Friday, 4 April 2014



जागों मराठी माणूस (मराठी आदमी)..., दो वंशवाद के सांडों की लड़ाई है, वंशवाद से दंश वाद के जहर की धुल से मुंबई शहर में घुल, घूल कर अब महाराष्ट्र में छाई है , चाचा –भतीजे की चचेरे भाईयों के सत्ता को भांजने में मराठी माणूस (आदमी) की लड़ाई में मराठी माणूस की खून के बटवारे से विपक्षी दलों ने , इस होली से अपने सत्ता के रंग की रंगोली सेपिछले चुनावों में शरद पवार ने कृषी मंत्री से क्रिकेट मंत्री के अपने मंत्र से राजनीती के भीष्म पितामह बनकर , सुप्रीम कोर्ट के फटकार के बावजूद से गरीबों को अनाज बांटने के बजाय, उसे सत्ता की शराब बनाकर , विपक्षी दलों से लवासा (लव+आशा) से किसानों व भूखमरी लोगों की लाश से अपनी सत्ता के प्यास की अलख जगाई

कल मुम्बई में असली मराठी माणूस का रखवाला कौन ..., की सत्ता की लड़ाई में, लोकसभा के नामांकन पत्र भरते समय , में पत्थर बाजी में सर फुटव्वल की नौबत आ गयी, मनसे ने तो तनसे मराठी माणूस का मुद्दा बनाकर पर-प्रांतीयों को पीटने के ढोल से , उसने मुम्बई में पिछले लोकसभा व विधानसभा चुनाव में भा.ज.पा व शिवसेना में मराठी माणूस को बांटकर , कांग्रेस को सत्ता की सौगात देकर “आदर्श नेताओं” की फ़ौज खड़ी कर मराठी माणूस को खाड़ी में फंक दिया, पिछले लोकसभा में विपक्षी पाटियों को जीताकर ,मराठी माणूस को लोकसभा में शोकसभा में परिवर्तीत कर दिया , मराठी फिल्म के नायक नाना पाटेकर ने भी बार-बार गुहार लगाई है..., ओ चचेरे भाईयों एक हो जाओं , इस सत्ता की चासनी की लड़ाई में व विपक्षी चांस (मौक़ा) लेकर , पक्षी बनकर तुम दोनों भाईयों को ले उड़ेगा , और मराठी माणूस अब हाथ मलता रहेगा
बाल ठाकरे भी अपनी मौत तक गुहार लगाते रहे , ओ भतीजे “मराठी माणूस” की शराब को सत्ता का नशा मत बनाओं ... पर प्रांतीयों के मुद्दे की मेरी शराब की बोतल ७० के दशक में फूट चुकी थी , अब नए मराठी युवाओं को यह शराब मत पिलाओं.. अब एक जुट होकर महाराष्ट्र का निर्माण करों ..., अफ़सोस ... इस, पुकार व गुहार ...से इनकार व मराठे माणूस अब बन गया लाचार , अब विपक्षी दलों के पुन: खाने को मिलगा भ्रष्टाचार का अचार ...
अब भा.ज.पा. के गड़बड करी का नया दाँव ...., मनसे की दुम सहलाकर , अपनी पार्टी में दंभ का खेल... वही भा.ज.पा. के मुंडे ने वंशवाद से , अपने रिश्ते के गुंडई से प्रमोद महाजन की हारी हुई बेटी को लोकसभा का के टिकट का हार पहना कर उपहार दिया है....
भाग २ –
मराठी माणूस अब कही.. भाषावाद के मशीहाओं के प्रतिद्वंदिता में मरा काठी (मराठी =मरा +काठी) से अपाहिज न हो जाए ... कहां गए किसान ह्त्या व महंगाई व आदर्श नेताओं के घोटालों के मुद्दे , लवासा में २५ लाख करोड़ के घोटालें में मराठी किसानों की भूमि छीनकर ..., जाली रूप से, सरकारी भूमि छीनकर पुणे व अन्य स्थानों में(महाराष्ट्र) भव्य शाली महलों से भू-माफियाओं का कारोबार , आर.टी.आई. कार्यकर्ता सतीश शेट्ये के इस प्रतिरोध से ह्त्या पर मराठी माणूस लाचार..., विपक्षी के आपस मे लव की आशा (लवासा) के गढ़जोड के धागे से, मजबूत बंधन से मराठी माणूस को मजबूत जकड़ से बांध कर भ्रष्टाचार के बांध से सिचाई घोटाले से ७० हजार करोड़ डकार कर , अब उपमुख्य मंत्री मराठी माणूस से किअसान का उपहास का उपहास कर कह रहा है...” क्या इस सूखे में, मैं... पेशाब करूं तो महाराष्ट्र में बाढ़ आयेगी...”
बिहार के युवक राहुल राज'
द्वारा इस प्रतिरोध में एक बस में बन्दूक दिखाकर, इस भाषावाद के प्रतिरोध में उसको (२७ अक्टूबर को
महाराष्ट सरकार ने गोली से भूनकर , मनसे की ताल में ताल मिलाकर कहा ... खून का बदला खून ..., वही इस भाषावाद के रथ के तमाशे में महाराष्ट्र की सुरक्षा दल व्यस्त , और इसके ठीक एक महीने बाद ..., २६ नवम्बर को..., बाहरी आतंकवादियों ने मदमस्त होकर देश के ३०० से ज्यादा नागरिकों का खून पी लिया, मनसे से सत्तादल से लेकर दिल्ली की सरकार भी भीगी बिल्ली बनकर दुबकी हुई थी ..., याद रहें आतंकवादियों ने चुनौती देकर ६० घंटों तक चुन-चुन कर हम पर हमला किया, ताज होटल के अभियान के बाद मुम्बई पुलिस को होटल के नजदीक दो बक्सों में आठ-आठ किलो आरडीएक्स बरामद किया गया. वही सीमा पार से आतंकवादियों के आकाओं की हुंकार से ललकार.. रोक सके...तो रोको... हमारे लाखों समर्थक हिन्दुस्तान में तबाही मचाने तैयार है... फिर शहीद स्मारक की घुसपैठीयों की ललकार से तोड़फोड़ ...सरकार को वोटबैंक का लकवा
जागों मराठी माणूस (मराठी व्यक्ती ) ..., अब करों, इससे विरक्ती. यह भाषावाद से वंशवाद के दंशवाद के , सर फुटव्वल की लड़ाई है -

महाराष्ट्र के गृहमंत्री आर.आर.पाटिल ने बड़े शहरों में छोटी घटना कहकर “मराठी माणूस “ की खिल्ली उड़ाने पर अपने पद से हाथ धोना पडा .. दुबारा मनसे के वंशवाद के दंशवाद से .., महाराष्ट्र के गृहमंत्री आर.आर.पाटिल वापस से गृहमंत्री बनकर मराठी माणूस को धत्ता बताकर सत्ता पर काबिज हो गए ..प्रधान कमेटी की सुरक्षा में जांच की रिपोर्ट... जो देश की रो /रोने वाली लापरवाही से निदान के उपाय बताए गए थे ... जो कि अब.., कूड़े-दान में दान कर दिए है ..