Sunday, 17 March 2019

देश का “चौकीदार चोर है” के विरोधी पक्ष की हुंकार से घबराकर सत्ता पक्ष ने अपने सभी मंत्रियों को “मैं भी देश का चौकीदार” के नारों से प्रधानमंत्री से छुटभैय्ये नेताओं ने अपने Twitter खातों का नाम बदल कर अब जनता में भ्रम फ़ैलाने से पहिले तोड़ने में लगें हैं.., यूं कहें “चौकीदार” का मतलब “चाव की दरकार” देश के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर देश के ऐसे चौकीदार थे , जिन्होनें देश के दुश्मनों द्वारा उरी में सेना पर हमला करने वाले ,पाकिस्तान को आगाह किया कि देश दब्बू नेताओं का गुलाम नहीं है.., व surgical strike कर, विरोधी दलों के सबूत की हुंकार को खारिज कर दुश्मनों में खौफ पैदाकर, बता दिया कि हमारी सेना का “हर जवान सीमा से देश का चौकीदार है ..,” देश की सेना के रंग संग.., शत्रुओ में बने दबंग.., काश यदि आज तक रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर स्वस्थ रूप से जीवित रहकर अपने पद में रहते तो डोभाल के संग आज अजहर मसूद से विश्व के अन्य आतंकवादियों का सूपड़ा साफ़ हो गया होता..., व विश्व भी हतप्रभ होता... देश के सच्चे चौकीदार की सादगी के जीवन से राष्ट्र भक्त व देश ही सर्वोपरी के भावना से देश को उन्नत बनाने के मंत्र का सलाम व मनोहर पर्रिकर को श्रधांजलि...



बेबाक पोस्ट .., देश का चौकीदार चोर हैके विरोधी पक्ष की हुंकार से घबराकर सत्ता पक्ष ने अपने सभी मंत्रियों को मैं भी देश का चौकीदारके नारों से प्रधानमंत्री से छुटभैय्ये नेताओं ने अपने Twitter खातों का नाम बदल कर अब जनता में भ्रम फ़ैलाने से पहिले तोड़ने में लगें हैं.., यूं कहें चौकीदारका मतलब चाव की दरकार

देश के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर देश के ऐसे चौकीदार थे , जिन्होनें
देश के दुश्मनों द्वारा उरी में सेना पर हमला करने वाले ,पाकिस्तान को आगाह किया कि देश दब्बू नेताओं का गुलाम नहीं है.., surgical strike कर, विरोधी दलों के सबूत की हुंकार को खारिज कर दुश्मनों में खौफ पैदाकर, बता दिया कि हमारी सेना का हर जवान सीमा से देश का चौकीदार है ..,”
देश की सेना के रंग संग.., शत्रुओ में बने दबंग.., काश यदि आज तक रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर स्वस्थ रूप से जीवित रहकर अपने पद में रहते तो डोभाल के संग आज अजहर मसूद से विश्व के अन्य आतंकवादियों का सूपड़ा साफ़ हो गया होता..., व विश्व भी हतप्रभ होता...

देश के सच्चे चौकीदार की सादगी के जीवन से राष्ट्र भक्त व देश ही सर्वोपरी के भावना से देश को उन्नत बनाने के मंत्र का सलाम व मनोहर पर्रिकर को श्रधांजलि...


फेस बुक व वेब स्थल June 13, 2015 की पुरानी पोस्ट:

१. हमें विश्व गुरू बनना है, तो, वीर सावरकर की विचारधारा को मानना ही पडेगा ..., आज मणिपुर के आतंकवाद का जवाब.., वीर सावरकर की विचारधारा से जाबांजी का ही परिचय है ..

२. आज की ५६ इंच की सरकार”, इस श्रेय से, “११२ इंच का सीना फुलाकर, फूला समाकर. सेना का गौरव व मनोबल बढ़ा रही है..

३. आज, देश के रक्षा मंत्री भी वीर सावरकर की भावनाएं व्यक्त कर , पड़ोसी व दुश्मन देशों में खौफ पसरा है क्योकि 70 सालों से यह देश विदेशी आक्रमणकारियों के लिए पंजरी खाने वाला देश था.

४. श्रेष्ठ कौन..!!!, कलम या तलवार..., स्कूलों में भाषण प्रतियोगितायें होती है .., और मैकाले की शिक्षा प्रणाली में कलम की जीत पर वाक् युद्ध करने वाले को पुरूस्कार दिया जाता है.

५. वीर वीर ही नहीं.., परमवीर सावकर, दुनिया के एक मात्र क्रांतीकारी थे, जिन्होनें समयानुसार, कलम व तलवार..., कलम व पिस्तौल को अपने जीवन में श्रेष्ठ बनाया. इसकी ही छाप से, शत्रु की राजधानी इंग्लैंड में अपना कौशल दिखाया..

६. वीर सावरकर ने, कलम से, भारतीय १८५७ एक पवित्र स्वातंत्र्य समर इतिहास लिखकर” , अंग्रेजों के पसीने छुड़ा दिए..,, वे इतने भयभीत हो गए कि इस इतिहास को बिना पढ़े, बिना प्रकाशन के ही इसे प्रतिबंधित कर दिया, जबकि इसके प्रकाशन की लाखों प्रतिया विश्व में छा गई.., और हिन्दुस्तान की गुलामी व लूट के इतिहास से विश्व परिचित हुआ.

७. याद रहे, इस पुस्तक को पढ़कर, शहीद भगत सिंग में कांती का स्वर बुलंद हो गया.., उन्होंने इस पुस्तक का चोरी छिपे प्रकाशन कर क्रांतीकारियों में बांटी ..., और या पुस्तक क्रांतीकारियों की गीताबन गई.

८. उनका कहना था, अंग्रेजों की बन्दूक से दमनकारी नीती का जवाब काठी नहीं..., राष्ट्रवाद की गोली से देना चाहिए, और जवाब भी दिया.

.,
९. इतनी यातनाए सहने के बाद,कई बार काल के गाल के निकट पहुँचाने के बावजूद , वीर सावरकर के गाल, यूं कहें चेहरे पर शिकन तक नहीं थी.

१०. इस महान क्रांतीकारी को देश के इतिहास कारों , पत्रकारों आज के मीडिया ने गांधी /कांग्रेस के पिछलग्गू बनकर, पेट भरू , बनकर देश के गरीबों के पेट में लात मारकर, आज के देश की मार्मिक तस्वीर दिखाने के बजाय, अय्याशी का मीडिया (साधन) बनाकर, अपनी कलम से अपने पत्रिकाओं के कॉलम (COLUMN) में देश के गौरवशाली इतिहास को भी कभी सामने आने नहीं दिया ..

११. अभी दिल्ली से, भाजपा नेता, सुब्रमनियम स्वामी की एक हल्की सी हुंकार सुनाई दी कि वीर सावरकार को भारत रत्नदेने की .., क्या ये गूँज भी नेपथ्य में खो जायेगी ..

