Sunday, 13 September 2015

जयप्रकाश नारायण ने तो कहा था, देश में सबसे अधिक खनिज होने के बावजूद बिहार गरीब क्यों.???, इस जीत का रहस्य तो..., खनिज से ज्यादा बिहार में नेताओं के लिए जातिवाद,धर्मवाद के उत्प्रेरक खनिज से..,



१. लोकसभा चुनाव..., मोदी लहर का असर..., लालू..., बना लूला और नितीश कुमार..., बना लंगड़ा और अब दोनों आँख में मुस्लिम(M) यादव(Y) की पट्टी बांधकर, नितीशलाल की नीती से , MY बिहार से चुनाव जीतने का दोनों अंधे ख्वाब देख रहे हैं. 

२. अब केजरीवाल की नौटंकी से MY लालू के नीती के लव ट्रेंगल से..., क्या अब होगी.., इन तीनों की होगी टिंगल.., पटखनी से राजनीती के चिटखनी से एक दल, दूसरे दल को कैद करने का खेल है

३. अभी इस दो-मुंहा नितीश लाल के साथ अपने को दिल्ली का सरताज कहने वाले टिंगलवाल.., लालू के मिलन समारोह में शिरकत देने उन्हें अपनी तरह इमानदार कह.., खुली हवा में नीतीश कुमार के धनुष से हवा में तीर चलाकर तारीफ़ कर दी..,

४. जातिवाद के नरमुंडों के समीकरण का यह खेल है.., कही दलित , मुस्लिम व यादव के झोल से इनके वोट अपने झोले में डालने की प्रतिस्पर्धा है..
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५. कुर्सी के लिए राजनीति में कोई दुश्मन नहीं होता यह कहावत आज तक हर दल के नेता ने कहा हैं...
यदि राजनीतिक दुश्मन से समझौता नहीं होता तो राष्ट्रनीति से समझौता किया जाता है..,.राष्ट्रवाद को डुबो कर, वोट बैंक के सत्ता की नाव से जीवन की नैया बना कर, हर नेता, हर दिन अखबारो में सुर्खिया बना कर उन्नत होते जा रहा है.., और इस आड़ में देश की सूरत-सीरत-सेहत ६९ सालो से सूख गई है...

६. दिवंगत महान व्यंगकार लेखक श्री हरीशंकर परसाई के १० हजार से अधिक राजनितिक लेख आज भी जीवंत हैं. १९६० के दशक में.., उन्होंने बिहार के बारे में लिखा था, श्रीकृष्ण भगवान् मुझे मिले थे. उन्होंने, कहा मैं बिहार में चुनाव लडूंगा और लोगो को कहूँगा में श्रीकृष्ण भगवान् हूं , मैं आसानी से जीत जाऊंगा .., तब मैंने उनसे कहा आप जब तक यह नहीं कहोगे मैं श्रीकृष्ण यादवहूँ , तब तक आप चुनाव नहीं जीत सकोगे. भगवान् और मेरी शर्त लगी भगवान् श्री कृष्णा के विरोध में यादव नाम का उम्मीदवार खड़ा था और वह जीत गया और भगवान् श्री कृष्ण हार गए

७. जयप्रकाश नारायण ने तो कहा था, देश में सबसे अधिक खनिज होने के बावजूद बिहार गरीब क्यों.???, इस जीत का रहस्य तो..., खनिज से ज्यादा बिहार में नेताओं के लिए जातिवाद,धर्मवाद के उत्प्रेरक खनिज से.., बिहार भ्रष्टाचार के बहार से गाय भैसों व अन्य जानवरों के चारे से, मुस्लिम यादव के भाई- चारे नारे के आड़ में, २५ सालों तक चारे को डकारकर , प्रदेश के गरीबों को बहाकर.., एकछत्र राज्य करते रहे...,

८. दोस्तों देश का सबसे बड़ा जहर अशिक्षाहै.., जिसकी वजह से जनता गरीब होते जा रही है.., खोखले वादों के अफीमी नारों का शिकार हो जाती है.., और वोट बैंक की राजनीती करने वाले अपने को देश का मसीहा कहकर काले धन से अमीरतम बनकर अपने को अप्रतिम कहकर सत्ता को जातिवाद, भाषावाद,धर्मवाद व घुसपैठीयों के कोड़े से जनता को पीटकर,अधमरा कर, महंगाई बढ़ा कर कर्ज के गर्त से देश को डूबा रहें है.

