Wednesday, 26 November 2014

२६/११ के हमले के ६ साल, विदेशी कसाब बना था, सत्ताखोरों की देशी शराब,



२६/११ के हमले के ६ साल, विदेशी कसाब बना था, सत्ताखोरों की देशी शराब, दुनिया का एक मात्र कैदी जो जीते जी जन्नत की जिंदगी जी कर, एक राष्ट्रवादी मच्छर ने, जो सत्ताखोरों के खेल में, गुस्स्से से लाल-पीला हो गया था , तब उसने प्रतिशोध में डेंगू के विषाणु से, इस सत्ता के दुलारे कसाब को, अल्ला को प्यारा किया..., सत्ताखोर इस मच्छर के खेल से भौंचके रह गए... सत्ता चमकाने के लिए, यह श्रेय अपने नाम करने के लिए, इसे, अपना धेय्य कहकर..., आनन् –फानन में कसाब के फांसी की घोषणा कर दी गई...
इसी आड़ में आज १०० करोड़ के खर्च व १०० करोड़ से ज्यादा के सुरक्षा के नाम से खरीदी गई स्पीड बोट आज कबाड़ में पड़े है... क्योंकि इसमें डीजल के खर्च व पुलिस कर्मचारियों को ट्रेंनिंग के खर्च का बजट ख़त्म हो गया है...CC TV बंद होकर धुल फांक रहें हैं...
२६/११ के कसाब का हिसाब ..जय हो.., राष्ट्रवादी मच्छर, सच में तुम तो हो ज्ञान के सागर ...
कसाब का हिसाब
१. एक आतंकवादी को “अति विशेष अतिथी” बनाकर १०० करोड़ रूपये से ज्यादा खर्च.....
२. इंग्लैण्ड के कोहिनूर हिरे की रखवाली से जादा सुरक्षा .......
३. उम्र जानने के लिए दांतों की जांच.......
४. छीक आने पर नशेड़ी नेताओं को बुखार.......
५. गाली देने पर विशेष चिकन बिरयानी.......
६. तबियत व सुविधा की कमी जानने के लिए, महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर.आ. ,पाटिल व भा.ज.पा के विपक्षी नेता एकनाथ खडसे की सद्भावना मुलाक़ात.......
७. मुम्बई के सरकारी... जे.जे अस्पताल में लाखों रूपये खर्च कर विशेष अतिथी के रूप में, ईलाज के लिए अलग कमरे का निर्माण , लेकिन कसाब का वहाँ नही हुआ पदार्पण.......
८. कसाब को कोहिनूर हीरा मानकर , अमेरिका को बाप मानकर लगाई बड़ी गुहार , पाकिस्तान द्वारा अपने देश का नागरिक न होने की कहकर... , हिन्दुस्तान को दी दुत्कार...
९. टी.आर.पी. से प्रिंट व मीडिया बना मालामाल.......
१०. कसाब बना अन्तराष्ट्रीय चमक वाला हीरा.......
११. आर्थर रोड जेल के कैदियों को मलाल , हमारे एक अपराध की नही है , क़द्र ...???. और ३०० से ज्यादा हत्या करने वाला अपराधी कसाब है.... भद्र ....????????????? .......
१२. पुलिस द्वारा कसाब की शारीरिक क्षमता जांचने पर.... कसाब १० से भी ज्यादा पुलिस वालो.पर पडा भारी... पुलिस बल भी हक्का बक्का....????? .......
१३. सुनवाई में कसाब के लिए विशेष , मीडिया व्यवसायी की, व समाचार वाहनों की भीड़ से ट्रैफिक जाम , रोड पर चलने वाली जनता परेशान.......
१४. आरोप पत्रों के कागजो का वजन , कसाब से दुगना ... और वकिल जजों , मीडिया की कमाई १०० गुना.......
१५. कसाब के खर्च का हिसाब... राज्य सरकार के दिवालिया होने के बाद में ... केंद्र सरकार द्वारा पैसे देने में आनाकानी.......
१६. इतनी VVVVV.... IIIIII..... PPPPP.... अमेरिका के राष्ट्रपति ओबामा के सुरक्षा से... कसाब के सुरक्षा का कवच भारी.......
१७. करोड़ों के अंडा सेल में उसने देश की कितनी मुर्गी मारी ...इसका कोई हिसाब नहीं है...??????????? .......
दोस्तों यह सब देखकर, “अति विशेष अतिथी” फांसी की कतार में रहकर ....आजीवन मुर्गीया न खाता रहे ... तब...., एक राष्ट्रवादी मछर को बहुत गुस्सा आ रहा था , वह देश की मुर्गीयों (खजानों) को ही न खाली कर रहे है ... व इसके आड़ में, सत्ताधारी सत्ता के नशे की शराब से, देश के बड़े घोटालों व सीमा पर जवानों की सुरक्षा व अन्य समस्याओं को वे मीडिया चैनलों के कोट से ढक रहे है.
१८ इसी की आड़ में बुलेट प्रूफ से हत्यारों की खरीद में घोटाला , ऐक-४७ के ४७ से.., ज्यादा बार खरीद के नाम से योजनायें बनाना
१९, केद्र सकार द्वार , हत्यार देने की बात पर महाराष्ट्र राज्य सरकार का हथियार मिलने का इनकार करना, आखिर यह हथियार किसके हाथ लगे..., इसका नहीं किया विचार
२०.विदेशी प्रशिक्षको द्वारा कमांडों ट्रेनिग से पुलिस दल का, ट्रेनिग से भागना , शेष मिले हत्यारों, स्पीड बोटों व अन्य का जंग से खराब होना
२१ महाराष्ट्र के गृहमंत्री का स्काटलैंड पुलिस से शहर की सुरक्षा के नाम से, देश के करोड़ों रूपये फूंककर, विदेशी दौरा कर , सी.सी.टी.वी.लगाने की कीमत बार बार बढाए जाने पर भी . कैमरे की योजना से जनता को बहक्लाना
२२ कसाब के स्वागत की प्रेरणा से आतंकवादियों द्वारा, देश के विभिन्न क्षेत्रों में. धमाके से अपना कर्म करके के राजनैतिक आकाओं के वोट बैंक की बहार से चुपचाप निकल जाना
२३ . हेमत करकरे व अन्य की मौत पर , आतंकवादी से ज्यादा आरोप... पार्टीयो के अंदरूनी आरोपों से सत्ता हांक रहे थे

