Thursday, 23 June 2016

एक जमाने में ISRO सरकार के धन का मुहताज था.., वह तो हमारे महान गुरू,वैज्ञानिक डॉक्टर अब्दुल कलाम का क़माल था कि इस गरीब संस्थान को दिमागी मंत्र देकर इसरों को कम धन मिलने के बावजूद.., अनवरत अबाध गति से प्रगति कर रहा था..


INFLATION – IN FLAME  NATION महंगाई से जनता को जलाने वाली माफियाओं की आग आई  V/s इसरो के संतों आपने  बिना आरक्षण, राजनीती, जातिवाद, भाषा वाद व राष्ट्रवाद को देश की धार बनाकर कर दिया कमाल.. , देश को आँख दिखने दिखाने वालों की मूँद दी  आँख ...,  DRDO की उन्नती से दुनिया के देशों के पेटों में अब हो रहा दर्द.. 

एक जमाने में ISRO सरकार के धन का मुहताज था.., वह तो हमारे महान गुरू,वैज्ञानिक  डॉक्टर अब्दुल कलाम  का क़माल था कि इस गरीब संस्थान को दिमागी मंत्र देकर इसरों को कम धन मिलने के बावजूद.., अनवरत अबाध गति से प्रगति कर रहा था.., अब तो इसरो ने स्वालम्भन से अपनी १ /१० खर्च से मंगल  ग्रह के  प्रथम प्रयास में सफलता पाकर, देश व दुनिया को दिखा दिया कि हम तकनीकी में कितने सानी हैं,   दुनिया के सेटेलाइट का प्रक्षेपण कर ७५० करोड़ का धन कमा कर अब वह दिन दूर नहीं जब वह नासा की नाक दबाकर दुनिया में अग्रणी बनेगा.
      

१. चेतो मोदी सरकार..., माफिया भी DRDO से अधिक सफलता पाकर अपने को DARE – DON  से माफिया करे हुंकार.., जनता महंगाई के (IS )से RO (रो) कर  हमारे और भी अच्छे दिनदिन आकर.. अब तो.., सीना तान कर कह रहें हैं हमें मिल रहा है.., मोदी सरकार से पुरूस्कार ..


२. क्योंकि आज तक काले धन व जमाखोरों की सम्पती को राष्ट्रीय धननहीं है, घोषित.., जनता है, शोषित .., इसे लिए बढ़ रहा है माफियाओं का जूनून
कभी प्याज तो कभी टमाटर  मिल्खा सिंग से तेज व दालें मिसाइलें दौड़ लगा रही है..

३. इसरो के मिसाईल मिशन में कुछ मिसाईले प्रक्षेपण के बाद धराशाही होने के बाद सफलताएं मिली है .., लेकिन १९४७ से आज तक माफियाओं द्र्वारा महंगाई के मिसाईल के मिशन में आसमान अनूकूल व खुला होने से अबाध गति से नित्य नए-नए प्रयोगों से सफल हो रहें है..

४. मिसाईल मैंन की आत्मा उनके जन्म दिन पर भी तड़फ कर आंसू बहा रही है.., लोकसभा की हुड्दंग व आतंकवादियों की धटना से वे हो गए थे दंग कि पिछली सरकार के संविधान के दाग अब भी धुलने वाले नहीं हैं .., वे देश की ज्वलंत समस्याओं से आहत होकर इस देश को छोड़ कर चले गए

५. चेतो मोदी सरकार.., जो माफिया अब भी आपको चहेते समझते है.., उनका भ्रम तोड़कर.., ताकि महान राष्ट्रवादी भारत रत्न महामहिम राष्ट्रपति DR. APJ ABDUL KALAM की आत्मा को शांती मिले

६. देश का अन्नदाता किसान १९४७ से MAKE IN INDIA से भारत की तस्वीर से MADE IN INDIA बनाने के बावजूद माफियाओं द्वारा मूल्य के शोषण से ४० लाख से अधिक किसान आत्महत्या कर चुके हैं

७. दोस्तों .., याद रहे.., “आराम हराम हैके नारे से विदेशी हाथों से, अमेरिका के सड़े गेहूं के निवाले से.., देश की जनता को बुजदिल बनाकर , हमारे सेना के हौसले तोड़कर चीन से मिली हार .., और नेहरू की मौत के बाद भारी कर्ज का शौच.मात्र १८ महीनों में प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री ने साफ़ कर दिया था

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जबकि २६  महीने बाद जनता के महंगाई से कच्छे पहिनने के दिन आ गए है.

८. प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री ने इस सड़े गेहूं को बंद कराकर .., अमेरिका से कहा हम ऐसा गेहूं खाने के बजाय मरना पसंद करेंगे ..,” देश के भू धन व पशु धन से.., देश के जवानों व किसानों के बुद्धी बल कर्म बल को पहचान कर, “जय जवान जय किसानके ज्वलंत नारे से .., हमारे अंग्रेजों के जमानों के हथियारों से.., अमेरिका के कभी न नष्ट होने वाले पेटंट टैंक का दावा करने का भ्रम तोड़ कर .., सेना के जज्बे से विश्व आश्चर्य चकित हो गया.

९. देशवासियों के अच्छे ही नहीं उन्नत दिन आकर ,देश विश्व गुरु बनने की दहलीज पर खडा खड़ा था तब विदेशी ताकतों ने देशी माफियों के साथ मिलकर इस लाल का खून जहर से नीला कर , देश को पुन: विदेशी हाथों में जकड़ दिया और आज तक देश विश्व की आथिक गुलामी का शिकार होकर प्रत्येक व्यक्ती पर ७५ हजार रूपये से अधिक विश्व बैंक का कर्जा है.

१०. चेतो मोदी सरकार देश..,देशी- विदेशी माफियाओं से नहीं.., आप तो १२५ करोड़ की आबादी में ६५% युवा होने का तो दंभ भरते हो..
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११. गावों में लाखों अब्दुल कलामहैं.,सिर्फ उनका जज्बा जगाने की जरूरत है.., लेकिन आपके शासन के इन युवाओं के १८ महीने की आयु इस विदेशी कटोरे से धन बटोर कर योजनाएं बनाने में बर्बाद हो गए हैं ..,अब विदेशी धन से ये योजनाएं.., पिछली सरकारों की तरह ही विदेशी हाथो संग मिलकर भोजनाएं बनेंगी..,

१२. सच्चाई है कि.., भ्रष्ट सरकारी कर्मचारियों के काले धन से तो देश का कर्ज चुक जाएगा व अधिकांश भ्रष्ट मीडिया-माफियाओं-राजनेताओं-नौकरशाहों-जजशाहों का अकूत धन निकाले तो देश का एक रूपया = 70 डॉलर हो जाएगा. डूबते देश की पतवार देशवासियों के हाथ आकर, देश ६ महीने से भी अल्प समय में मेक इन इंडिया से विश्व गुरू से MADE (बन) जाएगा.