Monday, 6 June 2016

आरक्षण को वोट बैंक का तोहफा मानकर हर सरकारों ने देश को पीछे ही सरकाया.., गरीब जनता की काया में भूखमरी का साया.. ऊपर से आरक्षण का तड़का , इस झांसे मे देश भटका ..



आरक्षण की आग., देश रहा है.., हांफ..., महंगाई निकाल रही है जनता का भाप.., आरक्षण के मसीहा, इस दंश के पाप से, अपने को कह रहें हैं, देश का बाप.., आप ..बाप.., पाप..खाप .., पार्टियों के श्राप से देश लहुलूहान.., फिर भी सत्ताखोरों के अपने “आराम हराम है” “गरीबी हटाओं”  मेरा भारत महान से अच्छे दिनोंके झांसे से”..., प्रतिभाओं के कच्छे पहिनने के दिन आ रहें हैं.., 

आरक्षण को वोट बैंक का तोहफा मानकर हर सरकारों ने देश को पीछे ही  सरकाया.., गरीब जनता की काया  में भूखमरी का साया..
ऊपर से आरक्षण का तड़का , इस झांसे मे देश भटका ...याद रहे संविधान मे पहली बार दलित व पिछड़े जाती को 22.5% आरक्षण... 10 सालो के लिए उपलब्ध कराया गया था , बाद मे 33% और आज तो इसे दल-हित (दलित) मानकर , और आज यह 49% तक पहूंच गया है, यह तो सुप्रीम कोर्ट का अहसान माने कि उन्होने धर्मो के नाम पर आरक्षण को खारिज कर दिया है , नही तो आज, यह 100% आरक्षण भी कम होता , देश मे आरक्षण के नाम पर हजारों नये विद्धालाय, महाविद्धालाय बनाने पड़ते, दोस्तों...??? यह वोट बैंक के असुरों का, यह राष्ट्र का भक्षण है .

आरक्षण का १० साल का प्रयोगात्मक , लगी  इस प्रयोग से देश में आग.., हरियाणा हुआ जल कर ख़ाक, सरकार हुई बेबस , देश की असाधारण प्रतिभाएं भाग रही हैं विदेश और बना रहीं है विश्व को उन्नत ,  आरक्षण से देश की  अवनीती . विश्व  के घोंगा देश भी अपनी धीमी व मजबूत राहों से अपनी मंजिले पा कर १३० करोड़ की आबादी वाला देश को चुनौती दे रहा है  

१. छुवा-छुत/आरक्षण को कछुवा बनाकर संविधान की आड़ से हमारे सत्ताखोरों ने १० सालों के 22.५% प्रायोगिक तौर के परप्रयोजन से , इन कछुओं की मोटी खालों को अपना ढाल बनाकर सुरक्षता पूवर्क वोट बैंक से खरगोशी प्रतिभाओं की खाल निकालकर लहूलुहान कर संविधान का गुण गान कर, पंगु बनाकर, देश को विदेशी हाथ विदेशी साथ विदेशी विचार विदेशी संस्कार से देश को कछुआ चाल से चलाकर, विदेशी कर्ज को मर्ज मानकर , देश को गर्त में डालकर, अब भी गर्वित हैं.

२. अब आरक्षण की तलवार से प्रतिभा के भक्षण की , एक नई धार से, नेताओं के वोट बैंक की दांत की चमक के पैने पन की तस्वीर से, आज देश ऊंचाई को छूने की बजाय बौनाहोते जा रहा है..,

३. अब पटेल आरक्षण की आग पुरे देश में पेटने की तैयारी .., क्या..??, सरकार घुटने टेक देगी.., या देश गुर्जर आन्दोलन की तरह सुलगते, गुजरे जमाने में रहेगा.., सत्ताखोरों की रोटी सेकते रहेगा.., देशवासी अब सकते में है..!!!

४. दोस्तों सत्ता परिवर्तन को आजादी कह.., देश को अशिक्षा से अंधापन कर .., अंग्रेजों के संविधान का अनुसरण कर ०.१% अंग्रेजी बाबुओं की औलादें जो विलायती शिक्षा से अंग्रेजों के संविधान में आस्था की प्रतिज्ञा से खाओ अंग्रेजी , पियों अंग्रेजी सोओ अंग्रेजी , जागो अंग्रेजी, थोपो अंग्रेजी ने विदेशी भाषा से गोरे अंग्रेजों के काले बादल की गुलामी को प्रतीक बनाकर, इस बादल से काले धन की बरसात से मालामाल हो गयें और आम हिन्दुस्तानी अवसाद से बेहाल हो गया है. 

