Monday, 6 May 2013



धरती बेची, पाताल बेचा (खनन घोटाला), आकाश बेचा (2जी – 3जी), जल बेचा (सिचाइ घोटाला) एक जमीन मे सोने वाले गरीब को भगवान बनाकर , आस्था के नाम से जमा धन , सिर्डी के साईबाबा के घर को भी लूटा ...??? उसके रखवाले बनकर...??? राष्ट्रवादी और काँग्रेस बनकर, यों, कहें, जनता की भावना , खावना बनाकर , अभी भी इनके पेट की पोटली तो बकासुर से भी बढी है, जो देश को भ्रष्टाचार से भी निगलने के बाद भी नही भरेगी...???? 
क्या दोस्तो यह सत्ता, अब बेईमानो के लिये सौ इनाम बन गया है ...????क्या....???? यह मेरे देश का भ्रष्टाचार महान या मेरा देश डूबा,