९. इस लोकतंत्र में आप और हम वोट बैंक के मोहरे हैं.., ५साल के रोते हुए चेहरे हैं.. राममनोहर लोहिया ने सही कहा था ..., जिंदा कौमे ५ साल का इन्तजार नहीं करती है.. 

कैलाश तिवारी, कृपया मेरा देश डूबा डॉट com के सितम्बर से आज तक के वेबसाइट के ४७५ पोस्टों की यात्रा करें...सिर्फ meradeshdoooba गूगल सर्च पर टाइप करें 
मेरे फेस बुक व वेबस्थल का स्लोगन है Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold.

Thursday, 10 September 2015

आज, हम विश्व गुरू हिंदुस्थान का तमगा लेकर दुनिया में ढोल पीट रहें है.., लेकिन आज देश..., विदेशी संस्कार, विचार, शिक्षा प्रणाली से कठपुतली बनकर विदेशी देशों की अंगलियों पर नाच रहा है , डॉलर , रूपये को डोल रहा है , देशवासियों.., विदेशी नशा छोड़ो , हिन्दुस्थानियों अपने देश को पहचानों,



हिन्दी दिवस..,राष्ट्र... ह्त्या की ओर भाषा हत्या, किसान हत्या, जवान हत्या, गरीबी से आम नागरिकों की आत्महत्या (हत्या), नवजात शीशुओ की इलाज न होने से हत्या , संस्कारो की ह्त्या.....???????, 

१ हिन्दी दिवस, ६९ सालों से आज भारतमाता की बिंदी की चर्चा.., हिंद की बिंदी में १९४७ से सत्ता परिवर्तन को आजादीकी भ्रामक परिभाषा से हिन्दी की बिंदी हटाकर, विदेशी भाषा की लिपस्टिक से विदेशी हाथ साथ संस्कार विचार से, भारत के जवानों किसानों को गुलाम कर विदेशी कर्ज से सत्ता की अय्याशी में घोटालों के गद्दे से गद गद होकर अफीमी नारों से देशवासियों को सुलाकर रखा 

२ और तो और देशवासियों को प्रांतीय भाषा को हिन्दी से लड़वाकर.., सत्ता के पावर को मजबूत कर, देश को कर्ज के गर्त में डालकर, आज भी देशवासियों को भरमाया जा रहा है कि विदेशी भाषा व विदेशी कटोरों की रोटी से ही देश आगे जा सकता है..,

३ आज विश्व के ९५% उन्नत देश अपनी भाषा के विकास से अग्रणी है.. दितीय विश्व युद्ध में तबाह हुए देश अपनी भाषा व संस्कृति के स्वाभिमान से उन्नत होकर विश्व के देशों को कर्ज दे रहें हैं.
४ याद रहें.., रूस को आजादी मिलने पर देश की बुद्धजीवी जनता अंग्रेजी के समर्थन में सड़कों पर उतर गई, इसके बावजूद रूस की सरकार ने अंग्रेजी भाषा ख़ारिज कर रूसी भाषा को राष्ट्रीय भाषा घोषित कर अपने ज्ञान विज्ञान को उन्नत्त बनाकर अमेरीका को टक्कर देता रहा, महाशक्ती के रूप में उभरा 

५. UPSC परीक्षाओं में अंग्रेजी क्यों..,
अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक देशों में हिन्दी भाषा के वार्ता से से एक सम्मानित सख्श से जाने गए..., व देश के स्वाभिमान से दुनिया के देशों को सन्देश दिया.