५. राख तले चिंगारी के प्रतिभा में पानी फेर कर शिक्षा को कीचड़ बनाकर, देश बदबूदार हो गया है
.
६. सत्ता का एक फंडा है, देश में सत्ताखोरों का एक गोरख़ धंधा है ..,५०% आरक्षण से देश की आधी प्रतिभा गायब, और व्यापम के इस नए प्रकार के तड़के से इस आग में हजारों प्रकार के घोटालों के उत्प्रेरकों देश के ऊतक 30-४०% शिक्षा, अकर्मण्य छात्रों को पिछले दरवाजे से प्रवेश.., जो बचे शेष १०-२०% प्रतिभावान छात्र वे देश के इस मकड़जाल से, अपने अगली पीढी का भविष्य संवारने विदेशों में पलायन कर, अपनी प्रतिभा से विश्व को गौरान्वीत कर रहें हैं
.
७. १९४७ में विश्व के 100 से अधिक देश हमसे पिछड़े थे..,लेकिन अपनी मजबूत इच्छा बल से बिना आरक्षण के, घोंघा चाल से एक दृण मंजिल पाने से, उन्नत देशों की कतार में शामिल हो गयें है..

८. देश के खरगोश आज आरक्षण के जहर से, बेहोश होकर मर रहें हैं., देश का मर्ज, आरक्षण व कर्ज से नहीं, देश के १२५ करोड़ जनता को सम्मान व प्रतिभा के आंकलन से, आगे बढ़ने से ही.., देश आगे बढेगा

९. Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold.

यह राष्ट्र का विकास दिवस नहीं ...,पतन दिवस बनते जा रहा है...,
कहीं शिक्षा घोटाला, -अभी का ताजा शिक्षा व्यापार का मध्य प्रदेश सरकार के संस्कार से व्यापम घोटाला, जो धनाढ्य व मंत्री , नौकरशाही वर्ग के पास मुन्ना भाई M.B.B.S. (महान भारत भ्रष्टतम सेवा) का लाईसेंस ( LIE –SENSE –झूठ का यंत्र ) व शहरी दलितों के दल-हित के वोट बैंक के नाम से क्रीमी लेयर से , सत्ता की माखन हांडी में अधिकार..., व देश के सुदूर इलाकों के गरीबों /दलितों का बहिष्कार
आज इसी आड़ में ...???, देश का हर दिन ..., प्रतिभा का भक्षक दिवस है , आरक्षण से राष्ट्र का भक्षण हो रहा है, कंहा गई... गुरुकुल की परंपरा, जब गुरु की शिक्षा से, विधार्थी के कुल परिवार का उद्धार होता था ...??? , आज का शिक्षण, घर बार बेचकर , बेरोजगारी से एक उधार करण की नीति है.... 

१०   आज शिक्षा व्यवस्था मे सुपर 30 वाले गुरु कहां गायब हो गए है...????, बिहार के आनन्द कुमार, जो दिन मे पढ़ते थे, और घर चलाने के लिए, शाम को माँ के बनाए पापड़ बेचते थे... यह राजनेताओ को एक झापड़ /थप्पड़ है और सिद्ध कर दिया कि, दलित के नाम पर वोट बैक के नाम पर दल-हित से ज्यादा नेताओ का स्वहित ज्यादा है ... आनन्द कुमार, जिन्होने ने हर धर्म जाती की प्रत्तिभा को निखार कर दुनिया मे हलचल कर दी है, आज जापान जैसा देश उनके पढ़ाने की कला से प्रभावित हो कर, एक पुस्तक प्रकाशित कर , उनका अनुसरण कर रहा है, आनंद ने कहा है आज के छात्र , शिक्षा को खरीद कर, पैसे की चमक मे..., मृगतृष्णा की तरह भाग रहे है... आज 1000 छात्रो मे 5 छात्र ही शिक्षक बनते है. , जिसके वजह से अकुशल शिक्षकों के, आधा अधूरा ज्ञान से , बैलगाड़ी की तरह, देश की प्रतिभा चल रही है.

