Sunday, 12 April 2015

लगाओ दहाड़, बने.., मार्सेल्स द्वीप में बने “वीर सावरकरजी का स्मारक” और २६ फरवरी २०१६ को वीर सावरकरजी की ५० वी पूण्य तीथी पर उनका माल्यार्पण हो..



१. मोदीजी, आप फ़्रांस में हैं.., लगाओ दहाड़, बने.., मार्सेल्स द्वीप में बने “वीर सावरकरजी का स्मारक” और २६ फरवरी २०१६ को वीर सावरकरजी की ५० वी पूण्य तीथी पर उनका माल्यार्पण हो..
२. 8 जुलाई 2010.., देश के इतिहास का सबसे बड़ा काला दिन, जागो मोदी सरकार, फ़्रांस ने तो श्यामजी वर्मा की अस्थियाँ ७० साल तक सजोई थी, लेकिन सावरकर के पराक्रम की याद व आस्था आज १०५ सालों बाद भी सजोई रखी है 
३. आप तो श्यामजी वर्मा की अस्थियों का विसर्जन से गुजरात में इनका स्मारक बनाकर गौरान्वित हो...
४. 8 जुलाई 2010, को वीर सावरकरजी मार्सेल्स द्वीप की ऐतिहासिक छलांग के पसीने से, 100 वर्षों पूरे होने के उपलक्ष्य में फ़्रांस सरकार, अपने खर्च पर, अपनी भूमि पर मूर्ती का निर्माण कर , सरकारी समारोह से वीर सावरकरजी को अन्तराष्ट्रीय रूप से गौरान्वीत कर, विश्व की युवा पीढी को राष्ट्रवाद से यौवान्वित का सन्देश देना चाहती थी .., लेकिन कांग्रेस के लूटेरों ने फ़्रांस सरकार के इस प्रकल्प पर पानी फेर दिया,
५. १९६२ के चीन के दलाल.., मणि शंकर अय्यर जो इंग्लैंड में चीन के युद्ध का समर्थन करते हुए .., चीन के चहेते बनकर भारी चंदा इकठ्ठा कर रहे थे , वे भी नेहरू के चहेते बने रहे.., संसद में वीर सावरकर के तैल चित्र का अनावरण हो, या अंडमान के विमानपत का नाम वीर सावरकर के नाम रखने व फ़्रांस में स्मारक की भूमिका में वीर सावरकर के विरोध में अग्रीम भूमिका निभाकर आज भी कांग्रेस के स्तंभकार बने हुए है...

६ . देश के, सेना के, १४ लाख जवान तो प्रथम विश्व युद्ध में आजादी पाने के. कांग्रेसीयों के झांसे से.., ७५ हजार सैनिक तो ‘बलि का बकरा बने’ व २ लाख सैनिक “विकलांग” बने और कांग्रेसी तो , अंग्रेजों के तलुवे चाटकर अपने को, अंग्रेजों का सेफ्टी वाल्व बनाकर, महाबली बनाकर “KINGKONG” की उपाधि से महामंडित करते रहे.
७. याद रहे .., श्यामजी वर्मा ने वीर सावरकर की अप्रतिम प्रतिभा को पहचाना.., और सावरकर ने उनके विचार को सार्थक कर ,इंग्लैंड में श्यामजी वर्मा द्वारा “इंडिया हाऊस” को विश्व पटल में ‘क्रांतीकारी हाऊस” बनाकर, अंग्रेजों के रोंगटे खड़े कर दिए .., सजा के लिए,पानी के जहाज से अंडमान जेल ले जाते समय.., फ़्रांस के रास्ते में, अंग्रेजो के जहाज से एक ऊंची छलांग मार्सेल्स द्वीप के सागर में क्रांतीकारियों के दिलों में गागर भर दिया था
८. विश्व के क्रांतीकारियों में एक राष्ट्रवाद के हलचल से , इस अन्तराष्ट्रीय मुद्दे से एक अमिट छाप छोड़ दी थी.., अंग्रेजों से गुलाम देशों ने भी सावरकर का लोहा माना
९. विश्व समुदाय के विरोध से इनका यह मुकदमा हैग के अन्तराष्ट्रीय अदालत में चलाया गया..., यह भी अप्रितम उदाहरण था
१०. जर्मनी के आक्रमण के डर से फ़्रांस व इंग्लैण्ड की संधियों की वजह से उन्हें ५० साल की दो जन्मों के कारावास की कड़ी सजा सुनाकर अंडमान के काला पानी में सजा भुगतनी पड़ी .., लकिन वीर सावरकर की कला से वे मात्र, १३ साल के कारावास से पुनर्जन्म से, एक नए पूर्ण जन्म से.., देश की सेवा निस्वार्थ रूप से.., भारतमाता को गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने के लिए , बिना सत्ता मोह से , देश की आजादी को अखंड भारत के प्रखंड विचारों में कायम रहे
११. दोस्तों बड़े दुःख के साथ लिखना पड़ रहा कि अन्ग्रेंजो के साथ सत्ता की मिलीभगत से देश को खंडित कर अहिंसा के झांसे से १९४७ में, १० लाख से ज्यादा हिन्दुस्तानियों का क़त्ल कर , सत्ता परिवर्तन के झांसे को आजादी कह कर , इन गद्दी दारों ने वीर सावरकर को नजरबन्द व सुभाषचंद्र बोस सरदार भगत सिंग के घरों पर खुफिया निगरानी से, इंग्लैंड की महारानी को, देश के गद्दी दार बनकर क्रांतीकारियों को गद्दार कर देश के टुकड़े कर देश के मसीहा बनकर, लाखों सड़क, मोहल्लों, शहर से देश संस्थानों को अपने नाम व पुतलों से अब अमर कहलाते रहे ...!!!!!!.

Friday, 10 April 2015

यदि देश का काला धन पकड़ कर, किसानों की कृषि का राष्ट्रीयकरण व युवा शक्ती को.., शिक्षा से, लघु व कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देकर, उनके आत्म-सम्मान को सम्मानीत किया जाय तो हर गरीब की कुटिया में एक चमक आकर, ४ सालों में देश के इतने अच्छे आयेंगे कि विश्व भी अचंभित हो जाएगा