६. आज हम..., विदेशी भोगवादी भाषा के तलवारों से, बर्बाद हो रहे है... , हिग्लीश को हिरण मानकर , धन तृष्णा से युवक, राष्ट्र की राह भटक गया है, अग्रेज़ी, दुनिया के सिर्फ 11 देशों मे प्रमुखता से बोली जाती है , स्वभाषा से चीन , जापान , जर्मनी फ्रांस व अन्य छोटे देश जो नक्शे मे भी दिखाई नही देते है वे शीर्ष देशों मे सुमार है....,

७. याद रहें.., चीन में विश्व के भव्यतम ओलंपिक के समापन समारोह के बाद ,चीनी सरकारअंग्रेजी को दूसरी भाषा के रूप में थोपने के प्रयास में चीनी जनता ने सडकों पर उतर कर विरोध किया,तब चीनी सरकार ने एक अध्यादेश लाकर घोषणा कि , चीनी भाषा में कोई अंग्रेजी शब्द उपयोग में नहीं लाया जाएगा, 

८. आज, हम विश्व गुरू हिंदुस्थान का तमगा लेकर दुनिया में ढोल पीट रहें है.., लेकिन आज देश..., विदेशी संस्कार, विचार, शिक्षा प्रणाली से कठपुतली बनकर विदेशी देशों की अंगलियों पर नाच रहा है , डॉलर , रूपये को डोल रहा है , देशवासियों.., विदेशी नशा छोड़ो , हिन्दुस्थानियों अपने देश को पहचानों, 

जागो...जागो...जागो... अभी भी समय है... विदेशी इशारों से डूबते देश को बचाओ 

Tuesday, 8 September 2015

अब आरक्षण की तलवार से प्रतिभा के भक्षण की , एक नई धार से, नेताओं के वोट बैंक की दांत की चमक के पैने पन की तस्वीर से, आज देश ऊंचाई को छूने की बजाय “बौना” होते जा रहा है..,


आरक्षण की आग., देश रहा है.., हांफ..., महंगाई निकाल रही है जनता का भाप.., आरक्षण के मसीहा, इस दंश के पाप से, अपने को कह रहें हैं, देश का बाप.., आप ..बाप.., पाप..खाप .., पार्टियों के श्राप से देश लहुलूहान.., फिर भी सत्ताखोरों के अपने अच्छे दिनोंके झांसे से मेरा देश महान”..., प्रतिभाओं के कच्छे पहिनने के दिन आ रहें हैं.., देश कर्ज के गर्त से.., डॉलर मार रहा है ६७ हथौड़े रूपये पर..., 
दोस्तों.., ीमा पार दुश्मनों की ललकार, देश में आरक्षण की तलवार, से अब सेना, सीमा से हटकर, देश के भीतरी दुश्मनों से लड़ने को मजबूर है.., अब लोक सभा बनी हुडदंगी लोगों की भ्रष्टाचार की गंगा , जातिवाद भाषावाद, व अफीमी नारों से बेहोश हिन्दुस्तानी, अभी भी भूखा नंगा ..
आरक्षण को जड़ से उठा के फेक देना चाहिये मेरे हिन्द देश से..,”आरक्षण हटाओं , डूबते देश को बचाओं..,”

१. छुवा-छुत/आरक्षण को कछुवा बनाकर संविधान की आड़ से हमारे सत्ताखोरों ने १० सालों के 22.५% प्रायोगिक तौर के परप्रयोजन से , इन कछुओं की मोटी खालों को अपना ढाल बनाकर सुरक्षता पूवर्क वोट बैंक से खरगोशी प्रतिभाओं की खाल निकालकर लहूलुहान कर संविधान का गुण गान कर, पंगु बनाकर, देश को विदेशी हाथ विदेशी साथ विदेशी विचार विदेशी संस्कार से देश को कछुआ चाल से चलाकर, विदेशी कर्ज को मर्ज मानकर , देश को गर्त में डालकर, अब भी गर्वित हैं.

२. अब आरक्षण की तलवार से प्रतिभा के भक्षण की , एक नई धार से, नेताओं के वोट बैंक की दांत की चमक के पैने पन की तस्वीर से, आज देश ऊंचाई को छूने की बजाय बौनाहोते जा रहा है..,

३. अब पटेल आरक्षण की आग पुरे देश में पेटने की तैयारी .., क्या..??, सरकार घुटने टेक देगी.., या देश गुर्जर आन्दोलन की तरह सुलगते, गुजरे जमाने में रहेगा.., सत्ताखोरों की रोटी सेकते रहेगा.., देशवासी अब सकते में है..!!!

