Friday, 11 September 2020

शिवसेना के मेमने को सन्देश..., तूने कंगना का घर तोड़ा लेकिन अपना अक्कल का दाढ भी “उखाड़ दिया” अब इस सांडपना (BULL) के Bulldozer का खेल छोड़ दे, सावधान..., अब कंगना का डोसियर (Dossier) आने से, जनता अपने डोस से, तुझे सत्ता से “उखाड़ देगी”

 


शिवसेना के मेमने को सन्देश...,  

तूने कंगना का घर तोड़ा लेकिन अपना अक्कल का  दाढ भी  “उखाड़ दिया” अब इस सांडपना (BULL) के  Bulldozer का खेल छोड़ दे, सावधान...,  अब कंगना का डोसियर (Dossier) आने से, जनता अपने  डोस से, तुझे सत्ता से “उखाड़  देगी”  

Tuesday, 8 September 2020

रिया गिरफ्तार ,अब नशे का तंत्र का राज अब पकड़ेगा रफ़्तार .., अब तो इस गोरखधंदे में सिर्फ अंडें मिले हैं, अब मम्मी पापा वाली बड़ी मछलियों की तलाश में बॉलीवुड के समुन्दर के अन्दर गहराई में गहन तलाशी का आगे का मंजर है.., क्योकि हर ड्रग माफियाओं के पास ड्रग का खंजर है =============== सुशांत.., एक निष्णात.., बुलंदी में पहुँचने पर भी शांत. कोई नहीं अभिमान, यही थी सुशांत की शान फिल्म इंडस्ट्रीज का सितारा जिसके खून में विज्ञान से अभिज्ञान की जिज्ञासा.., सूर्य की किरण से हर दिन जीवन में नई उमंग से विहंग, अध्यापन से हर क्षेत्र में अपना सिक्का जमाने के बावजूद वे कभी धन के लोभ से नहीं रहे मोहताज .., सितारों की दुनिया से बॉलीवुड में धमाकेदार एंट्री से वंशवाद व भाई भतिजावाद के टुकड़ों से पलने वालों में तहलका मच गया.

 


रिया गिरफ्तार ,अब नशे का तंत्र का राज अब पकड़ेगा रफ़्तार .., अब तो इस गोरखधंदे में सिर्फ अंडें मिले हैं, अब मम्मी पापा वाली बड़ी मछलियों की तलाश में बॉलीवुड के समुन्दर के अन्दर गहराई में गहन तलाशी का आगे का मंजर है.., क्योकि हर ड्रग माफियाओं के पास ड्रग का खंजर है.




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सुशांत.., एक निष्णात.., बुलंदी में पहुँचने पर भी शांत. कोई  नहीं अभिमान, यही थी सुशांत की शान


फिल्म इंडस्ट्रीज का सितारा जिसके खून में विज्ञान से अभिज्ञान की जिज्ञासा.., सूर्य की किरण से हर दिन जीवन में नई उमंग से विहंग,  


अध्यापन से हर क्षेत्र में अपना सिक्का जमाने के बावजूद वे कभी धन के लोभ से नहीं रहे मोहताज .., 

 

सितारों की दुनिया से बॉलीवुड में धमाकेदार एंट्री से  वंशवाद  व भाई भतिजावाद के टुकड़ों से पलने वालों में तहलका मच गया.


हर क्षेत्र  में महारत होने के बावजूद सुशांत ने कभी पुरूस्कार का मोह न करते हुए अपनी सफलताओं की सीढ़ी  चढ़ते हुए  नयी पीढी को प्रेरणा दी  की अपनी  क्षमता  के बल से बुलंदी छूई जा सकती है और M S DHONI फिल्म देखकर , धोनी भी कायल होकर कहने लगे , सुशांत आपकी बल्लेबाजी व विकेटकीपिंग तो मेरे से भी बढ़िया है तूने  तो चंद  दिनों के अभ्यास से महारथ हासिल कर ली है

 

अब तो,सितारों की दुनिया से बॉलीवुड में धमाकेदार एंट्री से  वंशवाद  व भाई भतिजावाद के टुकड़ों से पलने वालों में तहलका मच गया. और इनकी दूकान बंद होने की  मुहर लगनी पक्की हो गई थी ..,