बोलू: अरे देखू .., आज तू. R.B.I. (रोता बापू ऑफ़ इंडिया), रिजर्व भ्रष्टाचार ऑफ़ इंडिया (R.B.I.) को टुकूर –टुकुर, कर क्या देख रहा है 
देखू: बापू के देश में पापू लोग भर गए है..., भ्रष्टाचार का रिजर्व अधिकार से गायब, यब.., गा.., के खेल से देश “भारत निर्माण” के नारों के बाद “अच्छे दिनों” के अफीमी नारों से सत्ताधारी झूम रहें है..., 
बोलू: लेकिन मोदी सरकार ने तो नारा दिया था , मैं देश नहीं मिटने दूंगा.., और तू, देख कर, कह रहा है कि गायब-यब- गा के गीत / खेल का शोर है .., मैं समझा नहीं..!!!,
देखू: हाँ , पिछले ७ सालों में बैंक के कर्मचारियों ने बैंक में डाका डाल कर , देशवासियों के २८ हजार करोड़ रूपये लूट लिए है...
सुनू: हाँ , बैंक के अधिकारी अब भी कह रहें है..., बड़े देश में ऐसी छोटी-छोटी घटनाएं है, इसे छोटा फ्रौड (FROUD) कहकर, प्राउड (PROUD) कर रहें हैं
बोलू: हां , अब प्रधानमंत्री जन-धन योजना को बैंक के अधिकारी तन –मन से धन डकार कर, फिर से कहेंगे .., योजनाए को तो.., .भोजनाएं बनाकर... ६८ सालों का यह रूटीन दौर है ..,
सुनू: अपने पैसे का, माफियाओं द्वारा शिकार होने पर, बैंक तो ग्राहकों को कह रहा है..., इसमें कार्यवाही करने का हमें हक़ नहीं है..,
देखू: मैं देख रहा हूं , पकिस्तान व बांग्लादेश सीमा से नकली नोटों की करेंसी , राष्ट्रीयकृत बैंकों में , कर्मचारियों की मिली भगत से जमा होकर , इसे नया जामा पहनाकर देश की अर्थव्यस्था को चौपट किया जा रहा है...
सूनू: रिजर्व भ्रष्टाचार ऑफ़ इंडिया (R.B.I.) भी जानकर, रियल बापू ऑफ़ इंडिया (R.B.I.) के तीन मूल बंदर बनकर, आँख मुंह कान बनकर कह रहा है.., हम तो बापू के आदर्शों का पालन कर रहें है..
बोलू: देश में पिछले २० सालों में २५ लाख करोड़ तो उद्योग पतियों ने बैंक का कर्ज डूबोया है.., सजा तो दूर की बात, अभी तक इन मामलों में कार्यवाही भी शुरू नहीं हुई है..., और इसका खामियाजा जनता को महंगाई के तौर पर,दिन पर दिन .., भुगतना पड़ रहा है...,
सूनू: मुझे सुन कर ताज्जुब हो रहा है..., मोदी भी देश के काले धन के माफियाओं पर कार्यवाही करने के बजाय कह रहें है.., देश में धन के लाले पड़ गए है .., इसलिए विदेशी माफियाओं के कांग्रेसी विचारों से जनता पर महंगाई की रस्सी डालनी पड़ेगी
बोलू: अभी वे विदेश से काले धन लाने के झांसे से देशवासियों को भरमा कर , जनता को भ्रमित कर, इनके नाम बताने से इनकार कर रहें है.., क्योंकि इनके आक्का तो देश में ही बैठे हैं.., उन्हें भी विश्वास है कि मोदी उनका बाल – बांका करने में अपना बल नहीं लगाऐंगे ...,
देखू: देश की जनता भी भौचक्का है.., वह तो रास्ते में चक्का जाम कर रहें है.., और सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है..
बोलू: अभी दिल्ली में केजरीवाल, नौटंकी वाल बन कर “मुफ्त नाम के प्याले” में देशी शराब के प्याले से, भारी सफलता प्राप्त कर ,जन लोकपाल के वादे से अपने सभी जीते विधानसभा के सदस्यों को, मुफ्त में ऊंचे ओहदे, मुफ्त बंगला ,बिजली पानी A-Z +++ की सुविधा देकर अपना उल्लू सीधा कर, अपने पार्टी के स्तम्भ कारों की नीव तोड्कर ..., अब ठोकपाल बनकर कह रहा है.., मैं दिल्ली में मोदी से भी प्रभावशाली बनूंगा
सुनू: १० महीने की मोदी सरकार से जनता हताश हो गई है..., उसे तो अब ताश का महल दिख रहा है...., अब कह रहें हैं कि क्या.?, देश ऐसे ही मुफ्त वादों से चलता रहेगा...
देखू: देश की विकट समस्या का तुझे कुछ निदान दिख रहा है, क्या...???
बोलू: हाँ , मोदी सरकार तो कह रही है कि उन्हें गर्व है कि देश में ६५% युवा शक्ती है..., यदि देश का काला धन पकड़ कर, किसानों की कृषि का राष्ट्रीयकरण व युवा शक्ती को.., शिक्षा से, लघु व कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देकर, उनके आत्म-सम्मान को सम्मानीत किया जाय तो हर गरीब की कुटिया में एक चमक आकर, ४ सालों में देश के इतने अच्छे आयेंगे कि विश्व भी अचंभित हो जाएगा 

Tuesday, 7 April 2015

देश के टुकड़े करने वाले, देश के हथियारों की दलाली करने, कफ़न व घोटालों से “वतन बेचकर खाने वाले” आज “भारत रत्न” से नवाजे गए हैं.., देश के फ़की






