Tuesday, 19 August 2014



बेटा बोल रहा है ...नो उल्लू बनाविंग..., पिताजी कह रहें है..., जनता को और उल्लू बनाविंग....,
दोस्तो.., क्या आप मीडियाओ के.. कौन भारत चुसियाओ से अपना मनोरंजन, कर….????, ( Posted on 17 July 2013. वेबसाईट की पोस्ट) केबल टी.वी. वालो को प्रतिमाह 350 से हजार रूपये देकर अपना समय बरबाद कर, प्रतिमा (पुतले) की तरह देख कर ,अपना जीवन प्रतिमाओ की तरह बनाना चाहते है.. या राष्ट्रवादी विचारधाओ से ज़ुडना चाहते हो…ताकि हम दुनिया मे सर्वश्रेष्ट से भी 100 गुना श्रेष्ट बने..?? तो, पढे,, यह आलेख..
KBC-कौन भारत चूसिया ...पहले ABC (AMITABH BACHAAN COPRORATION LTD) से अकूत दौलत से CORPORATE SON से CARPET की जिन्दगी जीने के ख्वाब के चक्कर में १९९६ में MISS WORLD की प्रतियोगिता के आयोजन के प्रायोजक बनकर ABC कंपनी लॉक (बंद) हो गई , और अमिताभ बच्चन की A –Z की कमाई इसमें लूटकर , अमिताभ बच्चन दिवालिया हो गए, बैंक के अधिकारी जलसा बंगले में उगाही के लिए चक्कर पर चक्कर मारते हुए , अमिताभ बच्चन का जीवन जल-सा हो गया था...,

तब मुकद्दर का सिकंदर में, "आज मेरे पास बंगला है, गाड़ी है, बॅंक बॅलेन्स है तुम्हारे पास क्या है...? कहने वाले , और शशी कपूर ने कहा था, मेरे पास माँ है" ..., तब की ऐसी स्तीथी हो गयी थी.., वे मुकद्दर से छुछुंदर बन गए थे.., अमिताभ बच्चन के पास माँ तो जरूर है ..., कहने लगे मेरे पास पैसे नहीं है...

इस कार्यक्रम में १०-१२ लोग , जो ऊंगली में गिने जाने वाले करोडपति बन जरूर बन गए , लकिन अमिताभ बच्चन एक श्रृंखला में १०० करोड़ से ज्यादा लेकर अरबपति जरूर बन गएँ हैं..., इस चमक से बेटे को फिल्मों में चमक भी मिली..., यह एक बड़ा संयोग और जैकपोट ही कहा जाय.., जब अमिताभ बच्चन दिवालिया थे ..., तब , एश्वर्या राय जो १९९४ की विश्व सुन्दरी रह कर करोडपति बन गयी थी .., ११९७ में एक फिल्मों में पदार्पण करने के बाद व सन २००० में सबसे ज्यादा धन कमाने वाली अभिनेत्री बन गई थी... सन २००० में...,अमिताभ बच्चन करोडपती बनने का दांव खेल रहे थे..., और इस कार्यक्रम से २० अप्रैल २००७ को, अमिताभ बच्चन को अरबपत्नी बहू मिली...
1985 की बात है छिदवाडा से 50 कि,मी, दूर एक ढाबे मे, भोजन के बाद हम दस बारह मित्र , आपस मे बात कर रहे थे , इतने मे एक मित्र जो सामने के डाक घर से अपने परिवार के हाल जानने के , बम्बई फोन कर वापस लौटा तो, उसने कहा .. बम्बई के मित्रो, आपके लिए खुशखबरी लाया हूँ… कल से बम्बई मे दूरदर्शन के मेट्रो चैनल प्रयोगात्मक रूप से एक घंटे के लिए चालू हो गया है…
हमसे एक मित्र ने उसे टोकते हुए कहा, अब लोगो के समय की बरबादी का खेल शुरू हो गया है.. लोग टी.वी. से चिपके रहेगे, सब मित्रो ने उसका उपहास उडाया.. लेकिन मैने उसका समर्थन करते हुए कहा.. यह मित्र सही है.
आज एक परिवार, साल भर मे केबल टी.वी.से प्रति साल 1500 से 12हजार रूपये बरबाद कर, 90% फूहड कार्यक्रम देखकर , अपना समय, धन देकर, बरबाद करता है..???,
उदाहरण है..एक धारावाहिक ..क्योकि? सास भी कभी बहू थी , इस कार्यक्रम की महिलाए इतनी दिवानी हो गई .. कि माँ भी बच्चो को दूध पिलाना भूल जाती थी..बडे बच्चो को को माँ कहती थी… बेटा, यह धारावाहिक खत्म होने के बाद ही तुम्हारे लिए खाना बनाऊगी..यह धारावाहिक, इतना लम्बा चला कि बहू, सास बन गई..?? और सास, नानी , दादी बनकर, उनकी कद्र कम होने से , उनके चिल्लम चिल्ली से धारावाहिक की टी.आर.पी कम हो जाने की वजह से यह धारावाहिक बन्द करना पडा,
आईए जानिये कुछ और सच्चाई..???
1. कौन बनगा करोड्पति धारावाहिक से, करोडो रूपये की कमाई तो मोबाईल फोन के काँल से ही, हो जाती है…बाकी लूट.., विज्ञापनो से कमाई जाती है.. समय व्यतित करने के लिए, प्रतियोगी का घर का पता..शौक… इत्यादि पूछने के बाद पूरे एक घंटे के धारावाहिक मे मुश्किल से 25 सवाल पूछे जाते है…? सवाल गलत होने पर कहा जाता है ,,लाँक किया ..एक बार वापस सोच लो…का संकेत देकर कही धारावाहिक की गरीमा खत्म न हो जाए… घिसपिट कर 10 हजार से 10 लाख तक की रकम जीतने तक.. व कार्यक्रम को 1 घंटे तक खीचा जाता है.. यह धारावाहिक ब्रिटेन मे चलने टी.वी. शो की नकल है, जहाँ प्रतियोगी को सवाल के जवाब मे सिर्फ,, 1 मिनट का समय मिलता है…इसी की देखा देखी मे गोविन्दा ने छप्पर फाड के.. व शाहरूख खान के क्या आप पाचवी पास से तेज है… भी प्रायोजित हो चुके है…? और इसके निदेशक प्यार मे पाँचवी क्लास मे फेल होने से…उनके शरीर के सौ से ज्यादा टुकडे कर देने से, यह धारावाहिक बन्द हो गया..

