Tuesday, 21 July 2015

लाल बहादुर शास्त्रीजी का कद तो “५६ इंच” भी नहीं था..??, लेकिन, उनके “५६० इंच”,के दिल की, दरियादिली” से दिल्ली के लूटेरे, कांग्रेस से विरोधी दल भी हिल गए थे, व उनकी मुस्कान से देशवासियों के चेहरे को “जय-जवान, जय किसान” की स्फूती ने गरीबी से निजाता पाने की खाना-पूर्ती से देश सम्पन्नता की राह में चल पड़ा था..


१.   “मानसून...”, “राष्ट्रवादी मोदीजी..”,  अपना मौन –SOON तोड़ों.., आपकी एक साल दो महीने  की १८ घंटे की मेहनत से विश्व में देश के गरिमा की उपलब्धता से देशवाशी गर्वित है..,  सीमा पर जवान स्फूर्तिक है..दुश्मन घायल होकर अपाहिज हो गया है..
२.    मोदीजी तुस्सी ग्रेट है. लेकिन आपकी चुप्पी को REGRET के साथ, दिल की बात से कहना पड़ रहा है.., शायद.., यह जनता के दिल का दर्द भी हो सकता है .. देश के राष्ट्रवाद नीती से, कोई भी सत्ता का चेहारा, राष्ट्र से सर्वोपरी नहीं हो सकता है...., उखाड़ फेंकों.., ऐसे भ्रष्ट, “वजीरी व जी हजूरीमोहरों को...
३.  आपके बुलेटी ट्रेन में BULL – ATE (भ्रष्टाचार के सांडों  का धन डकारने) के सवारियों को उतार कर देश को संवार कर .., एक नए स्वच्छ राजनीती के प्रवाह से.., देश के नेता माफियाओं कारवाई से, एक नए ललक/अलख से देशवासियों का सीने के साथ.., दिल भी ५६ इंच का होगा.., हर देशवासी भी स्वछन्द मन से देश.., एक नए राष्ट्रवाद के छंद से, गंगा- जमुना ही नहीं..., देश के नदी नाले भी स्वच्छ प्रवाह से बहंगे.., अब किसी भ्रष्टाचारी से देश मैला नहीं होगा. 
३.    आपके १४ महीने की  स्वर्णीम मेहनत को दयनीय बनाकर..,  आपके के “कही” को देश के माफिया  “दही” बनाकर, भ्रष्टाचार के मंथन से देश के माखन चोर , अब देशी घी बनाकर मुस्टंडे हो रहें हैं..,  आपके चुनावी वादों व देश के चौकीदार से ११ महीने में दागी मंत्री से संतरी को विशेष क़ानून बनाकर, सत्ता से बाहर करने का कानून बनाने का दावा किया था.., अब भी सत्ताखोर इसे अमृती दवा समझकर ऐश कर रहें हैं.
४.    दिल्ली तो केजरीवाल की नौटंकी से पस्त है.., देशवासी  अच्छे दिनों के आस से महंगाई से त्रस्त है..., अभी भी देश “भ्रष्टाचार के निर्माण” से “अच्छे दिनों” के सूखे मानसून से देशवासी का शरीर सूखने लगा है..
५.  मुंबई में 120 गरीबों की, १० रूपये की शराब से मौत.., चिक्की के चिकनाई से पंकजा मुंडे ने शिकंजा बनाकर, गरीब बच्चों के नर मुंड का खेल खेलने के पहिले ही  पोल खुली  है.., मुख्य मंत्री ने गृह मंत्रालय पद भी अपने पास रखकर.., पुलिस –नौकरशाही के अफीमी ड्रग की  “म्याऊं-म्याऊं”आवाज से सत्ता के नशेड़ी , प्रदेश में  नशेड़ियों की लत की लाशों का व्यापार कर रहें है..,
६.  देश में व्यापक तौर पर, चहक से चल रहे.., मध्य प्रदेश से.., देश के गर्भ के मध्य पनपता व्यापम के शिक्षा घोटालों व नक़ल में अक्कल से, मीडिया-माफिया-सत्ताशाही से देश के युवकों की प्रतिभा को माफिया कछुवे.., खरगोश की खाल पहनकर.., आगोश से, मदहोश घोंघा चाल से, देश को चला कर प्रतिभाओं का भक्षण कर रहें हैं.., 
७.    व्यापम की व्यापकता से अब मध्यप्रदेश का “महाकाल” रौद्र रूप दिखाकर  अपना शुद्धीकरण कर रहा है..., वह भी चाहता है, इस भ्रष्टाचार से शुद्ध होकर, देश में एक नयी राष्ट्रवाद की बयार बहे...

८.    आपके ६५ साल की उम्र में ५६ इंच का सेना देखकर,आपकी  ६७-६८-६९ साल की उम्र से में देशवासियों को अपना सेना  ७६-८६-९६ इंच होने का अहसास से.., देश का सुनहरे भविष्य का आभास हो रहा था ..
९.        मोदीजी...!!!!, लाल बहादुर शास्त्रीजी का कद तो ५६ इंचभी नहीं था..??, लेकिन, उनके ५६० इंच”,के  दिल की, दरियादिलीसे दिल्ली के लूटेरे, कांग्रेस से विरोधी दल भी हिल गए थे, व उनकी मुस्कान से देशवासियों के चेहरे को जय-जवान, जय किसानकी स्फूती ने गरीबी से निजाता पाने की खाना-पूर्ती से देश सम्पन्नता की राह में चल पड़ा था..
१०.                   . लाल बहादुर शास्त्री ने तो ५० करोड़ देशवासियों के मुठ्ठी बलसे सिर्फ १८ महीनोंमें जय जवान जय किसानसे, पकिस्तान के पास हमारे से उन्नत हथियार होने के बावजूद,देश को विजयी बनाकर, “उनके ही देश में उन्हें धूल चटा दी थी...”, हमारा देश तो शक्तीशाली यूरोपीय देशों के कतार में शामिल हो रहा था.., और विश्व गुरू बनने के पहिले, “विदेशी हाथों” ने “देशी हाथों” से हाथ मिलाकर उनकी ह्त्या कर ..., भ्रष्टाचार की फसल बोकर , आज देश के किसानों की फसल खा दी है