४. दोस्तों सत्ता परिवर्तन को आजादी कह.., देश को अशिक्षा से अंधापन कर .., अंग्रेजों के संविधान का अनुसरण कर ०.१% अंग्रेजी बाबुओं की औलादें जो विलायती शिक्षा से अंग्रेजों के संविधान में आस्था की प्रतिज्ञा से खाओ अंग्रेजी , पियों अंग्रेजी सोओ अंग्रेजी , जागो अंग्रेजी, थोपो अंग्रेजी ने विदेशी भाषा से गोरे अंग्रेजों के काले बादल की गुलामी को प्रतीक बनाकर, इस बादल से काले धन की बरसात से मालामाल हो गयें और आम हिन्दुस्तानी अवसाद से बेहाल हो गया है. 

५. राख तले चिंगारी के प्रतिभा में पानी फेर कर शिक्षा को कीचड़ बनाकर, देश बदबूदार हो गया है
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६. सत्ता का एक फंडा है, देश में सत्ताखोरों का एक गोरख़ धंधा है ..,५०% आरक्षण से देश की आधी प्रतिभा गायब, और व्यापम के इस नए प्रकार के तड़के से इस आग में हजारों प्रकार के घोटालों के उत्प्रेरकों देश के ऊतक 30-४०% शिक्षा, अकर्मण्य छात्रों को पिछले दरवाजे से प्रवेश.., जो बचे शेष १०-२०% प्रतिभावान छात्र वे देश के इस मकड़जाल से, अपने अगली पीढी का भविष्य संवारने विदेशों में पलायन कर, अपनी प्रतिभा से विश्व को गौरान्वीत कर रहें हैं
.
७. १९४७ में विश्व के 100 से अधिक देश हमसे पिछड़े थे..,लेकिन अपनी मजबूत इच्छा बल से बिना आरक्षण के, घोंघा चाल से एक दृण मंजिल पाने से, उन्नत देशों की कतार में शामिल हो गयें है..

८. देश के खरगोश आज आरक्षण के जहर से, बेहोश होकर मर रहें हैं., देश का मर्ज, आरक्षण व कर्ज से नहीं, देश के १२५ करोड़ जनता को सम्मान व प्रतिभा के आंकलन से, आगे बढ़ने से ही.., देश आगे बढेगा

९. Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold.

Thursday, 3 September 2015

हे माँ, सुशीला बाई, आपकी सुशीलता से आपकी कोख से रविन्द्र पाटिल जैसे सुपुत्र को पाकर, देश धन्य है...,ऋणी है.., यह ताजा खबर.., बाजा खबर न मानकर मीडिया.., पिछली TRP का न बज जाए बैंड बाजा.., इसी खौंफ से चुप है.




