष्टाचारियों के लैब (LAB) नए-नए व्यापक घोटालों की व्यापमता को देखकर.., मौन मोहन सिंग की कार्बन कॉपी से देशवासी.., अब अच्छे दिनों से अचंभित है ,
प्रधानमंत्री अब,  विदेश में कटोरा लेकर BEGGER – BUSINESS से BUSY रहकर.., BIG INDIA बनाने के लिए अब भी “राष्ट्रवाद” के देशवासियों की प्रतिभा पहिचानने की भूल कर रहें हैं.., जय जवान-जय किसान-जय विज्ञान” के मंत्र से ही, स्वदेशी विचारों से श्यामाप्रसाद मुखर्जी व लाल बहादुर शास्त्री के अधूरे सपने पूरे होंगें

वीर सावरकर की,  !!!!  दो अचूक.., सार्थक भविश्यवाणीयाँ  !!!!

१. श्यामा प्रसादजी आपकी देश को बहुत जरूरत है. आप कश्मीर मत जाओं .., आप जिन्दा नहीं लौटेंगें 
२. ताशकंद जाने से पहले वीर सावरकर ने लालबहादुर शास्त्री को चेताया और कहा “शास्त्रीजी हम जीते हुए राष्ट्र है , रूस के प्रधान्मत्री को हमारे देश मे बुलाओ, यदि आप ताशकंद जाओगे तो वापस नही आओगे.. और हमारे द्वारा जीता भाग भी लुटा आओगे..

प्रधानमंत्री बनने के बाद, लाल बहादुर शास्त्री ने श्यामा प्रसाद मुखजी मुखर्जी के आधे कार्य को पूरा कर,  माना कि .., देश की राजनीती से नेहरू की “जहरीली गन्दगी” दूर किए बिना.., देश में राष्ट्रवादी धारा का प्रवाह नहीं होगा यह उनका प्रबल मत था.., शेख अब्दुल्ला द्वारा “द्विराष्ट्रवाद के नेहरू खेल” का उन्हें  अच्छी तरह आभान था.., इसलिए,शेख अब्दुल्ला की शेखी को, गद्दी से उतारकर.., कांग्रेसी SNAKE नेताओं को  SHAKE कर उन्हें तो तब  नेहरू के इस दुगल्ली राजनीती की अंध भक्ति से  अपनी हड्डियों की श्रंखला के टूटने का भीषण आभाष हो गया था .., आज जो धारा ३७० की आड़ में जो खून का तांडव खेला जा रहा है.., उसके निदान के प्रयास के पहिले ही ताशकंद में  लाल बहादुर शास्त्री ह्त्या कर, देशी ताकतों ने विदेशी हाथों से मेरे देश के स्वर्णीम युग का स्वप्न छीन लिया
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१. सन
 १९५३ में, हिन्दु महासभा, राम राज्य परिषद् व जनसंघ ने कश्मीर का हिन्दुस्थान में सम्पूर्ण विलय के लिए के लिये संयुक्त सत्याग्रह किया. कश्मीर के मुख्यमंती शेख अब्दुल्ला ने सरकारी अनुमति के बिना ,बाहर के लोगों को प्रदेश में “प्रवेश बंदी” लगी थी.., तब डॉ श्यामा प्रसाद मुखजी मुख़र्जी ने घोषणा कर की “मैं इस प्रवेश बंदी के विरोध के बावजूद कशमीर जाऊंगा – तब वीर सावरकर ने उनसे कहा ..., “श्यामा प्रसादजी आपकी देश को बहुत जरूरत है. आप कश्मीर मत जाओं .., आप जिन्दा नहीं लौटेंगें..”
 
२. कश्मीर में प्रवेश करते ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल, ह्त्या कर आकस्मिक मौत कह दिया 

३. डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की माताजी  ने , प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को पत्र लिखकर इसकी जांच की मांग व मिलने के अनुरोध को ठुकरा दिया, और कहा वे बीमारी से मरे थे.., आज तक पूर्व से वर्तमान सत्ताधारियों ने इस पर जांच करने की भी सोच नहीं की 
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१. ताशकंद जाने से पहले वीर सावरकर ने लालबहादुर शास्त्री को चेताया और कहा “शास्त्रीजी हम जीते हुए राष्ट्र है , रूस के प्रधान्मत्री को हमारे देश मे बुलाओ, यदि आप ताशकंद जाओगे तो वापस नही आओगे.. और हमारे द्वारा जीता भाग भी लुटा आओगे..,.
२. ९ जनवरी १९६६ की रात लालबहादुर शास्त्री ने ताशकंद से अपनी पत्नी ललिता शास्त्री को फोन कर कहा “मैं हिन्दुस्तान आना चाहता हूँ, यहां, मुझ पर हस्ताक्षर करने के लिए दवाब डाल रहें है..., मुझे यहां घुटन हो रही है...

