Thursday, 27 July 2017

देश के शिक्षक तुम्हे सलाम..., देश में जितने राष्ट्रपति बने .. वे राजनीतीज्ञों की कृपा से देश के सर्वोच पद पर बैठे ...और देश के महामहिम पद से निर्वित होकर.., सरकारी सुविधा भोगते हुए , जीवन की लीला समाप्त कर गुमनामी में खो गए...


कलाम.., कल की आम, कली (नन्ही पीढी), व हर हिन्दुस्तानी को, तुम्हारे २री पुण्य तिथि का है अभिमान..,
तुम्हारी राष्ट्रवादी प्रेरणा से हिन्दुस्तानी कायल..., धर्मवादी घायल...,

तुम्हारे कलम की राष्ट्रवादी धार , हिन्दुस्तानीयों को रखता है सदाबहार...,

आपकी आयु के हर दिन को प्रेरणा मानकर , देशवासियों को आपके कर्मों का है गुमान व आपको सलाम ..

देशवासिओं की आपकी आयु के. हर दिन, एक नए दीप से देश के नवजवानों की आयु को , आपके दीप की लौसे एक नई रोशनी के मार्गदर्शन का प्रणाम .

देश के शिक्षक तुम्हे सलाम..., देश में जितने राष्ट्रपति बने .. वे राजनीतीज्ञों की कृपा से देश के सर्वोच पद पर बैठे ...और देश के महामहिम पद से निर्वित होकर.., सरकारी सुविधा भोगते हुए , जीवन की लीला समाप्त कर गुमनामी में खो गए...

डॉक्टर अब्दुल कलाम के राष्ट्रपति पद ग्रहण करते समय केवल २ सूट केश राष्ट्रपति भवन में ले गए थे तथा जो  सेवानिर्वित के बाद भी सिर्फ वही  २ सूटकेश अपने घर ले गये. 
याद रहे, पिछली राष्ट्रपति प्रतिभा  तो २० ट्रकों में देश के सम्मान में दी गए उपहार भी अपनी माल-मत्ता समझ कर अपने घर ले गयी थी ..., बाद में बेशर्मी से उन्हें वह पुरूस्कार ९ ट्रक भरें लौटाना पड़ा .., और पेंशन व अन्य सुविधाओं से ऐश कर रही है..

अभी चंद दिन पहिले सेवानिर्वित हुए  राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी जो रक्षा व अन्य घोटाले में सम्मलित है... क्या वे अब निर्वित होने के बाद, क्या ...!!!!,  अब्दुल कलाम के जीवन का अनुसरण करेंगे.

एक निर्वादित , बिना राजनेताओ की बैसाखी की याचना से महामहीमबने अब्दुल कलाम , अपनी कलम की ताकत व आवाज से, 
सेवानिर्वित जीवन के बाद भी आवाम को जागृत कर रहें थे ... और  देश भर के स्कूल में छोटे-छोटे बच्चों के बीच जाकर .., बच्चों में भी स्फूर्ती आती थी ..., कि क्या बात है ..हमारे पूर्व राष्ट्रपति हमारा उत्साह बढ़ाने के लिए , हमारे साथ घुल मिल कर बात कर रहें है... 
आज भी  कलाम साहब का यह कर्म ..., आने वाले कल के बच्चों को नया हिन्दुस्तान के नवनिर्माण की शिलाका आधार बना रही है...

सेवानिर्वित के बाद भी अब्दुल कलाम अपने अनुभव..., जूनून .., दृण संकल्प का सन्देश शिक्षक बन कर, गाँव शहर में दे रहें थे ...., इसमें उनकी  देश भक्ति व राष्ट्र सर्वपरी की भावना कूट -कूट कर भरी थी ...,

दोस्तों, याद रहें .. प्रधानमंत्री मनमोहन के कार्यकाल में अब्दुल कलाम को धमकी मिली थी आपके इस दौरे का राजकीय खर्च जो करींब दिन के ४० हजार रूपये है, भारत गरीब देश होने से यह खर्च वहां नहीं कर सकता है.... इसे बंद करो...


