Sunday, 30 October 2016

HAPPY DIWALI TO ALL OUR BRAVE HEARTED SOLDIER



HAPPY DIWALI TO ALL OUR BRAVE HEARTED SOLDIER

जय जवान.., हमारे देश की शान.., जहाँ नहीं आरक्षण का निशान , एक देश, एक खून, एक जूनून, राष्ट्रवाद से विशुद्ध गंगोत्री का सम्मान   १९६२ की वही दिवाली थी जब भारतीय सेना की चीनी दुश्मनों द्वारा बलि ली जा रही थी ...

२०१६ में आज देश के जवान अपने बलिदान से १० गुना पाकिस्तानी सेना की बलि  लेकर देशवासियों को दिवाली का जश्न मनाने से ओत प्रोत कर रही है क्योंकि हमारे सेना के जवानों को आक्रमण की खुली छूट मिली है ..,जो १९६५ में पाकिस्तान से युद्ध जीतने का लाल बहादुर शास्त्री का महामंत्र था ..

१९४७ में सत्ता परिवर्तन को आजादी के झांसे से देशवासियों को बरगलाकर , “आराम हराम है” के नारे से दिन के २५ हजार रूपये के खर्च से अय्याशी की आड़ में में नेहरू स्वंयभू भारत रत्न घोषित कर,  गांधी को  अंग्रेजों के काल में ३ बार नोबल पुरूस्कार के नामांकन को अपने नाम से हासिल करने के  ख्वाब से सेना को नो-बल कर, शांती के छद्म छलावा से चीन के साथ “पंचशील समझौता” कर हमारे आयुध कारखानों में चूड़ी बनाने का उद्योग शुरू किया..

१९६२ में चीन के आक्रमण के समय नेहरू श्रीलंका जाते समय मद्रास एअरपोर्ट पर उन्हें समाचार मिला कि चीन ने हिन्दुस्तान पार आक्रमण कर दिया है.., उन्होंने इसका खंडन करते हुए कहा कि “यह बकवास है..”
श्रीलंका पहुँचने पर इस खबर की दुबारा पुष्टि होने पर उन्होंने सेना के जवानों को आदेश दिया कि  चीन सेनाओं को ठोक दो तब सेना के जनरल ने कहा .., सेना के पास ठण्ड से बचने के लिए जूते तक नहीं है.., इसके बावजूद हमारे जवानों से चीन से लोहा लिया.., थल सेना ने नेहरू से कहा की हमें वायु सेना की मदद चाहिए तब नेहरू ने थल सेना को वायु सेना की मदद देने से इनकार कर दिया यों कहें हमारी थल सेनाओं के हाथ पाँव बाँध दिए .., और हमें करारी हार का सामना करना पड़ा..

पोलियो दिवस- भले ही २ बूँद से २०१२ में देश से पोलियो निर्मूलन हुआ.., यदि देश के सत्ताखोर, अब भी एक बूँद राष्ट्रवाद की पी ले तो देश की जनता जातिवाद भाषावाद अलगाववाद व घुसपैठ के वोट बैंक से मुक्त होकर खुशहाली से देश सुजलाम बनकर.., देश में विश्वगुरू के जूनून से एक नए अध्याय की शुरूवात होगी.
जागो मित्रों.., अब यह राष्ट्रवाद की लहर.., कहीं वोट बैंक की कहर के बलि न चढ़ जायें..
एक प्रतिज्ञा लें
आओं, पार्टी नहीं देश का पार्ट बने, “मैं देश के लिए बना हूँ””, देश की माटी बिकने नहीं दूंगा , “राष्ट्रवाद की खादसे भारतमाता के वैभव से, हम देश को गौरव से भव्यशाली बनाएं

Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold.