Friday, 2 August 2013


भ्रष्टाचारियो के कुतुबमीनार की जीत...??????????
देश के कारगिल के शहीदो के नाम से, देश के दरिंदों ने भ्रष्टाचार को माखन लगा कर इस 31 मंज़िला कुतुबमीनार को बनाया। इस इमारत का खर्च 100 करोड़ से ज्यादा है लेकिन 125 करोड़ रुपये के कागजी घोड़े (कानून के कागज़) मे खर्च करने के बावजूद न्यायव्यवस्था को धोखा देकर राज्य सरकार के मिली भगत वाले, आयोग ने क्लीन चिट दे दी है। 
याद रहे मुंबई हाईकोर्ट ने 14 महीने पहले इस आदर्श भ्रष्टाचार के मंदिर को ढहाने का आदेश दिया था...???, इसके बावजूद अदालत को ठेंगा दिखा कर यह जांच रिपोर्ट तैयार की है।

महाराष्ट्र के दो बार मुख्यमंत्री बने विलास राव देशमुख कही इस आंच से कहीं झूलस न जाए, इसलिए उन्हे केन्द्रीय मंत्री के पद से सुशोभित किया गया। 11 महीने पहले विलास राव देशमुख लिवर(Liver= live + fever भ्रष्ठाचार से जिंदा रहने की बीमारी) की बीमारी का शिकार होगाए। उनकी मृत्यु के बाद सभी मंत्रियो ने आदर्श भ्रष्टाचार का ठीकरा विलास राव (विलासिता + मुख्य) का नाम कहकर फोड़ दिया।

देश के दो सूरमा, एक पूर्व महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री व केन्द्रीय मंत्री विलासराव देशमुख , और कन्हैयालाल गिड्वानी जो गिरवानी बनकर आदर्श मंजिल से गिरकर शहीद हो गये है? दोस्तों आप ही अपने विवेक से बतायें ये देश के सोसाइटी (SOCIETY – SUCIDEE- आत्महत्या) के शहीद हैं या गरीबों के आत्महत्यारे..????



इस 400 फ्लाटो मे (एक फ्लॅट एक सब्जीवाले को, व कई झूठे नामों से भी आबंटन) किया गया तथा सभी अधिकार राजनेताओ ने अपने नाम रखे। हाल ही मे, महाराष्ट्र सरकार ने 500 करोड़ की योजना से नाशिक मे विलास राव देशमुख के भ्रष्टाचार के आदर्शो को जीवित रखने की लिए 50 एकड़ से ज्यादा की भूमि आबंदित की है। इस घोटाले मे दूसरे टपकने वाले कन्हैयालाल गिडवानी ,जो आदर्शतम बनने के लिए सीबीआई को 2 करोड़ की रिशवत देने के मामले मे पकड़े जाने से जेल गए थे, वह बाद मे जमानत मे रिहा हो गये और हार्ट अटैक (Heart Attack= High+ tech)।
याद रहे आदर्श भ्रष्टाचार के मंजिल के किराए व बिक्री के विज्ञापनो की वैबसाइट. अखबारो व इंटरनेट मे प्रकाशित हो गयी थी। एक कमरे का किराया प्रतिमाह 4 लाख रुपये और बिक्री की कीमत 60 करोड़ से ज्यादा आँकी गयी थी। बड़े दुख के साथ मे लिखना पढ़ रहा है सुशील कुमार शिंदे ,जो इसके मुख्य सूत्रधार है, जिनके केन्द्रीय बिजली मंत्री के कार्यकाल मे देश की आधी बिजली गायब करने के बाद उन्हे, इसी भ्रष्टाचार की गरिमा से सुशोभित करने के लिए देश के गृहमन्त्री पद से सुशोभित किया गया है... जिसके तुरंत बाद उन्होने, पूना की एक सभा मे कहा...???? देश की जनता भेडो से से भी बदतर है, जो बोफोर्स घोटाले तक भूल गई है...????, तो क्या हमारे नए घोटाले को याद करेगी....????, अपने अटपटे बयानो से आज के डूबते देश के आतंकी घटनाओ के बारे मे हँसते हुए कहते है,”मैंने पहले ही कह दिया था आतंकवादी हमले होंगे ”। अपरोक्षय रूप से उनका कहना है इसको रोकने की ज़िम्मेदारी मेरी नहीं है...???।
दोस्तो जब संविधान हो गुलाम, तो नेता बने, बेलगाम व जनता बन रही हे बेजुबान। जब देश मे सांसदो की वेतन की बढोतरी का बिल 5 मिनट मे पास हो जाता है, और आरटीआई मे राजनेताओ को दायरे मे न लाने का बिल, बिना बहस के सभी पक्षो द्वारा सहमति दे दी जाती है, देशवासियों जागो सोचो....? सोचो....?? सोचो...???. क्या से क्या हो रहा हैं ...?????,