१२. गुणों की खान वीर सावरकर का कितना भी बखान किया जाय कम है

१३. वीर सावरकर ::: एक महान विद्वान ,राजनयिक, , स्टेट्समैन राजनेता, तत्वचिंतक , क्रांतीकारक लेखक, नाटककार, महाकवि, सर्वोत्तम वक्ता, पत्रकार, धर्मशील, नीतीमान, पंडित, मुनि, इतिहास संशोधक, इतिहास निर्माता, राष्ट्रीत्व के दर्शनकार, प्रवचनकार, अस्पर्शयता निवारक, शुद्धी कार्य के प्रणेता, समाज सुधारक, विज्ञान निष्ठा सिखाने वाले , भाषा शुद्धी करने वाले, लिपि सुधारक, संस्कृत भाषा पर प्रभुत्व, बहुभाषिक हिंदुत्व संगठक, राष्ट्रीय कालदर्शन के प्रणेता, कथाकार, आचार्य, तत्व ज्ञानी, महाजन, स्तिथप्रज्ञ, इतिहास समीक्षक, धर्म सुधारक विवेकशील नेता व हुतात्मा थे

१४. दोस्तों इनकी कीर्ती के सामने भारत रत्नतो छोड़ों देश के नोबल पुरूस्कार विजेता व भारत रत्न से सम्मान्नीत महान वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट रमण ने सही कहा था वीर सावरकर की चमक के समक्ष कोहिनूर हिरा भी फीका है..
१५. 70 वर्षों के इतिहास में जिन्होंने देश को १९४७ के पहिले की जनता के सुखमय जीवन को आज गरीबी से ग्रसित किया है (सिर्फ लाल बहादुर शास्त्री क छोड़कर) वे भारत रत्न की शान से आज भी मुहल्ले, गली, शहर में पुतले के साथ अपना नाम कराकर..,जनता को दंश देकर अपनी शान को द्योतक/प्रतीक कह रहें हैं

Friday, 8 March 2019

नारी दिवस .!!!!!, नारी.., इंसानों में सर्वोत्तम तुम ही और केवल तुम ही हो... वेश्या पतिता नहीं होती, पतन को रोकती है / पतित जन की गन्दगी , अपने ह्रदय में सोखती है/ जो विषैलापन लिए हैं घूमते नरपशु जगत में , उसे वातावरण में वह फैलने से रोकती है / यही तो गंगा रही कर , पापियों के पाप धोती , वह सहस्रों वर्ष से , बस बह रही है कलुष ढोती, शास्त्र कहते हैं कि गंगा मोक्षप्रद है, पावनी है , किसलिए फिर और कैसे वेश्या ही पतित होती ? मानता हूँ , वेश्या निज तन गमन का मूल्य लेती , किन्तु सोचो कौन सा व्यापार उनका ,कौन खेती ? और यह भी , कौन सी उनकी भला मजबूरियां हैं , विवश यदि होती न, तो तन बेचती क्यों दंश लेती ? मानता यह भी कि वेश्यावृत्ति , पापाचार है यह , किन्तु रोटी है ये उनकी , पेट हित व्यापार है यह , देह सुख लेते जो उनसे, वही उनको कोसते भी, और फिर दुत्कार सामाजिक भी , अत्याचार है यह गौर से देखो , बनाते कौन उनको वेश्याएं , और वे हैं कौन, जो इस वृत्ति को खुद पोषते हैं ? पतित तो वे हैं , जो रातों के अंधेरों में वहां जा - देह सुख भी भोगते हैं , और फिर खुद कोसते हैं



नारी दिवस .!!!!!, मर्दानी ..., अब भरवाओं.., मर्दों से पानी...
राजनीती से समाज ने तुम्हारी पवित्रता को पतितता से, बेड रूम (BED ROOM-शयनयान) की वस्तु बनाकर, भष्टाचार की ऊंची उड़ान भरी है और देश का बेड-रूप बना दिया है....
नारी तुम सब पर भारी..., अब अपने मर्दों (सरपंच से नेता) से कहों..., अब बेड रूम में तुम्हारे प्रपंच का खेल नहीं चलेगा..., भ्रष्टाचार के प्रपंच की पतितता से अब देश में नारी की कुरूपता का व्यव साय नहीं चलेगा .

आओं.., अपने मर्दों से कहों.., राजनीती की बातें BED-ROOM में नहीं, घर के DRAWING –रूम (बैठक कमरे) में हो..., ताकि, मैं देश की एक नई तस्वीर बना सकूं...

अब तक तो.., देश के मर्द सत्ता के मद में देश का मधु पी रहें थे .....
आओं..., मर्दों से कहो..., देश की महिलाओं को जगाकर कहो.., अब, हम तुम्हारी बैसाखी नहीं..., बच्चा पैदा करने की मशीन नहीं..., अब हमारे संस्कारों की सम्मानता से.., हम देश के हर नागरिकों को समान प्यार से, उनके जीवन की प्रेरणा को और उज्जवलित करेंगें... 

नारी..., तेरा प्यार दिल के आँसुओ से भरा रहता है, तुम्हारा दिल तो वात्सलय से 24 घंटे धडकता.. है... हर दु:ख पहुचाने वाले पति से बच्चे हर सख्श तक को आप माफ कर देती हो.. तकि आप की आँसू से वे अपने गलती का अहसास समझ कर प्रायश्चित (सुधर सके) कर सके
आप तो माँ की रूप में , सौ बार अपने आँसुओ से मौका देती है....माँ.., तेरे आँसु सागर से भी गहरे है. लेकिन तेरे सागर के आँसु तो लोगो को जीवन मे कैसे तैरना है,वह सिखाती है...आज तक तेरे आँसु के सागर कोई भी डूबा नही है...क्यो कि इसमे वात्सलय का नमक है...

आपके खून में ही तो देश का वात्सल्य , अभिमान व देश की हरियाली छीपी है..., तुम आरक्षण की वस्तु नहीं देश के संरक्षण की धारा हो...
हमारे समाज के पिस्सुओं ने देश की बच्चियों से नारी को पतितता से वेश्यावृती के धन से अब बलात्कार की हुंकार भर कह रहें हैं..., युवाओं का यह है अधिकार.., है... 

नारी.., समाज के पिस्सुओं ने देहव्यापार में धकेले ढकेले कर..., तुम्हारी पतितता में भी पवित्रता है..




नारी.., इंसानों में सर्वोत्तम तुम ही और केवल तुम ही हो... 
वेश्या पतिता नहीं होती, पतन को रोकती है /
पतित जन की गन्दगी , अपने ह्रदय में सोखती है/
जो विषैलापन लिए हैं घूमते नरपशु जगत में ,
उसे वातावरण में वह फैलने से रोकती है /

यही तो गंगा रही कर , पापियों के पाप धोती ,
वह सहस्रों वर्ष से , बस बह रही है कलुष ढोती,
शास्त्र कहते हैं कि गंगा मोक्षप्रद है, पावनी है ,
किसलिए फिर और कैसे वेश्या ही पतित होती ?

मानता हूँ , वेश्या निज तन गमन का मूल्य लेती ,
किन्तु सोचो कौन सा व्यापार उनका ,कौन खेती ?
और यह भी , कौन सी उनकी भला मजबूरियां हैं ,
विवश यदि होती न, तो तन बेचती क्यों दंश लेती ?

मानता यह भी कि वेश्यावृत्ति , पापाचार है यह ,
किन्तु रोटी है ये उनकी , पेट हित व्यापार है यह ,
देह सुख लेते जो उनसे, वही उनको कोसते भी,
और फिर दुत्कार सामाजिक भी , अत्याचार है यह 
गौर से देखो , बनाते कौन उनको वेश्याएं ,
और वे हैं कौन, जो इस वृत्ति को खुद पोषते हैं ?
पतित तो वे हैं , जो रातों के अंधेरों में वहां जा -
देह सुख भी भोगते हैं , और फिर खुद कोसते हैं  

Sunday, 3 March 2019

चेतो मोदी सरकार ..., देश युद्ध के मुहाने पर है.., मत करो चुनावी पूर्व पैसों की बौछार.., देश को धन की शक्त जरूरत है ताकि देश सशक्त हो सके... लुंज पुंज सरकारी कार्यालय में नहीं है कर्मचारियों में कोई काम/कर्म का लय, देश की महंगाई दर SINGLE DIGIT (एकल अंक ) में ४% के आस पास जबकि सरकारी कर्मचारियों को (DOUBLE DIGIT) दोहरे अंक के पार १२% का महंगाई मुआवजा...


