Friday, 10 April 2015

यदि देश का काला धन पकड़ कर, किसानों की कृषि का राष्ट्रीयकरण व युवा शक्ती को.., शिक्षा से, लघु व कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देकर, उनके आत्म-सम्मान को सम्मानीत किया जाय तो हर गरीब की कुटिया में एक चमक आकर, ४ सालों में देश के इतने अच्छे आयेंगे कि विश्व भी अचंभित हो जाएगा



बोलू: अरे देखू .., आज तू. R.B.I. (रोता बापू ऑफ़ इंडिया), रिजर्व भ्रष्टाचार ऑफ़ इंडिया (R.B.I.) को टुकूर –टुकुर, कर क्या देख रहा है 
देखू: बापू के देश में पापू लोग भर गए है..., भ्रष्टाचार का रिजर्व अधिकार से गायब, यब.., गा.., के खेल से देश “भारत निर्माण” के नारों के बाद “अच्छे दिनों” के अफीमी नारों से सत्ताधारी झूम रहें है..., 
बोलू: लेकिन मोदी सरकार ने तो नारा दिया था , मैं देश नहीं मिटने दूंगा.., और तू, देख कर, कह रहा है कि गायब-यब- गा के गीत / खेल का शोर है .., मैं समझा नहीं..!!!,
देखू: हाँ , पिछले ७ सालों में बैंक के कर्मचारियों ने बैंक में डाका डाल कर , देशवासियों के २८ हजार करोड़ रूपये लूट लिए है...
सुनू: हाँ , बैंक के अधिकारी अब भी कह रहें है..., बड़े देश में ऐसी छोटी-छोटी घटनाएं है, इसे छोटा फ्रौड (FROUD) कहकर, प्राउड (PROUD) कर रहें हैं
बोलू: हां , अब प्रधानमंत्री जन-धन योजना को बैंक के अधिकारी तन –मन से धन डकार कर, फिर से कहेंगे .., योजनाए को तो.., .भोजनाएं बनाकर... ६८ सालों का यह रूटीन दौर है ..,
सुनू: अपने पैसे का, माफियाओं द्वारा शिकार होने पर, बैंक तो ग्राहकों को कह रहा है..., इसमें कार्यवाही करने का हमें हक़ नहीं है..,
देखू: मैं देख रहा हूं , पकिस्तान व बांग्लादेश सीमा से नकली नोटों की करेंसी , राष्ट्रीयकृत बैंकों में , कर्मचारियों की मिली भगत से जमा होकर , इसे नया जामा पहनाकर देश की अर्थव्यस्था को चौपट किया जा रहा है...
सूनू: रिजर्व भ्रष्टाचार ऑफ़ इंडिया (R.B.I.) भी जानकर, रियल बापू ऑफ़ इंडिया (R.B.I.) के तीन मूल बंदर बनकर, आँख मुंह कान बनकर कह रहा है.., हम तो बापू के आदर्शों का पालन कर रहें है..
बोलू: देश में पिछले २० सालों में २५ लाख करोड़ तो उद्योग पतियों ने बैंक का कर्ज डूबोया है.., सजा तो दूर की बात, अभी तक इन मामलों में कार्यवाही भी शुरू नहीं हुई है..., और इसका खामियाजा जनता को महंगाई के तौर पर,दिन पर दिन .., भुगतना पड़ रहा है...,
सूनू: मुझे सुन कर ताज्जुब हो रहा है..., मोदी भी देश के काले धन के माफियाओं पर कार्यवाही करने के बजाय कह रहें है.., देश में धन के लाले पड़ गए है .., इसलिए विदेशी माफियाओं के कांग्रेसी विचारों से जनता पर महंगाई की रस्सी डालनी पड़ेगी
बोलू: अभी वे विदेश से काले धन लाने के झांसे से देशवासियों को भरमा कर , जनता को भ्रमित कर, इनके नाम बताने से इनकार कर रहें है.., क्योंकि इनके आक्का तो देश में ही बैठे हैं.., उन्हें भी विश्वास है कि मोदी उनका बाल – बांका करने में अपना बल नहीं लगाऐंगे ...,
देखू: देश की जनता भी भौचक्का है.., वह तो रास्ते में चक्का जाम कर रहें है.., और सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है..
बोलू: अभी दिल्ली में केजरीवाल, नौटंकी वाल बन कर “मुफ्त नाम के प्याले” में देशी शराब के प्याले से, भारी सफलता प्राप्त कर ,जन लोकपाल के वादे से अपने सभी जीते विधानसभा के सदस्यों को, मुफ्त में ऊंचे ओहदे, मुफ्त बंगला ,बिजली पानी A-Z +++ की सुविधा देकर अपना उल्लू सीधा कर, अपने पार्टी के स्तम्भ कारों की नीव तोड्कर ..., अब ठोकपाल बनकर कह रहा है.., मैं दिल्ली में मोदी से भी प्रभावशाली बनूंगा
सुनू: १० महीने की मोदी सरकार से जनता हताश हो गई है..., उसे तो अब ताश का महल दिख रहा है...., अब कह रहें हैं कि क्या.?, देश ऐसे ही मुफ्त वादों से चलता रहेगा...
देखू: देश की विकट समस्या का तुझे कुछ निदान दिख रहा है, क्या...???
बोलू: हाँ , मोदी सरकार तो कह रही है कि उन्हें गर्व है कि देश में ६५% युवा शक्ती है..., यदि देश का काला धन पकड़ कर, किसानों की कृषि का राष्ट्रीयकरण व युवा शक्ती को.., शिक्षा से, लघु व कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देकर, उनके आत्म-सम्मान को सम्मानीत किया जाय तो हर गरीब की कुटिया में एक चमक आकर, ४ सालों में देश के इतने अच्छे आयेंगे कि विश्व भी अचंभित हो जाएगा