जबकि सच्चाई यह है कि , देश के जल-थल- नभ आकाश से कोयला चोर जो अरबों खरबों की लूट के बावजूद, उन्हें  देश की अर्थ व्यवस्था के शिल्पकार के रूप में सम्मानित किया गया है...

Friday, 21 July 2017

बेबाक पोस्ट.., भिंडरावाले जी टाइगर फ़ोर्स ऑफ़ खालिस्तान बनाओ– ज्ञानी जैल सिंह के उदगार, जिसके टेप खुफिया एजेंसी RAW के पास आज भी हैं , जैसे के राष्ट्रपति बनाने के बाद ऑपरेशन ब्लू स्टार से इंदिरा के देश का राजीव के साथ TWIKNKLE STAR से BIG STAR बनाए रखने ३ जून १९८४ का सपना था जो इंदिरा गांधी की ह्त्या से ३१ ओक्टोबर १९८४ को वह ख्वाब टूट गया और इस पर अपनी प्रतिक्रया व्यक्त कर पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसी देसाई ने बेबाकी से कहा “इंदिरा गांधी अपने कर्मों से मारी गई है”


बेबाक पोस्ट.., भिंडरावाले जी टाइगर फ़ोर्स ऑफ़ खालिस्तान बनाओ– ज्ञानी जैल सिंह के उदगार, जिसके टेप खुफिया एजेंसी RAW के पास आज भी  हैं , जैसे के राष्ट्रपति बनाने के बाद ऑपरेशन ब्लू स्टार से इंदिरा के देश का राजीव के साथ TWIKNKLE STAR से BIG STAR बनाए रखने ३ जून १९८४ का सपना था जो इंदिरा गांधी की  ह्त्या से ३१ ओक्टोबर १९८४ को वह   ख्वाब टूट गया और इस पर अपनी प्रतिक्रया व्यक्त कर  पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसी देसाई ने बेबाकी से कहा
“इंदिरा गांधी अपने कर्मों से मारी गई है”

हाँ, इस मौत के बाद TWIKNKLE STAR के इस समूह का दूसरा प्यादा राजीव गांधी , सहानुभूति की जनता की अनुभूति से ४१४ लोकसभा की सीटें जीतकर एक ऐसा BIG STAR बना कि आज तक इस स्टार का रिकॉर्ड मोदी सरकार भी नहीं तोड़ पाई है

प्रतिभा पाटिल जो इंदिरा गाँधी के घर  काम वाली बाई थी, झाडू पोछा से चूल्हा चोखा, करती थी जिसे राजस्थान के पंचायत और वक्फ राज्यमंत्री अमीन खां खुले आम कह दिया देश की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल किसी जमाने में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के घर में रसोई संभालती थीं। इसी वफादारी के नतीजे में सोनिया गांधी ने उन्हें राष्ट्रपति बना दिया।' और तो और , इसके बाद ,एक.. से.. एक..,  इस काम वाली बाई ने राजैतिक संरक्षण से अरबों का महाराष्ट्र में को –ऑप  बैंकों का घोटाला कर , राष्ट्रपति बनने से सेवानिर्वित होने तक राष्ट्रपति के पुरूस्कारों से भरे २० ट्रक पूना शहर में अपने घर व सेना की जमीन पर घर बनाने से बवालों से जुड़ी रही.

 फखरुद्दीन अली अहमद जिसे लोकतंत्र का हत्यारा राष्ट्रपति कहा जाता है..,  जिनकी पृष्ठभूमि में आसाम में २५  लाख से अधिक बंगलादेशी घुसपैठियों को बसाकर कांग्रेस को धमकी और मंत्र की भाषा में कहा कि  मुस्लिम वोट बैंक की जनसंख्या तुष्टीकरण से ही कांग्रेस की सत्ता में भागीदारी बनी रहेगी .., जो कांग्रेस ने सन २०१४ तक इसी नीती से राज किया.

  राष्ट्रपति पद देश के धन की बर्बादी व राज्यसभा, एक चोर दरवाजे से अपने प्रिय व पार्टी के नेताओं की भर्ती से देश की संपदा को लूटने का खेल है,दोनों ख़त्म हों .

