Monday, 6 February 2023

लता दीदी की प्रथम पुण्य तिथि पर ....., आदरांजली “आनंद मठ” की कोकिला को...आएगा, आएगा, आएगा, आएगा आनेवाला, आएगा आनेवाला...“अब कोई नही सदियों तक आयेगा इस स्वर के धरती के “महल” में...”

 


  • लता दीदी की प्रथम पुण्य तिथि पर ....., 

  • आदरांजली “आनंद मठ” की कोकिला को

लता चौक का लोकार्पण:




जब तक सूरज चाँद रहेगा… सूरज व चाँद की निहारती रौशनी

से देश व दुनिया के वासी के कर्ण में लता दीदी के स्वर में उमंग

की तरंग से जीवन में ख़ुशहाली रहेगी



——-


तुम्हारे  स्वर व वीणा के तार..

हे ईश्वर तुझे समर्पित बारम्बार

 


तुम न जाने किस जहाँ में खो गये

हम भरी दुनिया में तनहा हो गये…

----------

खामोश है ज़माना, चुप-चुप हैं सितारे

आराम से है दुनिया, बेकल है दिल के मारे

ऐसे में कोई आहट, इस तरह आ रही है

जैसे कि चल रहा है, मन में कोई हमारे

या दिल धड़क रहा है, इक आस के सहारे

 

आएगा, आएगा, आएगा, आएगा आनेवाला, आएगा आनेवाला...

 

जी...!!!!,

 

 अश्रु पूर्वक कहना पड़ रहा है की आगे कलयुग काल में


 शायद ही लता दीदी  तुल्य कोई “अद्भुत, अकल्पित हैं


 स्वर-माधुर्य की साम्राज्ञी लता” का जन्म इस ब्रह्मांड में


 गूंजने वाली खामोश आवाज का पुनर्जन्म हो ...


 

“अब कोई नही सदियों तक आयेगा इस स्वर के धरती


 के “महल”  में...”

 

 


No comments:

Post a Comment