चेतो मोदी सरकार ..., देश युद्ध के मुहाने पर है.., 
मत करो चुनावी पूर्व पैसों की बौछार.., 
देश को धन की शक्त जरूरत है ताकि देश सशक्त हो सके...

लुंज पुंज सरकारी कार्यालय में नहीं है कर्मचारियों में कोई
 काम/कर्म का लय, देश की महंगाई दर SINGLE DIGIT 
(एकल अंक ) में ४% के आस पास जबकि सरकारी 
कर्मचारियों को (DOUBLE DIGIT) दोहरे अंक के पार 
१२% का महंगाई मुआवजा... 
 
देश का जवान तिरंगे की सेवा में लालायित.., 
अपने प्राण को न्योछावर से अपने देह में तिरंगा लपेटकर
 घर आने को तैयार व स्वीकारे दुश्मन की हर ललकार..
 
देश का किसान मौसम की मार से ज्यादा अपने फसल 
को बेचने से (ज्यादा) बिचौलियों का शिकार , 
नहीं मिल रहा है फसलों का उचित दाम.., 
क्योंकि मंडियों में है बिचौलियों का दंभ .., 
और इस रंग में  बिकाऊ है  देश का  चौथा स्तम्भ
 (मीडिया – माफिया – नौकरशाहों का रंग हैं दबंग )  
 
 

Thursday, 28 February 2019

९४७ में देश आजाद होने पर वीर सावरकर ने आवाहन किया की देश को सुपर पॉवर बनाने के लिए भारत को हाइड्रोजन बम के साथ ध्वनि बम भी बनाना चाहिए . १९४५ में विश्वपटल पर कोरिया को खंडित कर दक्षिण कोरिया पर अमेरिका व उत्तर कोरिया पर रूस का अधिकार हुआ, दोनों कोरिया अपने अपने शुभचिंतकों पर आश्रित व केवल शतरंजी मोहरे बनाकर आपस में लड़ाने का खेल खेल रहे थे . दक्षिण कोरिया तो संपन्न था , उत्तर कोरिया की अर्थव्यस्था कमजोर होने के बावजूद उसने अपनी सीमा व देश की सुरक्षा व बदला लेने की भावनाओं से परमाणु तकनीकी चोरी छुपे खरीद कर किम जोंग के कार्यकाल में हाइड्रोजन बम का परिक्षण कर दुनिया को अचंभित कर सुपर पावर देशों में दहशत पैदा कर दी की कैसे एक छोटा देश दुनिया को बर्बाद कर सकता है...




सावरकर की उक्ती “शक्ती ही शक्ती का सम्मान करती है” , विश्व में दुर्बल बनकर देश का इतिहास नहीं संवारा जा सकता है.
  
जी हाँ .., वीर सावरकर की ४० से अधिक भविष्यवाणियां सार्थक हुई है ..,१९४७ में देश आजाद होने पर वीर सावरकर ने आवाहन किया की देश को सुपर पॉवर बनाने के लिए भारत को हाइड्रोजन बम के साथ ध्वनि  बम भी बनाना चाहिए .

१९४५ में विश्वपटल पर कोरिया को खंडित कर दक्षिण कोरिया पर अमेरिका व उत्तर कोरिया पर रूस का अधिकार हुआ, दोनों कोरिया अपने अपने शुभचिंतकों पर आश्रित व केवल  शतरंजी मोहरे बनाकर आपस में लड़ाने का खेल खेल रहे थे .
दक्षिण कोरिया तो संपन्न था , उत्तर कोरिया की अर्थव्यस्था कमजोर होने के बावजूद उसने  अपनी सीमा व देश की सुरक्षा व बदला लेने की भावनाओं से परमाणु तकनीकी चोरी छुपे खरीद कर किम जोंग के कार्यकाल में हाइड्रोजन बम का परिक्षण कर दुनिया को अचंभित कर सुपर पावर देशों में दहशत पैदा कर दी की कैसे एक छोटा देश दुनिया को बर्बाद कर सकता है...

खासकर इसके निशाने पर अमेरिका है , इसे जानकार अमेरिका के होश फाक्ता  / उड़ गए ..
और जानकार कि इसके  परदे के पीछे चीन की  महत्वपूर्ण भूमिका है.

दक्षिण कोरिया का हाथ थामने के लिए ट्रम्प ने सिंगापूर में एक निस्पक्ष्य जगह सिंगापूर में किम जोंग से मुलाक़ात की ताकि वह अपने परमाणु हथियार  की बलि दे..  लेकिन किम जोंग ने अमेरिका को  टरका दिया लेकिन कोई नए परमाणु हथियार का परिक्षण नहीं किया और अमेरिका सरकार को (अंध) विश्वास में लेकर गुमराह किया

अब अमेरिका सरकार को अपने  तले जमीन सरकते देख , वियतनाम में ट्रम्प सरकार ने किम जोंग को उकसाया की यदि आप परमाणु हथियार को छोड़ दे तो आप को विश्व में एक नंबर की शक्ती बनाने का विश्वास अमेरिका देगा ..अब देखना है की अमेरीकी सरकार इस जाल में किम जोंग को  फंसाकर अपना हित साधने में सफल होती है क्या !!!!!

इस लेख का निचोड़ यही है  की दुनिया को झुकाने के लिए राष्ट्रवाद ही देश की आत्मा है जिसे गीता में कहा गया कि इसको दुनिया की कोई ताकत  भेद नहीं सकती है

Tuesday, 26 February 2019

२६ फरवरी..., वीर परमवीर सावरकर की पुण्य तिथी पर सत्कार, साकार हुई वीर परमवीर सावरकर की उक्ती “शक्ती ही शक्ती का सम्मान करती है” , विश्व में दुर्बल बनकर देश का इतिहास नहीं संवारा जा सकता है अब पकिस्तान प्रहार पर प्रहार.., बनी मोदी की दुधारी तलवार देश में विरोधियों का चीत्कार, कोलाहल.., कहें मोदी नहीं है चित्रकार .., अब मोदी कहें.., इस कोलाहल से बनाऊँ इन्हें कोल्हू का बैल से राजनीती में ध्वस्त करूं इनके विचारों के चित्र का अस्तित्व



२६ फरवरी..., वीर परमवीर सावरकर की पुण्य तिथी पर सत्कार, 

साकार हुई वीर परमवीर  सावरकर की उक्ती “शक्ती ही शक्ती का सम्मान करती है” , विश्व में दुर्बल बनकर देश का इतिहास नहीं संवारा जा सकता है  
अब पकिस्तान प्रहार पर प्रहार..,
बनी मोदी की दुधारी तलवार

देश में विरोधियों का चीत्कार, कोलाहल.., कहें मोदी नहीं है चित्रकार ..

अब मोदी कहें.., इस कोलाहल से बनाऊँ इन्हें कोल्हू का बैल से राजनीती में ध्वस्त करूं इनके विचारों के चित्र का अस्तित्व 

राफेल की धार पहुंची सीमा पार ,
अब नहीं होने दूंगा देश का बंटाधार 
..Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold.