अब यह सुशांत ,  भाई-भतीजावाद + नशे व अवैध व्यापार / घोटाला अर्थात देश को बेच डाला  + राजनैतिक ढाल  के सुनियोजित संगठन की गले की हड्डी बन गयी और सुशांत जो “छिछोरा” फिल्म फेयर अवार्ड में इस फिल्म  का कोई Affair न दिखाकर इसे नामांकित भी नहीं किया.., इसके बावजूद सुशांत को अपनी कला पर विश्वास था व हौसले बुलंद थे


असली खेल शुरू हवा जब मौत का खेल “दिशा सालियांन” जो सुशांत की पूर्व सेक्रेटरी  की ह्त्या से, ४थे मंजिल से नग्न अवस्था से फेकने के बावजूद मुंबई पुलिस ने इसे  आत्मह्त्या का मामला कर रफा दफा कर दिया


इसकी भनक लगते ही व इसके पीछे के राज का पर्दाफाश करने के लिए सुशांत द्वारा प्रेस कांफ्रेंस की घोषणा करने पर सुशांत को हमेशा के लिए शांत करने के खेल में ह्त्या कर, पुलिस ने  दिशा सालियांन की तरह आत्महत्या घोषित कर दिया


इसके बाद दिशा सालियांन की ह्त्या के सबूत / पत्र जो  कंप्यूटर में थे , मुंबई पुलिस ने आनन् फानन में , इस फाइल को कंप्यूटर से उड़ा (Delete)  दिया .


अब इस पूरे मामले में दिशा सालियांन की ह्त्या का राज खुलने पर बड़ी मछलियों के बाप से दादा व परदादा तक पकडे जायेंगें.


जब तक इस तरह के रैकेट /नेक्सस का पूरे देश से खात्मा नहीं होता , तब तक देश में उड़ता..., पंजाब , गोवा ,महाराष्ट्र से अन्य राज्य  का युवा इसकी चपेट से लपेटा रहेगा .


जब तक देश में नशे के भेष का नकाब नहीं खुलेगा तो देश का युवा इस से ग्रसित होकर देश डूबते रहेगा


देश का खुफिया तंत्र यदि इस नशे को  देश के युवा को मारने का छुपा  हथियार नहीं समझेगा तब तक यह एक खाना पूर्ती की  कार्यवाही  मानकर कानून की किताब से एक ख़िताब बनाकर रखा जायेगा.

दोस्तों.., यह देश की छद्म आजादी के ७३ सालों का खेल है.. सच में इस वेबस्थल का स्लोगन है

“मेंरा संविधान महान , यंहा हर माफिया पहलवान “



Saturday, 5 September 2020

५ सितम्बर.., शिक्षक दिवस अब बना on line Teachers Day..., अब शिक्षक का अपना हर दिवस बना घर / पाठशाला में बैठकर, अब गरीब से अमीर विद्यार्थियों को घर से , विद्यार्जन प्राप्त कराने के नये युग आरम्भ होकर होनहार होने का शुरू हो गया है. आज टेबल (desktop) से जांघों में (Laptop} रखने वाले संगणक , जीवन में इस नए युग के विद्यार्थियो की उन्नत अनुसन्धान से जीवन लीला को निखारने की प्रतिस्पर्धा से एक स्वच्छ जीवन से राष्ट्र का उत्थान कर गौरान्वित करने का स्वर्णिम युग के शुरूवात हो रही है. देश के हर उम्र के वासियों को internet से विशाल ज्ञान भण्डार को वह अपने मस्तिष्क में संचयित से देश दुनिया की २४ घंटों में २४ दिशाओं का ज्ञान अर्जित कर अपने जीवन में स्व निर्मित, दिल में जूनून रखकर, न रुके.., न थमें का धेय्य रखकर आसानी से वैज्ञानिक बन कर देश को विश्व गुरू बना सकता है




५ सितम्बर.., शिक्षक दिवस अब बना on line Teachers Day..., अब शिक्षक का अपना हर दिवस बना घर / पाठशाला में बैठकर, अब गरीब से अमीर विद्यार्थियों को घर से , विद्यार्जन प्राप्त कराने के नये युग आरम्भ होकर होनहार होने का शुरू हो गया है.

आज टेबल (desktop) से जांघों में (Laptop} रखने वाले संगणक , जीवन में इस नए युग के विद्यार्थियो की उन्नत अनुसन्धान से जीवन लीला को निखारने की प्रतिस्पर्धा से एक स्वच्छ जीवन से राष्ट्र का उत्थान कर गौरान्वित करने का स्वर्णिम युग के शुरूवात हो रही है.