2. इसी तरह से पहचान कौन..??? इसकी लूट की शुरूवात, सबसे पहले.. इंडिया टी,वी, ने की दो प्रसिद्ध चेहरो को मिलाकर .. एक चेहरे बनाकर .. पहचानने होते है…. पहचान, ये दो चेहरे कौन..??? इस पर 50 हजार का इनाम रख कर, दर्शकों को उकसाया जाता है, जनता,जब लालच मे आकर 6 अंको का नम्बर दबाती है… तो सामन से जवाब आता है..??? , आप {लूटने की} कतार मे हो..जब उनका मोबाईल का बैलेस खत्म हो जाता है.. तो उन्हे आश्चर्य होता है कि मेरे 100-400 रूपये कैसे लूट गये है…क्योकि इसकी काँल रेट 10 रूपय् /मिनट है..असली सच्चाई तो यह है कि कार्यक्रम पहने से बनाकर , मीडिया के लूटेरे जानबूझकर गलत जवाब देकर..अंत मे कार्यक्रम समाप्त होने से कुछ मिनट पहले सही जवाब देकर,रकम आपस मे बाँट लेते है.. दूरसंचार विभाग भी इस लूट की कमाई मे अपना हिस्सा गड्प लेता है..
2 वही.., रात को 12 बजे के बाद जवानो के जोश के लिए पलंग तोड गोली का विज्ञापने आता है, इस विज्ञापन के झाँसे मे आज तक किसी की पलंग तो नही टूटी है…लकिन..हाँ जरूर.. लोगो के पलंग के साथ घर बार भी बिक गया है…
3.एक है…?? मुनीरखान जो टी.वी.मे विज्ञापन जगत का भेडिया खान साबित हुआ..जो दुनिया की हर नालाज बीमारी को , 100 ग्राम शहद् के शीशी को 16 हजार रूपये मे बेचकर कर निदान का दाँवा करता था.. टी.वी. की पूर्व प्रसिद्ध आयोजिका तब्बसुम , अपनी जीविका को चमकाने के लिए. गिरगिट की तरह अपना चेहरा व आँखो की पुतलीओ को नये-नये ढंग से बदल कर कहती थी, नास्त्रोदामस की भविष्यवाणि आज सार्थक हुई है जिन्होने कहा था- दुनिया मे एक ऐसा व्यक्ति, चिकिस्ता जगत मे पैदा होगा ..एक साधारण व्यक्ति, कम पढा, जो न डाँक्टर होगा, लेकिन वैज्ञानिक बनेगा.. और चिकिस्ता जगत मे दुनिया को हर बीमारी से मुक्ति से क्रांति ला देगा… और उसकी तुलना भेडिया खान से कर कहती ..इस दुनिया मे यह वही वैज्ञानिक है.. जो पहले गैरेज मे, मेकेनिक से, कम्पाउंडर बन कर है.. जो धरती पर चमत्कारित व्यक्ति है जो ये दवा ले आए है…?? याद रहे 2002 मे इनके पास से आबकारी विभाग को भेडिया खान से 50करोड से भी ज्यादा की सम्पत्ती बरामद की थी , बाद मे मामला रफा दफा कर दिया गया..??? 2010 मे इनकी आय 1करोड रूपये प्रति घंटा होने से, हर वाहिनी पर उनका 30 मिनट का विज्ञापन आता था,, सभी वाहिनियो का खर्च तो उनके विज्ञापन से वसूल हो जाता था..और टी.आर.पी से आय तो उनके लिए एक अतिरिक्त बोनस था..
लाखो घरो के उजडने के बाद , पुलिस छापे मे , उनके घर व दुकान मे करोडो रूपये बरामद हुए, मुनीर खान तो लापता हो गये.. 3 महिने बाद 13 मई 2010 मे, पुलिस द्वारा पकडे जाने पर , पुलिस पर रिश्वत लेने का आरोप लगाने लगे…जेल जाते समय अपने बेटो को फोन करते हुए कहा ,, बेटे.. मेरे सर मे दर्द हो रहा है..तुम क्रोसिन (दर्द निवारक दवा) ले आना…
वही तब्बसुम टो.वी पर घडयाली आँसू बहाकार, अपना छुडाने के लिए , अदालत मे याचिका दायर कर कह रही थी..?? यह इतना बडा भेडिया था ..इसमे लाखो लोगो की जिंदगी उजाडी है.. इसकी मुझे भनक तक नही लगी… और इसकी जालसाजी से… मुझे विज्ञापन का मेहताना भी नही मिला..?? आज मुनीर खान जेल से आजाद हो गये है…?? फिर से एक नया खेल होगा… दोस्तो मेरे वेब्स्थल का स्लोगन है… मेरा सविधान महान … क्योकि यहाँ हर माफिया पहलवान.