Thursday, 18 June 2015

२. देश विदेशी कटोरों से नहीं १२५ करोड़ देशवासियों के मुठ्ठी बल से चलेगा.., “जय जवान- जय किसान” से देश १९ महिने में ही संवर गया था , इस बल से ही.., विज्ञान को जोड़कर ही , देश आगे बढेगा..., भ्रष्टाचारियों के आसन से आसीन से.., देश का एहसान नहीं होगा.



१.  चेतो मोदी सरकार, मैं  मन की बात नहीं, दिल की बात कहना चाहता हूं.., शायद यह जनता के दिल का दर्द भी हो सकता है .. देश के राष्ट्रवाद नीती से, कोई भी सत्ता का चेहारा, राष्ट्र से सर्वोपरी नहीं हो सकता है.., उखाड़ फेंकों ऐसे मोहरों को.
२.  देश विदेशी कटोरों से नहीं १२५ करोड़ देशवासियों के मुठ्ठी बल से चलेगा.., “जय जवान- जय किसान” से देश १९महिने में ही संवर गया था ,  इस बल से ही.., विज्ञान को जोड़कर ही ,  देश आगे बढेगा..., भ्रष्टाचारियों के आसन से आसीन से.., देश का एहसान नहीं होगा.
३.  क्या आप भी पिछली सरकारों की तरह इन्हें भी FAVOURITE बनाकर , WRITE कर, इनके  REPO – रेट को बढ़ाने  से सत्ता का REPUTAION-RATE से,  FAVORAITE –RATE से.., FAVICOL के मुहर से चिपकाकर ..,  जनता का निवाला हर कर, जनता की चीत्कार  बढ़ाने के, अपने विश्वास से देशवासियों की चैन की सांस खीचने वालों का दुस्साहस तोड़ें .
४.  राष्ट्रीय सुरक्षा के आपके बल से सेना व जवानों,किसानों का सीना भी फूलकर, वे फूला नहीं समा रहें थे. लेकिन IPL की घटना से जनता निराश है...,इसका निदान न होने से कही वे हताश न हो जाए..
५.   देश के दिवंगत सुप्रीम जज बेनर्जी ने मोदक खाकर..., अपना ललितमय जीवन बनाकर,माफियाओं की भ्रष्टाचार की अर्जी  को माफ़ किया से,  जनता की एलर्जी के  एक एनर्जी से  उन गर्दुल्लों के फ़ौज के छांव तले चाव से अपना उन्नत जीवन जीने का माद्दा से  देश की दुर्गती का विश्वास बल से देश को कलंतीत कर सोने की लंका बनाई   
६.  यह IPL ३००,५००.१२०० करोड़ का घोटाला नहीं देश को इस माफिया व सत्ता के गठबंधन के पत्तों के सट्टा के सेटिंग  से देश को हवाला से २ लाख करोड़ का चूना लगा है.. इन घोटालों की श्रंखला की जांच करे तो माफिया नेटवर्क से ही देश का विदेशी कर्ज उतर जाएगा
७.  काले धन के माफियाओं पर कार्यवाही करे बिना ...DONE IN INDIA V/S MAKE IN INDIA …,  इस स्लोगन को कार्यान्वित किये बिना.., MAKE IN INDIA …,  का नारा जनता से धोका है.. देश के अफीमी अमीर इंडियाआज  भी खेल रहा  हैभ्रष्टाचार का डांडिया से, चला रहा है.., शोषण से गरीबों पर.., भूखमरी, अवसाद का डंडा.., यही है इस देश के डूबने का  से गरीब लगा रहा है फांसी का फंडा   
८.  देश तो सत्ता परिवर्तन (१९४७) के बाद से ही.., सत्ता के काले अंग्रेज द्वारा MAKE MAFIA – SELL INDIA से ही डूबते देश  की कहानी है.., अफीमी नारों से, विदेशी हाथ साथ, विचार, संस्कार से देशी-विदेशी माफिया-मीडिया-नौकरशाही-सत्ताशाही व  CORPORATE द्वारा PORE @ से देश के क़ानून में छिद्र से, अपने जीवन को माफिया.., महल से, अपना जीवन कारपेट से कारपेटी  ..., = कार + धन की पेटी से आज सत्ता पर नियंत्रण कर , विदेशीयों की आड़ में जनता की सत्ता हथिया कर , हड्डी वाला जीवन जीने से आज भी हम भूखमरी में विश्व में अव्वल है,,,, MAKE IN INDIA …,   से भविष्य ,में देश खेल रहा है भ्रष्टाचार का डंडिया..और , इंडिया खेल राका है..,