देश के हर उम्र के वासियों को internet से विशाल ज्ञान भण्डार को वह अपने मस्तिष्क में संचयित से देश दुनिया की २४ घंटों में २४ दिशाओं का ज्ञान अर्जित कर अपने  जीवन में स्व निर्मित, दिल में जूनून रखकर, न रुके.., न थमें का धेय्य रखकर आसानी से वैज्ञानिक बन कर देश को विश्व गुरू बना सकता है


Saturday, 15 August 2020

मै..., कैसे मनाऊँ, आजादी...???, मेरे देश का क्या होगा...!!!!, मेरी बर्बादी के २५ साल आज पूरे .., सरकारी मुस्टंडों का खेल अब भी बदस्तूर जारी, चोर उच्चके अब भी जनता पर भारी.., , क्या...!, क्या....!!! अब भी हम इस लुंज पुंज व्यवस्था से चीन के उत्पादन में ठहर सकेंगे

मैं ..., कैसे मनाऊँ, आजादी...???, मेरे देश का क्या होगा...!!!!, मेरी बर्बादी के २५ साल आज पूरे .., सरकारी मुस्टंडों का खेल अब भी बदस्तूर जारी, चोर उच्चके अब भी जनता पर भारी.., ,  क्या...!, क्या....!!! अब भी हम इस लुंज पुंज व्यवस्था से चीन के उत्पादन में ठहर सकेंगे...!!!


 

१.   कंपनी में बार बार चोरी, FIR दर्ज होने के बाद भी एक साल से कोई पुलिस कार्यवाही नहीं.., हाल के मुम्बई तूफ़ान में कंपनी के छत पर आम के पेड़ की टहनी गिरने से सीमेंट की चादर टूट कर कंपनी में जल भराव व महाराष्ट्र औधोगिक विकास निगम के अधिकारीयों से संपर्क करने पर अपनी कार्यालय में कर्मचारी की भर्ती व औजार न होने की असमर्थता जताने के बाद , 


अग्निशमक दल / आपदा विभाग को फ़ोन द्वारा फैक्ट्री पर पहुँचने पर, अपनी सीढ़ी होने के बावजूद शमक दल द्वारा पेड़ पर चढ़ने से इनकार व इसे भारी खतरा बताते हुए वहाँ से चम्पत होते हुए चुनौती दी की वरिष्ठ अधिकारी के आदेश के बावजूद हम ये काम नहीं करेंगे,


२.    याद रहे इसी पेड़ पर चोर चढकर चोरी करने की घटना सामान्य बात है





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Past History...!!!! why meradeshdoooba

 

1.    १९९४ में ऊंचे लोक , उच्चका / टुच्चा बैंक (Union Bank) ने इस नए Pvt Ltd कंपनी ने  २५लाख ऋण के आवेदन के एवज में बैंक के अधिकारी ने २५ हजार  की रिश्वत लेकर दूसरे बैंक से २५ लाख की Mobilisation of Fixed Deposit  का पत्र देकर आश्वत किया व १८ महीने बाद इस अधिकारी के तबादले के बाद नए बैंक अधिकारी ने इस प्रकिर्या को निरस्त कर.., मेरे १८ महीने बर्बाद कर, कंपनी को बीमारू बनाकर मुझे सरकारी धोखा मिला.   

 

२ , १९९५ में नयी कंपनी के इस जमीन हस्तांतरण में १० हजार के Transfer के आदेश को file में छुपाकर , महाराष्ट्र औधोगिक विकास निगम के अधिकारीयों  से इस बारे में पूछने पर कोई आदेश नहीं होने का बहाना  बताया . व बैंक से Working Capital/ कर्ज  न मिलने की पक्की मुहर लग गई व कंपनी और बीमारू हालत में चले गई  

 

 

३.   जब RTI में हस्तांतरण बाबत आवेदन करने पर २०१५ में खुलासा हुआ की यह आदेश १९९७ में निकल चुका है  व समय पर १० हजार रूपये न भरने से अब यह निरस्त हो चुका है .., और सन २००० में वही भ्रष्ट अधिकारी  Mr. L.V.Naik, एक खुले रिक्त प्लाट पर भवन निर्माण पूर्णता (B.C.C.) का झूठा  प्रमाण पत्र देने  पर भ्रष्टाचार निरोधक विभाग  द्वारा हथकड़ी पहनाने व के बावजूद फिर से  नौकरी में बहाल हो गया है, यही है...!!!!,  देश का अब भी  हाल..!!!!