Wednesday, 24 July 2013



किराये का घर, किराए की कोख, किराए से भारत निर्माण... भ्रष्टाचार के मुस्टंडो अब भी, गरीब जनता को मारो डंडे...??? , आज इंडियन लोग किराए से हर चीज खरीदकर अपना सेहत सुधार रहे है/ figure बना रहे है ....??, जगदीश राठी, तुम तो महान हो…??? आज के महान गांधी की तुम तो... आधुनिक काठी हो, देश की लाठी हो..., देश इसी काठी के सहारे, रेंग-रेंग कर चल रहा है...?? घबराने की बात नही है… आप साबूत छूट जाओगे, तुम्हारा भविष्य अभी भी उज्ज्वल है... आगे भी कमाने का भरापूर अवसर है ...?????
सीमा पर जान गवाने (ह्त्या) वाले जवानों व किसान आत्महत्या (कृषी घोटाला) करने वालो के ताबूत घोटाले मे आज तक किसी को भी सजा नही हुई है...? किसी भी सरकारी जमाई / नेता को उनके बारे मे सोचने का भी समय नही है... मेरे देश का सरकारी दामाद बन रहा है, भ्रष्टाचार से, पहलवान बनकर, महान ....?? तभी तो हो रहा है ना ... किराये के विदेशी पैसे से, भारत निर्माण...???? 

Saturday, 20 July 2013




...मेरे मित्र श्री मानवेद्र सिग का लेख पढे.. इस लेख का सार है....??? अमीर का बच्चा पिजा व फास्ट फूड से ... भ्रष्टाचार के दौड मे तेजी से दौड रहा है... जबकि गरीब का बच्चा , सरकारी राजनैतिक आतंकवादियो की खिचडी खा कर ... भ्रष्टाचार से अपना बलिदान कर रहा है... मुआवजे की घोषणा तो देश्वासियो को चुप कराने के लिए होती है.... भुखे नंगो का हिन्दुस्तान, पेट भरो का भार-रत ... भारत... और इंडिया शाईनीग का है इंडिया.. संविधान है मेरे हाथ ... तो आम गरीब आदमी की मौत है... मेरे लिए सौगात 

Friday, 19 July 2013







जागो देश्वासियो.... डूबते देश व मासूम बच्चो की प्रतिभाए इन राजनैतिक आतंकवादियो के हाथों मे जाने से बचाओ.... 
आज की दो बडी खबर है...नई मुंबई मे लगभग 800 टन, दाल .. सरकारी व निजी मुनाफाखोरो की आपसी लडाई मे, गोदामों मे सड रहा है.... ताकि कृत्रिम तेजी कर, दाल का भाव 100 रूपये के पार पहुँचाया जाए...क्या आप, इन गोदामो मे सडी दाल, खा कर , अपने आप को कोसते रहेंगें... दूसरी खबर मिड मिल की (दोपहर का भोजन) , जो, इस्कोन, देशभर मे दो लाख 75 हजार बच्चो को पोषक भोजन दे रही , बिना किसी मुनाफे से.. आज तक कोई भी बच्चा बीमार नही हुआ है.... लेकिन वोट बैक के तुष्टीकरण की नीती से... फतवे जारी होने...व राजनैतिक आतंकवादियो को मुनाफा न मिलने की वजह से .. इस्काँन का प्रवेश आगे वर्जित कर मर्यादित कर रखा है...
याद रहे अभी 2 दिन पहिले ही....बिहार मे 35 से ज्यादा बच्चे मरे व तमिलनाडु मे 100 बच्चे बीमारे का... राजनैतिक आतंकवादियो के शिकार बने.... जागो देश्वासियो.... डूबते देश व मासूम बच्चो की प्रतिभाए इन राजनैतिक आतंकवादियो के हाथों मे जाने से बचाओ.