११.    आनन्द, आज, आप... और... केवल आप ही ... देश के पतिभाओ के लिए एक सुपर आनन्द हो .... आनन्द कुमार की प्रसिद्धि सुपर-३० की अद्वितीय सफलता के लिए है। वर्ष २००९ में पूर्व जापानी ब्यूटी क्वीन और अभिनेत्री नोरिका फूजिवारा ने सुपर 30 इंस्टीट्यूट पर एक डाक्यूमेंट्री फिल्म भी बनाई थी। इसी वर्ष नेशनल जियोग्राफिक चैनल द्वारा भी आनंद कुमार के सुपर ३० का सफल संचालन एवं नेतृत्व पर डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाई गई थी। समाज के गरीब तबके के बच्चों को आईआईटी जेईई की प्रवेश परीक्षा के लिए मुफ्त तैयारी कराने वाले गणितज्ञ आनंद कुमार को प्रसिद्ध यूरोपीय पत्रिका फोकस ने असाधारण लोगों की सूची में शुमार किया है। पत्रिका के आलेख में लिजा दे क्यूकेलियर ने लिखा है कि आनंद असली जुझारू नायक की तरह हैं, जो माफिया की धमकी के बावजूद गरीब बच्चों को ज्ञान दे रहे हैं। उन्होंने 330 बच्चों को अपने मार्गदर्शन में आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में सफलता दिलाई है। लोकप्रिय विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इतिहास, स्वास्थ्य और सामाजिक विषयों पर रोचक और ज्ञानवर्धक आलेख प्रकाशित करने वाली इतालवी पत्रिका ने अपने एक लेख में आनंद को असाधारण प्रतिभाओं में शुमार किया है। 

भ्रष्टाचारीयों के महाकुंभ की महान-डायरी

Thursday, 2 June 2016

आज ही के दिन २ जून १९६४ को मैं देश का प्रधानमंत्री बना. मेरी काया तो ४८ इंच से कम थी मेरे मन में जीवन काल में प्रधानमंत्री बनने की महत्वकांशा कभी नहीं रही .


जरूर पढ़े.., मैं लाल बहादुर शास्त्री बोल रहा हूँ , (नरेन्द्र मोदी के अच्छे दिन के  २ साल V/s शास्त्री के जय-जवान, जय किसान के १८ महीने)

मुझे गर्व है कि आप बाल्यकाल में चाय बेचकर प्रधानमंत्री बने..,
लेकिन मेरा बाल्यकाल तो इतनी गरीबी में बिता कि मेरे पास चाय पेनी पीने के पैसे नहीं थे , स्कूल जाते वक्त नाविक को पैसे न देने की स्तिथी में मैं तो गंगा नदी तैर कर स्कूल जाता था

 आज ही के दिन २ जून १९६४ को मैं देश का प्रधानमंत्री बना. मेरी  काया  तो ४८ इंच से कम थी मेरे मन में जीवन काल में प्रधानमंत्री बनने की महत्वकांशा कभी नहीं रही .

नेहरू की मृत्यू के बाद जब कांग्रेस में कामराज व मोरारजी की प्रतिद्वंदिता में कांग्रेस ने आम सहमती से मुझे चुना तो , तो मैंने ठान लिया, यह बड़ा बीड़ा उठाकर  नेहरू द्वारा विदेशी हाथ साथ विचार संस्कार से मैकाले की अंगरेजी बाबुओं की  पीढीयां द्वारा देश को गुलामी से जड़ने का खेल अंतिम चरण में है व  देश के हिंदुत्व के तत्व में विदेशी खून घुल रहा है..,

मैंने  प्रण लिया कि नेहरू के दिन के २५ हजार के खर्चे से देश को कर्ज में डालने के खेल की बजाय, मेरे “गरीबी के धर्म” से प्रधानमंत्री को मिलने  वाली सब सुविधा को त्याग कर, २ जोड़ी धोती कुरते व ३०० रूपये मासिक वेतन से देश को मितव्यता से से देश का धन बचाया .

मैंने कभी अपने कार्यों का प्रचार, विज्ञापन में देश का पैसा नहीं डुबाया.., जनता तो मेरे विचारों की कायल थी देश के माफियाओं को स्वच्छ कर देश स्वच्छ हो गया था.
   
अपने जीवन काल में मुझे अनुभव हवा कि देश की भव्यता के बावजूद देशवासी भूखमरी का शिकार है .., अमेरिका का सडा गेंहू जो सूअर नहीं खाते थे , हमारे देशवासियों को खिलाया जा रहा था.

