Monday, 4 August 2014



कैसे मोदीजी ने धर्मवाद,जातिवाद, अलगाववाद,घुसपैठवाद की ६० सालों की देश की संगीत कुर्सी छीन कर..., पाकिस्तान,चीन व यूरोपीयन देशों के शोषकों व आतकवादियों को हक्का-बक्का कर दिया ..., आज नेपाल,चीन.भूटान,श्रीलंका,नेपाल व अमेरिका की लूट-नीती को दुत्कार से,अब सभी मोदी का लोहा मान चुके हैं..) 
फेस बुक १० अप्रैल २०१४ की सार्थक REPOST – -मोदी शेर है.., बाकी सब ढेर है.., इस देश में.., मोदी ही एक शक्ती है जो इस सत्ता की MUSICAL CHAIR को... मोदी.., (MODI+KAL = मोदी कल, से) कल के मोदी से देश को संभालने की अद्भुत ताकत से..., राष्ट्रवादी धार से देश को स्वाभिमानी बना सकते है...
देश के इस अश्वमेघ घोड़े के पकड़ने में .. विपक्ष इसे दौड़ से पकड़ने की बजाय भद्दी बयानबाजी की रेस में कीचड़ बनकर... कमल को खिलाने की होड़ में है.. ,

मुझे दू:ख है कि भा.ज.पा. के केकड़ा राम..., कमल पर अपने कीचड़ के पांव से कमल पर चढकर.. कमल को गंदा कर रहें है.. इसमें कांग्रेस की तरह वंशवाद अन्य से कीचड़ के धब्बे से अपने को नब्बे कहने की दौड़ में ... पार्टी के केकड़ा रामों में अभी से ही भगदड़ है.,