Thursday, 1 December 2016

एक है टुंडा..., दूसरा है राजनैतिक गुंडा... तीसरा है… देशी, विदेशी माफिया मुसटुंडा...इन तीनों से देश बर्बाद हो रहा है... देश मे, घुसपैठीया डेवलेपमेंट प्लान (G.D.P.), जो 40% से अधिक है, जो, वोट बैंक की आड़ मे आतंकी स्कूल चला रहे है,


कौन है – अब्दुल करीम टुंडा ..., जेल में करनाल जेल के  कैदियों द्वारा पिटाई ...,

August 23, 2013  की फेस बुक व बेबस्थल  की पोस्ट-   एक है टुंडा..., दूसरा है राजनैतिक गुंडा... तीसरा हैदेशी, विदेशी माफिया मुसटुंडा...इन तीनों से देश बर्बाद हो रहा है... देश मे, घुसपैठीया डेवलेपमेंट प्लान (G.D.P.), जो 40% से अधिक है, जो, वोट बैंक की आड़ मे आतंकी स्कूल चला रहे है, जबकि राजनैतिक आतंकवाद से भरी दोपहर मे (MID DAY MEAL से) मासूम बच्चो की हत्याए हो रही है, आज तक दोपहर के भोजन व गरीबो के मुफ्त भोजन योयनाओ मे जितने देशवासी मारे गए है, देश मे आतंकी घटनाओ मे मारे गये लोगों से कई गुना ज्यादा राजनैतिक आतंकवाद से मारे गए है॥ 

दुश्मन सीमा पर हावी है, और सरकार , ( विदेशी धन से, G.D.P. बढ़ाने के दाँव मे ), देश को पीछे सरका-कर डॉलर को हावी होने का रास्ता दे रही ही... 

पोस्ट १ दिसंबर २०१६.
कौन है – अब्दुल करीम टुंडा ..., जेल में करनाल जेल क कैदियों द्वारा पिटाई ...,उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के अब्दुल करीम आईएसआई द्वारा ट्रेंड था, पेन्सिल बैट्री बनाता था नेपाल, बांग्लादेश समेत कई देशों में वो लश्कर का नेटवर्क मजबूत करने का मुखिया था  आतंकवादियों का उस्ताद. अपने उस्तरे से देश में आतंकवादी ट्रेनिग देने  की महारथ थी , जमात उल दवा दावा के हाफिज सईद को टुंडा ने ही दाऊद इब्राहिम से मिलवाया था और अक्सर POK में हाफिज सईद में जाकर देश की जानकारी देता व पाक आतंकवादियों की आधुनिक जानकारी देश के आतंकवादियों को देकर प्रेरित कर बम धमाकों का मास्टर माइंड  था .., २००२ से पाकिस्तान से हिन्दुस्तान में फर्जी नोटों के कारोबारी का मुख्य माफिया था
05 मार्च 2016 को हमारी जजसाही की स्याही के  पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को अब्दुल करीम टुंडा  के मामले में सुनवाई करते उसे उन आरोपों से बरी कर दिया, जिनमें उस पर बम धमाकों से संबंधित होने के आरोप थे.अब और ३७ आरोप जो टुंडा पर लगे हैं क्या वह फिर से इन अपराधों से मुक्त होगा..!!

1996 से 1998 के बीच दिल्ली, पानीपत, सोनीपत, लुधियाना, कानपुर और वाराणसी में टुंडा ने कई धमाके किए. इन धमाकों में करीब 21 लोगों की मौत हुई, जबकि 400 से ज्यादा जख्मी हुए। अगस्त 31 1998 को दिल्ली के तुर्कमान गेट धमाके में 1 शख्स की मौत हो गई। जुलाई 14, 1997 को लाल किले के पास हुए धमाके में 18 लोगों की मौत हुई। मई 23, 1996- लाजपत नगर सेन्ट्रल मार्केट धमाके में 16 लोगों की मौत हो गई.