Wednesday, 17 July 2013






क्या आप मीडियाओ के.. कौन भारत चुसियाओ से अपना मनोरंजन, कर....????, केबल टी.वी. वालो को प्रतिमाह 150 से हजार रूपये देकर अपना समय बरबाद कर, प्रतिमा (पुतले) की तरह देख कर ,अपना जीवन प्रतिमाओ की तरह बनाना चाहते है.. या राष्ट्रवादी विचारधाओ से ज़ुडना चाहते हो...ताकि हम दुनिया मे सर्वश्रेष्ट से भी 100 गुना श्रेष्ट बने..?? तो, पढे,, यह आलेख.. 1985 की बात है छिदवाडा से 50 कि,मी, दूर एक ढाबे मे, भोजन के बाद हम दस बारह मित्र , आपस मे बात कर रहे थे , इतने मे एक मित्र जो सामने के डाक घर से अपने परिवार के हाल जानने के , बम्बई फोन कर वापस लौटा तो, उसने कहा .. बम्बई के मित्रो, आपके लिए खुशखबरी लाया हूँ... कल से बम्बई मे दूरदर्शन के मेट्रो चैनल प्रयोगात्मक रूप से एक घंटे के लिए चालू हो गया है... हमसे एक मित्र ने उसे टोकते हुए कहा, अब लोगो के समय की बरबादी का खेल शुरू हो गया है.. लोग टी.वी. से चिपके रहेगे, सब मित्रो ने उसका उपहास उडाया.. लेकिन मैने उसका समर्थन करते हुए कहा.. यह मित्र सही है. आज एक परिवार, साल भर मे केबल टी.वी.से प्रति साल 1500 से 12हजार रूपये बरबाद कर, 90% फूहड कार्यक्रम देखकर , अपना समय, धन देकर, बरबाद करता है..???, उदाहरण है..एक धारावाहिक ..क्योकि? सास भी कभी बहू थी , इस कार्यक्रम की महिलाए इतनी दिवानी हो गई .. कि माँ भी बच्चो को दूध पिलाना भूल जाती थी..बडे बच्चो को को माँ कहती थी... बेटा, यह धारावाहिक खत्म होने के बाद ही तुम्हारे लिए खाना बनाऊगी..यह धारावाहिक, इतना लम्बा चला कि बहू, सास बन गई..?? और सास, नानी , दादी बनकर, उनकी कद्र कम होने से , उनके चिल्लम चिल्ली से धारावाहिक की टी.आर.पी कम हो जाने की वजह से यह धारावाहिक बन्द करना पडा, आईए जनिये कुछ और सच्चाई..???
1.इसी तरह से कौन बनगा करोड्पति धारावाहिक से, करोडो रूपये की कमाई तो मोबाईल फोन के काँल से ही, हो जाती है...बाकी लूट.., विज्ञापनो से कमाई जाती है.. समय व्यतित करने के लिए, प्रतियोगी का घर का पता..शौक... इत्यादि पूछने के बाद पूरे एक घंटे के धारावाहिक मे मुश्किल से 25 सवाल पूछे जाते है...? सवाल गलत होने पर कहा जाता है ,,लाँक किया ..एक बार वापस सोच लो...का संकेत देकर कही धारावाहिक की गरीमा खत्म न हो जाए... घिसपिट कर 10 हजार से 10 लाख तक की रकम जीतने तक.. व कार्यक्रम को 1 घंटे तक खीचा जाता है.. यह धारावाहिक ब्रिटेन मे चलने टी.वी. शो की नकल है, जहाँ प्रतियोगी को सवाल के जवाब मे सिर्फ,, 1 मिनट का समय मिलता है...इसी की देखा देखी मे गोविन्दा ने छप्पर फाड के.. व शाहरूख खान के क्या आप पाचवी पास से तेज है... भी प्रायोजित हो चुके है...? और इसके निदेशक प्यार मे पाँचवी क्लास मे फेल होने से...उनके शरीर के सौ से ज्यादा टुकडे कर देने से, यह धारावाहिक बन्द हो गया..