मुझे मेरे देशवासियों के ५६ इंच के दिल के  जज्बा / क्षमता का ज्ञान था और उनके मुट्ठी बल को सम्मान से ही देश आगे बढेगा. देशी हाथ साथ विचार से मैंने नेहरू के विदेशी विचारों के १८ साल का शौच मात्र १८ महीने में साफ़ कर दिया ,

पाकिस्तान के अमेरिकन उन्नत हथियारों को बाबा आदम जमाने के अंग्रेजों के हथियारों से अमरीका के दानवे दावे का भ्रम तोड़ दिया कि उसके हथियारों को दुनिया की कोई तकर ताकत नहीं तोड़ सकती है. हम पकिस्तान से युध्ह जीतकर देश के जवानो –किसानो के हौसले बुलंद थे.

मैंने  १८ महीनों के कार्यकाल में देश में अकाल व विदेशी आक्रमण के काल के गाल में निगलने वाले अजगरों को अपने फौलादी जिगर से परास्त कर दिया था . युद्द में पाकिस्तानी के पठान कोट के पठानों की कोट उतार कर दुश्मनों ने घुटने टेक दिए थे

देश विश्व गुरू के दहलीज में खड़ा था , दुनिया हमारे जवानों, किसानों  की शक्ति से अचंभित था. तब एक सुनोयजित तरह से विदेशी ताकतों ने देशी गद्धारों के सत्ता सुख के मोह में मेरी ह्त्या कर दी.
 मैंने  १४  महीनों के कार्यकाल में देश में अकाल व विदेशी आक्रमण के काल के गाल में निगलने वाले अजगरों को अपने फौलादी जिगर से परास्त कर दिया था . युद्द में पाकिस्तानी के पठान कोट के पठानों की कोट उतार कर दुश्मनों ने घुटने टेक दिए थे
   
   

(आओं खेले स्वदेशी होली.., लालबहादुर शास्त्री  और वीर सावरकर के विचारों के संग) 

१.चेतो मोदी सरकार.., राष्ट्र तो देशवासिओं के १२५ करोड़ मुठ्ठी बल से उन्नत होगा, विदेशी धन से देश की अवनीती होगी, इस नीती से महंगाई के जूते से जनता की दुर्गती होगी..

कर लो राजनेताओं को मुठ्ठी मेंके माफियाओं के नारों ने देश को कर्ज से डूबाकर, उजाड़ दिया है. किसानों की भूमि छीनकर,, उसे विकासके बहाने देश का बेगानाबना दिया है.., किसान आज कैसा इंसान बन गया है.., आत्महत्या ही उसका धर्म बन गया है .

आप तो, TIME पत्रिका में देशी-विदेशी समर्थन से छाये..., मेरी टाइम पत्रिका में चित्र विदेशीयों शक्तियों द्वारा मेरे देश का लोहा मानने से छपा , मेरा चित्र तो देश के किसानों व जवानों के जज्बे की सलामी स्वरुप छपा.., और उसके बाद, एक सुनियोजित TIMING में मेरी जान भी ले ली

२. आज माफिया वर्ग, जनता की नींद कैद कर. धन के बिस्तर में सोया हुआ है, इन एक एक लोगों के गरीबों से चुराई गई नींद के नोटों को वापस लाने से करोड़ों लोगों को सुख चैन मिलेगा.., मोदीजी..., बच्चा घर में और ढिंढोरा दुनिया में..., गरीबों के कटोरे में निवाला नहीं.., इस देशी BLACK मनी को BACK मनी से देश का उद्धार से विदेशी उधार भी वापस होगा. MAKE–IN-INDIA के देशी धन से ही राष्ट्र बल मजबूत होगा.., विदेशी माफिया के बैंक के बीज के अवशेष अभी भी हमारे देश में ही हैं... 

३. मुझे तो कांग्रेस सरकार ने १८  महीने ही दिए और देश के स्वर्णीम काल के भविष्य देख पाने के पहिले ही..., मेरी ह्त्या कर दी.., मेरी कांग्रेसी पार्टी ही नहीं विश्व को भी भयानक डर था कि मेरा दृण निश्चय था .., देश, विदेशी हाथ, विदेशी बात, विदेशी साथ, विदेशी विचार, विदेशी संस्कार के लगाम का पूर्ण सफाया करने का संकल्प..., जो चंद वर्ष में मेरे कार्यकाल में ही पूरा कामयाब होना था , और देश की खान खदान,ईमान देशी-विदेशी माफियाओं हाथों से निकलने का डर ही मेरे ह्त्या का कारण बना .

