Saturday, 27 February 2016

वीर सावरकर का लोहा विश्व के क्रांतिकारियों से अग्रेजों ने भी उनके राष्ट्रवाद को सराहा, ब्रिटेन के लेबर पार्टी ने यहाँ तक कहा इंग्लैंड के सभी शत्रुओं में जो सर्वश्रेष्ठ हैं वे एकमात्र वीर सावरकर हैं इंग्लैंड एक भाग्यवान राष्ट्र है जिसे सावरकर जैसे चारित्र्य संपन्न प्रखर राष्ट्रभक्त और कमाल का बुद्धिमान शत्रु मिला


दोस्तों बड़े दुःख के साथ लिखना पड़ रहा है ,जिस अप्रतिम महान क्रांतीकारी वीर वीर ही  नहीं परमवीर महान सावरकर को ५० साल की सजा सुनाने व २६ फरवरी २०१६ को  उनकी ५० वी पूण्य तिथी पर देश में कोई सुर्खियाँ नहीं रही ..,क्योकि देश का राष्ट्रवाद सूख गया है...

१.देश की सूखी लकड़िया बनकर JNU राष्ट्र को जलाने में लगा हैं .., वहीं मीडिया से print मीडिया उन्हें देशद्रोही न मान देशप्रेमी की अभिव्यक्ति की आजादी का बखान  कर TRP से धनवान बनकर अपने बंगलों में रत्न जडित कर रहा है.
देश की  विण्डवना है कि आज हर सरकारों ने वीर सावरकर को देशद्रोहियों की प्रथम कतार में रखा.., जबकि वे देशभक्तों की प्रथम कतार में हैं   

२. वीर सावरकर का लोहा विश्व के क्रांतिकारियों से अग्रेजों ने भी उनके राष्ट्रवाद को सराहा, ब्रिटेन के लेबर पार्टी ने यहाँ तक कहा इंग्लैंड के सभी शत्रुओं में जो सर्वश्रेष्ठ हैं वे एकमात्र वीर सावरकर हैं इंग्लैंड एक भाग्यवान राष्ट्र है जिसे सावरकर जैसे चारित्र्य संपन्न प्रखर राष्ट्रभक्त और कमाल का बुद्धिमान शत्रु मिला

३. इस कोहीनूर हीरे के चमक से कही गुना ज्यादा..., ५६ गुणों से ज्यादा.., परमवीर सावरकर, जिन्होंने राष्ट्रवाद की बलि देंने से इनकार कर, अंग्रेजों के तलवे चाटने के खेल को ठुकराकर सत्ता के ५६ भोग को नकार दिया था ...

४.  इस कोहिनूर हीरे की चमक से विश्व के क्रांतीकारियों को एक ऊर्जा मिली थी..,सावरकर ने सिद्ध किया था ...,हिंदुत्व जीवन जीने की कला है..., इसके वैज्ञानिक तथ्य ही जीवन का सार है.., जिसे अंततः सुप्रीम कोर्ट को भी 100 वर्ष बाद वीर सावरकर के इस तथ्य के आगे नतमस्तक होकर..., उनकी इस उक्ती की सही माना

५. महान वैज्ञानिक चन्द्रशेखर वेकट रमण को वर्ष 1930 मे जब नोबल पुरस्कार मिला. जब, वे मंच पर पुरस्कार ग्रहण करने पर गये तो, तो उन्होने कहा मुझे बढा दु:ख है कि यह पुरस्कार एक गुलाम देश के नागरिक को मिल रहा है, मुझे गर्व होता यदि मै आजाद देश का नागरिक होता. उनके विचार सुनकर चन्द्रशेखर वेकट रमण जब वीर सावरकर को बैगलोर में मिले , तब चन्द्रशेखर वेकट रमण से 3-4 घंटे  राष्ट्रवाद के बारे मे विस्तार से चर्चा कि तो उन्होने वीर सावरकर के बारे मे कहा यह देश का अनमोल हिरा जिसके राष्ट्रवाद के चमक से  कोहिनूर हीरा भी फीका है?”. 

६. याद रहें, महान भौतिकशास्त्री वैज्ञानिक चन्द्रशेखर वेकट रमण को 1954 मे भारत रत्न मिला था
सावरकर जो वीर ही नही परमवीर थे, इस धरती पर चाणक्य के बाद दुरदर्शी क्रातिकारी वीर सावरकर ही थे ,जिनकी दहाड् से अग्रजो का साम्राज्य हिल उठता था, मै तो उन्हे देश के क्रांति का चाणक्य मानता हूँ,? उनकी भूमिका अग्रेजो के समय वीर शिवाजी महाराज व सत्ता परिवर्तने के बाद वीर महाराणा प्रताप की थी, आज तक हमारे देश्वासियो को यह पता नही है, सुभाष चन्द्र बोस, चद्रशेखर आजाद व सरदार भगत सिंग मे क्राति का जन्म वीर सावरकर द्वारा हुआ.

७. यह वीर सावरकर की ही देन है कि अमृतसर व कलकत्ता पकिस्तान में जाने से बच गया जो सिद्धपुरूष हुए, भविष्य दर्शन सिद्दी उनमे थी , जो सावरकर द्वारा कही है 40 से अधिक भविष्यवाणी आज सार्थक हुई है देश में राष्ट्रवाद की बर्बादी को देखकर उन्होंने नेहरू को चुनौती देते हुए कहा ... मैं सत्तालोलुप नहीं हूं, मुझे दो साल का शासन दो, मैं हिन्दुस्थान को गौरवशाली बनाऊंगा ..
www.meradeshdoooba.com (a mirror of india)  स्थापना २६ दिसम्बर २०११
विशुद्ध रूप से वीर सावरकर की प्रवाष्ठियों का फेस बुक पेज

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