११.                   देश की जय करने के लिये ,आज, गरीब से गरीब जवान – किसान, विज्ञान से अपनी प्रतिभा दिखाने को आतुर है .., लेकिन वह,भ्रष्टाचारियों से  व्यापकता के बोझ तले दबा है..,

१२.                     जनता हैरान.., परेशान है .., ‘अच्छे दिनोंकी आस में अपने  १४ महीनेबर्बाद हो गए .., पार्टी के जुमलेअब अच्छे दिनोंकी ६० महीनेविश्व गुरूके ६०० महीनोंकी बात से, जनता भी अब अपने को उपहासी समझ , भ्रमित है कि, क्या...???,  ६० सालों की कांग्रेस नीतीके मौनका अध्याय की पुनराव्रिती के मौन व्रतसे सत्ता को धरोहरमानने का नया खेल शुरू हो गया है...

Sunday, 19 July 2015

पार्टी में भ्रष्टाचार के व्यापक बीज बो चुके हैं.., कहीं ये विशाल वृक्ष बनकर, इनकी जड़ें, देश की धरती को न उखाड़ दे..,


नरेन्द्र मोदीजी , आपका निशाना इन्द्र की तरह अचूक है ..,विश्व कायल है, दुश्मन इसे देखकर घायल है.., दुश्मनों के तो बुरे  दिन आ गएँ हैं..,
देशवासी तो.., अब भी  “अच्छे दिनों” का “मुंहताज” है.., आपके मुंह को टुकुर-टुकुर कर ताक रहा है.., आपके “फ़ौज की मौज” की  अटपटे बयानों के ६० महीने से, ६०० महीनों के “अच्छे दिनों” व विश्व गुरू के बयानों से अपने “कच्छे पहिनने” के दिनों का अहसास कर रही है..
कांग्रेस के कौरवी घोटालों की बयार से देश व अपने को बह जाने के डर से आपको “एक चौकीदार” के रूप में “एक छत्र” सत्ता सौपी है.., ताकि भ्रष्टाचारियों का सूपड़ा साफ़ हो.., लेकिन उनके पाप का घडा फूटने के बजाय..,  घड़ा फूलते जा रहा है.., वे तो आपकी सरकार से “फूले नहीं समा रहें हैं”.., जनता को FOOL समझ रहें है
आपकी पांडवी सेना के अर्जुन.., अपनी आय बढ़ाने के के श्रोत पर निशाना लगा कर अपनी “तीर की धार” को और नुकीली बनाकर, अब ५६० इंच की छाती ठोककर  कह  रहें हैं.., अभी भी हमारी धार कांग्रेस की तुलना में नगण्य है..
पार्टी में भ्रष्टाचार के व्यापक बीज बो चुके हैं.., कहीं ये विशाल वृक्ष बनकर, इनकी जड़ें, देश की धरती को न उखाड़ दे..,
१.   चेतो मोदी सरकार.., जनता करें ललकार.., आपमें एक आस है.., आपके साँस से देश में स्फूती का आभाष है, देश की सेनायें गर्वीत है,.., सभी पार्टी के सेनाओं से, भष्टाचार से, देशवासी द्रवित हैं.., अब महिला सेनानी भारतमाता कह, भ्रष्टाचार से, देश के काले धन की देवियाँ.., अब अपने को देश के बेटोंका सास कह.., देश का बंटाधार कर, कहकहे लगाकर, अपनी जनाधार का, दावा के दवा से देश के गरीबी निर्मूलनका ईलाज से.., जनता को निर्बल बना रही है.
२.  मोदीजी तुस्सी ग्रेट है. लेकिन आपकी चुप्पी को REGRET के साथ, दिल की बात से कहना पड़ रहा है.., शायद.., यह जनता के दिल का दर्द भी हो सकता है .. देश के राष्ट्रवाद नीती से, कोई भी सत्ता का चेहारा, राष्ट्र से सर्वोपरी नहीं हो सकता है...., उखाड़ फेंकों.., ऐसे भ्रष्ट, “वजीरी व जी हजूरीमोहरों को.
३.  आपके बुलेटी ट्रेन में BULL – ATE (भ्रष्टाचार का धन डकारने) के सवारियों को उतार कर देश को संवार कर .., एक नए स्वच्छ राजनीती के प्रवाह से.., देश के नेता माफियाओं कारवाई से, एक नए ललक/अलख से देशवासियों का सीने के साथ.., दिल भी ५६ इंच का होगा.., हर देशवासी भी स्वछन्द मन से देश.., एक नए राष्ट्रवाद के छंद से, गंगा- जमुना ही नहीं..., देश के नदी नाले भी स्वच्छ प्रवाह से बहंगे.., अब किसी भ्रष्टाचारी से देश मैला नहीं होगा. 
४. याद रहे.., सत्ताखोरों ने भी १९४७ से ही, इस देश की हरियाली व सप्तरंगी खुशहाली व देश को, काटकर..., बंजर व रेतीला बना दिया .., जनता,तब से ही मृग बनकर, तृष्णा से मिर्गमाचिका की तरह दौड़ कर..., कि देश का नए जलवायु से एक नए जल व वायु से से जिन्दगी., और संवर जायेगी.., लेकिन सत्ताखोरों ने इस जमीन में भाषावाद,जातिवाद,धर्मवाद,अलगाववाद व घुसपैठीयों का रेत गारा डालकर..., इस देश को काले धन से अपना चारा बनाया है .. और तो विदेशी हाथ, साथ के साथ.., इसमें विदेशी विचार व संस्कार का पानी डालकर.., अब भी कह रहें है कि विदेशी कम्पनीयों के भोजन व पोशाक पहनें.., उनसे ही हमारा पोषण होगा.