४. आज ५०  सालों बाद मैं भी.., रूस के ताशकंद में बंद कमरे में रात में १ बजे दूध पीने के बाद में विदेशी रसोईये का धोखे से जहर पिलाने के बाद की घुटन. को.., आज मेरे, देशवासियों में महसूस कर रहा हूँ, फर्क इतना है कि मैं घुटन से मारा गया, और आज देशवासी घूट घूट के जी रहा है..
कैसे विदेशी हाथ वाले, देशी उद्योगपतियों की आड़ में देश में माफियाराज से देश को गर्त में डालकर आज प्रति व्यक्ती ५० हजार रूपये का कर्ज करने व जवानों व किसानों का पसीना विदेशी बैंकों में कैद कर रखा है
मोदीजी.., आपके तो २४  महीने की सरकार में, आश्वासन से गरीब अब भी घुटन की श्वास में जी रहा है. 

५. देश की भूखमरी को जो नेहरू के कार्यकाल में, अमेरिका का सड़ा गेहूं जो सूअर भी नहीं खाते थे, हम हिन्दुस्तानियों को वह निवाला दिया जाता था.., वह,मैंने वह बंद कर, सम्पूर्ण देशवासी एक दिन भूखे (उपवास) रखेंगे व देश का अनाज बचायेंगे.., इस पर अमल करने के के लिए मैंने परिवार के १० से ज्यादा लोगों द्वारा उपवास रखकर, इस देश के दर्द का अहसास करवाकर देशवासियों को आव्हाहन किया था.., और पूरे देश ने सोमवार के दिन मेरा आदेश मानकर गर्वित थे
मैंने प्रथम संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि मेरी शीर्ष प्राथमिकता खाद्यान्न मूल्यों को बढ़ने से रोकना है और ऐसा करने में मैं सफल भी रहा, मेरे क्रियाकलाप सैद्धान्तिक न होकर पूर्णत: व्यावहारिक और जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने का था .

६. जागो..!!!, मोदी सरकार, मेरे पास तो देश के किसानों के १५० करोड़ का पशु धन था, जो आज भी किसानों का सोना का बिस्कुटहै, इसे, मान धन मानकर, सम्मान देकर.., देश कृषी सोने से, श्वेत क्रांती से गौरान्वित हुआ था, अब आप भी पिछली सरकारों की तरह कत्लखानों को रियायत देकर, देश के लूटेरों से, विदेशी धन की प्यास से किसानों के हाथ कट जाने से..., आत्महत्या को मजबूर कर रहें हैं...आज देश के ३० करोड़ पशु धन से, देश के ३ करोड़ नवजात शिशु, प्रतिवर्ष कुपोषण का शिकार होकर, देश भूखमरी के पाषण युग में जा रहा है.
७. मैं तो देश की आत्मा में किसान, देह में जवान व मस्तिस्क में विज्ञान की विचारधारा से स्वर्णीम हिन्दुस्तान की राह पर चल रहा था..

मैं नहीं चाहता था देश को उद्योपति जनता को लूट कर, राजनीती में माफिया उद्योग का निर्माण हो, इसलिए मैंने बढे उद्योग के जगह लघु उद्योग से समृद्ध कर, जवानों व किसानों में समृद्धी का मंत्र देकर हमारे जय जवान जय किसानों ने देश में हरित क्रांती के साथ श्वेत क्रांती से देश में दूध के नदियाँ व जवानों ने अपने राष्ट्रवादी खून से दुश्मनों के सामने हमारे दोयम दर्जों के हथियार होने के बावजूद, हमारे जवानों के हाथों में देश के जज्बे के निर्माण से हमने पकिस्तान को धूल चटाई थी 

८. देश की २० करोड़ लुंजपुंज नौकरशाही को जगाओ.., पेंशन के लालच / ललक में देश को टेंशन में डालने वाले सरकारी कर्मचारियों को, राष्ट्रवादी जज्बे से जगाओ.., देश की खान खदान नीजी हाथों में देने से पहिले, आप जो ६५% आबादी युवा होने का दंभ भर रहे हो, देश के गरीब, अनपढ़ लोगों को मजदूरी देकर, रोजगार समृद्ध भारत से देश के माफिया उद्योंगों के हाथ काटो.. 