९.  राजीव गान्धी को भी मिस्टर क्लीन की छवी से ४१४ सीटें मिलकर , जनता के SILENT  SUPPORT से एक चमत्कार हो गया था वही कांग्रेस के १० साल के पिछले कार्यकाल में भ्रष्टाचारियों व देशी विदेशी माफियाओ के हाथ से देश डूब रहा था
१०.                   मोदीजी आज,  देशवासियों  ने भी  आपको एक मसीहा के रूप में मानकर SILENT  SUPPORT से विश्व की विरोधी शक्ती के अवरोध के बावजूद, उनका वजूद ख़त्म कर आपके आत्मबल को जगाकर आपको प्रधानमंत्री पद पर आसीन कर देश के आस्तीन के सांप को ख़त्म कर भ्रष्टाचार मुक्त भारत की रचना से देश में खुशहाली से जनता अपने को बलशाली की आस में हैं
११.                    बड़े शर्म की बात है.., UNO की ताजा रिपोर्ट में आज भूखमरी के शिकारसे हमारा देश अव्वल है.., (पीटीआई| May 29, 2015 की रिपोर्ट)
१२.                   चेतो, मोदी सरकार.., हमने विदेशियों से खाने के लि मैगी माँगी तो वे 30 सालों से देश को जहर खिला रहें थे ..,
१३.                   हमने विदेशियों से कटोरा लेकर धन माँगा तो गरीबों के कटोरे से भोजन गायब हो गया.
१४.                    ६९ सालों से देश को आराम-हराम हैगरीबी हटाओइंडिया शायनिंग,भारत निर्माण से अच्छे दिनों के अफीमी नारों की कव्वाली से देश के काले माफिया कव्वे बनकर गरीबों की थाली का निवाला छीन रहें हैं
१५.                     जबकि भ्रष्टाचार से पुलिस-मीडिया-माफिया-सत्ताखोरों के जातिवाद-भाषावाद-अलगाववाद-घुसपैठीयों के गमलों से अपने भ्रष्टाचारी फूलों के रंग से जनता को बहकाकर..., देश को महकाने का दावा ठोक रहें हैं
१६.                   महाराष्ट्र के देव, मुख्यमंत्री इन्द्र की इन्द्र सभा में म्याऊं म्याऊं DRUGS के बिल्ली डांस से चूहों द्वारा मौत के सौदागरबन २२ करोड़ के नशे का व्यापार से मंत्रालय बना मूत्रालय.. सचिवालय में काम ठप्प कर, अब, शौचालय बना दिया है..
१७.                    महाराष्ट्र के देव, मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीश , अपनी भुजा फदफड़ाने से घबरा कर, अपने विभागीय अफसरों से १० हजार करोड़ रूपये का कालाधन की वसूली के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के मुक़दमे के आवेदन को बुरा कहकर.., यह आदेश निरस्त कर दिया है.., और जनता को पस्त कर दिया है...
१८.                    चेतो मोदी जी...!!!!, सिर्फ मुम्बई का काला धन.., जो स्विस बैंक से कई गुना ज्यादा है..., आप ले आओ तो देश में हजारों स्मार्ट सिटी बनाकर ..., देशवासी स्मार्ट बन जायेंगें...
१९.                    बुरा मत मानिए मोदीजी आपके अकेले इमानदार होने से, जनता का कुछ नहीं होगा.., आपके पार्टी के सिपाही भी भ्रष्ट के अचार से, मिस कॉल से १० करोड़ सदस्यता का दावा की दवा से हट्टे कट्टे हो रहें हैं.., और महंगाई के भ्रष्टाचार से जनता की हड्डी घिस रही है
२०.                   कांग्रेस के नेता मल्लिका अर्जुन, को आज लोकसभा में दहाड़कर अपनी व्यक्तीगत ५० हजार करोड़ की संपती से अपनी अभिव्यक्ती के स्वंय के जोशीले बयान से कांग्रेस के छद्म बखान से अपने को गर्वीत कर रहें हैं... याद रहे, हाल ही में, मल्लिका अर्जुन खडगे की बेटी को बेंगलुरु में मात्र दो लाख रुपये में 3280 स्क्वायर फीट का प्लॉट दिया गया है..

