Tuesday, 11 October 2016

मोदीजी आपका विश्व में जलवा है, महंगाई से देश के जवानों व किसानों के हाथ से तलवा में जलन है .., आपके जलवा के बावजूद माफिया का जीवन “हलवा”और पुरी से सम्पूर्ण पूरी है.. देश में ही ५०० लाख से अधिक का काला धन है..


मोदीजी आपका विश्व में जलवा है, महंगाई से देश के जवानों व किसानों के हाथ से तलवा में जलन है .., आपके जलवा के बावजूद माफिया का जीवन “हलवा”और पुरी से सम्पूर्ण पूरी है.. देश में ही ५०० लाख करोड़ से अधिक का काला धन है..

इस गठबंधन से देश में विदेशी इशारों से धर्म परिवर्तन, घुसपैठियों की आड़ में वोट बैंक की तिजोरी राष्ट्र परिवर्तन की चाबी है...

किसान की फसल को देश के माफिया रूपये में खरीद कर डॉलर में बेच कर, माल से एक नए ताल से “अच्छे दिन” का उपहास कर देश के गरीब उपवासी जीवन से आपको ३० महीने के आधे शासन के बाद टुकुर –टुकुर कर आस लगाये बैठें हैं कि अब तो काले धन की वसूली से देश के अच्छे दिन आयेंगें ..

SURGICAL STRIKE से भूखे पेट वालों का भी सीना भी देश के लड़ने वालों का ५६ इंच का हो गया है...

लेकिन काले धन वालों की कॉलर सफ़ेद करने वालों की आपकी नीती से भूखा – नंगा हिन्दुस्तान अब भी असमंजस से, देश का मजाक खेलने से भ्रमित है...

आपकी लखनऊ यात्रा में रावण के पुतले दहन के व्याख्यान से व्यय के व्याखान से जनता जवाब मांगती है .., माफिया पर कार्यवाही भी राजनेताओं की लीपापोती से देश की मट्टी पलीद हो रही है

याद रहे.., देश के काले धन के घोड़ों के व्यापारी हसन अली पर, विश्व के व्योपार से देश के ६० हजार के टैक्स चोरी पर, जो विश्व के आतंकी अदनान खशोगी जो लिट्टे को हथियार बेचता था. उनसे अली ने जो डील कराई, से हथियारों की मिली यह पैसा उसी का रिवॉर्ड था. इसी मिली भगत से ५ साल पहिले देश की खुफिया द्वारा रेड कार्नर नोटिस जारी करने के बाद प्रत्यपर्ण से देश की अदालतों ने क़ानून को लात मारकर नौकरशाही-जजशाही की मिलीभगत ने ही २४ घंटे में जमानत देकर देश की अमानत से भूरी-भूरी प्रशंसा की.., अब वह धन स्विस बैंक से गायब हो चुका है..., और 
विभिषण ने राम से कहा कहा था आप रावण के दस सर काटों तो २० सर पैदा होंगें आप रावण के नाभी में अमृत की चाबी है .., उसको निशाना लगाए बिना युद्ध लड़ना व्यर्थ है .

आज यही अमृत देश की नौकरशाही-जजशाही-नौकरशाही-मीडियाशाही की शह पर सुरक्षित है.. अब नाभि की नीचे अंगों की नसबंदी जरूरी है ताकि ऐसे नस्ल की पीढी का जन्म न हो 
आज देश का काला धन छुपाने के लिए REAL ESTATE व शेयर बाजार व सोने की ईट एक सुरक्षित पनाहगार है.., जिससे २००४ में १० लाख के कीमत के घरों की कीमत, आज काले धन को सफ़ेद करने के लिए आज १ करोड़ से ज्यादा हो गई है. और इमानदारी से धन कमाने वाला शहरों में घर खरीदना एक सपना बन रहा है.


आज ही नहीं मुन्ना मौन मोहन के कार्यकाल में भी खुफिया तंत्र द्वारा RBI को बार –बार चेताया गया था..., शेयर बाजार काले धन को सफ़ेद धन करने का अड्डा है..

शेयर बाजार जब तक देश के जवानों व किसानों के मुट्ठी बल से ऊंचाई पायेगा तो उस ऊंचाई को विश्व की कोई ताकत ढहा नहीं सकती ...