५.  देश में व्यापक तौर पर, चहक से चल रहे.., मध्य प्रदेश से.., देश के गर्भ के मध्य पनपता व्यापम के शिक्षा घोटालों व नक़ल में अक्कल से, मीडिया-माफिया-सत्ताशाही से देश के युवकों की प्रतिभा को माफिया कछुवे.., खरगोश की खाल पहनकर.., आगोश से, मदहोश घोंघा चाल से, देश को चला कर प्रतिभाओं का भक्षण कर रहें हैं.., 
६.  देश के ५० से अधिक ‘व्यापम के  दलाल...’, दल के लाल बनने के आरोप में हलाक हो चुके हैं.., हालात गंभीर हैं..,शिक्षा वृती के इस वेश्या वृती के मोहरों का राजनैतिक मुखौटा खोलों.., शिक्षा क्रांती के उद्घोष से ही, इस दोष को जड़ से मिटाया जा सकता है...
७.  मोदीजी..., A – Z जी के घोटालेबांजो को, जो अपने को सत्ता व रिमोट कंट्रोल से देश को चलाने में जाबांज कह रहें हैं .., खोलों उनके द्वार, करों देश का उद्धार.., खत्म करो विश्व बैंक का उधार.. , इस सुरंग में .., देश का ७२ लाख करोड़ से कही ज्यादा के काले धन की तिजोरी की.., “यह चाबी है..”, इसमें. देश के धन की चब-चब कर, राशी कैद है.
८.  बापूको पैरों तले, रौंद कर”.., अब, माफियाओं की फ़ौज १००० नम्बरीसे, देश के बापबनें हैं .., माफियाओं के अकड़न के दंड से.., देश का बापू विदेशी बैंकों में कैद से, रो रहा है.., नकली बापू के नोटों के प्रसार से माफिया खुशहाल है .., जनता बेहाल है.
९. याद रहे.., क्रिकेट के राष्ट्रीय धर्म के आगे, क्रिकेट के भगवान के महानभक्त श्री... श्री... श्री... 1008 के महान संत के आगे न्याय का भगवान भी झुक गया है..??? मकोका..??? के मौके से आज फ़िल्मी हीरों बना है 
१०. अब.., ललित – GATE भी, अपने बाहर देश के GATE से.., इस मकोका को मौक़ा समझकर .., अपने कुबेरी हिरों से, अब हीरो से, “राजनेताओं का भगवान् बन कर १०००००८से ज्यादाओं का संत बनकर.., अनंत धन से.., अब अपने रंग से, राजनीती के आकाओं के पाप धूलवा रहा है.उनके भक्तों के मोह-भंग से, अब खुमारी की बीमारी का निदान का दावा कर रहा है 
११. मोदीजी..., देश.., विदेशी कटोरों से नहीं, १२५ करोड़ देशवासियों के मुठ्ठी बल से चलेगा.., “जय जवान- जय किसानसे देश १९ महिनों में ही संवर गया था , इस बल से ही.., विज्ञान को जोड़कर ही , देश आगे बढेगा..., भ्रष्टाचारियों के आसन से आसीन से.., देश का एहसान नहीं होगा.., 
१२. लाल बहादुर शास्त्री ने तो देशी हाथ देशी साथ, देशी विचार. देशी संस्कारों के राष्ट्रवादी अस्त्रों से अपनी सरकारों की सांसे अटकाकर.., उन्हें देश के नेताओं को जनता का मजदूर, बनाकर मजबूर से बड़ी मजबूती से देश ही नहीं विश्व को संकेत देकर कहा मेरा देशवासी सक्षम है.., नेहरू के कांग्रेस ने, जनता को न्यूनतम मानकर विदेशी शिक्षा से, “देशी न्यूटनोंको मार दिया था.., देश को गरीबतम होने के बावजूद मैं विदेशी कर्ज से देश नहीं चलाऊंगा..,देश को पुन: विदेशी हाथों में जकड़ने नहीं दूंगा ”. हम देश के २५० सालों की गुलामी के चंगुल से बड़ी मुश्किल से आजाद हुए हैं ... 
१३. लाल बहादुर शास्त्रीजी का कद तो ५६ इंचभी नहीं था..??, लेकिन.., उनके ““५६० इंच”, दिल की, दरियादिलीसे दिल्ली के लूटेरे, कांग्रेस से विरोधी दल भी हिल गए थे, व उनकी मुस्कान से देशवासियों के चेहरे को जय-जवान, जय किसानकी स्फूती ने गरीबी से निजाता पाने की खाना-पूर्ती से देश सम्पन्नता की राह में चल पड़ा था 
१४. फैलाओं राष्ट्रवाद का सैलाब.., जनता रहे सुख-शांती से आबाद .. 
Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold. के संकल्प से गरीबी हटकर, भारत निर्माण से, इंडिया शायनिंग से, हमारे LONG – INNING से, “FEEL GOOD FACTOR” से  देश के अच्छे दिन आयेंगें.., 
दोस्तों “ कागज के फूल” फिल्म  का यह गीत आज की  राजनीती में  सार्थक है...
उड़ जा उड़ जा प्यासे भँवरें, रस ना मिलेगा खारों में
काग़ज़ के फूल जहाँ खिलते हैं, बैठ ना उन गुलजारों में
नादान तमन्ना रेती में, उम्मीद की कश्ती कहती हैं
इक हाथ से देती हैं दुनियाँ, सौ हाथों से ले लेती हैं
ये खेल है कब से जारी, बिछड़े सभी बारी बारी

Friday, 17 July 2015

जनता से सवाल ...क्या..??, रविन्द्र पाटिल का चित्र हर, अदालत में लगना चाहिए ...


१.  रविन्द्र पाटिल तुम्हे सलाम.., आपने “कर लो कानून मुठ्ठी में” करने वालों का काला चिठ्ठा खोल दिया है..,  तुम्हारी गवाही से.., क़ानून में  छेद करने वालों के, गुनाहों के औजारों की धार ख़त्म कर दी .., देश का युवक आपकी शहादत से प्रेरणा की एक ईबादत से गर्वीत है..,  तुम्हारी मिशाल ने देश में एक “मशाल” जागृत की है.
२.  (जनता से सवाल ...क्या..??, रविन्द्र पाटिल का चित्र हर, अदालत में लगना चाहिए ...)
३.    भले ही नौकरशाही – माफिया भेड़ियों ने तुम्हे प्रताड़ित किया, तड़फा – तडफा कर , TOP- BUREAUCRATES जो अधिकतर देश के बुरे कैरेट बनकर, क़ानून की रेटिंग गिरा रहें हैं.. (T.B)..., ने तो देश को T.B. लगाकर, देशवासियों को एक स्वछन्द वातावरण में सांस लेने में घुटन पैदा कर दी है. आप भी इसका  भीषणतम  शिकार होकर इस देश की काले  क़ानून के  दुनिया से सिधार  गए लेकिन अपने ईमान से नहीं डिगे और मीडिया-नौकरशाही-जजशाही के गुनाहों का चिट्ठा जनता के सामने खुल गया.
४.    आपने सिद्ध कर दिया ‘शरीर “ को तो कोई भी मार सकता है .., लेकिन आत्मा को न कोई छेद सकता है ..न,जला सकता है..वह तो , आपने अपना कपड़ा (शरीर) छोड़ कर.., देश की भ्रष्ट माफिया कानूनी राजदारों के कपड़े खोल कर उनकी एक नग्न तस्वीर जनता को दिखा दी है..
५.   आज सत्ता के सतरंगी.., देश को “लूट की अमानत” समझकर अपने को “बजरंगी” बल मानकर, देश को लूट में खुली छूट मान कर, देश को बदरंगी बना रहें है..,
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५      देश के क़ानूनी पंडित .., देश पांडे आपके जज्बे को सलाम.., आपने  माना “कानून सबके लिए समान” व “हर नागरिक को मिले  सम्मान” . आज के चकाचौंधी माहौल से, महलों में रहने का खवाब से पद को श्वाब मानने वालों को एक सबक देकर, आपकी निर्भीकता से देशवासी गर्वित है..

६.  भले ही आपका आदेश “हाई-कोर्ट” ने हाई कोट वाले अपराधी को ३ घंटे में, विशेष प्रोटोकॉल के तहत ..,अतिरिक्त समय के कोर्ट की कार्यवाही बढाकर, जजशाही ने अपनी कोट भरकर, क़ानून को उनकी अमानत कह जमानत दे दी .., अब देशवासियों में ‘आक्रोश” है.., गरीब तो  “हाई-कोर्ट” की सीढ़ी  चढ़ने में अपाहिज बनाने के बावजूद भी उसे न्याय नहीं मिलता है..
७.    दोस्तों.., इस क़ानून से न्याय की गुहार में ४ करोड़ लोग कतार में है.., जीते जी.., न्याय मिलना तो दूर , वह अपनी आयु को बर्बाद कर , अवसाद के दंड से जीवन को बदरंग से वकील-पुलिस-जजशाही के जीवन को सप्तरंगी बनाने का खेल बन गया है...
८.    मीडिया-माफिया-कॉर्पोरेट–सत्ताशाही के भ्रष्टाचार के  सप्तरंगीयों के खेल से, देश का मोहल्ला,गाँव ,शहर व  देश को डूबाने का खेल बदस्तूर जारी है.., बिडवना यह है कि इनके छद्म रूप के बजरंगी बल से जनता भयभीत है.., यदि जनता एकता से अपना बल संयुक्त कर ले तो तो इन “छद्म बजरंगीयों” का, देश को “बदरंग” करने वालों का सूपड़ा साफ़ हो जाएगा .
  Let's not make a party but become part of the country. I'm made for the country and will not let the soil of the country be sold. के संकल्प से गरीबी हटकर, भारत निर्माण से, इंडिया शायनिंग से, हमारे  LONG – INNING से देश के अच्छे दिन आयेंगें..,
 www.meradeshdoooba.com  कृपया ४५२  पोस्टों व स्वंय निर्मीत कार्टून के वेबस्थल की यात्रा करे.