९. मैंने कभी नेहरू के, गांधी - नेहरू द्वारा समृद्ध टाटा बिड़ला बजाज के मिजाज को देखकर उनके तलुवे नहीं चाटे, मुझे तो ५० करोड़ गरीबों के तलुओ की मजबूती का इतना अभिमान था कि देश की कटेंली/ कटींली राह में चलकर भी उनके तलुओं को काँटों की चुभन नहीं होगी..., मुझे भारी कांग्रेस से भारी उद्योग न लगाने का भारी विरोध करने पर कहना पड़ा, जैसे नेहरू को गांधी के विचार पसंद नहीं थे उसी तरह, मुझे गांधी के स्वदेशी विचारसे लघु व ग्रामीण उद्योग से गरीबों को अमीरी रेखा तक पहुँचाना है.., देश का तन-मन धन गरीबों के उत्थान से ही, मजबूत भारत का निर्माण होगा 

१० . मेरा कांग्रेसीयों ने संसद में घोर विरोध किया था, मेरी विचारधारा कांग्रेस को पसंद नहीं थी.. वे हमेशा दवाब डालते थे कि विदेशी कर्ज लेकर देश को उन्न्त बनाओ .., मेरे सिद्धांतो के अनुरूप मैंने कट्टर उदगार दिया..,, “ अभी हम फिरंगियों के २०० वर्षों की गुलामी से आजाद हुए हैं, क्या हम फिर से आर्थिक गुलामी से देश के इतिहास में कैद होने जाएगें.


११.. मुझे देश के गरीबों के बल पर पूरा विश्वास था कि इस देश का सृजन उन्हीके ५० करोड़ हाथों से ही सकता है, गरीबों के बल का मैंने आत्मविश्वास बढाया था व उन्हें सम्मान देकर देश का अभिमान जगाया.., हमारा राष्ट्र, स्वाभिमान की अलख से विश्व के मानचित्र में छा गया था.., मैं चाहता था कि विश्व भी हिन्दुस्तान की विचार धारा की छांव का अहसास कर, अनुसरण, आनंद ले. 

१२. मेरे लिए प्रधानमंत्री पद तो घर के प्रधान जैसा ही था, इस पर गर्वीत नहीं था इसलिए मैंने प्रधानमंत्री आवास लेने से मना कर, “किराये के घरमें सगून से देश में भी गरीबों के गुणोंसे देश में एक उद्भव की आस से, एक उदाहरण से जज्बा फूक दिया था ..., नेहरू के दिन के २५ हजार के खर्च से देश को लूट्वाने के इस खेल को कही कांग्रेसी.., इसे रस्स्सी बनाकर देश को जकड न लें.., इसलिए मैं मासिक ३०० रूपये सरकारी तनख्वाह से अपना हरा भरा परिवार भी गरीबी की खुसहाली में कंधे से कन्धा मिलाकर आनन्दित था. मेरे मंत्री से लेकर मंत्रयालय के कर्मचारी, मेरे इस मजदूरमंत्र से के साथ मजबूत कार्यशैली का हिस्सा बने..

१३ . मोदीजी.., आप तो सुखी है... पुत्र न होने से,पुत्रवाद, वंशवाद का दंश नही है, मोरारजी देसाई को तो उनके पुत्र ने बदनाम किया.. नेहरू की छाया में छुटभय्ये नेताओं ने वंशवाद से गरीबों के बाग़ को नारों के सब्ज्वाद के जहरीले स्वाद से उजाड़ दिया है... 

मेरे परिवार में ६ पुत्र थे ज्येष्ठ पुत्र को हिन्दुजा समूह ने इंजिनियर पद का नियुक्ती पत्र दिया तो मैने अपने पुत्र से एक ही बात की आप, इस पद पर जाओ जरूर, लेकिन इस बात की भनक लगाने नहीं देना कि मैं प्रधानमंत्री की पुत्र हूँ”, लगभग ६ महीने बाद, उस उद्योगसमूह को पता लगाने पर उन्होंने मेरे पुत्र को DIRECTOR (निदेशक) पद की नियुक्ती देने लगे, तब मुझे लगा कि माफिया उद्योग पनप न पाए...,, इसलिए मैंने खुले शब्दों में कहा यदि मेरा पुत्र इस पद के काबिल है तो इसे नियुक्त करें, लेकिन इस देश के प्रधानमंत्री से इसके लाभ की अपेक्षा न करें” 