Description
आओं, पार्टी नहीं देश का पार्ट बने, “मैं देश के लिए बना हूँ””, देश की माटी बिकने नहीं दूंगा , “राष्ट्रवाद की खादसे भारतमाता के वैभव से, हम देश को गौरव से भव्यशाली बनाएं

Sunday, 17 February 2019

वीर सावरकर आज भी किसी छद्म भारत रत्न के मुंहताज नहीं हैं , वे आज भी राष्ट्रवाद के सरताज हैं जिसने वीर सावरकर को नहीं पहचाना...., वह ही आज देश को गर्त में डालने वाला वही जवाबदार है....,, गांधी की गंदी राजनीती व जवाहर के अय्याशी व विदेशी हाथ साथ विचार संस्कार का करो त्याग... दोस्तों..., जिस देश में राष्ट्रवाद है वहां जातिवाद, अलगाववाद व घुसपैठियो की पैठ नहीं बल्कि खात्मा है . इसका उन्नत उदाहरण है इजराइल , जिसका छेत्रफल मिजोरम के बराबर व जनसंख्या मात्र ८४ लाख जो उत्तर प्रदेश की आबादी का ३० वां भाग है. जिस देश में एक भाषा है ,एक कानून, मुफ्त शिक्षा से स्वास्थ्य सुविधा व सरकार की घोषणा है कि विश्व में कही भी जन्मा यहूदी , इजराइल का नागरिक है , इजराइल आने पर उसे अपने देश के नागरिक की तरह ऋण व व्यापार व जमीन की सुविधा है.




चेतो मोदी सरकार.., कश्मीर समस्या का समाधान...!!!!, हमारे पास वीर सावरकर हैं लेकिन कांग्रेस ने उनके विचाए गहन कब्र में दफ़न कर  दिए हैं , जबकि इजराइल ने उनकी विचार धारा को अपना कर मोशाद को राष्ट्रवाद की विचारधारा से अपने सीमा पर पसरे अनेक देशों मैं खौफ पैदा कर दिया है की वे उनकी सीमा में घुसने का दुस्शाहश भी नहीं कर सकते हैं.
   
अब भी समय है स्वीकार करो सावरकर के विचार, “नागरिकों का सैन्यीकरण व सीमा की चौकशी के बाद ही देश का शुरू हो विकास मंत्रके इस महान योद्धा के वीर शिवाजी व महाराणा प्रताप के गुण सूत्र के इस सूत्र से इजराइल (इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ६ दिन के दौरे पर विशेष ) राष्ट्रवाद के गुण से, विश्व की मुट्ठी भर आबादी के बावजूद उन्नत व स्वाभिमानी देशों की कतार में शीर्ष में है.

वीर सावरकर आज भी किसी छद्म भारत रत्न के मुंहताज नहीं हैं , वे  आज भी राष्ट्रवाद के सरताज हैं जिसने वीर सावरकर को नहीं पहचाना...., वह ही आज देश को गर्त में डालने वाला वही जवाबदार है....,,

गांधी की गंदी राजनीती व जवाहर के अय्याशी व विदेशी हाथ साथ विचार संस्कार का करो त्याग...

दोस्तों..., जिस देश में राष्ट्रवाद है वहां जातिवाद, अलगाववाद व घुसपैठियो की पैठ नहीं बल्कि खात्मा है .

इसका उन्नत उदाहरण है इजराइल , जिसका छेत्रफल मिजोरम के बराबर व जनसंख्या मात्र ८४ लाख जो उत्तर प्रदेश की आबादी का ३० वां भाग है.
जिस देश में एक भाषा है ,एक कानून, मुफ्त शिक्षा से स्वास्थ्य सुविधा व सरकार की घोषणा है कि विश्व में कही भी जन्मा यहूदी , इजराइल का नागरिक है , इजराइल आने पर उसे अपने देश के नागरिक की तरह ऋण व व्यापार व जमीन की सुविधा है.

मोदीजी आप कह रहें है की हमें गर्व है की हमारी ६५% आबादी ३५ साल की से उपर है , अर्थात ७५ करोड़ है ..,

यदि हम आपसी मतभेद भुलाकर, देशवासियों की १५० करोड़ भुजाएं के संगठन से हमारा देश इजराइल से १०० गुना मजबूत होकर चंद दिनों में ही विश्व गुरू बन जाएगा .

हमारे से लगभग एक साल बाद स्वतंत्र इजराइल के उदय के बाद वीर सावरकर ने इजराइल को मान्यता देने की वकालत की थी .., वहीं स्वतंत्र इजराइल ने अपनी राष्ट्र की सुरक्षा में ऐसे उपकरण विकसित कर लिए जिसका लगभग ५०% भारत इजराइल से आयात करता है..., और तो और जर्मनी व अमेरिका भी इसके आयात के ग्राहक है.., यहीं नहीं कृषि विज्ञान में इजराइल का सानी नही.., कृषि प्रधान देश हिन्दुस्तान भी आज इजराइल की तकनीकी से विकास की राह देख रहा है

मोदी जी वीर ही नहीं परमवीर सावरकर की विचारधारा नागरिकों का सैन्यीकरण व सीमा की चौकशी के बाद ही देश का विकास मंत्रके इस महान योद्धा के वीर शिवाजी व महाराणा प्रताप के गुण सूत्र के इस सूत्र से इजराइल राष्ट्रवाद के गुण से, विश्व की मुट्ठी भर आबादी के बावजूद उन्नत व स्वाभिमानी देशों की कतार में शीर्ष में है.

Friday, 15 February 2019

मेरे वेबस्थल के अंश पुन: लिखा रहा हूँ… जागे हुए लोगों से कहता हूँ जमहाई लेते हैं । सोते हुए लोगों से कहता,हूँ….अंगड़ाई लेतेहैं। कब्र के मुर्दे से कहा, मै कुछ….कह पाता,मुझे…भ्रष्टाचार॰का इंजेक्शन लग चुका था…. उसने….मुझसे कहा…,आप देश द्रोही बनकर, देश के लिये पागल होकर,,कुछ तो कहो ताकी मेरी मजार पर आदर्श,नेताओ,माफियाओं की मंजिल न बन सके। यदि जनता जमहाई लेते रहेगी तो ….????, हर दिन देश के हजारो ,नये लूटेरे, जमाई बनकर देश को लूटते रहेंगे….पिछला उदाहरण 2जी से , जनता के कॉमन वेल्थ से, कोयले से मुँह काला कर , खान , खदान, ईमान बेचकर भी, इनके चेहरे की, चमक बढ़ते ही जा रही है है…???, उपर से, ये,और विपक्षी दल भी इसमे सम्मलित होकर अपने को आर टी आई के दायरे मे न लाने का कानून बना रहे है … जनता को एक खुली चेतावनी देकर कह रहे है, रोक सके तो रोकों …..??????? जागो…..?? जागो…..??? जागो…..???? ….. देशवासियो अब जमहाई लेने का समय नही है….??????????????????


चेतो मोदी सरकार , देश में काले धन की बौछार , आतंकवादियों की बहार...,से देश में मचा रहे हैं काले धन वाले महंगाई से जनता में हाहाकार..
(आतंकवादियों करे पुलवामा हमले को साक्षार , हमारी खुफिया विभाग भी खूब – पीया के खेल से.., सदाबहार...,  माफियाओं को माफ़ किया के क़ानून से देश लाचार ) 

देश के भ्रष्टाचारी भेडियों के काला धन की कला को पकड़ने से, बेखबर.., हमारा क़ानून...

बच्चा पड़ोस में ढिंढोरा शहर में की कहावत भी, गलत हो गयी है..., भ्रष्टाचार का माफिया अपने घर के बिस्तर में नोटों के तख़्त पर सोया है..., और ढिंढोरा दुनिया में पीटने का खेल ..., किसी को नहीं जेल  
नोट बंदी के बावजूद १५००० से अधिक अरबपति , नए नोटों से देश से फरार .., सरकार अब लाचार , उन्हें लाने का नहीं हो रहा विचार.