Thursday, 16 July 2015

लाल बहादुर शास्त्री ने तो “५० करोड़ देशवासियों के मुठ्ठी बल” से “सिर्फ १८ महीनों” में “जय जवान – जय किसान” से, पकिस्तान के पास हमारे से उन्नत हथियार होने के बावजूद,देश को विजयी बनाकर, “उनके ही देश में उन्हें धूल चटा दी थी...”, हमारा देश तो शक्तीशाली यूरोपीय देशों के कतार में शामिल हो रहा था..,



         मोदीजी तुस्सी ग्रेट हो.., बिक्स देशों में देश की  ब्रिक्स (इंटें) और मजबूत कर आयें हो.., पाकिस्तानी शार्क को परास्त कर, आतंकवादियों में खौफ हैं.., देश की सीमाएं बेशक.., सुरक्षित हुई है .., देश की विश्व में कीर्ती से जनता अभिभूत है...
       मोदीजी..,  लेकिन माफियाओं का भूतहा कार्य से वे और निडर हो गयें  हैं.., पार्टी के “जूमला” लोग, झूम कर बयान दे रहें हैं.., अब तो “अच्छे दिनों”  के लिए ६० महीने व विश्व गुरू के लिए ६०० महीने चाहिए ..,
       जनता सोच रही हैं.., हमारे प्रधानमंत्री से,  इस “मसाले”
   की “मन-की-बात” का सन्देश मिलेगा.., लेकिन आप “मन –मोहना” की पिछली सरकार की तरह चुप्पी धर विदेश घूमकर.., नेपथ्य में चले गए.. अब भी चुप्पी साधकर, भ्रष्टाचारियों को पप्पी दे रहे हो..,
       याद रहे.., लाल बहादुर शास्त्री जिनकी “संयुक्त राष्ट्र  रूस” के कार्यकाल में, आज खंडित हुए उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में अपनी जीवन की अंतीम यात्रा में जाने से पहिले भ्रष्टाचार के आरोप में लिप्त, अपने वित्त मंत्री टी. टी. कृष्णामचारी का इस्तीफा लेकर, कांग्रेस पार्टी में “सन्नाटा” पसरा दिया था.., और मंत्रियों को मजदूर बना दिया था.., यही खौफ.., उनकी  ह्त्या की अर्थी बनकर, देश में आई और “जय जवान – जय किसान” की ह्त्या हो गई व भ्रष्टाचार की एक नई फसल से.., देश, आज तक  फिसल रहा है..
       आज भी ताशकंद में लालबहादुर का पुतला/मूर्ती विराजमान  है ..,  लेकिन उनके  सम्मान में, आपने राष्ट्र को संबोधित न  कर, उनकी छवी/मूर्ती  पर, धूल की जमी  परत को साफ़ नहीं करने का “अफ़सोस” नहीं किया ..
       याद रहे..,  आपने, पिछले १५ अगस्त को  “लाल किला के प्राचीर” से.., ३ बार, लाल बहादुर शास्त्री  के कार्यों को संबोधन से, देश वासियों में एक नई सांस भर दी थी ..
       जनता हैरान.., परेशान है .., ‘अच्छे दिनों” की आस में देश के “१४ महीने” बर्बाद हो गए .., पार्टी के “जुमले” अब “अच्छे दिनों” की “६० महीने” व “विश्व गुरू” के “६०० महीनों” की बात से, जनता भी अब अपने को  उपहासी  समझ , भ्रमित है कि “६० सालों की कांग्रेस नीती” के “मौन” का अध्याय की पुनराव्रिती के “मौन व्रत” से “सत्ता को धरोहर” मानने का नया खेल शुरू हो गया है...
       लाल बहादुर शास्त्री ने तो “५० करोड़ देशवासियों के मुठ्ठी बल” से “सिर्फ १८ महीनों” में  “जय जवान – जय किसान”  से, पकिस्तान के पास हमारे से उन्नत हथियार होने के बावजूद,देश को विजयी बनाकर, “उनके ही देश में उन्हें धूल  चटा दी थी...”, हमारा देश तो शक्तीशाली यूरोपीय देशों के कतार में शामिल हो रहा था..,
       देश के “जुमले” कांग्रेस के नेताओं व उद्योगपतियों  की  २ नम्बरी आय बंद होने से वे “मजबूरी से मजदूरी”  की अवस्था में आ गए थे .., सत्ता “जनता के हाथों” में, जा रही थी ...
१०                      देश कही, चंद दिनों में  विश्व गुरू न बन जाए.., इसका खौफ विश्व को था और कांग्रेसी नेताओं को अपने वंश वाद व अन्य  नेताओं को खाओ वाद.., ख़त्म होने का, इसी मजबूरी से उनकी ह्त्या में विदेशी शक्ती से ज्यादा देशी शक्तियों का हाथ था..
११                      वहीं , देश की जनता ने भी “दुर्गा देवी” से “देश की दुर्गती” का  “१८ महीनों का आपातकाल”  भी झेला.., सत्ता तो एक मेला बन चुका है.., लोकतंत्र की आड़ में लूटतंत्र के झमेलों से “जुमलों” की बहार है..
१२                      देशवासी जातिवाद,भाषावाद,धर्मवाद,अलगाववाद व अन्य  वाद से  “जुमलों के मेलों” में आज “अकेला रहकर...,  लोकतंत्र का जुर्म भर रहा है..’
१३                      देशवासी तो ६८ सालों से आशावादी बना है.., कोई तो इस डूबते देश में, हमें बचाएगा..., आपसे बड़ी आस है.., यदि “मौन व्रत” का यही खेल चलता रहें तो देशवासियों को अब “घायल  शेर” का एक नए बल को प्राप्त करने में, देर नहीं लगेगी..., रामधारी दिनकर ने तो शेर धारी बनकर ...., सच ही लिखा है .., “सिंहासन खाली करों.., जनता आती है”  
याद रह.., उनकी इस उक्ति ने ही, १९७७ में “लोकनायक जयप्रकाश नारायण” के नेतृत्व में “सत्ताखोरों” को सबक सिखा दिया था..,        

Monday, 6 July 2015

वीर सावरकर की, !!!! दो अचूक.., सार्थक भविश्यवाणीयाँ !!!! १. श्यामा प्रसादजी आपकी देश को बहुत जरूरत है. आप कश्मीर मत जाओं .., आप जिन्दा नहीं लौटेंगें



गांधी की “गंदी राजनीती” व जवाहर के “जहर” से हमें खंडित भारत के साथ छितरा– व भीतरा, राजे –रजवाड़ों का देश मिला .,  देश “वीर सावरकर की विचारधारा” से ही विश्वगुरू बनेगा.


