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Tuesday, 24 February 2015



एक कहानी..., जनता.., एक साधू को राजा बना देती है..., प्रशासन चौपट होते जाता है, दुश्मन अपना तम्बू लेकर उस देश में ला रही होती है, तो, कुछ साधू के वफादार दरबारी, साधू को चेताते हैं, सीमा पर हमारे सेनाओं के सर काटे जा रहे है.., विदेशी घुसपैठीये भी  हमारे देश में गहरी पैठ जमा चुके हैं.., खबर की सत्यता होने के बावजूद वह साधू बाबा, मौन मोहन बनकर कहता है.., शांती रखो.., अंत में विदेशी आक्रमणकारी, देश में कब्जा कर, साधू राजा को घेर लेती है...,

साधू राजा फिर से विदेशी राजा को कहता है..., शांती रखो.., मैं तो साधू हूं ..., मुझे सत्ता से कोई लेना देना नहीं है..., यह तो जनता मुर्ख है, जिसने मुझे राजा बनाया है..., फिर वह सत्ताव छोड़कर  अपने आश्रम में जाकर.., पहिले से अधिक, सुख वैभव चैन से रहता है...

यही कहानी मेरे देश की है... (सिर्फ लाल बहादुर शास्त्रीजी  के १९ महीने के “जय जवान - जय किसान .., देशी हाथ, साथ विचार के स्वर्णीम काल को छोड़कर)..

याद रहे लाल बहादुर शास्त्रीजी  का उपनाम “वर्मा” था लकिन जिन्दगी में इस उपनाम का नहीं उपयोंग नहीं किया , शास्त्री की उपाधि ग्रहण करने के बाद उन्होंने इस उपनाम को जोड़ा...,

शास्त्रीजी के कार्यकाल में, कांग्रेस के वंशवाद की राजनीती के साथ देश जातिवाद, अलगाववाद, भाषावाद... व  घुसपैठ की राजनीती के निर्मूलन के कगार पड़ खडा देखकर,  देशी ताकतों ने विदेशी हाथों से हाथ मिलाकर, इस देश के लाल की ह्त्या कर दी .... और भारत के स्वर्णिम भविष्य को क़त्ल  कर दिया

आज तक देश की किसी भी पार्टी ने, राष्ट्रवादी धारा से देश को नहीं चलाया..., यों कहे चलने नहीं दिया.., परिणाम स्वरुप छेत्रिय पार्टियों का कुकुरमूत्ते  की तरह से जातिवाद के रूप में जन्म  हुआ, उन्होंने भी जातिवाद को ढाल बनाकर..., समाज से देश को भ्रष्टाचार से लूटकर, एक जाति से दूसरे जाती से लड़वाकर,  अपने तलवार की धार बढ़ाई.

जब बिहार..,  राबड़ी देवी के बिहार से भ्रष्टाचार की बयार से चल सकता था ..., सोनिया गांधी के नाम से, कांग्रेस ने  देश को एक भ्रष्टाचार की मजबूत दीवार से १० साल चलाया ..., देशी विदेशी घोटालों से सीमा खुली छोड़कर, एक शमा बनाकर देश को डूबाया .


कठपुतले प्रधानमंत्री को डोर से बांधकर, कांग्रेस ने देश की, विदेशी बहू को “भारतमाता” कहकर, १० सालों की लूट की खुली छूट के मकडजाल के डोर से भारत मुक्त हुआ. क्या अब राहुल के राहू से कांग्रेस मुक्त होगी..???  कैलाश तिवारी, meradeshdoooba  डॉट com से