रिज़र्वे बैंक (RBI ) करें सरकार से गुहार , शेयर बाजार , रियल एस्टेट के दलालों का फर्जी लेंन देंन से चौपट हो रही है देश की अर्थव्यस्था से गवर्नर पर अत्यधिक दबाव से इस्तीफा .., क्योंकि देश के माफियाओं को मिल रहा है काले धन का वजीफा

यदि हम देश का काला धन नहीं पकड़ सकते हैं...???, देशी माफियाओं से रकम भी नहीं वसूल सकते हैं,,,
तो विदेशी धन तो, दूर की कौड़ी है...


सरकार द्वारा स्विस बैंक के खातेदारों के नाम बताने कार्यवाही करने में असहायअसमर्थता दिखने पर शेयर बाजार बी.एस .ई में उछालकाले धन की बौछार बाजार ३५०००  के साथ ५१९ अंकों की बढ़त ..,माफिया कहें इसे अमरीकी अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेत..,और देश के काले धन के सफेदी की ताजपोशी से वे सदाबहार.

 दोस्तों..., आओ एक संकल्प ले , अब हम इन घटनाओ के देखकर, जमहाई व अंगड़ाई नही लेंगे , और देश के माफियाओ व सत्ताखोरों को देश का जमाई बनने नही देंगे …..

मेरे वेबस्थल के अंश पुन: लिखा रहा हूँजागे हुए लोगों से कहता हूँ जमहाई लेते हैं । सोते हुए लोगों से कहता,हूँ….अंगड़ाई लेतेहैं। कब्र के मुर्दे से कहा, मै कुछ….कह पाता,मुझेभ्रष्टाचार॰का इंजेक्शन लग चुका था…. उसने….मुझसे कहा…,आप देश द्रोही बनकर, देश के लिये पागल होकर,,कुछ तो कहो ताकी मेरी मजार पर आदर्श,नेताओ,माफियाओं की मंजिल न बन सके।

यदि जनता जमहाई लेते रहेगी तो ….????, हर दिन देश के हजारो ,नये लूटेरे, जमाई बनकर देश को लूटते रहेंगे….पिछला उदाहरण 2जी से , जनता के कॉमन वेल्थ से, कोयले से मुँह काला कर , खान , खदान, ईमान बेचकर भी, इनके चेहरे की, चमक बढ़ते ही जा रही है है…???, उपर से, ये,और विपक्षी दल भी इसमे सम्मलित होकर अपने को आर टी आई के दायरे मे न लाने का कानून बना रहे है जनता को एक खुली चेतावनी देकर कह रहे है, रोक सके तो रोकों …..???????

जागो…..?? जागो…..??? जागो…..???? ….. देशवासियो अब जमहाई लेने का समय नही है….??????????????????

About
Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold.
Description

आओं, पार्टी नहीं देश का पार्ट बने, “मैं देश के लिए बना हूँ””, देश की माटी बिकने नहीं दूंगा , “राष्ट्रवाद की खादसे भारतमाता के वैभव से, हम देश को गौरव से भव्यशाली बनाएं


Thursday, 14 February 2019

याद रहे..., मोतीलाल नेहरू राजा-महाराजाओं के विवादों के वकालत से अपने बेशुमार आय से, अधिक व्यय-भिचार से हिंदु संस्कृति को भ्रष्ट करने की वजह से काश्मीरी हिन्दुओं ने उन्हें अपने समाज से निकाल फेंका था... और इसी क्रिया को उनके पुत्र जवाहरलाल नेहरू ने बरकरार रखते हुए..,सत्तालोलुप बनकर, सत्ता परिवर्तन (१९४७) के बाद कहा था नेहरु का हिन्दू-विरोधी वक्तव्य था... जवाहर लाल नेहरु, बहुत बार कहा करते थे कि ..., “मैं जन्म के संयोग से हिन्दू हूँ, संस्कृति से मुसलमान और शिक्षा से अंग्रेज हूँ.” उन्हें हिन्दुओ की भावना की रत्ती भर भी परवाह नहीं होती थी,जिनके वोटो के बल पर उन्होंने सत्ता प्राप्त की थी.



 valentines day, well in time day – क्या यह अंग्रेजी आवरण (RAIN COAT- विदेशी हाथ, विदेशी साथ विदेशी विचार विदेशी संस्कार ) के छुपे खेल में भारतीय संस्कृति पर पर प्रहार नहीं है...!!!!

देश की उन्नत सस्कृति की बरसात से विदेशी रेन कोट से यह मोतीलाल नेहरू का योग या संयोग, कहा जाए, जो १४ फरवरी के ठीक ९ महीने बाद, १४ नवम्बर को जवाहरलाल नेहरू को जन्म दिया...!!!!

याद रहे..., मोतीलाल नेहरू 
राजा-महाराजाओं के विवादों के वकालत से अपने बेशुमार आय से, अधिक व्यय-भिचार से हिंदु संस्कृति को भ्रष्ट करने की वजह से काश्मीरी हिन्दुओं ने उन्हें अपने समाज से निकाल फेंका था...
और इसी क्रिया को उनके पुत्र जवाहरलाल नेहरू ने बरकरार रखते हुए..,सत्तालोलुप बनकर, सत्ता परिवर्तन (१९४७) के बाद कहा था 

नेहरु का हिन्दू-विरोधी वक्तव्य था... जवाहर लाल नेहरु, बहुत बार कहा करते थे कि ..., “मैं जन्म के संयोग से हिन्दू हूँ, संस्कृति से मुसलमान और शिक्षा से अंग्रेज हूँ.उन्हें हिन्दुओ की भावना की रत्ती भर भी परवाह नहीं होती थी,जिनके वोटो के बल पर उन्होंने सत्ता प्राप्त की थी.

वही हाल, एक तरफ तो पंडित नेहरु के नाती, राजीव गाँधी का हिन्दू-विरोधी वक्तव्य दिया.., राजीव गांधी ने हिन्दुस्थान का प्रधानमंत्री होते हुए भी सन्डे टाइम लन्दन को एक साक्षात्कार में नि:संकोच कहा की मेरे नाना जवाहरलाल नेहरु एक नास्तिक (एग्नास्टिक) थे. मेरे पिता पारसी (गैर हिंदू) थे, मेरी पत्नी इसाई है, और मैं किसी धर्म में विश्वास नहीं करता.’ 

क्या..??, एक अय्याश व्यक्ती के नाम बाल-दिवसमनाना उचित है..,

देश का बाल दिवस तो हिन्दू संस्कृति के अनुसार गुड़ी पाडवाके दिन , नूतन दिवस में, नई किरणों से बाल निर्माणके साथ राष्ट्र निर्माणकी अलख से, हो, तो..., देश एक नए उजाले की ओर अग्रसर होगा.., और देश के २०० सालों की गुलामी से उपजी.., ६८ सालों की अंग्रेजीयत की बीमारी दूर होगी... 

देश के धनाड्य वर्गों के, अंग्रेजी संस्कृति का बखान करने वालों को, यह देश का १२५ वां WELL-IN-TIME और CHILDREN DAY- CHILD-MOTHER संग , RUN DAY के अनुयायिओं को समर्पित... 

बाल दिवस या भूखमरी से बालकों का, बलि दिवस... देश में सालाना ३ करोड़ बालकों की.., कुपोषण ईलाज के अभाव से सरकारी योजनाओं को भोजनायें बनाकर, मृत्यु ...