१४ .पाकिस्तान से युद्ध जीतने के बाद मैं मुम्बई के आजाद मैदान में भाषण के दौरान महाराष्ट्र के कांग्रेसियों ने मेरा उपहास उड़ाया कि यह ४ फुट का लड़का जैसा व्यक्ती क्या देश चलाएगा, मुझे कांग्रेस पार्टी के भीतराघात का आभाष हो चुका है, मेरे साथ रक्षामंत्री यशवंत राव चव्हाण के रूस दौरे में, मेरे मौत के राज को हृदयाघात की घोषणा से देशवासियों के आँखों में धुल झोकने का काम किया

१५.  मेरे हत्या के बाद भी, सभी सरकारों ने, नेहरू की नीती से आराम हरामके अफीमी नारों को जीवंत रख.., इसमें अपने नए नारों का मिश्रण डालकर, भ्रष्टाचार को संजीवनी बनाकर, उद्योग जगत में माफिया मिश्रण से आज गरीबों का जीना हरामकर दिया है.., आज देश की खान खदान, ईमान व तरंग बेचकर.., देशवासियों की उमंगों को हर लिया है..., माफियाओं को सप्तरंगी बना दिया है... 19 महिने के मेरे प्रधानमंत्री कार्यकाल में नेहरू द्वारा किया गया भ्रष्टाचार का शौच साफ कर दिया था…., नेहरू के चमचे नेताओ की अय्याशी खत्म कर, उन्हे आम नेता बना दिया थाताशकंद जाने से पहिले मैंने मेरे भ्रष्टाचारी मंत्री कृष्णामाचारी का इस्तीफा लेकर , कांग्रेसीयों में खलबली मचा दी थी.

१६. मेरे अजीज..., समर्थक..., वीर सावरकर ने ताशकंद जाने से पहले मुझे चेताया और कहा शास्त्रीजी हम जीते हुए राष्ट्र है , रूस के प्रधानमंत्री को हमारे देश मे बुलाओ, यदि आप ताशकंद जाओगे तो वापस नही आओगे.. और हमारे द्वारा जीता भाग भी लुटा आओगे.. काश उनकी बात मानी होती..,

१७. ९ जनवरी १९६६ की रात.., .मौत के एक दिन पहिले, मैंने ताशकंद से अपनी पत्नी ललिता शास्त्री को फोन कर कहा मैं हिन्दुस्तान आना चाहता हूँ, यहां, मुझ पर हस्ताक्षर करने के लिए दवाब डाल रहें है..., मुझे यहां घुटन हो रही है..., क्योंकि मुझे वीर सावरकर की भविष्यवाणी सार्थक होनी नजर आ रही थी 

देश के सत्ता की राजनयिक फौजे बार-बार, मुझसे कह रही थी..., भले हम युद्ध जीत गये हैं, यदि आप हस्ताक्षर नहीं करोगे तो आगे अन्तराष्ट्रीय बिरादरी एकजुट होकर देश की आर्थिक स्तिथी बिगाड़ देगी...

मेरी जीवन संगीनी ललिता शास्त्री जो हमेशा मेरे साथ रहती थी, उन्हें ताशकंत न ले जाने का मलाल है, यदि वह मेरे साथ रहती तो बंद कमरे में मेरी हत्या नहीं होती... जीते जी उसने भी सभी सरकारों से गला फाड़-फाड़ कर गुहार लगाई थी कि मेरी ह्त्या की जांच हो.., सभी सत्तावादियों ने भ्रष्टवादियों के सुख की अनुभूती से इस मामले को दबा दिया.

१८. मोदीजी.., ३ साल पहिले, गांधी की खून से सनी मिट्टी लाठी व चश्मा इंग्लैंड में ८० लाख में नीलम हुई थी बाद में कमल मुरारका ने विदेशी नीलामी को खरीद कर लाने पर, भारत सरकार ने उस पर कस्टम ड्यूटी लगाई, मोदीजी.., आपका, जैकेट ४.३ करोड़ में उद्योग जगत ने खरीद कर, आपको गांधी से ज्यादा महामंडित किया है.., मेरे धोती कुर्ता का राज तो आज भी रूस के ताशकंद में छुपा है, मेरे मौत के समय पहना हुआ धोती कुर्ता तो रूस ने हड़प लिया है.., मेरी मौत का राज जनता को सार्वजनिक करो..., आज के आधुनिक विज्ञान में मेरे धोती कुर्ता की फोरंसिक जांच कर, देशवासियों को बताओ..CONFIDENTIAL कहकर OFFICIAL जानकारी छुपाकर, जनता को गुमराह मत करो...अपना पल्लू झाड़कर, जनता को पिछली सरकारों की तरह लल्लू बनाने का खेल मत खेलों ...

