Sunday, 14 April 2019

१३ अप्रैल २०१९..!!!, जलियांवाला बाग़ की खूनी होली की १०० वीं वर्ष गाँठ.., एक गुमशुदी मुध्हा बनकर आज भी देश, ब्रिटेन से माफी मंगवानी की याचना कर रहा है.., ताकि देश का कलंक, देश में इतिहास के पन्ने में इसका काला इतिहास से देश बलिदान के शौर्य से उबर सके.... दोस्तों, देश छद्म मसीहा के नाम से अंग्रेजों के सेफ्टी वाल्व बनकर, अहिंसा का स्वांग रचकर आज बिना खड़ग, बिना ढाल के जलवे से देश के मोहल्लों के नाम व पुतलों से लेकर आज के नोट बंदी के बाद भी नए नोटों पर छा कर देश की शीतल छाया को हर लिया है...



१३ अप्रैल २०१९..!!!, जलियांवाला बाग़ की खूनी होली की १०० वीं वर्ष गाँठ.., एक गुमशुदी मुध्हा बनकर आज भी देश, ब्रिटेन से माफी मंगवानी की याचना कर रहा है.., ताकि देश का कलंक, देश में इतिहास के पन्ने में इसका काला इतिहास से देश बलिदान के शौर्य से उबर सके....

दोस्तों, देश छद्म मसीहा के नाम से अंग्रेजों के सेफ्टी वाल्व बनकर, अहिंसा का स्वांग रचकर आज बिना खड़ग, बिना ढाल के जलवे से देश के मोहल्लों के नाम व पुतलों से लेकर आज के नोट बंदी के बाद भी नए नोटों पर छा कर देश की शीतल छाया को हर लिया है...

देश गुलामी की लौ से आज भी तप रहा है...

१९१४ के प्रथम विश्व युद्ध में लाखों हिन्दुस्तानी सेना के जवानों को अंग्रेजों द्वरा आजादी के झांसों से बलिदान लेकर.., १९१९ में भी लाशों पर जश्न ही मनाया है.., जनरल डायर द्वारा बेखौफ्फ गोलीबारी से हजारों निहत्थे आन्दोलनकारियों के खून की होली खेलकर, ब्रिटेन इसे अपने इतिहास में शौर्य से मना रहा है..

सरदार भगतसिंग व अन्य साथियों  द्वारा देश की गुलामी का अंग्रेजों को  ध्यान दिलाने के लिए , असेंबली में सुरक्षित जगह में विस्फोट से मृत्यु दंड की सजा भुगतने पर देश के अहिंसा के बुद्धजीवीयों के मुंह में ताले जकड़े थे.

वही हाल द्वितीय विश्व युद्ध में लाखों हिन्दुस्तानी सेना के जवानों को अंग्रेजों द्वारा विश्व मैं बलि का बकरा बनाकर ..., १९४७ में सत्ता परिवर्तन द्वारा खंडित भारत देकर अलगाव वाद के बीज बोकर अंग्रेज भले ही इस देश से चले गए हैं .., जो आज, वट वृक्ष का जाल बनकर देश को निगलने की तैयारी हो रही है...

भ्रष्टाचारीयों के महाकुंभ की महान-डायरी.
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Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold.
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