Saturday, 30 April 2016

जागे हुए लोगों से कहता हूँ..., जम्हाई लेतें हैं.., सोते हुए लोगों से कहता हूँ..., अंगडाई लेते हैं ...,तब कब्र के मुर्दे से कहा , उसने मुझसे कहा,मैं कुछ और कह पाता, मुझे भ्रष्टाचार का इंजेक्शन लग चुका था, “आप देशद्रोही बनकर , देश के लिए पागल होकर कुछ तो कहो,ताकि मेरी मजार पर आदर्श नेताओं , माफियाओं की मंजिल न बन सके”


जागे हुए लोगों से कहता हूँ..., जम्हाई लेतें हैं.., सोते हुए लोगों से कहता हूँ..., अंगडाई लेते हैं ...,तब कब्र के मुर्दे से कहा , उसने मुझसे कहा,मैं कुछ और कह पाता, मुझे भ्रष्टाचार का इंजेक्शन लग चुका था, “आप देशद्रोही बनकर , देश  के लिए पागल होकर कुछ तो कहो,ताकि मेरी मजार  पर आदर्श नेताओं , माफियाओं की मंजिल न बन सके”

क्या अब आदर्श भवन के भव्य भ्रष्टाचार के महल के साथ मुंबई स्थित मुकेश अम्बानी के महलनुमा घर एंटीलिया को भी ध्वस्त करने का आदेश देकर एक स्वस्थ क़ानून का निमार्ण होगा .

सेना – सत्ता – राजनेता – नौकरशाही का अटूट आदर्श जोड़ .. ६  मंजिल के  भवन को ३१ मंजिला भवन  द्रुत गति से बना कर देश के धूर्तों का का खेल ..., जनरल दीपक कपूर ने कारगिल के शहीदों के नाम पर एक फ्लैट हड़प लिया .., इसी रेलम – पेल में सभी NOC देने की एवज अधिकारीयों  वालों की फ्लैट देने की  शर्त में ६ मंजिला इमारत की भ्रष्टाचार की ३१ मंजिलें बन गई.  
आदर्श घोटाले की गुत्थी सुलझाने के दौरान धीरे-धीरे वो राज सामने आ रहे हैं जिनकी जड़ें सेना में फैले भ्रष्टाचार से जुड़ी हैं। रिटायर्ड जनरल दीपक कपूर और मुंबई एरिया चीफ मेजर जनरल आर के हुड्डा की बेनामी प्रॉपर्टी खंगाल रही सीबीआई के हाथ कुछ ऐसे दस्तावेज लगे हैं जिनमें जनरल कपूर समेत आर्मी के बड़े अधिकारियों पर सेना की जमीन को अवैध तरीके से बिल्डर को बेचने का आरोप है

इसी भ्रष्टाचार की लूट की छूट की आड़ में मुकेश अमबानी अम्बानी नने १२ हजार करोड़ के २७  मंजिले भवन, जो  दुनिया का सबसे महंगा घर है एंटीलिया की जमीन कौड़ी के भाव में खरीद ली
दुनिया के सबसे बड़े अमीरों में शामिल बिजनेसमैन मुकेश का अंबानी का मुंबई स्थित महलनुमा घर एंटीलियाएक बार फिर सवालों के घेरे में है। महाराष्ट्र विधानसभा वक्फ बोर्ड द्वारा पेश की गई एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) में कहा गया है कि वक्फ बोर्ड ने अंबानी को घर बनाने के लिए जमीन बेचने के लिए गलत तरीके अपनाए.
रिपोर्ट के अनुसार वक्फ बोर्ड की प्रॉपर्टी को निजी उपयोग के लिए नहीं बेचा जा सकता, क्योंकि यह ट्रस्ट की संपत्ति होती है. विधानसभा में पेश एटीआर में कहा गया है कि करीम भाई इब्राहिम ने 1986 में यह जमीन धार्मिक शिक्षा और अनाथालय बनाने के लिए वक्फ बोर्ड को दी थी, लेकिन बोर्ड ने इसे अंबानी को बेच दिया।

वेबस्थल व फेस बुक की  August 2, 2013 ·की पुरानी पोस्ट  


 भ्रष्टाचारियो के कुतुबमीनार की जीत...??????????