२१.                   दोस्तों देश को तो बाहरी लुटेरों से ज्यादा भीतरी लुटेरों ने लुटा है..., aam आदमी का जीवन तो एक खूंटा है ..,इस खूटे से अवसाद ,गरीबी,बीमारी,बेरोजगारी  से आज तक करोड़ों लोगों ने आत्महत्या कर ली है .. 

Friday, 12 June 2015

वीर सावरकर की कीर्ती के सामने “भारत रत्न” तो छोड़ों देश के नोबल पुरूस्कार विजेता व भारत रत्न से सम्मान्नीत महान वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट रमण ने सही कहा था “वीर सावरकर की चमक के समक्ष कोहिनूर हिरा भी फीका है..



१.  हमें विश्व गुरू बनना है, तो, वीर सावरकर की विचारधारा को मानना ही पडेगा ..., आज मणिपुर के आतंकवाद का जवाब.., वीर सावरकर की विचारधारा से  जाबांजी का ही परिचय है ..
२.  आज की “५६ इंच की सरकार”, इस श्रेय से, “११२ इंच का सीना फुलाकर, फूला समाकर. सेना का गौरव व मनोबल बढ़ा रही है..,
३.  आज, देश के  रक्षा मंत्री भी वीर सावरकर की भावनाएं व्यक्त कर , पड़ोसी व दुश्मन देशों में खौफ पसरा है क्योकि 70 सालों से यह देश विदेशी आक्रमणकारियों के लिए पंजरी खाने वाला देश था

४.    श्रेष्ठ कौन..!!!, कलम या तलवार..., स्कूलों में भाषण प्रतियोगितायें होती है .., और मैकाले की शिक्षा प्रणाली में कलम की जीत पर वाक् युद्ध करने वाले को पुरूस्कार दिया जाता है.
५.  वीर –वीर ही नहीं.., परमवीर सावकर, दुनिया के एक मात्र क्रांतीकारी थे, जिन्होनें  समयानुसार, कलम व तलवार..., कलम व पिस्तौल को अपने जीवन में श्रेष्ठ बनाया. इसकी ही छाप से, शत्रु की राजधानी इंग्लैंड में अपना कौशल दिखाया..
६.  वीर सावरकर ने, कलम से, भारतीय “१८५७ एक पवित्र स्वातंत्र्य समर इतिहास लिखकर” , अंग्रेजों के पसीने  छुड़ा  दिए..,, वे इतने भयभीत हो गए कि इस इतिहास को बिना पढ़े, बिना प्रकाशन के ही इसे प्रतिबंधित कर दिया, जबकि इसके प्रकाशन की लाखों प्रतिया विश्व में  छा गई.., और हिन्दुस्तान की गुलामी व लूट के  इतिहास से विश्व परिचित हुआ.
७.  याद रहे, इस पुस्तक को पढ़कर, शहीद भगत सिंग में कांती का स्वर बुलंद हो गया.., उन्होंने इस पुस्तक का चोरी छिपे प्रकाशन कर क्रांतीकारियों में बांटी ..., और या पुस्तक “क्रांतीकारियों की गीता” बन गई.
८.  उनका कहना था, अंग्रेजों की बन्दूक से दमनकारी नीती का जवाब काठी नहीं..., राष्ट्रवाद की गोली से देना चाहिए, और जवाब भी  दिया..,
९.  इतनी यातनाए सहने के बाद,कई बार काल के गाल के निकट पहुँचाने के बावजूद , वीर सावरकर के गाल, यूं कहें चेहरे पर शिकन तक नहीं थी.
१०.                    इस महान क्रांतीकारी को देश के इतिहास कारों , पत्रकारों आज के मीडिया ने गांधी /कांग्रेस के पिछलग्गू बनकर, पेट भरू , बनकर देश के गरीबों के पेट में लात मारकर, आज के  देश की मार्मिक तस्वीर दिखाने के बजाय, अय्याशी का मीडिया (साधन) बनाकर,  अपनी कलम से अपने पत्रिकाओं के कॉलम (COLUMN) में देश के गौरवशाली इतिहास को भी कभी  सामने आने नहीं दिया ..
११.                   अभी दिल्ली से, भाजपा नेता, सुब्रमनियम स्वामी की एक हल्की  सी हुंकार सुनाई दी कि वीर सावरकार को “भारत रत्न” देने की .., क्या ये गूँज भी नेपथ्य में खो जायेगी ..
१२.                     गुणों की खान वीर सावरकर का कितना भी बखान किया जाय कम है
१३.                   वीर सावरकर ::: एक महान विद्वान ,राजनयिक, , स्टेट्समैन राजनेता, तत्वचिंतक , क्रांतीकारक लेखक, नाटककार, महाकवि, सर्वोत्तम वक्ता, पत्रकार, धर्मशील, नीतीमान, पंडित, मुनि, इतिहास संशोधक, इतिहास निर्माता, राष्ट्रीत्व के दर्शनकार, प्रवचनकार, अस्पर्शयता निवारक, शुद्धी कार्य के प्रणेता, समाज सुधारक, विज्ञान निष्ठा सिखाने वाले , भाषा शुद्धी करने वाले, लिपि सुधारक, संस्कृत भाषा पर प्रभुत्व, बहुभाषिक हिंदुत्व संगठक, राष्ट्रीय कालदर्शन के प्रणेता, कथाकार, आचार्य, तत्व ज्ञानी, महाजन, स्तिथप्रज्ञ, इतिहास समीक्षक, धर्म सुधारक विवेकशील नेता व हुतात्मा थे
१४.                    दोस्तों इनकी कीर्ती के सामने “भारत रत्न” तो छोड़ों देश के नोबल पुरूस्कार विजेता व भारत रत्न से सम्मान्नीत महान वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट रमण ने सही कहा था “वीर सावरकर की चमक के समक्ष कोहिनूर हिरा भी फीका है..
१५.                   70 वर्षों के इतिहास में जिन्होंने देश को १९४७ के पहिले की  जनता के सुखमय जीवन को आज गरीबी से ग्रसित किया है (सिर्फ लाल बहादुर शास्त्री क छोड़कर) वे  भारत रत्न की शान से आज भी मुहल्ले, गली, शहर में पुतले के साथ अपना नाम कराकर..,जनता को दंश देकर अपनी शान को  द्योतक/प्रतीक  कह रहें हैं .