यूरोपीय देशों में अवैध रूप से रोपे गए बच्चे.., उनकी सरकार गोद ले लेती हैं..., व उनके लालन-पानन की व्यवस्था की जिम्मेदारी सुचारू रूप से चलाती है...
लेकिन मेरे देश में गरीबी रेखा व उसके नीचे वैध बच्चे,जो बुढ़ापे में सहारा होते हैं.. , माफियाओं द्वारा चुराकर, भीख मांगने व वेश्या वृति व्यवसाय में धकेल दिए जातें हैं...,
देश में पुलिस के नाक के तले , निठारी काण्ड से बच्चे, , मानव भक्षियों के शिकार होकर, पुलीस थाने के सामने नालों में फेंक दियें जाते है...

सत्ताखोर व पुलिस भी इसे माफियाओं का आम खेल मानकर.., रिश्वत की रूई से अपने, आँख- कान बंद कर लेते है..., गरीबी लोग रोते बिलखते इन अपने मासूम बच्चों की तड़फ से अपनी नारकीय जिन्दगी गुजार देतें है...,

अभी २ दिन पाहिले ही, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को लताड़ लगाते हुए, पूछा..., देश के करोड़ों.., लापता मासूम बच्चों के बारे में क्या कारवाई की है...

याद रहे.., अन्ना आन्दोलन के चरम सीमा में पहुँचने के पहिले, जब उन्होंने रामलीला मैदान में रैली के लिए अनुमति मानी, तो मनमोहन सरकार ने उन्हें इस रैली की जगह, जयप्रकाश नारायण पार्क में रैली की अनुमती दी.., वह भी शर्तों से.. कि रैली में ५००० से ज्यादा की भीड़ नहीं होगी, व ५० से ज्यादा कारों व स्कूटर की पार्किंग नहीं दी जायेगी.., जैसे यह अन्ना का शादी समारोह हो..

उसी समय यूरोपीय देशों में नारी का पुरूषों से, समाधिकार की आवाज में , महिलाओं ने तर्क के साथ कहा कि यदि पुरूष बिना ऊपरी वस्त्र के सडकों पर चल सकते हैं तो महिलाएं क्यों नहीं ...

इसी विरोध में, उन्होंने ऊपरी वस्त्र खोलकर सडकों में SLEDGE –SHOW का प्रदशन प्रदर्शन किया ..., तब हमारे देश की INDIAN व अंग्रेजी से पेट भरने वाली धनाढ्य महिलाओं ने इस आन्दोलन के समर्थन में गुहार लगाई तो, देश का महिला अधिकार आयोग भी इस की मुखालत करते आगे आया तो.., उनके मनानुसार उन्हें , जंतर मंतर से संसद भवन तक SLEDGE –SHOW की अनुमती मिली ...,

अभी तो, खुले रास्ते में चुम्बन दिनमना कर इंडियन वर्ग अपने को अभिमानीत कह, गर्व मना रहा है...

विदेशी धन , विदेशी संस्कृति के निवाले..., को देश की जनता पर थोपने का अधिकार...

क्या यह अंग्रेजी आवरण के छुपे खेल में भारतीय संस्कृति पर पर प्रहार नहीं है...!!!!

Tuesday, 12 February 2019

कांग्रेस ने चुनाव के अंत समय में इसी बारे में ऐसा मुफ्त में देने का शगूफा छोड़ा की शिवराज सिंह का अति आत्मविश्वास उन्हें ही ले डूबा ... अब सत्ता कमलनाथ के अपने हाथ जगन्नाथ से आ गई है..., सत्ता में आते ही जनता को अपने सुनहरे सपने दिखाने वाले कमलनाथ के हाथ पांव फूलने लगें हैं ..., क्या अब...!!!, इस खेल को पूरा करने के लिए वे भी भ्रष्टाचार की नयी बयार शुरू करेंगें...!!!




आत्मविश्वासी  ठहरते नहीं , रूकते नहीं अपनी मंजिल पाकर ही सफलता प्राप्त करते हैं.

अति आत्मविश्वासी  मंजिल में पहुँचने से पहिले हांफने लगता है और अपनी कमजोरियों का दोष दूसरों पर मढ़ता है....
तीन राज्यों में कांग्रेस की जीत .., बीजेपी को अति आत्मविश्वास से ही ले डूबी...

मध्य प्रदेश में व्यापम शिक्षा व खनन घोटाला.., तथा किसानों के नाम पर करोडपति लोगों को फर्जी कर्ज के नाम से वाह-वाही लूटने व अभी शौचालय घोटाला उजागर होने वाला है..!!!!

कांग्रेस ने चुनाव के अंत समय में इसी बारे में ऐसा मुफ्त में देने का शगूफा छोड़ा की शिवराज सिंह का अति आत्मविश्वास उन्हें  ही ले डूबा ...

अब सत्ता कमलनाथ के अपने हाथ जगन्नाथ से आ गई है..., सत्ता में आते ही जनता को  अपने सुनहरे सपने दिखाने वाले कमलनाथ के हाथ पांव फूलने लगें हैं ..., क्या अब...!!!, इस खेल को पूरा करने के लिए वे भी भ्रष्टाचार की नयी बयार शुरू करेंगें...!!!  

Sunday, 10 February 2019

देश.., आरक्षण के कछुवा चाल के छल से, घोंगा बनकर पोंगा हो गया.., विश्व के घोंघा देश राष्ट्रवादी शक्ति से विश्व में सर्वोपरी बनने के रेस में दौड़ लगा रहें है


अब २०१९ के गुजर आन्दोलन में ५% आरक्षण के छांव तले....,   कितने हजार करोड़ों का नुकसान  होगा..., यह समय ही बतलायेगा  

कृपया जरूर पढ़े.., June 1, 2015 के फेसबुक व वेबस्थल की सार्थक पोस्ट
१. गुजर आन्दोलन..., आरक्षण से राष्ट्र का भक्षण..,यह राष्ट्र का विकास दिवस नहीं ...,पतन दिवस बनते जा रहा है...,


२. रेलवे, छाती पीट रही थी.., हमें हुआ १५० करोड़ से अधिक का नुकसान.., 326 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा.., गुजर दिखा रहें थे अपनी शान..,


३. आज देश के रेल के टिकट, २ महीने पहिले.., आरक्षित किये यात्रियों के टिकट.तो आरक्षण की तलवारसे बलि हो गए..,


४. दलालों से गर्दुल्लो ने on –line से, यात्रियों से ५०० - १५०० रूपये डकार लिए.., रेलवे स्टेशन पर यात्री पहुँचने पर अपने को ठगा महसूस कर, घर से किराये द्वारा स्टेशन में अपना भारी बोझ से आने जाने का, किराया देकर,,, इस आन्दोलन से अपना माथा पीटने लगा.., कुछ लोगों ने आशंकित होकर २ दिन पहिले, टिकट रद्द करवाये ताकि अपने २ महीने की मेहनत पर कहीं सरकार, टिकट की २५% रकम से उनकी जेब न काट लें .


५. जब राजस्था्न हाई कोर्ट ने राज्ये के मुख्य सचिव और डीजीपी को कड़ी फटकार लगाई और आम लोगों को होने वाली परेशानी का उल्लेकख कर इन्हें खदेड़ने का आदेश दिया.., किया. तो उल्ट सरकार ने इस आरक्षण को मान्यता देकर.., देश के प्रतिभाओं को अँधेरे में डालकर .., एक भयावह भविष्य में ढकेल दिया


६. दोस्तों रेल्वे का तो १५० करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ.., लेकिन देशवासियों के समय की हानी के मुआवजे का लेखा -जोखा देखा जाय तो यह, १५०० करोड़ से अधिक का है.., इसके लिए सरकार ने कोई हामी नहीं भरी..,


७. लोगों के यात्राओं से हताशा व नए बजट के सर्विस टैक्स व दलालों के, पुन: भोज के जोश, से, यात्री हताश व अपने भाग्य पर रो रहा है.. मेरे उमंग की तरंग, देश की पटरी के शासकों के पंटरों की बलि चढ़ गई है...