देश के सत्ता की राजनयिक फौजे बार-बार, शास्त्रीजी से कह रही थी..., भले हम युद्ध जीत गये हैं, यदि आप हस्ताक्षर नहीं करोगे तो आगे अन्तराष्ट्रीय बिरादरी एकजुट होकर देश की आर्थिक स्तिथी बिगाड़ देगी...

३. इसके बाद उनके कड़े मंसूबे, हमारे देश के सत्ता की राजनयिक फौजे तोड़ने में कामयाब हो गयी.., १० जनवरी १९६६ के शाम ४.३० बजे , शास्त्रीजी ने जीती हुई जमीन वापस लौटाने व शांती समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद, उनके पुत्र अनिल शास्त्री को कहा गया ..., वे देश के प्रधानमंत्री हैं, उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें विशेष आवास में अकेले में सुरक्षित रखना होगा.

४ . प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के ताशकंद समझौते के बाद ८ घंटे के बाद , ११ जनवरी तड़के १ बजे,पाकिस्तानी रसोईये द्वारा रात को दूध पीने के बाद उनकी मौत हो गई, मौत के समय उनके कमरे मे टेलिफोन नही था, जबकि, उनके बगल के कमरे के राजनयिकों के कमरों मे टेलिफोन था, उनकी मौत की पुष्टी होने पर राजनयिकों की फौज दिल्ली मे फोन लगा कर चर्चा कर रहे थे कि अगला प्रधानमंत्री कौन होगा ?

५ . अंत तक ललिता शास्त्री गुहार लगाती रही, मेरे पति की मौत की जाँच हो, आज तक सभी सरकारों द्वारा, कोइ कारवाई नही हुई?, 

६ .  इस रहस्य को जानने के लिये, आर.टी.आई. कार्यकर्ता अनुज धर ने एडी चोटी का जोर लगाने के बाद, सरकार की तरफ से जवाब मिला कि यदि हम इस बात का खुलासा करेगें तो हमारे संबध दूसरे देशों से खराब हो जायेगें ?

७ . दोस्तों अब सवाल है कि लालबहादुर शास्त्री की ह्त्या खुलासा करेगें तो हमारे संबध दूसरे देशों से खराब हो जायेगें ?, लेकिन डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ह्त्या की जांच से क्या देश के नेताओं के आपस आंच में सम्बन्ध खराब होने से,इस  जाँच को चूल्हे की आंच में डाल दिया
 
८ . मानवता के उपासक प्रखर राष्ट्रवादी 
महान शिक्षाविद व भारतीय जनसंघ के संस्थापक
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके बलिदान दिवस  पर  व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को 
भावभीनी श्रद्धांजलि....




Friday, 20 June 2025

- ⁠योग दिवस - विश्व के नेताओं व देशवासियों के “प्रयोग” से जीवन में खुशहाली व शरीर तारुण्यता से रहें “निरोग”






 



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⁠योग दिवस - विश्व के नेताओं व देशवासियों के “प्रयोग” से जीवन में खुशहाली व शरीर तारुण्यता से रहें  “निरोग”


Yoga Day - With the "experiment" of world leaders and countrymen, stay "healthy" with happiness in life and youthful body

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लेकिन २०२५ का  - योग दिवस  - विश्व में मार काट दिवस , विश्व युद्ध की ओर से मारकाट का माहौल , प्रतिद्वंदिता से द्वन्द युद्ध , अब यह मानवता पर प्रहार  से संहार की ओर जाने का द्वार बनता जा रहा है , हथियारों का व्यापार से अनाचार है 









Thursday, 19 June 2025

पाकिस्तान में बंकर में छुपे आसिफ़ मुनीर जो एक टाँग में खड़े थे ,


 


पाकिस्तान में बंकर में छुपे आसिफ़ मुनीर जो एक टाँग में खड़े थे , अमेरिका सेना के २५० सालों का जलवा था तब राष्ट्रपति ट्रम्प ने मुनीर को अमेरिका बुलाया 


अब मुनीर को लगा की मुझे इस आयोजन का मुख्य अतिथि घोषित किया है व अपने को दुनिया का शेर समझने लगा 


१८ जून २०२५ को ट्रम्प ने भोजन में बुलाकर मुनीर को लताड़ा की तुम्हारे पास के आण्विक हत्यार ईरान व अन्य देश में गए तो पाकिस्तान का भुर्ता बन जाएगा..


कार्टून में मुनीर की सोच में पाकिस्तान व इंडिया के कुछ पत्रकार का ख्याली पुलाव का चित्रण है 

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मुनीर.., अब चीन का छोड़ों साथ.., पकड़ों मेरे हाथ .., छोड़ों मोदी का डर.., अब मेरे सीज़ फायर में हैं दम.


.Munir.., now leave China.., hold my hand.., leave the fear of Modi.., now only my ceasefire has power.