हे माँ, सुशीला बाई, आपकी सुशीलता से आपकी कोख से रविन्द्र पाटिल जैसे सुपुत्र को पाकर, देश धन्य है...,ऋणी है..,
यह ताजा खबर.., बाजा खबर न मानकर मीडिया.., पिछली TRP का न बज जाए बैंड बाजा.., इसी खौंफ से चुप है.
आपकी गुहार..., सुप्रीम कोर्ट में आपकी सलमान ख़ान हिट एंड रन दाखिल याचिका में, इस केस को मुंबई हाईकोर्ट से बाहर ट्रांसफर करने की मांग की थी व आपने सही कहा था इस केस में सलमान खान को पुलिस की तरफ़ से काफी मदद की गई और हाइकोर्ट ने भी गलत तरीके से उन्हें सज़ा के बावजूद जमानत दी है, ऐसे में उनकी ज़मानत को भी रद्द किया जाना चाहिए.
भले ही सुप्रीम कोर्ट के सुपर कोट को इसमें कोई खोट नजर न आया , हाई कोटों का सम्मान से, विशिष्ट मान देकर सलमान की ज़मानत याचिका रद्द करने और इस केस को बॉम्बे हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने की याचिका ख़ारिज कर, BELL के शंखनाद से बेल को रद्द करने कोखारिज कर. एक नए तारीफ से..,सलमान ख़ान को मान देकर..संविधान में एक STAR जोड़कर, जजशाही गौरान्वीत हुई है सलमान खान को सुप्रीम कोर्ट से राहत दे दी है
इस ताजा खबर से मीडिया-माफिया का गठजोड़ ने किया किनारा, किया बेखबर..,
आपने रविन्द्र जैसे पुत्र को जन्म दिया.., जो क़ानून के गुणगान करने वाले कवि जो इन्द्र रूपी आनंद से इसी क़ानून की छाँव से चाव से आज देश के हुकूमतदार बन कर सत्ता की समानांतर व्यवस्था से देश की अर्थ व्यवस्था को व्यय कर देश को चौपट कर रहें हैं ..
तुम्हारी कोख को देश का सलाम.., एक पुत्र जिसने देश की आन-बान-शान को अक्षुण्ण रखने के लिए नोटों के पुलिंदों पर सोने के बजाय क़ानून द्वारा शोषित करने पर फुटपाथ पर भीख मांगने को मजबूर किया लेकिन भारतमाता की शान को बिकने नहीं दिया.., मीडिया के प्रबुध्ह वर्ग ने तो फूटपाथ पर सोने वालों को कुत्ता कह, अपने घर में पलने वाले कुत्ते को विशिष्ट अतिथी का दर्जा देकर सम्मान का नायक कहलवाया.
आपके बेटे ने फुटपाथ को प्रहरी बनाकर, अपनी अंतिम सांस तक एक महानायक रह कर, फुटपाथ पर मरे हुए गरीबों का प्रतिनिधित्व कर क़ानून को तमाचा मारा.., भले क़ानून ने अपने लाल गालों को, बेशर्मी से गुलाबी मानकर प्रफुल्लित हो..
भारत के कण कण से आ रही माँ भारती की आवाज़
मेरे बच्चो, मत देर करो, तुम्हे ही रखनी है मेरी लाज
अब और सहन नहीं, भ्रष्टाचार और घोटालो की चालबाजिया
आतंकियों का समर्थन, सुरक्षा बलो का अपमान, वोट-बैंक बाजिया
सुरसा जैसी मंहगाई, जनता की तडपन, देश की आर्थिक बदहालिया
लोकतंत्र के नाम पर नपुंशकता , और परिवार विशेष की मनमानिया
जब होती रहे देशी की दुर्गति, तो क्यों नहीं बदल दे ऐसी सरकारिया ?
१. रविन्द्र पाटिल तुम्हे सलाम.., आपने कर लो कानून मुठ्ठी मेंकरने वालों का काला चिठ्ठा खोल दिया है.., तुम्हारी गवाही से.., क़ानून में छेद करने वालों के, गुनाहों के औजारों की धार ख़त्म कर दी .., देश का युवक आपकी शहादत से प्रेरणा की एक ईबादत से गर्वीत है.., तुम्हारी मिशाल ने देश में एक मशालजागृत की है.
२. (जनता से सवाल ...क्या..??, रविन्द्र पाटिल का चित्र हर, अदालत में लगना चाहिए ...)
३. भले ही नौकरशाही माफिया भेड़ियों ने तुम्हे प्रताड़ित किया, तड़फा तडफा कर , TOP- BUREAUCRATES – जो अधिकतर देश के बुरे कैरेट बनकर, क़ानून की रेटिंग गिरा रहें हैं.. (T.B)..., ने तो देश को T.B. लगाकर, देशवासियों को एक स्वछन्द वातावरण में सांस लेने में घुटन पैदा कर दी है. आप भी इसका भीषणतम शिकार होकर इस देश की काले क़ानून के दुनिया से सिधार गए लेकिन अपने ईमान से नहीं डिगे और मीडिया-नौकरशाही-जजशाही के गुनाहों का चिट्ठा जनता के सामने खुल गया.
४. आपने सिद्ध कर दिया शरीर को तो कोई भी मार सकता है .., लेकिन आत्मा को न कोई छेद सकता है ..न,जला सकता है..वह तो , आपने अपना कपड़ा (शरीर) छोड़ कर.., देश की भ्रष्ट माफिया कानूनी राजदारों के कपड़े खोल कर उनकी एक नग्न तस्वीर जनता को दिखा दी है..
५. आज सत्ता के सतरंगी.., देश को लूट की अमानतसमझकर अपने को बजरंगीबल मानकर, देश को लूट में खुली छूट मान कर, देश को बदरंगी बना रहें है..,
======== 
a देश के क़ानूनी पंडित .., देश पांडे आपके जज्बे को सलाम.., आपने माना कानून सबके लिए समानहर नागरिक को मिले सम्मान” . आज के चकाचौंधी माहौल से, महलों में रहने का खवाब से पद को श्वाब मानने वालों को एक सबक देकर, आपकी निर्भीकता से देशवासी गर्वित है..
६. भले ही आपका आदेश हाई-कोर्टने हाई कोट वाले अपराधी को ३ घंटे में, विशेष प्रोटोकॉल के तहत ..,अतिरिक्त समय के कोर्ट की कार्यवाही बढाकर, जजशाही ने अपनी कोट भरकर, क़ानून को उनकी अमानत कह जमानत दे दी .., अब देशवासियों में आक्रोशहै.., गरीब तो हाई-कोर्टकी सीढ़ी चढ़ने में अपाहिज बनाने के बावजूद भी उसे न्याय नहीं मिलता है..
७. दोस्तों.., इस क़ानून से न्याय की गुहार में ४ करोड़ लोग कतार में है.., जीते जी.., न्याय मिलना तो दूर , वह अपनी आयु को बर्बाद कर , अवसाद के दंड से जीवन को बदरंग से वकील-पुलिस-जजशाही के जीवन को सप्तरंगी बनाने का खेल बन गया है...
८. मीडिया-माफिया-कॉर्पोरेटसत्ताशाही के भ्रष्टाचार के सप्तरंगीयों के खेल से, देश का मोहल्ला,गाँव ,शहर व देश को डूबाने का खेल बदस्तूर जारी है.., बिडवना यह है कि इनके छद्म रूप के बजरंगी बल से जनता भयभीत है.., यदि जनता एकता से अपना बल संयुक्त कर ले तो तो इन छद्म बजरंगीयोंका, देश को बदरंगकरने वालों का सूपड़ा साफ़ हो जाएगा

