Sunday, 1 September 2019




एक  सितम्बर ..., राज के सितम अब बनें देश के वर , अब बनकर बन्दर, थोप रहें हैं नए क़ानून के बन्दर बाँट से.., रोड नियम से अपनी कमजोरी छिपाने से बनाएं सरकारी स्वांग से अपनी तिजोरी भरने का काम....!!!!!!!!!!!! 

१.क़ानून के तूने तोड़ी बत्ती पीली..
अब यह है २० हजार की सरकारी थाली...

२. मेरे चेहरे में लाली .., क्यों डरता है खाली पीली... 
दे, दे.., मेरी २ हजार रूपये की सरकारी बोली ..
अब मैं कर दूंगा.., सरकारी झोली खाली..

३. अब भंग करने के बाद RTO का नया रूप, बना रिश्वत ट्रांस्जिक्सन ऑफिस ..., लगा रहा है, देश को ..., भ्रष्टाचार के इंजेक्शन...,

४. गड़करीजी अब होंगे सरकारी मेहमान, मालामाल.., बढ़ जाएगा रिश्वत का जाल ...,

५. सरकारी लकड़बघहों की बहार , जीवन में होगा चमत्कार ..,

६. सरकारी गड्ढे अब बने ..., भ्रष्टाचार के अड्डे.., बनी जनता के गले की हड्डी.., क्योंकि सरकारी कर्मचारी है फिसड्डी...

७. देश में सरकारी गड्ढे बनें सरकारी गद्दी के स्तंभ.., क्योंकि इस भ्रष्टाचार में है दम खंभ ...

८ गड़करीजी..., अब तो सरकारी गद्दीकरी बनकर चलाओ..., स्कूटर बिना हेलमेट के (HELL-नरक , MET –में मिलाना)..क्योंकि आप बैठें हैं सत्ता के स्वर्ग में... 
============

१. सरकारी गड्डे..., बने जम्पदार गद्दे, से.., SPONGE के स्पंजी से रीड की हड्डी से SPONDYLOSIS .. से भ्रष्टाचार का ANALYSIS .., जनता के जीवन के LOSS से (हानी से)..,नीजी नर्सिंग होम हुए मालामाल ..., जनता बेहाल..

२. ट्रैफिक के प्रदूषण से फेफड़े की बीमारी से ..., केकड़े (कैंसर) के जीवन में परिवर्तन... .

३. लोगों के समय की बर्बादी.. बनी , राष्ट्र की बर्बादी ,

४. टायर कंपनी का बढ़े व्यापार.., मुनाफ़ा जोरदार...,

५. गाड़ी के पुर्जे बनाने वालों के बहार..., इंसानी पुर्जे बने, दूसरे दर्जे से.., बेहाल...

६. पेट्रोल से सत्ताखोरों के PET-ROLE के इस भ्रष्ट्राचार से DIESEL (DIL- JAL) के इस दिल जले खेल से जनता घायल.., विदेशी मुद्रा से देश का घाटा.. देश को चुना लगाकर.. सत्ताखोरों अपना सफेदीपन चमकाओ....

७. हर टोल व चुंगी नाका.., सरकारी कर्मचारी बजा रहें है.., देश की पुंगी..., इस खुल्लम खुल्ला के खेल से.., महंगाई से, जनता की खुल रही लूंगी...



८. दोस्तों इस खेल में, देश की हानि को आंका जाय तो चुंगी.., टोल.., रिश्वत..., रोड़ निर्माण घोटालों से..., देश के इस रोड़े से.., वार्षिक, २० लाख करोड़ रूपये से कहीं अधिक धन, सरकारी कर्मचारियों की थालियों में, भेंट चढ़ जाता है... 

९. हमारी तुम्हारी जान बचाने के धोके से रिश्वत के झोके से अब होगा हिन्दुस्तान आबाद ...!!!!

१०. सत्ता के नशेड़ी लोगों को इतनी राजस्व की आमदानी होगी कि हमारी GDP के मूल्य को भी करेगी मात...!!!!, यही है देश की बात बेबाक..!!!

No comments:

Post a comment