Saturday, 5 September 2020

५ सितम्बर.., शिक्षक दिवस अब बना on line Teachers Day..., अब शिक्षक का अपना हर दिवस बना घर / पाठशाला में बैठकर, अब गरीब से अमीर विद्यार्थियों को घर से , विद्यार्जन प्राप्त कराने के नये युग आरम्भ होकर होनहार होने का शुरू हो गया है. आज टेबल (desktop) से जांघों में (Laptop} रखने वाले संगणक , जीवन में इस नए युग के विद्यार्थियो की उन्नत अनुसन्धान से जीवन लीला को निखारने की प्रतिस्पर्धा से एक स्वच्छ जीवन से राष्ट्र का उत्थान कर गौरान्वित करने का स्वर्णिम युग के शुरूवात हो रही है. देश के हर उम्र के वासियों को internet से विशाल ज्ञान भण्डार को वह अपने मस्तिष्क में संचयित से देश दुनिया की २४ घंटों में २४ दिशाओं का ज्ञान अर्जित कर अपने जीवन में स्व निर्मित, दिल में जूनून रखकर, न रुके.., न थमें का धेय्य रखकर आसानी से वैज्ञानिक बन कर देश को विश्व गुरू बना सकता है

५ सितम्बर.. , शिक्षक दिवस अब बना on line Teachers Day..., अब शिक्षक का अपना हर दिवस बना घर / पाठशाला में बैठकर , अब गरीब से अमीर विद्यार्थिय...
Thursday, 28 May 2020

वीर सावरकर ने कहा था, पहले हमारी सीमाओं की सुरक्षा के लिए, हमारी सेनायें उन्नत्त व मजबूत होनी चाहिए, ताकि कोई हमारे से आँख उठाकर बात न करे..., १९४७ में सावरकर ने कहा था, हिन्दुस्तान को अणु बम बनाना ही चाहिए, इतना ही नहीं हाइड्रोजन व ऑक्सीजन का ध्वम बम भी बनाना चाहिए... राष्ट्र का सैन्यीकरण व सेना का हिन्दुकरण , आज इसी विचारधारा से इसराईल ने अपने को सुरक्षित रखा है.. इसी का संज्ञान लेते हुये , हमारी सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए, आज इसी नीती से सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों से प्रधानमंत्री बैठक कर, देश की सुरक्षा के लिए उपकरणों की आवश्यकता से निदान ..., व मोदीजी ने इसरो को नाभकीय क्रांती में खुली छूट दे कर कहा है.. आप आगे बढ़ो.. मैं आपको इस प्रकल्प में धन की कमी नहीं होने दूंगा. वही लूली लंगडी चल रही हत्यार निर्माण के डी.आर.डी .ओ. को अब चलना सिखा दिया है.., जल सेना को नए जलपोतों के निर्माण का जज्बा फूँका है,,

नरेन्द्र मोदीजी और वीर सावरकरजी में समानतायें ..., वीर सावरकर को जिसने नही जाना.. ?, उसने हिन्दुस्थान को नही पहचाना ?   विशुद...
Sunday, 8 March 2020

नारी दिवस ..,मर्दानी ..., अब भरवाओं.., मर्दों से पानी... राजनीती से समाज ने तुम्हारी पवित्रता को पतितता से, बेड रूम (BED ROOM-शयनयान) की वस्तु बनाकर, भष्टाचार की ऊंची उड़ान भरी है और देश का बेड-रूप बना दिया है... . नारी तुम सब पर भारी..., अब अपने मर्दों (सरपंच से नेता) से कहों..., अब बेड रूम में तुम्हारे प्रपंच का खेल नहीं चलेगा..., भ्रष्टाचार के प्रपंच की पतितता से अब देश में नारी की कुरूपता का व्यव साय नहीं चलेगा आओं.., अपने मर्दों से कहों.., राजनीती की बातें BED-ROOM में नहीं, घर के DRAWING –रूम (बैठक कमरे) में हो..., ताकि, मैं देश की एक नई तस्वीर बना सकूं... अब तक तो.., देश के मर्द सत्ता के मद में देश का मधु पी रहें थे ..... आओं..., मर्दों से कहो..., देश की महिलाओं को जगाकर कहो.., अब, हम तुम्हारी बैसाखी नहीं..., बच्चा पैदा करने की मशीन नहीं..., अब हमारे संस्कारों की सम्मानता से.., हम देश के हर नागरिकों को समान प्यार से, उनके जीवन की प्रेरणा को और उज्जवलित करेंगें...

नारी दिवस .. , मर्दानी ... , अब भरवाओं.. , मर्दों से पानी... राजनीती से समाज ने तुम्हारी पवित्रता को पतितता से , बेड रूम ( BED ROOM- शय...