meradeshdoooba डॉट कामं (a mirror of india) स्थापना २६ दिसम्बर २०११ कृपया वेबसाइट की ५४३  प्रवाष्ठियों की यात्रा करें व E MAIL द्वारा नई पोस्ट के लिए SUBSCRIBE करें - भ्रष्टाचारीयों के महाकुंभ की महान-डायरी

जब देश्वासी ६९ सालो से सोये है तो माफिया क्यो न लूटे देश को....??? प्रियंका का चचिया (चूसीया) ससुर बना ... भ्रष्टाचार का असुर, चाचा बना भ्रष्टाचार का खाँचा,जब भतीजा , भये कोतवाल तो डर काहे का , और भारत मैया (भारतमाता-सोने की चिडिया-सोनिया) का हो आशीर्वाद, तो भ्रष्टाचार कर लो मुठ्ठी मे...??? लूट मे 100% की छूट- क्या यह रिश्तों से देश की लूट .... या मेरा देश डूबा... ???


कांग्रेस की प्रियंका बनी प्रिय एक्का व राष्टीय दामाद रोबर्ट वाड्रा बना WIDE ERA - ROBBERY EXPERT SONIA बनी इटली की सोने के चिड़िया.दामाद से इटली के सगे संबंधी हो गए धन से आबाद ..


मुन्ना मोहन के १० साल का मौन.., हर लिया था, जनता का सुख चैन.., राहुल के राहू से कर दिया कांग्रेस का बंटाधार.. 

फेस बुक व वेबस्थल की June 13, 2013 की पुरानी पोस्ट 

जब दामाद बना... देश के भष्टाचार के दाम लेने से आबाद...???? 

जी हाँ, देश का (M.P.) मनी पावर, से भी पावर फुल.. ... वंशवाद तो पहले से ही देश मे दंशवाद है, अब एक नई परम्परा शुरू हो गई है, रिश्तेवाद ...???, जो बंसल के भाजे सिगला ने उन्हे राजनीति मे रिश्वत का कंगला साबित कर दिया...??? 
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लेकिन सोनिया के दामाद के मामले मे प्रधानमंत्रीत कार्यालय के साथ, देश के कानून की पूरी फौज के साथ, देश के सविधान गुरू साँलीसीटर जनरल मोहन पराशर भी दखल के साथ वाड्रा के बचाव मे आ गये है...और कोर्ट ने भी... आर.टी.आई कर्यकर्ता की इस जानकारी की याचिका खरिज कर दी...और अदालत ने कहा यह गोपनिय ( GO+PAY+ NAHEE) है..? क्या अदालत को PAY करने के बाद यह एक कडा निर्णय दिया है ... यह भी एक संशय के घेरे मे है......???????????? 

याद रहे, बीकानेर मे, किसानो के कृषि जमीन किसानो को बेवकूफ बनाकर पानी के भाव से हडपने के मामले कोरपोरेशन बैक ने कहा है 8 करोड के धन निकासी का लोन देने की बात झूठी कही है.. बीकानेर मे 161 एकड जमीन कखरीदी गई दिखाई गई है, वास्तव मे 733 एकड जमीन खरीगी गई थी जिसकी किमत आठ करोड बताई है... , वही हाल डी.एल .फ के हरियाणा जमीन घोटाले के जाँच मे आई.एस आँफिस अशोक खेमका को इमानदारी की वजह से 42 बार तबादला हो चुका है.... आज इस मुनाफे से वाड्रा ने 1 हजार करोड की सपत्ती अर्जित की है... दोस्तो भ्रष्टाचार की रपट खारिज हो चुकी है , देश को चपत लग चुकी है,

दोस्तो, दूसरी 15 दिन पहले की खबर भी जरूर पढ्ना ... जब देश्वासी ६९ सालो से सोये है तो माफिया क्यो न लूटे देश को....??? प्रियंका का चचिया (चूसीया) ससुर बना ... भ्रष्टाचार का असुर, चाचा बना भ्रष्टाचार का खाँचा,जब भतीजा , भये कोतवाल तो डर काहे का , और भारत मैया (भारतमाता-सोने की चिडिया-सोनिया) का हो आशीर्वाद, तो भ्रष्टाचार कर लो मुठ्ठी मे...??? लूट मे 100% की छूट- क्या यह रिश्तों से देश की लूट .... या मेरा देश डूबा... ??? 

भ्रष्टाचारीयों के महाकुंभ की महान-डायरी