यदि राष्ट्रपति रबर स्टैम्प तो नगर पार्षद गुंडा क्यों..!!!,  नगर पार्षद मूल हथकंडा से लोकतंत्र के लूट तंत्र का गोरखधंदा से  गुंडा क्यों...


दोस्तों लिखने को बहुत है.., लोहिया जैसे समाजवादी की औलादें अब बनी जल्लादें.., लूट खसोट का नंगा नाच चल रहाहै.., मोदी सरकार कह रही है हम देश में सब चंगा कर देंगें..!!!.

देस की एक मार्मिक तस्वीर है.., देश के प्रथम व महामहीम व्यक्ति (राष्ट्रपति) के पास ३५० कमरों वाला घर है है जिसमें हजारों नौकर चाकरों की फ़ौज से मौज है..,

वही संक्षेप में ....!!!!, आज से ४० साल पहिले एक शख्स ने पहचाना कि हिन्दुस्तान में राजनेताओं को मुट्ठी में किये बगर देश पर आर्थिक रूप से कब्जा नहीं किया जा सकता है...., वह शख्सहै..., धीरुभाई अम्बानी जिनकी नीती पर चलकर मुकेश अम्बानी ने वक्फ बोर्ड की जमीन हड़पकर अन्तालिया जैसे १० हजार करोड़ के लागत से लोकतंत्र को लानत से गगनचुम्बी इमारत में मात्र परिवार के ४-६ लोगों के परिवार की आतिर खातिर के लिए ४०० से अधिक नौकर .., ऐश कर रहें हैं...

दोस्तों / मित्रों एक बार फिर बेबाकी से..,इस पेज पर , यह चित्र/CARTOON नहीं है..., देश का चलचित्र है..., देश को चुनाव के नाम से चुन – चुन कर भ्रष्टाचार से जनता को घुट – घुट कर धीमें जहर से मारने का खुला खेल है...,

मंत्रालय –मूत्रालय,
सचिवालय – शौचालय,
लोकसभा – लूट सभा ,
राज्य सभा – रिश्वत सभा
से देश में लाखों माल्या विजय बनकर अपने को गौरान्वित कर कह रहें हैं.., हमें भ्रष्टाचार से उकसा कर इस तंत्र को नहीं जनता के टैक्स के पैसे को डकारकर जीने का मंत्र है...,

अब तक  इंग्लैंड में  ५६ से ज्यादा विजय माल्या के रूप में भाजपा , कांग्रेस व अन्य पार्टियों के  सहयोग / सहमती से,  सुरक्षा से छिपे हैं...,CBI ने भी (C)चोर बनाया (B) इंडिया (I)के नाम से देश को कलंकित ही किया है  


 अंत में एक सवाल उठाता है .., वित्त मंत्री से राष्ट्रपति बने प्रणव मुखजी मुखर्जी  जो कांग्रेस के संयुक्त घोटालों में  ऑगस्टा वायु सेना के इटली कोर्ट में मुज्लिम हैं व देश के जल थल पाताल घोटालों के बंदरबांट के भी चहरे हैं .., क्या अब वे का प्रायश्चित करेंगें .., जैसे अब्दुल कलाम जैसे बेदाग़ मूर्ती ने अपना ज्ञान , विज्ञान से विशेष ज्ञान व अपना जीवन बल से छोटे से गांवों में  छोटे-छोटे बच्चों की उंगलियाँ छूकर उन्हें ऊंचे  उड़ान भरने की प्रेरणा दी है

Sunday, 16 July 2017

नीतीश कुमार को तो लालू ने २० माह से अपने भुजा में जकड़ कर रखने की बावजूद अपनी अकड़ पर पकड़ बना रखी है.. अब समय ही बताएगा, क्या..??, नीतीश कुमार इस जकड से मुक्त होने के लिए भा.ज.पा. के गोद में गोंद की तरह चिपक कर रहेंगें...!!!