तब एक राष्ट्रवादी मच्छर , गुस्से से लाल पीला होकर, देश के महाडॉन का रक्त चूसकर , डेंगू के बीज का महादान कर, अपने जज्बे से कसाब का हिसाब कर, उसे हमेशा-हमेशा के लिए सुला दिया ...
जय हो.... मच्छरों के महाबली , आपने तो अपने डंक से.... अंडा सेल को भेदकर (जिसे सता के नशेड़ी..अभेद, बुलेट प्रूफ , बम प्रूफ कहते थे)... सच में आपके बहादुरी के सामने , भारत को रत्न समझक्र लूटने वाले नेताओं का नशा उतारने की एक मशाल हो....युवाओं को प्रेरणा की एक मिशाल हो... मच्छरों में बेमिसाल हो.... देश आपका ऋण कभी नहीं चुका सकता है....तुम्हे कोटि –कोटि प्रणाम ....क्योकि इसकी भनक तो प्रधानमंत्री को भी नहीं लगी....????
हे राष्ट्रवादी मच्छर .., मुझे तुम्हारे जज्बे के बाद ..., एक दुःख जरूर है कि , देश के गृहमंत्री ने इसका श्रेय आपको न देकर कसाब को फांसी से लटकाने की घोषणा कर...खिसयानी चेहरे से अपने को देश का चहेता गृहमंत्री बनाने का खेल , खेलने का घिनौना काम में भी लज्जा को सत्ता का साजोसज्जा बनाया