2. पहचान कौन..??? इसकी लूट की शुरूवात, सबसे पहले.. इंडिया टी,वी, ने की दो प्रसिद्ध चेहरो को मिलाकर .. एक चेहरे बनाकर .. पहचानने होते है.... पहचान, ये दो चेहरे कौन..??? इस पर 50 हजार का इनाम रख कर, दर्शकों को उकसाया जाता है, जनता,जब लालच मे आकर 6 अंको का नम्बर दबाती है... तो सामन से जवाब आता है..??? , आप {लूटने की} कतार मे हो..जब उनका मोबाईल का बैलेस खत्म हो जाता है.. तो उन्हे आश्चर्य होता है कि मेरे 100-400 रूपये कैसे लूट गये है...क्योकि इसकी काँल रेट 10 रूपय् /मिनट है..असली सच्चाई तो यह है कि कार्यक्रम पहने से बनाकर , मीडिया के लूटेरे जानबूझकर गलत जवाब देकर..अंत मे कार्यक्रम समाप्त होने से कुछ मिनट पहले सही जवाब देकर,रकम आपस मे बाँट लेते है.. दूरसंचार विभाग भी इस लूट की कमाई मे अपना हिस्सा गड्प लेता है..
2 वही.., रात को 12 बजे के बाद जवानो के जोश के लिए पलंग तोड गोली का विज्ञापने आता है, इस विज्ञापन के झाँसे मे आज तक किसी की पलंग तो नही टूटी है...लकिन..हाँ जरूर.. लोगो के पलंग के साथ घर बार भी बिक गया है...
3.एक है...?? मुनीरखान जो टी.वी.मे विज्ञापन जगत का भेडिया खान साबित हुआ..जो दुनिया की हर नालाज बीमारी को , 100 ग्राम शहद् के शीशी को 16 हजार रूपये मे बेचकर कर निदान का दाँवा करता था.. टी.वी. की पूर्व प्रसिद्ध आयोजिका तब्बसुम , अपनी जीविका को चमकाने के लिए. गिरगिट की तरह अपना चेहरा व आँखो की पुतलीओ को नये-नये ढंग से बदल कर कहती थी, नास्त्रोदामस की भविष्यवाणि आज सार्थक हुई है जिन्होने कहा था- दुनिया मे एक ऐसा व्यक्ति, चिकिस्ता जगत मे पैदा होगा ..एक साधारण व्यक्ति, कम पढा, जो न डाँक्टर होगा, लेकिन वैज्ञानिक बनेगा.. और चिकिस्ता जगत मे दुनिया को हर बीमारी से मुक्ति से क्रांति ला देगा... और उसकी तुलना भेडिया खान से कर कहती ..इस दुनिया मे यह वही वैज्ञानिक है.. जो पहले गैरेज मे, मेकेनिक से, कम्पाउंडर बन कर है.. जो धरती पर चमत्कारित व्यक्ति है जो ये दवा ले आए है...?? याद रहे 2002 मे इनके पास से आबकारी विभाग को भेडिया खान से 50करोड से भी ज्यादा की सम्पत्ती बरामद की थी , बाद मे मामला रफा दफा कर दिया गया..??? 2010 मे इनकी आय 1करोड रूपये प्रति घंटा होने से, हर वाहिनी पर उनका 30 मिनट का विज्ञापन आता था,, सभी वाहिनियो का खर्च तो उनके विज्ञापन से वसूल हो जाता था..और टी.आर.पी से आय तो उनके लिए एक अतिरिक्त बोनस था.. लाखो घरो के उजडने के बाद , पुलिस छापे मे , उनके घर व दुकान मे करोडो रूपये बरामद हुए, मुनीर खान तो लापता हो गये.. 3 महिने बाद 13 मई 2010 मे, पुलिस द्वारा पकडे जाने पर , पुलिस पर रिश्वत लेने का आरोप लगाने लगे...जेल जाते समय अपने बेटो को फोन करते हुए कहा ,, बेटे.. मेरे सर मे दर्द हो रहा है..तुम क्रोसिन (दर्द निवारक दवा) ले आना...
वही तब्बसुम टो.वी पर घडयाली आँसू बहाकार, अपना छुडाने के लिए , अदालत मे याचिका दायर कर कह रही थी..?? यह इतना बडा भेडिया था ..इसमे लाखो लोगो की जिंदगी उजाडी है.. इसकी मुझे भनक तक नही लगी... और इसकी जालसाजी से... मुझे विज्ञापन का मेहताना भी नही मिला..?? आज मुनीर खान जेल से आजाद हो गये है...?? फिर से एक नया खेल होगा... दोस्तो मेरे वेब्स्थल का स्लोगन है... मेरा सविधान महान ... क्योकि यहाँ हर माफिया पहलवान..विस्तात से पढे..मेरे वेबस्थल मे. कैलाश तिवारी...meradeshdoooba.com से
 — with Midhun DBVinu UtekarPushkar Ranjan and 39 others.