Tuesday, 9 June 2015

हिंदुत्व ही विश्व का बंधुत्व है...., आज तक हिंदुत्व ने गर्दन पर, तलवार रखकर, दुनिया के किसी भी देश का धर्म परिवर्तन नहीं किया है .....



हिंदुत्व ही विश्व का बंधुत्व है...., आज तक हिंदुत्व
ने गर्दन पर, तलवार रखकर, दुनिया के किसी भी देश
का धर्म परिवर्तन नहीं किया है .....
हिंदू यह शब्द बाहरी नही, प्राकृतिक है, हमारा ही है, यह
समझाने वाले पहले विद्वान परमवीर सावरकर ही थे ,
उन्होने प्रमाण सहित सिद्ध किया कि हिदू यह शब्द
मोहम्मद पैगंबर के हजारों साल पूर्वौपयोग मे
लाया गया, पारसिक आर्याओ की अवस्था मे हमारे
राष्ट्र को – ‘हप्तहिंदव’ - ऐसे कहा जाता था , हिंदू, यह
शब्द राष्ट्र का वाचक है, वो किसी धर्मग्रंथ, अवतार व
देवता के नाम से निकला हुआ नही है, यह कहने वाले एक
मात्र वीर सावरकर थे ...
मार्च १९९५ में महाराष्ट्र में शिवसेना - भारतीय
जनता पार्टी ने हिंदुत्व के मुद्दे से अपनी सरकार बनाई
तो, जो विरोधी दल धर्मनिरपेक्ष का डंका बजा रहे थे ,
उन्होंने, सुप्रीम कोर्ट में, हिंदुत्व शब्द
को साम्प्रदयिकता का वाचक कह कर चुनौती दी, और
कहा.. महाराष्ट्र सरकार साम्प्रदायिक व असंवैधानिक
है.. इसे तुरंत बर्खास्त किया जाय. तब सुप्रीम कोर्ट
को हिंदुत्व शब्द की व्याख्या को स्वीकारना पड़ा है ,
सावरकर के उदगार को सही ठहराया , और विपक्षी दल
भी खाली हाथ मलते आये.....
इसका निचोड़ यही है कि हिंदुत्वशब्द देश की माटी से
जन्मा व जुड़ा है.
क्या आपको मालूम है..?? ""सारे ज़हा से
अच्छा हिन्दोस्ता हमारा..., जो गीत, हम बड़े जोश के
साथ गाते है, इसके कवि इकबाल भी पाकिस्तान बनाने
के पक्ष मे थे...???, जो एक गद्दार साबित हुआ ..???
जिसकी मृत्यु 1943 मे हुई....,
राष्ट्रवादी शब्द को सार्थिक करने वाले...., मुहम्मद
करीम छागला जिनके शब्दों व प्रयासों का अतुल्यनीय
जोड़ है., जब वे जनता पार्टी के शासन काल (१९७७) मे,
मानव संसाधन मंत्री थे, तब उन्होने अलीगढ मुस्लिम
युनीवर्सीटी मे हिंन्दु कुलपति व बनारस हिन्दु
युनीवर्सीटी मे मुस्लिम कुलपति नियुक्त किया था,
है..???,
है...????????, आज कोइ माई का लाल ...., आज
की राजनिती में इस तरह का साहस करने वाला ...???, ,
जो आज धर्मनिरपेक्षता का नगाड़ा बजाकर,
सत्ता हथिया कर , आज इस प्रपंच से अलगाववाद,
भाषावाद, जातिवाद व विदेशी घुसपैठीयों से, अपने वोट
बैंक से, देश को तोड़ने की साजिस कर रहें हैं...????
मुहम्मद करीम छागला जो जिन्ना का दायाँ हाथ हुआ
करते थे , जब जिन्ना द्वारा अलग पाकिस्तान की मांग
की, तो ...इसके विरोध में, वे जिन्ना के दुश्मन बन गये,
मुहम्मद करीम छागला हमेशा मुस्लिमो से कहते थे..., तुम
पहले हिन्दुस्तानी हो, बाद मे मुसलबान, हिन्दुओ का खुन,
आप मे है, इसलिए सभी धर्मो से भाई चारा रखो...,
राजनेताओ की कठपुतली मत बनों...??
उन्होने बोम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रहते हुए, हर
धर्म के लोगों को समान निर्णय दिया, यहँ तक
की जवाहरलाल नेहरू की भी भ्रष्टाचार के जांच में
उनका पायजामा खोल दिया था , बिना राजनैतिक
दबाव से....जय हिंद....वन्देमातरम.. राष्ट्रवाद
जयते ..
ईस्ट इंडिया कंपनी ने वर्ष 1818 में ही जान लिया था कि हिंदुत्व की धार , जीवन की धारा है ...उसका प्रमाण ये १८१८ के सिक्के है...,