संवाद.., देशद्रोही M.B.B.S. (महान भारत भ्रष्टतम सेवा)
देश में बापू के नाम पर खेल, चल रही है.., भ्रष्टाचार की दुरंतों रेल, बापू की अर्धनग्नता को, “महात्मा” कह.., देश की दुरात्मा नेताओं की वजह से “हिन्दुस्तानी, अभी भी है भूखा नंगा..,”
इंग्लैंड में बापू की चश्मा, लाठी व खून से सनी मिट्टी /घास का, 80 लाख रूपये से ज्यादे मे निलाम हो चुकी हैं.., लेकिन कांग्रेस सरकार को इसे खरीदने के लिए धन नहीं था.., जबकि बापू के जन्म दिवस पर ५००० करोड़ रूपये से कही अधिक, से ज्यादा का चूना, सरकारी छुट्टी से लग जाता है,
देश के टुकड़े करने वाले, देश के हथियारों की दलाली करने, कफ़न व घोटालों से “वतन बेचकर खाने वाले” आज “भारत रत्न” से नवाजे गए हैं..,
देश के फ़कीर “भारत रत्न” प्रधानमंत्री जो “एकमात्र प्रधानमंत्री थे” जिनके मात्र १९ महीने कार्यकाल में राष्ट्रवाद से जवान व किसान को भारत रत्न बना दिया था , तथा महान क्रांतीकारीयों के प्रणेता,”वीर सावरकर” की चमक को तो “नोबल पुरूस्कार व भारत रत्न” विजेता “चंद्रशेखर वेंकट रमण” ने तो कोहिनूर हीरे से महान माना, जिनकी वजह से देश में भगत सिंग, सुभाष चन्द्रबोस चंद्रशेखर तिवारी उर्फ़ आजाद जैसे लाखों क्रांतीकारियों क जन्म ही नहीं दिया बल्कि विश्व के क्रांतीकारियों को संगठित किया.., सभी सरकारों ने उन्हें इतिहास के पन्नों से गायब कर, देश को विदेशी हाथ, साथ, विचार. संस्कार से देश को कर्ज से डूबोकर , गत में डाल दिया है...
दोस्तों यह पेज https://www.facebook.com/BapuKeTinaBandaraAbaBanaGayeHaiMastaKalandaraसे जुड़ा है .. इस पेज की भी यात्रा करें , देश डूबा कम्युनिटी पेज बेबाक है..,
मैं “जागो इंडिया” व “देश जाग उठा” ऐसे शीर्षकों पर विश्वास नहीं करता हूं..., ६८ सालों के सच्चाई की जानकारी व देश के डूबते रहने का भान जब तक देशवासी तह पर जाकर नहीं जानेंगे तब तक उनमे राष्ट्रवाद की शक्ति से वे तैर कर डूबते देश को नहीं बचा सकते है... “जागो इंडिया” के नाम से टाटा की चाय ४०० रूपये व नमक २५ रूपये किलो में बिक रहा है...
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संवाद.., देशद्रोही M.B.B.S. (महान भारत भ्रष्टतम सेवा) - सितम्बर २०१२ की post
मैंने नोट मे गाँधी के चित्र मे बापू को मुस्कराते देख कर बापू से पू्छा ?, आप तो मुस्करा रहे हो कम से कम मेरी तरफ तो देखो, मुझे आपसे कुछ वार्तालाप करनी है।
बापू ने कहा मैं तो देश के मौजूदा हालात को देखकर मुस्कुरा रहा हूँ, “ हाँ, बापू मैं भी इसी बारे में आपसे कुछ पूँछ्ना चाह्ता हूँ।“
४ साल पहले संजय दत्त के लिये मुन्ना भाई M.B.B.S फिल्म बनाई थी, तो उसके पाप धुल गऐ, और प्रधानमंत्री भी उस फिल्म को देखने गऐ।
मैं नही चाह्ता हूँ ये वार्तालाप प्रधानमंत्री देखें।
मैं ये वार्तालाप जनता को दिखाना चाहता हूँ। ताकि जनता के पाप धुल सकें ?
बापू – पूछ… , बेटा पूछ …?
देशद्रोही – बापू आपने बेटा कहकर, मूझे सम्मान दिया हैं। अब कॄपया बापू, अब आप अपने बेटे को खोटा ना कहना।
बापू – अरे बेटा, ..पूछ. पूछ…
देशद्रोही – बापू आपसे जानना चाहता हूँ कि आपने काँग्रेस को बेवकूफ बनाया, या काँग्रेस ने आपने?
बापू और एक सवाल ?, क्या आपको संत, महात्मा, राष्ट्रपिता, नाथूराम गोड़्से ने बनाया या काँग्रेस ने?
बापू – यह बहुत ही पेचीदा सवाल है। मैं मुस्कुरा – मुस्कुरा कर थक गया हूँ, अभी मैं विश्रांती मे जा रहा हू, इसका जवाब समय आने पर दूँगा।
अगले दिन सवेरे, अखबार वाले ने घ्रर की घंटी बजायी। दरवाजा खोलने पर टेबल से नोट फर्श मे गिर कर, दौडते हुऐ दरवाजे के बाहर चला गया। तभी अखबार वाले ने नोट उठा कर देते हुऐ कहा ,”तुम्हारा नोट बाहर गिरा हैं। नोट को संभाल कर रखो, उसका सम्मान करो।”
मैंने नोट को देखा, बापू मेरी तरफ देख कर बिना चश्मे के आँखो से आँसू निकाल कर, गंभीर मुद्रा मे मुझे देख रहे थे।
मैंने बापू से कहा, “बापू…”, आपके उदास होने का कारण मुझे समाचार चैनलो से पता चल चुका हैं कि आपका चश्मा, लाठी व आपके खून से सनी मिट्टी /घास का इंगलैड में 80 लाख रूपये से ज्यादे मे निलाम हो चुकी हैं।”
बापू – मेरी इतनी र्दुदशा होगी, मुझे स्वप्न मे भी कल्पना न थी?
देशद्रोही : हॉं बापू आपके विज्ञापन मे सरकार ने पिछले पाच सालोमे 14 करोड से ज्यादा खर्च कीये थे ?
और एक बात बापू, आपके आदर्शो के दुवाही देने के लिये आपके जन्म दिन की छुट्टी मे सरकारी विभाग व अन्य संस्थानो के कर्मचारियो के एक दिन के वेतन से, देश को 5000 करोड रुपये से ज्यादा का चूना लग जाता है,
देशद्रोही : अभी छह महीने पहीले एक सर्वे रिपोर्ट प्रकाशीत हुई थी, कि नई पीढी बापू से अपरिचित है। तथा लोक प्रियता मे धोनी, सचिन, सानीया मिर्जा पहचान व लोक प्रियता मे आपसे भी उपर है।
बापू : यह तो सही है। यदि मै न सही कोई क्रांतीकारी जैसे शहीद सरदार भगतसींग, खुदीराम बोस…… या क, ख, ग जैसा शहीद भी इनसे लोकप्रियता मे मेरे से उपर होता तो भी मुझे संतोष होता था ।
देशद्रोही : बापू, शायद आपको पता नहीं है, खुदीराम बोस का मुजफ्‌फरपुर के बर्निंगघाट पर अंतिम संस्कार किया गया था लेकिन उस स्थल पर शौचालय बना दिया गया है. इसी तरह किंग्सफोर्ड को जिस स्थल पर बम मारा गया था उस स्थल पर मुर्गा काटने और बेचने का धंधा हो रहा है.
बापू :यह शहीदों के प्रति घोर अपमान और अपराध है?
देशद्रोही : बापू , यह सब इंडियन मीडीया का कमाल है । वे टी आर पी के चक्कार से एक दूसरे को मीडीया वाद से जनता को मारने को उतारू है । जिससे जनता की आँख से स्वोतंत्रता सेनानी / क्रातिकारी ओझल होते जा रहे है ।
बापू : ऐसा , यह सब क्योे हो रहा है ?
देशद्रोही : यह सब सत्ताधारी की मिलिभगत है । उनके इशारों पर मीडीया काम कर रही है, किसे गिराना है , किसे उठाना है यह मीडीया को धन बल से उकसा कर उनकी आजिवीका के द्वार खोल रही है ।
बापू : लेकिन, मेरे बारे मे मीडीया चुप क्यो है ।
देशद्रोही : बापू , जब चुनाव आते है तो अप्रत्यक्ष रूप से नेताओ की आत्मा कहती है , और वह मीडीया को प्रचार के लिए इतना उकसाती है । उन्हे लगता है, अब,
गाँधी नाम की लूट है , लूट सके तो लूट ?
अंत काल पछताएगा जब सत्ता, जाएगी छूट ?।
बापू : जनता समझती क्यों नही है ?
देशद्रोही : आज जनता भी भीड है। भीड भेड होती है उसे स्मृति लोप की बीमारी
( डेमिशीया ) होती है । यदि ये पूरे साल आपका प्रचार करे, और चुनाव के समय प्रचार न करे तो जनता यह भी भूल जाएगी । इसलिए वे चुनाव के पूर्व 40- 45 दिन तक आपका प्रचार धूम धाम से होता है ।
बापू : हॉं ।
देशद्रोही : बापू , जब मै आपके चित्र पार्टीओ के बैनर मै देखता हूँ, तो मूझे आप बिकता बापू लगते है । पार्टीया उस समय आपको संकट मोचन कहती है । आपके आदर्शो की दुहाई के साथ पार्टी मजबूत होने का दावा करती है ।
देशद्रोही :बापू यह सब पब्लिसिटी (publicity – लोक प्रसीध्दी ) का खेल है । इन शब्दो मे मुझे पब + लाइ + सिटी ( pub+lie+city) अर्थात उच्चे् दर्जे की शराब खाना वालों के झूठ बोलने वालो का शहर । आज इसी झॉंसे मे ही तो देश बिक रहा है ।
बापू : लोक प्रसीध्दी तो मैने भी की थी, तथा तूमको पता होगा?, मैने तो शराब छोड दी थी । और लोगो से भी आव्हान करता था । शराब छोडो व देश बचाओ
देशद्रोही : बापू एक अंग्रजी का शब्द है मार्केटिंग ( विक्री का बाजार ) इस शब्दर मे मुझे हर पार्टी मार काट किंग नजर (mar+kat+king) आती है ।
बापू : हॉं, इसी दोनो शब्दो का सहारा लेकर पार्टीओ ने मेरे नाम से, देश की छवी खराब की है ।