Tuesday, 1 September 2015

आज सत्ता के सतरंगी.., देश को “लूट की अमानत” समझकर अपने को “बजरंगी” बल मानकर, देश को लूट में खुली छूट मान कर, देश को बदरंगी बना रहें है..,



मुंबई पुलिस के कांस्टेबल रविंद्र पाटिल की मां ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. रवींद्र पाटिल की माँ ने इस केस को मुंबई हाईकोर्ट से बाहर ट्रांसफर करने की मांग की थी

याचिका में कहा गया था, इस केस में सलमान खान को पुलिस की तरफ़ से काफी मदद की गई और हाइकोर्ट ने भी गलत तरीके से उन्हें सज़ा के बावजूद जमानत दी है ऐसे में उनकी ज़मानत को भी रद्द किया जाना चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने सलमान ख़ान हिट एंड रन केस में सलमान की ज़मानत याचिका रद्द करने और इस केस को बॉम्बे हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने की याचिका ख़ारिज कर दी है.
फिल्म स्टार सलमान ख़ान को सुप्रीम कोर्ट से राहत दे दी है.
एक माँ के बेटे की जाबांजी क़ानून के पुस्तकों के बोझ तले दब गई है..., और नौकरशाही रिश्वत के भोजसे मौज का जश्न मना रहे है ..,अब प्रश्न है कि गरीबों को संविधान इसी तरह प्रताड़ित कर ऊंचे लोगों को आनंदित करते रहेगा.. 