नीतीश का बयान “मैं” इस जंगलराज में  चंदन.., लालू ने भांप लिया कि अब  सांप बनने के बजाय नाग बनकर सत्ता में रहकर अपने बहुमुखी भ्रष्टाचार की प्रतिभा से चन्दन से लिपटकर अपना जहर फैलाकर .., लकड़ी को सुखाकर.., अपने ९  बच्चों में  गुणा – भाग कर जनता को अपने पुराने नारों “जब तक समोसे में रहेगा आलू .., बिहार में रहेगा आलू..” को जीवंत कर नव पीढ़ी को जीवन भर राज करने का ख्वाब बनाओं...की नीती से नीतीश के राज को पटखनी दे सकता हूँ.

अब बिहार चुनाव में, नरेन्द्र मोदी की हनुमानी सेना के २० महीनों से घायल सेनापति अमित शाह की मिटी छवि को अमिट  बनाने के अपने बदले से,अपने पिंजरे में बंद सरकारी तोते के टोटके से सीबीआई के छापे में LALU & Sons / Daughter Family को जकड़ लिया है..

नीतीश कुमार को तो लालू ने २० माह से अपने भुजा में जकड़ कर रखने की बावजूद अपनी अकड़ पर पकड़ बना रखी है..


अब समय ही बताएगा, क्या..??, नीतीश कुमार इस जकड से मुक्त होने के लिए भा.ज.पा. के गोद में गोंद की तरह चिपक कर रहेंगें...!!!   

Sunday, 9 July 2017

योगी के किसान कर्ज माफी को अन्य प्रदेशों के विरोधियों ने आन्दोलन बनाकर सत्ता पक्ष की कुर्सियाँ हिला दी है .., आनन् फानन में सभी बचे मुख्य मंत्री घोषणायें कर अपने को योगी से महान कहने की होड़ मैं दौड़ रहें हैं ..



मुख्य मंत्री योगी के उत्तर प्रदेश के १११ दिन V/s देश के मुख्य मंत्रियों के बचे खुचे दिन ..
 
देश के सब मुख्यमंत्री योगी से सबक न लेते हुए बचे हुए दिन खुरच-खुरच कर, पक्ष - विपक्ष की राजनीती में उलझे हुए हैं .. 

योगी के किसान कर्ज माफी को अन्य प्रदेशों के विरोधियों ने आन्दोलन बनाकर सत्ता पक्ष की कुर्सियाँ हिला दी है .., आनन् फानन में सभी बचे मुख्य मंत्री घोषणायें कर अपने को योगी से महान कहने की होड़ मैं दौड़ रहें हैं ..

यू.पी में योगी २४ घंटे चौकन्ने .., माफिया के हौसले पस्त.., फिर भी हल्की फुल्की करतूत .., फिलहाल योगी ने माफियाओं की तूती बंद कर दी है.. 

Wednesday, 28 June 2017

दोस्तों..., फिलहाल योगी ही प्रदेश के मुख्य मंत्रियों पर भारी.., इन्तजार कीजिये अब समय ही बताएगा कि .., क्या ..?? योगी बनेंगे मोदी पर भारी..!!!


मोदी के १००० दिन V/s योगी के १०० दिन

योगी..!!!, देश के  हर मुख्य मंत्री पर भारी..,

नहीं चलेगी अब माफियाओं से यारी..,

अब मिटेगी मंत्री, संतरी से लूट तंत्री की याराना से हेरा फेरी..,

एंटी रोमियो से बूचडखाने के क़ानून से खेचूं  रोमियो के कान..,

 अब नही चलेगा कोई नौकरशाही-मफियाशाही  का व्यवधान..,

अब योगी का नया उद्घोष –


निर्दोष को न छुऊँगा.., दोषी को नहीं छोडूंगा..


काम करो वरना किसी को भी नहीं छोडूंगा 


अब दंगई की नंगई को बंद करूंगा..

 

अब केजरीवाल की बोलती बंद.., अब बने सत्ता के बोतलबंद पानी .., अब कपिल मिश्रा इसे दिल्ली का गंदा पानी कहकर , इस बोतल का  ढक्कन खोलने की तैयारी से आप की यारी को चुनौती दे रहें हैं..