८. याद रहें २०१० में, इस आन्दोलन ने ४ महीने के विकराल रूप ले ..., देश की अर्थव्यस्था को चूर करने में अहम् भूमिका निभाई थी.., जब उत्तरी भाग के बिजली संयंत्रो को, रेलवे ढुलाई से कोयला न मिलने से, बंद होने की कगार से, देश को २५ हजार करोड़ से कई गुना ज्यादा नुकसान हुआ...,और देसवासियो के ४ महीने से ज्यादा तक महरूम रहे


९. यह राष्ट्र का विकास दिवस नहीं ...,पतन दिवस बनते जा रहा है...,
कहीं शिक्षा घोटाला, -अभी का ताजा शिक्षा व्यापार का मध्य प्रदेश सरकार के संस्कार से व्यापम घोटाला, जो धनाढ्य व मंत्री , नौकरशाही वर्ग के पास मुन्ना भाई M.B.B.S. (महान भारत भ्रष्टतम सेवा) का लाईसेंस ( LIE –SENSE –झूठ का यंत्र ) व शहरी दलितों के दल-हित के वोट बैंक के नाम से क्रीमी लेयर से , सत्ता की माखन हांडी में अधिकार..., व देश के सुदूर इलाकों के गरीबों /दलितों का बहिष्कार


१०. यह राष्ट्र का शर्म है कि मध्य प्रदेश सरकार के कार्यकाल में व्यापम घोटालामें शामिल राज्यपाल जो संविधान के मसीहा बने हैं. इस घोटाले ने राज्यपाल के पुत्र की आत्महत्या व ४० से ज्यादा लोगों की ह्त्या होने के बाद भी मध्य प्रदेश सरकार के GOVERNOR , आज भी गर्व-कर देश के संविधान को सुशोभित कर रहें हैं.
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११. आज इसी आड़ में ...???, देश का हर दिन ..., प्रतिभा का भक्षक दिवस है , आरक्षण से राष्ट्र का भक्षण हो रहा है, कंहा गई... गुरुकुल की परंपरा, जब गुरु की शिक्षा से, विधार्थी के कुल परिवार का उद्धार होता था ...??? , आज का शिक्षण, घर बार बेचकर , बेरोजगारी से एक उधार करण की नीति है..
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१२. आज शिक्षा व्यवस्था मे सुपर 30 वाले, गुरु कहां गायब हो गए है...????, बिहार के आनन्द कुमार, जो दिन मे पढ़ते थे, और घर चलाने के लिए, शाम को माँ के बनाए पापड़ बेचते थे... यह राजनेताओ को एक झापड़ /थप्पड़ है और सिद्ध कर दिया कि, दलित के नाम पर वोट बैक के नाम पर दल-हित से ज्यादा नेताओ का स्वहित ज्यादा है .
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१३. आनन्द कुमार, जिन्होने ने हर धर्म जाती की प्रत्तिभा को निखार कर दुनिया मे हलचल कर दी है, आज जापान जैसा देश उनके पढ़ाने की कला से प्रभावित हो कर, एक पुस्तक प्रकाशित कर , उनका अनुसरण कर रहा है, आनंद ने कहा है आज के छात्र , शिक्षा को खरीद कर, पैसे की चमक मे..., मृगतृष्णा की तरह भाग रहे है... आज 1000 छात्रो मे 5 छात्र ही शिक्षक बनते है. , जिसके वजह से अकुशल शिक्षकों के, आधा अधूरा ज्ञान से , बैलगाड़ी की तरह, देश की प्रतिभा चल रही है.


१४. और ऊपर से आरक्षण का तड़का , इस झांसे मे देश भटका ...याद रहे संविधान मे पहली बार दलित व पिछड़े जाती को 22.5% आरक्षण... 10 सालो के लिए उपलब्ध कराया गया था , बाद मे 33% और आज तो इसे दल-हित (दलित) मानकर , और आज यह 49% तक पहूंच गया है.


१५. यह तो सुप्रीम कोर्ट का अहसान माने कि उन्होने धर्मो के नाम पर आरक्षण को खारिज कर दिया है , नही तो आज, यह 100% आरक्षण भी कम होता , देश मे आरक्षण के नाम पर हजारों नये विद्धालाय, महाविद्धालाय बनाने पड़ते, दोस्तों...??? यह वोट बैंक के असुरों का, यह राष्ट्र का भक्षण है


१६. आनन्द, आज, आप... और... केवल आप ही ... देश के पतिभाओ के लिए एक सुपर आनन्द हो .... आनन्द कुमार की प्रसिद्धि सुपर-३० की अद्वितीय सफलता के लिए है.


१७. वर्ष २००९ में पूर्व जापानी ब्यूटी क्वीन और अभिनेत्री नोरिका फूजिवारा ने सुपर 30 इंस्टीट्यूट पर एक डाक्यूमेंट्री फिल्म भी बनाई थी. इसी वर्ष नेशनल जियोग्राफिक चैनल द्वारा भी आनंद कुमार के सुपर ३० का सफल संचालन एवं नेतृत्व पर डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाई गई थी.


१८. समाज के गरीब तबके के बच्चों को आईआईटी जेईई की प्रवेश परीक्षा के लिए मुफ्त तैयारी कराने वाले गणितज्ञ आनंद कुमार को प्रसिद्ध यूरोपीय पत्रिका फोकस ने असाधारण लोगों की सूची में शुमार किया है। पत्रिका के आलेख में लिजा दे क्यूकेलियर ने लिखा है कि आनंद असली जुझारू नायक की तरह हैं, जो माफिया की धमकी के बावजूद गरीब बच्चों को ज्ञान दे रहे हैं। उन्होंने 330 बच्चों को अपने मार्गदर्शन में आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में सफलता दिलाई है। लोकप्रिय विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इतिहास, स्वास्थ्य और सामाजिक विषयों पर रोचक और ज्ञानवर्धक आलेख प्रकाशित करने वाली इतालवी पत्रिका ने अपने एक लेख में आनंद को असाधारण प्रतिभाओं में शुमार किया है.---------------



म्मम्मम्मम
आरक्षण की आग., देश रहा है.., हांफ..., महंगाई निकाल रही है जनता का भाप.., आरक्षण के मसीहा, इस दंश के पाप से, अपने को कह रहें हैं, देश का बाप.., आप ..बाप.., पाप..खाप .., पार्टियों के श्राप से देश लहुलूहान.., फिर भी सत्ताखोरों के अपने अच्छे दिनोंके झांसे से मेरा देश महान”..., प्रतिभाओं के कच्छे पहिनने के दिन आ रहें हैं..,

१. छुवा-छुत/आरक्षण को कछुवा बनाकर संविधान की आड़ से हमारे सत्ताखोरों ने १० सालों के 22.५% प्रायोगिक तौर के परप्रयोजन से , इन कछुओं की मोटी खालों को अपना ढाल बनाकर सुरक्षता पूवर्क वोट बैंक से खरगोशी प्रतिभाओं की खाल निकालकर लहूलुहान कर संविधान का गुण गान कर, पंगु बनाकर, देश को विदेशी हाथ विदेशी साथ विदेशी विचार विदेशी संस्कार से देश को कछुआ चाल से चलाकर, विदेशी कर्ज को मर्ज मानकर , देश को गर्त में डालकर, अब भी गर्वित हैं.

