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Thursday, 20 June 2013



मेरे मित्र श्री मानवेद्र सिग का लेख पढे.. इस लेख का सार है....??? अमीर का बच्चा पिजा व फास्ट फूड से ... भ्रष्टाचार के दौड मे तेजी से दौड रहा है... जबकि गरीब का बच्चा , सरकारी राजनैतिक आतंकवादियो की खिचडी खा कर ... भ्रष्टाचार से अपना बलिदान कर रहा है... मुआवजे की घोषणा तो देश्वासियो को चुप कराने के लिए होती है.... भुखे नंगो का हिन्दुस्तान, पेट भरो का भार-रत ... भारत... और इंडिया शाईनीग का है इंडिया.. संविधान है मेरे हाथ ... तो आम गरीब आदमी की मौत है... मेरे लिए सौगात ..