 

योगी के किसानों के फसल से नुकसान के कर्ज माफी के बाद से खरीदा गेहूं धान.., बना   सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्री के लिए कुर्सी-ए –खतराजान.., मजबूरी में कर रहें कर्ज माफी का ऐलान.., कि हम भी हैं योगी से महान ..

 


दोस्तों..., फिलहाल योगी ही प्रदेश के मुख्य मंत्रियों पर भारी.., इन्तजार कीजिये  अब समय ही बताएगा कि .., क्या ..??  योगी बनेंगे मोदी पर भारी..!!! 


 

YOGI V/s Kejariwal, २६ दिन योगी के V/s २६ महिने – फेसबुक व वेबस्थल के २१ अप्रैल की पुरानी पोस्ट
 
१. नौटंकीवाल ..., योगीराज ने २६ दिनों में पिछली समाजवादी सरकार में GUN तंत्र , गुंडा तंत्र, भाई भतीजावाद तंत्र, प्रदेश के सरकारी तंत्र की लुंज पुंजता को २६ जनवरी के गणतंत्र में परिवर्तित कर.., उत्तर प्रदेश को उल्टा पुल्टा प्रदेश से उतारू प्रदेश बनाने वालों को अब एक सबक सिखा रहें है. ,
 

२. अब योगी ने अपने सुयोग से उत्तम प्रदेश की और अग्रसर कर दिया
 है.. रात दिन अस्पताल से पुलिस थाना, सरकारी स्कूल की गुणवत्ता की जांच व सरकारी कर्मचारियों को कार्यालय में समय पर न पहुँचने वालों की श्यामत..

३. योगी राज ने अपने राष्ट्रवादी योग से ..
न कोई नौटंकीवाल की तर्ज पर १०० करोड़ से ज्यादा सरकारी खर्च पर होर्डिंग व विज्ञापन से खाचा मारने का खेल व अपना जीवन चमकाने का मेल से लोकतंत्र को लूटतंत्र बनाकर भाई भतीजावाद प्रदेश से देश को बता दिया कि जज्बा हो तो भ्रष्टाचारियों के भी जबड़े तोड़े जा सकते है..., मीडिया-माफिया-नौकरशाही के गठजोड़ (+) को वियोगी (-) कर दिया है.., रोज नए फरमान को लागू कर उसकी खैर से खबर लेते हैं

Sunday, 25 June 2017

इस लोकतंत्र में आप और हम वोट बैंक के मोहरे हैं.., ५साल के रोते हुए चेहरे हैं.. राममनोहर लोहिया ने सही कहा था ..., जिंदा कौमे ५ साल का इन्तजार नहीं करती है.


जयप्रकाश नारायण से सम्पूर्ण क्रांती के उद्घोष से आज ही के दिन २५ जून १९७५ को देश के संविधान को व्यवधान मानकर आपातकाल से इंदिरा गांधी ने स्वंय विधान के दरवाजे में बंद कर दिया .., 

