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Friday, 3 March 2017

यदि JNU व DU का नाम बदलकर वीर सावरकर विश्व विद्यालय रख दिया जाय तो देश में पिछले बेंच के छात्र भी वीर सावरकर की राष्ट्रवादी विचारधारा से हर घर से देश में लाखों डॉक्टर अब्दुल कलाम पैदा होंगे.., जिन्होंने ही वीर सावरकर के सिद्धांत “शक्ती ही शक्ती का सम्मान करती है” के विचारधारा से देश के मिशाईल मेन बनकर देश को एक गौरव प्रदान किया.



यदि JNU व DU का नाम बदलकर वीर सावरकर विश्व विद्यालय रख दिया जाय तो देश में पिछले बेंच के छात्र भी वीर सावरकर की राष्ट्रवादी विचारधारा से हर घर से देश में लाखों डॉक्टर अब्दुल कलाम पैदा होंगे.., जिन्होंने ही वीर सावरकर के  सिद्धांत  शक्ती ही शक्ती का सम्मान करती हैके विचारधारा से देश के मिशाईल मेन बनकर देश को एक गौरव प्रदान किया.



राष्ट्रवादी विचारधारा से देश की धरती सोना उगलने लगेगी .., चंद दिनों में देश सोने की चिड़िया से विश्व गुरू बन जाएगा.

पिछले २ सालों  से एक नए  बखेड़ों से देशद्रोह के खुले नारों से अपने को प्रबुद्ध वर्ग मानने वाले देश को अपनी विचारों की डोरी से देश को कठपुतली की तरह से देश को  ७० साल के लोकतंत्र को गुमराह किया है. आज की जजशाही भी मूड बनकर आँखें मूँद कर उनके कलम की स्याही भी सूख गई है..,

इसमें अवार्ड वापसी का तड़का डालकर बुद्धिजीवीयों के  पथ भ्रष्ट से देशवासियों को गुमराह करने की मुख्य भूमिका निभाई है
 
क्या JNU...!!!, दिवंगत राष्ट्रपति डॉक्टर अब्दुल कलाम के राष्ट्रवादी रास्ते चलेगा, या...!!!, आहिस्ते आहिस्ते इस विरोध से .., राष्ट्रवाद की नैया डूबोकर.., देश की बर्बादी करने वाले मुट्ठी भर लोगों के भेट चढ़वाने के चंदे के धंधे से , देश को चकनाचूर के अपने सपने देखने वालों को मीडिया जो उन्हें अपने कंधे पर बिठाकर, अपने शरीर की लम्बाई बढाकर.., इस विश्व गुरू देश की सोने की चिड़िया के पंख कतरकर.., इसके मांस से अपना पेट भरने के खवाब से देश के टुकड़े कर आबाद होने के भ्रम से JNU की देशद्रोही धारा को लाजवाब कहते रहेगी,,!!

कन्हैया अब दुर्योधन बन, देश को दुर्दाशन के चक्र से कौरवी सेना का नेतृत्व कर , देश के मीडिया से प्रिंट मीडिया भी गांधारी व धृतराष्ट बनकर अपनी आँखों में पट्टी बांधकर , हमारे राष्ट्र को घृणता बताकर , राष्ट्र की जनता को दिखाकर ..., अर्जुन मोदी को, अब अभिमन्यु समझकर इस चक्रव्यूह में घेरने की सोच में विश्व के सैकड़ों देशों को भीष्म पितामाह बनाकर .., इस कृत्य से आगामी चुनावों में विपक्षियों के अपने ६० सालों के शासन से गरीबों के बालों में जन्में जूं को, अब .., अपने सैलून में गरीबों को गंजा कर, ऊपर सर व नंगे पाँव से .., गरीबों को सर से पांव तक नंगा कह ...दुनिया में हमारे देश के देशद्रोह को देश का सम्मान कह.., होड़ की दौड़ से .., JNU व DU की आड़ में, नए नारों के सुरा-पान के नशे से अब मदहोश होते ही जा रहें हैं. TRP की हौड की होर्डिंग है.

अपने को पहिले से ही दिल्ली का भीष्म पितामाह कहनेवाला केजरीवाल ने तो अपनी आतंरिक रिपोर्ट बनाकर, अदालत की अवहेलना कर , JNU के इस प्रकरण को बिना कारण बताये ही क्लीन चिट देकर , सत्ता का चाट खाने में लगा है..., अभी पकिस्तान के साहित्य एकादमी उत्सव का भी निमंत्रण आया है.., केजरीवाल भी पाकिस्तान जाने के लिए अति आतुर है.., जिनके उत्तर को पाकिस्तान भी स्वयंहित से भुनाकर एक नया उत्सव मनायेगा..
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२०१४ के लोकसभा चुनाव की ANTI –MODI के पुन: प्रचार से बुरी तरह हारकर , विरोधी दल ५ साल के लिए निर्वासित होकर, अब, आगामी विधानसभा चुनावों में अब विपक्षी सियारों ने शेरी चोलों को पहनकर.., एक सुर में असुरी आवाज में BREAK –INDIA की चाल से मोदी को घेरने की चाल से चहलपहल कर जातिवाद , अलगाववाद,आतंकवाद से फुल रिचार्ज होने की तैयारी है .., अब JNU की यह बैटरी कितने दिनों में डिस्चार्ज होगी.., यह सेना के जवान, बाहरी दुश्मनों को व देशवासी, भीतरी दुश्मनों को सबक सिखायेंगे..

दोस्तों यह एक यथार्थ वेबस्थल है .., मेरा देश डूबा डॉट कॉम (One man Army) के डोमेन नाम की स्थापना २६ दिसम्बर २०११ को की गई जब देश भारत निर्माणके घोटालों के परतों में दबा था व सितम्बर २१०२ से अब तक ६०६  पोस्ट देशवासियों को राष्ट्रवाद से जगाने के लिए २५० से अधिक स्वंयनिर्मित कार्टून व १० से अधिक वीडियो एनीमेशन बनाएं है .., आज तक पैसे की चाह में इसका बाजारीकरण नहीं किया है.., इसमें सभी दलों को उनके कार्योंनुसार विरोध किया है ...

 इस वेबस्थल का उद्धेश्य देश के अच्छे दिन व माफियाओं के बुरे दिनलाने के संकल्प से ही बनाया... , जो की हर पार्टी में मौजूद है .., जब तक इसका सफाया नहीं होगा यह वेबस्थल अब तक न थका है न हारा है और न ही अपने सिद्धांतों से डिगेगा...

यह वेबस्थल जागो इंडिया की प्रसिध्ही से देश के सुबह की चाय ४२० रूपये किलों बेचने व देश का टाटा का नमक ३० रूपये बेचकर .., झूठी प्रसिद्दी से सिद्धी पाने के सिद्धांत का घोर विरोधी है .., जो दिखता है वह लिखता है.


दोस्तों.., देश का एक ही अशोक स्तंभ के वर्गाकार शेर है..., जय जवान जय किसान जय विज्ञान जिसे चलाने वाला चौथा स्तंभ राष्ट्रवादी हो तो, राष्ट्र भी बल का दंभ दुनिया की कोई भी ताकत किसी भी राष्ट्र को उन्नत बनाने से नहीं रोक सकती..