देशद्रोही : बापू आप का नारा तो स्वदेशी था । आज स्वददेशी शब्द का, इंडियन लोगो ने भूर्ता निकाल दिया है । आज विदेशीकरण का स्वदेशीकरण कर दिया और जनता को देशीकरण के नाम पर वशीकरण कर लिया है ।
देशद्रोही : : देश मे गरीबी के बारे मे आप क्या सोचते है ।
बापू : हॉं, देश मे गरीबी है ।
देशद्रोही : देश मे भीषण गरीबी है, इतनी गरीबी है की, आपका चष्मा भी चुरा लिया जाता है । आपकी मूर्तीया बिना चष्मे की रहती है ।
बापू : हॉं इसके पिछे भी सत्ता्धारी खूश रहते होंगे, ताकी मुझे जनता की गरीबी न दिखे?
देशद्रोही : लेकिन देश मे आपके ही नही, और भी महापूरूषों की मूर्तीयो को ये उनके जन्मद दिन पर भी नहलाते नही है ?
बापू: हॉं, देश के हालात देख रहा हूँ । इन मूर्तीयों को नहलाया नही गया है, इससे मै बहूत खुश हूँ ।
देशद्रोही : ऐसा क्यो ?
बापू: देखो, आज घोटालो का खेल चल रहा है । आज सत्तार शाही इतनी गिर गई है ।
यदि इसकी राष्ट्रीय योजना होती, तो इसमे मूर्ती धोने का करोडो का घोटाला होता था।
देशद्रोही : वह कैसे ?
बापू: तुमने राष्ट्रमंडल खेल का घोटाला देखा, जिसे अग्रेजी मे काँमन वेल्थ गेम कहते है, जिसमे साधारण आदमी का धन , यहाँ तक की दलित व आदिवासियो की सरकार के पास जो सुरक्षित जमा पूँजी भी, (दस हजार करोड से ज्यादा) इसमे झोंक दी गई थी , उसमे जो वस्तू( किराये मे ली गई थी उसकी मूल कीमत से ज्या दा किराया चूकाया था । उसी तरह यदि इसकी राष्ट्रीय योजना होती तो,मूर्ती धोने के बहाने मूर्ती के किमत से ज्याजदा उसकी धूलाई की किमत अदा की जाती थी । उपर से देशवासियो को कहा जाता था देखो इन मूर्तीयों को धोने की वजह से हम जनता को पानी देने मे लाचार है ?
देशद्रोही : लेकिन बापू..., ये तो जनता को बता रहे है की हम बापू के आदर्शो पर चल रहे है ?
देशद्रोही : मै मूर्ती के राष्ट्रीय खेल के बारे मे एक घटना कहना चाहता हू , मुम्बई के रमाबाई झोपडपटटी इलाके मे आम्बेडकर की मूर्ती पर, एक सुनियोजित योजना के तहत् , किसी ने देर रात मे जूतों की माला डाल दी थी, सवेरे शौच जाने वाले एक व्यक्ति ने वह जूते की माला नीचे उतारी, तो उसे पीटा गया और यथास्थिति रखने के लिये उसी से जूतों की माला डलवाई गई ?
दोपहर तक मीडिया की साठ गाँठ से यह राष्ट्रीय मुद्दा बन गया, एक आन्दोलन मे गोलिबारी मे, 7-8बेगुनाह लोग मारे गये, नेताओ में दलित वोट हडपनें कि हौंड लग गई, देश के सत्त्ता के दलालो ने इनका वोट लेकर अपनी सम्पत्ति 100 गुन से ज्यादा बडा ली. और दलित मुँह ताकता रह गया है
बापू : तुम्हे पता होगा जब फिरोजशाह मेहता की मूर्ती, जब् बम्बई मे लगाइ जा रही थी, तो आम्बेडकर ही वह व्यक्ति थे जिन्होने इसका घोर विरोध किया था, आज मुझे समझ मे नही आता की, आज के सत्ताखोर, इसे विवाद बनाकर गरीब लोगो को गुमराह कर रहे है, जनता की गाडी कमाई से अपनी तिजोरी भर रहे है
यह आज जो सत्ता पर, मेरे सिद्दांतो से बैठे हैं वह अहिंसा के नाम से सत्ता खोर नही, आदमखोर हो गए है ।
देशद्रोही : बापू इसलीए तो, मै आपसे वार्तालाप करना चाहता था । शूरू मे थोडा वार्तालाप करने के बाद आपने मुझे टरका दिया था । इससे पहले आपने मूझसे कहा था की मै विश्रांती मे जा रहा हूँ ।
बापू : हाँ, मुझे तो अहिसा का नंगापण दिख रहा है ।
देशद्रोही : बापू मुझे अब तक भी समझ नही आ रहा है । जनता चुप क्यों बैठी है ?
हिन्दी मे एक कहावत है शौच करने वाले व्यक्ती को शरम नही आती है । लेकिन देखने वाले को शरम आती है ।
बापू : हॉं यह कहावत तुने सही कही है।
देशद्रोही : लेकीन बापू जनता को यह सब देखने पर भी शरम के मारे सडको पर नही उतरना चाहती है।
बापू : तो जनता को सडको पर अवश्य उतरना चाहिए।
देशद्रोही : नही.., जनता आपके ‘ महात्मा ’ शब्द की गरीमा खराब नही करना चाहती, उन्हे लगता है कि सडक पर उतरना मतलब बापू का अपमान है।
बापू : मै तेरे प्रश्नप से असमजंस में हूँ , समझा नही ?
देशद्रोही :बापू आप तन मे उपर से नंगे थे और ये भ्रष्ट नेता तो नीचे से भी नंगे हो गये है।
बापू : लेकिन, नंगापन तो नंगापन होता है। यह जनता को समझ मे नही आ रहा है ?
इसका श्रेय उच्चा-मध्यपम भारतीय वर्ग के हाथ मे है । जो इन इंडियन नेता को रोटी रोजी का आधार मानते है ।
देशद्रोही : आपने सही कहा
बापू : आज तुमको पता है शीला की जवानी चिकनी चमेली, इत्यादि गानों से, ये उच्च व मध्यम वर्ग की भारतीय जनता देश के हिन्दूस्तानी लोगों को भरमाकर कह रही है, कि देखो देश जवान होकर उसमे चिकनापन आ रहा है ।
देशद्रोही : हॉं बापू एक बात मै कहना चाहता हूँ भारतीय जनता पार्टी ने “इंडिया चमक रहा है , व अच्छा महासूस हो रहा है” का नारा दिया था , क्यो, कि, उनका भी कांग्रेस की नीती से सत्ता चलाकर व्यक्तित्व चमक रहा था और तोद बाहर आ रही थी ।लेकिन उनको सत्ता से हाथ धोना पडा था ।
देशद्रोही :बापू कांग्रेस तो पब्लिसिटी और मार्केटिंग मे तो गुलामी के समय से हि माहिर थी , उसने जनता को विश्वास दिलाया कि भारतीय जनता पार्टीसे अच्छा शासन सिर्फ ही दे सकती है,
बापू : वह कैसे ।
देशद्रोही : भारतीय जनता पार्टी सत्ता। से मदमस्त होकर , यह सोच रही थी की उसे इस सत्ता का दूबारा पुरस्कार मिलेगा, इस भ्रम मे उसने संसद का चुनाव समय से पहले करा दिया।
बापू : हॉं सही कहा । आगे कहो ।
देशद्रोही : इसमे राम ( अटल बिहारी वाजपेयी ) बंगारू ( लक्ष्मलण) व जसवंत सिह ( हनुमान ) की जोडी थी प्रमोद महाजन की वजह से सुषमा स्वराज सीता बननेको तैयार नही थी। बंगारू लक्ष्मवण रक्षा सौदे मे नाम मात्र एक लाख की रिश्वबत लेते पकडे गए तो रणनीती कार लक्ष्मण ( प्रमोद महाजन ) को सही गददी मिल गई ।
बापू : हाँ, अटल बिहारी वाजपेयी भी प्रमोद महाजन को लक्ष्मण कहते थे । और कहते थे की मै वनवास जाऊंगा तो अकेला जाऊंगा और लक्ष्मण को अपनी सत्ता सौपकर जाऊंगा।
देशद्रोही : एक समय तो राम ने अपनी गददी छोडकर उन्हेी सत्ता का प्रशिक्षण देने का भी मन बना लिया था ।
बापू : हॉं , वह प्रमोद महाजन को अपना छोटा भाई मानते थे । और लक्ष्मण की उपाधि तक दे डाली थी ।
देशद्रोही : हॉं बापू उसके उतावले पन ने उसने भारतीय जनता पार्टी को डूबो दिया । एक बडे दूर संचार घोटाला उजागर होने के पहले वह एक चमडी घोटाले मे फस गया ।
बापू : बेटा, तूझे पता नही है की सत्ता मे चमडी की करेंसी (नोट) चलती है ।
देशद्रोही : हॉं बापू, अभी हाल मे ही हमारे राज्यपाल, अपने राजभवन मे चमडी करेंसी मे पकडे गए थे । इनकी 86 बरस की इस उमर मे चमडी करेसी मे पकडा जाना , उनके जिंदगी के फल मे, विष भर दिया ।
देशद्रोही : बापू मैने एक समाचार वाहिनी मे मै उनका साक्षात्कार देखा था । संवाददाता पूछ रहा था कि क्या यह सही है?, तब नारायण दत्त तिवारी ने बेधडक कहा, आपने जो मेरे चल चित्र देखे है ,मै अपने चाल – चरित्र मे उससे भी कही बहुत आगे हू., पूछो ? आगे और क्या पूछना है ?।
बापू : हॉं यह सही है ।
देशद्रोही : लेकिन बापू, उसने कहा तुम्हें पता है, मै कौन हूँ ? मैने देश की बहूत सेवा की है । मैने महात्मा‍ गांधी के साथ आंदोलन लडा है ।
बापू : वह बेशरम आदमी है, जो खूले आम मेरा नाम ले रहा है ।
देशद्रोही : लेकीन बापू उसके कहने का मतलब यही था की इस क्रिया के लिए मुझे बापू द्वारा प्रेरणा मिलकर, प्रेरित हुआ हूँ ।
बापू : बेटा, मै सच्चाई जरूर बताऊंगा, लेकिन इस बारे मे मेरी निजी जीवन की चर्चा न करना ।
नही, तो यह भीड तुझे मार देगी,
देशद्रोही : धन्यवाद बापू ,,,, कम से कम आपको अपने बेटे को न मारने की महान श्रध्दा है ।मै इसके लिए आपका श्रब्दो का ऋणी हूँ ।

