Tuesday, 27 May 2014



आस्था से सत्ता का भत्ता 
वोट बैंक, भ्रष्टाचार को जनता का धत्ता 
कैसे सत्ता के गुमान से मोदी को गुब्बारा कहनेवाले , सत्ता का स्वर्गी आनंद लेने वालों को जमीन पर पटक दिया है...,आस्था से धर्मवाद, जातिवाद,अलगाववाद,घुसपैठीयों के वोट बैंक से देश की तिजोरी ,भ्रष्टाचार के चाबी से लूटी जा रही थी ...,
अब जनता जाग गई है...इस देश के बैंक के ताले ,तिजोरी रहस्य जान गई है...
आओं, पार्टी नहीं देश का पार्ट बने, “मैं देश के लिए बना हूँ””, देश की माटी बिकने नहीं दूंगा , “राष्ट्रवाद की खाद” से भारतमाता के वैभव से, हम देश को गौरव से भव्यशाली बनाएं