दोस्तों लिखने के लिए काफी मसाला है ताकि देश की एक नई मशाल से देश की एक मिशाल बने 

अंत में एक ही वाक्य लिखना चाहता हूँ आजादी की भ्रामकता से सत्ता परिवर्तन के बाद साइकिल घोटाले, साइकिल जो हिन्दुस्तानियों का जहाज कहलाता था, , साइकिल के पहिये तो दूर की बात लेकिन लेकिन उसको मजबूत करने वाली तिल्लयों की कीमत भी वसूली नहीं की गई थी .., उसका ही परिणाम है कि आज तक ७० सालों के घोटालों की रकम कैसे वसूली जायेगी.., क्योंकि एक चोर के बाद महाचोर आरोप लगाकर अपने गले में फंदा लगाना नहीं चाहेगा.

मोदीजी आपका विश्व में जलवा है, महंगाई से देश के जवानों व किसानों के हाथ से तलवा में जलन है .., आपके जलवा के बावजूद माफिया का जीवन “हलवा”और पुरी से सम्पूर्ण पूरी है.. देश में ही ५०० लाख से अधिक का काला धन है..
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सरजी STRIKE असफल है काले धन के माफियाओ को माफी नहीं STERILIZATION से जीवाणु –नाशन (नसबंदी ) से नई पीढी की फसल असफल हो भ्रष्टाचार मुक्त भारत हो... 

www.meradeshdoooba.com (a mirror of india) स्थापना २६ दिसम्बर २०११ कृपया वेबसाइट की ५७८ प्रवाष्ठियों की यात्रा करें व E MAIL द्वारा नई पोस्ट के लिए SUBSCRIBE करें - भ्रष्टाचारीयों के महाकुंभ की महान-डायरी

Saturday, 8 October 2016

एक देश, एक खून, एक जूनून, एक क़ानून... जय जवान , जय किसान, जय विज्ञान..पैदा होंगे हर घर में कलाम.., देश को वोट बैंक की राजनीती नहीं “राष्ट्रवाद की रणनीती “ चाहिए....



एक देश, एक खून, एक जूनून, एक क़ानून...
जय जवान , जय किसान, जय विज्ञान..पैदा होंगे हर घर में कलाम.., देश को वोट बैंक की राजनीती नहीं “राष्ट्रवाद की रणनीती “ चाहिए....   

क्या मोदी करेंगे देश के, वोट बैंक के लुटेरों का संहार..,जो बने गरीबों के माल से मालामाल.., इतना धन की ७० सालों से इसे महामंत्र बनाकर, देश के गरीबों को  लहूलूहान कर देश के लहू को देश ही नहीं विदेशों में गुप्त रूप से रखकर, देश की सीमाओं को खोलकर विदेशी घुसपैठ से गरीबी को वोट बैंक की तिजोरी बनाकर.., इस मंगलराज देश को जंगलराज बनाकर अब भी राज कर रहें हैं..
अब नई पीढी तो मीडिया-माफिया- सत्तातंत्र के तांत्रिको से भारत तेरी बर्बादी से टुकड़े होंगें से  लूटतंत्र को लोकतंत्र का नारा कह.., दुनिया में ढिंढोरा कर विदेशी मीडिया से अपनी बानगी से बागी बनकर ..,
अब तो हमारे दुश्मनों की विश्व में तारीफ करते नहीं थकते..
देश की सीमा पर कांग्रेस के १० साल के शासन काल में जवानों के हाथ पाँव बांधकर.., हथियारों के घोटालों का निर्माण कर “भारत निर्माण” से हम भीरू –कायरों देश की जमात में शामिल थे..
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ३० महीनों  में देश के सुरक्षा के शस्त्रों से लैस कर कूटनीती से सीमा ही नहीं दुनिया अचंभित है.., जवानों को खुले प्रहार का आदेश देकर एक बार फिर से “लाल बहादुर शास्त्री के जय जवान का खून प्रवाहित हो गया है..,

अब विपक्षी दल इसे भी सरकार पर  वोट बैंक से जवानों की खून की दलाली का आरोप लगाकर.., अपनी गुर्दुल्ली नीती से देश को नीचा दिखाने की होड़ से पकिस्तान मीडिया में हमारे देश में एक नया  वोट बैंक बनाने के लिए TRP में नंबर १ के कुर्ता फाड़कर दौड़ लगा रहें हैं 