Sunday, 7 June 2015

कहते हैं.., जहां अपराध से रिश्वत की मंडी बनानी हो तो पुलिस थाना खुलवा दों ..., चेतो मोदी सरकार, विदेशी कटोरा मांगने से बेहतर.., पुलिस-नगरपालिका-बिल्डर व अन्य माफिया संगठनों में, स्विस बैंक से कई गुना ज्यादा काला धन मुम्बई में है. इन “माफिया DON” पर डंडे से कार्यवाही कर, “DONE IN INDIA” के इस स्वदेशी धन से ही , “MAKE IN INDIA” के जज्बे से, देश चंद दिनों में ही उन्नती करेगा...



१.   दोस्तों देश की मार्मिक तस्वीर है , फरवरी २०१० में अखबार में खबर छपी, समाचार में छपा मध्य प्रदेश के आईएएस अफसर दंपति अरविंद और टीनू जोशी से ५०० करोड़ से अधिक की सम्पती बरामद वही उससे सटे कॉलम में मध्य प्रदेश के एक परिवार के, ६ सदस्यों ने ग़रीबी से आत्महत्या की.., (कि) खबर थी  
२.    बड़े शर्म की बात है.., UNO की ताजा रिपोर्ट में आज “भूखमरी के शिकार” से  हमारा देश अव्वल है.., (पीटीआई| May 29, 2015 की रिपोर्ट)
३.    चेतो, मोदी सरकार.., हमने विदेशियों से खाने के लिए मैगी माँगी तो वे 30 सालों से देश को जहर खिला रहें थे ..,
४.    हमने विदेशियों से कटोरा लेकर धन माँगा तो गरीबों के कटोरे से भोजन गायब हो गया
५.    ६९ सालों से देश को “आराम-हराम है” गरीबी हटाओ” इंडिया शायनिंग,भारत निर्माण से अच्छे दिनों  के अफीमी नारों की कव्वाली से देश के काले माफिया कव्वे बनकर गरीबों की थाली का निवाला छीन  रहें हैं
६.    जबकि भ्रष्टाचार से  पुलिस-मीडिया-माफिया-सत्ताखोरों के जातिवाद-भाषावाद-अलगाववाद-घुसपैठीयों के गमलों से अपने भ्रष्टाचारी फूलों के रंग से जनता को  बहकाकर..., देश को महकाने का दावा ठोक रहें हैं
७.    महाराष्ट्र के देव, मुख्यमंत्री इन्द्र की इन्द्र सभा में म्याऊं म्याऊं DRUGS  के बिल्ली डांस से चूहों द्वारा “मौत के सौदागर” बन  २२ करोड़ के नशे का व्यापार से मंत्रालय बना मूत्रालय.. सचिवालय में काम ठप्प कर, अब, शौचालय बना दिया है..
८.    महाराष्ट्र के देव, मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीश , अपनी भुजा फदफड़ाने से घबरा कर, अपने विभागीय अफसरों से १० हजार करोड़ रूपये का कालाधन की वसूली  के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के मुक़दमे के आवेदन  को बुरा कहकर..,  यह आदेश निरस्त कर दिया है.., और जनता को पस्त कर दिया है...
९.    चेतो मोदी जी...!!!!,  सिर्फ मुम्बई का काला धन.., जो स्विस बैंक से कई गुना ज्यादा है..., आप ले आओ तो देश में हजारों स्मार्ट सिटी बनाकर ..., देशवासी स्मार्ट बन जायेंगें...
१०.         बुरा मत मानिए मोदीजी आपके अकेले इमानदार होने से, जनता का कुछ  नहीं होगा.., आपके पार्टी के सिपाही भी भ्रष्ट के अचार से, मिस कॉल से १० करोड़ सदस्यता का दावा की दवा से हट्टे कट्टे हो रहें हैं.., और महंगाई के भ्रष्टाचार से जनता की हड्डी घिस रही है
११.       कांग्रेस के नेता मल्लिका अर्जुन, को आज लोकसभा में दहाड़कर अपनी  व्यक्तीगत ५० हजार करोड़ की संपती से अपनी अभिव्यक्ती के  स्वंय के जोशीले   बयान से कांग्रेस के छद्म बखान से अपने को गर्वीत  कर  रहें हैं... याद रहे, हाल ही  में, मल्लिका अर्जुन खडगे की बेटी को बेंगलुरु में मात्र दो लाख रुपये में 3280 स्क्वायर फीट का प्लॉट दिया गया है..