दोस्तों अब सवाल है कि इतने आरोपों के आरोप पत्र तय करने के फैसले से पूर्व अब ७० वर्ष के हो चुके,टुंडा को पकड़ने के बाद ज़िंदा रखने के लिए दिल की बीमारी के इलाज में लाखों रूपये खर्च करने के बाद.., फांसी के फंदे में चढ़ने से पहिले वह अपनी स्वाभाविक मौत से मरकर.., क़ानूनसाही के स्याही द्वारा लेट लतीफ़ मुकदमे के फैसले से आतंकवाद का गोरख धंधा देश में फलते फूलते रहेगा  

Sunday, 27 November 2016

यदि देश को १८ घंटे काम करने वाले ५४२ सांसद मिले तो लोकतंत्र के मंदिर की घंटियों की गूँज विश्व में फ़ैल जायेगी .



काम , क्रोध , लोभ, मोह .., मोदी के (काम) पुरूषार्थ से, राष्ट्रवादी कार्य से पहिले मेरे १३० करोड़ देशवासी को जो १% धन्ना सेठ, मीडिया-माफिया-जज शाही- नौकरशाही की शाही ठाठ-बाट से देश की अर्थव्यस्था को दिशा से देश की दशा गर्त में जा रही थी.., अब माफियाओं में इस कदम के (क्रोध) से भारत बंद से , धन के (लोभ) से वंशवाद का (मोह) के धन की गंगा के गंदे खेल में अब वें स्वंय बह गए है...

सत्ता अय्याशी का अड्डा, आम लोगों को क़ानून के गड्ढे में डालकर.., रिश्वत बल से १३० करोड़ देशवासियों का मनोबल, श्रमबल से देशवासी निराश थे .., अच्छे दिनों का तो माफिया उपहास कर देश का हार्स (अवमूल्यन) कर रहे थे .

यदि देश को १८ घंटे काम करने वाले ५४२ सांसद मिले तो लोकतंत्र के मंदिर की घंटियों की गूँज विश्व में फ़ैल जायेगी .

यदि देश के सरकारी कर्मचारी,चपरासी.पटवारी व नीजी संस्थानों के अधिकारी व उनकी टीम , ८ घंटे के अतरिक्त १ २ घंटे अतिरिक्त पारश्रमिक देश को दान दे व सरकार द्वारा साल की २६ अवकाश को घटाकर १० कर व एक दिन का साप्ताहिक अवकाश कर दिया जाए व देश के १३० करोड़ देशवासियों में, बिना स्वार्थ के यह भावना आ जाये कि मैं देश को और कितना दे सकता हूँ.., तो ५ सालों में हरेक देशवासी राष्ट्र की सम्पन्नता से माला-माल होकर, जातिवाद भाषावाद-अलगाववाद-घुसपैठियों का सूपड़ा अपने आप साफ़ होकर, देश विश्वगुरू बन जाएगा..

पुरानी वेबस्थल व फेसबुक की लोकसभा चुनाव २०१४ की मोदी के जीत के पहिले की May 6, 2014 • पोस्ट

राष्ट्रवादी मोदी शेर है.., बाकी सब ढेर है.., इस देश में.., मोदी ही एक शक्ती है जो इस सत्ता की MUSICAL CHAIR को... मोदी.., (MODI+KAL = मोदी कल, से) कल के मोदी से देश को संभालने की अद्भुत ताकत से..., राष्ट्रवादी धार से देश को स्वाभिमानी बना सकते है...

देश के इस अश्वमेघ घोड़े के पकड़ने में .. विपक्ष इसे दौड़ से पकड़ने की बजाय भद्दी बयानबाजी की रेस में कीचड़ बनकर... कमल को खिलाने की होड़ में है.. , 

मोदी के विकास से.., शेर के राष्ट्रवाद से दहाड़त्व की गर्जना से...,

भ्रष्टाचार के जंगलों में हाहाकार मच गया है, अब जातिवाद, भाषावाद, धर्मवाद, अलगाववाद का मांस से मुस्टंडे बने जानवरों को भुखमरी से मरने का खौफ छाया है ...