 

४.     १९९४ में इस कंपनी के जमीन की मूल कीमत एक लाख अस्सी हजार में खरीदी गई थी  जिसके हस्तांतरण आदेश में २०१८ महाराष्ट्र औधोगिक विकास निगम में १४ लाख भरने के बावजूद आज तक इसका  हस्तांतरण नहीं होने की वजह से न्यायलय में मुकदमा अब भी लम्बित है. और CORONA की वजह से मामला ठन्डे बस्ते  में है

 

 

५.     इस जमीन की मूल कीमत जो एक लाख अस्सी हजार है , इस पर (संलग्न कंपनी का चित्र) ढांचा खडा करने के एवज में ३० लाख रूपये का संपती कर का आदेश व अदा न करने पर हर ६ महीने पर २% चक्रवर्ती ब्याज के साथ कंपनी सील करने का आदेश जारी होता है

 

६.   २५ साल बाद भी  इस लघु उद्योग का दर्जा न मिलाने से सरकारी कंपनी में पंजीकरण नहीं हो पा रहा है

 

७.   बड़े दुःख के साथ लिखना पड़ रहा है की २० साल से सड़क नहीं बनी उबड़ खाबड़ रास्ते में बरसात में दरिया बन जाता है ..,  चारों ओर गन्दगी का माहौल.., स्वच्छ भारत का उपहास ..!!!!!!!

 

SATURDAY, 15 AUGUST 2015 की पुरानी सार्थक पोस्ट

 १.     मै कैसे मनाऊँ, आजादी...???, चेतो मोदी सरकार.., मेरी ऊंगली की अच्छे दिनोंके  मतदान  की स्याही.., पिघलकर, मुझे बदरंगा कर रही  है.

२.   15 AUGUST को ALL GUEST बनकर - देश के सभी भेड़ियों माफिया मेहमानों ने देशप्रेमी का चोला पहनकर, क्रूरता से देश को लूटकर…???, अब…?,

३.    पुरानी खबर  में नया कवर.., या  पुरानी बोतल में नई शराब.., सत्ता का ख्वाब..., यह सत्ता-विपक्ष (अच्छे दिनों V /s भारत निर्माण) की अहंकार की लड़ाई नही.., देश के अंधकार की कहानी है..., सुषमा के  इस्तीफे, के  इस तोहफे से कांग्रेस के २५ सांसद बर्खास्त .., सत्ताधारी  भाजपा का रास्ता साफ़ ..., क्यों नहीं इन  मुद्दों पर होती खुलकर बात .., हर, राजनैतिक दलों  का कीचड़ क्यों नहीं होता साफ़...!!!!, कमल की जगह कमाल की राजनीती है उदयमान.., जनता हैरान..., सीमा पर जवान परेशान ..., दे रहा अपनी जान..!!!!!!!!!!!!!!!.

४.   संसद १५  दिनों से ठप्प ..., मीडिया की TRP से गप ..,, यही है जनता को दिखाने का लोली-पॉप से, बने देश के बाप से ,  लोकतंत्र का बना पाप..

५.   राष्ट्रवाद.. बेहाल .., क्या यही है, राजनीती का कमाल..... ,पंजाब में आतंकी हमला.., फिर भी सांसद का दिल नहीं पिघला ...

६.   देश के ६८ सालों से, संसद के समय की बर्बादी से राष्ट्र की बर्बादी है ... डूबते देश की कहानी है...,

 

 

संसद के हुड्दंड से सत्ता हुई बदरंग .., देशवासी दंग.., देश का दाग बने, दबंग..

 

 

७. देश के, आज तक के सत्ता परिवर्तन के  इतिहास में काला धब्बा.., संसद  हुड़दंग का  डब्बा.., अच्छे दिनों  का बज रहा है  बैंड बाजा के BAD बराती ले रहें हैं .., कैंटीन में भोज.., हर रोज मौज..,जनता सोच रही है.., कैसी आजादी.., यह तो देश की है बर्बादी...

८. मोदीजी.., अपनी पार्टी की चीटियों को बचाने के लिए देश का हाथी बल मत बर्बाद करों .., आपकी पार्टी में  भ्रष्टाचार से उलटे पिरामिड के अवशेष के अवयय , पुरानी पार्टी के भारत  निर्माणकी तरह उग चुके है..., कही ये देश के बचे हुए खेत को  भी चुग न लें. आज तक, सी.बी. आई को पिंजरे में रखकर इस भ्रष्टाचार की बयार से .., आज तक अभी तोंते जांच में पिंजरे सहित गायब हो गए हैं...!!!!  और जनता हाथ मलते रही है....!!!