१. रविन्द्र पाटिल तुम्हे सलाम.., आपने कर लो कानून मुठ्ठी मेंकरने वालों का काला चिठ्ठा खोल दिया है.., तुम्हारी गवाही से.., क़ानून में छेद करने वालों के, गुनाहों के औजारों की धार ख़त्म कर दी .., देश का युवक आपकी शहादत से प्रेरणा की एक ईबादत से गर्वीत है.., तुम्हारी मिशाल ने देश में एक मशालजागृत की है. 
२. (जनता से सवाल ...क्या..??, रविन्द्र पाटिल का चित्र हर, अदालत में लगना चाहिए ...)
३. भले ही नौकरशाही माफिया भेड़ियों ने तुम्हे प्रताड़ित किया, तड़फा तडफा कर , TOP- BUREAUCRATES – जो अधिकतर देश के बुरे कैरेट बनकर, क़ानून की रेटिंग गिरा रहें हैं.. (T.B)..., ने तो देश को T.B. लगाकर, देशवासियों को एक स्वछन्द वातावरण में सांस लेने में घुटन पैदा कर दी है. आप भी इसका भीषणतम शिकार होकर इस देश की काले क़ानून के दुनिया से सिधार गए लेकिन अपने ईमान से नहीं डिगे और मीडिया-नौकरशाही-जजशाही के गुनाहों का चिट्ठा जनता के सामने खुल गया.
४. आपने सिद्ध कर दिया शरीर को तो कोई भी मार सकता है .., लेकिन आत्मा को न कोई छेद सकता है ..न,जला सकता है..वह तो , आपने अपना कपड़ा (शरीर) छोड़ कर.., देश की भ्रष्ट माफिया कानूनी राजदारों के कपड़े खोल कर उनकी एक नग्न तस्वीर जनता को दिखा दी है..
५. आज सत्ता के सतरंगी.., देश को लूट की अमानतसमझकर अपने को बजरंगीबल मानकर, देश को लूट में खुली छूट मान कर, देश को बदरंगी बना रहें है..,
======== 
a देश के क़ानूनी पंडित .., देश पांडे आपके जज्बे को सलाम.., आपने माना कानून सबके लिए समानहर नागरिक को मिले सम्मान” . आज के चकाचौंधी माहौल से, महलों में रहने का खवाब से पद को श्वाब मानने वालों को एक सबक देकर, आपकी निर्भीकता से देशवासी गर्वित है..

६. भले ही आपका आदेश हाई-कोर्टने हाई कोट वाले अपराधी को ३ घंटे में, विशेष प्रोटोकॉल के तहत ..,अतिरिक्त समय के कोर्ट की कार्यवाही बढाकर, जजशाही ने अपनी कोट भरकर, क़ानून को उनकी अमानत कह जमानत दे दी .., अब देशवासियों में आक्रोशहै.., गरीब तो हाई-कोर्टकी सीढ़ी चढ़ने में अपाहिज बनाने के बावजूद भी उसे न्याय नहीं मिलता है..
७. दोस्तों.., इस क़ानून से न्याय की गुहार में ४ करोड़ लोग कतार में है.., जीते जी.., न्याय मिलना तो दूर , वह अपनी आयु को बर्बाद कर , अवसाद के दंड से जीवन को बदरंग से वकील-पुलिस-जजशाही के जीवन को सप्तरंगी बनाने का खेल बन गया है... 

८. मीडिया-माफिया-कॉर्पोरेटसत्ताशाही के भ्रष्टाचार के सप्तरंगीयों के खेल से, देश का मोहल्ला,गाँव ,शहर व देश को डूबाने का खेल बदस्तूर जारी है.., बिडवना यह है कि इनके छद्म रूप के बजरंगी बल से जनता भयभीत है.., यदि जनता एकता से अपना बल संयुक्त कर ले तो तो इन छद्म बजरंगीयोंका, देश को बदरंगकरने वालों का सूपड़ा साफ़ हो जाएगा .

Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold. के संकल्प से गरीबी हटकर, भारत निर्माण से, इंडिया शायनिंग से, हमारे LONG – INNING से देश के अच्छे दिन आयेंगें.., 

Saturday, 29 August 2015

विश्व चाहता है कि कैसे हम इन हिंदुस्थानी धागों को तोड़कर , टूटे धागों की गाँठ बांधकर, हम नए गुलामों की जमात बनाकर..., एक मजबूत रस्सी से बाँध कर रखें...,