याद रहे.., जून 1971 में, मुजफ्फरपुर बिहार में नक्सलियों की धमकी में जयप्रकाश नारायण Top Hitlist में थे. वे जानते थे नक्सलवाद का उभार व विकास की जड़ गरीबी और बेरोजगारी के अलावा सरकार द्वारा उत्पीड़न है ,इस समस्या के निदान के लिए प्यार और सहानुभूति के साथ उनकी पीड़ा व अनुभूति से ही सशस्त्र नक्सलवाद का खात्मा किया जा सकता है , वह कई महीनों के लिए Musahari ब्लॉक में रहे थे और नक्सलियों की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रयोग किया. इसके अलावा जयप्रकाश चंबल घाटी में डकैतों का आत्मसमर्पण प्राप्त करने में वे एक प्रमुख व्यक्तित्व का प्रतिनिधित्व किया था. 
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जयप्रकाश नारायण के सम्पूर्ण भारत उदय के १००० से अधिक डाकुओं के आत्म समर्पण करने के बाद .., लोकतंत्र से रखवालों के नाम से १० हजार से अधिक लोग जेल जाने की आड़ में आज एक खिचड़ी खाकर..., सत्ता को अपना अधिकार मानकर, अब लोकतंत्र को लूट तंत्र का हथियार बनाकर.., अब १९४७ के बाद की नयी पीढी के स्वतन्त्रता सेनानी की नयी पंक्ति कह सम्मान का अभिमान मान रही है.
हमारे राजनेताओं से हर समस्या सुलझाई नही बल्कि सुलगाई गयी है .., सुकमा बीजापुर गढ़चिरोली व देश के अन्य इलाकों में नक्सलवाद व राजनेताओं से खान खदान नभ जलाकाश ईमान को बेचने का एक गठबंधन का संघठन के सुनियोजन खेल है.
जयप्रकाश नारायण व राम मनोहर लोहिया की औलादें बनी जल्लादें .., चारा घोटालों से A-Z घोटालों की सूची लम्बी है .., देश घोटालों से बौना होते जा रहा है....
वेबस्थल की पुरानी WEDNESDAY, 16 SEPTEMBER 2015 की पोस्ट
इस लोकतंत्र में आप और हम वोट बैंक के मोहरे हैं.., ५साल के रोते हुए चेहरे हैं.. राममनोहर लोहिया ने सही कहा था ..., जिंदा कौमे ५ साल का इन्तजार नहीं करती है.
1. बिहार में ६९ सालों से जातिवाद की बहार है.., घोटालों की बयार है.., अफीमी नारों के आस से विकास का निकाश..,नीतीश की जातिवाद की कोशिश से अब भी बिहार कोशों मील दूर है..,
2. लालू जैसे लाल से लाखों नेता अपने को माई का लाल कहकर, भ्रष्टाचार के कटार से वोट बैंक के इंक (INK) से गरीबों के हाथ बदरंग है.., यही सत्ता का रंग है .., बिहार के साथ, देश में जातिवाद, भाषावाद, धर्मवाद, अलगाववाद से तिरंगा बदरंग है.
3. जहां.., बिहार में. शिक्षा से तक्षशिला की शीला से देश,विश्वगुरू कहलाता था.., आज जातिवाद की विष शीला से बिहार..,बीमार प्रदेश बन गया है.
4. अफीमी नारों व विदेश के कर्ज की हवा से तिरगा फड़फड़ाकर विकासके नाम से जनता को भरमाया जा रहा है..
5. अब मोदी के अच्छे दिनोंके द्वन्द का एक नए रंग से..,आपस में सीटों की लड़ाई है.., राजनीती दबंगता से जनता दबते जा रही है ...,
6. अब यह चुनावी तलवार से सत्ता के म्यानों की लड़ाई है..
7. महंगाई के भार से, जवानों के जवानी के कंधे थकते जा रहें हैं .., माफिया, इस गोरखधंधे से चंगे होते जा रहें है.., इनकी ५ साल के बच्चे राणा सांगा की औलादे लगती है .., और गरीब का पांच साल का बच्चा ५० साल का लगता है...
8. दिवंगत महान व्यंगकार लेखक श्री हरीशंकर परसाई के १० हजार से अधिक राजनितिक लेख आज भी जीवंत हैं. १९६० के दशक में.., उन्होंने बिहार के बारे में लिखा था, श्रीकृष्ण भगवान् मुझे मिले थे. उन्होंने, कहा मैं बिहार में चुनाव लडूंगा और लोगो को कहूँगा में श्रीकृष्ण भगवान् हूं , मैं आसानी से जीत जाऊंगा .., तब मैंने उनसे कहा आप जब तक यह नहीं कहोगे मैं श्रीकृष्ण यादवहूँ , तब तक आप चुनाव नहीं जीत सकोगे. भगवान् और मेरी शर्त लगी भगवान् श्री कृष्णा के विरोध में यादव नाम का उम्मीदवार खड़ा था और वह जीत गया और भगवान् श्री कृष्ण हार गए
