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Saturday, 15 November 2014



बाल दिवस- जब..,लड़कियो के जेब में हो कंडोम, तो देश के साथ शिक्षा भी हो गयी कंडम (रद्दी माल, आवारा बच्चा, लावारिस बच्चा, अपव्ययी.....)

ये है चाचा नेहरू के अंग्रेजी संस्कृति के जन्म दिन पर अग्रेजी संस्कारों वाले लडके लडकियों की खबरें, “यह बलात्कार नहीं.. अंग्रेजी संस्कृति का प्रबल सत्कार...” मानवाधिकार संस्था का अधिक अधिकार के नाम से उज्जवल है सरकार, फेस बुक, फन बुक बनकर, कोबरा नाग की तरह अपने फन से हिन्दुस्तानी संस्कृति और इंटरनेट लडके लडकियों को आपस में व्यभिचार से आपस में कनेक्ट कर रहा है विष का विशेष प्याला पिला रहा है

दोस्तों शिक्षा से संस्कृति का पतन कर , सत्ताखोर व माफिया... भ्रष्टाचार की पतंगे उड़ा कर मजा कर रहे है.. शिक्षक तो गुरू घंटाल बनकर शिक्षा का पंडाल (कोचिंग क्लास) से मुन्ना भाई की फौजों से रिश्वत लेकर , M.B.A. (महा भ्रष्ट्र अस्सोसियेषन ) व M.B.B.S (महान भारत भ्रष्टतम सेवा) से महान शिक्षा पुत्रों को डिग्रीयां बांट रहा है ......

आज का धनाढय वर्ग का स्कूली बच्चा अपने झोले में..., अपने इन्डियन माँ,बापों की शराब की बोतल व बन्दूक से.... झगड़ने पर उसकी हत्या कर देता है.....शिक्षक द्वारा पिटाई करने पर माँ,बाप से मानव अधिकार आयोग भी, एक महाअभियोग लगाकर, शिक्षक की रोजी रोटी छीन लेता है....

४ साल पहिले कर्नाटक में बीजेपी के सरकार के समय...., पब में अश्लील नृत्य करने वाले जोड़ो पर श्री राम सेना द्वारा कार्यवाही करने पर मानव अधिकार ने भी इस कार्यवाही का विरोध किया , तथा कांग्रेसी प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने भी समर्थन करते हुए कहा यह लोकतंत्र की आजादी है... और अब तो यह कह रही है , लडकियों को कैसे कपड़े पहनने है .... किससे सम्बन्ध बनाने है, वह उनका नीजी मामला है .....
याद रहे.....???????, मुम्बई में पुलिस कमिश्नर ढोबले ने वीडियो ग्राफी कर सैकडॉ बीयर बारों व पब में, अश्लील नृत्य करने वाली बार बला व पब में कोकीन व अन्य मादक पदार्थों का सेवन करते युवक युवतियों को पकड़ा और जगह पर पीटाई भी की , व गिरफ्तार कर उनके मूत्र व खून के नमूने में जांच पकड़ी , लेकिन इस कार्यवाही की सजा अमीरों के औलादों को न मिलकर , कमिश्नर के अधिकार को छीनकर, उनका तबादला कर दिया गया.....; आज युवा अमीर वर्गों के बच्चे कोकीन व अन्य नशे में लिप्त है, पुलिस द्वारा पकडे जाने पर. उनके धन के नशेणी माँ -बाप कहते है , हमारे बच्चे तो मासूम है…यह कहकर क़ानून को चुनौती देकर , देश को चूना लगा रहे है …अब आप ही समझिये...???, इनके माँ बाप को धन का कितना नशा है कि ... वे क़ानून को भी खरीद लेते है ....