Tuesday, 16 July 2013

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आज दोपहर को बिहार मे दो आतंकवादी घटना...एक सरकारी आतंकवाद, शिक्षा के मंदिर मे की मिड डे मिल मे , 2 बच्चो की मौत.. अब आकाँडा 6 पहुँचा... और दूसरी सरकारी परिसर मे... 2 बम धमाके... राष्टीय धमाका... रोक सके तो रोको की आवाज से..
बोधगया मे तमाम धमाको के बाद , मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साफ-साफ कहा था... आगे धमाका नही होगा ...इसकी कोई गारंटी नही है... लेकिन आगे होगा इसकी गारंटी जरूर है


  • Sunil Kumar Jitne bhartachar netA h unko ek ek karke mar do fir dekho nhi hoga jara socho ajtk koe neta ke ghr pr hamla kyo nhi hota
  • Umesh Joshi Omi Bped कहीं बम धमाका होता है, तो उसमें गरीब ही मारा जाता है।
    अब छपरा में मिड-डे के भोजन से बच्चों की मौत हो गई है, ये भी गरीबों के ही बच्चे होंगे, क्योंकि अमीरों के बच्चे तो convent स्कूलों में पढ़ रहे होंगे!
    देश में महंगाई बढ़ती है, तो गरीब मारा जाता है, ब
    म धमाके होते हैं, तो गरीब मारा जाता है, स्कूलों में सड़ा-गला अनाज खाने से गरीब मारा जाता है!

  • जिन्दा रहने का हक तो अमीरों का है, गरीब तो पैदा ही मरने के लिए होता है। कभी अमीरों के पैरों तले रौंदा जाता है, तो कभी महंगाई, भूख, धमाकों और दूषित खाने से मारा जाता है। 
    इस देश में गरीब को चैन से जीने का हक नहीं है, वो तो सिर्फ मरने के लिए पैदा हुआ है।
  • Deshdoooba Community जागो देश्वासियो हमारे टैक्स के पैसे से ये... सत्ताखोर, देश मे मातम फैला रहे है...
  • Umesh Joshi Omi Bped देश में भले ही मातम मनाया जाए, पर इनके लिए तो हर एक रात जश्न की रात ही होती है।




Deshdoooba Community जागो देश्वासियो हमारे टैक्स के पैसे से ये... सत्ताखोर, देश मे मातम फैला रहे है... कैलाश तिवारी... meradeshdoooba.com से





Monday, 15 July 2013


Deshdoooba Community मेरी प्रतिज्ञा:
देश के भेडियें, देशप्रेमी का चोला पहनकर देश को लूट कर आदमखोर बन गये हैं,, जिस दिन देश का भ्रष्टाचार खत्म होगा. तो मैं, देशद्रोही का चोला फेंककर देश का पहिला देशप्रेमी बनूँगा ….
मै इन देशप्रेमीयों का गुलाम नही रहना चाहता हूँ.. इसलिए, म
ैं बेबाक हूँ.. और बेबाक रहूँगा....

मेरे वेबस्थल का नाम मेरा देश डूबा, काँम , रखने के पहले मैने मेरे दिल के टिस (दर्द) को दबाते हुए कहा, मै दिल के दर्द को सहन कर सकता हु , लेकिन देश के दर्द को नही...???.