१. हिंदुत्व ही बंधुत्व है, पूरा विश्व ही हिन्दू का तत्व है..., अब आरक्षण की तलवार, एक नई धार से, नेताओं के वोट बैंक की दांत की चमक के पैने पन की तस्वीर से, आज देश ऊंचाई को छूने की बजाय बौनाहोते जा रहा है..,
२. आजादी के मसीहा कहकर, छद्म पुतलों व सडकों के नाम देखकर.., देश को चौपटनगरीकर, अंधे राजाओं को देखकर , आज भी भारतमाता आहभर.., कराह कर, कह रही है.., ६८ सालों बाद भी..!!!, मेरे १२५ करोड़ बेटों को किस तरह, विदेशी हाथ- विदेशी साथ विदेशी विचार- विदेशी संस्कार , जाति, भाषा व धर्मपरिवर्तन से आपस में, लड़ाकर..., कैसे मेरे कटे अंगो के घाव सहित , पुन: मुझे विदेशी जंजीरों से बांधने का प्रयास किया जा रहा है.
३. कहां गए...!!!!!, मेरे वीर सपूत विनायक सावरकर, भगत सिंग ,राजगुरू, आजाद, सुभाष चन्द्र,रानी लक्ष्मीबाई पुत्री व अन्य लाखों क्रांतीकारी जिनके विचारों को ताबूत में बंद कर दिया.., क्या आज की गुलामों की शिक्षा से, अब अब्दुल कलाम जैसे राष्ट्रवादी प्रतिभाओ का जन्म होगा...
४. वासुधैव कुटुम्बकम के इस धागे में, धर्म परिवर्तन, जातिवाद, भाषावाद, अलगाववाद व घुसपैठीयों के वोट बैंक के विभिन्न रंगों के लेप से इस हिन्दुस्थानी धागे को तोड़कर , बहुत सारे खंडित धागे बनाने के लिए विदेशी आक्रमणकारीयों..., के बाद विश्व के देशों व अब तो देशी मीडिया भी इस गलिछ्ता से गलीचे वाला जीवन जी कर हिंदुत्व के ठेकेदार से स्टार चैनलसे विदेशी संस्कृति से देश को विकृतकर दलाल बन कर देश को हलाल कर रहें है..,
५. विश्व चाहता है कि कैसे हम इन हिंदुस्थानी धागों को तोड़कर , टूटे धागों की गाँठ बांधकर, हम नए गुलामों की जमात बनाकर..., एक मजबूत रस्सी से बाँध कर रखें...,
6. हिंदुत्व तो ..., मातृत्व-माता (वन्देमातरम),/ पितृत्व-पिता (राष्ट्रवाद),/गुरुतत्व-गुरू (वैदिक वैज्ञानिक ज्ञान से गुरू है) व वासुधैव कुटुम्बकम (भाई-बहन चारा ) के असंख्य धागों का योग है... 
हम प्रतिज्ञा ले.. इस राष्ट्रवादी धागे को और मजबूत बनाएं...
Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold. के संकल्प से गरीबी हटकर, भारत निर्माण से, इंडिया शायनिंग से, हमारे LONG – INNING से, “FEEL GOOD FACTOR” से देश के अच्छे दिन आयेंगें..,

Friday, 28 August 2015

सीमा पार दुश्मनों की ललकार, देश में आरक्षण की तलवार, से अब सेना, सीमा से हटकर, देश के भीतरी दुश्मनों से लड़ने को मजबूर है.., अब लोक सभा बनी हुडदंगी लोगों की भ्रष्टाचार की गंगा , जातिवाद भाषावाद, व अफीमी नारों से बेहोश हिन्दुस्तानी, अभी भी भूखा नंगा ..



दोस्तों.., सीमा पार दुश्मनों की ललकार, देश में आरक्षण की तलवार, से अब सेना, सीमा से हटकर, देश के भीतरी दुश्मनों से लड़ने को मजबूर है.., अब लोक सभा बनी हुडदंगी लोगों की भ्रष्टाचार की गंगा , जातिवाद भाषावाद, व अफीमी नारों से बेहोश हिन्दुस्तानी, अभी भी भूखा नंगा ..
आरक्षण को जड़ से उठा के फेक देना चाहिये मेरे हिन्द देश से..,”आरक्षण हटाओं , डूबते देश को बचाओं..,”