9. जयप्रकाश नारायण ने तो कहा था, देश में सबसे अधिक खनिज होने के बावजूद बिहार गरीब क्यों.???, इस जीत का रहस्य तो..., खनिज से ज्यादा बिहार में नेताओं के लिए जातिवाद,धर्मवाद के उत्प्रेरक खनिज से.., बिहार भ्रष्टाचार के बहार से गाय भैसों व अन्य जानवरों के चारे से, मुस्लिम यादव के भाई- चारे नारे के आड़ में, २५ सालों तक चारे को डकारकर, प्रदेश के गरीबों को बहाकर.., एकछत्र राज्य करते रहे...,
10. दोस्तों.., देश का सबसे बड़ा जहर अशिक्षाहै.., जिसकी वजह से जनता गरीब होते जा रही है.., खोखले वादों के अफीमी नारों का शिकार हो जाती है.., और वोट बैंक की राजनीती करने वाले अपने को देश का मसीहा कहकर काले धन से अमीरतम बनकर अपने को अप्रतिम कहकर सत्ता को जातिवाद, भाषावाद,धर्मवाद व घुसपैठीयों के कोड़े से जनता को पीटकर,अधमरा कर, महंगाई बढ़ा कर कर्ज के गर्त से देश को डूबा रहें है.
11. इस लोकतंत्र में आप और हम वोट बैंक के मोहरे हैं.., ५साल के रोते हुए चेहरे हैं.. राममनोहर लोहिया ने सही कहा था ...,जिंदा कौमे ५ साल का इन्तजार नहीं करती है.
पिछली सरकार तो, ऐसी ख़बरों के सम्मान से सत्ता का अभिमान की से माल-माल होकर, खुले आम संविधान को चुनौती देकर लताड़ लगा रहें थी , हम संविधान के ५ साल के रक्षक है..., जनता ने हमें चुना है.., ऐसा कहकर देश को चुना लगा रहें थे.., अब यह रणनीती हमें ले डूबेगी.., 
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री व शरद पवार के भतीजे ने एक लाख करोड़ का सिचाई घोटाला कर..., ताल ठोककर, महाराष्ट्र की जनता का उपहास कर कहा.., इस सूखे छेत्र में मेरे पेशाब करने से यदि बाढ़ आती है, तो..., मैं पेशाब करता हूँ .., खाद्यान घोटाले से १० लाख से अधिक से किसान आत्महत्या व इस योजना से धन डकारने की योजना को मीडिया से शरद पवार भी एक सामान्य घटना मान रही है...
पिछले महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में , राज ठाकरे के भाषावाद के युध्ह में मराठी माणूस (आदमी) अपनी ही कुलहाड़ी से अपाहिज हो गया है, इस भाषावाद के जहर से.., कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी केसत्ता पर काब्ज होने के बाद..., सुपर पावर के शरद पवार के नेतृत्व में महाराष्ट्र से देश तक में घोटाले की बौछार हो गयी.., मोहल्ले के नेता तो इस फव्वारे के पानी पीने से मला-माल हो गए. बाल ठाकरे भी बार-बार पुकार कर रहें थे बेटा आ अब लौट आओ , मेरी बोतल में शराब डालकर, सत्ता का नशा मत करों, नशा उतरने के बाद तुमको अपनी अवकाद मालूम पड़ेगी.., क्योंकि ४० साल पहले मैंने भी यह शराब पी थी, और ३० साल तक मेरी अवकाद नगरपालिका चुनाव जीतने तक ही थी ..., और भतीजे के इस रवैये से मरते समय तक उनकी आत्मा तड़फती रही .., और लोकसभा चुनाव में राज ठाकरे को जनता ने इतने जोर से पटका कि अब आनेवाले विधानसभा चुनाव से हाय-तौबा कर ली है... हे, हुडदंग., हुडदंग.., हुडदंग..., से धर्मवाद के जंग से वोट बैंक के सौदागर दंग और हडकंप ,

पिछले चुनाव में भाषावाद के जंग से सत्ता का रंग.., महाराष्ट्र में मोदी के विरोधी नेताओं को, लोकसभा चुनाव में, मोदी के चोट से जो घाव हो गए है..., अब इस घाव में असदुद्दीन ओवैसी की हरी मिर्च लगने के हडकंप से सतारूढ़ पार्टी को रोड में आने का खौफ सता रहा है..