लालू..., बना लूला और नितीश कुमार..., बना लंगड़ा .., बिहार में जातिवाद,भाषावाद,अलगाववाद के झुण्ड बढ़ते गए..,सिर्फ नेताओं के मुंड बदलते रहे..,



लालू..., बना लूला और नितीश कुमार..., बना लंगड़ा ..,
बिहार में जातिवाद,भाषावाद,अलगाववाद के झुण्ड बढ़ते गए..,सिर्फ नेताओं के मुंड बदलते रहे.., 
अब तो इस राजनीती के मकड़जाल में , विलय से, नए विलेन बन, एक नई वायलिन के धुन की हुंकार है, जनता भी इस लचर खेल को देखकर लाचार है, अब यह चारा घोटालों की बिहार में बहार की बयार का खेल है... 
लालू..., बना लूला और नितीश कुमार..., बना लंगड़ा और अब दोनों आँख में मुस्लिम(M) यादव(Y) की पट्टी बांधकर, सत्ता के नाव में, बड़ी मुश्किल से, मांझी के नाव से, भंवर के चुंगल से निकल कर..., अब नितीश्लाल (नीतीश +लालू) की नीती से भाजपा के खून से अलग होकर, अब महादलित के खून से अपनी फजियत बचाने के लिए, क्या...???, बेचारा नीतीश कुमार अब बेनकाब होकर, लालू के खून का चारा से.., बिहार की सत्ता की आस से प्यास मिटाने का खवाब पूरा करने के मंसूबों में सफल होंगें...
AUGUST 15, 2014 के फेसबुक की सार्थक फेस बुक पोस्ट
-मोदी लहर का असर..., लालू..., बना लूला और नितीश कुमार..., बना लंगड़ा और अब दोनों आँख में मुस्लिम(M) यादव(Y) की पट्टी बांधकर, नितीश्लाल की नीती से , MY बिहार से चुनाव जीतने का दोनों अंधे ख्वाब देख रहे हैं.
१. कुर्सी के लिए राजनीति में कोई दुश्मन नहीं होता यह कहावत आज तक हर दल के नेता ने कहा हैं
यदि राजनीतिक में अपने दुश्मन से समझौता नहीं होता है, तो राष्ट्रनीति से समझौता किया जाता है..,.राष्ट्रवाद को डुबो कर, वोट बैंक को सत्ता की नाव से जीवन की नैया बना कर, हर नेता, हर दिन अखबारो में सुर्खिया बना कर उन्नत होते जा रहा है.., और इस आड़ में देश की सूरत-सीरत-सेहत ६७ सालो से सूख गई है...
२. अभी इस दो-मुंहा नितीश्लाल के मिलन समारोह में २ दिन पहले भारी भीड़ जमाने के जुगाड़ का दावा करने के लिए मीडिया को बुलाया गया..., सिर्फ १५०० लोगों की भीड़ ने नितीश्लाल के चेहरे की हवाई उड़ा दी.., और भीड़ के बीच नीतीश कुमार को भावी मुख्यमंत्री घोषित करने पर अभी से सर फुटव्वल शुरू हो गयी है...
३. जयप्रकाश नारायण ने तो कहा था, देश में सबसे अधिक खनिज होने के बावजूद बिहार गरीब क्यों.???, इस जीत का रहस्य तो..., खनिज से ज्यादा बिहार में नेताओं के लिए जातिवाद,धर्मवाद के उत्प्रेरक खनिज से.., बिहार भ्रष्टाचार के बहार से गाय भैसों व अन्य जानवरों के चारे से, मुस्लिम यादव के भाई चारे नारे के आड़ २५ सालों तक चारे को डकारकर , प्रदेश के गरीबों को बहाकर.., एकछत्र राज्य करते रहे...,
४. दिवंगत महान व्यंगकार लेखक श्री हरीशंकर परसाई के १० हजार से अधिक राजनितिक लेख आज भी जीवंत हैं. १९६० के दशक में.., उन्होंने बिहार के बारे में लिखा था, श्रीकृष्ण भगवान् मुझे मिले थे. उन्होंने, कहा मैं बिहार में चुनाव लडूंगा और लोगो को कहूँगा में श्रीकृष्ण भगवान् हूं , मैं आसानी से जीत जाऊंगा .., तब मैंने उनसे कहा आप जब तक यह नहीं कहोगे मैं श्रीकृष्ण “यादव” हूँ , तब तक आप चुनाव नहीं जीत सकोगे. भगवान् और मेरी शर्त लगी भगवान् श्री कृष्णा के विरोध में यादव नाम का उम्मीदवार खड़ा था और वह जीत गया और भगवान् श्री कृष्ण हार गए.
५. फ़कीर प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री को छोड़कर, जिन्होने “जय जवान जय किसान” की लकीर से देश की एक नई राष्ट्रवादी तकदरी लिखी थी , उनकी ह्त्या कर, देश की राष्ट्रवाद की लकीर/ राष्ट्र-धन को वोट बैंक में परिवर्तित कर इसे गरीबी हटाओ के इमारत से “मेरा भारत महान” से “भारत निर्माण” के महलों में रहकर एक छत्र राज किया...,
६. नेहरू के एक मुंहा वंशवाद ने वोट बैंक की राजनीती से इस देश में गरीबी को बढाकर विदेशी हाथों के कर्ज से मर्ज का अधिकार देकर डॉलर ने रूपये को सठीया दिया, मेरा भारत महान से, माफियाओं की नयी पीढी के पौधों का निर्माण को “भारत निर्माण” का नारा दे दिया, बीच-बीच में विरोधी दलों को जो सत्ता प्राप्त हुई, तो बहुमुखा सत्ताखोरों ने अपनी वंश के साम्राज्य को जमाने के राज के ख्वाब से देश को लूटा...
७. “आराम हराम” के नारे की आड़ में नेहरू ने धर्मवाद,जातिवाद, भाषावाद के गद्दे से ऐय्याशी का जीवन जीया. गरीबी हटाओ के आड़ में इंदिरा गाँधी ने आपातकाल लगाकर, बनाया संविधान हटाओ और राज करो.
अगले चुनाव में “न जात पर न पात पर इंदिराजी की बात पर मुहर लगाओ हाथ पर...,” जनता ने तो इस राष्ट्रवादी नारा समझकर..., इंदिरा गांधी को जीता तो दिया लेकिन जात पात की राजनीति से.., सत्ता की इस मधुमख्खी ने हर फूलो (गरीबो) को डंक मारकर, सत्ता का शहद पी लिया तो - सत्ता जाने के डर से इंदिरा गाँधी ने आतंकवादियों के हाथ में मुहर मारकर , हाथ से हाथ मिला दिया ताकि वह बाहुबल से सत्ता पर मजबूती से काबिज हो.
८. इंदिरा गाँधी के शासन में गृहमंत्री रहे, ज्ञानी जैलसिंह ने इंदिरा के आदेश पर खालिस्तान (खाली स्थान) के आतंकवादियों से कहा तुम अपनी सेना बनाओ..., इस आवाज़ के टेप आज भी हमारे ख़ुफ़िया विभाग (“रॉ – RAW”) के पास जीवंत हैं.., .देश की बिंडवना थी कि ज्ञानी जैलसिंह सर्वोच्च पद्द के महामहीम बने जो आतंकवाद के महामुहीम के नेता .., राष्ट्रपति बन बैठे और इंदिरा गाँधी के इस अंधसमर्थक ने, राजीव गाँधी जिन्हें देश का ज्ञान तक नहीं था को प्रधानमन्त्री बना दिया.
९. राजीव गाँधी ने देश को बीसवी सदी में ले जाने के झांसे से “मेरा भारत महान” के नारे को “मेरा देश का माफिया महान” के कर्मो को सार्थक कर दिया. बोफोर्स घोटाले के श्रेय लेने से पहले वी पी सिंह ने इंदिरा की अग्नि चिता में जब इंदिरा समर्थक नारे लगा रहे थे..., “जब तक सूरज चाँद रहेगा.., इंदिरा तेरा नाम रहेगा..” तब शमशान भूमि में इस राजीव के चाटुकार ने, झांसे में यह कहा कि है मैं नया नारा देता हूँ “जब तक इंदिरा तेरा नाम रहेगा.. सूरज चाँद रहेगा..” और वे राजीव गाँधी के दुसरे श्रेणी के नेताओं में सर्वोच्च रहे.
१०. राजीव गांधी के राजनीति में पकड़ कमजोर ख़तम होने पर वी पी सिंह ने अपने को मिस्टर क्लीन बनाकर बोफोर्स घोटाले को उजागर करने के अपने ईमानदार छवि से अपने को राजीव गाँधी से ज्यादा क्लीन दिखा कर भा जा पा के सहयोग से प्रधानमंत्री बनते ही उन्होंने अपनी सत्ता २५ सालो तक सुरक्षित रखने के लिए दलित कार्ड खेला और बोफोर्स घोटाला कूड़े में दान कर मसीहा बनने के चक्कर में प्रधानमंत्री पद से हाथ धो बैठे....
दोस्तों लिखने को तो १०० से अधिक पेज हैं लेकिन फेसबुक पर,लम्बा लेख पढने वाले और लाईक करने वाले बहुत कम हैं.- 

