Sunday, 13 October 2013

देश का एक भ्रष्टाचारी सांड.... चारा खाकर नौ बच्चे पैदाकर, बिहार में १५ साल एकछत्र राज कर जवान रहा , आखिर इस सांड को देश के क़ानून के खूटे में बंधना पडा है



देश का एक भ्रष्टाचारी सांड.... चारा खाकर नौ बच्चे पैदाकर, बिहार में १५ साल एकछत्र राज कर जवान रहा , आखिर इस सांड को देश के क़ानून के खूटे में बंधना पडा है , इसे आगे की रणनीती तैयार कर चुनावी सांड का दाँव पेच सिखने के लिए.. सलाह के तौर पर मंत्र लेने के लिए नेता भी जेल अ धिकारियो को धोंस दिखाकर अपने गुरू के सांड का खेल... खेल रहे है 
आखिर चारा घोटाला है क्या ... ऐसे छोटे मोटे घोटाले तो देशके हर प्रदेश में १९४७ से पेपर पर होते रहते है.... 

३ जनवरी १९७५ को रेल्वे मंत्री ललितनारायण मिश्र की समस्तीपुर में... छोटी पटरी (मीटर गेज) से बड़ी पटरी (ब्रोड गेज) बनने के, उदघाटन के समय बम धमाके में मौत हो गई.., उस समाय के.जी.बी (रूस क राष्टीय खुफिया विभाग) Mitrokhin अभिलेखागार में कथित रूप में एल एन मिश्रा या इंदिरा गांधी केजीबी से कोई रिश्वत प्राप्त करने का आरोप लगा था , तो ललितनारायण मिश्र के मुंह के डर से यह ह्त्या करवाई गयी, (३७ सालो से यह मुकदमा आज भी सी.बी.आई की अदालत में जिन्दा है) इंदिरा गांधी ने सीआईए की चर्चा करते हुए,इस हत्या के लिए 'विदेशी तत्वों "को दोषी ठहराया और वही ....इसके एवज में मुंह बंद रखने के लिए उनके भाई जगन्नाथ मिश्र को ११.४.१९७५ को मुख्य मंत्री बनाया गया ....उनका मुख्यमंत्री कार्यकाल (11.04.1975 - 30.04.1977),(08.06.1980 - 14.08.1983)(06.12.1989 - 10.03.1990) रहा , उन्होंने इस घोटाले की खुशबू से इसकी शुरूवात बड़ी सजगता से की , ताकि उसकी बदबू पता नहीं चले, लेकिन लालू ने इसे रिश्वत का प्रसाद समझकर , एक यादगार यादव के रूप में इतने बड़े पैमाने पर सरकारी खजाने पर डाका डालकर डकार दिया कि बिहार की अर्थव्यस्था ही चरमरा गई , संयुक्त बिहार में वह मधु कौड़ा का गुरू निकला , और घोटाला उजागर होने से जगन्नाथ मिश्र भी इसमें फंस गए ....याद रहे यह घोटाला १००० करोड़ का है, का है, लेकिन उसका आज का का वर्तमान मूल्य १ लाख करोड़ से ज्यादा है , जयप्रकाश नारायण की बात मुझे याद आ रही है, “देश में खनिज संपदाओ सबसे सम्पन्न बिहार” में “बिहारी जनता गरीब क्यों है..????