Who is in the Epstein files? Gandhi -Nehru and others ….!!!!
Who is in the Epstein files? Gandhi and others…!!!
VALENTINE DAY बनाम WELL-IN-TIME , आज देश, पाश्चात्य संस्कृति के कुआँ में गिरने / गिराने व आज का युवा वर्ग तो प्रभात के ब्रम्ह मुहर्त में उठकर, फेसबुक, ध्वनी यन्त्र में प्रेम मंत्र से अपना व सह्पाठीनीयों के साथ पाठन करता है...
१५ अगस्त के प्रभात फेरिया का, इन प्रेमी फोबियाओं की वजह से आज, आलस दिवस के साथ विश्राम दिवस से देश के विश्वास का श्वास खोता जा रहा है....
१९६२ में भारतमाता के टुकडे करने वाले जवाहर लाल नेहरू ने तो लता मंगेशकर से “ऐ मेरे वतन के लोंगों , ज़रा आँख में भर लो पानी “ के गीत से अपनी कमजोरी छुपा ली थी ...
आज इन तीन शहीदों के फांसी के फरमान के बावजूद , आँखों से पानी नहीं निकले थे..., उनहोंने तो भारतमाता की गोद में सोने में अपना सौभाग्य समझा......
आज का युवा वर्ग पाश्चात्य संस्कृति में मदहोश होकर, मानवाधिकार संगठन भी ढाल बनकर, इनकी हिमायत कर देश को गर्त में डाल रहा है...,
यह मोतीलाल नेहरू का योग या संयोग, कहा जाए, जो १४ फरवरी के ठीक ९ महीने बाद, १४ नवम्बर को जवाहरलाल नेहरू को जन्म दिया...!!!!,
याद रहे..., मोतीलाल नेहरू राजा-महाराजाओं के विवादों के वकालत से अपने बेशुमार आय से, अधिक व्यय-भिचार से हिंदु संस्कृति को भ्रष्ट करने की वजह से काश्मीरी हिन्दुओं ने उन्हें अपने समाज से निकाल फेंका था...
और इसी क्रिया को उनके पुत्र जवाहरलाल नेहरू ने बरकरार रखते हुए..,सत्तालोलुप बनकर, सत्ता परिवर्तन (१९४७) के बाद कहा था
नेहरु का हिन्दू-विरोधी वक्तव्य था... जवाहर लाल नेहरु, बहुत बार कहा करते थे कि ..., “मैं जन्म के संयोग से हिन्दू हूँ, संस्कृति से मुसलमान और शिक्षा से अंग्रेज हूँ.” उन्हें हिन्दुओ की भावना की रत्ती भर भी परवाह नहीं होती थी,जिनके वोटो के बल पर उन्होंने सत्ता प्राप्त की थी.
वही हाल, एक तरफ तो पंडित नेहरु के नाती, राजीव गाँधी का हिन्दू-विरोधी वक्तव्य दिया.., राजीव गांधी ने हिन्दुस्थान का प्रधानमंत्री होते हुए भी सन्डे टाइम लन्दन को एक साक्षात्कार में नि:संकोच कहा की ‘मेरे नाना जवाहरलाल नेहरु एक नास्तिक (एग्नास्टिक) थे. मेरे पिता पारसी (गैर हिंदू) थे, मेरी पत्नी इसाई है, और मैं किसी धर्म में विश्वास नहीं करता.’
क्या..??, एक अय्याश व्यक्ती के नाम “बाल-दिवस” मनाना उचित है..,
देश का बाल दिवस तो हिन्दू संस्कृति के अनुसार “गुड़ी पाडवा” के दिन , नूतन दिवस में, नई किरणों से “बाल निर्माण” के साथ “राष्ट्र निर्माण” की अलख से, हो, तो..., देश एक नए उजाले की ओर अग्रसर होगा.., और देश के २०० सालों की गुलामी से उपजी.., ७९ सालों की अंग्रेजीयत की बीमारी दूर होगी...
देश के धनाड्य वर्गों के, अंग्रेजी संस्कृति का बखान करने वालों को, यह देश का १३१ वां WELL-IN-TIME और CHILDREN DAY- CHILD-MOTHER, RUN DAY के अनुयायिओं को समर्पित...
प्रयत्न व साभार
www.meradeshdoooba.com
www.watankerakhwale.com

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