देश में मोदी लहर , विदेशी ताकतें.., अब बेअसर , आतकवादियों को अब हो रही फिकर. काफिर अब करें फिकर, सोनिया को अब लगे सत्ता एक जहर, उमर अब्दुल्ला को लग चुका है.., धारा ३७० अब हो जायेगी बेअसर, “आप पार्टीका कश्मीरी मुर्गा का कूक्डू शोरका नौटंकी शो. अब कूड़ा में जाकर.. अब हो गया है, बेअसर .... वोट बैंक से तुष्टीकरण करने वालों , मृग मारीचिकाओं का , अब देश से होगा हरण..

वहीं .., नौटंकीवाल , अन्ना को गन्ना से चूसकर... जनलोकपाल की बुझी हुई मशालों की लकड़ी से तो मुर्दे भी नहीं जलतें है, इसीलिए ४९ दिनों में जनलोकपाल के लौं न जलने से भाग खड़े हुए..., अब जनता को और भ्रमित मत कर रहें है..

वहीं समाजवादी ... अब समाज से देश को तोड़ों के बयानों से इस छ्क्केबाजी (नपुंसक) बयान तो सीमा पार पाकिस्तान तक पहुंचा कर अब तक के सबसे सफल बल्लेबाज से कांग्रेस भी पीठ थपथपा रही है...

दुश्मन भी सोच रहें है ... गेद हमारें पालें में आ गई है... अब इस मुद्दे के गेंद से अब हम इससे ऊंचा दाँव खेलेंगे

मायावती तो.., अपने हाथी के मूर्तियों के बोझ से दबी हुई है... दलित भी इसे देखकर अपने को ठगा महसूस कर रहा है....

आम आदमी के चिन्ह वाले हाथ से जवानों के हथियार घोटालों से लेका जवानों की सीमा पर सिर काटने से ह्त्या हो रही है...

राष्ट्रवादी पार्टी भी कृषी मंत्री के भेष में किसानों से आत्महत्या करवा रहा है..


माफिया भी इस चुनाव में अपने काले रंग के निकलने के डर से ... देश के राष्ट्रवादियों को दबाने के लिए, अपने धन के अलावा..., फोर्ड फाउंडेशन भी इस खेल में शामिल हो चुका है...

Wednesday, 23 November 2016

यह R.T.I. नहीं…(RIGHTY TWISTED INDIANS).. सही तरह से निचोड़ा देशवासी है, यह तो..?? जज, वकीलों व नौकशाहों का (RIGHT TO INCOME)…आय का अधिकार है …



मोदीजी से मन नहीं दिल की बात- यह R.T.I. नहीं…(RIGHTY TWISTED INDIANS).. सही तरह से निचोड़ा देशवासी है, यह तो..?? जज, वकीलों व नौकशाहों का (RIGHT TO INCOME)…आय का अधिकार है …( वेबसाईट की पोस्ट Posted on 31 October 2013.)’

यदि गली मोहल्ले का काले  धन को सरकार द्वारा AIR LIFT कराना हो तो न्यायप्रणाली के समानांतर RTI कोर्ट (जन अदालत) के तौर एक सुपर कोर्ट की स्थापना से, SUPERFAST फैसले से – देश के  नगर सेवक (पार्षद-MLC) से देश के विधायक से संसद के जन धन योजना निधी से धन डकारने की विधि के भ्रष्टाचार का पिटारा खुल जाएगा .., क्योकि भ्रष्टाचार का भारतष्टाचार की गंगा का उदगम इन्ही गली – मोहल्ले से नगर शहर से देश में बहकर देश को डूबोने का खेल की सुपरफास्ट की बुलेट (BULL – ATE) ट्रेन के इन सांडों के भ्रष्टाचार से काला धन हजम करने का द्रुत खेल की कला  है    

दोस्तों हमारे संविधान में ३३ हजार से ज्यादा क़ानून है... और चार करोड़ से ज्यादा मुकदमे लंबित हो कर, इसी आड़ में क़ानून के हाथ तो और लम्बे हो रहें है...,लेकिन क़ानून के  हाथ की उँगलियों घिसती ही जा रही है....., गरीब का घर बार बिक कर, नौकरशाही व जजशाही का घर , काले धन से लबालब हो रहा है.