९.     कहाँ हैं...!!!, मेरे देश के लाललाल बहादुर शास्त्री  का  जय जवान- जय किसानके विचार..,, जिन्होंने तो, जनता और किसानों में राष्ट्रवाद का दंभ भरकर जिन्होंने १८ महीनों में देशी विदेशी  माफियाओ व नेताओं की दुकानों में ताला लगाकर, मुंह काला किया था ..

१०.     भ्रष्टाचार में लिप्त पाने में, लाल बहादुर शास्त्री  ने अपने ही केन्द्रीय मंत्री कृष्णामचारीका इस्तीफा  रूस जाने के, अपनी ह्त्या होने के पहिले लेकर, “जय जवान - जय किसानमें स्फूर्थी”  फूख दी व पार्टी में सनसनी से मातम फ़ैल गया था .., नेताओं को मजबूर कर मजदूत बनाकर देश को इतना मजबूत कर दिया कि वह विश्व गुरू की दहलीज में पहुँच गया था

११.    आराम हराम है, गरीबी हटाओ, मेरा भारत महान, इंडिया शाइनिंग भारत निर्माण के अच्छे दिनों से सत्ता के चौपड़ का यह है  उल्टा  पिरामिडकी शुरूवात से  जनता संशयित है.., देश की सीमाओं के जज्बों का ठोस सन्देश व सीमा पार से आतंकवाद का मकबूल जवाब नहीं मिला है..

१२. देश के क्रांतीकारियों को देशद्रोहीकह,  देश को आगे भी, और क्रूरतमता से, लूटने के लिये, तिरंगे के शान की आड़ मे, जश्न-ए आजादी के नाम से,  जनता को अफीमी नारोंके दंश से डंस अब एक, नए खोजी लूट की योजनाओ का आयाम बना रहे है,,,,?????,

१३. चेतो मोदी सरकार.., सी.बी. आई., को, लाल किले के प्राचीर पिंजरे से आजादीकी  घोषणा न होने से देशवासी निराश है,   इसे  पिंजरे से आजादीदो .., ताकि , इस देश के ६८ सालोंके काले किलेके भ्रष्टाचार के काले कलंकके सत्ता के चौपड़से देश को चौपट कर, सत्ता को खैरातमानकर, देश को  डूबोने वालों की खैर लेकर,  गरीबों की अंधेरी रातों में .., देश का दिन का उजालाआयेगा .जनता के भी अच्छे दिनआयेंगें 

१४. इस आजादी के ६८ सालों बाद, केन्द्रीय सुरक्षा आयोग व सीमा पर तैनात जवानों को स्वायत्ता दिए बिना, देश के आधे प्रतिशत जो देश में विदेशी हाथ,साथ बात संस्कारों से देश की दिशा व दशा तय कर रहें हैं.., सीमा पर, घुसपैठ व नशे के कारोबार की कड़ी से अवैध व्यापार के व्यापम घोटालों मे व्याप्त से मालालाल है..,  देशवासी बेहाल है..

१५. देश के १२५ युवा आपके मेक इन इंडिया व स्किल इंडिया से पार्टी के कार्यकर्ताओं से नेताओं की अपने प्रदेशों में बंदरबांट से महंगाई से अपने को MAHAN-GAI समझ रहें 

१६. देश १९४७ से सत्ता परिवर्तन को आजादी का जश्न मनाकर.., सत्त्ताखोरो सत्ताखोरों ने देशी - विदेशी माफियाओं के दंश से देशवासियों को घायल कर दिया है.

१७. दोस्तों, देश तो कर्ज़ो के, विदेशी बम्बू (आधार) से खड़ा है ...जागो देशवासी, डूबते देश को बचाने से पहले, देशी माफिया भेड़ियो, से निपटो , दुश्मन तो पहले से ही घात लगाकर बैठे है...हम अपने जवानो का सिरा कटाकर दे सकते है....?????, लेकिन LOC ( LOVE OF COMBINATION- प्रेम का बंधन) इजराईल की तरह, सीमा पार करने की अनुमति दे सकते नही...???? लूट के खेल मे सत्ताधारी को तो छोड़ो...????, विपक्षी भी इस प्रेम के बंधन मे इतने व्यस्त है... कि उन्हे भी, देश की लूट से फुर्सत नही है...?????

