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Friday, 5 June 2015

क्या.. ??, अब फ़िल्मी सितारों से अमिताभ बच्चन, अनभिज्ञ रहने का बहाना बना रहें है..क्या “अनभिज्ञ बच्चन” , अपना, यह “बचपना” छोड़कर इस विज्ञापन से कमाई की राशी सरकार को देकर, अपने पापों का प्रायश्चित करेंगें या निश्चिन्त रहेंगें..



१.   FDA- (F)  FAKE (D) DRUG (A) AD-MINIMUM-ACTION बनाम  MAGGI –MAGIC के, 30 साल से, जनता को जहर खिलाने के नाम से , विदेशी हाथ से खाना खिलाने वालों की प्रशंसा से, फिल्मी मीडिया –माफिया – प्रशासन, अपने को देश का SON कहकर, सोने की खान से, जनता को कबिस्तान में सुलाने का काम कर रहें हैं.
२.   .क्या.. ??, अब फ़िल्मी सितारों से अमिताभ बच्चन, अनभिज्ञ रहने का बहाना बना रहें है..क्या  “अनभिज्ञ बच्चन” , अपना, यह “बचपना” छोड़कर इस  विज्ञापन से कमाई की राशी सरकार को देकर, अपने पापों का प्रायश्चित करेंगें या निश्चिन्त रहेंगें..
३.   क्या..??, सरकार में इतना दम है कि...!!! पिछले 30 सालों के मैग्गी के जहर से बीमार हुइ  लोगों के स्वास्थ्य का मुआवजा विदेशीयों से, मांगें.., दोस्तों आश्चर्य है कि नेस्ले कंपनी को देश से भगाने के बजाय .., सरकार ३ महीने के प्रतिबन्ध की बात कर, सिर्फ ५ लाख का दंड लगा के, विदेशियो की फर्श धोकर  अपना सर ऊंचा कर रही है...,यह देशवासी के साथ धोका है..., जहरीले दिनों के पेट से .., अच्छे दिनों की चादर से माफियाओं के लड़ी की झड़ी को छुपाया जा रहा है ...,
४.   नकली खाना , नकली दवा, नकली दूध..., नकली ...नकली ...नकली की भरमार..., जनता नकेल नहीं खीच सकती है...,यह सत्ताखोरों से देशी, विदेशी माफियाओं को मालूम पड़ चुका है..
५.   याद रहे.., जवाहर लाल नेहरूं के १७ साल के कार्यकाल में हम, अमेरिका के  सूअरों द्वारा न खाने वाला लाल गेहूं खाते थे , वह ‘जवान जवान –जय किसान’ की एक “अजूबी शक्ती” वाले लाल बहादुर शास्त्री ने १९ महीने की चमत्कारी शक्ती से देश का स्वाभिमान जगाकर देश को पूर्णतः “स्वदेशी” से, देश को एक नयी शक्ती से जगा दिया था
६.   सत्ताखोरों व माफियाओं की दुकाने बंद कर पहिले जो  देश के “दिलदार” कहलाने वालों को  “बेरोजगार” कर दिया था..,.
७.   इसी का प्रतिशोध से लाल बहादुर शास्त्री की “ह्त्या के शोध” का हर सरकारों ने अपनी नाक बचाने के लिए ..कहीं विदेशी हाथों से हमारी सत्ता छीन न जाए, इस विषय को आज तक छुपाए रखा है
८.   लाल बहादुर शास्त्री की ह्त्या के बाद, नेहरू की विचारधारा का पुनरोदय होकर.., हर सत्ताखोरों ने इसी विदेशी हाथ की धारा से देश को डूबाने का ही काम किया है
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९. आज दो साल के, बच्चे को चश्मा लग जाता है...१० साल से, मधुमेह की बीमारी ..,२० साल से, ब्लड प्रेशर. 30 साल से, ह्रदय रोग..., ४० साल से, किडनी रोग.., ५० साल से, कैंसर से कैंसल की बीमारी. ६० साल से, बीमारियों का शरीर में मकडजाल... से वह इस देश में दवाई खाकर , रहने का टैक्स देकर.., अपना अवसादमय जीवन जीता है.
१०.                 हर साल दवाई कम्पनीयों की बिक्री में ४०% की वृद्धी होकर , जो,२ रूपये की दावा २० रूपये में बेच कर मालामाल हो रही है..,इसी आड़ में नकली दवाईयों का जाल से, छूपे खेल से,  माफिया भी अपना हाथ साफ़ कर, जनता का जीवन साफ़ कर देते हैं,
११.                 देश के चौराहों, गलियों में दूषित तेल, गाड़ियों के धुंए के प्रदूषण व चेमिकल  केमिकल वाले दूध , मक्खन , तेल से सस्ते खाने के फेर में जनता अल्प आयु में ही रोगों की चपेट में आ जाता है
१२.                 १२५ करोड़ के हमारे देश में ३३०० अधिकारी हैं , जिनमे ५०% आरक्षण का तोहफा लेकर , माफियाओं की तोतोप से जनता का भक्षण कर रहें है...
१३.                 देश में FDA के प्रयोगशाला में, बाबा आदम जमाने की मशीन है.., जिसमे गुणवत्ता जांचने का प्रावधान नहीं है..., कुछ प्रयोगशालाओं में मशीन तो है , लकिने गुणवंत  कर्मचारी नहीं है..,
१४.                 आरक्षण की चांसनी से पद पाये , अधिकारियों का ज्ञान इतना कमजोर है कि वे मूंग,मसूर से अन्य दालों से खाद्यानों को पहचानने में अपरिचित है...
१५.                 देश में 70% दूध तो नकली हैं .., दीपावली व अन्य त्योंहारों  में खाद्यानों की बड़ी खेप मिलने की बावजूद ..., माफिया – सात्ताखोरों – FDA के अधिकारियों द्वारा मुनाफे के खेल से देश की जनता के मौत की सौदागीरी से देश के  चरित्र को डूबाने का  खेल, ६९ सालों से बदस्तूर जारी है...,
१६.                  क्या...???. मजाल खाड़ी देशों से, यूरोपीय देशों  में , मिलावटी हरकत करने से माफियाओं को  घर बार बेचकर  से फांसी  तक की सजा होती ही..
१७.                 मेरे देश में जनता सोई है.., जातिवाद , धर्मवाद के  रंगों से, भेड़ों की चाल से देश के साथ जनता का भी जीवन खोखला होते जा रहा है..
१८.                 दोस्तों बड़े दुःख के साथ लिखना पढ़ रहा कई कि सत्ता परिवर्तन के ६९ सालों के बावजूद .., हमारे संविधान के रक्षक कहने वालों,सत्ताखोरों  ने आज तक कोई कड़क क़ानून नहीं बनाया .., जिससे इस मायाजाल से जनता को छूटकारा मिलें.

१९.                 जनता के जीवन से खिलवाड़ कर ...माफिया –सत्ताखोरों – FDA – FAKE DRUG ADMINSTRATION , इस भ्रष्टाचार की गंगा में नहाकर चंगा हो रहा है...,और देशवासी..गरीब बनकर, इस बीमारी के इलाज से अस्पताल के खर्च में अपना घर-बार बेचकर नंगा हो रहा है..