क़ानून के हाथ लंबे होने का सभाषण की गूँज तो १९४७ से देश व फिल्मों तक प्रसिद्ध है..,

आज हमारा देश भ्रष्टाचार का गड्डा प्रधान देश बन गया, और कृषि प्रधान वासी इस गड्डे में गिर रहा है...

आज हर मुहल्ले से देश तक भ्रष्टाचार से लम्बे बने लोग हैं ..., इनकी संख्या इतनी ज्यादा है की यदि ..., देश के बिजली के खम्भे में एक पिंजरा बनाकर, इन भ्रष्टाचारियों को लटका दिया जाय तो देश के बिजली के खम्भे भी कम पड़ेंगे...,

याद रहे.., पूना (महाराष्ट्र) के R.T.I. के कार्यकता सतीश शेट्ये ने पूना के सरकारी व भू-माफियाओं के गठबंधन की पोल जब हाईकोर्ट में खोली, तो प्रशासन में हडकंप मच गया, सतीश शेट्ये ने अदालत में अपनी जान के खतरे की गुहार लगाई, एक सुनियोजित योजना के तहित , सवेरे की व्यायाम में घुमते समय माफियाओं ने फरवरी २०१० में उनकी हत्या कर दी , जो पुलिस की जांच अधिकारी था, उसने कोई सबूत के तहत गिरफ्तारी नहीं की ..., इस घटना के ६ महीने बाद उस पुलिस अधिकारी के घर सी.बी.आई. के छापे में करोड़ों रूपये बरामद हुए...,

अब R.T.I. के कार्यकता सतीश शेट्ये के मुकदमे की फाईल बंद होने की कगार में है..

प्रस्तावना
Posted on 02 October 2012.
सवेरे चाय की चुस्की लेते , अख्रबार पढ्ने पर चाय कड़्वी लगती है , एक घोटाला ……? घोटाले की नाव डूबने से १००००…? २००००….? १०००००…..?…. करोड़ो लोगो का निवाला, नौकरशाहीखा गई ,और नौकरशाही, जजशाही को कहती है कि नाव थी ही नही? जजशाही फरमान सुनाती है की डूबी नाव को खोजो, डूबी नाव को खोजने के लिये सरकारी गोताखोर सरकार की तिजोरी खाली कर रहे हैं? ………. चूना लगा रहे हैं ?

दिनभर अखबारो की पढी खबरें रास्ते पर चलते हुए, सोचते हुए, मैं गड्डे में गिर जाता हूँ. लोंगौ से कह्ता हूँ ,यह भ्रष्टाचार का गड्डा है. लोग मुझ पर उपहास कर कहते  है, “तुम्हे देखकर चलना नहीं आता है, देखो हम कैसे बगल से निकल जाते हैं ?”....
आज, आम आदमी अपने भूख का बड़ी मुश्किल से जुगाड़ करने से, सरकार से कोई पंगा ले कर कानून के मकड़जाल में फंस कर और भूखा नंगा नहीं बनना चाहता है... 