साभार  www.meradeshdoooba.com 

 

 

 

 

 

Thursday, 28 May 2020

वीर सावरकर ने कहा था, पहले हमारी सीमाओं की सुरक्षा के लिए, हमारी सेनायें उन्नत्त व मजबूत होनी चाहिए, ताकि कोई हमारे से आँख उठाकर बात न करे..., १९४७ में सावरकर ने कहा था, हिन्दुस्तान को अणु बम बनाना ही चाहिए, इतना ही नहीं हाइड्रोजन व ऑक्सीजन का ध्वम बम भी बनाना चाहिए... राष्ट्र का सैन्यीकरण व सेना का हिन्दुकरण , आज इसी विचारधारा से इसराईल ने अपने को सुरक्षित रखा है.. इसी का संज्ञान लेते हुये , हमारी सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए, आज इसी नीती से सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों से प्रधानमंत्री बैठक कर, देश की सुरक्षा के लिए उपकरणों की आवश्यकता से निदान ..., व मोदीजी ने इसरो को नाभकीय क्रांती में खुली छूट दे कर कहा है.. आप आगे बढ़ो.. मैं आपको इस प्रकल्प में धन की कमी नहीं होने दूंगा. वही लूली लंगडी चल रही हत्यार निर्माण के डी.आर.डी .ओ. को अब चलना सिखा दिया है.., जल सेना को नए जलपोतों के निर्माण का जज्बा फूँका है,,



नरेन्द्र मोदीजी और वीर सावरकरजी में समानतायें..., वीर सावरकर को जिसने नही जाना..?, उसने हिन्दुस्थान को नही पहचाना?



 विशुद्ध रूप से वीर ही नहीं परमवीर.., अतुल्य सावरकर, नरेन्द्र मोदीजी के ६ साल के शासन पूरे .., अब भी वीर सावरकर के विचार से अधूरे .., क्या मोदीजी.., वीर सावरकर के दफन इतिहास को जनता को दर्शन समारोह बनाकर गौरव सप्ताह गौरव पखवाड़ा मनाएंगे..., या पिछ्वाड़े से.., गए वर्षों की तरह एक छोटे से १० मिनट के भाषण से समाप्त करेंगे...!!! ========================

१. दोनों के पिता का नाम दामोदर, एक २०वी सदी के व दूसरे २१वी सदी के दमदार व्यकित्व... नाम विनायक .., वीर सावरकर तो बिना सेना के बावजूद लड़कर, देश के नायकबने . नाम नरेन्द्र .., अपने बल पर प्रधानमंत्री बन कर नर व इन्द्र का संगम. सावरकर..., भारतमाता को संवारने में अपना सम्पूर्ण जीवन अर्पीत कर दिया मोदी..., अब, भ्रष्टाचार से सत्ता के मोदकों को खत्म करने का जज्बा

२. वीर सावरकरजी व नरेन्द्र मोदीजी ने एक कच्ची उम्र में ही, लगभग १५-१७ साल की उम्र को .., देश सेवा के लिए, अपने को समर्पित कर दिया.



३. अखंड भारत के शिल्पकार सावरकरजी के मंसूबे को देशद्रोहियों ने देश को तोड़कर, खंडित भारत से, देश के २१ लाख बेगुनाह हिन्दुस्तानियों की ह्त्या कर, महात्मा, बापू, चाचा .. से, यमदूत बनकर शांती के मसीहा से, जनता को मशगूल बनाकर.., सत्ता मेवा है , इसकी जय है, (जो इस  वेबस्थल का स्लोगन है), से ६० वर्षों तक राज किया (लालबहादुर शास्त्री के कार्यकाल को छोड़कर) वही लोकसभा चुनाव में अपने दम पर नरेन्द्र मोदीजी ने सावरकरजी के राष्ट्रवाद की एक लौ जगाकर ..., भारतमाता की कसम खाई है... मैं देश नहीं झुकने दूंगा , मैं देश नहीं मिटने दूंगा.., हे भारत माँ तेरा वैभव अमर रखूंगा ..., इसी राष्ट्रवाद की शक्ती से भारतमाता की भक्ती से वे प्रधानमंत्री बने .. यही शपथ, वीर सावरकर ने भवानी माता से अपने १६ वें साल में ली थी .., और इसे सार्थक किया था 