काश इन दो नेताओं ने “वीर सावरकर” की बात मानी होती तो..!!!,  ये दो “युग पुरूष” देश की सूरत – सीरत बदल कर, आज विश्व, “हिन्दुस्तान” की तरफ ताकता ..., देश में वोट बैंक, जातिवाद , भाषावाद , अलगाव वाद , घुसपैठीयों के रंग से, आज भारतमाता बदरंग नहीं होत्ती.., देश, भीतरी सत्ताखोरों – माफियाओं  गठबंधन व  विदेशी लुटेरों के हाथ,साथ,विचार, संस्कार की वैसाखी से आज पंगु न होता..

आज भी हमारे प्रधानमंत्री.., “काले धन का क़ानून बनाने” के बहाने.., “अच्छे दिनों” के १३ महिने बर्बाद कर, काले माफियों को अपरोक्ष रूप ढाल/प्रोत्साहन के ताल से, भ्रष्टाचारी मछलियों के तालाब को तलब करने के बजाय उसे लाबा-लब कर रहें है. भ्रष्टाचारियों के लैब (LAB) नए-नए व्यापक घोटालों की व्यापमता को देखकर.., मौन मोहन सिंग की कार्बन कॉपी से देशवासी.., अब अच्छे दिनों से अचंभित है ,
प्रधानमंत्री अब,  विदेश में कटोरा लेकर BEGGER – BUSINESS से BUSY रहकर.., BIG INDIA बनाने के लिए अब भी “राष्ट्रवाद” के देशवासियों की प्रतिभा पहिचानने की भूल कर रहें हैं.., जय जवान-जय किसान-जय विज्ञान” के मंत्र से ही, स्वदेशी विचारों से श्यामाप्रसाद मुखर्जी व लाल बहादुर शास्त्री के अधूरे सपने पूरे होंगें

वीर सावरकर की,  !!!!  दो अचूक..सार्थक भविश्यवाणीयाँ  !!!!

१. श्यामा प्रसादजी आपकी देश को बहुत जरूरत है. आप कश्मीर मत जाओं ..आप जिन्दा नहीं लौटेंगें 
२. ताशकंद जाने से पहले वीर सावरकर ने लालबहादुर शास्त्री को चेताया और कहा शास्त्रीजी हम जीते हुए राष्ट्र है रूस के प्रधान्मत्री को हमारे देश मे बुलाओयदि आप ताशकंद जाओगे तो वापस नही आओगे.. और हमारे द्वारा जीता भाग भी लुटा आओगे..