१२.       दोस्तों देश को तो बाहरी लुटेरों से ज्यादा भीतरी  लुटेरों ने लुटा है..., aam आदमी का जीवन तो एक खूंटा है ..,इस खूटे से अवसाद ,गरीबी ,बीमारी से आज तक  करोड़ों लोगों ने आत्महत्या कर ली है 

Friday, 5 June 2015

क्या.. ??, अब फ़िल्मी सितारों से अमिताभ बच्चन, अनभिज्ञ रहने का बहाना बना रहें है..क्या “अनभिज्ञ बच्चन” , अपना, यह “बचपना” छोड़कर इस विज्ञापन से कमाई की राशी सरकार को देकर, अपने पापों का प्रायश्चित करेंगें या निश्चिन्त रहेंगें..



१.   FDA- (F)  FAKE (D) DRUG (A) AD-MINIMUM-ACTION बनाम  MAGGI –MAGIC के, 30 साल से, जनता को जहर खिलाने के नाम से , विदेशी हाथ से खाना खिलाने वालों की प्रशंसा से, फिल्मी मीडिया –माफिया – प्रशासन, अपने को देश का SON कहकर, सोने की खान से, जनता को कबिस्तान में सुलाने का काम कर रहें हैं.
२.   .क्या.. ??, अब फ़िल्मी सितारों से अमिताभ बच्चन, अनभिज्ञ रहने का बहाना बना रहें है..क्या  “अनभिज्ञ बच्चन” , अपना, यह “बचपना” छोड़कर इस  विज्ञापन से कमाई की राशी सरकार को देकर, अपने पापों का प्रायश्चित करेंगें या निश्चिन्त रहेंगें..
३.   क्या..??, सरकार में इतना दम है कि...!!! पिछले 30 सालों के मैग्गी के जहर से बीमार हुइ  लोगों के स्वास्थ्य का मुआवजा विदेशीयों से, मांगें.., दोस्तों आश्चर्य है कि नेस्ले कंपनी को देश से भगाने के बजाय .., सरकार ३ महीने के प्रतिबन्ध की बात कर, सिर्फ ५ लाख का दंड लगा के, विदेशियो की फर्श धोकर  अपना सर ऊंचा कर रही है...,यह देशवासी के साथ धोका है..., जहरीले दिनों के पेट से .., अच्छे दिनों की चादर से माफियाओं के लड़ी की झड़ी को छुपाया जा रहा है ...,
४.   नकली खाना , नकली दवा, नकली दूध..., नकली ...नकली ...नकली की भरमार..., जनता नकेल नहीं खीच सकती है...,यह सत्ताखोरों से देशी, विदेशी माफियाओं को मालूम पड़ चुका है..
५.   याद रहे.., जवाहर लाल नेहरूं के १७ साल के कार्यकाल में हम, अमेरिका के  सूअरों द्वारा न खाने वाला लाल गेहूं खाते थे , वह ‘जवान जवान –जय किसान’ की एक “अजूबी शक्ती” वाले लाल बहादुर शास्त्री ने १९ महीने की चमत्कारी शक्ती से देश का स्वाभिमान जगाकर देश को पूर्णतः “स्वदेशी” से, देश को एक नयी शक्ती से जगा दिया था
६.   सत्ताखोरों व माफियाओं की दुकाने बंद कर पहिले जो  देश के “दिलदार” कहलाने वालों को  “बेरोजगार” कर दिया था..,.
७.   इसी का प्रतिशोध से लाल बहादुर शास्त्री की “ह्त्या के शोध” का हर सरकारों ने अपनी नाक बचाने के लिए ..कहीं विदेशी हाथों से हमारी सत्ता छीन न जाए, इस विषय को आज तक छुपाए रखा है
८.   लाल बहादुर शास्त्री की ह्त्या के बाद, नेहरू की विचारधारा का पुनरोदय होकर.., हर सत्ताखोरों ने इसी विदेशी हाथ की धारा से देश को डूबाने का ही काम किया है