Sunday, 5 April 2015

हर सरकारों ने , जनता को गुमराह है..., जनता जातिवाद भाषावाद,अलगाववाद, धर्मवाद से संक्रमित है.., इसकी एक ही अमृती दवा है.., “राष्ट्रवाद..,”..., नहीं तो इस संक्रमण से देश डूबते ही रहेगा



बोलू: एक राजा ने अपनी सुरक्षा हेतु बन्दर को नियुक्त किया और बन्दर ने सुरक्षा करते करते, एक मक्खी के चक्कर में तलवार से राजा की नाक काट दी! कुछ ऐसे मूल्य और संस्कार जिनका आजकल के ज़माने में कोई काम नहीं है अब जनता भी सोच रही है.., हमने, उन्हें तलवार पकड़ा दी है और वो हर रोज ही हमारी नाक काटते रहते हैं!
देखू:: चार साल पहिले.., इस नौटंकीवाल ने भी अन्ना आन्दोलन में कहा था, अब यह “जन लोकपाल आन्दोलन” बलि मांगता है.., तब अन्ना के कान खड़े हो गए थे ..., मेरी बलि लेकर .., यह कैसे मेरा दुरूपयोग कर, अपना सत्ता का योग बना रहा है..,
सुनू: हां केजेरीवाल ने चुनावी शपथ में कहा था.., हमें भारी जीत से अहंकार नहीं करना चाहिए, और “'इंसान का इंसान से हो भाईचार..,यही पैगाम हमारा..,,का नारा, अब स्टिंग ऑपरेशन में पकड़े जाने पर, मीडिया से बात करने से, नकार कर कह रहा है.., मुझे दिल्ली की सेवा में व्यस्त रहने से, आप से बात नहीं करनी है.
देखू: दिल्ली में, कचरा ही कचरा.., से दिल्ली के दिलवालों की नगरी को कचरावाला शहर बना दिया है
सूनू: जन लोकपाल के नारों से जनता को भरमाया था, और राष्ट्रीय गद्दी पाने की ललक से, सत्ता छोड़ने के मलाल से.., इस उल्टी गुलांटी मारने के लिए जनता की अदालत में माफी माँगी थी.. और जनता ने माफ़ भी कर दिया था , अब, इस चुनाव में भारी बहुमत से जीतने के बाद, अपनी बंदरचाल से ,अपने पार्टी के संस्थापकों व संविधान के निर्माताओं को हल्का करने के लिए.., अब अपने को ,सुप्रीम बंदर जज कह, पार्टी की अदालत में ही “लोकपाल” नीती को नकार कर ...ठोकपाल नीती से, अब यह कह रहा है “मैं भी नही किसी भी बन्दर से कम, अब अपने सुप्रीमों की नाक काट कर..., बनू राजा.., अब नहीं है.... मेरा कोई भाईचार...,मेरा और केवल मेरा.., “सर्वोसर्वा सत्ता” का नारा..,
बोलू: इसने तो बंदर बनकर अब तलवार पकड़ ली है.., पार्टी के आतंरिक लोकपाल को काट लिया है , अपने से योग्य लोगों की नाक काटने का खेल से सत्ता पर “एकछत्र राज “ करने.., अब तो अपनी पार्टी में ही बड़े लोगों की नाक काटने में आमाद होकर.., अब १४ अप्रैल को इस बंदर शक्ति परिक्षण का मिशायाली इम्तिहान भी है..
देखू: हां, मीडिया भी TRP की ताक में अपने कैमरे को दुरूस्त कर रहें है कही समय पर खराब होने से कमाई में फटका न लगे..
बोलू: मैं ,६८ सालों से ..यही देख ..., सून ... बोलना चाहता हूं कि हर सरकारों ने , जनता को गुमराह है..., जनता जातिवाद भाषावाद,अलगाववाद, धर्मवाद से संक्रमित है.., इसकी एक ही अमृती दवा है.., “राष्ट्रवाद..,”..., नहीं तो इस संक्रमण से देश डूबते ही रहेगा 

