Thursday, 27 May 2021

वीर सावरकर को जिसने नही जाना..?, उसने हिन्दुस्थान को नही पहचाना? सावरकर दिन क़े जुगनू जिनके प्रकाश से अंग्रेज़ों के साम्राज्य का न डूबने वाला सूरज भी थर्राता था व अंग्रेजों को हिंदुस्तान में अपना भविष्य अंधकारमय लगता था


 

वीर सावरकर को जिसने नही जाना..?, उसने हिन्दुस्थान को नही पहचाना?

सावरकर दिन क़े जुगनू

जिनके प्रकाश से अंग्रेज़ों के साम्राज्य का न

 डूबने वाला सूरज भी थर्राता था व अंग्रेजों को

 हिंदुस्तान में अपना भविष्य अंधकारमय लगता था 

Saturday, 8 May 2021

महाराष्ट्र में कुर्सी के दत्तक पुत्र से सिर्फ एक शहर से 100 करोड़ के मासिक कमाई की मानसिकता से माफियाओं के राजनैतिक संगठन के जोड़ से मेरा घर तोड़ने वालों..., अब तुम्हारा घमंड टूटने के बाद भी,दिसा सालियान के बलात्कार से हत्या के आकार की फ़ाइल गायब कर तुम फूले नही समा रहे हो..., तुम्हें धिक्कार..., धिक्कार ...

 


महाराष्ट्र में कुर्सी के दत्तक पुत्र से सिर्फ एक शहर से 100 करोड़ के मासिक कमाई की मानसिकता से माफियाओं के राजनैतिक संगठन के जोड़ से मेरा घर तोड़ने वालों..., अब तुम्हारा घमंड टूटने के बाद भी,दिसा सालियान के बलात्कार से हत्या के  आकार की फ़ाइल गायब कर तुम फूले नही समा रहे हो..., तुम्हें धिक्कार..., धिक्कार ...  


Sunday, 18 April 2021

विहार में सात सीटों के जीत का रंग अब बंगाल में निकालू ममता का दम खंभ.. यह ममता द्वारा घुसपैठियों के वोट बैंक द्वारा इस्लामिक राष्ट्र का खेला V / s भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रवाद से अखण्ड भारत की लड़ायी है..

 


विहार में सात सीटों के जीत का रंग

अब बंगाल में निकालू ममता का दम खंभ..


यह ममता द्वारा घुसपैठियों के वोट बैंक द्वारा इस्लामिक राष्ट्र का

खेला V / s भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रवाद से अखण्ड भारत

की लड़ायी है..



Wednesday, 31 March 2021

मेरा संविधान महान ..., यहां हर माफिया पहलवान... संविधान की आड़ में देश की आत्माओं को भटकाओ

 


मेरा संविधान महान ...,  यहां हर माफिया पहलवान...

संविधान की आड़ में देश की आत्माओं को भटकाओ

मैं आँख का अंधा नाम नयन सुख.., तू राजनेताओं के गुलामी से पाये परम सुख , कानून की धज्जी उड़ाकर 100 करोड़ के भ्रष्टाचार से देश का बेड़ा गर्क कर देश को डूबाने की एक गहरी साजिस से बना एक माचिस ॥!!!

 


मैं आँख का अंधा नाम नयन सुख..,

तू राजनेताओं के गुलामी से पाये परम सुख , कानून की धज्जी  उड़ाकर 100 करोड़ के भ्रष्टाचार से देश का बेड़ा गर्क कर देश को डूबाने की एक गहरी साजिस से बना एक माचिस ॥!!!




चोर बने हैं थानेदार, बंद करो ये भ्रष्टाचार..., ये हैं मानवता के रोग , इनका करो अंतिम संस्कार... यह Animation सिर्फ मुंबई शहर में उद्धव ठाकरे व उनके माफिया संगठन की 100 करोड़ रूपये की उगाही सरकार के कलंक को चुनौती से एक आवाहन स्वरूप समर्पित

 


चोर बने हैं थानेदार, बंद करो ये भ्रष्टाचार..., ये हैं मानवता के रोग , इनका करो अंतिम संस्कार...