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९. आज दो साल के, बच्चे को चश्मा लग जाता है...१० साल से, मधुमेह की बीमारी ..,२० साल से, ब्लड प्रेशर. 30 साल से, ह्रदय रोग..., ४० साल से, किडनी रोग.., ५० साल से, कैंसर से कैंसल की बीमारी. ६० साल से, बीमारियों का शरीर में मकडजाल... से वह इस देश में दवाई खाकर , रहने का टैक्स देकर.., अपना अवसादमय जीवन जीता है.
१०.                 हर साल दवाई कम्पनीयों की बिक्री में ४०% की वृद्धी होकर , जो,२ रूपये की दावा २० रूपये में बेच कर मालामाल हो रही है..,इसी आड़ में नकली दवाईयों का जाल से, छूपे खेल से,  माफिया भी अपना हाथ साफ़ कर, जनता का जीवन साफ़ कर देते हैं,
११.                 देश के चौराहों, गलियों में दूषित तेल, गाड़ियों के धुंए के प्रदूषण व चेमिकल  केमिकल वाले दूध , मक्खन , तेल से सस्ते खाने के फेर में जनता अल्प आयु में ही रोगों की चपेट में आ जाता है
१२.                 १२५ करोड़ के हमारे देश में ३३०० अधिकारी हैं , जिनमे ५०% आरक्षण का तोहफा लेकर , माफियाओं की तोतोप से जनता का भक्षण कर रहें है...
१३.                 देश में FDA के प्रयोगशाला में, बाबा आदम जमाने की मशीन है.., जिसमे गुणवत्ता जांचने का प्रावधान नहीं है..., कुछ प्रयोगशालाओं में मशीन तो है , लकिने गुणवंत  कर्मचारी नहीं है..,
१४.                 आरक्षण की चांसनी से पद पाये , अधिकारियों का ज्ञान इतना कमजोर है कि वे मूंग,मसूर से अन्य दालों से खाद्यानों को पहचानने में अपरिचित है...
१५.                 देश में 70% दूध तो नकली हैं .., दीपावली व अन्य त्योंहारों  में खाद्यानों की बड़ी खेप मिलने की बावजूद ..., माफिया – सात्ताखोरों – FDA के अधिकारियों द्वारा मुनाफे के खेल से देश की जनता के मौत की सौदागीरी से देश के  चरित्र को डूबाने का  खेल, ६९ सालों से बदस्तूर जारी है...,
१६.                  क्या...???. मजाल खाड़ी देशों से, यूरोपीय देशों  में , मिलावटी हरकत करने से माफियाओं को  घर बार बेचकर  से फांसी  तक की सजा होती ही..
१७.                 मेरे देश में जनता सोई है.., जातिवाद , धर्मवाद के  रंगों से, भेड़ों की चाल से देश के साथ जनता का भी जीवन खोखला होते जा रहा है..
१८.                 दोस्तों बड़े दुःख के साथ लिखना पढ़ रहा कई कि सत्ता परिवर्तन के ६९ सालों के बावजूद .., हमारे संविधान के रक्षक कहने वालों,सत्ताखोरों  ने आज तक कोई कड़क क़ानून नहीं बनाया .., जिससे इस मायाजाल से जनता को छूटकारा मिलें.

१९.                 जनता के जीवन से खिलवाड़ कर ...माफिया –सत्ताखोरों – FDA – FAKE DRUG ADMINSTRATION , इस भ्रष्टाचार की गंगा में नहाकर चंगा हो रहा है...,और देशवासी..गरीब बनकर, इस बीमारी के इलाज से अस्पताल के खर्च में अपना घर-बार बेचकर नंगा हो रहा है..  

Wednesday, 3 June 2015

ब्रिटिशों ने सत्ता परिवर्तन की शर्त पर.., कांग्रेस को “आरक्षण” से सत्ता दी, देश के प्रतिभाशाली क्रांतीकारियों को देशद्रोहीयों की काली सूची में डाल दिया.., सुभाष चन्द्र बोस की जिदा या मरी लाश लाने का भी सौदा कर गये.