भ्रष्टाचारियो के कुतुबमीनार की जीत...??????????
देश के कारगिल के शहीदो के नाम से, देश के दरिंदों ने भ्रष्टाचार को माखन लगा कर इस 31 मंज़िला कुतुबमीनार को बनाया। इस इमारत का खर्च 100 करोड़ से ज्यादा है लेकिन 125 करोड़ रुपये के कागजी घोड़े (कानून के कागज़) मे खर्च करने के बावजूद न्यायव्यवस्था को धोखा देकर राज्य सरकार के मिली भगत वाले, आयोग ने क्लीन चिट दे दी है।
याद रहे मुंबई हाईकोर्ट ने 14 महीने पहले इस आदर्श भ्रष्टाचार के मंदिर को ढहाने का आदेश दिया था...???, इसके बावजूद अदालत को ठेंगा दिखा कर यह जांच रिपोर्ट तैयार की है।
महाराष्ट्र के दो बार मुख्यमंत्री बने विलास राव देशमुख कही इस आंच से कहीं झूलस न जाए, इसलिए उन्हे केन्द्रीय मंत्री के पद से सुशोभित किया गया। 11 महीने पहले विलास राव देशमुख लिवर(Liver= live + fever भ्रष्ठाचार से जिंदा रहने की बीमारी) की बीमारी का शिकार होगाए। उनकी मृत्यु के बाद सभी मंत्रियो ने आदर्श भ्रष्टाचार का ठीकरा विलास राव (विलासिता + मुख्य) का नाम कहकर फोड़ दिया।

देश के दो सूरमा, एक पूर्व महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री व केन्द्रीय मंत्री विलासराव देशमुख , और कन्हैयालाल गिड्वानी जो गिरवानी बनकर आदर्श मंजिल से गिरकर शहीद हो गये है? दोस्तों आप ही अपने विवेक से बतायें ये देश के सोसाइटी (SOCIETY – SUCIDEE- आत्महत्या) के शहीद हैं या गरीबों के आत्महत्यारे..????

इस 400 फ्लाटो मे (एक फ्लॅट एक सब्जीवाले को, व कई झूठे नामों से भी आबंटन) किया गया तथा सभी अधिकार राजनेताओ ने अपने नाम रखे। हाल ही मे, महाराष्ट्र सरकार ने 500 करोड़ की योजना से नाशिक मे विलास राव देशमुख के भ्रष्टाचार के आदर्शो को जीवित रखने की लिए 50 एकड़ से ज्यादा की भूमि आबंदित की है। इस घोटाले मे दूसरे टपकने वाले कन्हैयालाल गिडवानी ,जो आदर्शतम बनने के लिए सीबीआई को 2 करोड़ की रिशवत देने के मामले मे पकड़े जाने से जेल गए थे, वह बाद मे जमानत मे रिहा हो गये और हार्ट अटैक (Heart Attack= High+ tech)

याद रहे आदर्श भ्रष्टाचार के मंजिल के किराए व बिक्री के विज्ञापनो की वैबसाइट. अखबारो व इंटरनेट मे प्रकाशित हो गयी थी। एक कमरे का किराया प्रतिमाह 4 लाख रुपये और बिक्री की कीमत 60 करोड़ से ज्यादा आँकी गयी थी। बड़े दुख के साथ मे लिखना पढ़ रहा है सुशील कुमार शिंदे ,जो इसके मुख्य सूत्रधार है, जिनके केन्द्रीय बिजली मंत्री के कार्यकाल मे देश की आधी बिजली गायब करने के बाद उन्हे, इसी भ्रष्टाचार की गरिमा से सुशोभित करने के लिए देश के गृहमन्त्री पद से सुशोभित किया गया है... जिसके तुरंत बाद उन्होने, पूना की एक सभा मे कहा...???? देश की जनता भेडो से से भी बदतर है, जो बोफोर्स घोटाले तक भूल गई है...????, तो क्या हमारे नए घोटाले को याद करेगी....????, अपने अटपटे बयानो से आज के डूबते देश के आतंकी घटनाओ के बारे मे हँसते हुए कहते है,”मैंने पहले ही कह दिया था आतंकवादी हमले होंगे । अपरोक्षय रूप से उनका कहना है इसको रोकने की ज़िम्मेदारी मेरी नहीं है...???

दोस्तों .., जब संविधान हो गुलाम, तो नेता बने, बेलगाम व जनता बन रही हे बेजुबान। जब देश मे सांसदो की वेतन की बढोतरी का बिल 5 मिनट मे पास हो जाता है, और आरटीआई मे राजनेताओ को दायरे मे न लाने का बिल, बिना बहस के सभी पक्षो द्वारा सहमति दे दी जाती है, देशवासियों जागो सोचो....? सोचो....?? सोचो...???. क्या से क्या हो रहा हैं ...?????