२. अब आरक्षण की तलवार से प्रतिभा के भक्षण की , एक नई धार से, नेताओं के वोट बैंक की दांत की चमक के पैने पन की तस्वीर से, आज देश ऊंचाई को छूने की बजाय बौनाहोते जा रहा है..,

३. अब पटेल आरक्षण की आग पुरे देश में पेटने की तैयारी .., क्या..??, सरकार घुटने टेक देगी.., या देश गुर्जर आन्दोलन की तरह सुलगते, गुजरे जमाने में रहेगा.., सत्ताखोरों की रोटी सेकते रहेगा.., देशवासी अब सकते में है..!!!

४. दोस्तों सत्ता परिवर्तन को आजादी कह.., देश को अशिक्षा से अंधापन कर .., अंग्रेजों के संविधान का अनुसरण कर ०.१% अंग्रेजी बाबुओं की औलादें जो विलायती शिक्षा से अंग्रेजों के संविधान में आस्था की प्रतिज्ञा से खाओ अंग्रेजी , पियों अंग्रेजी सोओ अंग्रेजी , जागो अंग्रेजी, थोपो अंग्रेजी ने विदेशी भाषा से गोरे अंग्रेजों के काले बादल की गुलामी को प्रतीक बनाकर, इस बादल से काले धन की बरसात से मालामाल हो गयें और आम हिन्दुस्तानी अवसाद से बेहाल हो गया है.

५. राख तले चिंगारी के प्रतिभा में पानी फेर कर शिक्षा को कीचड़ बनाकर, देश बदबूदार हो गया है
.
६. सत्ता का एक फंडा है, देश में सत्ताखोरों का एक गोरख़ धंधा है ..,५०% आरक्षण से देश की आधी प्रतिभा गायब, और व्यापम के इस नए प्रकार के तड़के से इस आग में हजारों प्रकार के घोटालों के उत्प्रेरकों देश के ऊतक 30-४०% शिक्षा, अकर्मण्य छात्रों को पिछले दरवाजे से प्रवेश.., जो बचे शेष १०-२०% प्रतिभावान छात्र वे देश के इस मकड़जाल से, अपने अगली पीढी का भविष्य संवारने विदेशों में पलायन कर, अपनी प्रतिभा से विश्व को गौरान्वीत कर रहें हैं
.
७. १९४७ में विश्व के 100 से अधिक देश हमसे पिछड़े थे..,लेकिन अपनी मजबूत इच्छा बल से बिना आरक्षण के, घोंघा चाल से एक दृण मंजिल पाने से, उन्नत देशों की कतार में शामिल हो गयें है..

८. देश के खरगोश आज आरक्षण के जहर से, बेहोश होकर मर रहें हैं., देश का मर्ज, आरक्षण व कर्ज से नहीं, देश के १२५ करोड़ जनता को सम्मान व प्रतिभा के आंकलन से, आगे बढ़ने से ही.., देश आगे बढेगा


1.      1.      आरक्षण .., यह डूबते देश की कहानी है.., कहते है चु.XXXXXX..या..., चला गया, औलाद छोड़ गया ... १९४७ की नीती से मीडिया.., माफिया..सत्ताखोरों ने इस देश की सत्ता को मेवा मानकर.., बंदरबाट से , महलों से अपनी मंजिल बड़ा रहें हैं 

2. ब्रिटिशों ने सत्ता परिवर्तन की शर्त पर.., कांग्रेस को आरक्षणसे सत्ता दी, देश के प्रतिभाशाली क्रांतीकारियों को देशद्रोहीयों की काली सूची में डाल दिया.., सुभाष चन्द्र बोस की जिदा या मरी लाश लाने का भी सौदा कर गये.
3.
आजादी के झांसे से जनता को भरमाया गाया..., देश का वासी राष्ट्रवादी बनकर एक नए सांस से देश आराम हरामके नारे से देश को गर्वित कर समर्पित भाव से सेवा के लिए तत्पर था
4.
लेकिन,सत्ता के अय्याशों ने साईकिल घोटाले के आयाम से देश के जवानों की साईकिल चाल के कदम को भी बाँध दिया.., देश में नए,शिक्षा के संस्थानों बनाने के बजाय , दिल्ली में पांच सितारा होटल बनाकर, देश की शान बढ़ाने के दावे के दांव से अपनी सत्ता को जातिवाद के आरक्षण को हार की लड़ीबनाकर १० वर्षों तक आरक्षण का जाल फेंका ...
5.
आज इसे संवैधानिक हक़ बनाकर ५०% आरक्षण से सत्ता में साड्डा हक़ कह कर ., वोट की चोट से देश आहत है...
6.
अच्छे दिन की पहले से मौजूद मध्य प्रदेश सरकार ने, शिक्षा का व्यापारीकरण कर कर्णता से व्यापम घोटालोंसे M.P.गजब है.., के विज्ञापनों से, प्रदेश की प्रतिभाओं को गायब कर दिया
7.
यह राष्ट्रीय शर्म है कि मध्य प्रदेश सरकार के कार्यकाल में व्यापम घोटालामें शामिल..मुख्यमंत्री व उनके पिल्लू ने देश की मिट्टी पलीद कर दी है..., राज्यपाल राम नरेश यादवजो संविधान के मसीहा बने हैं. इस घोटाले ने राज्यपाल के पुत्र की आत्महत्या व ४० से ज्यादा लोगों की ह्त्या होने के बाद भी मध्य प्रदेश सरकार के GOVERNOR , आज भी गर्व-कर देश के संविधान को सुशोभित कर रहें हैं..
8.
राजस्थानसरकार ने भी गुजर आरक्षण के सहमती से अपनी शान बढाने का, इस का दानव बनकर,मानवता का दांव किया है..
9.
महाराष्ट्र में ६ लाख फर्जी छात्रों के नाम से सत्ता के दर्जी .., बेशर्म.., बनकर देश की नई तस्वीर के कपड़े बनाने वालों ने, आज की उभरती प्रतिभाओं .., यों कहें, प्रतिबन्ध लगाकर नंगा कर दिया है..
10.
देश में निम्न / उच्च शिक्षा संस्था का खेल ५०% आरक्षण , ४०% धन बल से काले दानदाताओं के बच्चों को प्राथमिकता , १०% से भी कम देश के प्रतिभाशाली छात्र जिन्हें बिना धन के प्रवेश मिलता है..,वह देश के बेरंग शिक्षा व्यवसाय से लड़ने में असमर्थ पाकर विदेश में पलायन कर, विश्व के देशों को उन्नत बना रहा है...
दोस्तों डूबते देश को डूबाने वालों की लम्बी कहानी है..., सत्ताखोरों को, इन्ही माफिया तंत्र ने कसीदे पढ़कर.., उन्हें मसीहा कहा है...,
डूबते देश में, इन मसीहाओं को, माफियाओं के समूह कसाई बनकर, बेवफाई से देश को लूटकर डूबा दिया है ..,
देश में घोटालों की बहार..., बहारों फूल बरसाओं के नारों से.., विदेशी मह्बूब आया है, से .., मेरा भारत महान , शायनिंग , भारत निर्माण से अच्छे दिनों से अच्छी तारीफके अफीमी नारों से देश वासियों को ६६ सालों तक सुला कर रखा है... (१९ महीने के जय जवान जय किसान के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नारे को छोड़कर)
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देश.., आरक्षण के कछुवा चाल के छल से, घोंगा बनकर पोंगा हो गया.., विश्व के घोंघा देश राष्ट्रवादी शक्ति से विश्व में सर्वोपरी बनने के रेस में दौड़ लगा रहें है.