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४. वीर सावरकर ने कहा था, पहले हमारी सीमाओं की सुरक्षा के लिए, हमारी सेनायें उन्नत्त व मजबूत होनी चाहिए, ताकि कोई हमारे से आँख उठाकर बात न करे..., १९४७ में सावरकर ने कहा था, हिन्दुस्तान को अणु बम बनाना ही चाहिए, इतना ही नहीं हाइड्रोजन व ऑक्सीजन का ध्वम बम भी बनाना चाहिए... राष्ट्र का सैन्यीकरण व सेना का हिन्दुकरण , आज इसी विचारधारा से इसराईल ने अपने को सुरक्षित रखा है.. इसी का संज्ञान लेते हुये , हमारी सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए, आज इसी नीती से सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों से प्रधानमंत्री बैठक कर, देश की सुरक्षा के लिए उपकरणों की आवश्यकता से निदान ..., व मोदीजी ने इसरो को नाभकीय क्रांती में खुली छूट दे कर कहा है.. आप आगे बढ़ो.. मैं आपको इस प्रकल्प में धन की कमी नहीं होने दूंगा. वही लूली लंगडी चल रही हत्यार निर्माण के डी.आर.डी .ओ. को अब चलना सिखा दिया है.., जल सेना को नए जलपोतों के निर्माण का जज्बा फूँका है,,



५. सावरकर, मुस्लिम लीग की कट्टरता से देश को चेताते रहते थे, बलपूर्वक धर्म परिवर्तन अर्थात राष्ट्र परिवर्तन..जो, आज ईराक सीरिया में इसकी भयावहता दिखाई दे रही है.. वही , 2003 में गुजरात में सत्ता में आते ही नरेन्द्र मोदी सरकार ने गुजरात विधानसभा में "गुजरात धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2003" पारित कर मतांतरण करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाया था।


६. वीर सावरकरजी के नाम से अंग्रेजों का न डूबने वाला सूर्य का साम्राज्य थर्राता था... वहीं मोदीजी के प्रधानमंत्री पद की घोषणा से थर्राते हुए, दुश्मन व लूटेरे देशों ने मीडिया व अन्य संशाधनों से एड़ी चोटी का जोर लगाने के बाद भी सफलता नहीं पायी.., और हाथ मलते हुए मायूस हो गयें है...

७. ब्रिटिश अखबार इंग्लॅण्ड में क्रांतीकारियों की आवाज व हिन्दुस्तानी समाचार जानने के लिए वीर सावरकर से संपर्क करती थी जबकि उस समय नरम दल पैसे देकर अपनी खबर छापते थे,, वही देश की विदेशी टुकड़ों में पालनेवाली मीडिया भी पेड़ मीडिया बनकर , नरेन्द्र मोदी को नर भक्षी के रूप में प्रसारित कर.., अब उनकों भी अक्कल आने लगी है १८ सालों से नरेन्द्र मोदीजी को देश का कसाई व विदेशी इशारों से, देश के समाचार चैनलों के विदेश में बैठे देशी व विदेशी मालिक, बदनाम करने के लिए पेट भरी मीडिया .., मालामाल होकर भी नरेन्द्र मोदीजी से परास्त हो गयी.., वही मोदी पेट भरी मीडिया को अपने समाचार के बारे में फटकने नहीं देते थे... और पेट भरी मीडिया को बार-बार चेतावनी देते थे..., निष्पक्ष बनों.. देश को गुमराह मत करो...देश की छवि मत बिगाडों

८.वीर सावरकरजी की तरह ही नरेन्द्र मोदीजी अपने भाषणों में शमा बाँध देते है.., कब घंटे निकल जाते है...,श्रोताओं को पता भी नहीं चलता

९. याद रहे.., अपने तरूण ब्रह्मचर्य जीवन में विदेशों में वीर सावरकर, दमदार व्यक्तित्व , निर्भीक जीवन..,एक तेजस्वी वक्ता के राष्ट्रवादी भाषणों से दुनिया कायल थी, देशी व विदेशी गोरी चमड़ी वाली लड़किया तो दीवानी होकर वीर सावरकरजी से “I LOVE YOU” कहती थी.., तब वीर सावरकरजी कहते थे मैं तो सिर्फ भारतमाता से प्रेम करता हूँ..., और शादी के बाद अपनी बीबी से प्रेम करूंगा वही लोकसभा चुनावों में पेट भरी मीडिया ने मोदीजी के तूफानी भाषणों से कही उनके कैमरे उड़ न जाए, इसी झांसे से मोदीजी के शादी व ब्रह्मचर्य जीवन से देश वासियों को भटकाने की कोशिश से, कशिश निकालने का खेल खेला..हाथ कुछ न आया बाबाजी का ठुल्लू
९.नरेन्द्र मोदीजी ने अपने दुश्मन व मनमुटावी देशों को अपनी कूटनीती से साथ लेकर दुनिया को अचम्भे में डाल दिया है...