इस लिंक पर click कर www.meradeshdoooba.com (a mirror of india) स्थापना २६ दिसम्बर २०११
कृपया वेबसाइट की ५९०  प्रवाष्ठियों की यात्रा करें व E MAIL द्वारा नई पोस्ट के लिए SUBSCRIBE करें - भ्रष्टाचारीयों के महाकुंभ की महान-डायरी

Saturday, 19 November 2016

जब तक नोटों में गांधी का चित्र रहेगा , माफियाओं का सूरज, चाँद की चमक व चांदनी रात से देश की अर्थव्यवस्था की समानांतर व्यवस्था से देश अस्त व्यस्त से.., अब भविष्य में भी नए नोटों के काले धन से भी त्रस्त रहेगा.


जब तक नोटों में गांधी का चित्र रहेगा , माफियाओं का सूरज, चाँद की चमक व चांदनी रात से देश की अर्थव्यवस्था की समानांतर व्यवस्था  से देश अस्त व्यस्त से..,  अब भविष्य में भी नए नोटों के काले धन से भी त्रस्त रहेगा.

देश के नोटों पर गांधी के चित्रों की जगह, १९६९ के पूर्व के नोटों से, संविधान के अशोक स्तंभ के  शेरों को  नोटों के चिन्ह से प्रेरित होकर नव युवकों  एक नए माफियाओं के दंभ को कुचलकर देश के लिए दहाड़ेगा. और आने वाली पीढ़ी की पीड़ा दूर होकर गौरवशाली अपराजित हिन्दुस्तान वैभवशाली से “भारतमाता” अजर –अमर रहेगी.
  
बापूजी .., देश के माफियाओं का भोपू बंद हो गया है, उनके जीवन के चमकते जीवन का सूरज व चांदनी रात अब २८-२९ -३०-३१ दिनों के महिनों से अपने को देश की अर्थव्यस्था में अहम् से महान मानने वालों की अब हर दिन अमावस्या से उनकी जीवन की समस्या बन गई है.
  
आज बैंक के कर्मचारी जिस ढंग से देश के काले धन  के लिए अति व्यस्त से काम यदि आम दिनों में इतनी दिल्लगी बैंक व लुंज –पुंज देश के सरकारी  कर्म चारी, सदाचारी से, सच्चाकारी से, मैं देश को कितना ज्यादा श्रम बल दे सकता हूँ.., की भावना से  काम करें तो देश विश्वगुरू बनकर चंद दिनों में विश्व की १ नंबर की अर्थव्यस्था बन जायेगी.

यदि बैंक की साल की २४ छुट्टिया.., जो केंद्र सरकार व नीजी संस्थान  भी अनुसरण करती हैं को  घटाकर १० कर दी जाएँ व सिर्फ रविवार सप्ताहिक सामूहिक अवकाश /छुट्टी घोषित हो  तो देश के एक साल का १०  लाख करोड़ रूपये  का बर्बाद श्रम धन के योगबल  से देश की अर्थव्यस्था को राष्ट्रीय बल मिलेगा ..  


Thursday, 17 November 2016

जो देश के धन्ना सेठ समझते थे.., WEALTH IS HEALTH अब काले धंधे वालों का धन भी गया और चरित्र भी .., यदि सरकार द्वारा काले धन को राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (रासुका) घोषित कर जेल की वादियों में डाला जाय तो धन्ना सेठ की HEALTH भी जिन्दगी भर बैल बनकर हल जुताने से दिमाग ठिकाने लग जायेगा ..., समाज से बेशर्मों का पत्ता साफ़ हो जाएगा


जो देश के धन्ना सेठ समझते थे.., WEALTH IS HEALTH

अब काले धंधे वालों का धन भी गया और चरित्र भी .., यदि सरकार द्वारा काले धन को राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (रासुका) घोषित कर जेल की वादियों में डाला जाय तो धन्ना सेठ की HEALTH भी जिन्दगी भर बैल बनकर हल जुताने से दिमाग ठिकाने लग जायेगा ..., समाज से बेशर्मों का पत्ता साफ़ हो जाएगा
 https://www.facebook.com/groups/371786942979873/ यह Deshdoooba Community के फेस बुक का ग्रुप पेज है
http://meradeshdoooba.com/ CORRUPTION- क़र अप सन (अपने बेटे को उपर उठाओ) और उसके लिए बाप को (कर अप शरम) बेशर्म बनो
 