प्रधानमंत्री बनने के बादलाल बहादुर शास्त्री ने श्यामा प्रसाद मुखजी मुखर्जी के आधे कार्य को पूरा कर,  माना कि .., देश की राजनीती से नेहरू की “जहरीली गन्दगी” दूर किए बिना..देश में राष्ट्रवादी धारा का प्रवाह नहीं होगा यह उनका प्रबल मत था..शेख अब्दुल्ला द्वारा द्विराष्ट्रवाद के नेहरू खेल” का उन्हें  अच्छी तरह आभान था..इसलिए,शेख अब्दुल्ला की शेखी को, गद्दी से उतारकर..कांग्रेसी SNAKE नेताओं को  SHAKE कर उन्हें तो तब  नेहरू के इस दुगल्ली राजनीती की अंध भक्ति से  अपनी हड्डियों की श्रंखला के टूटने का भीषण आभाष हो गया था ..आज जो धारा ३७० की आड़ में जो खून का तांडव खेला जा रहा है..उसके निदान के प्रयास के पहिले ही ताशकंद में  लाल बहादुर शास्त्री ह्त्या करदेशी ताकतों ने विदेशी हाथों से मेरे देश के स्वर्णीम युग का स्वप्न छीन लिया
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१. सन
 १९५३ मेंहिन्दु महासभाराम राज्य परिषद् व जनसंघ ने कश्मीर का हिन्दुस्थान में सम्पूर्ण विलय के लिए के लिये संयुक्त सत्याग्रह किया. कश्मीर के मुख्यमंती शेख अब्दुल्ला ने सरकारी अनुमति के बिना ,बाहर के लोगों को प्रदेश में प्रवेश बंदी” लगी थी..तब डॉ श्यामा प्रसाद मुखजी मुख़र्जी ने घोषणा कर की मैं इस प्रवेश बंदी के विरोध के बावजूद कशमीर जाऊंगा – तब वीर सावरकर ने उनसे कहा ..., “श्यामा प्रसादजी आपकी देश को बहुत जरूरत है. आप कश्मीर मत जाओं ..आप जिन्दा नहीं लौटेंगें..” 
२. कश्मीर में प्रवेश करते ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डालह्त्या कर आकस्मिक मौत कह दिया 
३. डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की माताजी  ने प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को पत्र लिखकर इसकी जांच की मांग व मिलने के अनुरोध को ठुकरा दियाऔर कहा वे बीमारी से मरे थे..आज तक पूर्व से वर्तमान सत्ताधारियों ने इस पर जांच करने की भी सोच नहीं की 
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१. ताशकंद जाने से पहले वीर सावरकर ने लालबहादुर शास्त्री को चेताया और कहा शास्त्रीजी हम जीते हुए राष्ट्र है रूस के प्रधान्मत्री को हमारे देश मे बुलाओयदि आप ताशकंद जाओगे तो वापस नही आओगे.. और हमारे द्वारा जीता भाग भी लुटा आओगे..,.
२. ९ जनवरी १९६६ की रात लालबहादुर शास्त्री ने ताशकंद से अपनी पत्नी ललिता शास्त्री को फोन कर कहा मैं हिन्दुस्तान आना चाहता हूँयहांमुझ पर हस्ताक्षर करने के लिए दवाब डाल रहें है...मुझे यहां घुटन हो रही है...
देश के सत्ता की राजनयिक फौजे बार-बारशास्त्रीजी से कह रही थी...भले हम युद्ध जीत गये हैंयदि आप हस्ताक्षर नहीं करोगे तो आगे अन्तराष्ट्रीय बिरादरी एकजुट होकर देश की आर्थिक स्तिथी बिगाड़ देगी...
३. इसके बाद उनके कड़े मंसूबेहमारे देश के सत्ता की राजनयिक फौजे तोड़ने में कामयाब हो गयी..१० जनवरी १९६६ के शाम ४.३० बजे शास्त्रीजी ने जीती हुई जमीन वापस लौटाने व शांती समझौते पर हस्ताक्षर करने के बादउनके पुत्र अनिल शास्त्री को कहा गया ...वे देश के प्रधानमंत्री हैंउनकी सुरक्षा के लिए उन्हें विशेष आवास में अकेले में सुरक्षित रखना होगा.
३. प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के ताशकंद समझौते के बाद ८ घंटे के बाद ११ जनवरी तड़के १ बजे,पाकिस्तानी रसोईये द्वारा रात को दूध पीने के बाद उनकी मौत हो गईमौत के समय उनके कमरे मे टेलिफोन नही थाजबकिउनके बगल के कमरे के राजनयिकों के कमरों मे टेलिफोन थाउनकी मौत की पुष्टी होने पर राजनयिकों की फौज दिल्ली मे फोन लगा कर चर्चा कर रहे थे कि अगला प्रधानमंत्री कौन होगा ?
४. अंत तक ललिता शास्त्री गुहार लगाती रहीमेरे पति की मौत की जाँच होआज तक सभी सरकारों द्वाराकोइ कारवाई नही हुई?, 
५. इस रहस्य को जानने के लियेआर.टी.आई. कार्यकर्ता अनुज धर ने एडी चोटी का जोर लगाने के बादसरकार की तरफ से जवाब मिला कि यदि हम इस बात का खुलासा करेगें तो हमारे संबध दूसरे देशों से खराब हो जायेगें ?
४. दोस्तों अब सवाल है कि लालबहादुर शास्त्री की ह्त्या खुलासा करेगें तो हमारे संबध दूसरे देशों से खराब हो जायेगें ?, लेकिन डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ह्त्या की जांच से क्या देश के नेताओं के आपस आंच में सम्बन्ध खराब होने से,इस  जाँच को चूल्हे की आंच में डाल दिया 
५. मानवता के उपासक प्रखर राष्ट्रवादी 
महान शिक्षाविद व भारतीय जनसंघ के संस्थापक
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके बलिदान दिवस  पर  व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को 
भावभीनी श्रद्धांजलि....

Sunday, 28 June 2015

मोदीजी..., A – Z जी घोटालेबाजों के खोलों द्वार, करों देश का उद्धार.., खत्म करो विश्व बैंक का उधार.. , इस सुरंग में .., देश का ७२ लाख करोड़ से कही ज्यादा के काले धन की तिजोरी की.., “यह चाबी है..”, इसमें. देश के धन की चब-चब कर, राशी कैद है.