1.   आरक्षण .., यह डूबते देश की कहानी है.., कहते है चु.XXXXXX..या...,   चला गया,  औलाद छोड़ गया ... १९४७ की नीती से मीडिया.., माफिया..सत्ताखोरों  ने इस देश की सत्ता को मेवा मानकर.., बंदरबाट से , महलों से अपनी मंजिल बड़ा रहें हैं
2.    ब्रिटिशों ने सत्ता परिवर्तन की शर्त पर.., कांग्रेस को “आरक्षण” से सत्ता दी, देश के प्रतिभाशाली  क्रांतीकारियों को देशद्रोहीयों की काली सूची में डाल दिया.., सुभाष चन्द्र  बोस की जिदा या मरी लाश लाने का भी सौदा कर गये.
3.    आजादी के झांसे से जनता को भरमाया गाया..., देश का वासी राष्ट्रवादी बनकर एक नए सांस से देश “आराम हराम” के नारे से  देश को गर्वित कर समर्पित भाव से सेवा के लिए तत्पर था
4.     लेकिन,सत्ता के अय्याशों ने साईकिल घोटाले के आयाम  से देश के जवानों की साईकिल चाल के कदम को भी बाँध दिया.., देश में नए,शिक्षा के संस्थानों बनाने के बजाय , दिल्ली में पांच सितारा होटल बनाकर, देश की शान बढ़ाने के दावे के दांव से अपनी सत्ता को जातिवाद के आरक्षण को  “हार की लड़ी”  बनाकर १० वर्षों तक आरक्षण का जाल फेंका ...
5.    आज इसे संवैधानिक हक़ बनाकर ५०% आरक्षण से सत्ता में साड्डा हक़ कह कर ., वोट की चोट से देश आहत है...
6.   अच्छे दिन की पहले से मौजूद मध्य प्रदेश सरकार ने, शिक्षा का व्यापारीकरण कर कर्णता  से “व्यापम घोटालों” से M.P.गजब है.., के विज्ञापनों से, प्रदेश की प्रतिभाओं को गायब कर दिया
7.   यह राष्ट्रीय  शर्म है कि मध्य प्रदेश सरकार के कार्यकाल में व्यापम घोटालामें शामिल..मुख्यमंत्री व उनके पिल्लू ने देश की मिट्टी पलीद कर दी है..., राज्यपाल “राम नरेश यादव” जो संविधान के मसीहा बने हैं. इस घोटाले ने राज्यपाल के पुत्र की आत्महत्या व ४० से ज्यादा लोगों की ह्त्या होने के बाद भी मध्य प्रदेश सरकार के GOVERNOR , आज भी गर्व-कर देश के संविधान को सुशोभित कर रहें हैं..
8.   राजस्थानसरकार  ने भी गुजर आरक्षण के सहमती से अपनी शान बढाने का, इस का दानव  बनकर,मानवता का  दांव किया है..
9.   महाराष्ट्र में ६ लाख फर्जी छात्रों के नाम से सत्ता के दर्जी .., बेशर्म.., बनकर देश की नई तस्वीर के कपड़े बनाने वालों ने, आज की उभरती  प्रतिभाओं .., यों कहें, प्रतिबन्ध लगाकर नंगा कर दिया है..
10.                    देश में निम्न / उच्च शिक्षा संस्था  का खेल  ५०% आरक्षण , ४०% धन बल से काले दानदाताओं के बच्चों को प्राथमिकता , १०% से भी कम देश के प्रतिभाशाली छात्र जिन्हें बिना धन के प्रवेश मिलता है..,वह देश के बेरंग शिक्षा व्यवसाय से लड़ने में असमर्थ पाकर विदेश में पलायन कर, विश्व के देशों को उन्नत बना रहा है...
दोस्तों डूबते देश को डूबाने वालों की लम्बी कहानी है..., सत्ताखोरों को, इन्ही  माफिया तंत्र ने कसीदे पढ़कर.., उन्हें मसीहा कहा है...,
डूबते देश में, इन  मसीहाओं को, माफियाओं  के समूह   कसाई बनकर, बेवफाई से देश को लूटकर डूबा  दिया है ..,
देश में घोटालों की बहार, बहारों फूल बरसाओं के नारों से.., विदेशी मह्बूब आया है, से .., मेरा भारत महान , शायनिंग  ,  भारत निर्माण से अच्छे दिनों से “अच्छी तारीफ” के अफीमी नारों से देश वासियों को ६६  सालों तक सुला कर रखा  है... (१९ महीने के “जय जवान –जय किसान के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नारे को छोड़कर)

मेरे फेस बुक व वेबस्थल  का स्लोगन है   Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold.