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Sunday, 6 June 2021
दोस्तों बड़े दुःख के साथ लिखना पद पड़ रहा है की इंदिरा गांधी के चाटुकार राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने “आपातकाल” देश पर थोपकर राष्ट्रपति पद को कलंकित किया वहीं राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने इंदिरा गांधी की राष्ट्र विरोधी नीती को उकसाकर , एक ऐसी नीति का निर्माण बन गया जो की आतंकवाद देश को निगलने की स्तिथि बन गई कि स्वर्ण मंदिर पर गोलाबारी कर देश का इतिहास कलंकित हो गया
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OPERATION BLUE STAR - तिथि 3– 6 जून 1984 ( जो हुआ वो हुवा) स्थान - अमृतसर स्थित हरिमंदिर साहिब परिसर इंदिरा गांधी के मंत्र...
याद रहे पंजाब में खालिस्तान से आतंकवाद की बुनियाद कांग्रेस के इशारे से ही हुई , जब भिंडरावाले को खालिस्तान कमांडो फ़ोर्स की सेना बनाने के लिए इंदिरा गांधी के इशारे से गृह मंत्री ज्ञानी जैल सिंग ने प्रेरित किया जो बाद में स्वर्ण मंदिर में भिंडरावाले की मुठभेड़ में मौत से.., ऐसा माहौल बना की इंदिरा गाँधी के सिख सुरक्षा रक्षको द्वारा उनके आवास में ह्त्या कर दी , तब पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने बेबाकी से उनके शोक संदेश में कहा “इंदिरा गांधी अपने कर्मों से मरी है
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OPERATION BLUE STAR के बाद जून 1984 में इंग्लैंड से खलिस्तान कमांडो फोर्स के जगजीत सिंह चौहान से खुले आम इन्दिरा गांधी को चुनौती देते ...
१९८४ में इंदिरा गांधी की ह्त्या से, सहानुभूति की सुनामी लहर से, देश भर में १० हजार से अधिक सिखों के नरसंहार ने राजीव गांधी के “कलंक” को भी धो दिया उन्होंने ताल ठोक कर कहा , “जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है, तब धरती हिलती है “ और लोकसभा में ४१४ सीटें जीतकर , अपनी नाना प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का कीर्तीमान तोड़ दिया.
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१९८४ में इंदिरा गांधी की ह्त्या से , सहानुभूति की सुनामी लहर से , देश भर में १० हजार से अधिक सिखों के नरसंहार ने राजीव गांधी के “ कलंक ” को ...
Saturday, 5 June 2021
भय है तो क्षय है...!!!, आज की शिक्षा प्रणाली ने कम उम्र के बच्चों का बचपन छीन कर जीवन छिन्न भिन्न कर 5 से 10 किलो के किताबी झोले के बोझ से शिक्षा प्रणाली कोल्हू के बैल की तरह एक धुरी पर चक्कर पर चक्कर लगा रही है। उन्हें क्या पढ़ाया जा रहा है…!!! व क्या समझ में आ रहा है शिक्षक को उससे लेना देना नही है
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भय है तो क्षय है...!!! , आज की शिक्षा प्रणाली ने कम उम्र के बच्चों का बचपन छीन कर जीवन छिन्न भिन्न कर 5 से 10 किलो के किताबी झोले के बोझ ...
Wednesday, 2 June 2021
सावरकर दिन क़े जुगनू जिनके प्रकाश से अंग्रेज़ों के साम्राज्य का न डूबने वाला सूरज भी थर्राता था व अंग्रेजों को हिंदुस्तान में अपना भविष्य अंधकारमय लगता था
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श्रेष्ठ कौन..!!! , कलम या तलवार... , स्कूलों में भाषण प्रतियोगितायें होती है .. , और मैकाले की शिक्षा प्रणाली में कलम की जीत पर वाक् युद्ध...
Monday, 31 May 2021
अतिथी वोट भव.., दुश्मनों को अपने ही घर में बुलानेवाले अपने शहीदों को हम हैं भूलानेवाले भाई से भाई को लड़ाने वाले हम हैं बरबादियों का जश्न मनाने वाले G.D.P. = घुसपैठिया डेवलपमेंट प्रोग्राम जो १००% से ज्यादा है (घुसपैठिया विकास योजना) देश की जीडीपी (GDP) जो ५% से कम है.
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अतिथी वोट भव.. , दुश्मनों को अपने ही घर में बुलानेवाले अपने शहीदों को हम हैं भूलानेवाले भाई से भाई को लड़ाने वाले हम हैं बरबादियों का ज...
Friday, 28 May 2021
काश..., “हमने वीर सावरकर की बात मानी होती तो चीन के हाथों हमारी हार नही होती” यह कहते हुये जनरल करियप्पा ने 1962 में नेहरू को अपने पद का इस्तीफा दिया..
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नेहरू को चेतावनी देने वाले वीर सावरकर ने १९५२ में ही कह दिया था , चीन की हिन्दी- चीनी भाई - भाई की यह दोस्ती छद्म है... चीन हम...
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