Sunday, 2 October 2016

२ अक्टूबर का जन्म दिवस, देश के भाग्य विधाता लाल बहादुर शास्त्री का जन्म दिन ह्त्या दिवस से शोकांकित हो गया गांधी जवाहर के जहर, जिन्नाह के जिन्न व गांधी की गंदी राजनीति से देश खंडित हुआ


शास्त्रीजी.., आप रूस मत जाओ.., हम जीते हुए राष्ट्र है, विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को हमारे देश बुलाओं , आप रूस जाओगे तो वापस नहीं आओगें और हमारे द्वारा जीता भाग भी लुटा आओगे..

२ अक्टूबर का जन्म दिवस,  देश के भाग्य विधाता लाल बहादुर शास्त्री का जन्म दिन ह्त्या दिवस से शोकांकित हो गया गांधी जवाहर के जहर, जिन्नाह के जिन्न व गांधी की गंदी राजनीति से देश खंडित हुआ था , मात्र १८  महिने में नेहरू की दुर्बल शाही की अय्यासी चीन से हार व  नेहरू के सोच की  शौच को साफकर व  देश के जवानों व किसानो की जय की राष्ट्रवादी सोच से देश की काया पलट कर देश विश्व गुरु की दहलीज में पहुँच कर अमेरिका के TIME पत्रिका ने भी शास्त्री का लोहा माना 
१. ताशकंद जाने से पहले वीर सावरकर ने लालबहादुर शास्त्री को चेताया और कहा “शास्त्रीजी हम जीते हुए राष्ट्र है , रूस के प्रधान्मत्री को हमारे देश मे बुलाओ, यदि आप ताशकंद जाओगे तो वापस नही आओगे.. और हमारे द्वारा जीता भाग भी लुटा आओगे..
उनकी यह भविष्यवाणी सच हुई,
२. ९ जनवरी १९६६ की रात लालबहादुर शास्त्री ने ताशकंद से अपनी पत्नी ललिता शास्त्री को फोन कर कहा “मैं हिन्दुस्तान आना चाहता हूँ, यहां, मुझ पर हस्ताक्षर करने के लिए दवाब डाल रहें है..., मुझे यहां घुटन हो रही है...
देश के सत्ता की राजनयिक फौजे बार-बार, शास्त्रीजी से कह रही थी..., भले हम युद्ध जीत गये हैं, यदि आप हस्ताक्षर नहीं करोगे तो आगे अन्तराष्ट्रीय बिरादरी एकजुट होकर देश की आर्थिक स्तिथी बिगाड़ देगी...
३. इसके बाद उनके कड़े मंसूबे, हमारे देश के सत्ता की राजनयिक फौजे तोड़ने में कामयाब हो गयी.., १० जनवरी १९६६ के शाम ४.३० बजे , शास्त्रीजी ने जीती हुई जमीन वापस लौटाने व शांती समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद, उनके पुत्र अनिल शास्त्री को कहा गया ..., वे देश के प्रधानमंत्री हैं, उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें विशेष आवास में अकेले में सुरक्षित रखना होगा प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के ताशकंद समझौते के बाद ८ घंटे के बाद , ११ जनवरी तड़के १ बजे,पाकिस्तानी रसोईये द्वारा रात को दूध पीने के बाद उनकी मौत हो गई, मौत के समय उनके कमरे मे टेलिफोन नही था, जबकि, उनके बगल के कमरे के राजनयिकों के कमरों मे टेलिफोन था, उनकी मौत की पुष्टी होने पर राजनयिकों की फौज दिल्ली मे फोन लगा कर चर्चा कर रहे थे कि अगला प्रधानमंत्री कौन होगा ?
४. अंत तक ललिता शास्त्री गुहार लगाती रही, मेरे पति की मौत की जाँच हो, आज तक सभी सरकारों द्वारा, कोइ कारवाई नही हुई?,
५. इस रहस्य को जानने के लिये, आर.टी.आई. कार्यकर्ता अनुज धर ने एडी चोटी का जोर लगाने के बाद, सरकार की तरफ से जवाब मिला कि यदि हम इस बात का खुलासा करेगें तो हमारे संबध दूसरे देशों से खराब हो जायेगें ?
६. और एक राष्ट्रवादी प्रधानमंत्री बेमौत, मौत् का शिकार हो गया., और…..? अपने परिवार के पीछे छोड गया……, सिर्फ और सिर्फ……?????, कर्ज का बोझ?.
७. देश का एक लाल, लाल बहादुर शास्त्री, जब प्रधानमंत्री बने, तब देश मे विकट परिस्थीतिया थी, देश भुखमरी के कगार मे पहुँच रहा था, सीमा पर दुशमनो की तोपें आग उगलने की तैयारी मे थी. जिन्होने “जय जवान – जय किसान” के नारे से दुश्मनों को सबक सीखाकर देश मे हरित क्रति के साथ-साथ श्वेत क्रांति की, प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 19 महिने के प्रधानमंत्री के कार्यकाल की कामयाबी से नेहरू द्वारा किया गया भ्रष्टाचार का शौच साफ कर दिया था…., नेहरू के चमचे नेताओ की अय्याशी खत्म कर, उन्हे आम नेता बना दिया था…???
८. देश की जनता उनकी कायल थी, उनके आवाहन को जनता, सर आँखो मे रखकर , उन्हें देश का भाग्य – विधाता मानती थी,
९. उनकी साफ सुथरी छवि के कारण ही उन्हें 1964 में देश का प्रधानमन्त्री बनाया गया। उन्होंने अपने प्रथम संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि उनकी शीर्ष प्राथमिकता खाद्यान्न मूल्यों को बढ़ने से रोकना है और वे ऐसा करने में सफल भी रहे। उनके क्रियाकलाप सैद्धान्तिक न होकर पूर्णत: व्यावहारिक और जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप थे।
१०. निष्पक्ष रूप से यदि देखा जाये तो शास्त्रीजी का शासन काल बेहद कठिन रहा। पूँजीपति देश पर हावी होना चाहते थे और दुश्मन देश हम पर आक्रमण करने की फिराक में थे।
1965 
में अचानक पाकिस्तान ने भारत पर सायं 7.30 बजे हवाई हमला कर दिया। परम्परानुसार राष्ट्रपति ने आपात बैठक बुला ली जिसमें तीनों रक्षा अंगों के प्रमुख व मन्त्रिमण्डल के सदस्य शामिल थे। संयोग से प्रधानमन्त्री उस बैठक में कुछ देर से पहुँचे। उनके आते ही विचार-विमर्श प्रारम्भ हुआ। तीनों प्रमुखों ने उनसे सारी वस्तुस्थिति समझाते हुए पूछा: "सर! क्या हुक्म है?" शास्त्रीजी ने एक वाक्य में तत्काल उत्तर दिया: "आप देश की रक्षा कीजिये और मुझे बताइये कि हमें क्या करना है?"
११. शास्त्रीजी ने इस युद्ध में नेहरू के मुकाबले राष्ट्र को उत्तम नेतृत्व प्रदान किया और जय जवान-जय किसान का नारा दिया। इससे भारत की जनता का मनोबल बढ़ा और सारा देश एकजुट हो गया। इसकी कल्पना पाकिस्तान ने कभी सपने में भी नहीं की थी।
१२. लाल बहादुर शास्त्री के आगे प्रधानमंत्री पद पर रहना, दुनिया के देशों को इतना डर नही था.., जितना इंडियन काग्रेसीयों को, वे इस डर को पचा नही पा रहे थे, उन्हे डर था कि राजनीती अब नेताओ की मजदूरी हो जायेगी, सादगी की वजह से उनकी अगली पीढी भी मजदूर बनना पसंद नही करेगी, और वंशवाद खत्म हो जायेगा. और उन्होने इंदिरा गाधी को ब्रिटेन मे भारत का उच्चायुक्त बनाने का संकेत दे दिया था.
