Videos

Loading...

Thursday, 29 January 2015



गाँधी वध के पश्चात जब सावरकर जी को न्यायलय ने सम्मान बरी किया तो जज का वीर सावरकर के लिए यह
का वक्तव्य था ..., “सावरकर ने अपना जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया, लेकिन ऐसे तुच्छ कार्य में उन्हें घसीटना बहुत ही निंदनीय है, इस बात की जांच की जानी चाहिए की ऐसे महान व्यक्ति का नाम इस कार्य में क्यों घसीटा गया”
जबकि स्वयं नाथू राम गोडसे ने गाँधी वध में सावरकर जी की संलिप्तता को सिरे से नकार दिया,
र्मनिरपेक्षता के झूठे आडम्बर में फंसे तथाकथित सेकुलर उस दिन सूर्य के सामान जुगनू से प्रतीत हो रहे थे, जो की सूर्य को अपनी मद्दम रौशनी दिखा कर उसे निचा दिखाने की कोशिश कर रहे है,
वीर सावरकर के क्रातिकारी के जज्बे को सलाम करने के के लिए, 13 मार्च 1910 मे जहाज से कूदकर,पानी मे अंग्रज सैनिको की पीछे से गोली गोलियो की बौछर का सामना करते हुए , फ्रांस के मार्सेल तट पर पहुँचे, इस साहसिक घटना को जीवित कर , प्रेरित करने के लिए, घटना की 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य मे एक भव्य स्मारक बनाने के लिए भारत सरकार को सूचित किया , और भारत सरकार ने वीर सावरकर को देश्द्रोही कहकर आपत्ति उठाने से वह प्रकल्प बंद करवा दिया..

याद रहे...,चन्द्रशेखर वेकट रमण से जब राष्ट्रवाद व देश के भावी योजना के बारे मे विस्तार से चर्चा कि तो उन्होने वीर सावरकर के बारे मे कहा “ यह देश का अनमोल हिरा जिसके चमक के सामने कोहिनूर हीरा भी फीका है?”. याद रहें, महान भौतिकशास्त्री वैज्ञानिक चन्द्रशेखर वेकट रमण को 1954 मे भारत रत्न मिला था
वीर सावरकर ने अपने मौत के पहने कहा कहा मेरी मौत पर कोई हडताल व देश के किसी नगर, शहर मे बंद का आयोजन नही होगा और जो मेरे जिदगी की 5000रू अमानत है, वह जो हिन्दू , मुस्लिम बने, उनके पुन: हिन्दु धर्म मे आने पर यह धन उनके शुध्हीकरण मे उपयोग मे लाना?
आज भी स्वर साम्राज्ञी कोकिला , भारतरत्न लता मगेशकर भी गला फाडकर चिल्ला रही है, वीर सावरकर को कोइ सम्मान नही मिला है, उनके वीरता की इस देश मे दुर्गति हुई है ...........
अब इस दुनिया ऐसा वीर सावरकर दुबारा पैदा नही होगा? देश के इतिहास को अन्धेर मे रखकर यो कहे देश के इतिहास को दफन कर दिया है....?????????
इतिहास कार भी कांग्रेस के पिच्छ्ल्गू बनकर , अपना पेट भरकर ..., पतनकार बन गए .., याद रहे नेहरू की नेशनल हेराल्ड पत्रिका जो “नेहरू व गांधी के बखान से भरी रहती थी .. जो पैसा राष्ट्रीय खजाने के रूप में वित्त सहायता से प्रेरित थी अब मृत्यु शैय्या के कगार पर है..., उसके कर्मचारी भूखमरी की कगार पर है....
हमारे देश ने ऐसे प्रधानमंत्री को जीते जी 1955 मे भारत रत्न दिया गया, जिन्होंने कश्मीर व भारत के टुकड़े किए
आज भी जिनके नाम पर हजारो संस्थान चल रहे है, हजारो सडके है, वही राजीव गाँधी बोफोर्स घोटाले के आरोपी थे , उन्हे भी भारत रत्न से नवाजा गया..???? अब आने वाला समय ही बतायेगा के भारत रत्न व उनकी संतानो का विदेशो मे कितना काला धन है..