Saturday, 4 April 2015

साइमन पेरिओट, कुसुमजीत सिद्धू जिन्होंने अपने कार्यकाल में ५० के लगभग तबादले झेलने के बाद भी, राष्ट्रीय गर्व से अपना दिल ५६ इंच का बनाया है ..,

 बापू के तीन बंदर, अब बन गये है मस्त कलन्दर http___meradeshdoooba.com

बोलू: अरे देखू , आज के ताजा हाल-चाल क्या देख रहा है... कुछ तो बता
देखू: हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर अब सत्ता बचाने के लिए कट्टर बन गएँ है..
बोलू: क्या हिंदुत्व के, कट्टरवाद के, कट्टे से खट्टर.., अपनी कुर्सी चमकाने का खेल , खेल रहा है...
देखू: नहीं, बोलू ., तू गलत कह रहा है.., एक आई.ए.एस.अधिकारी अशोक खेमका, जिन्होंने अपने नाम स्वरुप.., अपने जीवन में, देश के अशोक स्तभ का खम्भा बरकरार रखने के लिए, राजनेताओं के भ्रष्टाचार के खेमे को ध्वस्त कर ,राष्ट्र को स्वस्थ बनाने के लिए अपने पद को कुर्बान बना रखा है.., भले वह २२ सालों से, ४६ बार तबादले का दंड भुगत चुका है.., अब खट्टर को तो उसे, अपने मुख्यमंत्री पद के गुमान से खट्टा बना दिया है  ...अब खट्टर को अपना खूंटा उखड़ने का भय हो गया है .., इसलिए अब उनका तबादला म्यूजियम में तबादला कर , खेमका को.., देश की धरोहर बताकर, जनता को..,भरमा कर “अच्छे दिनों” की इनकी हुंकार , अभी भी कम नहीं हुई है    
सूनू: जनता भी कह रही है.., ये रोग तो सत्ता परिवर्तन के बाद से ही गोरे अंग्रेजों के नक़्शे कदम चलकर अब,  ये, काले अंग्रेज बनकर ६८ साल से माफिया-मीडिया-कॉर्पोरेट-नौकरशाही-कुर्सीखोर लोगों के गठबंधन से.., भ्रष्टाचार से.., विदेशी कर्ज से.., देश को डूबोकर.., महंगाई के बंधन से हम पर फंदा डाल दिया है...
देखू: यही फंडा ..., मैं भी बापू के राज से आज तक देख रहा हूं ..!!!
बोलू: हाँ , खेमका ने अपने  जज्बे से उन्होंने 100 से ज्यादा भ्रष्टाचारियों की पैंट उतारी है ..., उनका तो यही सिद्धांत है कि देश की सेवा, भ्रष्ट धन पचाकर नही, स्वस्थ मन से ही , भ्रष्टाचारियों को पिचकाकर, और अपना सीना तान कर ही भारतमाता की शान बढ़ाई जा सकती है 
देखू: मैं देखता हूं कि देश के भ्रष्ट सत्ताखोर नेताओं को तो सार्वजनिक सभाओं में तो शाल पहनाकर, इनकी भ्रष्टाचार  के मस्ती की पाठशाला में गर्वीत किया जाता है,और देशवासियों को  देश का मसीहा बताकर, देश का भट्टा बिठाया जा रहा है..., और तो और शहरों के चौक पर पुतले से मुहल्ले, नगर तक का नामानकरण कर अमर कर दिया जाता है  
बोलू: हाँ , खेमका ने मल खंभ से, देश के राष्ट्रीय दामाद.., रोबर्ट (ROBERT WADRA = ROBBERY + EXPERT)  वाड्रा (WIDE + ERA = विशाल धरती) जो हरियाणा,  में  विशाल भूमि कौड़ी के भाव ले कर, सत्ताधारियों  की छावं से आमाद हो गया था.., धन से आबाद हो कर, भ्रष्टाचार के शबाब का खवाब पूरा हो गया था, लेकिन अशोक खेमका को  उसके मंसूबों को उस मट्टी में दफ़न करने की सजा के तौर पर... पुरातत्व विभाग के सचिव पद पर तबादला कर दिया था
सूनू: हाँ मैं  भी सून रहा था कि प्रधानमंत्री ने खेमका को कांग्रेस के दाग को चमकाने के लिए पुन: नियुक्त कर “न तो मे खाता हूं , न खाने देता हूं...” के “खता” को खेमका ने भी “यथार्थ” करने का प्रण कर  लिया था, अपने प्राण दांव पर लगाकर, डम्पर, भू-माफियाओं, परिवहन विभाग के भ्रष्टाचार के मैल  को निकालने के लिए जब सत्ताखोरों के पिल्लुओं की गरदन दबोचने लगा तो उसे आभाष हो गया कि यह मैल तो रोबर्ट वाड्रा से भी भयानक कीचड़पना से भी ज्यादा   गंदा है.., हरियाणा प्रशासन से मुख्यमंत्री ने भी अपनी सत्ता पर प्रश्न लगने के पहिले.., कहीं  यह चिंगारी, शोले से.., देश में एक अग्नी मशाल के रूप में प्रज्ज्वलित न हो जाए..., इसे रफा-दफा करने के लिए खेमका को संग्रहालय/म्यूजियम में रफा कर दिया था... , कांग्रेस के नक्शे कदम पर चलकर..,अब भाजपा ने भी ‘भ्रष्टाचार की चाल’  बदल ली है..
बोलू:   हाँ ..ये सब  सत्ता के म्यूजिशियन है..., कैसे भ्रष्टाचार के संगीत की धुन के शोर से.., I.A.S. / I.P.S.  का तबादला कर, जनता की आँखों में धुल झोंककर..., जनता को कब लूट लिया है , इस खेल का जनता को ही पता नहीं चलता है..
देखू: हाँ मे भी देख रहा हूँ.., कड़ी मेहनत के बाद I.A.S. / I.P.S.  परीक्षा पास करने के बाद वह अधिकारी करने के बाद, राजनेताओं की गुलामी का शिकार हो जाता है..., वह अपनी जीवन की सफलता.., सत्ताखोरों द्व्रारा माफिया गठबंधन से देश को लूटने वालों.., लोमड़ीराज के विरोध में अपने पद  को देश के लिए कुर्बानी देने से बेहतर उनके तलुवे चाटकर अपने व परिवार के उन्नत भरण पोषण से अपना कार्यकाल पूरा करने में ही अपनी भलाई समझता है..
सूनू: हाँ.., अब तो देश में व्यापम घोटालों से लोक सेवा आयोग व अन्य परीक्षाओं में भारी घोटालों से, लूटेरों की एक नई फौज का निर्माण हो रहा है.., क्या ऐसे में देश के “अच्छे दिन’ आने वालें है..???..!!!.
बोलू: हाँ.., देश में कुछ I.A.S. / I.P.S.  अधिकारी जैसे दुर्गा नागपाल ने प्रसाशन के दांत खट्टे किए थे .., व  साइमन पेरिओट, कुसुमजीत सिद्धू जिन्होंने अपने कार्यकाल में ५० के लगभग तबादले झेलने के बाद भी, राष्ट्रीय गर्व से अपने अपना दिल ५६ इंच का बनाया है .., उतारू प्रदेश में मंजुनाथ, मध्य प्रदेश में नरेन्द्र सिंग व महाराष्ट्र में सोनावणे ने तेल व खनन माफियाओं की सत्ताखोरों की मिलीभगत के संगठन को ख़त्म करने की ठान लेने की प्रतिज्ञा / प्रण से अपने प्राण दे दिए है... और उनका नाम नेपथ्य में चला गया है..., देश की जनता भी इन राष्ट्र वीरों को भूल चुकी है     
सूनू: हाँ , मे भी सुन रहा था, नौटंकी वाल से, भा.जा.पा से देश की अन्य पार्टियों के नेताओं ने इसे चुनावी नारा देकर, सत्ता हासिल की 100 दिनों  में काले धन पर कार्यवाही से जन लोकपाल व अन्य वादों की बरसाती  मुद्दों की आड़ में काले अंग्रेजों की औलादों को आबाद कर , देश को बर्बादी पर पहुंचाने का घिनौने खेल का अध्यापक बनकर, एक नए अध्याय का आधुनिक भविष्य के सुनहरे सपने दिखाने का खेल अब भी बदस्तूर खेला जा रहा  है...
देखू: आजकल  बंगलुरू में भाजपा के गुरुओं की बैठक चल रही है.., वे भी अपनी सदस्यता अभिमान के गुमान/मद  से जनता को भ्रमित कर रहें है.., इनके खेमे में खेमका के तबादले का मुद्दा गायब है.., नरेन्द्र मोदी को भी जैसे सांप सूंघ गया है...
बोलू: असल में तबादला तो भ्रष्टाचारियों के तबेले में किसी भी ईमानदार अधिकारी द्वारा छापा मारने पर, भ्रष्टाचारियों के खेल को रफा-दफा करने के लिए होता है. ..देखू , अब देश का क्या होगा..???,  मैं तो, इस भयंकरता  से  चिंतीत हूं  
देखू:   मैं देख रहा हूं ,जब तक भ्रष्ट सत्ताखोर, लोमड़ी बनकर.., देश के नौकरशाहों को पंगु बनाते रहेंगे.., देश डूबते रहेगा, इसका एक ही पर्याय है .., जनता राष्ट्रवादी बनकर , इन शेरो में अपना खून कर  देश के लिए दहाड़ कर.., देश व विदेश के दुश्मनों के लिए  पहाड़ बनकर एक मजबूत बुलंदी से  देश के तिरंगे को बदरंगा करने वालो को सबक सिखा सकते है....    