CORRUPTION के वजह से बेटा पेंशन नही, बल्कि PAIN SON है

जीवन मे बेटा संस्कार – SONS CAR होता है, माँ, बाप प्रफुल्लित (खुश) होते है, बेटा चिराग बन कर पैदा हुआ है, परिवार का नाम रोशन करेगा. और हमारी बूढी अवस्था मे हमारे जीवन का पॆंशन बनेगा,

माँ, बाप, SONS CAR मे चाकलेट व पीजा ( बच्चो कि शराब जो की संस्कार को एक शराब का नशा पिलाना है) व FAST FOOD का पेट्रोल डाल कर बच्चे को तेज दौडाकर खुश होते है ,
यदि आप नई कार खरीदते है , तो उत्पादक / निर्माता द्वारा चेतावनी लिखी होती है कि प्रथम 25000 कि.मी. तक 60 कि.मी. के ऊपर गाडी न चलाये. अन्यथा इंजन खराब हो जायेगा.

माँ, बाप SONS CAR मे चाकलेट व पीजा का पेट्रोल डाल कर बच्चे के नवजीवन की जिद को 100 कि.मी. से तेज दौडाकर खुश होते है, वह अपने को बच्चे को राणा सांगा की औलाद समझने लगते है, व परिणाम स्वरूप 8-10 साल मे बेटे के जीवन का इंजन खराब हो जाता है,

8-10 साल के बाद चाकलेट व पीजा का पेट्रोल डाल कर भी SONS CAR 20 कि.मी की रफ्तार भी पकड नही पाता है, और 15-16 साल मे माँ, बाप SONS CAR को धक्का लगा कर दौडाते है, उसमे असली पेट्रोल डालने पर भी SONS CAR दौड नही पाती है ,

क्योकि उसका इंजन (चरित्र) खराब हो जाता है . धक्का मारते मारते माँ, बाप अपने जीवन के पूँजी उसमे गँवा देते है,
अंत मे बेटा जिसे वे पेशन समझते है वह जीवन के अभिशाप के रूप मे PAIN – SON बनकर माँ, बाप को बुढापे मे कुडे के डब्बे मे फेंक देते है

वही आज हमारा समाज लडकी पैदा होने पर मातम मनाता है, लडकी पैदा होने कि खबर से भ्रूण हत्या करवाता है

आज के समाज मे लडकी (DAUGHTER) सर्वश्रेष्ठ है, वह बुढापे का अकाल दूर करती है , वह DROUGHT-HER है , अकाल हरने वाली है, क्यो कि उसे मातृत्व, ममता व वात्सल्य का आभास व अनुभव है, वह माँ बाप को अपने जीवन का अंग समझती है.

वही देश के गरीब हिन्दुस्तानी जो गरीबी रेखा के आस पास जीवन यापन कर रहे है, वे तनाव जिसे अंग्रेजी मे TENSION कहते है व एक-एक ईमानदार गरीब कुँवारा युवक जो बिना आरक्षण के बैशाखी से उपर उठने की कोशिश करता है, उसे उसके जीवन मे TENSION शब्द TEN- SONS...बन गया है , जैसे उसे 10 बच्चे का परिवार पालना है, वह जीवन मे संघर्ष करते रहता है और उसकी प्रतिभा खो जाती है, वह देश की गुमनामी मे खो जाता है .

यदि भ्रष्टाचारी का बेटा, येन केन सफल भी हो जाता है , तो वह बाप के पदचिन्हों को हाथी का पाँव बनाकर हाथी की तरह , देश के गरीबों को उजाडकर धन डकारने मे व्यस्त रहता है..??? इसकी आधुनिक मिसाल है आज की राजनीति का वंशवाद ...???? जिससे देश मे लूट हो रही है विस्तार से पढे .....