 

यह Animation सिर्फ मुंबई शहर में उद्धव ठाकरे व उनके माफिया संगठन की 100 करोड़ रूपये की  उगाही सरकार के कलंक को चुनौती से  एक आवाहन स्वरूप  समर्पित

Tuesday, 23 March 2021

सरदार भगत सिंग, राजगुरू , सुखदेव की पुण्य तिथी पर विशेष लेख ..,



सरदार भगत सिंग, राजगुरू , सुखदेव की पुण्य तिथी पर विशेष लेख ..,

 

अगर सरदार भगत सिह को तुम कब्र से उठाओं तो तुम उसे दुखी पाओगेक्योंकि जिस आजादी के लिए बेचारे ने जान गवाई , वह आजादी दो कौड़ी की साबित हुई , तुम शहीदों को उठाओं कब्रों से और “पूछों”. क्या इसी आजादी के लिए तुम मरे थे , इतने प्रसन्न हुए थे ...??, इन राजनीतिज्ञों के हाथ में ताकत देने के लिए तुमने कुरबानी दी थी ..?????, तो भगत सिह छाती पीट-पीट कर रोयेगा कि हमें क्या पता था , जिंदगी का...

 

गांधी तो ज़िंदा थे – आजादी आई और आजादी आने के बाद गांधी छाती पीटने लगे थे , गांधी बार-बार कहते थे मेरी कोई सुनता नहीं , मैं खोटा सिक्का हो गया हूँ , मेरा कोई चलन नही है गांधी दुखी हैगांधी सोचते थे : एक सौ पच्चीस साल जीऊंगा , लेकिन आजादी के नौ महीने बाद उन्होंने कहा अब मेरी एक सौ पच्चीस साल जीने की कोइ इच्छा नहीं है , यह बड़ी हैरानी की बात है , शहीदों की चिताओं पर भले मेले भर रहे हों , लेकिन शहीदों के चिताओं के भीतर आंसू बह रहें हैं

 


दिल्ली में तो सुभाष चन्द्र बोस के नाम पर कोई सड़क या गलियारा भी नहीं है

सौ बार जनम लेंगेसौ बार फ़ना होंगे
ऐ जाने वफ़ा फिर भी हम तुम ना जुदा होंगे

किस्मत हमें मिलने से रोकेगी भला कब तक
इन प्यार की राहों में भटकेगी वफ़ा कब तक
कदमों के निशाँ खुद ही मंजिल का पता होंगे
सौ बार जनम लेंगे...

 

लेकिन क्रांतीकारियों के मसून्बों पर पानी डालकर आज सभी सरकारों ने उन्हें “देशद्रोहियों” के प्रथम कतार में रखा गया है...,

 


काश नरेन्द्र मोदी कम से कम ७ रेस कोर्स का नाम ..जो प्रधानमंत्री पद के घोड़े का व्यापार (HORSE TRADING ) से ही विख्यात है....
यदि इस मार्ग का नाम वीर सावरकर / सरदार भगत सिंग / सुभाष चन्द्र बोस के नाम से रखा जाता तो देश में इंकलाब आ जाता ...नई पीढी को देश की आजादी के नीव रखने वाले फ़कीर से प्रेरणा मिलती..जिनके भगुर को अंग्रेजों द्वारा जब्त घर को वीर सावरकर के जीते जी भी नेहरू ने नहीं दिया


इस सन्दर्भ जब उनसे पूछा गया कि आप अपने जब्त घर के लिए सरकार से क्यों नहीं लड़ते हो..तो वीर सावरकर ने जवाब दिया की भले ही हमें खंडित भारत मिला है ..ऊंची हिमालय की चोटिया..विशाल खंडितभारतमाता के शरीर को खंडित का तांडव से..उसके सामने मेरा छोटा घर की मांग करना तुच्छ है....