१.  चेतो मोदी सरकार..., देश को  NATIONALIST-INSTITUTE- ORGANISATION. (NIO).  बनाओ..,
२.  मफियाओं को BREAD – BUTTER का जीवन व आम जनता को गटरी जीवन..., एक देश, एक क़ानून से “मेरा देश महान के  भारत निर्माण  से देश वासी “स्मार्ट” बनकर, देशवासियों के जज्बे व मेहनत  से गाँव ही नही, शहर से देश स्मार्ट होकर देशवासियों के “विश्वास” के “सांस” से ...  विश्वगुरू कहलाएगा ..,  “आम जनता” का जीवन यौवान्वित होकर, चंद  दिनों में “चंगे से, अच्छे दिन” आयेंगें.  
३.  देश के, माफियाओं के आसन से..,  देश की ऐहसानटता   के “अहम्” की झूठी शान के,  से  देश ग्रसित है.., “उखाड़ फेंकों, इन  बेड़ीयाँ को...”  
४.   देश के CHEATER बने हैं..., “EATER” से “LEADER”, से देश पर बनें “LOADER” से, निडर से, आम  जनता को भार – रत  बनाकर, “मेरा भारत महान”, “भारत निर्माण” के माफियाओं के भार के बहार से , गुलजार है , देश का निवासी.., गुलामी के JAR में कैद होकर माफियाओं के पेड़ों के रोप से, आरोप मुक्त होकर,अपने  फूलों की महक से, चहरे पर ललक की चमक है .
५.  हर सख्श परेशान है..,  टैक्स देने के बावजूद, नकली भोजन,दवा,क़ानून से सीने में जलन व आँखों में आंसू है.
६.  राजनैतिक  प्रदूषण से गली मुहल्लों के “खर-दूषण” के तांडव से जनता के  फेफड़ें ख़राब हो चुकें हैं.
७.  देश से, राष्ट्रवाद की हवा गायब हो चुकी है.., देश वासियों को सदमे से दमा होने से, वह बोलने की बजाय “हांफने लगा है ..., अब राजनीती जनता को हांकने से भ्रष्टाचार से फांसने का खेल खेला जा रहा है
८.   चेतों मोदी सरकार.., देश के राष्ट्रवाद नीती से, कोई भी सत्ता का चेहारा, राष्ट्र से सर्वोपरी नहीं हो सकता है...., उखाड़ फेंकों.., ऐसे भ्रष्ट, “वजीरी व जी हजूरीमोहरों को.
९.   (IPL) - INDIAN PROSTITUTION  LAEAUGE,   बना TUTION से काले धन का  POSS INSTITUTION. यह ,  मेरा   “भ्रष्टाचारी देश महान”, यहाँ हर चीज फिक्स होती है  ABL. (ABOVE BHRASTACHAR LAEAUGE, )..,IPL. (INDIAN पियक्कड़ LAEAUGE)..,  से  ZPL ( ZHOOTHA POVERTY LAEAUGE), B.C.C.I बनाम (B). बदनाम  (C). छी: (C). छी: (I). आई,यहाँ  माफियाओं का KING बनकर फसल लह्लाहराई है.., देश फिसल रहा है.., आम  जनता का जीवन फेल होकर,  दुख:दायी है. यह PRESSTITUES  के  “TRP”  का  INSTITUTES है...,  
१०.     IPL की यह किर्ती.., बनी, वेश्यावृती.., विश्व के माफियाओं की कीर्ती बन गई है.., देश विदेश के माफियाओं से दाऊद भी इनका मझा हुआ दूत बनकर “मजबूत” हुआ है .., जनता अपने को “लाचार” समझ रही है, इसलिए देश में “भ्रष्टाचार का अचार”..,  एक उन्नत आचार बन गया है  
११.     अभी ताजा खबर आई है,ललित  मोदी ने बयान  दिया कि देश के २ व वेस्ट इंडीज  के एक खिलाड़ी को मुम्बई में फ्लैट व धन दिया दिया है .., उनसे इनका नाम पूछने से कहा.., यह सब जानकारी BCCI और ICI को भी मालूम है “आप उन्ही से पूछो..
१२.   यह भ्रष्टाचार का सुराग ही नहीं, सुरंग है ..., देश इससे बदरंग हो  गया है .., इसे खोलो तो देश की अंधियारी गुफा में  “भ्रष्टाचारियों के सप्त रंग” के दर्शन होंगें..., मीडिया-माफिया- कार पेटी –सत्ताखोरों की मिली भगत से, देश के माफिया भक्तों के बाबाओं की कुण्डली से देश के अजगरों की सत्ता से, जनता को दबोचने कर निगलने का पर्दाफास होगा..,
१३.    मोदीजी..., A – Z जी के खोलों द्वार, करों देश का उद्धार.., खत्म करो विश्व बैंक का उधार.. ,  इस सुरंग  में .., देश का ७२ लाख करोड़ से कही ज्यादा  के  काले  धन की तिजोरी की..,  “यह चाबी है..”, इसमें. देश के धन की  चब-चब कर, राशी कैद है.
१४.    “बापू” को पैरों तले, रौंद कर.., अब, माफियाओं की फ़ौज  १००० नम्बरी से, देश के “बाप” बनें हैं .., माफियाओं के अकड़न के दंड से.., देश का बापू विदेशी बैंकों में कैद से,  रो रहा है.., नकली बापू के नोटों के प्रसार से माफिया खुशहाल है .., जनता बेहाल है.
१५.     याद रहे..,  क्रिकेट के राष्ट्रीय धर्म के आगे, क्रिकेट के भगवान के महानभक्त श्री... श्री... श्री... 1008 के महान संत के आगे न्याय का भगवान भी झुक गया है..??? मकोका..???
१६.     तिहाड़ जेल में पुलिस की गाड़ी से “श्री संत” ने पुलिस अधिकारीयों को अपनी ऊंगली से “लूल्ली ” दिखाकर.., उपहास किया .., क्या उखाड़ोगे, मेरा.., उखाड़ सके तो उखाड़ों ..
१७.    इस महान संत के लिए, बना, यह मजे का कोका कोला, जेल मे अति विशिष्ठ मेहमान का स्वागत... , अतिथी.., तुम आये और तिहाड जेल की शान बढाई..??
१८.    धन्य है..... तिहाड जेल जो तेरे कदमों से पवित्र हुआ ... जय.. जय..???, श्री... श्री... श्री... 1008 के महान संत....??? गद्दे , पंखे, व आधुनिक सुविधाए, कलमाडी की तरह... अब न्याय के भगवान कलम की आड (क़लमाडी= कलम+आडी) मे न्याय का तराजू , कानून के किताबो के साथ ही गायब हो गया है... 
१९.    कलमाडी से A – Z राजा क़ानून को ठेगा ठेंगा दिखाकर खुले आम  घूम रहें हैं .., व श्री संत, फ़िल्मी हीरों बनने की आस पूरी कर चुके हैं ..
२०.    इस, श्री संत के भ्रष्टाचार के  कर्मों को  तो राजनैतिक माफियाओं ने  दलबंदी कर कह रहें हैं , साध्वी प्रज्ञा सिंग के गुनाह इससे  लाखो गुना गंभीर है....??? जब, साध्वी के सामने नार्को व झूट पकडने वाली मशीन भी फेल हो गई...????
 अदालतों  ने तो, राजनेताओ के बंधक पुंलिस अधिकारियों से कहा ... क्या आप प्रज्ञा साध्वी को जिन्दा देखना चाहते हो.... प्रज्ञा साध्वी ने  मकोका को ... “मौत से  अकेला झेला”..., सभी राजनैतिक दल, अब भी  धर्मनिरपेक्षता की कमीज