१३. आखिरकार रूस और अमरिका की मिलीभगत से शास्त्रीजी पर जोर डाला गया। उन्हें एक सोची समझी साजिश के तहत रूस बुलवाया गया जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया, हमेशा उनके साथ जाने वाली उनकी पत्नी ललिता शास्त्री को बहला फुसलाकर इस बात के लिये मनाया गया कि वे शास्त्रीजी के साथ रूस की राजधानी ताशकन्द न जायें और वे भी मान गयीं, अपनी इस भूल का श्रीमती ललिता शास्त्री को मृत्युपर्यन्त पछतावा रहा.
१४. जब समझौता वार्ता चली तो शास्त्रीजी की एक ही जिद थी कि उन्हें बाकी सब शर्तें मंजूर हैं परन्तु जीती हुई जमीन पाकिस्तान को लौटाना हरगिज़ मंजूर नहीं. काफी जद्दोजहेद के बाद शास्त्रीजी पर अन्तर्राष्ट्रीय दबाव बनाकर ताशकन्द समझौते के दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करा लिये गये.
उन्होंने यह कहते हुए हस्ताक्षर किये थे कि वे हस्ताक्षर जरूर कर रहे हैं पर यह जमीन कोई दूसरा प्रधान मन्त्री ही लौटायेगा, वे नहीं। पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब ख़ान के साथ युद्धविराम के समझौते पर हस्ताक्षर करने के कुछ घण्टे बाद 11 जनवरी 1966 की रात में ही उनकी मृत्यु हो गयी। यह आज तक रहस्य बना हुआ है कि क्या वाकई शास्त्रीजी की मौत हृदयाघात के कारण हुई थी? कई लोग उनकी मौत की वजह जहर को ही मानते हैं।
१५. प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के ताशकंद समझौते के बाद , रात को दूध पीने के बाद उनकी मौत हो गइ, मौत के समय उनके कमरे मे टेलिफोन नही था, जबकि, उनके बगल के कमरे के राजनयिकों के कमरों मे टेलिफोन था, उनकी मौत की पुष्टी होने पर राजनयिकों की फौज दिल्ली मे फोन लगा कर चर्चा कर रहे थे कि अगला प्रधानमंत्री कौन होगा ?
यही हाल वीर सावरकर के जीवन के साथ भी, लालबहादुर शास्त्री के मौत के सदमे के बाद,वीर सावरकर बिमार होते गये ,उन्होने कहा “अब देश गर्त मे चला गया, अब मुझे इस देश मे जीना नही है” वीर सावरकर ने दवा लेने से इंकार कर दिया, एक बार डाक्टर ने उन्हे चाय मे दवा मिला कर दी, तो वीर सावरकर को पता चलने पर उन्होने चाय पीना भी बंद कर दिया , और एक राष्ट्र का महानायक इच्छा मृत्यु (कहे तो आत्महत्या) से चला गया.
वीर सावरकर की यह भविष्यवाणी भी सही निकली ……?????
शास्त्रीजी को उनकी सादगी, देशभक्ति और ईमानदारी के लिये आज भी पूरा भारत श्रद्धापूर्वक याद करता है
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आओ शास्त्रीजी, ताशकंद में तुम्हारी विजय पताका को ताश के महल के पत्तों की तरह ढ़हा कर, तुम्हारा काम तमाम करता हूं...
मेरे पति का शरीर जहर से नीला पड़ गया है.., इनके शव-विच्छेदन से जांच की जाए...