Wednesday, 1 April 2015

अब मैं यह सब नौटंकी देखकर...., यही कहना चाहता हूं कि आज तक चुनावी नारों में लोगों ने जनता पर जितने अफीमी फूल फेंके है.., वह उतना सफल हुआ है...,


बोलू: अरे देखू, आज अप्रैल फूल दिवस है, क्या देख रहा है...

(https://www.facebook.com/BapuKeTinaBandaraAbaBanaGayeHaiMastaKalandara?ref=bookmarks)
देखू: हाँ ,असल में आज देश के नेताओं का APRON (चोला) बदल कर, जनता को FOOL (बेवकूफ) बनाने का दिवस है, दिल्ली में भगत सिंग सेना का पोस्टर वार चालू है..., वह उसे APRON (चोला) ARVIND (अरविंद) PARTY (पार्टी) –AAP कह रही है . 
सोनू: हाँ ,चुनाव के पहिले नौटंकीवाल ने नारा दिया था “'इंसान का इंसान से हो भाईचार..,यही पैगाम हमारा..,,का नारा की शराफतका खेल से जनता को भरमा रहा था और सफल भी हो गया, अब उसने अपना APRON (चोला) फेंक कह रहा..., मुझे सिर्फ सत्ता है प्यारा, और मैं ही खाऊँ इसका चारा,
बोलू : इस अंदरूनी झगड़े में , सफाई कर्मचारियों के वेतन ने मिलने पर , अपना पल्ला झाड़कर .., केजरीवाल ...कचरावाल बनकर, अपनी दबंगी से दिल्ली को गन्दगी का बढ़ावा दे रहा है..
देखू: हाँ.., मैं देख रहा था , चुनाव के पहिले वह अपनी पार्टी में व्यवस्ता परिवर्तने से भगत सिंग के नारे में युवकों में एक नए खून के संचार का दावा कर.., देश में एक क्रांती का दंभ भर रहा था
बोलू: चोले का बेवकूफ दिवस तो १९४७ से ही मनाया जा रहा था “आराम हराम है” से नेहरू ने अय्यासी दिवस से अपने को शांती के मसीहा से विदेशी विचारों से.., कश्मीर की समस्या जो देश आज भी भुगत रहा है.., उसके बाद उनको भारत रत्न का पुरूस्कार देकर, जनता को भरमाया गया , चीन ने भारतमाता के अंग को काट डाला..., जबभी संसद में उनका कांग्रेसियों द्वारा विरोध होता था तो वे कहते थे.., मैं राजीनामा दे दूंगा,, सभी सांसद.., सांसत में पड़ जाते थे कि लोकसभा के सदस्यता को लाटरी का टिकट मानकर खोना नहीं चाहते थे
सुनू : हाँ , मैं भी सुन रहा हूं.., अब वह गिरगिट वाल की तरह रंग बदल कर कह रहा है..., मैं ६७ विधायक लेकर नई पार्टी बनाऊंगा.., और मेरे दल के विरोधी देखते रह जायेंगे...,इसी तरह “आप” पार्टी के विधानसभा सदस्य भी, जिसमें कई सदस्यों ने टिकट खरीद कर, भरमाए नारों से चुनाव जीता है.., उन्हें भी सत्ता से मंत्री पद व सदस्यता खोने से भारी वित्तीय नुकसान का भय लगा हुआ है
बोलू: हाँ, नौटंकी वाल ने तो जो रंग बदला उससे तो गिरगिट भी दंग है.., वह इस रंग से अब वह अपने को पार्टी का दबंग कहता है.., ADMIRAL रामदास को लोकपाल बनाकर, जनता को भरमाकर, नौटंकी वाल अपने को ADMIRABLE कर, इस बल से जनता में अपने जीवन को समर्पित कर, सड़क का आम आदमी के जीवन से देश में एक लहर लाऊंगा के झासें से अब अपने पार्टी के नेताओं को फांसे का खेल , खेल रहा है
देखू: मे देख रहा हूँ कि अब नौटंकी वाल कह रहा है कि मेरी मर्जी.., मैं जो करू.., अब पार्टी में लोकपाल को ठोकपाल बनाऊ..., अभी ३० से ज्यादा लोगों को मंत्री का दर्जा देकर , खुद व अपने बाए हाथ के मंत्रियों ने भारी संपत्ती से कर व बंगलों से मालामाल बन गए हैं.., और जनता इस द्व्यंद युद्द से अपने को ठगी पा रही है...
सुनू : मे अभी सुन रहा हूं कि एक नेता कहा रहा है कि “आप” का यह विरोध अब आप के बेड रूम में जाएगा..,
देखू: हाँ , पार्टी के एक नेता ने लोकसभा चुनाव में अपना ध्यान चुनाव छेत्र में न लगाकर.., किसी युवती के साथ बेड रूम में बेड तोड़ी थी.., अब वह भी नौटंकी वाल के चरणदास बनकर, आप पार्टी के बचाव में अपनी पूरी ऊर्जा झोंक रहा है..
सूनू: अभी मैं सून रहा हूं.., पार्टी के बचे ,संस्थापक सदस्यों में भारी विरोध चल रहा है..., वे अब नौटंकीवाल को नई चुनौती दे रहें है...
बोलू : जनता भी “फेकू” के अच्छे दिन व “पप्पू के गायब” होने की चर्चा कर रही है , नौटंकी वाल के इस नवीनतम चर्चे से, दूसरे दलों के चर्चों की आवाज नेपथ्य में चली गई है..,
देखू: अब मैं यह सब नौटंकी देखकर...., यही कहना चाहता हूं कि आज तक चुनावी नारों में लोगों ने जनता पर जितने अफीमी फूल फेंके है.., वह उतना सफल हुआ है..., यदि जनता में राष्ट्रवादी भावना जागृत होगी..तो इस अफीमी फूल के ईट का जबाब , जनता पत्थर मारकर , सत्ताखोरों को थर्रा सकती है...