१०. वही वीर सावरकरजी.., स्वतंत्रता के लिए लड़ों के उद्घोष से, विश्व के गुलाम देशों , तुर्की,रूस,इटली,आयरलैंड,इजिप्त फ़्रांस के क्रांतीकारियों में एक आजादी का जज्बा भर दुनिया को अचंभित कर दिया !!!!!!!!! . वही मोदीजी भी स्वतंत्र देशों को कहते हैं..., “सबका साथ, सबका विकास ...

११.सावरकर स्वर से देश के लिए अदम्य थे.., उनकी तुलना , चाणक्य से ही की जा सकती है..., जिसने भारतमाता की बेदिया बेड़ियां तोड़ने के लिए ही जन्म लिया था उनके स्वरों में एक मुख्य स्वर थे.., जब तक देश जातिवाद, भाषावाद, अस्पर्श्यिता की बेड़ियों में जकड़ा है.., तब तक देश एक गुलामी से दूसरी गुलामी में बंधा रहेगा..., और हिंदुत्व का पतन के साथ देश विखंडन के कगार पर जाएगा ... सावरकर के अनुसार हिन्दू समाज सात बेड़ियों में जकड़ा हुआ था।।

 १. स्पर्शबंदी: निम्न जातियों का स्पर्श तक निषेध, अस्पृश्यता 

२. रोटीबंदी: निम्न जातियों के साथ खानपान निषेध 

३. बेटीबंदी: खास जातियों के संग विवाह संबंध निषेध 

४. व्यवसायबंदी: कुछ निश्चित व्यवसाय निषेध 

५. सिंधुबंदी: सागरपार यात्रा, व्यवसाय निषेध 

६. वेदोक्तबंदी: वेद के कर्मकाण्डों का एक वर्ग को निषेध

 ७. शुद्धिबंदी: किसी को वापस हिन्दूकरण पर निषेध १२. ऐसी उनकी ४० से ज्यादा भविष्यवाणीयां, जिनकी हमने अवहेलना की है..., वीर सावरकर का इस देश पर महान ऋण है। वे अधिकांश क्रान्तिकारियों के लिये प्रेरणा के स्रोत थे। आज भी वह हर सच्चे भारतीय के लिये प्रेरणा के स्रोत हैं !!!!!

A. क्या.., अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी .., श्री..श्री.. वीर..., वीर.., परमवीर सावरकर के इतिश्री किये इतिहास को.. भारत के गौरवशाली इतिहास के अनुसरण से भारतमाता के गौरव से देश को भव्यशाली बनायेंगें (२८ मई को वीर सावरकर २०२० सन  के जन्म दिवस पर ...

B. क्या मोदीजी.., वीर सावरकर के दफन इतिहास को जनता को दर्शन समारोह बनाकर गौरव सप्ताह गौरव पखवाड़ा मनाएंगे..., या पिछ्वाड़े से गए वर्ष की तरह एक छोटे से १० मिनट के भाषण से समाप्त करेंगे...!!!

C. मोदीजी ने तो... प्रधानमंत्री के रूप में सरकारी खर्च से मोदीजी ने अपने बुलेटी जिगर से AROUND THE WORLD IN 360 DAYS WITH 360 DEGREES से दुनिया में धाक मचा दी है..., , लेकिन सावरकर के अतुल्य राष्ट्रवादी बल से “ONE MAN ARMY” से, वे तो विश्व के मानचित्र में छा गए थे .

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D. नरेन्द्र मोदी भी अपने आत्मबल से प्रधानमंत्री बनकर, विपक्षीयों को, जो, भ्रष्टाचार के पंछी बनें थे.., उन्हें पेड़ से उड़ाकर, एक नया इतिहास से देश के प्रधानमंत्री बने.. वही गुण सावरकर में थे.., लेकिन वीर सावरकर की ख्याती को, कांग्रेस दुर्भावना से जनता को गुमराह करती रहे.., इसके बावजूद उन्होंने अपना आत्मबल न खोते हुए .., अबाध गति से भारतमाता के गौरव बढाने में को अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया था 

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