Saturday, 1 October 2016

मोदी V/s मुन्ना मौन मोहन सिंह नवरात्री के अवसर पर मोदी के जिगर की लहर.., पकिस्तान पर भारतीय सेना का कहर... पाकिस्तानी सेना सदमे से सब दमें के शिकार



 Repost October 15, 2014 · मोदी V/s  मुन्ना मौन मोहन सिंह
नवरात्री के अवसर पर मोदी के जिगर की लहर.., पकिस्तान पर भारतीय सेना का कहर... पाकिस्तानी सेना सदमे से सब दमें के शिकार
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कृपया जरूर पूरा पढ़े,, “सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं झुकने दूंगा ...”
''
ना मैं खाता हूँ और ना ही खाने देता हूँ '' लालच देने वालों से अपना उपवास नहीं तोड़ता हूँ, क्योंकि मैं हिंदु राष्ट्रवादी हूँ..

वही देश को डूबाने वाले प्रधानमंत्री अनर्थ,व्यर्थ,मंद मोहन का बयान ...
जिससे सत्ता के भ्रष्टाचारीयों बने भाग्यवान..,

“
प्रधानमंत्री पद, तो, मेरे लिए तारों के पार की दुनिया है..,””
क्या प्रोग्राम है आज के. दिन के १२ बजे से, रात के १२ बजे तक का ...
१. मंद मोहन का मौन..., उड़े जनता का चैन .., मनमोहन .., “मेन” मोहन के नाम से कान्ग्रेसिओं को लूटने का मिले दाम...
२. मनमोहन की विदेशी यात्रा,मिले सहयोगियों को लूटने की भारी मात्रा ...
३. मनमोहन का विदेशी धन का कटोरा.., माफिया बना लुटेरा..
४. कहें एक ही शब्द बार-बार, प्रधान मंत्री पद तो मेरे लिए तारों के पार की दुनिया है.., और क्या प्रोग्राम है आज के दिन के १२ बजे से रात के १२ बजे तक का ...
५. जी यह है..,प्रोग्राम की सूची ...
दोपहर १२ बजे, विदेशी नेताओं के साथ शाही भोज का
६ . शाम ४ बजे, कुपोषण पर रटाया –पढ़ाया भाषण
६ रात ८ बजे “भारत निर्माण” के नारे से भरमाकर एक योजना का ऐलान’.., और इस खामियाजे का जनता भरे चालान...
७ रिमोट तंत्र से, री - वोट बैंक के खेल का ख़त्म हो गया मंत्र ..,
८ . अब .., माफिया जो खूब पीया था, वह भी प्यासा रहकर हो गया दंग , कैसे टूटा हमारे भ्रष्टाचार का अंग...
९ . L.OC (LINE OF CONTROL=LOVE OF COMBINATION) को प्रेम के मिश्रण से जवानों के अंग हुए छिन्न-भिन्न...
१० दुश्मनों के हथगोलों के सामने , जवानों के हाथ बांधकर .., ख़त्म कर दिया जवानों का हथ व आत्मबल...
११ लोकतंत्र का ४२० वां स्तम्भ भी कर अब पश्चाताप . अमेरिका जाकर जब करे, मोदी की भर्त्सना का आलाप, तो, मिले थप्पड़ों का लोली पॉप..,

१ :::::: नरेन्द्र मोदी::::::

एक शेर के भ्रष्टाचार के जंगल में कदम रखते ही , देश के लकड़बघौ में मचा हाहाकार.., 


२. अब नहीं मिलेगा भ्रष्टाचार लूट के हिस्से का अधिकार,इस बंदरबांट के खेल में विश्व की माफिया भी हो गए लाचार....

३. अब इस शेर की दहाड़ से ब्रिक्स देशों की ईंटे भी टूट गयी.., और अपने दहाड़ से गोल मारकर, हमारे देश को गोल-मोल कहकर.., भ्रष्टाचार से तोड़ मोड़ करने वालों को भी अचम्भे में डाल....

४ . विनम्रता के अभिवादन से मैं झुकता हूँ.. लेकिन मेरे झुकने से मेरी पीढ में वार करने वालों की खबर से खैर रखता हूँ ... 

५ . “न मैं खाता हूं , न खाने देता हूँ...,” राष्ट्रवाद के गीत गाता हूं... , 

६. . अब मेरे मंत्रियों में भी भ्रष्टाचार के भाई- भतीजावाज के जन्त्रीयों की खोज कर दबोचने की ताकत रखता हूं ... 

७.  . मेरी आसमानी गगन की उड़ान में.., जमीन पर भ्रष्टाचारी चीटियों से अलगाववादी, घुसपैठीयों पर भी नजर रखता हूं ... 

८  . १०० दिन की नजर से.., अब मन मौजी मंत्री पर हर दिन नजर व खबर रखता हूं , सत्ता जनता को न सताए इसका गुमान रखता हूं ..

९  . फाईलो, को फैला कर , भ्रष्टाचार के थैला बनाकर , देश को मैला बनाने वाले अधिकारी को,,. धिक्कारी बनाकर , राष्ट्र का प्रहरी बनकर , देश को हरा-भरा कर.., गरीबों की मेहनत को सम्मान देकर उनका जीवन उन्नत करने का जज्बा रखता हूं ,मैं ....
 १०  . मैं भारतमाता के वैभव को भव्यशाली बनाकर, देश को गौरवशाली से विश्वगुरू के नए युग की शुरूवात का संकल्प लेकर, अपने ध्येय को पूरा करने का माद्दा रखता हूँ....